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मुख्यमंत्री के निर्देश पर गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक असामंजस्य के समाधान हेतु गठित की गई उच्च स्तरीय समिति

मुख्यमंत्री के निर्देश पर गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक असामंजस्य के समाधान हेतु गठित की गई  उच्च स्तरीय समिति गौतम बुद्ध नगरमें औद्योगिक असामंजस्य के समाधान हेतु गठित उच्च स्तरीय समिति ने बहुचरण में श्रमिकों एवं संबंधित पक्षों के साथ की जा रही है बैठक समिति द्वारा श्रमिकों एवं संबंधित पक्षों की समस्याओं का गहनता से किया जाएगा अनुश्रवण गौतमबुद्धनगर      मुख्यमंत्री  के निर्देश पर  जनपद गौतम बुद्ध नगर में उत्पन्न औद्योगिक असामंजस्य की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए औद्योगिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रमिकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।  मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देश के क्रम में समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सभागार में श्रमिक प्रतिनिधियों व संबंधित पक्षों के साथ के महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें समिति के सदस्य अपर मुख्य सचिव सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन विभाग, सदस्य सचिव श्रम आयुक्त उत्तर प्रदेश कानपुर सहित मंडलायुक्त मेरठ मंडल मेरठ, जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर व प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित हैं ।       बैठक में समिति द्वारा जनपद की विभिन्न कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को विस्तार से सुना जा रहा है। श्रमिकों ने वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, श्रमिक हितों की सुरक्षा तथा सम्मानजनक कार्य वातावरण जैसी प्रमुख मांगें समिति के समक्ष रखीं।              समिति ने सकारात्मक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए श्रमिकों को विश्वास दिलाया कि उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी कंपनियों में श्रम कानूनों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।          साथ में समिति ने सभी श्रमिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटकर कार्य करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक रूप से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें, ताकि औद्योगिक वातावरण में सौहार्द, विश्वास और स्थिरता बनी रहे।      सौजन्य सूचना विभाग, गौतमबुद्धनगर।

‘शांति, सत्य और विज्ञान’ थीम पर DRDO शो: युवाओं को मिलेगी आधुनिक रक्षा तकनीक की झलक

 मोतिहारी बिहार के मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 15 से 18 अप्रैल तक एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित कर रहा है. इस आयोजन का उद्घाटन रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और सांसद राधा मोहन सिंह करेंगे. इस प्रदर्शनी का मुख्य मकसद युवाओं को प्रेरित करना और देश की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली तकनीकों से रूबरू कराना है. प्रोग्राम की थीम 'शांति, सत्य और विज्ञान का संगम- सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर' रखी गई है. इसमें ब्रह्मोस, पृथ्वी, आकाश, प्रलय और अग्नि जैसी मिसाइलों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे. इसके साथ ही, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, पिनाका रॉकेट सिस्टम और कई एडवांस राडार सिस्टमों को जनता के सामने पेश किया जाएगा. यह आयोजन भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन की दिशा में उठाए गए मजबूत कदमों को उजागर करेगा. अत्याधुनिक मिसाइल और आर्टिलरी सिस्टम प्रदर्शनी में डीआरडीओ द्वारा विकसित एडवांस रक्षा प्रणालियों की एक विस्तृत चेन दिखाई देगी. इनमें आकाश-एनजी (न्यू जेनरेशन) लॉन्चर, एंटी-सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल और नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल प्रमुख हैं. इसके अलावा, एडवांस टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) जैसे हथियारों के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र होंगे. मैदान पर सेना की ताकत बढ़ाने वाले मेन बैटल टैंक अर्जुन (एमके-I और II) और इंडियन लाइट टैंक (ILT) के मॉडल्स भी यहां प्रदर्शित किए जाएंगे. तकनीक के क्षेत्र में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम, उत्तम एईएसए रडार और ड्रोन डिटेक्शन रडार की क्षमताओं को भी दिखाया जाएगा. यह युवाओं को रक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों की बारीकियां समझने का मौका देगा. प्रदर्शनी में कावेरी इंजन का रैपिड प्रोटोटाइप मॉडल, ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन (ACADA) और होलोग्राफिक साइट जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है. इसके अलावा ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, बैलिस्टिक हेलमेट और नौसैनिक स्टील जैसी सामग्रियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा.

