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विगत 07 दिवस में प्रदेशभर से 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ, वाहन एवं अन्य सामग्री जप्त

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार कार्यवाहियां की जा रही हैं। इसी कार्यवाही के दौरान पुलिस टीमों ने  विगत 07 दिनों में विभिन्न जिलों में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 38 लाख रुपए से अधिक के मादक पदार्थ, वाहन, नकदी एवं अन्य सामग्री जप्त की है। कई अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत वैधानिक कार्यवाही भी की गई। रीवा थाना सिविल लाइन पुलिस ने 749 शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप (कीमत 1 लाख 50 हजार 549 रुपए) तथा तस्करी में प्रयुक्त बलेनो वाहन (कीमत लगभग 7 लाख रुपए ) सहित लगभग 8 लाख 50 हजार 549 रुपए की संपत्ति जब्त की है।   वहीं थाना बिछिया पुलिस ने 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर 28.930 किलोग्राम अवैध गांजा (कीमत 4 लाख 20 हजार), परिवहन में प्रयुक्त कार (20 लाख रुपए), 08 मोबाइल (80 हजार रुपए) एवं नग़द 73 हजार 50 रुपए जब्त किए है। इस प्रकार दोनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 34 लाख 23 हजार 599 रुपए की संपत्ति जब्त की है। राजगढ़ जीरापुर पुलिस ने “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत 298 ग्राम स्मैक एवं 5.496 किलोग्राम कैमिकल पाउडर (टांका) जप्त कर  लगभग 35 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। नीमच थाना नीमच पुलिस ने 150 ग्राम एमडी (कीमत 15 लाख रुपए) एवं 06 किलोग्राम पीसा हुआ डोडाचुरा (कीमत 90 हजार रुपए) जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही परिवहन में प्रयुक्त 01 पल्सर मोटरसाइकिल भी जप्त की है। वहीं थाना रतनगढ़ एवं चौकी सरवानिया महाराज पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपए का  153 किलो 500 ग्राम अवैध डोडाचुरा  जप्त कर 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बालाघाट पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 09 आरोपियों को गिरफ्तार किया।आरोपियों के कब्जे से 23.140 किलोग्राम गांजा, तस्करी में प्रयुक्त वाहन, 02 बाइक, 10 मोबाइल सहित लगभग 12 लाख 30 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। मंदसौर थाना नारायणगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय तस्कर के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी की महिन्द्रा कार से 156.5 किलोग्राम डोडाचुरा जप्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 2 लाख 34 हजार 750 रुपए है। वहीं थाना पिपलियामंडी पुलिस ने 01 अंतर्राज्यीय तस्कर को 20.720 किलोग्राम अवैध डोडाचुरा (कीमत 41 हजार रुपए) सहित गिरफ्तार किया। इसी प्रकार एक अन्य कार्यवाही में थाना नाहरगढ पुलिस ने 500 ग्राम एम.डी.,  05  किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचुरा एवं  एक्सेस सुजुकी स्कुटर सहित लगभग  10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इस प्रकार तीनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 12 लाख 75 हजार 750 रुपए की संपत्ति जब्त की है। शिवपुरी थाना देहात पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 20.45 ग्राम स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 4 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है।   शहडोल जैतपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 04 किलो 28 ग्राम गांजा के साथ 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई संपत्ति की कुल कीमत 31 हजार रुपए है। बैतूल कोतवाली पुलिस ने नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपए कीमत की ब्राउन शुगर जप्त कर 02 तस्करों को गिरफ्तार किया। उज्जैन थाना नीलगंगा पुलिस ने 25 ग्राम अवैध एम.डी. ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की। वही थाना बिरलाग्राम पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजा के साथ 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके  कब्जे से 1 किलो 221 ग्राम अवैध गांजा, जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपए है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

भाजपा-जदयू में नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा, पुराने मंत्रियों की हो सकती है वापसी

