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Jalandhar Nagar Kirtan: खालसा स्थापना दिवस पर श्रद्धा का सैलाब, आसमान से बरसे फूल

जालंधर. पंजाब के जालंधर में खालसा के स्थापना दिवस के अवसर पर श्रद्धा और उत्साह से भरा भव्य खालसा नगर कीर्तन निकाला गया। यह मार्च गुरुद्वारा नवमीं पातशाही दुश निवारण साहिब से आरंभ हुआ, जहां सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए थे। धार्मिक परंपराओं के अनुसार गुरु ग्रंथ सहाब जी की पावन छत्रछाया में यह मार्च निकाला गया। इसकी अगुवाई गुरु के पांच प्यारों ने की, जो सिख परंपरा का प्रमुख प्रतीक माने जाते हैं। श्रद्धालु पूरे रास्ते में गुरु के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।यह खालसा मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों से होकर गुजरा। इसमें मॉडल टाउन मार्केट, गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह साहिब मॉड टाऊन, , स्काईलार्क रोड, भगवान वाल्मिक चौक, अली मोहल्ला पुरी और पटेल चौक सहित कई स्थान शामिल रहे। अंत में यह मार्च ऐतिहासिक स्थल गुरुद्वारा छवमीं पातशाही बस्ती शेख पहुंचेगा। श्रद्धालुओं के लिए किए गए विशेष प्रबंध मार्च के मार्ग में शहर की विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष प्रबंध किए गए। जगह-जगह लंगर लगाए गए, जहां लोगों को प्रसाद और भोजन वितरित किया गया। इसके अलावा कई स्थानों पर श्रद्धालुओं पर फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया गया, जिससे पूरे शहर में भक्तिमय माहौल बन गया। नगर कीर्तन में दिखा अनुशासन व सेवा भावना खालसा नगर कीर्तन के दौरान अनुशासन और सेवा भाव का विशेष ध्यान रखा गया। स्वयंसेवकों ने व्यवस्था संभाली और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में भाईचारे, सेवा और एकता का संदेश भी देता है। बड़ी संख्या में युवा, बुजुर्ग और महिलाएं इसमें शामिल होकर गुरु साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं।

Train Alert: कपलिंग फेल होने से 25 डिब्बे अलग, बिलासपुर-कटनी रूट पर टला बड़ा हादसा

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन पर रविवार शाम एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के पास कोयले से लदी एक मालगाड़ी अचानक दो हिस्सों में बंट गई. घटना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक, पेंड्रारोड और वेंकटनगर स्टेशन के बीच खैरझीटी बैरियर के पास अनूपपुर की ओर जा रही इस मालगाड़ी की कपलिंग अचानक टूट गई. इसके चलते इंजन से जुड़े लगभग 25 डिब्बे अलग होकर पीछे छूट गए. हालांकि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया. गनीमत रही कि लोको पायलट की सूझबूझ के कारण तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए गए. अगर लोको पायलट की नजर समय पर नहीं पड़ती, तो एक बड़े हादसे की संभावना थी. ​तस्वीरों में साफ देख सकते हैं कि कैसे मालगाड़ी दो भागों में पटरी पर खड़ी है और रेलवे का तकनीकी अमला मौके पर पहुंचकर जांच में जुटा है. घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद डिब्बों को सुरक्षित तरीके से दोबारा जोड़ा गया.​ ​रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कपलिंग टूटने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल, मरम्मत के बाद मालगाड़ी को उसके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है और इस रूट पर रेल परिचालन सामान्य है.

