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अमेरिका की नाकेबंदी से होर्मुज स्ट्रेट में संकट, कच्चे तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर से ऊपर

न्यूयॉर्क दुनिया की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए मिडिल-ईस्ट को लेकर फिलहाल अभी तक समझौता नहीं हो सका है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में यूएस-ईरान वार्ता बेनतीजा रही, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी और वार्ता रुक गई.  करीब 21 घंटे तक चली बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके, जिससे सीजफायर पर संकट गहरा गया है।  अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि तेहरान ने जंग खत्म करने के लिए यूएस की शर्तें नहीं मानी. बातचीत में रुकावट आने के बाद वेंस अमेरिका लौट गए. दूसरी तरफ, ईरान ने इस बातचीत को नाकाम बताया और आरोप लगाया कि अमेरिका ने बहुत ज़्यादा मांगें रखीं।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोका जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है। ट्रम्प के मुताबिक, कई अन्य देश भी इस प्रयास में अमेरिका का साथ दे रहे हैं। ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है और उसकी नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 158 जहाज तबाह किए जा चुके हैं। नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 104 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में हुई वार्ता के विफल होने के बाद अमेरिका ईरान पर दोबारा सैन्य हमले करने पर भी विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि सभी विकल्प खुले हैं और हालात के हिसाब से आगे का फैसला लिया जाएगा। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच यह बातचीत एक अस्थायी दो हफ्ते के सीजफायर को स्थायी समाधान में बदलने के लिए हो रही थी. इस वार्ता में अमेरिकी डेलिगेशन की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की, जबकि ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ सहित कई सीनियर अधिकारी शामिल हुए।  पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स     चीन को धमकी- ट्रम्प ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।     होर्मुज की नाकाबंदी- ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी करेगी और ईरान को टोल देने वाले जहाजों को भी रास्ते में रोक लिया जाएगा।     इजराइली मंत्री का मस्जिद दौरा- इजराइल के मंत्री बेन गविर के अल अक्सा मस्जिद दौरे पर जॉर्डन ने विरोध जताया और इसे भड़काऊ कदम बताते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कहा।     ईरान ने टोल मांगा- ईरान ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा।     50 लोग गिरफ्तार- ईरान में करीब 50 लोगों को जासूसी के आरोप में पकड़ा गया है, जिन पर अमेरिका और इजराइल को संवेदनशील जानकारी देने का आरोप है। अमेरिकी नाकेबंदी से ईरान के चार बंदरगाहों पर सीधा असर अमेरिकी नौसेना के ईरानी समुद्री क्षेत्रों की नाकेबंदी के ऐलान के बाद वैश्विक शिपिंग उद्योग में भारी चिंता देखी जा रही है. उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका इन बंदरगाहों को ब्लॉक करता है, तो ईरान के चार सबसे बड़े बंदरगाहों पर सीधा असर पड़ेगा     खार्ग द्वीप: ये ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल है.     जास्क टर्मिनल: ओमान की खाड़ी में स्थित एक प्रमुख तेल केंद्र है.     बंदर अब्बास: ईरान का रणनीतिक रूप से बड़ा और मुख्य व्यापारिक बंदरगाह है.     बंदर खुमैनी: ईरान का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है.  सीजफार पर ट्रंप बोले- अच्छी तरह कायम है ईरान के साथ सीजफायर कायम रहने को लेकर ट्रंप ने बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'मैं कहूंगा कि यह अच्छी तरह कायम है. उनकी सेना खत्म हो चुकी है. उनका पूरा नौसेना बल पानी में डूब गया है. 158 जहाज तबाह हो गए हैं. उनका नौसेना बल खत्म हो गया है. उनके ज्यादातर बारूदी सुरंग यंत्र नष्ट हो गए हैं. कल सुबह 10 बजे से नाकाबंदी लागू हो जाएगी. दूसरे देश ये ध्यान देने के लिए काम कर रहे हैं कि ईरान तेल न बेच सके और ये बहुत प्रभावी होगा. कई नावें तेल भरकर हमारे देश की ओर आ रही हैं और फिर उसे ले जाएंगी. इसलिए वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नहीं गुजरेंगी. इसे ठीक कर लिया जाएगा. इस बीच, वो हमारा इस्तेमाल कर रहे हैं. हमारे पास रूस और सऊदी अरब दोनों के कुल तेल से कहीं ज्यादा तेल है. हो ये रहा है कि नावें यहां आ रही हैं, तेल भर रही हैं. हमें होर्मुज से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।  इजरायली हमलों में मौतों की संख्या 2000 पार लेबनान में जारी इजरायली हमलों के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,055 तक पहुंच गई है।   अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत में भारी इजाफा अमेरिका ने सोमवार से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने की घोषणा की है. जिसके बाद रविवार को बाजार खुलते ही तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया. अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 7% की बढ़त के साथ 102.29 डॉलर पर आ गया।     

