samacharsecretary.com

मणिपुर में सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास 4 उग्रवादी पकड़े गए

 इंफाल मणिपुर में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, ये कार्रवाई दो अलग-अलग जिलों में की गई. इस ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की भी अहम भूमिका रही. खास बात यह है कि इनमें से कुछ गिरफ्तारियां भारत-म्यांमार सीमा के पास हुई हैं, जो लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों का संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश गया है।  पुलिस के बयान के अनुसार, शनिवार को सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित यांगौबुंग गांव के आसपास से दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया. इनकी पहचान थोखचोम इंगोचा सिंह (31) और थोखचोम रघुनाथ मेइती (48) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ये दोनों अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर में थे. इस इलाके में अक्सर उग्रवादी गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं।  इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में इम्फाल ईस्ट जिले के पैलेस कंपाउंड इलाके से एक और उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया. इस आरोपी की पहचान लैशराम इनाओटोम्बा सिंह (19) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, यह युवक भी एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा हुआ था और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था. सुरक्षा एजेंसियों को उसके बारे में पहले से इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर उसे पकड़ने की योजना बनाई गई थी।  इसके बाद रविवार को भी सुरक्षा बलों ने अभियान जारी रखा और इम्फाल ईस्ट जिले के संजेनबाम खुनौ इलाके में एक और उग्रवादी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया. हालांकि पुलिस ने इस आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन शुरुआती जांच में उसके भी एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई है. इस तरह दो दिनों में चार अलग-अलग उग्रवादियों की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है।  पीटीआई के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. सुरक्षा एजेंसियां अब इन आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, फंडिंग और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं. मणिपुर में लंबे समय से उग्रवाद एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, खासकर सीमावर्ती इलाकों में। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि आम लोगों में भी भरोसा बढ़ता है।   

अचानक बाजार में आई जोरदार रैली, जानें ये 5 कारण जिन्होंने इसे प्रेरित किया

मुंबई  अचानक सोमवार को शेयर बाजार ने सबको हैरान कर दिया है. सुबह की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी. लेकिन दोपहर 12.30 बजे मार्केट ने पलटी मार दी, और धीरे-धीरे बाजार अब मजबूती के संकेत दे रहे हैं।  दोपहर ढाई बजे सेंसेक्स 641.81 अंक चढ़कर 73,950 पर कारोबार रहा था. वहीं निफ्टी 190 अंक चढ़कर 22,906 पर कारोबार कर रहा था. एक्सपर्ट्स की मानें तो बाजार में इस अचानक आए उछाल के पीछे वैश्विक के साथ-साथ घरेलू कारण भी हैं. अब निवशेक धीरे-धीरे बाजार को लेकर सकारात्मक नजरिया अपना रहे हैं।  कारोबार के दौरान Trent के शेयर में 7 फीसदी, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस के शेयर में करीब 4 फीसदी, टाइटन के शेयर में 3.50 फीसदी, एक्सिस बैंक के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखी जा रही है. मिडकैप कैटेगरी में कल्याण ज्वेलर्स के शेयर में 6.30 फीसदी की जोरदार तेजी है।  शेयर बाजार में इस तेजी के मुख्य तौर पर 5 कारण हैं. 1. मिडिल-ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत अमेरिका और ईरान में सुलह के संकेत से बाजार को बल मिला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देश 45 दिनों के युद्धविराम के लिए चर्चा कर रहे हैं. इस खबर ने बाजार में छाई अनिश्चितता को कम किया है. ईरान द्वारा ओमान के साथ मिलकर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज'में आवाजाही के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने की घोषणा से भी निवेशकों ने राहत की सांस ली, क्योंकि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का डर कम हुआ।  2. आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति बैठक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हो गई है. बाजार के जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक इस बार भी ब्याज दरों (Repo Rate) को 5.25% पर स्थिर रख सकता है. महंगाई पर नियंत्रण और विकास दर को संतुलित रखने के आरबीआई के प्रयासों ने निवेशकों को भरोसा दिया है।  3. नए वित्त वर्ष से निवेश का आगाज इसके अलावा अप्रैल का महीना नए वित्त वर्ष की शुरुआत का समय होता है. पिछले महीने (मार्च) में भारी बिकवाली और सुधार के बाद, कई शेयरों के वैल्युएशन (Valuation) काफी आकर्षक हो गए थे. संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों ने नए वित्त वर्ष के लिए नए सिरे से पूंजी निवेश शुरू कर दिया है. जिसे बाजार की तेजी का एक तकनीकी कारण माना जा रहा है।  4. आईटी और बैंकिंग सेक्टर में शानदार खरीदारी HDFC और Axis बैंक ने चौथी तिमाही के रिजल्ट से पहले अपडेट दिया है, जो कि बाजार को पसंद आया है. यही कारण है कि बाजार की इस रिकवरी को लीड बैंकिंग, आईटी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों ने किया है. बैंक निफ्टी में निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी देखी गई. इसके अलावा, आईटी सेक्टर में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्थिर संकेतों के कारण सकारात्मक रुख बना रहा।  5. घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का समर्थन भले ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) बिकवाली कर रहे थे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा है. एलआईसी (LIC) और घरेलू म्यूचुअल फंड्स की ओर से की गई खरीदारी ने बाजार को बड़े क्रैश से बचाया है और सोमवार को रिकवरी का आधार तैयार किया। 

लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश, असम सरकार और केंद्र पर बरसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

असम  असम सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. उन्हें असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा में सभा करना था. पीएम के कार्यक्रम की वजह से उनके हैलीकॉप्टर को उड़ने की इजाजत नहीं दी गयी. इसके ठीक एक दिन पहले कल्पना सोरेन को तीन जगहों पर सभा करने की अनुमति नहीं दी गयी. असम में जब सभा करने नहीं दिया गया तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोबाइल फोन से ही जनता को संबोधित किया. सीएम ने सोशल मीडिया किया पोस्ट सीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि असम की वीर और क्रांतिकारी धरती पर लोकतंत्र की आवाज को दबाने की फिर कोशिशें की गयी. कल कल्पना जी को सभा करने से रोका गया, आज मुझे असम के रोंगोनदी और चाबुआ विधानसभा के अपने भाई-बहनों से मिलने नहीं दिया गया.क्या सच में विरोधियों को लगता है कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसे षड्यंत्र से वे तीर-धनुष की ताकत को रोक पाएंगे? असम में आदिवासी समाज को रोकने की कोशिश: हेमंत सोरेन सीएम ने कहा कि इतने वर्षों तक तो चाय बागान के मेरे लाखों शोषित, वंचित आदिवासी समाज के भाइयों बहनों को रोकने की नाकाम कोशिश की है, और कितना रोक पाओगे?इतिहास गवाह है, जब-जब आवाज दबाई गई है, वह और बुलंद होकर उभरी है. आगामी नौ अप्रैल के दिन मेरे ये लाखों भाई-बहन अपने संघर्ष का हिसाब लेकर रहेंगे. विरोधियों को चुनाव प्रचार करने से रोकते हैं: हेमंत सीएम ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि असम की क्रांतिकारी धरती ने कभी झुकना नहीं सीखा है.प्रधानमंत्री जी का कार्यक्रम बताकर आज मुझे प्रचार के लिए जाने नहीं दिया गया. हमलोगों को जहां है वहीं पर रहने का आदेश दिया गया. पीएम अपने कुर्सी व राजनीतिक ताकत के बदौलत चुनाव के अंतिम चरण में विरोधियों को प्रचार-प्रसार करने से इसी तरह रोकते हैं. ये लोग ऐन-केन प्रकारेण चुनाव जीतने का प्रयास करते हैं. कभी वोट चोरी कर जीतते हैं. झामुमो पहली बार यहां चुनाव लड़ रहा है. जय भारत पार्टी के साथ हैं. लोकतंत्र की आड़ बंद किया जायेगा: सीएम क्या लोकतंत्र अब कार्यक्रमों की आड़ में बंद किया जायेगा? और यह सब कैसे हो रहा है? संवैधानिक संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर, एजेंसियों को हथियार बनाकर. हमारे पुरखों ने हमें झुकना नहीं, संघर्ष करना सिखाया है. हम लड़ते आए हैं और हर लड़ाई जीतकर ही आगे बढ़े हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा सीएम ने कहा कि असम का शोषित, वंचित, आदिवासी, दलित और पिछड़ा समाज अब जाग चुका है. चाय बागान में रहने वाले लोग भी अब आगे बढ़कर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. अब यह समाज चुप नहीं रहेगा, अपने अधिकार लेकर ही रहेगा.इसलिए साथियों, हमें एकजुट होना है. हमारी एकजुटता ही विरोधियों के लिए सबसे बड़ा जवाब है, और यही एकजुटता पहले ही इनके डर का कारण बन चुकी है. 250 रुपये में जहर भी नहीं मिलता सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि चाय बगान को मजदूरों को एक दिन की मजदूरी 250 रुपये मिलती है. इतनी राशि में तो जहर भी नहीं मिलता.राज्य सरकार ने चाय बगान के मजदूरों को न जीने के लिए छोड़ा है और न ही मरने के लिए छोड़ा है. नौ अप्रैल को अत्याचार का बदला वोट से देगी जनता सीएम ने कहा कि याद रखिये, जितना हमें रोकोगे, हम उतनी ही मजबूती से आगे बढ़ेंगे क्योंकि हमारे तीर-धनुष की ताकत सिर्फ प्रतीक नहीं, यह हमारे आत्मसम्मान और संघर्ष की पहचान है.आगामी नौ अप्रैल को हमारा यह संघर्षी समाज अपने ऊपर वर्षों से हुए शोषण और अत्याचार का बदला वोट की ताकत के साथ लेकर रहेगा.

