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सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोसले के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त किया शोक

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आशा भोसले के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अपनी मधुर, विलक्षण और हृदयस्पर्शी आवाज़ से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया और करोड़ों हृदयों में अमिट स्थान बनाया। उनका यह अद्वितीय योगदान युगों-युगों तक अमर रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने माँ वीणापाणि सरस्वती से प्रार्थना की है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों और उनके असंख्य प्रशंसकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

मीडिया आमंत्रण- बजट क्वेस्ट राष्टीय चरण में सम्मिलित होने के संबंध में

रायपुर  माय भारत छत्तीसगढ़,युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा बजट क्वेस्ट के राष्टीय चरण के प्रथम दिवस के अंतगर्त दिनांक 12/04/2026 को  मॉक पार्लियामेंट का आयोजन राजीव गांधी राष्टीय भूजल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित किया जाएगा जिमसें महिला प्रतिभागी शामिल होंगे। बजट क्वेस्ट कार्यक्रम छत्तीसगढ़ से 30,000 में से चयनित 150 युवती महिला आरक्षण बिल पर मॉक पार्लियामेंट मे भाग ले रही है।  मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि वे आज 12/04/2026 को अपरान्ह 02:00 बजे प्रस्तुत होकर युवाओं के विचार को आम जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।  धन्यवाद!!

13 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 पर प्रेस कांफ्रेंस, प्रमुख अधिकारी करेंगे जानकारी साझा

रायपुर  जनगणना 2027 के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगवा एवं जनगणना कार्य निदेशक छत्तीसगढ, नागरिक पंजीकरण निदेशक छत्तीसगढ़ कार्तिकेय गोयल दिनांक 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) को दोपहर 12:00 बजे सिविल लाइन सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे । इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आप सादर आमंत्रित हैं । दिनांक: 13 अप्रैल 2026 स्थान: पुराना सर्किट हाऊस के सभाकक्ष में समय: दोपहर 12 बजे

मुंबई को हराकर आरसीबी ने 18 रनों से जीती मैच, रजत की शानदार फिफ्टी

मुंबई  आईपीएल 2026 का 20वां मैच रविवार को मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच खेला गया. इस मैच में आरसीबी ने 18 रनों से जीत हासिल की. ये मैच मुंबई के वानखेड़े मैदान पर हुआ. जहां टॉस जीतकर मुंबई ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. आरसीबी ने रजत पाटीदार, कोहली और साल्ट की फिफ्टी के दम पर 240 रन बनाए थे. लेकिन इसके जवाब में मुंबई की टीम 222 रन ही बना सकी. ऐसे रही मुंबई की बैटिंग 241 रनों के जवाब में उतरी मुंबई की पारी का आगाज रोहित शर्मा और रिकेल्टन ने किया. दोनों ने 72 रन जोड़े. लेकिन इससे पहले रोहित शर्मा रिटायर्ड आउट हो गए. वहीं, रिकेल्टन 37 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद तिलक 1 रन बनाकर आउट हुए. 13वें ओवर में सूर्या 33 रन बनाकर आउट हो गए.  इसके बाद हार्दिक पंड्या ने मोर्चा संभाला और 22 गेंद में 40 रनों की पारी खेली. इसके बाद रदरफोर्ड ने 31 गेंदों में 71 रनों की नाबाद पारी खेली. लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके. मुंबई ने आरसीबी के 240 रनों के जवाब में मुंबई 5 विकेट खोकर 222 रन बनाए.  ऐसे रही आरसीबी की बैटिंग पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी आरसीबी की पारी का आगाज विराट कोहली और फिल साल्ट ने किया. दोनों ने पहली ही गेंद से आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और पावरप्ले यानी की 6 ओवर में बिना विकेट गंवाए 71 रन जड़ दिए. लेकिन इसके बाद भी दोनों नही रुके और 10 ओवर में 115 रन ठोक दिए. आरसीबी को पहला झटका 11वें ओवर में लगा जब शार्दुल ठाकुर ने फिल साल्ट का विकेट झटका. साल्ट ने 36 गेंदों में 78 रन बनाए. लेकिन इसके बाद रजत पाटीदार ने तूफानी बल्लेबाजी की. इसके बाद रजत पाटीदार ने 20 गेंदों में 53 रनों की आतिशी पारी खेली और विराट कोहली ने 38 गेंदों में 50 रन बनाए. इसके दम पर आरसीबी ने मुंबई इंडियंस के सामने 4 विकेट खोकर 240 रन बना दिए. मुंबई इंडियंस (प्लेइंग इलेवन): रोहित शर्मा, रेयान रिकेलटन, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, ट्रेंट बोल्ट, मयंक मारकंडे, जसप्रीत बुमराह. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (प्लेइंग इलेवन): फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा, रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, सुयश शर्मा.