अक्षय तृतीया 2026: 19 अप्रैल को बनेगा गजकेसरी सहित कई राजयोग

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म का एक बेहद शुभ और पवित्र दिन माना जाता है. यह हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है. इस दिन को बिना मुहूर्त के भी शुभ कार्य शुरू करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. 'अक्षय' का मतलब होता है कभी खत्म न होने वाला. मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे काम, दान, पूजा या निवेश का फल कभी कम नहीं होता, बल्कि लगातार बढ़ता रहता है. इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर वर्ष के वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. इस दिन सोना और चांदी खरीदना बहुत ही शुभ होता है. वहीं, इस बार अक्षय तृतीया कई दुर्लभ संयोगों के साथ आ रही है. अक्षय तृतीया पर होगा इन संयोगों का निर्माण ज्योतिषियों के मुताबिक, अक्षय तृतीया वाले दिन गुरु-चंद्रमा एक ही राशि में रहेंगे, जिससे गजकेसरी राजयोग बनेगा. इस दिन त्रिपुष्कर राजयोग, आयुष्मान राजयोग, मालव्य राजयोग और शश राजयोग का निर्माण होगा. अक्षय तृतीया पर इन राजयोगों के बनने से कई राशियों का गोल्डन टाइम शुरू होगा. आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में. मेष राशि अक्षय तृतीया आपके लिए अच्छे संकेत लेकर आ सकती है. जमीन-जायदाद से जुड़ा कोई फायदा मिल सकता है. नौकरी या करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भी यह समय फायदेमंद साबित हो सकता है. वृषभ राशि इस राशि के लोगों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के योग हैं. पहले से अटका पैसा वापस मिल सकता है, जिससे राहत मिलेगी. निवेश करने वालों को भी लाभ मिलने की संभावना है. समाज में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ सकता है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय खुशियां लेकर आ सकता है. कोई अच्छी खबर मिल सकती है और लंबे समय से जो इच्छाएं अधूरी थीं, वे पूरी हो सकती हैं. करियर में भी अच्छे मौके मिलेंगे और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय राहत भरा रहेगा. घर-परिवार में खुशी का माहौल रहेगा. व्यापार करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. साथ ही बचत बढ़ने के संकेत हैं और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए अधूरे काम पूरे होने के योग बन रहे हैं. मानसिक रूप से आप खुद को मजबूत महसूस करेंगे. अचानक धन लाभ हो सकता है. जो लोग नया काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें इस समय सही दिशा मिल सकती है.

Haryana Election Update: NOTA का असर खत्म, हारकर भी जीत सकता है रनर-अप उम्मीदवार

चंडीगढ़. स्थानीय निकायों के चुनाव में अगर नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) सर्वाधिक वोट लेता है तो भी जीत नहीं पाएगा। ऐसी स्थिति में दूसरे स्थान पर रहने वाले प्रत्याशी को विजेता घोषित कर दिया जाएगा। नवंबर 2018 में जारी व्यवस्था को राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने निरस्त कर दिया है। निकाय चुनाव में पिछली बार की तरह ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) पर सबसे अंत में नोटा का बटन रहेगा। लेकिन नोटा के पास इस बार चुनाव रद कराने की क्षमता नहीं होगी। राज्य चुनाव आयुक्त देवेन्द्र सिंह कल्याण ने विगत 7 अप्रैल को नया आदेश जारी कर 2018 में तत्कालीन राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. दलीप सिंह द्वारा जारी पिछले आदेश को निरस्त कर दिया है। तब व्यवस्था की गई थी कि चुनावों में नोटा को कल्पित चुनावी प्रत्याशी माना जाएगा और उसके पक्ष में पड़े सभी वोट को रिकार्ड पर लिया जाएगा। अगर नोटा के पक्ष में डाले गए वोट अन्य प्रत्याशियों से अधिक हैं तो किसी भी प्रत्याशी को उस वार्ड से निर्वाचित घोषित नहीं किया जाएगा। आयोग द्वारा उस चुनावी क्षेत्र में वह चुनाव रद कर दोबारा चुनाव करवाया जाएगा जिसमें पिछला चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को शामिल होने नहीं दिया जाएगा। यानी कि केवल नए प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकते थे। हालांकि दूसरी बार के चुनाव में भी नोटा को सर्वाधिक वोट मिलने की स्थिति में दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विजयी घोषित करने की व्यवस्था की गई थी। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि नए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब अगर किसी स्थानीय चुनाव में नोटा को सर्वाधिक वोट मिलते हैं, तो भी चुनाव रद नहीं होगा। नोटा के बाद दूसरे नंबर पर सर्वाधिक वोट लेने वाले उम्मीदवार को निर्वाचित घोषित कर दिया जाएगा। नोटा को डाले गए वोटों को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों द्वारा जमानत राशि बचाने के लिए जरूरी न्यूनतम 12.5 प्रतिशत वोटों की गणना में भी शामिल नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच द्वारा सितंबर 2013 में दिए गए एक निर्णय पीयूसीएल बनाम भारत सरकार में चुनावों में नोटा के विकल्प का प्रविधान डालने बारे भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश तो दिया था, परंतु उसमें ऐसा कुछ नही था जैसा कि हरियाणा निर्वाचन आयोग ने नवंबर 2018 से व्यवस्था लागू कर रखी थी।