पटना बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा तेज है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरण का नया स्वरूप दिख सकता है। अगड़ी, पिछड़ी और अति पिछड़ी जाति तीनों के संदर्भ में यह बात कही जा रही है। वहीं, जदयू अपने कुछ पूर्व मंत्रियों के नाम पर यथास्थिति मोड में हैं। भाजपा कुछ पुराने चेहरे पर दृढ़ तो है ही, लेकिन क्षेत्रीय व सामाजिक समीकरण को ध्यान में रख कई नए नाम काे मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद है। क्षेत्रीय समीकरण को साधेगी बीजेपी भाजपा में क्षेत्रीय समीकरण के मामले को सामाजिक समीकरण से जोड़ा जा रहा। मगध क्षेत्र से भाजपा ने अति पिछड़ी जाति को महत्वपूर्ण पद पर जगह दिया हुआ है। इसलिए यह कहा जा रहा कि मगध क्षेत्र से किसी सवर्ण जाति के विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है। जिस जिले में भाजपा ने 2025 के विधानसभा चुनाव में बेहतर उपलब्धि हासिल की है, वहां से किसी सवर्ण विधायक को मंत्री पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी तरह तिरहुत प्रमंडल के बारे में भी बात की जा रही। तिरहुत इलाके से पिछली सरकार में अति पिछड़ा वर्ग से एक महिला मंत्री थीं भाजपा कोटे से। इसलिए तिरहुत से भी किसी सवर्ण विधायक को भाजपा कोटे से मंत्री बनाया जा सकता है। दरभंगा इलाके से किसी ब्राह्मण विधायक को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। पूर्व में भाजपा ने दो बार अपने कोटे से ब्राह्मण समाज के विधायक को मंत्री बनाया था। एक महिला विधान पार्षद को भी सम्राट सरकार में जगह मिल सकती है। अभी तक वह मंत्री नहीं रही हैं। जदयू में कुछ नए चेहरे को पहली बार मिलेगा मौका जदयू कोटे से सम्राट सरकार में कौन-कौन मंत्री बनेंगे? इस बारे में यह कहा जा रहा कि कई नामों पर यथास्थिति रहेगी। जिन नामों पर यथास्थिति की बात कही जा रही उनमें वे लोग शामिल हैं, जो नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं। इनकी संख्या 8 से 9 के बीच रह सकती है। वहीं, जदयू कोटे से कई युवा विधायक जो पहली बार चुनाव जीतकर आए हैं, उनको इस बार मंत्रिमंडल में जगह दिए जाने की चर्चा है। इस क्रम में वैसे विधायकों का नाम लिया जा रहा, जिन्होंने बड़े संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। लाेजपा (रामविलास), रालोमो व हम में बदलाव की गुंजाइश नहीं मंत्रिमंडल विस्तार के तहत एनडीए के तीन अन्य घटक दल लोजपा (रामविलास) रालोमो व हम की सूची में किसी तरह के बदलाव की गुंजाइश नहीं दिख रही। लोजपा (रामविलास) से पूर्व की सरकार में मंत्री रहे एक विधायक को जगह नहीं मिलने की बात चर्चा में जरूर है, लेकिन लोजपा नेतृत्व इसे अफवाह बता रहा।  