राज्य सरकार अम्बेडकर के मार्ग पर चलने के लिए कटिबद्ध: उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल. उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि केंद्र एवं राज्य सरकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के आदर्शो पर चलते हुए वंचित समुदाय को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मल्हार स्मृति मंदिर, देवास में “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” अंतर्गत हितग्राही सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे । उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले। गांव-गांव, घर-घर संपर्क किया जाएगा । यदि कोई पात्र व्यक्ति वंचित रह गया हो तो उनकी सूची तैयार कर लाभ दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल लाने के लिए विशेष सत्र बुलाया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देवास जिले ने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में सराहनीय कार्य किया है. बाबा साहेब के योगदान का स्मरण उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने गरीब, शोषित एवं कमजोर वर्ग के लिए संघर्ष किया। उनका जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ। प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने समरसता एवं समानता का संदेश दिया तथा संविधान निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने “नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा” के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। साथ ही पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को लाभ वितरित किया गया। सफाई मित्रों को शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक देवास श्रीमती गायत्रीराजे पवार, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, अन्य जन प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

देशभर में एलपीजी सप्लाई पर सख्ती, 990 FIR और 1.2 लाख छापेमारी से हड़कंप

नई दिल्ली  देशभर में एलपीजी की निष्पक्ष आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। कंपनी ने जानकारी दी कि अब तक 10,600 से अधिक निरीक्षण किए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों व एजेंसियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। इनमें कारण बताओ नोटिस जारी करना और सस्पेंशन जैसी कार्रवाई शामिल है। कंपनी ने यह भी बताया कि राज्य सरकारों के साथ मिलकर देशभर में 1.2 लाख से अधिक छापेमारी की गई है और 990 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं, ताकि एलपीजी की निष्पक्ष वितरण व्यवस्था बनी रहे। इंडियनऑयल ने कहा कि इंडेन गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे सेवा मानकों को बनाए रखते हुए हर सही उपभोक्ता तक गैस पहुंच सके। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता     इंडियन ऑयल ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।     कंपनी का फोकस पारदर्शिता, दक्षता और बिना रुकावट वितरण सुनिश्चित करने पर है।     डायवर्जन, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और सख्त प्रवर्तन उपाय लागू किए गए हैं। कितने सिलेंडरों की डिलीवरी और बिक्री?     सरकार के अनुसार 10 अप्रैल को देशभर में 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।     इसी दिन लगभग 1 लाख 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर भी बेचे गए, जबकि फरवरी 2026 में इनकी औसत दैनिक बिक्री करीब 77,000 थी।     सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पिछले 8 दिनों में करीब 2,900 जागरूकता शिविर लगाए, जिनमें 29,000 से अधिक 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर बेचे गए।     पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि 23 मार्च 2026 से अब तक 12 लाख से ज्यादा 5-किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर छात्रों और प्रवासी मजदूरों जैसे कमजोर वर्गों को उपलब्ध कराए गए हैं।     इन सिलेंडरों को राज्य सरकारों के पास रखा जाएगा ताकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) की मदद से इन्हें खास तौर पर प्रवासी मजदूरों तक पहुंचाया जा सके। मंत्रालय ने की लोगों से अपील मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक सोर्स पर भरोसा करें। उपभोक्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से गैस बुक करने और डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही पीएनजी, बिजली या इंडक्शन जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग और ऊर्जा बचत पर भी जोर दिया गया है।  

