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प्रियंका चोपड़ा ने बिकिनी में पूल में डुबकी लगाकर दिखाया बोल्ड लुक

मुंबई  ग्लोबल एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का दम दिखाया। अपने करियर में प्रियंका ने कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। प्रोफेशनल लाइफ के साथ प्रियंका अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खूब सुर्खियां बटोरती हैं। प्रियंका अक्सर अपने पति निक जोनस और बेटी मालती संग क्वालिटी टाइम बिताती हैं, जिसकी तस्वीरें वो सोशल मीडिया पर शेयर करती रहती हैं। ऐसे में अब प्रियंका ने पूल में एंजॉय करती हुई सिजलिंग तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों में एक्ट्रेस का बिकिनी में बोल्ड अवतार देखने लायक था। प्रियंका ने संडे का इस तरह उठाया लुफ्त प्रियंका चोपड़ा ने  अपने इंस्टाग्राम पर कई खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट की हैं। एक्ट्रेस की ये तस्वीरों उनके संडे की मस्ती भरे पलों की हैं। इसे शेयर करते हुए प्रियंका ने कैप्शन में लिखा, 'उन कुछ खास मौकों में से एक, जब रविवार सच में रविवार जैसा लगा… और कुछ और भी मजेदार चीजें।' प्रियंका की ये तस्वीर इंटरनेट पर आते ही वायरल हो रही गई हैं। इसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। बिकिनी पहन पूल में लगाई आग प्रियंका चोपड़ा की शेयर की तस्वीरों की बात करें तो उनकी हर फोटो बेहद खूबसूरत होने के साथ बेहद खास है। पहली तस्वीर में प्रियंका बाथरोब पहले हुए धूप सेंकती नजर आ रही हैं। दूसरी तस्वीर में एक्ट्रेस ब्लू कलर की बिकिनी पहने पूल में बैठकर पोज दे रही हैं। साथ ही एक वीडियो में वो खट्टी कैरी का मजा लेती भी दिख रही हैं। एक तस्वीर में ब्लैक बिकिनी पहने पानी में जलपरी की तरह मजे ले रही हैं। वहीं, कुछ तस्वीरों में उनकी बेटी मालती और मां को भी देखा जा सकता है। एक प्यारी सी तस्वीर में मालती अपनी नानी, मधु चोपड़ा के गले लगती हुई दिखीं, और दूसरी तस्वीर में वह अपने पापा निक जोनस के साथ दिख रही हैं। फैंस ही नहीं स्टार्स ने भी किए कमेंट्स प्रियंका चोपड़ा की ये तस्वीरें इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही हैं। इस एक फैन ने कमेंट कर लिखा, "PC अपने देसी स्नैक्स के साथ!" जबकि दूसरे ने पूछा, "क्या यह कच्ची कैरी है?" सिर्फ फैंस ही नहीं, बल्कि एकता कपूर भी काफी इम्प्रेस नजर आईं। उन्होंने कमेंट किया, "क्या सुपरस्टार हैं!" ऐसे कई और कमेंट्स इस पोस्ट पर आ रहे हैं। वाराणसी के बारे में एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा अपनी तेलुगू डेब्यू फिल्म 'वाराणसी' की शूटिंग के लिए SS राजामौली के साथ हैदराबाद में हैं। SS राजामौली की 2022 की हिट फिल्म 'RRR' के बाद अगली फिल्म 'वाराणसी' है, जो संक्रांति 2027 में रिलीज होने वाली है। इस एक्शन-एडवेंचर फिल्म की कहानी उनके पिता, V. विजयेंद्र प्रसाद ने उनके साथ मिलकर लिखी है। इसमें महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा, पृथ्वीराज सुकुमारन और प्रकाश राज मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म को भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित एक 'दुनिया भर का रोमांचक सफर' बताया जा रहा है।

बड़ा झटका: डेविड वॉर्नर हिरासत में, शराब के नशे में ड्राइविंग का मामला—PSL में खेलना संदिग्ध