संजय दत्त की ‘वास्तव 2’ पर बड़ा अपडेट, सीक्वल पर काम शुरू

1999 में रिलीज हुई फिल्म वास्तव: द रियलिटी को महेश मांजरेकर ने डायरेक्ट किया था. उसमें संजय दत्त ने रघुनाथ 'रघु' नामदेव शिवलकर का दमदार किरदार निभाया था. फिल्म ने एक्टर को अलग ही पहचान दिलाई थी. अब संजय दत्त ने रिवील किया कि इस आइकॉनिक फिल्म का सीक्वल बनाया जा रहा है. 24 अप्रैल 2026 को खलनायक रिटर्न्स के लॉन्च इवेंट में संजय दत्त ने ऑफिशियली बताया कि वो वास्तव 2 पर काम कर रहे हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके कोई और मशहूर किरदार भी वापसी करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया. वास्तव 2 पर क्या बोले संजय दत्त? रिपोर्ट्स के मुताबिक संजय दत्त ने कहा कि वास्तव 2 पर काम चल रहा है. साथ ही उन्होंने मुन्ना भाई फ्रेंचाइजी के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा- हम वास्तव 2 पर काम कर रहे हैं. जहां तक मुन्ना भाई का सवाल है, इसके लिए आपको राजकुमार हिरानी से पूछना होगा. राजू, प्लीज मुन्ना भाई फिर से बनाओ. उनके इस बयान के बाद एक बार फिर मुन्ना भाई की वापसी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. ‘खलनायक’ की कास्टिंग की कहानी इसी दौरान फिल्ममेकर सुभाष घई ने खलनायक की कास्टिंग से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी शेयर की. उन्होंने बताया- जब मैंने खलनायक पर काम शुरू किया, तो इंडस्ट्री में इसकी चर्चा होने लगी. कई स्टार्स मुझसे मिलने आए और फिल्म में काम करने की इच्छा जताई. लेकिन मैंने उनसे कहा कि मेरे दिमाग में पहले से ही एक एक्टर है. उन्होंने संजय दत्त को बुलाकर कहानी सुनाई, जिस पर संजय ने कहा- सर, मुझे आप पर भरोसा है. हम ये फिल्म करेंगे. ये फिल्म 90 के दशक की सबसे यादगार फिल्मों में से एक बनी, जिसमें संजय दत्त के साथ माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ भी थे. जेल में आया ‘खलनायक 2’ का आइडिया संजय दत्त ने बताया कि खलनायक रिटर्न्स का आइडिया उन्हें 90 के दशक में जेल के दौरान आया था. उन्होंने कहा- जेल में मैं म्यूजिक बजाता था और कैदी सिर्फ खलनायक के गाने सुनना चाहते थे. मैंने उनसे पूछा कि अगर खलनायक दोबारा बने, तो कौन देखना चाहेगा? सभी 4000 कैदियों ने एक साथ कहा कि वो इसे देखना चाहेंगे. उन्होंने आगे बताया- मैंने उनसे फिल्म के लिए आइडिया लिखकर देने को कहा. मुझे 4000 पन्ने पढ़ने पड़े. उनमें से एक आइडिया मुझे बहुत पसंद आया. बाद में पैरोल पर बाहर आने के बाद उन्होंने सुभाष घई को वो आइडिया सुनाया, जिसे सुनकर वो भी उत्साहित हो गए और बोले कि ये फिल्म बननी चाहिए. हाल ही में संजय दत्त फिल्म धुरंधर: द रिवेंज में नजर आए थे. अब उनकी 'आखिरी सवाल' रिलीज होने वाली है.  

सैलरी विवाद पर अड़े ऑपरेटर, भोपाल में लो फ्लोर बस सेवा बंद करने की चेतावनी

भोपाल राजधानी में एक बार फिर लो फ्लोर बसों के पहिए थम सकते हैं, जिसका कारण तीन प्रमुख ऑपरेटरों और ड्राइवर-कंडक्टर के बीच वेतन व पुराने बकाया को लेकर शुरू हुआ विवाद है। कर्मचारियों ने अगले महीने से काम बंद करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की इस चेतावनी का हवाला देते हुए भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के ऑपरेटरों ने संस्था से स्पष्ट कहा है कि अगले महीने से बसों का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा। कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के पास फिलहाल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं है। टेंडर अवधि समाप्त होने के बावजूद ऑपरेटरों से सीएनजी से चलने वाली लो फ्लोर बसों का संचालन कराया जा रहा था। शहर में फिलहाल मुश्किल से 50 लो फ्लोर बसें ही संचालित हो रही हैं। यदि यह विवाद बढ़ता है, तो मई महीने में बसों का संचालन बंद हो सकता है। बताया जाता है कि भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को सरकार ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को सौंपने का निर्णय लिया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। इससे पहले इलेक्ट्रिक बसें लाकर संचालन शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक इसका ढांचा तैयार नहीं हो सका है। 20 ई-बसें दौड़ाने की तैयारी राजधानी में जल्द ही ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में जून से 20 बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी, जिससे शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ई-बसों के लिए संत नगर में आधुनिक सुविधाओं से लैस डिपो बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 20 करोड़ रुपये है।  

