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केजरीवाल की दलीलों पर सॉलिसिटर जनरल का बयान, अदालत को नौटंकी का मंच नहीं बनने देना चाहिए

नई दिल्ली अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब नीति मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में हाजिर हुए और न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से आग्रह किया कि वह मामले में उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ CBI की याचिका पर होने वाली सुनवाई से वह खुद को अलग कर लें। दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति शर्मा ने सुनवाई से खुद को अलग करने के अनुरोध वाली केजरीवाल की याचिका को रिकॉर्ड में लिया। अदालत ने इस मामले में सीबीआई से जवाब भी मांगा और सुनवाई 13 अप्रैल को सूचीबद्ध की। केजरीवाल की याचिका पर सोमवार को सुनवाई में जोरदार दलीलें रखी गईं। मामले में अरविंद केजरीवाल ने खुद दलीलें रखनी शुरू की। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने रिक्यूजल याचिका दाखिल की है। इसे रिकॉर्ड में लिया जाए। याचिका में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा से आग्रह किया गया है कि वह मामले में उन्हें बरी किए जाने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लें। अदालत कोई नौटंकी का मंच नहीं- एसजी इस पर सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केजरीवाल की अपील का विरोध किया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल के आरोप बेबुनियाद और अपमानजनक हैं। केजरीवाल के आरोप बेबुनियाद और कोर्ट की अवमानना ​​करने वाले हैं। अदालत कोई नौटंकी का मंच नहीं है। यदि अरविंद केजरीवाल खुद पेश होकर बहस करना चाहते हैं तो उनको अपने वकील को हटा देना चाहिए। 7 अन्य आरोपियों ने भी जज को हटाने की लगाई गुहार सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को यह भी बताया कि बरी किए गए 7 अन्य आरोपियों ने भी जज को सुनवाई से हटाने की याचिका दी है। वहीं जस्टिस शर्मा ने कहा कि यदि कोई और भी ऐसी अर्जी देना चाहता है तो दे सकता है ताकि मैं सभी अर्जियों पर एक ही बार में कोई फैसला ले सकूं। क्या है पूरा मामला? बता दें कि 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को बरी कर दिया था। अदालत ने CBI को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसका केस न्यायिक जांच में बिल्कुल भी टिकने लायक नहीं है। केस पूरी तरह से खारिज हो चुका है। फैसले के खिलाफ मामला जब हाईकोर्ट पहुंचा तो 9 मार्च को जस्टिस शर्मा ने CBI की याचिका पर सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी किया। सीबीआई ने आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने भेजा था नोटिस न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने नोटिस जारी करने के साथ ही कहा था कि आरोप तय करने के चरण में ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियां और निष्कर्ष पहली नजर में गलत मालूम पड़ रहे हैं। इसके साथ ही न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने मामले में CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की ट्रायल कोर्ट की सिफारिश पर रोक लगा दी थी। इसके बाद केजरीवाल की ओर से एक याचिका में मामला किसी दूसरे जज के हवाले करने की मांग की गई। मुख्य न्यायाधीश भी ठुकरा चुके हैं गुजारिश बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने जस्टिस शर्मा से किसी दूसरे जज को सौंपने की केजरीवाल की गुजारिश को ठुकरा दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि खुद को सुनवाई से हटाने का फैसला संबंधित जज को ही लेना होता है। फिर अरविंद केजरीवाल ने सीबीआई की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई से न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को खुद को अलग करने का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया। मामले में केजरीवाल ने खुद पेश होकर अपनी ओर से दलीलें रखीं।

बिहार में शराबबंदी को चुनौती, फाइल और ट्रेन की छतों से हो रही शराब की अनोखी तस्करी

