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कोल्हान की संपदा पर पहला हक स्थानीय लोगों का, टाटा स्टील और खनिज कंपनियों के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी

  चाईबासा झारखंड के चाईबासा में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में कोल्हान क्षेत्र की दयनीय स्थिति और संसाधनों के दोहन पर गहरी चिंता जताई गई. बैठक में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब कोल्हान की दशा को एक नई दिशा दी जाए. ​ मुख्य अतिथि ने क्या कहा? बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कोल्हान रक्षा संघ के अध्यक्ष डीबार जोंकों ने कहा यह कितनी बड़ी विडंबना है कि टाटा स्टील जैसी कंपनियां जमशेदपुर को दुल्हन की तरह सजाने में लगी हैं, लेकिन जिस सारंडा और कोल्हान की कोख से वह लोहा निकलता है, वहां के लोग आज भी प्यासे हैं. हमारे पास न शुद्ध पीने का पानी है, न रहने को पक्का आवास और न चलने को सड़कें. आज भी यहां का युवा लकड़ी, दातुन और पत्ते बेचकर पेट भरने को मजबूर है. शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्थाएं कागजों तक सिमट कर रह गई हैं. बैठक में पेश किया आंकड़ा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, कोल्हान क्षेत्र झारखंड के लौह अयस्क उत्पादन का 70-80% हिस्सा प्रदान करता है. मात्र एक महीने में 18.72 लाख टन उत्पादन हुआ, जिसका मूल्य ₹585.89 करोड़ है. कोल्हान से होने वाले वार्षिक उत्खनन का मूल्य लगभग 7,000 रू से 7,500 रू करोड़ बैठता है. ​कोल्हान रक्षा संघ के सदस्य रविन्द्र मंडल ने इन आंकड़ों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा अगर सालाना 7,500 करोड़ रुपये का खनिज हमारे पैरों के नीचे से निकाला जा रहा है, तो यहां की जनता दर-दर की ठोकरें क्यों खा रही है? रॉयल्टी और DMF (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन) का पैसा कहां जा रहा है? कोल्हान की जनता अब मूकदर्शक बनी नहीं रहेगी. हमें विकास में हिस्सेदारी चाहिए, केवल आश्वासन नहीं. ​बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोल्हान के अधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा.  खनिज उत्खनन में लगी कंपनियों में 75% स्थानीय युवाओं को अनिवार्य रोजगार मिलना चाहिए.सारंडा के सुदूर गांवों तक पक्की सड़कें और शुद्ध पेयजल की तत्काल व्यवस्था होनी चाहिए. प्रभावित क्षेत्रों में अत्याधुनिक अस्पताल और तकनीकी शिक्षण संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए. जिसके लिये कोल्हान रक्षा संघ ग्रामीणों के हित के लिये उग्र आंदोलन करेगा.   इस संकल्प के साथ बैठक का समापन बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि कोल्हान की संपदा का लाभ सबसे पहले यहां के आदिवासियों और मूलवासियों को मिलना चाहिए. जब तक सारंडा के अंतिम व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचता, खनिज संपदा के इन आंकड़ों का जनता के लिए कोई मोल नहीं है. इस मौके पर महासचिव मानसिंह हेंब्रम, जय सिंह हेम्ब्रम, अधिवक्ता पूनम हेंब्रम, शिवनंदन किस्कू ,लक्ष्मण मंडल, सुमित्रा जोंको,रमेश केराई,हरीश लागुरी,बागुन केराई ,राजेन्द्र केराई,महती बोयपाई,विशाला बोयपाई ,डूरा केराई,रोया बोयपाई,मुर्गा केराई समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

पुराने नंबर प्लेट वाले सावधान, परिवहन मंत्री श्रवण कुमार का सख्त निर्देश, अब बिहार में अनिवार्य हुई हाई सिक्योरिटी प्लेट