सम्राट चौधरी का अल्टीमेटम, अवैध कब्जों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू

मुंगेर  बिहार में अब योगी मॉडल की तर्ज पर सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम दे दिया है। आज रविवार को तारापुर पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी ने साफ लफ्जों में कहा कि बिहार में अब कानून का राज चलेगा। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ 'बुलडोजर' कार्रवाई की जाएगी। तारापुर में मेरे घर पर भी प्रशासन कार्रवाई कर रहा: सम्राट चौधरी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी का भी घर क्यों न हो। उन्होंने यह भी बताया कि तारापुर में उनके अपने घर पर भी प्रशासन की कार्रवाई हो रही है। कानून सभी के लिए समान है। इससे कोई नहीं बचेगा। तारापुर में सम्राट चौधरी ने सुनी पीएम मोदी के 'मन की बात' सम्राट चौधरी अपने विधानसभा क्षेत्र तारापुर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। यहां पर लोगों को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला है, जो उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने क्षेत्र की सेवा करने का अवसर मिला है। और वे अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए आए हैं। नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार को सजाने और विकास करने का काम किया। अब उसी कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा। फाइल लटकाई तो अधिकारी पर होगी कार्रवाई: सम्राट चौधरी उन्होंने अधिकारियों को सख्ती के संकेत देते हुए कहा कि अब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से ब्लॉक और अंचल स्तर तक मॉनिटरिंग की जाएगी। अगर कोई पदाधिकारी एक महीने से अधिक किसी फाइल को लंबित रखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। फाइल लटकाने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं: CM मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। उन्होंने हर घर तक एक किलोवाट सोलर बिजली पहुंचाने की योजना की जानकारी देते हुए कहा कि भविष्य में लोगों को बिजली के लिए सरकार पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।  

योगी बोले—यूपी पुलिस देश की सर्वश्रेष्ठ फोर्स, अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में पुलिस कांस्टेबल के 2025 बैच की पासिंग-आउट परेड की सलामी ली और अपने संबोधन के दौरान पुलिस बल का हौसला भी बढाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी ताकत उसका अनुशासन है। मुख्यमंत्री ने समारोह में कांस्टेबलों को प्रशंसा पत्र और पुरस्कार भी वितरित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस तो प्रदेश और प्रदेश के बाहर भी संकट में रहती थी। अब यह अब देश के बेहतरीन पुलिस बलों में से एक बनकर उभरी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब उत्तर प्रदेश में सरकार और पुलिस पर माफिया का राज नहीं चलता। यहां पर कानून का राज चलता है और राज्य का सशक्त पुलिस बल माफिया को सरंक्षण देने नहीं, बल्कि उनको कुचलने का काम कर रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सभी पुलिस बल की काफी प्रशंसा की और कहा कि अब राज्य में दंगे नहीं होते हैं। यहां से रंगदारी और गुंडा टैक्स खत्म हो गए हैं। अपराधी काफी डरे-सहमे हुए हैं और पुलिस का मनोबल भी ऊंचा है। पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश में न तो बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। हमारा राज्य अस्थिरता और अराजकता का पर्याय बन गया था। जहां 2017 से पहले दंगे हुआ करते थे, वहीं आज उत्तर प्रदेश पुलिस उन्हें होने से पहले ही रोकने में सफल है। योगी आदित्यनाथ ने नए भर्ती हुए जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि अपराधियों के प्रति कानून उतना ही सख्त होना चाहिए जितना वह नागरिकों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने और विश्वास जताया कि नवागत सभी कांस्टेबल उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने महिला कर्मियों को भी बधाई दी और कहा कि बेटियों ने पूरी मजबूती, तत्परता और अनुशासन के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा किया है, जो कि सराहनीय है। 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भर्ती को लेकर कहा कि 15 जून, 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 60,000 से अधिक कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे, जिनका प्रशिक्षण पिछले वर्ष 21 जुलाई को शुरू हुआ था। पिछले नौ वर्षों में 2.18 लाख से अधिक पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है और एक लाख से अधिक को पदोन्नति दी गई है, जबकि 2017 के बाद से पुलिस का बजट तीन गुना बढ़ गया है। उन्होंने आगे कहा कि सात पुलिस कमिश्नरेट स्थापित किए गए हैं। महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत यूपी पुलिस में महिला कार्यबल 13 से बढ़ाकर 26 प्रतिशत किया गया है। यूपी पुलिस की परंपरा को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। जिससे कि अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहे। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रशिक्षण क्षमता सिर्फ तीन हजार थी जो अब 60 हजार हो गई है। इनको आधुनिक हथियारों से प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें सिपाहियों को इंसास राइफल से ट्रेनिंग दी गई है। ATS को NIA की तर्ज पर प्रशिक्षण सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की तर्ज पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन और फोरेंसिक लैब स्थापित किए गए हैं, और 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं की सुरक्षा के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इस बार की भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाएं शामिल की गई हैं। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि 2025 का बैच देश में पहली बार ऐसा मौका है जब 60,244 कांस्टेबल सीधे भर्ती किए गए हैं, जिनमें 12,000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बताया।  

