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आसनसोल में PM मोदी का बड़ा बयान: ‘TMC के पाप का घड़ा भर चुका है, अब डबल इंजन सरकार बनेगी बंगाल में’

आसनसोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए राज्य में एक ही दिन में तीन बड़ी रैलियां कर रहे हैं. चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद राज्य की पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा है. बीजेपी की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में पहली रैली की. इसके बाद पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल में पोलो ग्राउंड के आउटडोर स्टेडियम में दूसरी रैली को संबोधित किया. वहीं, बीरभूम जिले के सूरी शहर के चंदमारी मैदान में तीसरी जनसभा होगी।  बता दें कि विधानसभा चुनाव 2026 के तहत पश्चिम बंगाल में दो चरणों में वोटिंग होगी. पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होगी जबकि दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. बंगाल चुनाव से जुड़े लेटेस्ट अपडेट्स के लिए इस पेज को रीफ्रेश करते रहें।  पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि '4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा. हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी.' उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा हमला माना जा रहा है।  इसके साथ ही उन्होंने हाल के चर्चित मामलों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि टीएमसी सरकार कैसे दुष्कर्मियों के साथ खड़ी नजर आती है. उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक के मामलों में भी इजाफा हुआ है।  प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि 'बंगाल में घुसपैठ सबसे बड़ी समस्या है. घुसपैठिए यहां जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर लोगों को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जाती और कहीं-कहीं दुर्गा पूजा भी नहीं करने दी जाती।  उन्होंने इन सभी मुद्दों के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पहले हिंदू नरसंहार को लेकर चेतावनी संकेत दिए गए थे और अब वही काम टीएमसी कर रही है।  पलायन को मजबूर बंगाल को लोग: पीएम मोदी ने TMC पर किया वार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आसनसोल कोयला बेल्ट का बड़ा क्षेत्र है, फिर भी टीएमसी के राज में कोयला व्यापार पर सिंडिकेट का कब्जा हो गया है. कोयला ब्लैक मार्केटिंग, कोयला माफिया, रेत माफिया और जमीन माफिया – ये सभी इस पूरे इलाके पर भारी बोझ बन गए हैं. बंगाली लोग इनसे परेशान हैं. आसनसोल-दुर्गापुर का इलाका कभी पूरे देश का बड़ा औद्योगिक केंद्र था. यहां साइकिल से लेकर रेलवे कोच, कागज से लेकर स्टील, एल्यूमिनियम से लेकर ग्लास तक की फैक्टरियां थीं. देश के कोने-कोने से लोग यहां काम करने आते थे लेकिन आज स्थिति यह है कि युवाओं को मजबूरन घर छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।  