महाकाल के दरबार में मिलिन्द सोमन और नीतीश राणा, बाबा से की दिल की बात

उज्जैन   मंगलवार तड़के एक्टर मिलिंद सोमन व क्रिकेटर नीतीश राणा महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन पहुंचे. मिलिंद सोमन व नीतीश राणा दोनों ही अपनी पत्नी के साथ भस्म आरती में शामिल हुए. मिलिंद सोमन के साथ उनकी पत्नी अंकिता कोंवर व क्रिकेटर नीतीश राणा के साथ उनकी पत्नी सांची मारवाह ने महाकाल का आशीर्वाद लिया।  भस्म आरती में भावुक नजर आए मिलिंद सोमन फिल्म अभिनेता मिलिंद सोमन भस्म आरती के दौरन काफी भावुक नजर आए और लगातार महाकाल का जाप करते हुए दिखे. तड़के 2 बजे से भस्त आरती की तैयारियां शुरू हो गई थी, जिसके साथ ही मिलिंद सोमन व नीतीश राणा भी नंदी हॉल पहुंच गए।  यहां दोनों को पुजारियों ने गर्भग्रह स्थित सभी देवी देवताओं का पूजन कर जलाभिषेक कराया. इसके बाद भगवान का दूध, दही,घी, शक्कर व फलों के रस से अभिषेक करवाया गया और फिर भगवान को भस्म रमाकर भस्म आरती की शुरुआत हुई।  'बाबा का बुलावा आ ही गया' मिलिंद व नीतीश लगभग 2 घंटों तक नंदी हाल में बैठे रहे. आरती पूर्ण होने के बाद उन्होंने बाबा महाकाल के दरबार में माथा टेककर दर्शन किए. इसके बाद राघव पुजारी के माध्यम से भगवान को जल अर्पित किया. दर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए अभिनेता मिलिन्द सोमन ने कहा, '' खुशी की बात है कि यहां आने का मौका मिला, यहां आकर मन को बहुत शांति मिली है. हम लंबे समय से सोच रहे थे कि महाकाल के दर पर आना है, बहुत सालों से ऐसी आशा थी कि हम आएंगे लेकिन कहते हैं कि जब तक बुलावा नहीं आता है, तब तक नही आ सकते हैं. अब बुलावा आ गया है. इनके (पत्नी) के कारण हम आए हैं, ये मेरी धर्म पत्नी हैं, इन्होंने कहा था कि हम जाएंगे. यहा आकर बहुत-बहुत अच्छा लगा, सबका बहुत-बहुत धन्यवाद. जय महाकाल'' क्रिकेटर नीतीश राणा ने किया जल अभिषेक इस दौरा क्रिकेटर नीतिश राणा ने भी पत्नी संग विधि विधान से महाकाल का पूजन किया और पुजारियों के माध्यम से महादेव का जल अभिषेक किया. नीतीश काफी देर तक नंदी हॉल में बैठकर मंत्रजाप करते भी नजर आए. महाकाल मंदिर में हर दिन लाखों की तादाद में आम जनता के साथ-साथ सिलेब्रिटीज, क्रिकेटर, राजनेता समेत देश-दुनिया की तमाम हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचती हैं। 