प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता-कूनो में 57 हुये चीते

भोपाल मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क अब चीतों का केवल आश्रय स्थल नहीं रहा, बल्कि एक सफल चीता प्रजनन केन्द्र के रूप में दुनिया भर में अलग पहचान बना चुका है। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते यहां की जलवायु और पारिस्थितिकी तंत्र में पूरी तरह से रच बस गये हैं। कूनो की धरती अब आये दिन नन्हे शावकों की किलकारियों से गूंज रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लुप्त हो चुके चीतों के देश में फिर से बसाने का सपना ‘प्रोजेक्ट चीता’ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केन्द्र-राज्य के विभागों के समन्वय और प्रबंधन से वन्य-जीव संरक्षण के क्षेत्र में नये इतिहास लिखे जाने के साथ साकार हो रहा है। चुनौतियों पर विजय के बाद मिली ऐतिहासिक सफलता प्रोजेक्ट चीता का प्रारंभिक चरण शुरुआती चुनौतियों से भरा हुआ था, लेकिन कूनो की आबोहवा और विभाग के विशेषज्ञों के कुशल प्रबंधन ने सभी चुनौतियों से पार पाते हुए वन्य-जीव संरक्षण की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लुप्त प्रजाति की पुनर्स्थापना का सफलतम पर्याय बना दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और पर्याप्त शिकार चीतों के प्रजनन के लिए बेहद अनुकूल सिद्ध हुए हैं। मादा चीतों द्वारा लगातार शावकों को जन्म देना इस बात का प्रमाण है कि वे तनावमुक्त हैं और कूनो को अपना प्राकृतिक आवास मान चुकी हैं। बढ़ता कुनबा : प्रोजेक्ट चीता की नई उड़ान              नए शावकों का जन्म: अप्रैल 2026 में मादा चीता गामिनी ने 3 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया। इससे पहले फरवरी-मार्च 2026 में ज्वाला, निर्वा और आशा भी शावकों को जन्म दे चुकी हैं।              कुल संख्या: कूनो में चीतों की संख्या अब 57 हो चुकी है।              भारत में जन्मे शावक: 27 से अधिक शावकों का जन्म भारत में ही हुआ है, जो इस परियोजना की सबसे बड़ी सफलता है।              विदेशी सहयोग: फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 8-9 नए चीते लाए गए, जिससे परियोजना को और मजबूती मिली। पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट कूनो का ब्रीडिंग सेंटर बनना केवल पर्यावरणीय उपलब्धि नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। चीतों की बढ़ती संख्या के साथ यहां वाइल्डलाइफ टूरिज्म की संभावनाएं कई गुना बढ़ गई हैं। इससे श्योपुर और आसपास के जिलों में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और स्थानीय युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। प्रोजेक्ट चीता-एक ऐतिहासिक यात्रा              17 सितंबर 2022: प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नामीबिया से आए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा— यह दुनिया का पहला अंतरमहाद्वीपीय बिग प्रेडेटर स्थानांतरण पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट था।              फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते आए।              मार्च 2023: ज्वाला ने 70 वर्षों बाद भारत में पहले शावकों को जन्म दिया।              2024: आशा और गामिनी जैसी मादा चीतों ने नई पीढ़ी को जन्म दिया, जिसमें गामिनी ने एक साथ 5 शावकों का रिकॉर्ड बनाया।              