बंगाल में अब बनेगी डबल इंजन की सरकार, आसनसोल में बोले मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पापों का घड़ा अब भर चुका है. बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन सरकार बनेगी. 4 मई के बाद बंगाल विकास के नए युग में प्रवेश करेगा. बंगाल के विकास के लिए TMC से मुक्ति जरूरी है।  पीएम मोदी बोले- बंगाल में परिवर्तन होने जा रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आसनसोल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल में बदलाव होने जा रहा है. बंगाल से जो आवाज उठ रही है, वह दूर तक जाएगी. यह आवाज दुर्गापुर, रानीगंज, साल्टोरा और रघुनाथपुर तक पहुंचेगी।  प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ठीक से लागू नहीं कर रही है टीएमसी: PM मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां भी भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां मछली उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है. भाजपा सरकार की नीतियों से बिहार में मछली उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है. आज बिहार मछली नहीं मंगवाता, बल्कि खुद दूसरों को मछली भेजता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में मछली और झींगे के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी का बड़ा कारण प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना है. लेकिन टीएमसी सरकार को इस योजना का "पीएम" वाला नाम पसंद नहीं है. मछुआरों के भले के लिए बनी योजना को टीएमसी ठीक से लागू नहीं कर रही है. प्रधानमंत्री ने बंगाल के मछुआरों से अपील की कि वे इस चुनाव में बदलाव लाएं, ताकि बंगाल में भी मछली उत्पादन बढ़े और मछुआरे खुशहाल जीवन जी सकें।  PM मोदी बोले- TMC ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने बंगाल के युवाओं के साथ जो कुछ किया है, वह अपना पाप अगले 100 साल में भी नहीं धो पाएगी. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, टीएमसी ने बंगाल के युवाओं के साथ गद्दारी की है. यहां निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और जो थोड़ी बहुत हैं, वे भी घुसपैठियों को दे दी गई हैं. सरकारी पदों को टीएमसी के मंत्री लूट रहे हैं।  TMC के राज में सिर्फ घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय में देश भर के लोग हल्दिया में काम करने आते थे. लेकिन आज हालात यह हैं कि खुद हल्दिया के युवा रोजगार की तलाश में अंडमान, ओडिशा और दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "टीएमसी सरकार के राज में सिर्फ घुसपैठियों  घुसपैठियों की फैक्ट्री फली-फूली है. टीएमसी सरकार फर्जी दस्तावेज बनाने और गाय तस्करी का काम कर रही है. टीएमसी की राजनीति डर पर टिकी हुई है।  पीएम मोदी जी ने आगे कहा कि पहले हल्दिया काम का केंद्र था, लेकिन टीएमसी शासन में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है. वे मजबूर होकर दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने जनसभा में लोगों से अपील की कि इस बार बंगाल को बदलने के लिए वोट दें ताकि युवाओं को अपने घर में ही रोजगार मिल सके और बंगाल फिर … Read more