घर-घर पूछे जाएंगे विशेष सवाल, शादीशुदा सदस्यों की संख्या और मुखिया की जाति शामिल

आरा. भोजपुर जिले में होने वाली जनगणना 2027 कि तैयारी तेजी से पूरी की जा रही है। इस दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग कई प्रकार के निर्देश जारी किया है। 17 अप्रैल से स्वगणना शुरू होगी। इसमें क्या-क्या सवाल रहेंगे और इसके बाद होने वाले मकान सूचीकरण में क्या-क्या जानकारी लेनी है, इसकी गाइडलाइन जारी की गई है। इस बार जनगणना के दौरान परिवार की बागडोर स्त्री या पुरुष के हाथों में है, इसकी पड़ताल की जाएगी। परिवार के भोजन में मुख्य अनाज क्या है, यह भी जनगणना में दर्ज किया जाएगा। मकान सूचीकरण से पहले स्वगणना होनी है। स्वगणना 17 अप्रैल से एक मई तक होनी है। मकान सूचीकरण का काम दो मई से 31 मई तक चलेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने निर्देश दिया है कि घर के फर्श, छत की सामग्री, घर का उपयोग, इन सबका ब्योरा स्वगणना के दौरान लिया जाएगा। इसके अलावा घर में कितने लोग रहते हैं, एक घर में कितने विवाहित परिवार रहते हैं, इसकी भी जानकारी जुटाई जाएगी। परिवार के मुखिया स्त्री हैं या पुरुष, इसे भी रिकॉर्ड किया जाएगा। परिवार के मुखिया की जाति को भी दर्ज करना है। वहीं, बुनियादी जरूरतों से जुड़ी 10 बिन्दुओं का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें पेयजल का स्रोत, पेयजल की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुलभता, किस प्रकार का शौचालय है, गंदे पानी के निकासी की क्या व्यवस्था है, स्नानगृह की उपलब्धता क्या है, रसोई घर की उपलब्धता (एलपीजी है या पीएनजी), खाना पकाने का मुख्य साधन क्या है और परिवार के खाने का मुख्य अनाज क्या है, इन सबकी पड़ताल की जाएगी। ऑनलाइन माध्यम से होगी स्वगणना स्वगणना में लोगों को खुद ही जनगणना फॉर्म को ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से भरना है। इसमें डिजिटल पोर्टल पर अपनी और परिवार की जानकारी जैसे नाम, उम्र, लिंग, शिक्षा और निवास स्थान दर्ज करना है। खुद जानकारी भरने में गलती कम होगी। मकान सूचीकरण के दौरान स्वगणना की सत्यता की जांच भी फील्ड अधिकारी करेंगे। फील्ड प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों की ट्रेनिंग 13 अप्रैल से शुरू होनी है। आठ घरेलू उपकरणों की भी जुटाई जाएगी जानकारी जनगणना के दौरान आठ घरेलू उपकरणों में से किसके पास क्या है, यह भी पता किया जाएगा। इसमें रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट सुविधा, लैपटाप-कंप्यूटर, टेलीफोन-मोबाइल-स्मार्ट फोन, साइकिल-स्कूटर-मोटरसाइकिल-मोपेड में क्या है, कार-जीप-वैन में क्या है, इसकी जानकारी भी जुई जाएगी। मोबाइल नंबर भी इसमें दर्ज किया जाएगा। स्वगणना 17 अप्रैल से शुरू होगी – जिले में तेरह अप्रैल से सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। इसके लिए नया शिड्यूल्ड डीएम के द्वारा जारी किया गया है। स्वगणना इस महीने की 17 अप्रैल से शुरू होगी। सभी तैयारी डीएम के मार्गदर्शन में चल रहा है। – मदन नारायण सिंह, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी

पर्यावरण और सतत विकास पर महा-संवाद, झारखंड समेत चार राज्यों की चुनौतियों पर होगा मंथन

 रांची पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था ‘सीड’ (CEED) आगामी 8 और 9 अप्रैल को रांची में ‘एकम डायलॉग्स संवाद से निर्माण’ नामक एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन कर रही है. सोमवार को राजधानी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संस्था के सीईओ रमापति कुमार ने बताया कि इस गरिमामयी कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्र सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ करेंगे. इस आयोजन की विशिष्टता यह है कि इसमें देश के 11 पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए व्यक्तित्व भी अपने अनुभवों को साझा करेंगे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 27 ‘चेंज मेकर्स’ को ‘एकम संवाद’ सम्मान से विभूषित किया जाएगा, जिन्होंने जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव की इबारत लिखी है. 11 सत्रों में होगा मंथन: खेती से लेकर क्लाइमेट फाइनांस तक दो दिनों तक चलने वाले इस महा-संवाद में कुल 11 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे. सीड के सीईओ ने स्पष्ट किया कि चर्चा का दायरा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें इको रिस्टोरेशन (पारिस्थितिकी बहाली), ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती के सफल प्रयोगों पर गहन विमर्श होगा. इसके अतिरिक्त, स्वच्छ उद्योगों की स्थापना, वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन, क्लाइमेट फाइनांस और नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन (Policy Implementation) जैसे जटिल विषयों पर भी शोधकर्ता और नीति-निर्माता एक साझा मंच पर विचार-विमर्श करेंगे. सामुदायिक ज्ञान और नवाचार का संगम आयोजन के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए रमापति कुमार ने कहा कि ‘एकम डायलॉग्स’ महज एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि एक समावेशी मंच है. यहाँ नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों, शोधकर्ताओं और सिविल सोसाइटी के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है. इसका प्राथमिक लक्ष्य सामुदायिक पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के बीच की खाई को पाटकर क्षेत्रीय विकास के व्यावहारिक समाधान खोजना है. यह पहल पूर्वी भारत के राज्यों के साझा सांस्कृतिक और पारिस्थितिक ताने-बाने को आधार बनाकर जलवायु-अनुकूल भविष्य के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी. चार राज्यों की साझा चुनौतियों पर नजर झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा जैसे राज्य जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं. सीड की डायरेक्टर (पॉलिसी) सृष्टि पल्लव ने बताया कि ‘एकम डायलॉग्स’ इन राज्यों की साझा भौगोलिक और पर्यावरणीय चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. सम्मेलन के निष्कर्षों को एक ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) के रूप में संकलित किया जाएगा, जिसे भविष्य की नीतियों के निर्माण के लिए संबंधित सरकारों के साथ साझा किया जा सकता है. रांची में होने जा रहा यह आयोजन निश्चित रूप से पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्र में एक नई चेतना जागृत करेगा.