 सोनपुर बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद तस्कर लगातार नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं. हाल के दिनों में तस्करी के कुछ ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिसने उत्पाद विभाग और पुलिस को भी हैरान कर दिया है. तस्करों की चालाकी देखकर जांच एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं. तरबूज के अंदर छिपाई शराब, जांच में हुआ खुलासा सोनपुर रेलवे स्टेशन के पास जांच के दौरान एक अनोखा मामला सामने आया. बरौनी एक्सप्रेस में तलाशी के दौरान लावारिस हालत में रखे गए तरबूज से शराब बरामद की गई. तस्करों ने बड़ी सफाई से तरबूज को काटकर उसके अंदर शराब की बोतलें छिपा दी थीं, ताकि किसी को शक न हो. लेकिन जांच के दौरान यह चालाकी पकड़ी गई और पूरा खेल सामने आ गया. एग्जीक्यूटिव फाइल में भी छिपाकर ले जा रहे थे शराब इतना ही नहीं, एक अन्य मामले में तस्करों ने एग्जीक्यूटिव फाइल के अंदर शराब छिपाकर ले जाने की कोशिश की. फाइल के भीतर खास तरीके से जगह बनाकर बोतलें रखी गई थीं. हालांकि, उत्पाद विभाग की सतर्कता के चलते इस तस्करी का भी पर्दाफाश हो गया. इन घटनाओं से साफ है कि तस्कर हर संभव तरीका अपनाकर शराब की सप्लाई करने में जुटे हैं. ट्रेन की छत से गिरने लगी शराब की बोतलें वहीं, कुछ दिन पहले सत्याग्रह एक्सप्रेस में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई. ट्रेन संख्या 15274 रक्सौल की ओर जा रही थी, तभी अचानक कोच की छत से शराब की बोतलें गिरने लगीं. यह घटना उत्तर प्रदेश के पिपराइच और कप्तानगंज स्टेशन के बीच हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्लीपर कोच S4 और S5 के बीच बाथरूम के ऊपर लगे सीलिंग पैनल से करीब 20 से अधिक बोतलें एक-एक कर नीचे गिरीं. तस्करों की नई चाल से पुलिस भी हैरान पहले तो यात्रियों को समझ नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है, लेकिन कुछ ही देर में मामला साफ हो गया कि यह शराब तस्करी का नया तरीका है. इस घटना ने रेलवे और पुलिस प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद उत्पाद विभाग और पुलिस ने जांच और निगरानी बढ़ा दी है. अधिकारियों का कहना है कि तस्करों के हर नए हथकंडे पर नजर रखी जा रही है और उन्हें पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

अज्ञात कार ने दिल्ली विधानसभा का गेट तोड़ा, स्पीकर के कमरे के बाहर गुलदस्ता छोड़कर भागे

 नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है, जब एक अज्ञात कार गेट तोड़कर अंदर घुस गई. घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. कार कैसे अंदर पहुंची, इसकी जांच की जा रही है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वाहन चालक की पहचान करने की कोशिश जारी है. दोपहर 2 बजकर 5 मिनट पर यूपी नंबर की सफेद Tata Sierra कार मॉल रोड स्थित बंद रहने वाले गेट को तोड़कर VIP एंट्री से अंदर घुसी.  कार सवार स्पीकर रूम के बाहर गुलदस्ता रखकर मौके से फरार हो गया. घटना के बाद हड़कंप मच गया. जांच के लिए विधानसभा परिसर में दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी मौजूद हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश जारी है।  मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि गेट नंबर 2 के पास मेट्रो के पास खड़े दो लोगों ने पूरी घटना अपनी आंखों से देखी. पीली टी-शर्ट पहने एक युवक, जिसका नाम रवित बताया जा रहा है, उसने कहा कि कार तेज़ी से गेट तोड़कर अंदर आई, कुछ देर परिसर में घूमी और फिर बाहर निकल गई. चश्मदीदों के मुताबिक, घटना के दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों में शोर मच गया। 

भाजपा का 47वां स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया गया, जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने घर पर फहराया पार्टी का ध्वज

बिलासापुर जिले में भारतीय जनता पार्टी का 47वां स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और राष्ट्रभावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने अपने निज निवास में पार्टी का ध्वज फहराकर कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा और मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके पश्चात सभी ने एकजुट होकर राष्ट्रहित और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। जिला अध्यक्ष वैभव गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जो राष्ट्रवाद, सेवा और सुशासन के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा का इतिहास संघर्ष, समर्पण और सेवा से भरा हुआ है, और आज पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। यह हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए गर्व की बात है कि हम इस संगठन का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम्" के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया। साथ ही, एक-दूसरे को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर कई कार्यकर्ताओं ने अपने विचार भी साझा किए और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत के साथ किया गया।