सिडनी पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में कराची किंग्स की कप्तानी कर रहे दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डेविड वॉर्नर बड़ी मुश्किल में घिर गए हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके वॉर्नर पर सिडनी में शराब पीकर गाड़ी चलाने (DUI) का गंभीर आरोप लगा है, जिसके बाद उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। छुट्टियों के दौरान हुई कार्रवाई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएसएल मैचों के बीच मिले ब्रेक का फायदा उठाते हुए वॉर्नर अपने घर सिडनी लौटे थे। सिडनी के माराउबा इलाके में पुलिस ने उन्हें गाड़ी चलाते समय चेकिंग के लिए रोका। जब उनका 'ब्रीथ टेस्ट' (सांसों की जांच) किया गया, तो उसमें शराब की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। पुलिस स्टेशन ले जाए गए वॉर्नर एक रिपोर्ट के अनुसार, टेस्ट के दौरान पॉजिटिव पाए जाने के बाद पुलिस अधिकारियों ने वॉर्नर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पास के ही माराउबा पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां कागजी कार्रवाई पूरी की गई। हालांकि, उन्हें फिलहाल रिहा कर दिया गया है, लेकिन अगले महीने उन्हें अनिवार्य रूप से कोर्ट में पेश होना होगा। PSL करियर पर क्या होगा असर? राहत की बात यह है कि कानूनी प्रक्रिया के बीच उन्हें यात्रा करने की अनुमति मिल गई है। वे जल्द ही पाकिस्तान लौटकर कराची किंग्स के लिए दोबारा मैदान पर उतर सकेंगे। हालांकि, अगले महीने होने वाली अदालती सुनवाई के लिए उन्हें वापस ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ेगा, जिससे उनके फ्रेंचाइजी क्रिकेट शेड्यूल पर असर पड़ सकता है। डेविड वॉर्नर ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लिया है। इस साल वे IPL का हिस्सा नहीं हैं, जिसके कारण वे पीएसएल में कराची किंग्स का नेतृत्व कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक ओपनरों में शुमार वॉर्नर के इस विवाद ने उनके प्रशंसकों और पीएसएल प्रबंधन को चिंता में डाल दिया है।  

जनदर्शन में सुनीं गई लोगों की समस्याएं अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और एडीएम शिव कुमार बनर्जी ने ग्रामीणों की  समस्याएं गंभीरता से सुनीं। अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।           जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयपुर के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला विजयपुर के प्रधान अध्यापक भरत ध्रुव को पद से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान अध्यापक द्वारा शराब का सेवन कर शाला में दुर्व्यवहार एवं विद्यार्थियों को पढ़ाने में कोताही बरती जा रही है। पूर्व में भी प्रधान अध्यापक की शिकायत की गई परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीईओ को मामले की जांच कर शीघ्र ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। रतनपुर की अंकिता कमलसेन एवं सिंघरी की प्रतिभा कोशले ने स्वयं का रोजगार स्थापित करने शासन की योजना अंतर्गत लोन दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह एक शिक्षित महिला है और सिलाई कार्य जानती है। उन्हें सिलाई मशीन एवं अन्य सामग्री खरीदने रूपयों की आवश्यकता है। लीड बैंक मैनेजर को आवश्यक कार्यवाही करने कहा। मेण्ड्रा के सूरज सूर्यवंशी सहित ग्रामवासियों ने ग्राम मेण्ड्रा के वार्ड 4 एवं 5 में हो रही पेयजल की समस्या से अवगत कराया। पीएचई विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।        बेलतरा तहसील के बाम्हू निवासी परसराम ने जपदर्शन में आवेदन देकर बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, किन्तु दूसरे एवं तीसरे किश्त की राशि आज दिनांक तक नहीं मिलने के कारण उनके आवास का कार्य अधूरा है। उन्होंने शेष बची किश्त की राशि दिलाने की मांग की है। प्रकरण को बिल्हा के जनपद पंचायत सीईओ को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। ग्राम ऊनी की किरण वैष्णव ने बताया कि कुंआ की सफाई करने के दौरान उनके पति एवं पुत्र विद्युत तार की चपेट में आ गए जिससे उनकी मृत्यु हो गई। श्रीमती किरण ने इस संबंध में उचित मुआवजा राशि दिलाने गुहार लगाई गई।  विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा है। सिंद्यरी के दिनेश कुमार ने गांव के दूजराम के द्वारा किये गये अवैध कब्जे की शिकायत कलेक्टर से की है। उन्होंने बताया कि दूजराम द्वारा पक्का मकान बनाकर रास्ता अवरूद्ध कर बंद कर दिया गया है। रास्ता बाधित होने के कारण आवाजाही में उन्हें एवं ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मामले को संबंधित अधिकारी को सौंपते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