लाडली बहना योजना: कब आएंगे 1500 रुपये? 35वीं किस्त का इंतजार कर रही लाडली बहनों के लिए बड़ी खबर

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक मजबूत आधार बन चुकी है. इस योजना के तहत राज्य की करोड़ों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे अपने घरेलू और व्यक्तिगत खर्च आसानी से संभाल पा रही हैं. अब लाभार्थी महिलाओं को योजना की 35वीं किस्त का इंतजार है, जिसे लेकर सरकार स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं।  कब आ सकती है 35वीं किस्त? हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं।  1.25 लाख बहनों के खातों में आएंगे 1500 रुपए बता दें कि हर महीने सीएम मोहन यादव अपने किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में लाडली बहना योजना की किस्त देने के साथ ही लाडलियों के साथ राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम का ऐलान कुछ दिन पहले ही कर देते हैं। लेकिन इस बार अभी तक सीएम मोहन यादव ने यह ऐलान नहीं किया है कि वह किस अप्रैल में Ladli Behna Yojana कि किस्त किस तारीख को खातों में ट्रांसफर करेंगे। न ही फिलहाल यह तय किया गया है कि लाडली बहनों के साथ संवाद का यह कार्यक्रम इस बार कौन सा गांव, तहसील, शहर बनेगा। जहां से सीएम मोहन यादव 1.25 लाख बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि भेजेंगे। हर महीने 10-15 के बीच आने लगी है लाडली बहना योजना की किस्त बता दें कि शुरुआती चरण में जहां लाडली बहना योजना की किस्त 5-7 तारीख के बीच आती थी, बाद में इसे बदलकर 5-10 तारीख कर दिया गया था। वहीं अब तीसरी बार जब लाडली बहना योजना की किस्त का समय बदला गया है, तो इसे बदलकर 10-15 के बीच कर दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि कल यानी शुक्रवार 10 अप्रैल से 15 अप्रैल बुधवार के बीच कभी भी Ladli Behna Yojana की किस्त जमा की जा सकती है। ई-केवाईसी नहीं तो खाते में नहीं आएंगे पैसे बता दें कि लाडली बहना योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने E-KYC को अनिवार्य किया है। अगर आप योजना का लाभ लेना चाहती हैं, तो आपको E-KYC करवाना होगा। अगर आपने अभी तक यह जरूरी काम नहीं करवाया है, तो ध्यान दें लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त का लाभ आपको नहीं मिलेगा। यानी अप्रैल माह की 35वीं किस्त के 1500 रुपए आपके खाते में नहीं आएंगे। कैसे कराएं E-KYC     E-KYC के लिए आप समग्र पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट samagra.gov.in पर जाएं     वेबसाइट पर e-KYC के ऑप्शन पर क्लिक करें     अब यहां अपनी समग्र ID और कैप्चा दर्ज करें     जैसे ही आप ID और कैप्चा दर्ज करती हैं आपके सामने पूरी जानकारी आ जाएगी     समग्र ID से जुड़ा मोबाइल नंबर आपकी स्क्रीन पर आ जाएगा     अब मोबाइल नंबर पर otp आएगा, इसे दर्ज करें और वेरिफिकेशन कर लें     इसके बाद आधार कार्ड की मदद से E-KYC प्रोसेस को पूरा करें अगर आपके पास नहीं है कहीं जाने का समय तो E-KYC के लिए यहां करें क्लिक- E-KYC महीना शुरू होते ही शुरू हो जाता है 1500 रुपए आने का इंतजार लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की पात्र भोपाल निवासी जमुना देवी का कहना है कि महीना शुरू होते ही उन्हें इंतजार होता है कि इस बार देखो सीएम कब हमें पैसे भेजेंगे। उनका कहना है कि सीएम जैसे ही पैसे भेजते हैं तो मन खुश हो जाता है, क्योंकि इस पैसे से मैं बच्चों की जरूरतें पूरी करती हूं। पोता-पोती हो जाते हैं खुश लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) का लाभ लेने वाली 56 वर्षीय हेमलता का कहना है कि जब उनके खाते में लाडली बहना योजना की किस्त आती है, तो वो खुद ही नहीं उनके पोता-पोती भी खुश हो जाते हैं। क्योंकि उन्हें पता होता है कि दादी अब हमें 10-10 रुपए पॉकेटमनी के देगी। वह बताती हैं कि बेटे की कमाई ज्यादा नहीं है, घर में 6 सदस्य हैं, ऐसे में इस राशि से मेरी दवाएं आ जाती हैं। सहारा तो तिनके का भी बहुत होता है।

कालाष्टमी 2026: 10 अप्रैल को है ‘काशी के कोतवाल’ का व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और प्रिय भोग

:कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव को समर्पित है, जिन्हें भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है. साल 2026 में यह पर्व 10 अप्रैल को मनाया जाएगा. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने से भय दूर होता है और जीवन की परेशानियां समाप्त हो जाती हैं. काल भैरव को “काशी का कोतवाल” भी कहा जाता है, जो अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं. कालाष्टमी 2026: शुभ मुहूर्त और समय हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत और समाप्ति का समय इस प्रकार है:     अष्टमी तिथि प्रारंभ: 9 अप्रैल 2026, रात्रि 09:19 बजे से     अष्टमी तिथि समाप्त: 10 अप्रैल 2026, रात्रि 11:15 बजे तक     मुख्य व्रत तिथि: उदय तिथि के अनुसार, मुख्य व्रत 10 अप्रैल 2026, शुक्रवार को रखा जाएगा. प्रिय भोग मान्यता है कि भगवान काल भैरव को इमरती, जलेबी, बाटी-चूरमा, तली हुई पापड़, बेसन के लड्डू और काले उड़द से बनी चीजें अत्यंत प्रिय हैं. इसलिए पूजा के लिए भोग में इन चीजों को अवश्य शामिल करें. इसके अलावा, इस दिन कच्चा दूध और मीठी रोटी का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है. शुभ रंग भगवान काल भैरव का संबंध शनि और राहु से भी माना जाता है. इसलिए उन्हें काला और नीला रंग पहनाना शुभ माना जाता है. प्रिय फूल काल भैरव को कनेर और आक के फूल चढ़ाना श्रेष्ठ माना गया है. इसके अलावा उन्हें नीले रंग के फूल जैसे अपराजिता भी अर्पित किए जा सकते हैं. पूजन विधि: ऐसे करें आराधना     स्नान और संकल्प: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान काल भैरव के व्रत का संकल्प लें.     स्थापना: चौकी पर काल भैरव की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.     अभिषेक: काल भैरव का पंचामृत या कच्चे दूध से अभिषेक करें.     दीपक: चौमुखी दीपक जलाएं, जिसमें सरसों का तेल प्रयोग करें.     पाठ और मंत्र: भगवान काल भैरव के मंत्र “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं” या “ॐ कालभैरवाय नमः” का जप करें. इस दिन काल भैरव अष्टक का पाठ करना विशेष फलदायी होता है.     कथा और चालीसा: भगवान काल भैरव की व्रत कथा और चालीसा का पाठ करें.     आरती: अंत में आरती कर पूजा पूर्ण करें. कालाष्टमी की पौराणिक कथा शिव पुराण के अनुसार, एक बार सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी और पालनकर्ता भगवान विष्णु के बीच यह बहस छिड़ गई कि उनमें सबसे महान कौन है. इस विवाद को सुलझाने के लिए महादेव एक अंतहीन ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए. दोनों के बीच यह शर्त रखी गई कि जो भी इस प्रकाश स्तंभ का आदि या अंत खोज लेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा. भगवान विष्णु ने वराह का रूप धारण कर पाताल की ओर जाकर सत्य स्वीकार किया कि इसका कोई अंत नहीं है. दूसरी ओर, ब्रह्मा जी हंस बनकर आकाश की ओर गए. अंत न मिलने पर भी उन्होंने छल करके दावा किया कि उन्होंने अंत देख लिया है और केतकी के पुष्प को भी झूठ बोलने के लिए राज़ी कर लिया. ब्रह्मा जी के इस अहंकार और असत्य को देखकर भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हो गए, और उनके क्रोध से भयंकर रूप वाले काल भैरव प्रकट हुए. काल भैरव ने अपने नाखून से ब्रह्मा जी का पांचवां मुख काट दिया, जिससे उन्होंने झूठ बोला था और शिव की निंदा की थी. चूंकि काल भैरव ने एक ब्राह्मण (ब्रह्मा जी) का सिर काटा था, इसलिए उन पर ‘ब्रह्महत्या’ का पाप लगा और वह कटा हुआ सिर उनके हाथ से चिपक गया. इस पाप से मुक्ति पाने के लिए वे तीनों लोकों में भटके, लेकिन अंततः जब वे काशी (वाराणसी) पहुंचे, तो वह सिर उनके हाथ से छूट गया और वे मुक्त हो गए. तभी से काल भैरव को ‘काशी का कोतवाल’ कहा जाता है, जिनके दर्शन के बिना काशी की यात्रा अधूरी मानी जाती है.

विश्व बैंक के सहयोग से हरियाणा बनेगा एआई का हब, गुरुग्राम और पंचकूला में स्थापित होंगे एडवांस्ड कंप्यूटिंग सेंटर