सरकारी स्कूलों में 18.34 लाख किताबें छापने की तैयारी, टेंडर प्रक्रिया शुरू

रांची  राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़नेवाले कक्षा नौ के विद्यार्थियों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र में जुलाई-अगस्त में एटलस, शब्दकोष, ग्रामर तथा सामान्य ज्ञान की पुस्तकें मिल पाएंगी इस बार विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान की दो पुस्तकें सामान्य ज्ञान-पार्ट वन तथ सामान्य ज्ञान-पार्ट टू के रूप में मिलेंगी। पुस्तकें 3,67,692 विद्यार्थियों के बीच निश्शुल्क वितरित की जाएंगी। कुल 18.34 लाख पुस्तकें छपेंगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश पर झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इन पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर मुद्रक के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत मुद्रक को कार्य आदेश जारी होने के 120 दिनों के भीतर प्रखंड स्तर पर पुस्तकें पहुंचानी होगी। वहां से प्रखंड संसाधन केंद्र द्वारा पुस्तकें स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा। चयनित मुद्रक को दो प्रतिशत रायल्टी जेसीईआरटी को देनी होगी। सभी पुस्तकें 21 गुना 27 सेमी साइज में होगी। एटलस 172 पेज, शब्दकोष 660 पेज, ग्रामर 228 पेज तथा सामान्य ज्ञान की पुस्तकें प्रत्येक पुस्तक 228 पेज की होगी। निश्शुल्क वितरित होनेवाली सभी पुस्तकों पर जेसीईआरटी द्वारा निश्शुल्क वितरण के लिए प्रकाशित, क्रय-विक्रय अपराध लिख होगा। ओपन मार्केट में भी पुस्तकें बेच सकेंगे प्रकाशक स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्णय के अनुसार, चयनित मुद्रक ये पुस्तकें ओपन मार्केट में भी बेच सकेंगे। इसके लिए उन्हें न केवल जेसीईआरटी से मंजूरी लेनी होगी, बल्कि दो प्रतिशत रायल्टी भी प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया दावा, भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसले की ओर बढ़ रहा है

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय स्तर के 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित किया. सम्मेलन में सरकार, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति सहित अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और सफल महिलाएं शामिल हुईं ।  'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी हमारे बीच हैं. देश की विकास यात्रा में भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक लेने वाला है.' यह फैसला महिला शक्ति को समर्पित है. यह महिला शक्ति के सम्मान के लिए समर्पित है ।          हमारे देश की संसद एक नया इतिहास बनाने के करीब है. एक ऐसा नया इतिहास जो अतीत की सोच को साकार करेगा. एक ऐसा इतिहास जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतावादी हो, जहां सामाजिक न्याय सिर्फ एक नारा न हो, बल्कि हमारे काम करने के तरीके, हमारे फैसले लेने की प्रक्रिया का एक स्वाभाविक हिस्सा हो. दशकों के इंतजार को खत्म करने का समय आ गया है, राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक आज 16, 17 और 18 अप्रैल है ।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '2023 में पार्लियामेंट की नई बिल्डिंग में हमने महिला सशक्तिकरण एक्ट पेश किया. इसे समय पर लागू किया जा सके, इसके लिए 16 अप्रैल से पार्लियामेंट के बजट सेशन की स्पेशल मीटिंग होने जा रही है. नारी शक्ति वंदन प्रोग्राम के जरिए हमें देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है. मैं आपको उपदेश देने नहीं आया हूँ, न ही आपको जगाने आया हूँ. मैं आज आपके देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूँ ।  नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने संबोधित किया इस मौके पर नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने कहा, 'अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कहा था, महिलाएं आधा आसमान संभालती हैं, तो क्या उन्हें कम से कम एक तिहाई पॉलिटिकल जमीन नहीं संभालनी चाहिए? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साथ उनके दूर के विचार को पूरा किया है ।  यह एक्ट सिर्फ लोकसभा और विधानसभा में रिजर्वेशन देने के लिए नहीं है, बल्कि यह उस सोच को बदलने की कोशिश करता है जिसने सालों से महिलाओं को फ़ैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा है. यह भारत के लोकतंत्र को सिर्फ संख्या से आगे बढ़ाकर ज़्यादा संवेदनशीलता की ओर ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।  बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ: सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, 'हमने यह सफर बेटी बचाओ से शुरू किया था, एक समय था जब बेटियों को कोख में ही मार दिया जाता था. बेटियों को पढ़ाने का अगला दौर आया, तो हम बेटी पढ़ाओ के दौर में आ गए. मुझे बहुत खुशी है कि आज पीएम मोदी के नेतृत्व में हम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ' के दौर में आ गए हैं ।  इस कार्यक्रम का मकसद भारत की विकास यात्रा में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा करने के लिए अलग-अलग तरह के हितधारकों को एक साथ लाना है. यह कार्यक्रम केंद्र सरकार के महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में बड़े पैमाने पर प्रयासों के तहत आयोजित किया जा रहा है और इसका मकसद फैसले लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के महत्व को बताना है।  यह पंचायत जैसे जमीनी स्तर के सरकारी संस्थानों से लेकर राष्ट्रीय संसद तक सभी सेक्टर में लीडरशिप रोल में महिलाओं की बढ़ती मौजूदगी को भी दिखाएगा. यह इवेंट सितंबर 2023 में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के पास होने के बाद हो रहा है, जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम था।  इस कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई रिजर्वेशन का प्रावधान है, जिसे भारत के राजनीतिक माहौल के लिए बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है ।  अब जब पूरा ध्यान पूरे देश में महिला आरक्षण लागू करने पर है तो इस मुद्दे पर आगे चर्चा करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का एक सत्र बुलाया गया है. उम्मीद है कि सम्मेलन इस पहल को लेकर तेजी लाएगा और शासन में ज्यादा सबको साथ लेकर चलने के केंद्र सरकार के वादे को फिर से पक्का करेगा ।  आधिकारिक बयान के मुताबिक सम्मेलन में भारत के भविष्य को बनाने में महिलाओं की भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया जाएगा, क्योंकि देश 2047 तक एक विकसित देश बनने के अपने लंबे समय के विजन की ओर बढ़ रहा है, जिसे अक्सर 'विकसित भारत 2047' कहा जाता है ।  केंद्र सरकार ने लगातार महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को एक विकसित भारत के अपने विजन का एक अहम हिस्सा बताया है. इस सम्मेलन से इस बात को और मजबूत करने और सबको साथ लेकर चलने वाली और टिकाऊ विकास पाने की कोशिशों को और मजबूत करने की उम्मीद है । 