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार आज दे सकते हैं इस्तीफा

पटना  बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. बीते 20 साल से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. वे अब राज्यसभा सांसद बन चुके हैं. इससे पहले उन्होंने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक बुलाई, जिसमें सरकार को भंग करने की सिफारिश की गई. दोपहर 3:15 बजे इस्तीफा देंगे सीएम जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार दोपहर 3:15 बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. इसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों की भावुक प्रतिक्रिया बैठक खत्म होने के बाद कई मंत्रियों ने इसे भावुक क्षण बताया. सभी ने नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल और उनके नेतृत्व की सराहना की. लखेंद्र पासवान बोले- बिहार को मजबूत बनाने का काम हुआ मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों का भरोसा जीता है और राज्य को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है. उन्होंने कहा कि आगे भी नई सरकार में उनकी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में रहेगी. लेसी सिंह ने बताया भावुक और गौरव का पल मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि यह पल भावुक होने के साथ-साथ गौरव का भी है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेता के साथ लंबे समय तक काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही. रामकृपाल यादव हुए भावुक बैठक के बाद मंत्री रामकृपाल यादव भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए भावुक क्षण है. उन्होंने नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया. बीजेपी विधायक बोले- बिहार के इतिहास में दर्ज होगा नाम बीजेपी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि उनका नाम बिहार के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा और वे आगे भी मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे.

भोपाल में 11 तोला सोने की लूट की साजिश, डॉक्टर की महिला मित्र ने प्लान किया था, दो गिरफ्तार

भोपाल  राजधानी भोपाल के श्यामला हिल्स क्षेत्र स्थित किलोल पार्क के पास 10 अप्रैल की सुबह टीबी रोग विशेषज्ञ वरिष्ठ डॉक्टर के साथ हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में लूट की साजिश किसी पेशेवर गैंग ने नहीं, बल्कि फरियादी डॉक्टर की करीबी महिला मित्र आलिया खान ने ही रची थी। पुलिस ने मास्टरमाइंड महिला और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।  श्यामला हिल्स पुलिस के अनुसार, फरियादी डॉक्टर मनोज वर्मा रोज सुबह साइकिलिंग के लिए निकलते थे और हाथ में करीब 11 तोले का सोने का कड़ा पहनते थे। इसी बात ने आरोपी महिला आलिया खान को लालच में डाल दिया। डॉक्टर की परिचित होने के कारण वह उनकी दिनचर्या, रूट और आदतों से भली-भांति वाकिफ थी। उसने इसी जानकारी का फायदा उठाकर अपने साथियों के साथ लूट की साजिश रची। करीबी महिला मित्र निकली साजिश की मास्टरमाइंड पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला सच सामने आया कि इस अपराध के पीछे मुख्य साजिशकर्ता आलिया खान थी, जो डॉक्टर की जान-पहचान की महिला मित्र थी. आलिया को डॉक्टर के काफी करीब माना जाता था और उसे डॉक्टर के पास मौजूद कीमती सामानों के साथ-साथ उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों की भी पूरी जानकारी थी. पैसे के लालच में आकर आलिया ने कई साथियों के साथ मिलकर लूट की एक साजिश रची. उसने लुटेरों को डॉक्टर की सटीक जगह और उनके कार्यक्रम की जानकारी दी, जिसके आधार पर अपराधियों ने इस अपराध को अंजाम दिया।  दो आरोपी गिरफ्तार दो की तलाश जारी तत्परता दिखाते हुए पुलिस ने इस मामले की मुख्य मास्टरमाइंड आलिया खान और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर लूटे गए सोने के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. हालांकि इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है. यह मामला उन अपराधों का एक गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जो सामाजिक विश्वास और रिश्तों की बुनियाद के भीतर ही पनपते हैं।  जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले डॉक्टर की रेकी की और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। घटना वाले दिन बदमाश सुनसान इलाके में पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही डॉक्टर पॉलीटेक्निक रोड से किलोल पार्क के पास पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें टक्कर मारकर गिरा दिया। इसके बाद उनके ऊपर मिर्च पाउडर फेंका गया, जिससे वे असहाय हो गए और बदमाश सोने का कड़ा लूटकर फरार हो गए। वारदात का तरीका जैसे ही डॉक्टर वहां पहुंचे, अरशान खान ने उनका पीछा करते हुए साइकिल को टक्कर मारी, जिससे वे गिर पड़े। इसके बाद उसके दो साथियों ने डॉक्टर की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया और सोने का कड़ा लूटकर फरार हो गए। तीनों आरोपी बाइक पर मौके से भाग निकले। CCTV से खुला राज घटना के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। जांच आगे बढ़ने पर शक की सुई सीधे आलिया खान पर जा टिकी। हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने साजिश कबूल कर ली और अपने साथी अरशान का नाम उजागर किया। एनजीओ चलाती है आरोपित 27 वर्षीय आलिया खान तलैया इलाके की निवासी है और खुद को समाज सेविका बताते हुए एक NGO चलाती है। बताया जा रहा है कि उसकी मुलाकात डॉक्टर से मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी। इसके बाद उसने योजनाबद्ध तरीके से उनकी निजी जानकारी जुटाई। पुलिस रिकॉर्ड में आलिया के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला भी दर्ज है। वहीं, 22 वर्षीय अरशान खान, टीला जमालपुरा का रहने वाला है और उसका भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। उसी ने वारदात के दौरान डॉक्टर का पीछा कर उन्हें गिराया और साथियों के साथ लूट को अंजाम दिया। पुलिस का यह कहना जोन-3 के प्रभारी डीसीपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल लूट कांड में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्धों की पहचान हुई। जांच के दौरान शक आलिया खान पर गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने साजिश कबूल कर ली और अपने साथी अरशान खान का नाम भी बताया। पुलिस ने आलिया खान (27), निवासी तलैया, और अरशान खान (22), निवासी टीला जमालपुरा, को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि आलिया खुद को समाजसेविका बताकर एक एनजीओ संचालित करती है और कुछ महीने पहले सुबह की सैर के दौरान उसकी डॉक्टर से पहचान हुई थी। उसने धीरे-धीरे उनकी निजी जानकारी जुटाई और वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आलिया के खिलाफ पहले से चोरी का एक मामला दर्ज है। फिलहाल पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने कहा कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा।