पटना बिहार में बड़ी संख्या में वाहन अब भी पुरानी नंबर प्लेट के साथ चल रहे हैं. परिवहन विभाग के अनुसार, करीब 52 लाख गाड़ियों में अब तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है. परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया है कि साल 2019 से पहले रजिस्टर्ड सभी वाहनों में HSRP लगाना अनिवार्य है. इसके लिए वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है. कहां और कैसे लगवाएं HSRP वाहन मालिक अपने नजदीकी आथोराइज्ड डीलर या एजेंसी के पास जाकर HSRP लगवा सकते हैं. इसके अलावा, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) कार्यालय से संपर्क कर भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपना डेटा अपडेट कराएं और नियमों का पालन करें. नियम तोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना अगर तय समय सीमा के भीतर HSRP नहीं लगवाई गई, तो वाहन मालिकों पर सख्त कार्रवाई होगी.     मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 और 50 के तहत कार्रवाई     5,000 रुपया से 10,000 तक का जुर्माना मैसेज आने पर घबराएं नहीं अगर आपकी गाड़ी में पहले से HSRP लगी है, लेकिन फिर भी प्लेट बदलवाने का मैसेज आ रहा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. ऐसी स्थिति में संबंधित DTO कार्यालय जाकर सॉफ्टवेयर में डेटा अपडेट करवा लें. क्या है HSRP और क्यों है जरूरी? हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट एक खास तरह की एल्युमिनियम प्लेट होती है, जिसमें कई सुरक्षा फीचर्स होते हैं.     10 अंकों का यूनिक लेजर कोड     नीले रंग का अशोक चक्र होलोग्राम     छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल अपराध रोकने में मिलेगी मदद पहले साधारण नंबर प्लेट को आसानी से बदला जा सकता था, जिससे अपराधी नकली नंबर लगाकर वारदात को अंजाम देते थे. इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी वाहनों में HSRP अनिवार्य किया है. नए वाहनों में यह प्लेट पहले से लगी होती है, जबकि पुराने वाहनों में अब इसे अनिवार्य रूप से बदला जा रहा है. सरकार की सख्ती: अब कोई ढिलाई नहीं सरकार का साफ संदेश है- सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं. HSRP लगाने से न सिर्फ चोरी और अपराध पर लगाम लगेगी, बल्कि वाहन की पहचान भी सुरक्षित और ट्रैक करने योग्य हो जाएगी.

जेल से छूटते ही फिर शुरू किया नशे का काला खेल, गुमला पुलिस ने चर्चित होटल मालिकों को किया गिरफ्तार

 गुमला   झारखंड के गुमला जिले में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी और सफलता हाथ लगी है. देर रात गुमला और सिसई थाना क्षेत्र में पुलिस की स्पेशल टीम ने जब एक साथ कई होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट्स पर धावा बोला, तो अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिस भी सन्न रह गई. बाहर से खाने-पीने के ठिकाने दिखने वाले ये जगहें दरअसल नशे के काले कारोबार के अड्डे बन चुके थे. छापेमारी में नशा हुआ बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब डेढ़ किलो अफीम, तीन किलो गांजा और लगभग एक किलो कच्चा अफीम बरामद किया है. इस कार्रवाई में तीन बड़े नाम बलराम साहू, उमेश साहू और कमल सिंह को हिरासत में लिया गया है. ये तीनों कोई मामूली लोग नहीं, बल्कि इलाके के चर्चित होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट के मालिक बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से इस अवैध धंधे को पर्दे के पीछे से चला रहे थे. आरोपियों से पूछताछ पुलिस ने तीनों आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है. शुरुआती पूछताछ में ही कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. जिससे यह साफ हो गया है कि यह कोई छोटा-मोटा नेटवर्क नहीं, बल्कि नशे का एक संगठित और गहराई तक फैला सिंडिकेट है. पंजाब जेल से छूटकर आया है कमल गुमला और सिसई पुलिस को इनके पास से भारी मात्रा में नगद राशि भी मिली है, जिसे अवैध कारोबार की कमाई मानी जा रही है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हिरासत में लिया गया कमल सिंह पहले भी नशे के बड़े मामले में पकड़ा जा चुका है. पांच जुलाई 2024 को पंजाब के फाजिल्का जिले की पुलिस ने उसे 66 किलो अफीम के साथ उसके ही रेस्टोरेंट से गिरफ्तार किया था. उस वक्त वह लंबे समय तक जेल में रहा और हाल ही में बाहर आया था. लेकिन जेल से निकलते ही उसने फिर उसी पुराने रास्ते को चुन लिया. पुलिस ने एक ब्रेजा गाड़ी भी जब्त की है. जिसे गुमला थाना में रखा गया है. शराब के बाद अफीम का कारोबार बलराम साहू का नाम भी पहले से अपराध की दुनिया में चर्चित रहा है. हाल ही में उसे अवैध शराब के कारोबार में पकड़ा गया था और जेल भेजा गया था. अब एक बार फिर उसका नाम नशे के बड़े नेटवर्क में सामने आना यह साबित करता है कि जिले में नशे के कारोबारियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से मिले सुरागों के आधार पर आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. कई अन्य नाम भी जांच के दायरे में हैं और गिरफ्तारियां होने की संभावना है. फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है.