शिवराज सिंह चौहान की मांग पर नितिन गडकरी की बड़ी सौगात, रायसेन रिंग रोड और सौंदर्यीकरण कार्यों को मिली मंजूरी

रायसेन/ भोपाल  राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण कृषि मेले “उन्नत कृषि महोत्सव” का रायसेन में अत्यंत उत्साह, उमंग, नवाचार और हजारों किसानों की गरिमामयी उपस्थिति के बीच भव्य समापन हुआ। समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जहां सड़क विकास, कृषि तकनीक, जल संरक्षण, वैकल्पिक ऊर्जा और ग्रामीण समृद्धि का व्यापक विजन रखा, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीज से बाजार तक तैयार रोडमैप को जमीन पर उतारने का दृढ़ संकल्प दोहराया।  शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर आयोजित “उन्नत कृषि महोत्सव” के समापन सत्र में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रखी गई क्षेत्रीय मांगों पर महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए विकास की नई सौगात दी। उन्होंने रायसेन रिंग रोड/पूर्वी बायपास के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, संबंधित डीपीआर तैयार करने, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया राज्य सरकार द्वारा बढ़ाए जाने और पुलों के सौंदर्यीकरण संबंधी मांगों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य सड़क संबंधी प्रस्तावों पर भी जो संभव सहयोग होगा, वह किया जाएगा।  ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि किसान के रूप में आए हैं। उन्होंने कहा कि खेती का भविष्य अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वेदर स्टेशन, सैटेलाइट आधारित सूचना, ड्रोन, नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों से जुड़ चुका है, इसलिए किसानों को समय के साथ बदलना होगा। उन्होंने कहा कि ज्ञान सबसे बड़ी शक्ति है और ज्ञान को संपत्ति में बदलना आज कृषि क्षेत्र की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने किसानों से इनोवेशन, रिसर्च, सफल प्रयोगों और तकनीक-आधारित खेती को अपनाने का आह्वान किया, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन संभव हो सके।  गडकरी ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं रहेगा, बल्कि ऊर्जा दाता, ईंधन दाता, हवाई ईंधन दाता, डामर दाता और हाइड्रोजन दाता भी बनेगा। उन्होंने कहा कि कृषि अवशेष, पराली, बायोमास, इथेनॉल, सीएनजी और हाइड्रोजन के माध्यम से किसानों के लिए आय के नए रास्ते खुलेंगे, आयात घटेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी।  जल संरक्षण पर विशेष बल जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए गडकरी ने कहा कि दौड़ते हुए पानी को चलने के लिए, चलने वाले पानी को रुकने के लिए और रुके हुए पानी को जमीन को पिलाने के लिए लगाना होगा। उन्होंने “गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में, घर का पानी घर में” का संदेश देते हुए कहा कि जैसे पैसा बैंक में जमा किया जाता है, वैसे ही पानी को जमीन में डिपॉजिट करना होगा। उन्होंने कहा कि जहां सिंचाई का पानी सीधे नहीं पहुँच सकता, वहां जल संरक्षण की संरचनाएँ बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।  उन्होंने डेयरी, मत्स्य पालन और ब्लू इकोनॉमी को किसानों की आय बढ़ाने के बड़े माध्यम बताते हुए कहा कि दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देना होगा। गडकरी ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि प्रोसेसिंग प्लांट, कोल्ड स्टोरेज, प्री-कूलिंग सिस्टम और वैल्यू एडिशन की मजबूत व्यवस्था भी बनानी होगी। उन्होंने कहा कि जब बाजार में उत्पादन अधिक होता है तो कीमतें गिर जाती हैं, इसलिए भंडारण और प्रसंस्करण की मजबूत व्यवस्था किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए आवश्यक है।  उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे मेले में लगे स्टॉल, मशीनरी प्रदर्शन, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस, हाइड्रोपोनिक्स, एक एकड़ खेती के मॉडल, बकरी पालन, मछली पालन और अन्य तकनीकी सत्रों को देखकर जाएँ, सीखकर जाएँ और उसे खेत में लागू करें। उन्होंने कहा कि यही ज्ञान, यही तकनीक और यही प्रयोग किसानों का भविष्य बदलेंगे, गांवों को समृद्ध बनाएंगे और स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज की दिशा को मजबूत करेंगे।  शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल की म.प्र. की कृषि उपलब्धियों की सराहना गडकरी ने शिवराज सिंह के मुख्यमंत्रीत्व कार्यकाल में मध्य प्रदेश की कृषि उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को उन्नत बनाने के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं और यह महोत्सव किसानों को भविष्य की नई प्रेरणा देने वाला सिद्ध होगा।  यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “उन्नत कृषि महोत्सव” कोई कर्मकांड नहीं है और यह समापन नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि चार दिनों तक चले इस आयोजन ने किसानों के लिए पाठशाला का काम किया, जहाँ मिट्टी की महक, मशीन की शक्ति, नवाचार, तकनीक और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला। चौहान ने कहा कि इस क्षेत्र की माटी, जलवायु, जल उपलब्धता और संसाधनों के आधार पर बीज से बाजार तक का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में यह तय किया गया है कि इस क्षेत्र में कौन-कौन सी फसलें, फल और सब्जियाँ अच्छी हो सकती हैं और उनके उत्पादन, प्रोसेसिंग तथा मार्केटिंग की संपूर्ण योजना कैसे बनेगी।  दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा, इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा उन्होंने कहा कि अच्छे बीज की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए हर ब्लॉक में बीज ग्राम बनाए जाएंगे, दलहन और बागवानी क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा और इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर हब के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ड्रिप और स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी की एक-एक बूंद का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा तथा कस्टम हायरिंग सेंटर और पंचायतों में मशीन बैंक बनाए जाएंगे, ताकि किसानों को आधुनिक मशीनें आसानी से मिल सकें। चौहान ने कहा कि अच्छी नर्सरी और क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किए जाएंगे, एफपीओ को मजबूत किया जाएगा, बैक हाउस और कोल्ड हाउस बनाए जाएंगे और किसानों को उत्पादन से बाजार तक बेहतर ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत खेती के मॉडल के माध्यम से छोटे खेत के टुकड़े पर भी अधिक आमदनी प्राप्त की जा सकती है और सरकार किसानों की आय बढ़ाकर ही चैन की सांस लेगी।  रोडमैप की मॉनिटरिंग के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे रोडमैप की मॉनिटरिंग … Read more

कांग्रेस ने एमपी के वरिष्ठ नेता को 6 वर्ष के लिए निष्कासित किया, पार्टी में खलबली