अंबेडकर जयंती पर खास कार्यक्रम: CM साय आज करेंगे 21 फीट प्रतिमा का अनावरण, भाजपा की तैयारी पूरी

रायपुर. सीएम विष्णुदेव साय आज रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह दोपहर एक बजे शंकर नगर के दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर आयोजित समरसता भोज में शामिल होंगे. इसके बाद दोपहर 2 बजे रायपुर के कलेक्ट्रेट चौक जाएंगे, जहां सीएम डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण करेंगे.  अंबेडकर जंयती पर भाजपा प्रदेशभर में करेगी कार्यक्रम  रायपुर. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती पर भाजपा आज प्रदेशभर में कार्यक्रम करेगी. सभी कार्यालयों में माल्यार्पण और विचार गोष्ठी का आयोजन होगा. बूथ स्तर तक जयंती मनाने की तैयारी की गई है. समरसता भोज के जरिए विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा. साथ ही PM मोदी और CM साय का संदेश घर-घर पहुंचाया जाएगा. वहीं रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रमों में बड़े नेता शामिल होंगे. BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव भी कार्यक्रमों में मौजूद रहेंगे. 20 अप्रैल तक अलग-अलग जिलों में संगोष्ठियों का आयोजित होंगी. इस दौरान सामाजिक संस्थाओं और समाज प्रमुखों का सम्मान किया जाएगा. प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में अंबेडकर जयंती पर ग्रामसभा अंबेडकर जयंती पर प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों मुख्यालयों में ग्रामसभा आयोजित होंगे. छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के तहत ग्रामसभाएं लगेंगी. ग्रामसभा निर्णयों की 15 मिनट वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य की गई है. रिकॉर्डिंग को मोबाइल ऐप में अपलोड करना जरूरी होगा. वहीं केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय का नया AI पोर्टल लागू किया जाएगा. “सभासार” पोर्टल से ग्रामसभा का विवरण तैयार होगा . “वाइब्रेंट ग्राम सभा पोर्टल” में 100 प्रतिशत अपलोड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