अब आसमान से देखिए बिहार: हेली टूरिज्म प्लान तैयार, 8 बड़े स्थलों को जोड़ा जाएगा

पटना. बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार अब ऐसी सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान ही नहीं, बल्कि बेहद तेज भी हो जाएगा। हेली टूरिज्म से बदलेगा यात्रा का अनुभव नागरिक उड्डयन विभाग की पहल पर बिहार में हेली टूरिज्म सेवा शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत राज्य के आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे लंबी और थकाऊ यात्राओं से राहत मिलेगी। इन प्रमुख स्थलों को जोड़ा जाएगा इस सेवा में बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर, पटना साहिब, पावापुरी, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल शामिल होंगे। सीनियर सिटिजन और विदेशी पर्यटकों को खास फायदा हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से इन जगहों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर सीनियर सिटिजन, विदेशी पर्यटकों और वीआईपी यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। 5 साल का होगा अनुबंध, बनेंगे नए हेलीपैड नागरिक उड्डयन विभाग ने इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित कर चुकी है। हेलीकॉप्टर ऑपरेटर कंपनी के साथ पांच वर्षों का अनुबंध किया जाएगा, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसके तहत हेलीपैड समेत अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। प्रत्येक हेलीकॉप्टर में 5-6 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एयर कनेक्टिविटी भी होगी मजबूत राज्य सरकार हवाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। माना जा रहा है कि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बिहार की पहचान अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत होगी। यह रोजगार के अवसर बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

कोर्ट की अहम टिप्पणी: AI आधारित जानकारी पर फैसले नहीं, पंजाब हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों से कहा है कि वे फैसले लिखने और कानूनी शोध करने के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी और कोपायलट जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग न करें । पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को सोमवार (6 अप्रैल, 2026) को उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार-जनरल द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने उनसे कहा है कि वे अपने अधीन कार्यरत न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दें कि वे निर्णय लिखने और कानूनी शोध के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट, मेटा इत्यादि सहित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग न करें। इन निर्देशों का उल्लंघन गंभीर रूप से देखा जाएगा। इससे पहले, गुजरात उच्च न्यायालय ने किसी भी प्रकार के निर्णय लेने, न्यायिक तर्क, आदेश तैयार करने, निर्णय तैयार करने, जमानत संबंधी सजा पर विचार करने या किसी भी महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर रोक लगा दी थी । शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को जिला न्यायिक न्यायाधीशों के एक सम्मेलन में अनावरण की गई गुजरात उच्च न्यायालय की एआई नीति के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग न्यायिक तर्क के प्रतिस्थापन के रूप में नहीं, बल्कि न्याय वितरण की गति और गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि चीफ जस्टिस ने विनती की है कि अपने अधीन काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों को यह आदेश दिया जाए कि वह फैसले लिखने और कानूनी खोज के लिए Chat GPT, Gemini, Copilot, Meta आदि सहित किसी भी AI टूल्स का इस्तेमाल न करें। इन आदेशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा।  

ईरान पर तेज हुए हमले: ट्रंप की डेडलाइन से पहले ही पुलों पर स्ट्राइक, जानें अब तक कहां-कहां बरपा कहर

ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की धमकी यानी डेडलाइन आज मंगलवार रात आठ बजे समाप्त होने वाली है लेकिन उससे पहले ही अमेरिकी और इजरायली फौजों ने ईरान के रेलवे स्टेशनों और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) ने कहा है कि उसने ईरान पर एक साथ कई जगहों पर हमले किए हैं। IDF के मुताबिक, ईरान के कोम शहर में कोम ब्रिज पर हमला किया गया है। इसके अलावा याह्याबाद रेलवे ब्रिज पर भी हमले किए गए हैं। ईरान के शहरियार में नागरिक ठिकानों पर भी हमले हुए हैं। इजरायल के इन हमलों में दो की मौत हुई है, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं। IDF ने कहा है कि उसने ईरान के काशान रेलवे ब्रिज को भी उड़ा दिया है। इसके अलावा कजविन में भी रेलवे पुल पर हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है। हमलों को देखते हुए ईरानी सरकार ने मशहद रेलवे स्टेशन बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, मेहर न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के ऑयल हब खार्ग द्वीप पर भी ताबड़तोड़ हवाई हमले किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, खार्ग पर एक के बाद एक हमले किए जा रहे हैं।   ईरान ने UAE पर मिसाइल दागे इन हमलों के जवाब में ईरान ने UAE पर मिसाइल दागे हैं। ईरान के सरकारी मीडिया ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक बयान की रिपोर्ट दी है, जिसमें कहा गया है कि अगर US ने आम नागरिकों से जुड़ी जगहों पर हमला किया, तो वे भी वैसा ही जवाब देने में जरा भी नहीं हिचकिचाएँगे। इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने भी सेट्रल इजरायल पर रॉकेटों की बौछार की है। इससे पेटाह टिकवा में एक इमारत ढह गई। इसके अलावा गिवत शमुएल में भी नागरिक ठिकानों को नुकसान पहुंचने की खबरें मिली हैं। ट्रंप की डेडलाइन हो रही खत्म बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी दी है कि यदि मंगलवार रात आठ बजे तक होर्मुज समुद्री मार्ग को नहीं खोला जाता है, तो ईरान को भारी बमबारी और भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि ईरान समय सीमा से पहले समुद्री परिवहन के लिए होर्मुज नहीं खोलता है, या कोई 'स्वीकार्य' समझौता नहीं करता है, तो वह 'एक ही रात में' उसे खत्म कर देंगे।  