‘दयाबेन’ के सिर से उठा पिता का साया, दिग्गज अभिनेता भीम वकानी के निधन से शोक में डूबा टीवी जगत

दिग्गज एक्टर और रंगमंच कलाकार भीम वकानी का 7 अप्रैल को निधन हो गया। पूरा टीवी जगत उनके निधन से शोक में डूबा हुआ है। वे 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के कलाकारों दिशा वकानी और मयूर वकानी के पिता थे। उनके निधन से उनके परिवार और दोस्तों को गहरा सदमा लगा है, जो अभी भी इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी मृत्यु का सटीक कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच, अंतिम संस्कार के कई वीडियोज सामने आए हैं जिनमें दिशा और मयूर वकानी अपने पिता के निधन से पूरी तरह टूट गए हैं और फूटकर रो रहे हैं। खबरों के अनुसार, भीम वकानी कुछ समय से बीमार थे। दिशा वकानी और उनका परिवार इस समय शोक में डूबा हुआ है और इस कठिन समय में उन्होंने अपनी निजी संवेदनाएं व्यक्त न करने का फैसला किया है। टेलीविजन जगत के कई लोगों ने वकानी परिवार को अपनी संवेदनाएं भेजी हैं। भीम वकानी का अंतिम संस्कार हाल ही में संपन्न हुआ, जहां दिशा और मयूर अपने पिता को अंतिम विदाई देते नजर आए। पिता के अंतिम संस्कार में टूटीं दयाबेन अंतिम संस्कार के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियोज में दिशा वकानी अपने पिता को अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए भावुक होती नजर आ रही हैं। अंतिम संस्कार के दौरान उनकी आंखों में आंसू साफ दिख रहे थे। उन्होंने अपना चेहरा मास्क से ढका और सिर पर दुपट्टा ओढ़ा हुआ था। वीडियो में वह अपने रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों के साथ दिख रही हैं। दिशा काफी दुखी लग रही हैं और अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश करती नजर आ रही हैं। उनके भाई मयूर भी पूरी तरह टूट गए हैं। दिशा वकानी और मयूर वकानी का करियर बनाया दिशा वकानी ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को गोपनीय रखा है, अपने पिता के बेहद करीब थीं। वह बचपन से ही अपने पिता के थिएटर ग्रुप में उनके साथ काम करती रही हैं। उनके मार्गदर्शन में दिशा और उनके भाई मयूर दोनों ने अभिनय की बारीकियां सीखीं। भीम वकानी दिशा के सबसे बड़े समर्थक थे और उन्होंने ही उन्हें मनोरंजन जगत में आने के लिए प्रेरित किया था। हमारे एक इंटरव्यू में मयूर ने बताया था कि दिशा ने 5 साल की उम्र में अपना पहला नाटक किया था, जिसमें उन्होंने 90 साल की एक बुजुर्ग महिला का किरदार निभाया था। कौन हैं भीम वकानी? गुजराती थिएटर में एक बड़ा चेहरा होने के साथ-साथ, इस अनुभवी एक्टर ने कई लोकप्रिय बॉलीवुड फिल्मों में सपोर्टिंग रोल्स भी किए। भीम वकानी को कई फिल्मों में सहायक भूमिकाओं के लिए जाना जाता था। उनका लंबा करियर रहा और उन्हें 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के एक एपिसोड में भी देखा गया। टेलीविजन के अलावा, भीम वकानी ने 'हम दिल दे चुके सनम' और 'लगान' जैसी कई बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने शाहरुख खान, माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय की 'देवदास' में भी अभिनय किया था।  