2025-26: नई खेप के साथ प्रोजेक्ट का विस्तार और शावकों की संख्या में निरंतर वृद्धि होती गई। नई पीढ़ी और भविष्य की दिशा कूनो में अब दूसरी पीढ़ी के चीते भी विकसित हो रहे हैं। मुखी जैसी भारत में जन्मी मादा चीता का शावकों को जन्म देना पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट में जैनेटिक ब्रीडिंग के रूप में मील का पत्थर माना जा रहा है। वन विभाग अब शावकों की पहचान नामों के बजाय कोड (जैसे KP-1, KP-2) से कर रहा है, ताकि उनकी वंशावली को वैज्ञानिक तरीके से ट्रैक किया जा सके। आगे की योजना-दूसरा घर तैयार कूनो पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अब प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य को चीतों के दूसरे घर के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे प्रोजेक्ट चीता को और विस्तार मिलेगा और भारत में चीतों की स्थायी वापसी सुनिश्चित होगी। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बढ़ती संख्या और सफल प्रजनन ने यह साबित कर दिया है कि भारत में चीतों की वापसी का सपना अब साकार हो रहा है। यह परियोजना न केवल वन्यजीव संरक्षण का उदाहरण बन रही है, बल्कि पर्यावरण, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था — तीनों क्षेत्रों में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है। कूनो नेशनल पार्क : ‘प्रोजेक्ट चीता’ की विस्तृत टाइमलाइन शुरुआत और ऐतिहासिक आगमन (2022)              17 सितंबर 2022: प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से लाए गए 8 चीतों (5 मादा, 3 नर)को कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ा।              यह दुनिया का पहला अंतर्महाद्वीपीय मांसाहारी प्रजाति (प्रेडेटर) का बड़ा स्थानांतरण था, जिसने भारत में चीतों की वापसी की ऐतिहासिक शुरुआत की। विस्तार और पहली बड़ी सफलता (2023)              18 फरवरी 2023: दक्षिण अफ्रीका से12 और चीते कूनो लाए गए, जिससे कुल संख्या 20 हो गई।              27 मार्च 2023: नामीबियाई मादा चीता सियाया (ज्वाला)ने 4 शावकों को जन्म दिया — यह 70 वर्षों बाद भारत में जन्मे पहले चीते थे।              मई–अगस्त 2023: संक्रमण व अन्य कारणों से कुछ चीतों और शावकों की मृत्यु हुई। इसके बाद सभी चीतों को स्वास्थ्य परीक्षण हेतु बोमामें रखा गया। पुनर्वास और नई पीढ़ी का उदय (2024)              जनवरी 2024: मादा चीता आशा ने 3 शावकों को जन्म दिया।              इसके बाद ज्वालाने दोबारा 4 शावकों को जन्म देकर प्रजनन क्षमता साबित की।              मार्च 2024: मादा चीता गामिनीने एक साथ 5 शावकों को जन्म देकर रिकॉर्ड बनाया।              अगस्त–दिसंबर 2024: चीतों को धीरे-धीरे फिर से खुले जंगलमें छोड़ा गया, जिससे उनका प्राकृतिक व्यवहार पुनर्स्थापित हुआ। नई उपलब्धियां और विस्तार (2025–2026)              नवंबर 2025: भारत में जन्मी मादा चीता मुखी ने वयस्क होकर 5 शावकों को जन्म दिया — इसे ‘जेनेटिक मील का पत्थर’ माना गया।              फरवरी 2026: प्रोजेक्ट को विस्तार देते हुए बोत्सवाना से 9 नए चीते (6 मादा, 3 नर) कूनो लाए गए।              मार्च–अप्रैल 2026: गामिनी, निर्वा और ज्वालाने नए शावकों को जन्म दिया, जिससे भारत में जन्मे चीतों की संख्या तेजी से बढ़ी।              अप्रैल 2026: कूनो में चीतों की कुल संख्या (शावकों सहित) 57 तक पहुंच गई है। पहचान और नामकरण की विशेष व्यवस्था              कूनो में चीतों की पहचान नाम, लिंग और मूल देश के आधार पर की जाती है।              2022–23 में आए चीतों के विदेशी नामों को बदलकर भारतीय नाम दिए गए। नामीबिया से आए प्रमुख चीते (2022) … Read more