नक्सल मोर्चे पर अलर्ट: सीमा के जंगल में मिला विस्फोटक जखीरा, CRPF की सघन तलाशी अभियान जारी

गरियाबंद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नक्सली मंसूबों को नाकाम करने की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. ओडिशा के कोमना पुलिस कैंप से निकली सीआरपीएफ (CRPF) की टीम ने एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान सोनाबेड़ा अभ्यारण्य से लगे ढेकुनपानी के घने जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री (Naxal Explosive Material) और संदिग्ध सामान बरामद किया है. इस बरामदगी से इलाके में दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश विफल हो गई है. ​गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई ​जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को लंबे समय से छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा (Chhattisgarh Odisha Border) पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. इसी आधार पर सीआरपीएफ की टीम ने ढेकुनपानी जंगल (Dhekunpani Forest) के रणनीतिक स्थानों पर सर्चिंग अभियान (Search Operation) तेज किया. जंगलों के भीतर छिपाई गई विस्फोटक सामग्री को जवानों ने बेहद सावधानी के साथ बरामद किया. सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के वाहनों को निशाना बनाने या किसी बड़े आईईडी (IED) ब्लास्ट के लिए किया जाना था. इलाके में हाई अलर्ट, सर्चिंग तेज ​इस बरामदगी के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं. कोमना पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमें अब आसपास के अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी नजर रख रही हैं. सोनाबेड़ा अभ्यारण्य का इलाका अपनी दुर्गम भौगोलिक संरचना के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता है, जिसका फायदा उठाकर अक्सर असामाजिक तत्व अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश करते हैं. जवानों की मुस्तैदी का परिणाम ​अधिकारियों का कहना है कि समय रहते विस्फोटक सामग्री का मिलना जवानों की मुस्तैदी का परिणाम है. फिलहाल, सुरक्षाबलों ने ढेकुनपानी और उसके आसपास के जंगलों में गश्त और सर्चिंग अभियान को और अधिक सघन कर दिया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके. सीमावर्ती थानों को भी सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं. खतरनाक है नक्सलियों की समाग्री सुरक्षाबलों द्वारा मौके से जब्त की गई सामग्रियों की सूची जो नक्सलियों की खतरनाक तैयारी की ओर इशारा करती है. ​70 जिलेटिन की छड़ें हैं, जो एक उच्च क्षमता वाला विस्फोटक है. इसका उपयोग ब्लास्ट के लिए किया जाता है. ​3 स्टील कंटेनर बरामद हुए हैं. इनका उपयोग अक्सर 'टिफिन बम' बनाने के लिए किया जाता है, जो काफी घातक साबित होते हैं. ​4 बंडल इलेक्ट्रॉनिक वायर हैं, जिनका विस्फोटकों को दूर से नियंत्रित करने या सर्किट तैयार करने के लिए इन तारों का उपयोग किया जाता है.