नासिक में IT कंपनी का शर्मनाक कांड: HR हेड पर आरोप, 6 गिरफ्तार, 4 साल से चल रहा था रेप और धर्मांतरण का खेल

नासिक  महाराष्ट्र के नासिक में एक बड़ी आईटी कंपनी में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, रेप और जबरन धर्मांतरण का गंभीर मामला सामने आया है. नासिक पुलिस ने इस मामले में छह टीम लीडर को गिरफ्तार कर लिया है. सभी छह आरोपी अलग-अलग आरोपों में गिरफ्तार किए गए हैं. इनमें से एक टीम लीडर पर रेप का आरोप है, जबकि बाकी पर महिला सहकर्मियों से छेड़छाड़ और दफ्तर में धार्मिक भावनाओं से जुड़ी अपमानजनक बातें करने के आरोप लगे है।  रिपोर्ट के मुताबिक संदिग्ध आरोपी तैसिफ अत्तार, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन पर एक हिंदू युवक को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की शिकायत दर्ज करवाई गई है. कंपनी में हिंदू युवक को दोपहर के समय नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किए जाने का भी आरोप है. इसके अलावा, शिकायत में यह भी उल्लेख कि युवक को जबरन बीफ खिलाया गया. उसी युवक के धर्म परिवर्तन के बाद की तस्वीरें सामने आईं।  चार सालों से चल रहा था गंदा खेल पुलिस के अनुसार ये घटनाएं पिछले चार सालों के दौरान अलग-अलग समय पर हुईं. पीड़ित महिलाओं ने कंपनी के एचआर हेड को पॉश यानी प्रीवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट के नियमों के तहत लिखित शिकायत की थी. लेकिन एचआर हेड ने कोई कार्रवाई नहीं की. बल्कि एक पीड़िता के अनुसार जब उसने सेक्सुअल हैरासमेंट की जानकारी दी तो एचआर हेड ने कहा कि यह सब एमएनसी में नॉर्मल है, शांत रहो।  पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने एचआर हेड के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है. पुलिस को शक है कि इस मामले में कई और पीड़ित महिलाएं भी हो सकती हैं, जो अभी सामने नहीं आई हैं. जांच टीम सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है. अभी तक पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में कुल नौ एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से आठ महिलाओं की शिकायतों पर आधारित हैं. इनमें यौन अपराधों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।  कंपनी में करीब 300 कर्मचारी काम करते हैं और गिरफ्तार किए गए ज्यादातर आरोपी टीम लीडर के पद पर थे. पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पोजिशन का दुरुपयोग कर महिलाओं को परेशान कर रहे थे. नासिक पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई तक जांच जारी है. अगर अन्य पीड़ित सामने आती हैं तो एफआईआर की संख्या और बढ़ सकती है। 

AI की ओर कदम: हरियाणा विधानसभा होगी डिजिटल, पंचकूला में होगा टेक्निकल प्रशिक्षण

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा में अब विधायी कार्यों में भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए सभी प्रथम और द्वितीय श्रेणी अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के पंचकूला स्थित केंद्र में वीरवार को दो दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण शुरू होगा। यह क्षमता निर्माण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला व हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के प्रयासों के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्रतिदिन लगभग चार घंटे की अवधि का होगा, जिसमें दो बैच बनाए गए हैं। पहला बैच सुबह 9:15 बजे और दूसरा बैच दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगा। सभी प्रतिभागियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रथम बैच के लिए सुबह 9:00 बजे तथा द्वितीय बैच के लिए दोपहर 1:00 बजे निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। इस प्रशिक्षण का निर्णय हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण तथा हिपा महानिदेशक मनोज यादव की मंगलवार को हुई बैठक में लिया गया। सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रशिक्षण अवधि के दौरान बिना किसी अत्यावश्यक कारण के अवकाश न लें, क्योंकि यह प्रशिक्षण अनिवार्य है।  