डांस ग्रुप के खिलाफ नस्लीय आपत्ति, पटना में महिला की अनुचित हरकत वीडियो में कैद

पटना. पटना में नॉर्थ-ईस्ट से आई महिलाओं और युवतियों के साथ कथित नस्लीय टिप्पणी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन आसपास के दृश्य के आधार पर इसे पटना जंक्‍शन या राजेंद्रनगर टर्मिनल का बताया जा रहा है। वीडियो में अरुणाचल प्रदेश से आई महिलाओं को ‘चिंकी’, ‘मोमो’ जैसे शब्दों से संबोधित किया जा रहा है, जिससे वे नाराज नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि ये आपत्तिजनक टिप्पणियां किसी पुरुष ने नहीं, बल्कि स्टेशन परिसर में मौजूद एक महिला द्वारा की जा रही थीं। बताया जा रहा है कि यह घटना वॉशरूम के पास हुई, जहां किसी बात को लेकर पहले कहासुनी हुई और फिर टिप्पणीबाजी शुरू हो गई। वीडियो बना रही एक युवती कहती सुनाई देती है कि वे लोग काफी दूर से यहां आए हैं, लेकिन उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। युवती यह भी आरोप लगाती है कि इस तरह की हरकतें देश की छवि को खराब करती हैं। विवाद के दौरान संबंधित महिला यह सफाई देती सुनी गई कि ‘मोमो’ उसका पसंदीदा भोजन है, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार टिप्पणी करती रही। अरुणाचल की युवत‍ियों ने कहा-उन्‍हें नीचा दि‍खाने की कोश‍िश इस पर युवतियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, शौचालय उपयोग को लेकर हुए विवाद के बाद यह मामला बढ़ा। फिलहाल, आतिथ्य सत्कार के लिए प्रसिद्ध बिहार में इस तरह की घटना की व्यापक स्तर पर निंदा हो रही है। पुलिस ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

250 एकड़ में फैलेगा आधुनिक शिक्षा का हब, नीतीश सरकार ने 547 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी रफ्तार

पटना बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के करीब साढ़े तीन महीने बाद अब राज्य सरकार प्रस्तावित ‘एजुकेशन सिटी’ को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो गई है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है और इसे वैश्विक स्तर के मॉडल पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है. जापान-सिंगापुर के मॉडल पर होगा निर्माण सरकार इस एजुकेशन सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए जापान और सिंगापुर जैसे देशों के मॉडल का अध्ययन कर रही है. साथ ही विदेशी कंसल्टेंट्स की मदद से डीपीआर को और बेहतर बनाया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, अगले दो महीने में इसका फाइनल इंटरनेशनल मॉडल सामने आ सकता है. 250 एकड़ में बनेगा आधुनिक एजुकेशन हब यह एजुकेशन सिटी पटना के आसपास लगभग 250 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की जाएगी. इसे ‘शेयर्ड कैंपस मॉडल’ पर बनाया जाएगा, जहां अलग-अलग विश्वविद्यालय और कॉलेज अपनी पहचान के साथ एक ही परिसर में मौजूद रहेंगे और कई सुविधाएं शेयर करेंगे. वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस होगा कैंपस इस एजुकेशन सिटी में छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने की तैयारी है. इसमें स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, हाईटेक लैब, रिसर्च सेंटर, सेमिनार हॉल, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, स्पोर्ट्स स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम और ऑडिटोरियम जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. साथ ही फैकल्टी और स्टाफ के लिए आवासीय परिसर भी बनाए जाएंगे. 547 करोड़ से अधिक का बजट, रोजगार के नए अवसर इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए 547 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, हालांकि आगे यह राशि बढ़ भी सकती है. सरकार का मानना है कि यह एजुकेशन हब न केवल शिक्षा के स्तर को ऊंचा करेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. शेयर्ड कैंपस मॉडल से मिलेगा बड़ा फायदा शेयर्ड कैंपस मॉडल के तहत एक ही परिसर में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे छात्रों और शिक्षकों का समय बचेगा. साथ ही एक मजबूत रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार होगा. इंडस्ट्री कनेक्शन, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न कोर्स की उपलब्धता से यह परिसर शिक्षा का बड़ा केंद्र बन सकता है. बिहार बनेगा शिक्षा का मजबूत केंद्र सरकार की योजना है कि इस एजुकेशन सिटी के जरिए बिहार को देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल किया जाए. यहां देशभर के छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिलेगी और राज्य शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाएगा.