विद्युत कर्मियों का प्रदेशव्यापी आंदोलन, 15 अप्रैल से जन-जागरण अभियान शुरू

 लखनऊ उत्पीड़न की कार्यवाहियां वापस न होने पर गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की जिम्मेदारी शीर्ष प्रबंधन की होगी। यह चेतावनी विद्युत कर्मियों ने रविवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में दी है। समिति ने 15 अप्रैल से 21 मई तक प्रदेशव्यापी जन-जागरण अभियान चलाने का ऐलान किया है। सभी डिस्कॉम मुख्यालय पर प्रदर्शन होंगे। उत्पीड़न होने पर सीधी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। लखनऊ में हुई बैठक में प्रदेशभर से लगभग 1000 से अधिक बिजली कर्मचारी एवं अभियंता पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस नहीं ली गईं तो आने वाली भीषण गर्मियों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन की होगी। चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए किसी भी कर्मचारी या अभियंता पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करता है, तो बिजली कर्मी कार्यस्थल पर काम छोड़कर बाहर आने को बाध्य होंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इन तिथियों में होगा डिस्कॉम मुख्यालयों पर प्रदर्शन जनजागरण अभियान के तहत 24 अप्रैल को मेरठ डिस्कॉम, 2 मई को केस्को, 6 मई को आगरा, 14 मई को लखनऊ और 21 मई को वाराणसी डिस्कॉम पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अभियान के तहत केंद्रीय पदाधिकारी पूरे प्रदेश का दौरा करेंगे और प्रत्येक जनपद में बिजली उपभोक्ताओं एवं किसानों के साथ संयुक्त सभाएं आयोजित की जाएंगी। बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की नीतियों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा गया कि एक ओर बिजली कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। जिससे तकनीकी कार्यों में बाधा आ रही है। यदि यही स्थिति रही तो मेंटेनेंस के अभाव में ट्रांसफार्मर जलने और लाइनों में फॉल्ट की समस्याएं बढ़ेंगी, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ेगा। प्रबंधन की इसी 'हठधर्मी' नीति के विरोध में अब कर्मचारी सड़क पर उतरने को तैयार हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल कर्मचारियों की मांगों की लड़ाई नहीं है, बल्कि विभाग को बचाने की मुहिम है। बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे, राहुल बाबू कटियार, जितेन्द्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, पीके दीक्षित, सुहेल आबिद, अंकुर पांडेय, चन्द्र भूषण उपाध्याय, मोहम्मद वसीम, बिमल चन्द्र पाण्डेय, मोहम्मद इलियास, प्रेम नाथ राय, श्रीचंद, सरजू त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।

जयपुर-बीकानेर में सुरक्षा अलर्ट, विधानसभा और न्यायालयों की हुई सघन तलाशी

जयपुर राजस्थान में पिछले कुछ समय से सरकारी संस्थानों और न्यायिक परिसरों को निशाना बनाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह प्रदेश की 'लोकतंत्र की सबसे बड़ी पंचायत' यानी राजस्थान विधानसभा और जयपुर-बीकानेर के जिला व सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियां घंटों तक हलकान रहीं, हालांकि सघन तलाशी के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला विधानसभा को RDX से उड़ाने की धमकी दहशत की शुरुआत सोमवार सुबह उस वक्त हुई जब जयपुर स्थित विधानसभा सचिवालय के आधिकारिक ईमेल पर एक संदेश प्राप्त हुआ। इस ईमेल में दावा किया गया कि अगले 3 घंटे में विधानसभा भवन को आरडीएक्स से उड़ा दिया जाएगा। इस सूचना के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया और आनन-फानन में कर्मचारियों को भवन से बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे को खंगाला, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई विस्फोटक नहीं मिला। जयपुर सेशन कोर्ट: सुनवाई के बीच मची भगदड़ जयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय को भी उनके ऑफिशियल आईडी पर इसी तरह का धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। गौरतलब है कि सोमवार से ही अदालतों का समय बदलकर सुबह 7:30 से दोपहर 1:00 बजे तक का हुआ है। ऐसे में जिस वक्त धमकी मिली, कोर्ट परिसर अधिवक्ताओं और परिवादियों से खचाखच भरा हुआ था। पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे परिसर को खाली कराया। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। सर्च के दौरान हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया, जिससे न्यायिक कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। बीकानेर में फिर लौटी दहशत राजधानी के साथ-साथ बीकानेर के जिला एवं सत्र न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। बीकानेर में यह सूचना मिलते ही न्यायिक और प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की सूचना पर बार एसोसिएशन ने तत्काल अलर्ट जारी किया। यहां भी सुरक्षा एजेंसियों ने एडवोकेट चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के कक्ष और कोर्ट रूम की बारीकी से जांच की। कई घंटों की मशक्कत के बाद जब कुछ नहीं मिला, तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। जांच के घेरे में 'डिजिटल टेरर' सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये सभी धमकियां ईमेल के जरिए भेजी गई थीं। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से इन ईमेल्स के आईपी एड्रेस को ट्रेस करने में जुटी है। प्राथमिक तौर पर इसे शरारत माना जा रहा है, लेकिन बार-बार महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को इस तरह निशाना बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

एससी-एसटी छात्रों की स्कॉलरशिप में देरी, केंद्रांश अगले महीने खाते में आने की संभावना