भोपाल  एमपी कांग्रेस में अंदरुनी कलह लगातार जारी है। इंदौर नगर निगम में कांग्रेस की दो महिला पार्षदों द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के कथित अपमान के मामले में कार्रवाई पर पार्टी का अंतर्विरोध सामने आ चुका है। इस बीच कांग्रेस ने एक वरिष्ठ नेता को निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने पूर्व प्रदेश प्रवक्ता सिंगरौली के भास्कर मिश्रा पर ये कार्रवाई की है। उन्हें कांग्रेस से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने का आदेश जारी किया गया है। पार्टी की इस सख्ती से खलबली सी मची है। पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा पर अनुशासनहीनता करने पर ये सख्ती दिखाई गई। इससे पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कांग्रेस ने भास्कर मिश्रा से स्पष्टीकरण तलब किया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया गया। सिंगरौली शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा को कांग्रेस की सदस्यता से 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की है। भास्कर को इससे पहले पार्टी की ओर से पांच बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था शहर अध्यक्ष प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि अनुशासनहीनता पर भास्कर को इससे पहले पार्टी की ओर से पांच बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उन्होंने तय समय सीमा के भीतर इसका कोई जवाब नहीं दिया। जीतू पटवारी से मांगा जवाब इधर इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान कांग्रेस की दो महिला पार्षदों द्वारा राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के कथित अपमान का मामला राजनीतिक टकराव का केंद्र बना हुआ है। देशभर में चर्चा के बीच कांग्रेस की ओर से सख्त कार्रवाई न होने पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के रुख को बेहद आपत्तिजनक बताया। रविवार को चर्चा में भार्गव ने कहा कि दोनों पार्षदों ने राष्ट्रगीत के बाद मीडिया में बयान देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। ऐसे में अनुशासन समिति की जांच की बात किस आधार पर हो रही है, यह कांग्रेस ही स्पष्ट करे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस कार्यालय में भी वंदे मातरम् गाया जाता है, तो जो लोग नहीं गाते, उनके खिलाफ पार्टी क्या रुख अपनाती है, इस पर पटवारी को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। महापौर ने कहा कि शनिवार को पत्रकार वार्ता में जीतू पटवारी ने चुनौती देते हुए कहा था कि कोई ईमानदार है तो हाथ उठाए, हम उसका भ्रष्टाचार सिद्ध करेंगे। इस पर भार्गव ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी पर भ्रष्टाचार का आरोप है तो प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं। ईमानदारी का प्रश्न उठाकर सिद्ध करने की परिपाटी कब से शुरू हुई? उन्होंने कहा कि जिन पर जनता पहले ही निर्णय दे चुकी है, उन्हें ऐसे आरोप शोभा नहीं देते। एक दिन का सदन बुलाने की मांग पर महापौर ने कहा कि परिषद जल्द ही सदन बुलाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत का अपमान करने वाले पार्षदों की पार्षदी समाप्त करने का प्रस्ताव भी लाया जाएगा।

झारखंड में रेल नेटवर्क होगा मजबूत, 68 किमी रूट के दोहरीकरण की तैयारी

 रांची  झारखंड के रेल विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना जल्द ही धरातल पर उतरने वाली हैमुरी-चांडिल रूट पर ट्रेनों के लिए आने-जाने की अलग-अलग पटरियां (Double Line) बिछाने को बहुत जल्द रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिल सकती है. इस परियोजना के स्वीकृत होने से राज्य के रेल नेटवर्क में बहुत सुधार होगा और यातायात व्यवस्था अधिक सुगम व प्रभावी बनेगी. 800 करोड़ की लागत और 68 किमी का दायरा दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने जानकारी दी कि मुरी से चांडिल तक लगभग 68 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के दोहरीकरण पर 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है. वर्तमान में सिंगल लाइन होने के कारण इस रूट पर ट्रेनों के क्रॉसिंग और परिचालन में काफी समय नष्ट होता है. डबल लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही तेज, सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित हो जाएगी. बाइपास और ओवर रेल लाइन से मिलेगी मजबूती परियोजना के तहत सिल्ली बाइपास लाइन का निर्माण भी किया जाना है, जो रूट की क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. इसके साथ ही गुंडा विहार से चांडिल तक प्रस्तावित रेल ओवर रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ रही है. इन तकनीकी सुधारों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और मालगाड़ियों व यात्री ट्रेनों के दबाव को संतुलित करना आसान होगा. सांसद प्रदीप वर्मा का प्रयास और फंड आवंटन इस परियोजना को गति देने के लिए सांसद प्रदीप वर्मा ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर विशेष फंड आवंटन की मांग की थी. उम्मीद जताई जा रही है कि इसी माह के भीतर फंड आवंटन और प्रशासनिक स्वीकृति के सकारात्मक परिणाम सामने आ जाएंगे. अरुण जोशी ने कहा कि यह परियोजना झारखंड के औद्योगिक और व्यावसायिक विकास के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी.