मेष संक्रांति पर ‘वैधृति योग’ का साया, 14 मई तक इन 3 राशियों पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा

 हिंदू कैलेंडर के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे मेष संक्रांति कहा जाता है. इस बार की संक्रांति खुशियों से ज्यादा चेतावनी लेकर आ रही है. ज्योतिष गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से वैधृति योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत अशुभ माना गया है. यह योग 14 मई तक बना रहेगा. यह योग अचानक होने वाली घटनाओं, विवादों और आर्थिक नुकसान का कारक बनता है. आइए जानते हैं किन 3 राशियों को इस दौरान सबसे ज्यादा संभलकर रहने की जरूरत है. इन 3 राशियों पर मंडरा रहा है खतरा 1. मेष राशि (Aries) सूर्य आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं, अशुभ योग का असर सबसे ज्यादा आप पर दिखेगा. आर्थिक निवेश से बचें, भारी धन हानि के संकेत हैं.  मानसिक तनाव, सिरदर्द और अनिद्रा जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. वाणी पर संयम रखें, वरना अपनों से विवाद हो सकता है. 2. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा लेने वाला होगा. पैसों के लेन-देन और शॉर्टकट से कमाई करने के चक्कर में न पड़ें. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से अनबन हो सकती है. वाहन चलाते समय सावधानी बरतें, चोट या दुर्घटना का योग बन रहा है. 3. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों को करियर और पारिवारिक मोर्चे पर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. प्रोफेशनल लाइफ में तालमेल की कमी रहेगी. नई योजनाओं को फिलहाल टाल दें.  माता-पिता के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं. दूसरों की सलाह को अनसुना करना आपकी सामाजिक छवि बिगाड़ सकता है. वैधृति योग के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय अगर आपकी राशि ऊपर दी गई लिस्ट में है, तो घबराएं नहीं.  ज्योतिष शास्त्र में कुछ सरल उपाय बताए गए हैं जो इस नकारात्मकता को कम कर सकते हैं. शिवलिंग अभिषेक: मंदिर जाकर महादेव का दूध या गंगाजल से अभिषेक करें. मंत्र जाप: 'ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें. हनुमान चालीसा: मंगलवार का दिन होने के कारण हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी रहेगा. रुद्राक्ष: मानसिक शांति के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना भी शुभ माना जाता है.

मौसम का बदला मिजाज: पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, तापमान 7 डिग्री तक बढ़ेगा

चंडीगढ़. पंजाब के मौसम को लेकर अहम खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अब 14 अप्रैल तक मौसम साफ रहने के आसार हैं और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विभाग की ओर से 14 अप्रैल तक राज्य में बारिश या आंधी-तूफान को लेकर किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के निदेशक सुरिंदर पाल के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा। अगले 24 घंटों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले 4 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल तापमान सामान्य से करीब 7.2 डिग्री कम चल रहा है। होशियारपुर में अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 22 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार  मौसम विभाग के अनुसार आज राज्य के 22 जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें पठानकोट, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली शामिल हैं। इसके अलावा अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला समेत कई अन्य जिलों में भी छिटपुट बारिश की संभावना है, लेकिन इसके बाद राज्य में मौसम के फिर से शुष्क रहने के आसार हैं।

शक्तिमान vs समय रैना, मुकेश खन्ना का तीखा पलटवार, कहा- ‘इसका मुंह काला कर गधे पर बैठाना चाहिए’