 चंडीगढ़  हरियाणा में प्रदेश सरकार एक लाख युवाओं को एआई का प्रशिक्षण दिलाएगी। इसके अलावा 100 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा की अध्यक्षता की। लगभग 474 करोड़ की महत्वाकांक्षी पहल को विश्व बैंक के वित्तीय सहयोग से पीपीपी माडल पर लागू किया जा रहा है। प्रोग्राम की प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है। कार्यक्रम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आगामी जून तक प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बैठक में बताया गया कि विश्व बैंक मिशन टीम ने छह एवं सात अप्रैल को पंचकूला में दौरा किया। इस दौरान विभिन्न विभागों से एआई के संभावित उपयोग मामलों की पहचान करने को कहा गया है। इसमें विभागों को अपने सुझाव प्रस्तुत करने हेतु 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद प्राथमिकता वाले उपयोग मामलों को अंतिम रूप दिया जाएगा। राज्य सरकार एआई इनोवेशन सैंडबाक्स स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, जो 'निवेश से पूर्व परीक्षण' प्लेटफार्म के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई समाधान की पहचान, सत्यापन एवं पायलट परीक्षण दिया जाएगा। यह सैंडबाक्स पूर्णतः विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो प्रमुख एआई केंद्र स्थापित करने की योजना है। पंचकूला में सा टेक्नोलाजी पावर आफ इंडिया के सहयोग से हरियाणा एडवांस्ड कंप्यूटिंग फैसिलिटी स्थापित की जाएगी। इसके अतिरिक्त गुरुग्राम में नासकोम के सहयोग से ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो स्टार्टअप इनक्यूबेशन एवं उद्योग सहयोग को बढ़ावा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम हरियाणा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।  

नायब सैनी कैबिनेट का बड़ा फैसला, न्यूनतम मजदूरी बढ़कर हुई ₹15,220 और राशन डिपो में महिलाओं को 33% कोटा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट की बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से संबंधित पदों में उनके कौशल का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। साथ ही उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों, जैसे कि फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर तथा माइनिंग गार्ड में वर्तमान 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं राज्य सरकार ने प्रदेश के श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपए प्रति माह करने का निर्णय लिया है। विधानसभा के बजट सत्र में उन्होंने घोषणा की थी कि एक्सपर्ट कमेटी ने अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाने की सिफारिश की है। रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन, एफ.ए.आर. बढ़ाकर किया 3.0 बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के अंतर्गत लाइसैंस प्रदान करके नियोजित रिटायरमेंट हाऊसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई। ऐसा वृद्धजनों की आबादी को ध्यान में रखते हुए हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टी.डी. आर.) नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, मंत्रिमंडल ने रिटायरमेंट हाऊसिंग कॉलोनियों के लिए अनुमत फ्लोर एरिया रेशियो (एफ.ए.आर.) में वृद्धि को मंजूरी दी है। टी.डी. आर. के माध्यम से अतिरिक्त एफ.ए. आर. को मौजूदा अनुमत एफ. ए. आर. 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है। राशन डिपो की दुकानों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आबंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान को मंजूरी दी। इनका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को इस प्रणाली में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करके समावेशिता और व्यापक भागीदारी को बढ़ावा देना भी है। उचित मूल्य की दुकान क लाइसैंस लेने के लिए 12वीं पास होना जरूरी उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों के लिए अब न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं, साथ ही कम्प्यूटर का बेसिक ज्ञान होना आवश्यक होगा। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है और आवेदकों के पास एक वैध परिवार पहचान पत्र होना तथा संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा। पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 की धारा 30 में संशोधन, पुराने कानूनों की जगह इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लागू हरियाणा में लागू पंजाब कोर्टस एक्ट, 1918 की धारा-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य पुराने कानूनों के रैफरेंस को अपडेट करके मौजूदा कानूनी उलझनों को दूर करना है। वर्तमान एक्ट के सैक्शन 30 में इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 और प्रोबेट एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट 1881 दोनों के स्थान पर इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लाया गया है। निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह से दिया जाएगा रास्ता बैठक में हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964 में संशोधन और निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह (सांझा भूमि) से होकर रास्ता देने की नीति को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा ग्राम सांझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 कहा जाएगा। यह नया रास्ता पंचायत के ही स्वामित्व में रहेगा और इसका उपयोग सभी लोग कर सकेंगे।

राजस्थान रॉयल्स की हैट्रिक जीत बनाम बेंगलुरु का विजय रथ; बरसापारा की बैटिंग पिच पर रनों की बरसात तय