चेपॉक में CSK का जलवा जारी रखने की कोशिश, KKR पर दबाव

चेपॉक पिछले मैच में जीत से उत्साहित चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की टीम मंगलवार को यहां होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैच में अब तक एक भी मैच नहीं जीतने वाली कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की टीम के खिलाफ दबदबा बनाने की कोशिश करेगी. सीएसके ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करके सत्र की अपनी पहली जीत दर्ज की. उसकी इस जीत के नायक संजू सैमसन रहे जिन्होंने 56 गेंद पर नाबाद 115 रन की पारी खेली. इसके बाद उसके गेंदबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. डेवाल्ड ब्रेविस के फिट होकर वापसी करने से सीएसके को अपने गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करने की छूट मिली जिससे वह दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 212 रन का बचाव करने में सफल रही. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह ने अपने आईपीएल पदार्पण पर प्रभावित किया. उन्होंने अपनी अतिरिक्त उछाल से बल्लेबाजों को चौंकाया. जेमी ओवरटन ने भी शानदार प्रदर्शन किया और लगातार अच्छी गेंदबाजी करते हुए चार विकेट लिए. सत्र का अपना पहला मैच खेल रहे बाएं हाथ के स्पिनर अकील हुसैन ने पावरप्ले में सीएसके के गेंदबाजी आक्रमण को एक और आयाम प्रदान किया. बल्लेबाजी की बात करें तो सैमसन सीएसके के लिए अपने पदार्पण सत्र में आखिर रन बनाने में सफल रहे. उन्होंने पहले छह ओवर में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करके अपना असली रंग दिखाया. सीएसके के लिए हालांकि कप्तान रुतुराज गायकवाड़ की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है. वह संघर्ष कर रही केकेआर के खिलाफ एक बड़ी पारी खेलकर लय हासिल करने की कोशिश करेंगे. टूर्नामेंट की शुरुआत में यह घोषणा की गई थी कि महेंद्र सिंह धोनी पिंडली में खिंचाव के कारण कुछ हफ्तों के लिए बाहर रहेंगे. पिछले मैच में गायकवाड़ ने संकेत दिया था कि यह स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज जल्द वापसी करेगा. दूसरी ओर केकेआर जीत के लिए बेताब है। लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के खिलाफ वह लगभग जीत के करीब पहुंच गया था, लेकिन मुकुल चौधरी की शानदार पारी ने अजिंक्य रहाणे और उनकी टीम को पहली जीत से वंचित कर दिया. कैमरन ग्रीन ने पिछले मैच में केकेआर के लिए गेंदबाजी की. यह ऑलराउंडर चेपॉक में शानदार प्रदर्शन करके अपनी मोटी कीमत को सही साबित करने की कोशिश करेगा. इसी तरह रिंकू सिंह मध्य क्रम में रन बनाने के लिए बेताब हैं और मंगलवार का दिन उनके लिए खास हो सकता है. रहाणे ने बल्लेबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि अंगकृष रघुवंशी ने भी प्रभाव छोड़ा है. रोवमैन पॉवेल और ग्रीन ने भी एलएसजी के खिलाफ कुछ रन बनाए, जो टीम के लिए सकारात्मक संकेत है. केकेआर को अगर सीएसके को उसके गढ़ में हराना है तो उसके गेंदबाजों को भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा. उसके प्रमुख गेंदबाज अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं जिसका असर परिणाम में देखने को मिल रहा है. टीम इस प्रकार हैं: सीएसके: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, एमएस धोनी, उर्विल पटेल, संजू सैमसन, शिवम दुबे, आयुष म्हात्रे, श्रेयस गोपाल, जेमी ओवरटन, खलील अहमद, अंशुल कंबोज, गुरजपनीत सिंह, नूर अहमद, अकील हुसैन, प्रशांत वीर, कार्तिक शर्मा, मैथ्यू शॉर्ट, अमन खान, सरफराज खान, मैट हेनरी, राहुल चाहर, जैकरी फॉल्क्स, स्पेंसर जॉनसन, रामकृष्ण घोष, मुकेश चौधरी केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, सार्थक रंजन, कार्तिक त्यागी, कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे, दक्ष कामरा।