‘इंडियॉज गॉट लेटेंट’ विवाद के 14 महीने बाद समय रैना ने धमाकेदार कमबैक किया. ‘स्टिल अलाइव’ वीडियो में समय रैना ने महीनों की भड़ास निकाली. उन्होंने एक्टर, कॉमेडियन और यूट्यूबर सभी पर तंज कसा. समय रैना ने मुकेश खन्ना पर कटाक्ष करते हुए कई सारी बातें बोलीं. अब टीवी के शक्तिमान ने भी उन पर पलटवार किया है. जानते हैं कि मुकेश खन्ना ने कॉमेयिन के लिए क्या कहा. समय रैना पर भड़का 'शक्तिमान' कॉमेडियन-यूट्यूबर समय रैना के कमेंट के बाद मुकेश खन्ना ने इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर की है. उन्होंने समय के लिए लिखा कि समय रैना तू गधे पर बैठने के लायक है. वो भी मुंह काला करके. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि कुत्ते की दुम टेढ़ी रहती है. उसे लाख शीशियों में रखो, बाहर निकालो, फिर टेढ़ी की टेढ़ी. समय रैना की भी एक दुम है. कितना भी मारो. सीधा करो. वो वापस टेढ़ी हो जाती है. क्योंकि वो सीधा सादा प्राणी नहीं है. वो रोस्टेड प्राणी है. आगे उन्होंने लिखा कि गंदगी की आग में जलाया हुआ. पकाया हुआ. पूरे देश ने लताड़ा, मारा. फिर आ गया बेशर्मों की तरह और मार खाने. अब एक ही चीज बाकी है. उसका मुंह काला कर गधे पर बिठा कर देश भर के शहरों में, गालियों में उसकी परेड करनी चाहिए.  जहां बच्चे उसको अंडे, टमाटर मारें. क्योंकि उसने उनके सुपर हीरो शक्तिमान का अपमान किया है. क्या है मामला? इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद के वक्त सुनील पाल, बी प्राक और मुकेश खन्ना जैसे तमाम लोगों ने समय को घेरा था. उन्होंने कहा था कि समय देश के युवाओं को बिगाड़ रहे हैं. जब समय ने कमबैक किया, तो इन सारे लोगों को आड़े हाथ लिया. समय ने शक्तिमान पर तंज कसते हुए कहा कि उस वक्त सब आ गए थे. शक्तिमान आ गया था, शक्तिमान? अब शक्तिमान से भला कौन लड़ेगा? सॉरी शक्तिमान. वो कह रहा था- ऐसे कंटेंट का बच्चों पर क्या असर होगा. मैं नहीं जानता आपने कितना शक्तिमान देखा. तब न्यूज आती थी कोई बच्चा शक्तिमान देखकर कूद गया. तूने बच्चे मारे हैं भाई, तू क्या बोल रहा है मुझे.  

बच्चों का चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है — डॉ. वर्णिका शर्मा

 बच्चों का चरित्र निर्माण ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है — डॉ. वर्णिका शर्मा  रायपुर आज दिनांक 08 अप्रैल 2026 को महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा “मोर मयारू गुरुजी” कार्यक्रम कॉलेज के अनुरोध पर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 1:00 बजे तक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों को सही दिशा देना तथा उनका उत्तम चरित्र निर्माण करना एक शिक्षक का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को इस कार्य को यज्ञ मानकर करना चाहिए, क्योंकि राष्ट्र का भविष्य शिक्षकों द्वारा गढ़े गए बच्चों के चरित्र पर ही निर्भर करता है। इस अवसर पर आयोग के  सचिव श्री प्रतीक खरे ने प्रतिभागियों को बच्चों के अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभिन्न गतिविधियों, फिल्मों, पावर पॉइंट प्रस्तुति, रोचक कहानियों एवं संवाद के माध्यम से उन्होंने समझाया कि बच्चे 80 प्रतिशत बातें अवलोकन से तथा 20 प्रतिशत बातें पढ़ने या सुनने से सीखते हैं। अतः शिक्षकों का व्यवहार बच्चों के समक्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य Dr. Jasmine Joshi, उपप्राचार्य Dr Sweta  Tiwari, वहां के बी.एड. संकाय के विभागाध्यक्ष वहां के शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि सरकार सहित समस्त फैकल्टी सदस्य एवं बी.एड./डी.एड. के लगभग 125 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन उपरांत प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी एवं रोचक बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। आयोग द्वारा इस प्रकार के आयोजन हेतु कॉलेज का आभार व्यक्त किया गया। वहीं, महाराणा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज परिवार ने आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त की कि उन्होंने अपने व्यस्त समय से समय निकालकर कार्यक्रम को सफल बनाया।