छत्तीसगढ़ की समाधान योजना बनी शाहीन बेगम का बिजली बिल कम करने में सहायक

रायपुर. बढ़ते बिजली बिल और सरचार्ज से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। यह योजना महज छूट तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक बोझ से दबे परिवारों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज में 100 प्रतिशत माफी मिल रही है। साथ ही, केवल 10 प्रतिशत राशि जमा कर शेष भुगतान आसान किस्तों में करने की सुविधा इसे और भी सुलभ बनाती है। “मोर बिजली ऐप” और नजदीकी वितरण केंद्रों के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है। मनेन्द्रगढ़ की शाहीन बेगम इसकी जीवंत मिसाल हैं। करीब 48 हजार रुपये के बकाया में 23 हजार रुपये से अधिक की छूट मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में लगभग 28 लाख उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने वाली इस योजना के तहत करीब 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है। यह पहल सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे की नई नींव भी मजबूत कर रही है।

अवैध कब्जों पर चला प्रशासन का डंडा, पश्चिमी चंपारण में 60 अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम

बगहा/चंपारण. बगहा प्रखंड एक के मझौवा गांव में बेतिया राज की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अंचल प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रशासन की ओर से चिह्नित 60 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर उनसे भूमि संबंधी कागजात प्रस्तुत करने और जवाब देने को कहा गया है। अंचल प्रशासन के अनुसार, मझौवा क्षेत्र में लंबे समय से बेतिया राज की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मिल रही थी। नोटिस मिलने के बाद गांव के लोग अंचल कार्यालय पहुंचे। प्रभारी सीओ सह बीडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि यदि संबंधित लोग निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब या वैध कागजात प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो कब्जे वाली जमीन को खाली कराया जाएगा। इसके लिए आवश्यक होने पर प्रशासनिक बल का भी प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अधिकांश लोगों ने न तो जवाब दिया और न ही कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निष्पक्ष कार्रवाई से सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कर जनहित में उपयोग किया जा सकेगा। समय रहते प्रस्तुत करें कागजात वहीं, कुछ लोगों ने प्रशासन से पारदर्शिता बनाए रखने और वास्तविक पात्रों को परेशान नहीं करने की मांग की है। अंचल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने कागजात प्रस्तुत करें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- हम हर हाल में सुरक्षित