आज बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे शिवराज सिंह चौहान, बैठक में होगी घोषणा

पटना  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान आज 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार कुछ देर में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व पहली बार भाजपा करेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक में गठबंधन के पांच दलों के विधायक उस नाम का अनुमोदन करेंगे। अभी जैसे जेडीयू विधायक दल के नेता नीतीश सीएम हैं, उसी तरह आगे भाजपा विधायक दल का नेता ही एनडीए विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा और एनडीए से पहले जेडीयू के विधायक दल की बैठक 2 बजे नीतीश लेंगे। एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद नया नेता यानी नए मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बुधवार की सुबह 11 बजे लोक भवन (राजभवन) में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीमित संख्या में पांच घटक दलों के मंत्री शपथ लेंगे। समारोह में दिल्ली से भाजपा और एनडीए दलों के बड़े नेता आ सकते हैं। नए सीएम को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है, लेकिन खुली आंखों से जो राजनीतिक घटनाक्रम दिख रहा है और कल से जिस तरह भाजपा विधायक दल के मौजूदा नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आवास नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों-मुलाकातों का केंद्र बना हुआ है, उससे यह संभावना प्रबल है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। सीएम पद के लिए नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, जनक राम, रेणु देवी, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल, मंगल पांडे जैसे कई नाम चर्चा में हैं। लेकिन भाजपा का फैसला शाम 3 बजे की बैठक में सामने आने तक कुछ तय रूप से नहीं कहा जा सकता। पांच महीने पहले सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को भाजपा विधायक दल का नेता और उप-नेता चुना गया था। भाजपा के पास विकल्प है कि वो विधायक दल का नेता या उप-नेता ना बदले, लेकिन जदयू को सांसद नीतीश की जगह पर नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो। इस लिहाज से जदयू की 2 बजे की बैठक भी बहुत महत्वपूर्ण है। जदयू में नीतीश के बाद नेता बनने की रेस में विजय कुमार चौधरी का नाम सबसे आगे है। नीतीश कुमार सीएम आवास से निकले, आंबेडकर जयंती समारोह बतौर मुख्यमंत्री आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम नीतीश कुमार बतौर सीएम अपने अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री आवास से निकल गए। वो आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने के बाद जब सीएम हाउस लौटेंगे तो अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद वो राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप देंगे।  भाई वीरेंद्र ने कहा- सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो हम बधाई देंगे राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि अगर सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो वो उनको बधाई देंगे। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के करीबी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी कहा था कि अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो राजद के कार्यकर्ता खुश ही होंगे। शक्ति यादव का तर्क था कि इससे साबित होगा कि राजद से निकले कार्यकर्ता दूसरे जगह जाकर भी सीएम बन सकते हैं। सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 08- राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा सम्राट के आवास गए एनडीए दलों के नेता और नीतीश के प्रधान सचिव दीपक कुमार के बाद कल शाम जब राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा भी सम्राट चौधरी के आवास पहुंच गए, तो यह अब तक के सारे संकेतों में सबसे मजबूत इशारा हो गया कि अगला सीएम कौन हो सकता है। कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा करने के लिए राज्यपाल के सचिव सम्राट से मिलने गए थे। सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 07- सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार सम्राट के आवास गए एनडीए के नेताओं के बाद जब कल नीतीश कुमार के प्रधान सचिव दीपक कुमार भी सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दीपक कुमार ही सरकार की सारी प्रशासनिक व्यवस्था पर सीएम के लिए नजर रखते हैं। दीपक कुमार हर यात्रा और कार्यक्रम में सीएम के साथ और बिल्कुल पास खड़े दिख जाते हैं। दीपक कुमार का सम्राट चौधरी के आवास जाना भी अगली सरकार के नेता का मजबूत संकेत है। JDU इन 5 नेताओं पर लगा सकती है दांव डिप्टी सीएम की रेस में कौन आगे? सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेडीयू की ओर से उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा. हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम इस पद के लिए सबसे चर्चा में है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार निशांत फिलहाल इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं. वहीं, दो उपमुख्यमंत्री होने की बात भी माने आ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री के मामले में चौका भी सकते हैं. वे निशांत के अलावा किसी अन्य नेता पर भी दाव लगा सकते हैं. इसके लिए 5 नाम सबसे प्रबल हैं. इनमें संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, विजेंद्र यादव शामिल हैं।      संजय झाः इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. पार्टी के रणनीतिकार हैं. सवर्ण (ब्राह्मण) जाति से आते हैं. वे बीजेपी से जदयू में आए हैं. लिहाजा बीजेपी में भी उनकी अच्छी पकड़ है।      ललन सिंहः ये नीतीश कुमार के पुराने साथी और बेहद भरोसेमंद हैं. ललन सिंह भी सवर्ण यानि भूमिहार जाति से आते हैं. फिलहाल लोकसभा सांसद और केंद्र में मंत्री है. इनका पार्टी पर संगठन पर मजबूत पकड़ और लंबा प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव है।      विजय चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के साथ साये की तरह देखा जाता है. विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और नीतीश के संकटमोचक माने जाते हैं. फिलहाल राज्य सरकार में मंत्री हैं. सवर्ण जाति से आते हैं और भूमिहार है।      अशोक चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के मानस पुत्र माना जाता है. पासी … Read more