BSP में टर्बाइन ब्लास्ट: 8 मजदूर जख्मी, पीछे के रास्ते से सुरक्षित निकाले गए कर्मचारी

दुर्ग. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट में आज आग लगने से मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना में 8 मजदूरों को चोटें आई है। घटना की सूचना पर आधा दर्जन से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची है। उच्च अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टर्बाइन में ब्लास्ट हुआ, फिर आग फैलती गई। इसकी चपेट में कुछ कर्मचारी आए हैं। पीछे के रास्ते से बीएसपी कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल सके। दो बीएसपी कर्मचारी और तीन ठेका श्रमिक को हल्की चोट आई है। एक बीएसपी कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हुआ है। घालयों का प्राथमिक उपचार मेन मेडिकल पोस्ट में करने के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। यहां एक्सरे, ईसीजी आदि किया जा रहा है। केबल के सहारे उतकर मजदूरों ने बचाई जान पीबीएस 2 में आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल सका है। आग की चपेट में 2 नियमित कर्मचारी और 8 ठेका मजदूर आए थे। चारों तरफ से आग ने घेर लिया था। किसी तरह जान बचाने के लिए ऊपर-नीचे भागते रहे, लेकिन रास्ता नहीं मिला। छत पर भी गए, लेकिन वहां धुआं से कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद केबल को खोलकर विंडो में बांधा गया। इसके सहारे सबको बारी-बारी से नीचे टीन शेड पर उतारा गया। इस तरह सबकी जान बच सकी। सेक्टर 9 हॉस्पिटल में चल रहा घायलों का इलाज केबल से हथेली रगड़ खाने से छिल गई है, जिससे कर्मचारी जख्मी हुए हैं। एक कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया है। घायलों का प्राथमिक उपचार मेन मेडिकल पोस्ट में करने के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल लाया गया है। घायलों में कीर्ति कुमार भगत, महेंद्र कुशवाहा, महेंद्र जायसवाल, वैभव, ओमेंद्र कुमार तिस्दा, सुशांत, मनीष, अवधेश और शिव मोहन त्रिपाठी शामिल हैं।

भाजपा विधायक संजय पाठक के लिए माफी नहीं, कोर्ट में होगी हाजिरी

जबलपुर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व जज विनय सराफ की युगलपीठ ने आपराधिक अवमानना केस की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से हलफनामा पेश किया गया, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी। कोर्ट ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया और आगे की सुनवाई के लिए व्यक्तिगत पेशी जरूरी बताई। फोन करने से शुरू हुआ विवाद कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित द्वारा दायर याचिका में उल्लेख किया गया था कि विधायक से संबंधित कंपनी के खिलाफ अवैध उत्खनन के मामले में न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने एक सितम्बर, 2025 को सुनवाई से इंकार कर दिया था। उन्होंने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती थी। निष्पक्षता के लिए जज हुए अलग न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने के निर्देश भी दिए थे। आपराधिक अवमानना का केस दर्ज याचिका में कहा गया कि विधायक का यह कृत्य न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। हाई कोर्ट ने दो अप्रैल को मामले का संज्ञान लेते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। मुकुल रोहतगी ने की पैरवी सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से देश के पूर्व अटार्नी जनरल और वरिष्ठ अधिवक्त मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक अवमानना में दंड तभी लागू होता है, जब गलती अक्षम्य हो या व्यक्ति उसे स्वीकार न करे।  