गुवाहाटी राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु शुक्रवार, 10 अप्रैल को आईपीएल 2026 के एक हाई-वोल्टेज मुकाबले में आमने-सामने होंगे। लीग की दो सबसे बेहतरीन फॉर्म वाली टीमें गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भिड़ेंगी। यह 16वां मैच काफी रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों ही टीमों के पास विस्फोटक टॉप ऑर्डर है और टूर्नामेंट में उनका हालिया प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा है। राजस्थान रॉयल्स अपने शुरुआती तीन मैचों में से तीनों जीतकर पॉइंट्स टेबल में सबसे ऊपर है; इन जीतों में चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटन्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली जीतें शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर, रॉयल चैलेंजर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ लगातार दो जीत हासिल की हैं, जिससे उनकी निरंतरता और मैच को फिनिश करने की क्षमता में काफी सुधार देखने को मिला है। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम, गुवाहाटी पिच रिपोर्ट गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल 2026 में अब तक दो मैच खेले जा चुके हैं। पहले मैच में, रॉयल्स ने सुपर किंग्स के खिलाफ 128 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। दूसरे मैच में, रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 11-11 ओवर के मैच में 150/3 का स्कोर बनाया। जवाब में, मुंबई 123/9 पर ही रुक गई। फैंस राजस्थान और बेंगलुरु के बीच एक और हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद कर सकते हैं, क्योंकि दोनों ही टीमों में बाउंड्री लगाने वाले खिलाड़ियों की भरमार है। यहां की पिच बैटिंग के लिए अच्छी है, जहां खूब रन बनते हैं। ओस की वजह से टीमें अक्सर चेज करना पसंद करती हैं; स्कोर 185 से ऊपर भी जा सकता है। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है, लेकिन बाद में बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाता है। आरआर बनाम आरसीबी अनुमानित प्लेइंग इलेवन राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (सी), शिम्रोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर: रवि बिश्नोई रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: विराट कोहली, फिल साल्ट, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (सी), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह, जैकब डफी

बिहार के चार जिलों से गुजरेगा 610 किलोमीटर लंबा सिक्सलेन एक्सप्रेसवे, जानें क्यों चौथे फेज की मंजूरी में हुआ बदलाव

पटना    वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाना है. इस बीच खबर है कि इस एक्सप्रेसवे के चौथे पैकेज की मंजूरी को लेकर केंद्र ने नए सिरे से प्रस्ताव मांगा है. इस प्रस्ताव में सड़क निर्माण के साथ ही उसमें ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस की रेट सहित पूरी जानकारी भी मांगी गई है. क्यों नए सिरे से मांगा गया प्रस्ताव? जानकारी के मुताबिक, इसका मकसद सड़क निर्माण और उस पर आवागमन शुरू होने के बाद उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बेहतर मेंटेनेंस की व्यवस्था करना है. अब यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वाराणसी-रांची-कोलकाता के चौथे पैकेज को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन आर्थिक कार्य विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित पीपीपीएसी (पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप एप्रेजल कमेटी) की मंजूरी मिलेगी. चौथे फेज में किस जिले में बनेगी सड़क? सूत्रों के अनुसार, बिहार में वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेसवे के चौथे फेज की लंबाई 41 किलोमीटर है. इस फेज में यह सड़क रोहतास और कैमूर जिले से गुजरेगी. इसका निर्माण हाइब्रिड एन्यूटी मोड में किया जाना है. इसके तहत निर्माण एजेंसी को अपनी ओर से 60 प्रतिशत राशि खर्च करनी होगी. जबकि 40 प्रतिशत राशि सरकार खर्च करेगी. निर्माण एजेंसी टोल के रूप में अपनी लागत की वसूली करेगी. बिहार में एक्सप्रेसवे की लंबाई जानकारी के मुताबिक, बिहार में यह एक्सप्रेसवे करीब 159 किलोमीटर लंबाई में चार जिलों से होकर गुजरेगा. इसमें रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और गया शामिल हैं. फिलहाल बिहार में इस सड़क का निर्माण रोहतास जिले में हो रहा है. साथ ही कैमूर जिले में भी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है. टोटल 13 फेज में निर्माण होगा पूरा सूत्रों के अनुसार, वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण 13 फेज में होगा. इसकी पूरी लंबाई करीब 610 किलोमीटर है. सिक्सलेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा. साल 2027 तक इसके निर्माण का लक्ष्य है.