पलामू के 148 छात्रों का चयन, नवाचार के क्षेत्र में जिले ने फिर रचा नया इतिहास

 पलामू झारखंड के पलामू जिले ने एक बार फिर शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2025-26 में झारखंड में लगातार छठवीं बार पहला स्थान हासिल किया है. इस उपलब्धि ने न सिर्फ जिले का गौरव बढ़ाया है, बल्कि राज्य स्तर पर भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जिले के छात्रों की इस सफलता ने शिक्षा जगत में उत्साह का माहौल बना दिया है. 148 प्रतिभागियों का चयन, राज्य में सबसे अधिक भागीदारी इस सत्र में पलामू जिले से कुल 148 प्रतिभागियों का चयन किया गया है. पूरे झारखंड से चयनित 1160 प्रतिभागियों में से 12.76 प्रतिशत छात्र-छात्राएं केवल पलामू जिले से हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है. यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि जिले के छात्र विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं. शिक्षकों और छात्रों की मेहनत का परिणाम जिला शिक्षा पदाधिकारी सौरव प्रकाश ने इस सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पण को दिया है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के निरंतर प्रयासों का नतीजा है. साथ ही उन्होंने सहायक जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व की भी सराहना की, जिनकी भूमिका इस सफलता में अहम रही है. मध्य विद्यालय से ही दिख रहा बेहतर प्रदर्शन जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि पलामू के छात्र केवल उच्च विद्यालय स्तर पर ही नहीं, बल्कि मध्य विद्यालय स्तर से ही बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. यह दर्शाता है कि जिले में प्रारंभिक स्तर से ही बच्चों को विज्ञान और नवाचार के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास और क्षमता दोनों बढ़ रहे हैं. इंस्पायर मानक योजना क्या है? सहायक जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इंस्पायर अवार्ड मानक योजना भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत संचालित होती है. इसे नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा लागू किया जाता है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर तकनीकी नवाचार और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत छात्र-छात्राएं अपने विचारों और प्रोजेक्ट्स को विद्यालय स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक प्रस्तुत करते हैं. चयनित छात्रों को मिलती है आर्थिक सहायता इस योजना के अंतर्गत वर्ग 6 से 12 तक के चयनित प्रतिभागियों को जिला स्तर पर प्रोटोटाइप निर्माण के लिए 10,000 रुपये की राशि दी जाती है. इसके अलावा आगे की तैयारी के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है. इसका उद्देश्य छात्रों को अपने नवाचार को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मौका इंस्पायर अवार्ड के तहत चयनित छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलता है. अंतिम रूप से चयनित प्रतिभागियों को जापान तक जाने का मौका भी मिलता है, जहां वे अपने नवाचार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर सकते हैं. यह छात्रों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होता है. नवाचार के क्षेत्र में पलामू बना रोल मॉडल लगातार छठवीं बार प्रथम स्थान हासिल कर पलामू जिले ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं. यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है और झारखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है.

शादी डॉट कॉम पर हिंदू पहचान बनाकर पुलवामा का वेटर 10 युवतियों को ठगता रहा

हिसार/कैथल. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रहने वाले 26 साल के मेहराजुद्दीन आजम ने शादी डॉट कॉम पर फर्जी आईडी बनाकर करीब दस युवतियों के साथ फ्रॉड किया। निशांत सहारण के नाम से फर्जी आईडी पर खुद को सेना में मेजर बताया। इस बात का राजफाश उस समय हुआ जब कैथल पुलिस ने तितरम मोड़ पर वाहनों की जांच के दौरान एक कैब को रुकवाया। कैब में बैठे युवक ने खुद को सेना में मेजर बताया। शक होने पर पुलिस ने आई कार्ड मांगा तो नहीं दिखा पाया। आरोपित ने चंडीगढ़ से आर्मी की वर्दी खरीदी थी। जांच में सामने आया कि आरोपित का असली नाम मेहराजुद्दीन आजम है और वह हिसार में एक युवती और उसके परिवार से मिलने जा रहा था। पता चलने पर युवती के परिवार ने आजाद नगर थाना में शिकायत दी। पुलिस जांच के लिए आरोपित आजम को हिसार लेकर आई। यहां अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। युवक के पकड़े जाने के बाद आर्मी इंटेलीजेंस की टीमें भी सक्रिय हो गई हैं। दो दिन के रिमांड पर आरोपित हिसार के पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आजाद नगर थाना पुलिस ने आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपित को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपित से पूछताछ जारी है। आर्मी में भर्ती करवाने के नाम पर भी करता था ठगी तीन दिन पहले कैथल पुलिस ने इंचार्ज रवि सैनी के नेतृत्व में तितरम चौक पर नाका लगाया हुआ था। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक ओला कैब गाड़ी को रोका। इसमें सवार युवक ने अपनी पहचान सेना में मेजर के तौर पर बताई और नाम भी निशांत सहारण बताया। उसके बैग से सेना की वर्दी भी मिली। शक होने पर पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो युवक ने असली नाम आजम बताया। युवक हिसार में एक हिंदू लड़की से मिलने जा रहा था। उससे उसकी शादी की बात चल रही थी। युवती के स्वजन अपनी बेटी से युवक से शादी करवाने की तैयारी भी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वह युवती से लाखों रुपये भी ले चुका था। आरोपित आर्मी में नौकरी लगवाने के नाम पर भी लोगों से ठगी करता था। कैथल पुलिस ने आरोपित को हिसार पुलिस को सौंप दिया था। 120 एकड़ का बताता था जमींदार पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के आवनपुर गांव का रहने वाला है। उसने शादी डॉट कॉम पर निशांत सहारण के नाम से आईडी बनाई। सेना की वर्दी पहनकर अपनी फोटो अपलोड की। इसके अलावा खुद को 120 एकड़ का जमींदार बताता था। शादी डॉट कॉम के जरिए उसने हिसार की रहने वाली एक युवती से बातचीत की। कई दिनों तक बात होने के बाद शादी की बातचीत चली। उसी सिलसिले में वह मोहाली से कैब में सवार होकर हिसार आ रहा था। युवती से ले चुका 30 हजार रुपये आजाद नगर थाना में कार्यरत एसआई सुनील कुमार बूरा ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपित आजम 2021 में कश्मीर से मोहाली के खरड़ एरिया में आया था। दो साल तक उसने यहां पर वेटर का काम किया। फिर वापस अपने गांव लौट गया। 2025 में फिर से खरड़ आया। इस बार उसे काम नहीं मिला तो उसने शादी डॉट कॉम पर फर्जी आईडी बनाकर खुद को सेना का अधिकारी बताया। इसी दौरान उसकी हिसार की रहने वाली एक युवती से बातचीत हुई। उसने युवती से 30 हजार रुपये भी लिए थे। इस संबंध में युवती के परिवार की तरफ से केस दर्ज करवाया गया। युवक को हिसार पुलिस के सुपुर्द किया तितरम मोड़ नाका पर चेकिंग के दौरान एक युवक को पकड़ा था जो स्वयं को सेना में मेजर बता रहा था। युवक ने अपनी झूठी पहचान बताई थी। युवक को हिसार पुलिस को सौंप दिया गया था। आगामी कार्रवाई हिसार पुलिस की तरफ से की जा रही है। – मनप्रीत सिंह सूदन, एसपी कैथल

सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर कांकेर और मनेन्द्रगढ़ में परिवारों को मिलेगा वित्तीय संबल

उत्तर बस्तर कांकेर. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भानुप्रतापपुर श्री जी.डी. वाहिले द्वारा सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के प्रकरण में उनके निकटतम परिजन के लिए 25 हजार रूपए और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों के लिए 10-10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। भानुप्रतापपुर तहसील के ग्राम भैंसमुण्डी, चौकी कच्चे निवासी धर्मेन्द्र कोला की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती सोहन्तिन के लिए 25 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। इसी प्रकार सड़क दुर्घटना में घायल भानुप्रतापपुर तहसील के ग्राम कराठी निवासी शत्रुघन जैन और पखांजूर तहसील के ग्राम डोण्डे निवासी राजू मण्डल को 10-10 हजार रूपये की सहायता राशि स्वीकृत किया गया है। एमसीबी :सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता स्वीकृत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी). भरतपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में मृत हुए व्यक्तियों के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत की गई है। जारी आदेश के अनुसार, ग्राम जनकपुर निवासी स्वर्गीय जोहनदास के विधिक वारिस एन्थोनीदास (पिता घासीदास) को 25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार स्वर्गीय बब्बू यादव (पिता भगवानदीन यादव) की पत्नी फुलमतिया यादव को 25 हजार रुपये तथा स्वर्गीय राहुल (निवासी ग्राम जनकपुर) के पिता संजू को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। उक्त सहायता राशि सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को वित्तीय संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है। यह व्यय मांग संख्या-02, लेखा शीर्ष 2235 – सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण (800) के अंतर्गत “सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिवार एवं घायलों को वित्तीय सहायता” मद से, चालू वित्तीय वर्ष 2025-2026 में वहन किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में भाजपा स्थापना दिवस पर 14 जिलों में वर्चुअल पार्टी कार्यालय भूमिपूजन