HDFC बैंक और ICICI बैंक बने सबसे बड़े गेनर, रिलायंस और इंफोसिस को नुकसान

नई दिल्ल भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह आई जबरदस्त तेजी के बीच देश की सबसे मूल्यवान टॉप-10 कंपनियों में से 8 के मार्केट कैप में कुल 4,13,003.23 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। इस दौरान HDFC बैंक और ICICI बैंक सबसे बड़े मुनाफे वाले शेयर बनकर उभरे। वहीं रिलायंस और इंफोसिस कंपनियां नुकसान में रहीं। पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 4,230.7 अंक (5.77%) और निफ्टी 1,337.5 अंक (5.88%) की भारी बढ़त के साथ बंद हुए थे। एक्सपर्ट के मुताबिक बाजार में तेजी इन दो प्रमुख कारणों से आई:     अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को सकारात्मक बनाया।     अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आने से घरेलू चिंताओं में कमी आई और बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। किन कंपनियों को हुआ फायदा?     HDFC बैंक: सबसे ज्यादा 91,282.67 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। अब इसका कुल मार्केट कैप 12,47,478.57 करोड़ रुपये हो गया है।     ICICI बैंक: इसकी वैल्युएशन 76,036.36 करोड़ रुपये बढ़कर 9,46,741.85 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।     Bajaj Finance: मार्केट कैप 60,980.35 करोड़ रुपये बढ़ा। अब यह कुल 5,75,206.47 करोड़ रुपये हो गया है।     Larsen & Toubro (L&T): बाजार पूंजीकरण में 47,624.97 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई और यह 5,44,736.59 करोड़ रुपये हो गया।     Bharti Airtel: कंपनी की वैल्युएशन में 45,873.43 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। अब यह बढ़कर 10,66,293.69 करोड़ रुपये हो गया है।     State Bank of India (SBI): इसका मार्केट कैप 43,614.67 करोड़ रुपये बढ़कर 9,84,629.98 करोड़ रुपये हो गया।     TCS: मार्केट कैप 26,303.49 करोड़ रुपये बढ़ा। इसी के साथ यह 9,13,331.92 करोड़ रुपये हो गया है।     Hindustan Unilever (HUL): इसकी वैल्युएशन 21,287.29 करोड़ रुपये बढ़कर 5,06,477.89 करोड़ रुपये हो गई है। इन्हें हुआ नुकसान बाजार की इस रैली के बावजूद दो दिग्गज कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट दर्ज की गई:     Infosys: इसका मार्केट कैप 3,285.03 करोड़ रुपये घटकर 5,24,124.40 करोड़ रुपये रह गया।     Reliance Industries : देश की सबसे मूल्यवान कंपनी के मार्केट कैप में 947.28 करोड़ रुपये की मामूली गिरावट आई और यह 18,27,086.79 करोड़ रुपये रह गया। सबसे मूल्यवान कंपनी कौन? पिछले हफ्ते नुकसान के बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद HDFC बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान है।

राजस्थान में ओलावृष्टि से तबाही, ई-गिरदावरी ऐप से नुकसान दर्ज करने की सुविधा

जयपुर राजस्थान में बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और किसानों को मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार को यह जानकारी दी। खर्रा के मुताबिक फसलों को हुए नुकसान के लिए गिरदावरी की प्रक्रिया जारी है और किसान खुद भी मोबाइल एप (ई-गिरदावरी) के जरिए अपनी-अपनी फसलों को हुए नुकसान की डिटेल को अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘फसल के नुकसान का आकलन दो तरीके से किया जा रहा है।सरकारी स्तर पर गिरदावरी की जा रही है, और किसान मोबाइल एप का इस्तेमाल करके अपने खेतों से नुकसान की डिटेल भी अपलोड कर सकते हैं।’ कांग्रेस पर भी कसा तंज वहीं पिछली कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘एक समय था जब मुआवजा तभी दिया जाता था जब नुकसान 50% से ज्यादा हो। अब, किसान 33% नुकसान पर भी इसके पात्र हैं, और मुआवजे की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।’ कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान आपको बता दें कि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विशेषकर खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसी आशंका जताई गई है कि इस दौरान गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया था। मुख्यमंत्री ने किया है उचित मदद का वादा बीते महीने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी जिला क्लेक्टर को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। सीएम ने इस दौरान कहा कि किसानों का दर्द उनकी सरकार का ही दर्द है। उन्होंने कहा है कि सभी पीड़ित किसानों को उचित मदद दी जाएगी।  

साइबर ठगी रैकेट का खुलासा, बैंक कर्मचारी फर्जी खाते के आरोप में गिरफ्तार

नई दिल्ली दिल्ली में साइबर ठगी रैकेट से जुड़े मामले में एक निजी बैंक कर्मचारी की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग दिया है. दिल्ली पुलिस के अनुसार, 35 वर्षीय बैंक कर्मचारी इरशाद मलिक को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाता खोलकर ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला है. पुलिस ने बताया कि यह मामला अक्टूबर 2023 में द्वारका में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है. शिकायत एक पुलिस अधिकारी ने दर्ज कराई थी, जिसमें उनके बैंक खाते से बिना अनुमति और बिना ओटीपी प्रमाणीकरण के 88 हजार रुपये की अनधिकृत निकासी की बात सामने आई थी. जांच के दौरान सामने आया कि रकम एक निजी बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी. आगे की जांच में पता चला कि यह खाता एक निजी फर्म के नाम पर खोला गया था, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेज फर्जी थे. दस्तावेजों में जिस व्यक्ति का नाम इस्तेमाल किया गया, उसने बाद में ऐसे किसी खाते की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. फर्जी दस्तावेजों से खोला गया खाता पुलिस के मुताबिक, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की जांच में खाता खोलने वाले फॉर्म पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी पाए गए. साथ ही यह भी सामने आया कि खाता बिना उचित केवाईसी प्रक्रिया पूरी किए ही खोल दिया गया था. यह गंभीर लापरवाही और जानबूझकर नियमों की अनदेखी का मामला माना जा रहा है. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इरशाद मलिक की मुलाकात सह-आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी से हुई थी. हरजी ने उसे कमीशन का लालच देकर ऐसे फर्जी खातों को खोलने और ठगी की रकम ट्रांसफर कराने के लिए तैयार किया. पुलिस ने 10 अप्रैल को आरोपी को न्यू फ़्रेंड्स कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाता खोला और ठगी की रकम को आगे भेजने के बदले कमीशन लिया. पुलिस के अनुसार यह खाता एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में इस्तेमाल हो रहा था, जहां लोगों को सोशल मीडिया समूहों के जरिए नकली निवेश और पार्ट-टाइम नौकरी के झांसे देकर फंसाया जाता था. पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी पुलिस ने बताया कि इस मामले में चार सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं. मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