सावधान, क्या आपको भी आया है गैस कनेक्शन कटने का कॉल, पटना पुलिस ने जारी की बड़ी चेतावनी

पटना   अगर आपके पास भी गैस एजेंसी के नाम पर कोई कॉल आ रहा है, जिसमें आपकी रसोई गैस की सेवा बंद होने या KYC अपडेट न होने की धमकी दी जा रही है, तो ठहर जाइए. यह एक शातिर चाल है जो आपको पलक झपकते ही कंगाल बना सकती है. पटना में इन दिनों साइबर अपराधियों ने ‘गैस बुकिंग’ को ठगी का नया हथियार बना लिया है. आपकी गैस सेवा बंद हो जाएगी रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है. साइबर ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं. वे खुद को नामी गैस एजेंसियों का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करते हैं. ठग अक्सर कहते हैं, “आपका आधार कार्ड गैस कनेक्शन से लिंक नहीं है, इसलिए आपकी सब्सिडी रोक दी गई है और आज शाम तक आपका कनेक्शन काट दिया जाएगा. ” यह सुनते ही उपभोक्ता घबरा जाता है और ठगों के बताए निर्देशों का पालन करने लगता है. अपराधी ग्राहकों को एक संदिग्ध लिंक भेजते हैं या कोई अनजान ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं. जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपके फोन का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है. इसके बाद वे आपके फोन में आने वाले ओटीपी (OTP) को खुद ही पढ़ लेते हैं और आपके बैंक खाते से बड़ी रकम पार कर देते हैं. सतर्कता ही सुरक्षा है पटना साइबर थाने के डीएसपी नितिश चंद्र धारिया ने इस बढ़ते खतरे को देखते हुए नागरिकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं. पुलिस का कहना है कि कोई भी सरकारी या निजी गैस एजेंसी कभी भी फोन पर आपसे पिन या ओटीपी नहीं मांगती. गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही सहारा लें. अगर आपको केवाईसी अपडेट करना है, तो फोन के बजाय सीधे अपनी गैस एजेंसी के दफ्तर जाएं. किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए ‘रिमोट एक्सेस ऐप’ को भूलकर भी इंस्टॉल न करें. शिकायत कहां करें? यदि आप या आपका कोई परिचित इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो बिना समय गंवाए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. इसके साथ ही आप आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

घर की खिड़कियां भी बदल सकती हैं आपकी किस्मत, जानें किस दिशा में खिड़की होना लाता है सुख-समृद्धि