बैसाखी 2026: 14 अप्रैल को मनाया जाएगा फसल और खुशियों का महापर्व

बैसाखी भारत के सबसे रंगीन और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिसे मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। साल 2026 में बैसाखी 14 अप्रैल, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह पर्व रबी फसल की कटाई की खुशी का प्रतीक है और सिख समुदाय के लिए गहरा धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व रखता है। बैसाखी का दिन ना सिर्फ फसल की बरकत का उत्सव है, बल्कि सिख इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना से भी जुड़ा हुआ है। बैसाखी की तारीख और खगोलीय महत्व बैसाखी हर साल मेष संक्रांति यानी सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के दिन मनाई जाती है। साल 2026 में सूर्य 14 अप्रैल को सुबह में मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ बैसाखी का पर्व शुरू हो जाएगा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इस दिन को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। बैसाखी का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व बैसाखी का सबसे बड़ा धार्मिक महत्व 1699 से जुड़ा है। इसी दिन गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने पांच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा बनाने की शुरुआत की। इस घटना ने सिख समुदाय को एक नई पहचान, साहस और समानता का संदेश दिया। इसलिए बैसाखी को सिखों का नया वर्ष भी माना जाता है। किसानों के लिए बैसाखी का महत्व बैसाखी किसानों के लिए फसल कटाई का त्योहार है। इस पर्व के दौरान गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है। इस दिन किसान अपनी मेहनत का फल देखकर खुशियां मनाते हैं और भगवान का शुक्रिया अदा करते हैं। बैसाखी के दिन खेतों में नाच-गाना, भांगड़ा-गिद्धा और सामूहिक उत्सव का माहौल होता है। बैसाखी कैसे मनाई जाती है? बैसाखी के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और गुरुद्वारों में जाते हैं। स्वर्ण मंदिर समेत सभी प्रमुख गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन होता है। लोग नए कपड़े पहनते हैं, मिठाइयां बांटते हैं और पूरे दिन नाच-गाने में मस्त रहते हैं। घरों में भी विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं और परिवार के साथ समय बिताया जाता है। बैसाखी खुशी, एकता, समृद्धि और नई शुरुआत का त्योहार है। यह हमें सिखाता है कि मेहनत का फल आखिरकार मीठा ही होता है। 14 अप्रैल 2026 को बैसाखी के इस पावन अवसर पर आप भी अपने परिवार और समाज के साथ इस त्योहार को उत्साह और भक्ति के साथ मनाएं।

वास्तु शास्त्र: घर में आईना लगाने के सही नियम, वरना बढ़ सकती है नकारात्मकता

घर में रखा आईना आपके घर की ऊर्जा और माहौल पर गहरा असर डालता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार आईना एक ऐसा तत्व है जो ऊर्जा को आकर्षित भी करता है और उसे कई गुना बढ़ाता भी है.  इसलिए अगर आईना सही दिशा और सही जगह पर लगाया जाए तो यह घर में सुख-समृद्धि, शांति और पॉजिटिव ऊर्जा लाता है. वहीं अगर इसे गलत जगह पर रखा जाए, तो यही आईना नकारात्मकता, तनाव और आर्थिक रुकावटों का कारण बन सकता है.  इसलिए जरूरी है कि घर में आईना लगाते समय कुछ खास वास्तु नियमों का ध्यान रखा जाए, ताकि आपका घर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे. सही दिशा में लगाएं आईना वास्तु के अनुसार आईना हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना शुभ माना जाता है.  ये दिशाएं प्राकृतिक रोशनी और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती हैं, जो घर के वातावरण को बेहतर बनाती हैं. मुख्य दरवाजे के सामने न रखें घर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक सामने आईना लगाने से बचना चाहिए.  ऐसा माना जाता है कि इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा वापस लौट जाती है, जिससे सुख-समृद्धि पर असर पड़ सकता है. बेड के सामने आईना लगाने से बचें बेडरूम में आईना इस तरह लगाएं कि उसमें सोते समय आपका प्रतिबिंब न दिखे. इससे नींद प्रभावित हो सकती है. टूटे या खराब आईने से दूर रहें टूटा या दरार वाला आईना घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है.  इसलिए ऐसे आईनों को तुरंत हटा देना ही बेहतर होता है. आईना क्या दिखाता है, इस पर दें ध्यान आईना हमेशा साफ-सुथरी और सकारात्मक चीजों को ही रिफ्लेक्ट करे. अगर उसमें हरियाली, रोशनी या सुंदर दृश्य दिखते हैं, तो यह घर में अच्छी ऊर्जा को और बढ़ाता है. आमने-सामने आईने लगाने से बचें दो आईनों को एक-दूसरे के सामने रखने से लगातार प्रतिबिंब बनते हैं, जिससे मानसिक अस्थिरता और असहजता बढ़ सकती है. इसलिए इस तरह की व्यवस्था से बचना चाहिए.