अब चाल-ढाल से भी होगी पहचान, विदिशा में अपराधियों का पूरा बायोमेट्रिक डेटा तैयार

विदिशा जिले में अब संगीन वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अपराधियों की खैर नहीं है। पुलिस विभाग अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तकनीक का सहारा लेते हुए एक ऐसी डिजिटल कुंडली तैयार कर रहा है, जिससे बच पाना लगभग नामुमकिन होगा। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष 'मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट' का गठन किया गया है। यह यूनिट अपराधियों का बायोडाटा ठीक उसी तरह तैयार कर रही है, जैसे आम नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता है। शुरुआती चरण में गंभीर अपराधों में संलिप्त, संपत्ति संबंधी अपराधी और कोर्ट में पेशी पर आने वाले बंदियों का संपूर्ण विवरण दर्ज करना शुरू कर दिया गया है। पुतलियों की स्कैनिंग और 'चाल' का भी होगा रिकॉर्ड पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब अपराधियों की पहचान के लिए केवल नाम-पता काफी नहीं होगा। मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट में अपराधियों की सटीक ऊंचाई, चेहरे के चार अलग-अलग कोणों (एंगल्स) से लिए गए उच्च गुणवत्ता वाले फोटोग्राफ और पूरे शरीर की कद-काठी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। तकनीक का स्तर इतना सूक्ष्म है कि अपराधियों की आंखों की पुतलियों (आईरिस रेटिना) की स्कैनिंग भी की जा रही है। इसके अलावा, अपराधी के चलने का तरीका यानी उसकी 'चाल' (गैट एनालिसिस) को भी वीडियो के माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है, ताकि हुलिया बदलने पर भी उसे पहचाना जा सके। चौराहों पर लगे कैमरों से होगी लाइव ट्रैकिंग इस हाईटेक डाटा का सबसे बड़ा लाभ अपराधियों की धरपकड़ में मिलेगा। शहर के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को इस डाटाबेस से जोड़ा जाएगा। यदि कोई वांछित अपराधी फरार होता है, तो कैमरों में उसकी चाल-ढाल या चेहरे की हल्की सी झलक मिलते ही सिस्टम पुलिस को अलर्ट कर देगा। इतना ही नहीं, यदि अपराधी किसी स्थान पर अपने फिंगर प्रिंट का उपयोग करता है या किसी वारदात स्थल पर उसके निशान मिलते हैं, तो तत्काल उसकी कुंडली सामने आ जाएगी। निजता के अधिकार के चलते पुलिस ने विकसित किया अपना सिस्टम तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, अपराधियों का यह डाटा आधार के सर्वर से भी लिया जा सकता था, लेकिन 'राइट टू प्राइवेसी' (निजता के अधिकार) और कानूनी पेचिदगियों के चलते पुलिस विभाग आधार का डाटा साझा नहीं कर सकता। यही कारण है कि पुलिस विभाग अपना स्वतंत्र डिजिटल तंत्र विकसित कर रहा है। विदिशा जैसे जिलों से शुरू हुआ यह डाटा सीधे स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एसटीआरबी) और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) से लिंक किया जा रहा है, जिससे अपराधी एक राज्य से दूसरे राज्य में भागकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा पाएगा। हर थाने में लगेगी बायोमेट्रिक मशीन पुलिस की योजना इस व्यवस्था को भविष्य में प्रत्येक थाने तक विस्तार देने की है। वर्तमान में यह जिला मुख्यालय स्तर पर संचालित है, लेकिन आने वाले समय में हर थाने में फिंगर प्रिंट लेने वाली बायोमेट्रिक मशीनें और एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए पर्याप्त तकनीकी स्टाफ की आवश्यकता होगी। स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित होते ही हर थाने में आने वाले संदिग्धों और अपराधियों का डाटा तत्काल पोर्टल पर अपलोड होने लगेगा। अपराधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग और उनकी धरपकड़ को त्वरित बनाने के लिए मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट बनाई गई है। इसमें आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में गंभीर और संपत्ति संबंधी अपराधियों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिसे नेशनल ग्रिड से जोड़ा जा रहा है। पर्याप्त स्टाफ मिलते ही यह व्यवस्था जिले के सभी थानों में अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। – रोहित काशवानी, एसपी, विदिशा।