एनएसजी भारत का अभेद्य कवच, इनसे हैं हम हर हाल में सुरक्षित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमारे भरोसे की गारंटी है एनएसजी काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रूपए की डीपीआर तैयार सरकार जल्द ही इस दिशा में आगे बढ़ेगी भोपाल के पास तूमड़ा में खुलेगा आकस्मिक आपदा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र लाल परेड मैदान में हुआ नेशनल सिक्योरिटी गार्ड शो मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ एक माह तक चलेगा एनएसजी एवं म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि यद्यपि हमारी संस्कृति हमें सबके सुख की कामना करना सिखाती है, पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में दुनिया यह भी जान गई है कि यदि कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे नहीं छोड़ेंगे। जो जिस भाषा में समझें, उसे उसी भाषा में समझाना जरूरी है।अतिवादी ताकतें देश के विकास में बड़ी बाधक हैं। हमें ऐसी ताकतों से पूरी मजबूती से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (नेशनल सिक्युरिटी गार्ड) भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच है। एनएसजी के कारण ही हमारी आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुदृढ़ है। देश में बीते काल में हुई किसी भी प्रकार की अतिवादी, अप्रिय घटनाओं एवं असामान्य परिस्थितियों में एनएसजी गार्ड की पूरी मुस्तैदी से मौजूदगी ने हमें यह एहसास कराया है कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं। एनएसजी देश की सीमा के भीतर नागरिक सुरक्षा की पक्की गारंटी की तरह है। उन्होंने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्र की रक्षा में तत्पर रहते हैं। यह बल अपनी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी-शो में सहभागिता कर एनएसजी द्वारा मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों के लिए आयोजित समग्र क्षमता निर्माण प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन के साझा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो देखा और कमांडो के प्रदर्शन की सराहना की। शो के दौरान एनएसजी जवानों ने मॉक टेररिस्ट अटैक का रीयलस्टिक सीन क्रिएट कर इस तरह के अटैक्स को काउंटर कर पूरी क्षमता से निपटने के लिए एनएसजी द्वारा अपनाई जाने वाली पूरी प्रकिया एवं कार्यवाही का सजीव प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह शो पुरुषार्थ और साहस से पराक्रम की पराकाष्ठा के प्रदर्शन का परिचायक है। इस प्रशिक्षण प्रदर्शन में जवानों ने हवा में उड़ते हुए जो करतब दिखाए हैं, वे सच में अद्भुत है। एनएसजी जवान हमारी सुरक्षा व्यवस्था की धुरी हैं। जल, थल, नभ हर तरह से देश पर किसी भी तरह की चुनौतियां और कठिनाइयां आ सकती हैं, इनसे निपटने की तैयारियों के लिए यह प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण कार्यक्रम सह एनएसजी शो के शुभारंभ अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी प्रकार के टेररिस्ट अटैक से निपटने के लिए हम अपने सुरक्षा बलों, एटीएस और सीटीजी को और अधिक मजबूत करेंगे। सीटीजी के आधुनिकीकरण के लिए सरकार ने 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की है। जल्द ही हम इस दिशा में आगे बढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि टेररिस्ट अटैक को पूरी दक्षता से काउंटर करने सभी जरूरी प्रशिक्षण के लिए हमारी सरकार भोपाल जिले की हुजुर तहसील के ग्राम तूमड़ा में अत्याधुनिक प्रशिक्षण केन्द्र खोलेगी। इस सेंटर के जरिए हम अपने सुरक्षा बलों को किसी भी प्रकार की आकस्मिक आपदा एवं अतिवादी ताकतों से निपटने के लिए पूरी क्षमता से तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए यह सेंटर देश की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमारे जवान अपने हथियार और बुद्धिमत्ता से सभी प्रकार के संकटों से निपटने में सक्षम हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नागरिकों की सेवा और सुरक्षा के लिए हमारी सरकार हर समय तत्पर है। हमारी एटीएस आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनकर खड़ी है। इनकी मदद के लिए तैयार की गई काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) हमारी असॉल्ट यूनिट, आधुनिक हथियारों और मॉडर्न टेक्निक से लैस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को अपने सशस्त्र बलों पर बेहद गर्व है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की अलग पहचान बन रही है। वर्ष 1984 में एनएसजी की स्थापना हुई। एक समय था जब हमारे देश के प्रधानमंत्री भी अपने घर में सुरक्षित नहीं हुआ करते थे। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की माला पहनाते हुए हत्या कर दी गई। एनएसजी का स्लोगन 'सर्वत्र सर्वोत्तम सुरक्षा' है, जो विजय भाव की अनुभूति कराता है। एनएसजी जवानों का शौर्य और निष्ठा बेजोड़ है। जब भी देश में कोई संकट आता है। हमारे एनएसजी जवान (ब्लैक कैट कमांडोज़) देशवासियों को पूरी सुरक्षा देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब हमारी सेना देश के दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का माद्दा रखती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों ने अपने पराक्रम से आज हमें यह भरोसा दिलाया है। यहां मध्यप्रदेश पुलिस के साथ एटीएस, सीटीजी के प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। आज के विकासशील दौर में आतंकवाद, नक्सलवाद बहुत घातक है। इनसे लड़ने के लिए बलों को हर तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। देश ने 35 साल पुरानी एक बड़ी समस्या (नक्सलवाद) को खत्म कर दिया है। हमारा मध्यप्रदेश आज पूरी तरह नक्सलमुक्त हो चुका है। इसमें हमारे सशस्त्र बलों का बड़ा योगदान है। सुरक्षा बलों के कारण ही भारत दुनिया के सबसे सशक्त तीन देशों की कतार में शामिल हुआ है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि एनएसजी और म.प्र. पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक करीब एक माह चलेगा। इस दौरान काउंटर अटैक सहित करीब 8 प्रमुख विषयों पर जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान पुलिस जवान काउंटर/टेररिस्ट अटैक से निपटने की ट्रेनिंग लेंगे और अपने कला, कौशल और टेक्निक को बेहतर से बेहतर बनाएंगे। हम नई चुनौतियों को लेकर तैयार हो रहे हैं। हमारी एटीएस और एसटीएफ पूरी क्षमता से काम कर रही … Read more