Punjab में बिजली संकट पर काबू, पावर कट्स खत्म करने के आदेश जारी

जालंधर. पंजाब में बीते कई दिनों से बिजली के कट लग रहे हैं। विभाग द्वारा मेंटेनेंस कार्यों को लेकर कई शहरों में बिजली कटों का ऐलान किया गया था। वहीं इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है कि बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस को लेकर घोषित किए गए पावट कटों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जारी नए आदेशों में कहा गया है कि 11 kV और इससे ऊपर के किसी भी काम (PTW) की इजाजत बिना जोनल दफ्तर की लिखित मंजूरी के 30 अप्रैल तक नहीं दी जाएगी। सूत्रों से जानकारी मिली है कि विभान ने पहले से तय सभी शटडाउन तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। विभाग ने इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि मेंटेनेंस के काम को तुरंत रोका जाए और जल्द से जल्द बिजली सप्लाई बहाल की जाए। बता दें कि इससे पहले विभाग द्वारा जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला सहित अन्य कई शहरों में बिजली कटौती के आदेश जारी किए थे।

Durg में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वाहन चोरी गैंग के 5 सदस्य दबोचे गए

भिलाई नगर. दोपहिया वाहन चोरी करने वाले संगठित गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर आरोपियों की निशानदेही पर 5 स्प्लेण्डर एवं 1 एक्टिवा सहित कुल 6 चोरी के वाहन बरामद कर जब्त किया है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि प्रार्थी सुखदेव पाण्डेय निवासी मदर टेरेसा नगर कैम्प- 01 ने 1 जनवरी को थाना सुपेला में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि 25 दिसंबर 2025 को नेहरू नगर अटल प्रतिमा के पास से उसकी मोटर साइकिल स्प्लेण्डर अज्ञात आरोपी चोरी कर ली थी। प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान 24 अप्रैल को मुखबिर सूचना पर लक्ष्मी नगर सुपेला क्षेत्र से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपियों हर्ष साहू, गजानंद यादव, देवेन्द्र यादव, अजय पटेल व एक नाबालिग ने संगठित होकर अलग-अलग स्थानों से वाहन चोरी करना स्वीकार किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर भिलाई नगर रेलवे स्टेशन गौठान के पास झाड़ियों से चोरी के 6 दोपहिया वाहन बरामद कर जब्त किए गए।