 भोपाल आज भाजपा का 47वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर मध्यप्रदेश के 17 जिलों में कार्यालयों का भूमिपूजन किया गया। भोपाल के प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस प्रदेशभर में बूथ स्तर पर मनाया जा रहा है। पार्टी कार्यालयों तथा कार्यकर्ताओं के निवास पर पार्टी का झंडा फहराया गया, कार्यालयों की सजावट कर मिठाई बांटी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल प्रदेश कार्यालय में सुबह ध्वजारोहण किया। इसके बाद 14 जिलों में पार्टी के जिला कार्यालयों का भूमिपूजन एवं तीन जिलों में कार्यारंभ समारोह किया।कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि आज भाजपा मजबूत संगठन बनकर उभरा है। हम 2047 के विकसित भारत के संकल्प को साथ लेकर चलेंगे। अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचे यही हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा अगले स्थापना दिवस 2027 को प्रदेश सभी 62 जिला कार्यालय का शिलान्यास होगा। वीडियो कांफ्रेंस रूम, पुस्तकालय कार्यालय होगा। अगले एक साल में सभी कार्यालय अत्याधुनिक होंगे। सुविधा सम्पन्न रहेंगे। सभी कार्यालय सोलर बिजली से रोशन होंगे। मोर्चा प्रभारी जिला जिला प्रभारी जिलों में नीचे तक जाए इसका रोडमेप बना रहे हैं। हमारा दल कार्यकर्ता सम्पन्न हो, अगले चुनाव तक हम नीचे तक मजबूत हो इस दिशा में काम करेंगे। खंडेलवाल ने कहा कार्यकर्ता सद्भाव से रहे। ऐसा आचरण करे कि हमारा सम्मान रहे हमारी विचार धारा का सम्मान रहे। हमारे आग्रह पर भाजपा के स्थापना दिवस के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केरल दौरा निरस्त किया उनका आभार और अभिनंदन है। इस दौरान भाजपा के दिवंगत नेताओं के परिवारों का सम्मान किया गया। सीएम ने मंच से नीचे उतरकर विजेश लुणावत, गौरीशंकर जी, बसंत गुप्ता सहित अन्य दिवंगत नेताओं के परिवारों को सम्मानित किया। सीएम बोले- हमने भाजपा को देखा, जिसकी विचारधार अमर हो गई सीएम ने कहा- कौन सा फीनिक्स पक्षी है जो राख बनकर फिर जीवित हो जाता है, हमने वह पक्षी नहीं देखा, लेकिन हमने भाजपा को देखा है, जिसकी विचारधारा अटल और अमर हो गई है। हमारे नेताओं का चरित्र और दर्शन अद्भुत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेतृत्व से भाजपा के हर कार्यकर्ता का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन का दौर लंबे समय तक चला, लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में सरकार ने अपने वादों को पूरा किया और 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया। प्रदेश अध्यक्ष बोले- 62 जिलों में बीजेपी कार्यालय हो, हमारा लक्ष्य बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा की विचारधारा सहभागिता पर आधारित है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और अन्य नेताओं ने आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने मूल विचारों से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि पार्टी 17 जिलों में कार्यालय निर्माण की शुरुआत कर रही है। लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों। खंडेलवाल ने बताया कि प्रत्येक कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और पुस्तकालय की व्यवस्था होगी। यहां संगठन और पार्टी विचारधारा से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। कार्यक्रम में दिवगंत नेताओं के परिजनों का हुआ सम्मान भोपाल में हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में सीएम-प्रदेशाध्यक्ष के अलावा क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल समेत में भाजपा के पदाधिकारी, स्थानीय मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। इस मौके पर बीजेपी नेताओं ने दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों का सम्मान किया। पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों का सम्मान करने के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं मंच से नीचे उतरकर उनके पास पहुंचे। इसके बाद सीएम, प्रदेशाध्यक्ष का संबोधन हुआ फिर बीजेपी कार्यालयों का भूमिपूजन किया गया। एमपी के 17 जिलों में भाजपा के जिला कार्यालयों के लिए जमीन पहले ही खरीदी जा चुकी थी। अब यहां जिला कार्यालयों का निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ है। सभी बूथों पर बांटी जा रही मिठाई कार्यक्रम में वरिष्ठजनों का सम्मान भी किया गया। भाजपा के स्थापना दिवस पर पांच, छह एवं सात अप्रैल को प्रदेश कार्यालय सहित सभी मंडल, जिला कार्यालयों पर पुष्पमाला सजावट, दीपमालिका और रंगोली और विद्युत साज-सज्जा की गई। सभी बूथों पर पार्टी का झंडा फहराकर मिठाई बांटी जा रही है। सात से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान भाजपा सात से 12 अप्रैल तक गांव-बस्ती चलो अभियान चलाएगी। इसके तहत पार्टी पदाधिकारी, सांसद, विधायक, जिला पंचायत, जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर परिषद अध्यक्ष, सभी पार्षद और पार्टी के सभी कार्यकर्ता अभियान में भाग लेंगे। बता दें कि इन कार्यक्रमों में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान, समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क और उनका सम्मान, केंद्र सरकार एवं एनडीए शासित प्रदेश सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