लखनऊ  प्रदेश में छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना के तहत अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों को केंद्रांश की राशि अगले माह मिलने की संभावना है। पांच लाख से ज्यादा छात्रों के खातों में अब तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है। इससे छात्रों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है प्रदेश में ढाई लाख रुपये तक सालाना आमदनी वाले एससी-एसटी परिवारों के विद्यार्थियों को शुल्क की भरपाई के साथ छात्रवृत्ति का भुगतान किया जाता है। इस वर्ग के विद्यार्थियों को होने वाले भुगतान का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है। राज्य सरकार ने विद्यार्थियों के खातों में 40 फीसदी हिस्सा भेज दिया है, लेकिन अभी काफी विद्यार्थी बचे हैं, जिनके खातों में केंद्रांश नहीं पहुंचा है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में जिन विद्यार्थियों के खातों में अभी तक केंद्रांश नहीं पहुंचा है, वो 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद है। जब राज्य सरकार भुगतान करती है, तो वही डाटा ऑटो फेच होकर केंद्र के पोर्टल पर चला जाता है। इस प्रक्रिया के पूरा होने में थोड़ा वक्त लगता है। इसलिए विद्यार्थी परेशान न हों, शीघ्र ही उनके खातों में शेष राशि भी पहुंच जाएगी।  

Sand Mining Update: बिहार में नीलामी रुकी, अब आसान होगी पर्यावरणीय क्लियरेंस प्रक्रिया

पटना. बिहार में बालू घाटों की नीलामी में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए सरकार ने अब तेज़ी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भू-तत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पर्यावरणीय मंजूरी की जटिल प्रक्रियाओं को आसान और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि नीलामी में हो रही देरी खत्म हो सके। राज्य में कुल 463 पीले बालू घाट चिन्हित हैं, लेकिन अब तक केवल 360 घाटों की ही नीलामी पूरी हो पाई है। शेष घाट पर्यावरणीय स्वीकृतियों में उलझे हुए हैं। सीटीई-सीटीओ प्रक्रिया आसान करने का निर्देश खासकर स्थापना की सहमति (CTE) और संचालन की सहमति (CTO) की लंबी प्रक्रिया नीलामी में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। मंत्री ने इस स्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी जरूरी अनुमतियां तय समय सीमा के भीतर दी जाएं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही राज्य सरकार ने केंद्र के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र लिखकर मंजूरी प्रक्रिया को सरल और तेज करने का आग्रह भी किया है। निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार  सरकार का मानना है कि अगर पर्यावरणीय अनुमति की प्रक्रिया सुगम होती है, तो बचे हुए घाटों की नीलामी जल्द पूरी हो जाएगी। सरकार के इस कदम से न सिर्फ राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है, बल्कि निर्माण कार्यों—खासकर सड़क, पुल और भवन निर्माण को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, बालू की उपलब्धता बढ़ने से बाजार में कीमतों पर भी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहा खास संयोग, चंद्र गोचर से बदलेगा कई राशियों का भाग्य

 साल 2026 की अक्षय तृतीया ज्योतिषीय गणना के अनुसार बेहद शुभ रहने वाली है. इस पावन अवसर पर मन के कारक चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में प्रवेश करेंगे. 19 अप्रैल को दोपहर 12:32 बजे होने वाला यह गोचर ब्रह्मांड में एक ऐसी सकारात्मक ऊर्जा पैदा करेगा, जो कई राशियों के लिए बंद किस्मत के ताले खोल सकता है. विशेष रूप से तीन राशियों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति और करियर में बड़ी छलांग लगाने का है. आइए जानते हैं उन भाग्यशाली राशियों और खरीदारी के शुभ विकल्पों के बारे में. इन 3 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन चंद्रमा की उच्च स्थिति का सबसे ज्यादा सकारात्मक प्रभाव इन जातकों पर पड़ने वाला है. वृषभ राशि: चंद्रमा आपकी ही राशि के लग्न भाव में गोचर करेंगे. इससे आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. रुके हुए धन की प्राप्ति के प्रबल योग हैं. कर्क राशि: आपकी राशि के स्वामी का उच्च का होना आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति की खुशखबरी मिल सकती है और मानसिक शांति का अनुभव होगा. कन्या राशि: आपके भाग्य स्थान में चंद्रमा की मौजूदगी निवेश से मोटा मुनाफा दिला सकती है. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझेंगे.  नई योजनाओं में सफलता मिलेगी. राशि के अनुसार करें ये खरीदारी, घर आएगी बरकत अक्षय तृतीया पर अपनी राशि के अनुसार शुभ धातु या वस्तु घर लाना सौभाग्य बढ़ाता है. सोना और तांबा: मेष और सिंह राशि के जातकों के लिए इस दिन स्वर्ण आभूषण या तांबे के बर्तन खरीदना ऊर्जा का संचार करेगा. चांदी और सफेद वस्तुएं: वृषभ और कर्क राशि वाले यदि चांदी का सिक्का या मोती खरीदते हैं, तो उन्हें मानसिक और आर्थिक स्थिरता मिलेगी. कांसा और पन्ना: मिथुन और कन्या राशि के लिए कांसे के पात्र या हरे रंग की कीमती धातु व्यापार में उन्नति के द्वार खोलेगी. गैजेट्स और आभूषण: तुला और वृश्चिक राशि के लोग कोई भी नया इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या चांदी का गहना खरीद सकते हैं.

UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव संभव, 10 हजार से ऊपर ट्रांजैक्शन में लग सकती है 1 घंटे की देरी

भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) डिजिटल पेमेंट्स की पॉपुलैरिटी किसी से छिपी नहीं है. इंस्टैंट पेमेंट्स की वजह से UPI को मनी ट्रांसफर और किराने की दुकान तक पर यूज किया जा रहा है. अब इसी खूबी को कुछ समय के लिए बदला जा सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसको लेकर चर्चा पत्र जारी किया है, जिसमें डिजिटल फ्रॉड पर लगाम लगाने के लिए ट्रांजैक्शन पर कुछ घंटे की देरी का नियम लाने का प्रस्ताव दिया है. पेमेंट्स में करीब 1 घंटे तक की देरी होगी. RBI का यह प्रपोजल कुछ पेमेंट्स के प्रोसेस के तरीकों को बदलने के लिए है. अगर ये नियम लागू होता है तो 10 हजार रुपये से अधिक रुपये वाली पेमेंट्स तुरंत कंप्लीट नहीं होगी. इस पेमेंट्स को कंप्लीट होने में कुछ समय लगेगा. रुपये भेजने वाले के बैंक खाते से रकम तुरंत कट जाएंगी लेकिन जिसके बैंक खाते में रुपये पहुंचने हैं, उसको 1 घंटे के बाद रिसीव होंगे. यह बदलाव सुरक्षा के मद्देनजर लाया जा रहा है. इस दौरान सेंडर्स चाहें तो पेमेंट्स को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकते हैं. 1 घंटे देरी का नियम P2P ट्रांसफर पर लागू होगा ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम सिर्फ पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांसफर पर लागू होगा. दुकान पर QR कोड के जरिए होने वाले पेमेंट्स पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. साइबर ठगी पर नकेल कसने की तैयारी   RBI इस लिए ये बदलाव लाना चाहता है ताकि का साइबर ठगी पर नकेल कसी जा सके. साइबर ठगी के केस में रुपये कुछ मिनट के अंदर ना जाने कितने सारे अकाउंट से होकर गुजर जाते हैं और कैश के रूप में निकाल लिए जाते हैं. इसके बाद रिकवरी में परेशानी आती है. 1 घंटे की देरी का फॉर्मुला कैसे आएगा काम?    RBI की सलाह है कि 1 घंटे की देरी मददगार साबित होगी. रिजर्व बैंक इस देरी को गोल्डन आवर के रूप में मानता है, जहां यूजर्स को खुद सोचने का समय मिलेगा और इससे ठगी से बाहर निकलने का मौका मिलेगा. खाता धारक चाहे तो ट्रांजैक्शन को 1 घंटे के अंदर कैंसिल भी कर सकेंगे.   यहां गौर करने वाली बात यह है कि डेली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ऑटो डेबिट और सब्सक्रिप्शन वाली पेमेंट्स पर कोई असर नहीं दिखाई देगा. अगर शख्स किसी अनजान व्यक्ति को रुपये ट्रांसफर करते हैं, तो उसको ज्यादा सेफ्टी मिलेगी.  

Punjab Assembly में कड़ा कदम: भगवंत मान सरकार लाई सख्त बेअदबी कानून, उम्रकैद तक सजा संभव