रुपया हुआ मजबूती से ऊंचा, डॉलर के मुकाबले 12 साल की सबसे बड़ी वृद्धि, RBI के कदमों का असर

नई दिल्ली रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के सख्त कदमों के बाद रुपये ने 12 साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज की है, जिससे बाजार में नई हलचल पैदा हो गई है। आज 6 अप्रैल को रुपया 0.3% मजबूत होकर 92.83 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसमें 1.8% की तेज छलांग दर्ज की गई थी, जो सितंबर 2013 के बाद सबसे बड़ी एक दिन की बढ़त है। ब्लूमबर्ग ने सीआर फॉरेक्स के प्रबंध निदेशक अमित पबारी के हवाले से बताया है कि 10 अप्रैल की समयसीमा से पहले बैंक अपनी डॉलर की स्थिति समाप्त करेंगे, जिससे रुपया और मजबूत होकर 91.50 से 92 के दायरे में पहुंच सकता है। शुक्रवार को गुड फ्राइडे के कारण स्थानीय बाजार बंद थे। RBI के सख्त फैसलों से बदला खेल रुपये की मजबूती के पीछे सबसे बड़ा कारण RBI के हालिया कड़े कदम हैं। केंद्रीय रिजर्व बैंक ने बैंकों की डॉलर पोजीशन $100 मिलियन तक सीमित की और ऑफशोर ट्रेडिंग के बड़े माध्यम NDF पर रोक लगाई साथ ही सट्टेबाजी वाले सौदों पर भी सख्ती बढ़ाई। आरबीआई के इन कदमों से बाजार में डॉलर की मांग घटी और रुपया मजबूत हुआ। ईरान युद्ध का असर अब भी बना खतरा हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव अभी भी रुपये के लिए बड़ा जोखिम बना हुआ है। तेल की कीमतों में तेजी, भारत का बढ़ता आयात बिल और देशी निवेशकों की बिकवाली, जैसे ये सभी फैक्टर रुपये पर दबाव बना सकते हैं। पिछले एक साल में कितना कमजोर हुआ रुपया तेजी के बावजूद, रुपया पिछले एक साल में करीब 8.2% गिर चुका है और एशिया की कमजोर मुद्राओं में शामिल रहा है। रुपये को सपोर्ट देने के लिए RBI को भारी हस्तक्षेप करना पड़ा, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में भी गिरावट आई है। RBI की बैठक पर टिकी बाजार की नजर अब निवेशकों की नजर RBI की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर है। खास तौर पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान महत्वपूर्ण होंगे। यह तय करेगा कि रुपया आगे और मजबूत होगा या दबाव में आएगा। समिति की बैठक सोमवार से शुरू होगी और बुधवार को इसके नतीजे की घोषणा की जाएगी। क्या फिर कमजोर होगा रुपया? विशेषज्ञों के अनुसार, अगर ईरान युद्ध लंबा चलता है तो रुपया फिर दबाव में आ सकता है। मुथूट फिनकॉर्प लिमिटेड की मुख्य अर्थशास्त्री अपूर्व जावडेकर का कहना है, "मुझे उम्मीद है कि अगर ईरान युद्ध लंबा चलता है, जिससे कम से कम एक तिमाही तक तेल की कीमतें ऊंची रहेंगी, तो रुपया 96 प्रति डॉलर के स्तर तक कमजोर हो जाएगा, जब तक कि आरबीआई और हस्तक्षेप न करे।" एशियाई देशों की करेंसी पर दबाव भारत अकेला नहीं है। थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देश भी ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं, जिससे उनकी मुद्राएं भी दबाव में हैं। RBI के सख्त कदमों से रुपये को मजबूती जरूर मिली है, लेकिन वैश्विक हालात, खासकर तेल और युद्ध आगे की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को अभी सतर्क रहने की जरूरत है।