क्या ईरान में 45 दिन का युद्ध विराम होगा? पाकिस्तान समेत कई देशों की पेशकश पर निर्भर स्थिति

वाशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध से मची वैश्विक उथल-पुथल के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच सीजफायर कराने के लिए पाकिस्तान सहित अन्य मध्यस्थों ने पूरा जोर लगाया है और 45 दिनों के सीजफायर प्लान पर बातचीत शुरू हो गई है। बता दें कि बीते 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से यह जंग जारी है। ईरान ने जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें बरसाई हैं। वहीं इस युद्ध की वजह से ईंधन आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हुई हैं। इस बीच एक्सियोस ने रविवार को चार अमेरिकी, इजरायली और क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों का एक समूह 45 दिन के संभावित सीजफायर की शर्तों पर चर्चा कर रहा है। इस सीजफायर प्लान से युद्ध का हमेशा के लिए अंत भी हो सकता है। क्या है सीजफायर प्लान? रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यस्थ दो चरणों वाले एक समझौते की शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं। इसमें बताया गया है कि पहला चरण 45 दिन का संभावित सीजफायर होगा, जिसके दौरान युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करने पर बातचीत की जाएगी। वहीं दूसरा चरण युद्ध को समाप्त करने के समझौते पर आधारित होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर बातचीत के लिए और समय की जरूरत पड़ी, तो सीजफायर की अवधि बढ़ाई जा सकती है। एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे मध्यस्थ युद्धविराम के लिए जुटे सभी मध्यस्थ एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने एपी को बताया है कि संघर्षविराम कराने की उनकी सरकार की कोशिशें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इससे सीजफायर को लेकर उम्मीदें एक बार फिर लौटी हैं। वही क्षेत्र के दो अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान के अलावा तुर्किये और मिस्र के मध्यस्थ भी अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। ईरान ने रखी हैं शर्तें एक्सियोस ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि होर्मुज को पूरी तरह से खोलने और ईरान के पास अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम होने जैसे मुद्दों को केवल एक अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में ही सुलझाया जा सकता है। इसके अलावा मध्यस्थ अमेरिका के लिए विश्वास-बहाली के उपायों पर काम कर रहे हैं और उन कदमों की तलाश कर रहे हैं जिन्हें अमेरिका ईरान की कुछ मांगों को पूरा करने के लिए उठा सकता है। वही ईरान ने युद्ध खत्म करने के शर्त के रूप में युद्ध का हर्जाना और सुरक्षा की गारंटी समेत कई मांगें रखी हैं। ट्रंप ने दी है डेडलाइन इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को एक बार फिर धमकी देते हुए कहा कि ईरान के साथ सोमवार तक समझौता होने की प्रबल संभावना है। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर ईरान ने तेजी नहीं दिखाई तो अमेरिका और तेजी से हमले करेगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि अगर ईरान समझौते की दिशा में तेजी नहीं दिखाता है तो वह सब कुछ उड़ा देने और तेल पर नियंत्रण करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वार्ता जारी रखने के लिए ईरानी वार्ताकारों को राहत दी है। इससे पहले ट्रंप ने रविवार सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला गया तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों पर हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ईरान को चेतावनी दी कि अगर जलमार्ग को समुद्री यातायात के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान को 'नरक बना दिया जाएगा। ईरान ने दिया दो टूक जवाब वहीं ईरान ने ट्रंप को दो टूक जवाब दे दिया है। ईरान के संस्कृति मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों को खारिज करते हुए उन्हें 'अस्थिर और भ्रम में रहने वाला व्यक्ति' करार दिया। सैयद रजा सालिही-अमीरी ने रविवार को एक साक्षात्कार में कहा, ''ईरानी समाज उनके बयानों पर आम तौर पर ध्यान नहीं देता क्योंकि उसका मानना है कि उनमें व्यक्तिगत, व्यवहारिक एवं भाषाई संतुलन का अभाव है और वह लगातार परस्पर विरोधी रुख अपनाते रहते हैं।'' सालिही-अमीरी ने कहा, ''ऐसा लगता है कि ट्रंप एक ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिसका पूरा विश्लेषण न तो ईरानी कर पा रहे हैं और न ही अमेरिकी।'' उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज ‘दुनिया के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए बंद है।’