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए अहम विधेयक सदन में पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह वॉक आउट न करे और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में भाग ले। बिल पेश होने के बाद सदन में इस पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सरकार से मांग की कि पिछले वर्ष गठित सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी को बने नौ महीने हो चुके हैं, इसलिए उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने सत्र की अवधि एक दिन बढ़ाने का सुझाव भी दिया। इस पर स्पीकर ने जवाब देते हुए कहा कि कमेटी अपना कार्य कर रही है और उचित समय पर रिपोर्ट सदन के समक्ष रखी जाएगी। वहीं, मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह एक व्यापक और पवित्र कानून है, जिसमें बेअदबी के मामलों की जांच तय समय सीमा में पूरी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच किसी भी स्थिति में उच्च स्तर से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूर किए जा चुके इस संशोधन विधेयक में ‘जगत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम-2008’ को और मजबूत बनाने का प्रावधान किया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए उम्रकैद जैसी कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। उद्देश्य: धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना इस सत्र में सबसे अहम मुद्दा रहा श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़ा प्रस्तावित नया कानून। कैबिनेट द्वारा पहले ही मंजूरी दिए गए इस विधेयक को अब विधानसभा में पेश किया गया है। इसका नाम ‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026' रखा गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना और बेअदबी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है। संशोधन समय की जरूरत  सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे समाज में गहरी नाराजगी और तनाव की स्थिति पैदा हुई है। इन घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों के लिए सज़ा पर्याप्त कठोर नहीं है, इसलिए सख्त संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। कई कठोर दंडात्मक प्रावधान भी हैं शामिल प्रस्तावित संशोधन के तहत बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कठोर दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि यह कानून समाज में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को मजबूत करेगा। मंत्रिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी भी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

केले के छिलके से बनाएं हेयर मास्क, बालों की ग्रोथ और शाइन बढ़ाने का आसान तरीका

केला खाने के कई फायदे हम सभी जानते हैं और इसे खाने के बाद छिलका डस्टबिन में डाल देते हैं। जैसे केला सेहत के लिए अच्छा होता है, वैसे ही इसका छिलका बालों की ग्रोथ के लिए अच्छा होता है। बालों की लंबाई बढ़ाने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते। महंगे तेल, शैंपू से लेकर घरेलू हेयर मास्क तक सब लगाकर देख लेते हैं लेकिन ग्रोथ नहीं बढ़ती। केले के छिलके वाला तरीका आप एक बार आजमाकर देखिए। केले के छिलके में पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट और नेचुरल ऑयल होते हैं, जो बालों को पोषण देकर उन्हें मुलायम, घना, लंबा और चमकदार बनाते हैं। इसका हेयर मास्क लगाने से आपके बाल तो बढ़ेंगे ही साथ में खोई हुई चमक भी लौटेगी। तो चलिए बताते हैं केले के छिलके से हेयर मास्क कैसे बनाएं। केले के छिलका का पाउडर इंस्टाग्राम की ब्यूटी डिजिटल क्रिएटर जो ओबरॉय ने बनाना पील हेयर मास्क बनाने का तरीका शेयर किया है। उनका कहना है कि आप इसे आसानी से बनाकर लगाएं और फिर बालों की बढ़ती हुई लंबाई देखें। तो अब आपको करना क्या है- सबसे पहले केले के कुछ छिलके लेने हैं। अब इन्हें ओवन या माइक्रोवेव में 210 डिग्री में 20 मिनट तक रखना है। जब इसे निकालेंगे तो ये बिल्कुल सूखकर हाथों से क्रश होने लगेंगे। अब इसे मिक्सी में ग्राइंड करके पाउडर बनाना है। इस पाउडर को छन्नी से छा लें, जिससे बड़ा कूड़ा निकल जाए। 2 चीजों को मिलाएं इस पाउडर को कटोरी में रखें और इसमें 1 कटोरी दही मिलाएं और 1-2 चम्मच शहद। सभी चीजों को अच्छे से मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। बस आपका बनाना हेयर मास्क रेडी हो गया। कैसे लगाएं बालों को हल्का सा गीला कर लें और फिर इस हेयर मास्क को अप्लाई करें। ऊपर से नीचे तक बालों में इसे लेप की तरह लगाएं और हेयर कैप लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करें। आपको बेहतरीन रिजल्ट मिलेगा। इस हेयर मास्क को हफ्ते में 1 बार ही लगाएं। फायदे क्या हैं- बनाना पील हेयर मास्क लगाने के कई फायदे हैं, जो आपको जरूर जानने चाहिए। इससे ना सिर्फ बाल लंबे होंगे बल्कि मजबूत भी होंगे। यहां कुछ फायदे पढ़ें- -हेयर मास्क को लगाने से बाल होंगे शाइनी और सिल्की। दही बॉलों को नमी देगा। -ये बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर फॉल कम करने में मदद करता है। -ये स्कैल्प को साफ करता है और खुजली कम करता है। -बनाना पील हेयर मास्क ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे बालों की ग्रोथ सपोर्ट होती है।