ट्रंप की धमकी: होर्मुज में तूफान का खतरा, ईरान पर नहीं पड़ी असर, रूस ने युद्ध में लिया कदम

वाशिंगटन पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. यूनाइटेड स्टेट्स और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई, जबकि पहले युद्धविराम की घोषणा की गई थी. इस असफल बातचीत के बाद हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं. वार्ता फेल होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक घेराबंदी लागू कर दी. ट्रंप ने साफ कहा कि हम किसी देश को दुनिया को ब्लैकमेल या डराने नहीं देंगे.उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान की कोई तेज हमला करने वाली नौकाएं अमेरिकी सेना के करीब आईं, तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा।  हिज्बुल्ला का ऐलान हालांकि ट्रंप ने यह भी दावा किया कि बातचीत विफल होने के बाद ईरान के प्रतिनिधियों ने फिर से संपर्क किया है और अब तेहरान शांति समझौते के लिए बातचीत में लौटना चाहता है. इस बीच क्षेत्र में एक और तनावपूर्ण बयान सामने आया है. लेबनान के संगठन हिज्बुल्ला के प्रमुख नईम कासिम ने लेबनान सरकार से अपील की है कि वह अमेरिका में इजरायल के साथ होने वाली प्रस्तावित वार्ता को रद्द कर दे. हिज्बुल्ला ने कहा कि इजरायल जैसे दुश्मन देश के साथ किसी भी तरह की बातचीत को पूरी तरह खारिज करते हैं. उन्होंने इसे रद्द करने के लिए सरकार से ऐतिहासिक और साहसिक फैसला लेने की मांग की. गौरतलब है कि हिजबुल्लाह ईरान समर्थित संगठन है और 2 मार्च से इजरायल के साथ संघर्ष में शामिल है।  रूस बनना चाहता है मध्यस्थ ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध में अब रूस शांतिदूत की भूमिका निभाना चाहता है. पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संबंध में ऑफर दिया था और अब विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अरागची से फोन पर बातचीत की. रूस की ओर से कहा गया कि सशस्त्र संघर्ष दोबारा न हो, यह बहुत जरूरी है. साथ ही रूस ने एक बार फिर साफ किया कि वह इस संकट को सुलझाने में हर संभव मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है।  अमेरिका बोला- फैसला ईरान को लेना है अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि ईरान को परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए खुद कदम उठाने होंगे. उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान में 21 घंटे चली बातचीत के बाद अमेरिका अब वहां से वापस आ रहा है और ईरान की प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं रही. वेंस के मुताबिक आगे की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि ईरान कितनी गंभीरता से बातचीत में शामिल होता है. उन्होंने कहा कि अब प्रगति की जिम्मेदारी ईरान पर है और उसे यह दिखाना होगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाने के लिए तैयार है।  