“सेवा निवृत्ति के बाद भी सेवा का जज़्बा हमेशा जीवित रहता है” — डीजीपी कैलाश मकवाणा डीजीपी के मुख्य आतिथ्य में हुआ 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों के संगठन द्वारा 41वां वरिष्ठ सदस्य एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह आज भोपाल के नर्मदापुरम रोड स्थित वृंदावन गार्डन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद भी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण की भावना जीवनभर बनी रहती है। उन्होंने राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिकारियों को विभाग की सुदृढ़ नींव बताते हुए कहा कि उनके अनुभव, कार्यशैली और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि विभाग सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभवों को संरक्षित कर उनका संस्थागत उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहा है। पेंशनर्स के साथ सतत संवाद, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण, थाना एवं इकाई स्तर पर बेहतर समन्वय तथा एक समर्पित हेल्प सिस्टम विकसित किया जा रहा है। साथ ही, एक डिजिटल प्लेटफॉर्म/पोर्टल के माध्यम से सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनः रोजगार, सुरक्षा सेवाओं एवं परामर्शदात्री भूमिकाओं से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे उनकी सक्रिय भागीदारी निरंतर बनी रहे। उन्होंने पेंशनर्स की सुविधा हेतु बैंकिंग लाभ, दुर्घटना सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी एवं समन्वय तंत्र को और सुदृढ़ करने की बात कही, ताकि प्रत्येक सेवानिवृत्त अधिकारी तक समय पर सहायता और सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। डीजीपी मकवाणा ने पुलिस वेलफेयर को विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि पुलिस परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा, आपात सहायता और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इस अवसर पर वेलफेयर गतिविधियों को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चेक भी प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि चिकित्सा सहायता, आकस्मिक सहायता, छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं के माध्यम से पुलिस परिवारों को व्यापक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि विभाग में डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सशक्त किया जा रहा है, जिसके लिए eHRMS एवं अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक डेटा संकलन एवं विश्लेषण किया जा रहा है। साथ ही, उत्कृष्ट कार्यों की पहचान कर त्वरित रूप से कई मामलों में उसी दिन पुरस्कार प्रदान करने की व्यवस्था विकसित की गई है। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए “Training of Trainers” सहित संरचित एवं आधुनिक प्रशिक्षण मॉडल के माध्यम से पुलिस बल को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि डायल-112 आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त किया गया है, जिससे आमजन को त्वरित सहायता प्राप्त हो रही है। साइबर अपराधों की चुनौती को ध्यान में रखते हुए ई-एफआईआर व्यवस्था लागू की गई है, जिससे शिकायत पंजीयन सरल एवं सुलभ हुआ है तथा अधिकाधिक प्रकरण दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने साइबर अपराधों के विरुद्ध क्षमता निर्माण, तकनीकी सुदृढ़ीकरण एवं जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक व्यापक जन-जागरूकता आंदोलन के रूप में सफल हुआ है, जिसमें लाखों विद्यार्थियों, युवाओं एवं नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही और समाज में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित हुआ है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि पुलिस विभाग में रिक्त पदों को भरने की दिशा में तेजी से कार्य किया गया है, जिससे फील्ड स्तर पर कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है। आगामी सिंहस्थ जैसे विशाल एवं चुनौतीपूर्ण आयोजन को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस बल को पूर्ण रूप से सक्षम, प्रशिक्षित एवं तैयार करने के लिए भर्ती प्रक्रियाओं को गति दी गई है तथा प्रशिक्षण व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीकों, ड्रोन, साइबर मॉड्यूल एवं फील्ड-आधारित अभ्यासों से सशक्त किया जा रहा है। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि ई-गवर्नेंस, डिजिटल प्रक्रियाओं, ऑनलाइन सेवाओं, सेवा रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था एवं आधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से विभाग में व्यापक सुधार किए गए हैं, जिससे मध्यप्रदेश पुलिस भविष्य की चुनौतियों—विशेषकर साइबर अपराध, आंतरिक सुरक्षा एवं बड़े आयोजनों—के लिए पूरी तरह तैयार है। डीजीपी मकवाणा ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पुलिस परिवार के बच्चे शिक्षा एवं विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभाग का गौरव बढ़ा रहे हैं, जो एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने अंत में कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस सेवा, संवेदनशीलता एवं आधुनिकता के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है। सेवा में हों या सेवानिवृत्त—हर पुलिसकर्मी इस गौरवशाली परंपरा का अभिन्न हिस्सा है और विभाग की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम के दौरान राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त अधिकारियों का सम्मान किया गया तथा पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार, राज्य सेवा संवर्ग के सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारीगण, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, पुलिस परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।