दतिया उपचुनाव पर सियासी माहौल गरम, हाईकोर्ट में सुनवाई 15 अप्रैल तक टली

दतिया उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज, हाईकोर्ट में सुनवाई टली प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पहुंचे डॉ मिश्रा के  निवास,बंद कमरे में की चर्चा भोपाल  दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा के खिलाफ दायर अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 15 अप्रैल निर्धारित की गई है। न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के उपरांत यह आदेश दिया। उल्लेखनीय है कि बैंक फ्रॉड मामले में राजेंद्र भारती को गत 2 अप्रैल को दिल्ली की एमपी/एमएलए कोर्ट ने तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधायकी समाप्त हो गई, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। सुनवाई टलने के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति, विशेषकर भोपाल में, हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर उनसे करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की। इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया विधानसभा सीट लंबे समय से डॉ. मिश्रा का मजबूत गढ़ रही है, जहां से वे तीन बार विधायक रह चुके हैं। हालांकि पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था। वर्तमान परिस्थितियों में सीट रिक्त होने के कारण उपचुनाव की स्थिति बन रही है, और ऐसे में डॉ. मिश्रा के फिर से मैदान में उतरने की संभावना प्रबल मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अब 15 अप्रैल की सुनवाई और उसके बाद के घटनाक्रम पर सबकी नजरें टिकी हैं, जो दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण: ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर पीएम मोदी से चर्चा

बस्तर में शांति के बाद विकास का नया चरण : ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से चर्चा प्रधानमंत्री से मुलाकात में नक्सलवाद समाप्ति पर आभार, बस्तर के समग्र विकास की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से भेंट कर बस्तर के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास के लिए तैयार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके संकल्प और मार्गदर्शन में 31 मार्च तक माओवाद के उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि अब बस्तर में शांति स्थापित होने के बाद राज्य सरकार का फोकस तेजी से विकास, रोजगार सृजन और जनजीवन को सशक्त बनाने पर है। इसके तहत बस्तर रोडमैप 2.0 में एग्रो एवं एग्रो-फॉरेस्ट सेक्टर, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, और पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। ‘नियद नेल्ला नार’ योजना की सफलता पर प्रधानमंत्री ने जताई प्रसन्नता मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बस्तर में अब तक किए गए विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज की रणनीति पर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना की और कहा कि इससे गंभीर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत किए गए कार्यों का नेशनल काउंसिल फॉर एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) द्वारा थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। सर्वे के अनुसार 93 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल उपलब्ध हैं, जहाँ 97 प्रतिशत बच्चों को मध्याह्न भोजन, गणवेश एवं पुस्तकें मिल रही हैं। 97 प्रतिशत गांवों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जबकि अधिकांश गांव आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जुड़े हैं और 89 प्रतिशत ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। मार्च 2026 तक राशन कार्ड एवं आधार कार्ड का संतृप्तिकरण 95 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। कनेक्टिविटी, आजीविका और सामाजिक सशक्तिकरण पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत ‘नियद नेल्ला नार योजना’ का विस्तार करते हुए अब इसमें 10 जिलों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें बस्तर के 7 जिलों के साथ गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना प्रारंभ की गई है, जो वर्तमान में बस्तर के 38 मार्गों पर संचालित है। साथ ही, बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों से क्षेत्र में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। नक्सल-मुक्त पंचायतों में एल्वद योजना के तहत एक करोड़ रुपए तक के विकास कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं, वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई के क्षेत्र में तेजी से विस्तार मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि दंतेवाड़ा एजुकेशन सिटी की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में भी एजुकेशन सिटी बनाई जा रही है। जगदलपुर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ हो चुका है तथा दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्र भी अब सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं।दंतेवाड़ा के गीदम में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज सहित 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिससे कृषि और जल प्रबंधन को मजबूती मिलेगी। आजीविका उन्नयन और आय वृद्धि पर केंद्रित रणनीति मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है, जिसे अगले तीन वर्षों में बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति माह तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आत्मनिर्भर आजीविका क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और हितग्राहियों को एनआरएलएम, सहकारी समितियों, एफपीओ एवं वनधन केंद्रों से जोड़ा जाएगा। साथ ही, ‘बस्तर मुन्ने’ नामक संतृप्तता शिविर कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में शिविर लगाकर लोगों को योजनाओं का लाभ और समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधानमंत्री को बस्तर आने का दिया न्यौता मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी  से विशेष स्नेह रखती है और प्रधानमंत्री का भी इस क्षेत्र के प्रति गहरा लगाव है। उन्होंने प्रधानमंत्री को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए रेल एवं सिंचाई परियोजनाओं के भूमिपूजन के लिए समय देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से हुई यह भेंट अत्यंत उपयोगी रही और उनके मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भविष्य की संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।