पाकिस्तान का दावा- ईरान चाहता है इस्लामाबाद में हो वार्ता इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद मध्यस्थता की कोशिश करने वाले देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच मैसेज का आदान-प्रदान जारी रखा है. उनका लक्ष्य है कि दोनों देश कम से कम 45 दिन के लिए सीजफायर बढ़ाने पर राजी हो जाएं. दोनों पक्ष बातचीत जारी रखने पर तो सहमत हैं, लेकिन अगली मीटिंग के एजेंडा, उद्देश्य, फॉर्मेट और जगह को लेकर मतभेद अभी भी बने हुए हैं. ईरान चाहता है कि अगली बातचीत इस्लामाबाद में हो क्योंकि वहां उसे सुविधा और पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा है. वहीं अमेरिका दूसरी जगहों पर विचार कर रहा है, जहां उसे सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स बेहतर लगते हैं. हालांकि अगर बड़े मुद्दों पर सहमति बनती है, तो बातचीत की जगह कोई बड़ी रुकावट नहीं बनेगी।   2 दिन बाद फिर शुरू होगी ईरान-अमेरिका वार्ता ईरान-अमेरिका युद्ध: एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच एक नई दौर की बातचीत जल्द ही गुरुवार तक हो सकती है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में इस्लामाबाद में हुई उच्चस्तरीय वार्ता भले ही किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची, लेकिन बातचीत के दरवाजे खुले रहे. इसका मतलब है कि दोनों देश अब भी कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. आने वाली बातचीत में पिछले मुद्दों पर फिर चर्चा हो सकती है और समझौते की संभावना बनी हुई है।   होर्मुज नाकेबंदी हटाना चाहता है सऊदी, ट्रंप से की बात अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक सऊदी अरब, अमेरिका पर दबाव डाल रहा है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नौसैनिक घेराबंदी तुरंत हटा ले और दोबारा बातचीत की मेज पर लौट आए. सऊदी और अन्य खाड़ी देशों को डर है कि अगर अमेरिका ने घेराबंदी जारी रखी तो ईरान बदला लेने के लिए उनके वैकल्पिक रास्ते भी बंद कर सकता है. ऐसी स्थिति उनकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगी. होर्मुज के हाहाकार के बाद भी उनका तेल अब तक दूसरे रास्तों से निकल रहा था लेकिन ट्रंप के इस कदम से वो भी खतरे में आ जाएंगे।  होर्मुज पर चीन ने अमेरिका को हड़काया – हमारे मामले से दूर रहो  होर्मुज ब्लॉकेड पर अब चीन भी भड़क उठा है. चीन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी लगाने के ट्रंप के फैसले को लेकर अमेरिका को चेताया है. चीन ने अमेरिका को आगाह किया कि वह ईरान के साथ चीन के संबंधों में दखल न दे. होर्मुज ब्लॉकेड पर चीन की अमेरिका को सीधी-सीधी पहली प्रतिक्रिया है. चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने कहा कि बीजिंग तेहरान के साथ अपने व्यापार और ऊर्जा संबंधी वादों को पूरा करेगा. उन्होंने कहा कि चीनी जहाज इस इलाके में अपना काम जारी रखेंगे और बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं करेंगे।  लेबनान-इजरायल के बीच वार्ता की शुरुआत इजरायल-लेबनान वार्ता: अमेरिका में आज इजराइल और लेबनान के बीच बातचीत की शुरुआत होगी. अमेरिकी राजदूत येचिएल लीटर और लेबनान की राजदूत नादा हमादेह मोआवद की आज शांति के लिए बातचीत होगी. पिछले हफ्ते पहली बार दोनों देशों के राजदूतों के बीच फोन पर दशकों बाद बातचीत हुई थी. 1983 में अंतिम बार दोनों देशों के बीच आखिरी और सीधी बातचीत हुई थी, हालांकि अप्रत्यक्ष समझौते और अप्रत्यक्ष वार्ता होती रही है. आज अमेरिका की मध्यस्थता में यह बातचीत होनी है. ये बात दिलचस्प है क्योंकि इजरायल-लेबनान के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध तक नहीं हैं।  होर्मुज की नाकेबंदी कर रहा अमेरिका, ईरान को दी धमकी … Read more