आमतौर पर घर की खिड़कियों को रोशनी और हवा आने का माध्यम माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में इन्हें सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश द्वार के रूप में भी देखा जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार खिड़कियों की दिशा, संख्या और उनकी स्थिति का सीधा प्रभाव घर के माहौल और वहां रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ता है। यदि इन बातों पर ध्यान न दिया जाए, तो आर्थिक दिक्कतें, मानसिक तनाव और रिश्तों में दूरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए खिड़कियों से जुड़े वास्तु नियमों को समझना और समय रहते सुधार करना बेहद जरूरी है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं। दिशा का महत्व वास्तु के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बड़ी खिड़कियां होना शुभ नहीं माना जाता। इससे घर की स्थिरता प्रभावित होती है और धन संचय में बाधा आ सकती है। ऐसी स्थिति में मोटे पर्दे या मजबूत फ्रेम का उपयोग करके इस प्रभाव को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, उत्तर और पूर्व दिशा में खिड़कियां होना अधिक लाभकारी माना गया है, क्योंकि इन दिशाओं से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। खिड़कियों की संख्या खिड़कियों की संख्या भी वास्तु में अहम मानी जाती है। आमतौर पर सम संख्या को शुभ माना जाता है, जबकि विषम संख्या असंतुलन पैदा कर सकती है। इसके अलावा, यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कुल संख्या का अंत शून्य पर न हो। यह छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसका विशेष महत्व बताया गया है। खुलने की दिशा अगर खिड़कियां बाहर की ओर खुलती हैं, तो इसे ऊर्जा के बाहर जाने का संकेत माना जाता है। इससे मेहनत का फल टिक नहीं पाता। बेहतर यही है कि खिड़कियां अंदर की ओर खुलें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो अंदर की ओर पर्दे या हरे पौधे लगाकर ऊर्जा के संतुलन को बनाए रखा जा सकता है।   खराब खिड़कियों को नजरअंदाज न करें टूटी हुई या आवाज करने वाली खिड़कियां घर में नकारात्मकता बढ़ा सकती हैं। इससे वातावरण भारी और असहज महसूस होता है। इसलिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराना जरूरी है। साफ और सही स्थिति में रखी गई खिड़कियां सकारात्मक माहौल बनाए रखने में मदद करती हैं।

JET एग्जाम डेट घोषित: 26 अप्रैल को परीक्षा, 22 अप्रैल से एडमिट कार्ड जारी

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग की झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 26 अप्रैल को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न एक बजे तक आयोजित होगी। आयोग ने बुधवार को परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया। इसके तहत तीन घंटे यह परीक्षा छह जिलों रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), हजारीबाग तथा देवघर में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र के पहले भाग में शिक्षण व शोध क्षमता से संबंधित 50 प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। इसी तरह, दूसरे भाग में संबंधित विषय से 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें भी प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। आयोग ने अभ्यर्थियों के लिए अनुदेश, प्रवेश पत्र से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाएं वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी है। अभ्यर्थियों को आवंटित जिलों की सूची 15 अप्रैल को आयोग के वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। प्रवेश पत्र 22 अप्रैल से वेबसाइट से डाउनलोड होगा प्रवेश पत्र भी 22 अप्रैल से वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकेगा। आयोग ने अभ्यर्थियों को निर्देशित किया है कि वेबसाइट से डाउनलोड किये गए प्रवेश पत्र, उपस्थिति पत्रक एवं आवेदन के समय दिये गए फोटो की दो स्वहस्ताक्षरित रंगीन फोटो तथा एक वैध फोटोयुक्त पहचान पत्र अपने परीक्षा केंद्र पर अवश्य साथ लाएं। अन्यथा परीक्षा में सम्मिलित होने नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर जांच के लिए बायोमेट्रिक तथा आइआरआइएस की व्यवस्था की गई है। परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन या अन्य कोई डिजिटल गजट रखने की अनुमति नहीं होगी। JSSC: आइटीआई प्रशिक्षण अधिकारी के लिए 10 चयनित झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने बुधवार को आइटीआई प्रशिक्षण अधिकारी पद के लिए आयोजित प्रतियोगिता का अतिरिक्त परिणाम जारी किया। इसके तहत कुल 10 अभ्यर्थियों का चयन इस पद के लिए किया गया है। विद्युत ट्रेड में पांच, फीटर में चार और रेफ्रीजरेशन एंड एयर कंडिशनर टेक्निशियन में एक अभ्यर्थी का चयन हुआ है। आयोग के अनुसार, कोटिवार अंतिम चयनित अभ्यर्थियों का प्राप्तांक एवं अभ्यर्थियों का अंक पत्र सभी पदों के सापेक्ष अंतिम परिणाम प्रकाशित करने के बाद वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। साथ ही अधियाचित शेष पदों के विरूद्ध परिणाम यथाशीघ्र प्रकाशित किया जाएगा। आयोग ने उन 21 अभ्यर्थियों की सूची भी कारण सहित जारी की जिनकी अभ्यर्थिता रद कर दी गई है।