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अहमदाबाद जा रहे बच्चों की तस्करी का मामला, उज्जैन-नागदा में 26 नाबालिगों को रेस्क्यू किया गया

उज्जैन उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात बच्चों की तस्करी की सूचना पर बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अंत्योदय एक्सप्रेस ट्रेन को उज्जैन और फिर नागदा स्टेशन पर रोककर पुलिस, बाल कल्याण समिति (CWC) और अन्य विभागों की टीम ने 26 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। जानकारी के मुताबिक, बाल कल्याण समिति को सूचना मिली थी कि करीब 100 बच्चों को मजदूरी के लिए मुजफ्फरनगर से अहमदाबाद ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही उज्जैन में चार थानों का बल, आरपीएफ, जीआरपी, श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को अलर्ट किया गया। गुरुवार रात करीब 11 बजे जैसे ही अंत्योदय एक्सप्रेस उज्जैन स्टेशन पहुंची, टीम ने ट्रेन में सर्चिंग शुरू की। करीब आधे घंटे तक 50 से अधिक बच्चों और उनके साथ मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें शुरुआती तौर पर 4 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इसी दौरान ट्रेन आगे बढ़ गई। रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहीं सीएसपी दीपिका शिंदे ने तत्काल नागदा स्टेशन को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई। वहां एक घंटे तक चली सर्चिंग के बाद 22 और नाबालिग बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। इस तरह कुल 26 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। नागदा से उतारे गए सभी बच्चे नाबालिग बताए जा रहे हैं, जिनमें से दो की उम्र 14 साल से भी कम है। सभी बच्चों को फिलहाल उज्जैन जीआरपी को सौंप दिया गया है। परिजनों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, वहीं बच्चों को फिलहाल CWC उज्जैन में रखा जाएगा। पुलिस को आशंका है कि बच्चों को मजदूरी के लिए गुजरात ले जाया जा रहा था, हालांकि कुछ बच्चे सोमनाथ और अन्य स्थानों पर घूमने जाने की बात भी कह रहे हैं। मामले की जांच जारी है। श्रम विभाग की सहायक आयुक्त राखी जोशी के अनुसार, सूचना थी कि चार लोग 100 से अधिक नाबालिगों को गुजरात ले जा रहे हैं। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों को किस उद्देश्य से और किन लोगों द्वारा ले जाया जा रहा था।

पठानकोट में ट्रैफिक एडवाइजरी लागू, खाली ट्रकों को रात 9 बजे तक प्रवेश की अनुमति नहीं

पठानकोट  गर्मी के मौसम में शाम के समय बाजारों में बढ़ती भीड़ और भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए पठानकोट पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि गर्मी के चलते लोग देर शाम को खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में भारी वाहन जिनमें ट्रक, टिप्पर, ट्राला, ट्रैक्टर-ट्राली और कैंटरों के शहर से गुजरने से हादसे बढ़ सकते हैं। इस कारण बड़े वाहनों के लिए शहर में एंट्री का समय निर्धारित किया गया है। पुलिस ने खाली ट्रक, टिप्पर और ट्रैक्टर-ट्रॉली जो वाहन परमानंद और सुंदरचक साइड से कीड़ी मंगियाल व अन्य क्षेत्रों की ओर रेत, बजरी या अन्य खनिज सामग्री लेने जाते हैं, वे रात 9 बजे से पहले शहर की सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। लोड वाहन 10 बजे से शहर में नहीं होंगे एंटर जिला पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जो वाहन क्रशरों से खनिज सामग्री लेकर निकलते हैं, उन्हें रात 10 बजे से पहले शहर से निकलने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई वाहन नियमों के खिलाफ शहर में दिखा तो कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटनाओं को रोकना पुलिस का मुख्य उद्देश्य पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है। सभी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना से बचा जा सके। नियम ना माने को होगी सख्त कानूनी कार्रवाई पठानकोट पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले चालकों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर महंगा, इंडेन ने बढ़ाए दाम; ढाबों पर दाल-रोटी के दाम होंगे ऊंचे

लुधियाना  पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर का रेट बढ़ गया है। 19 किलो के सिलेंडर का रेट 1 हजार रुपए तक बढ़ाया गया है। अलग-अलग कंपनियों के रेट में 7 से लेकर 10 रुपए तक का अंतर है। इसी तरह इंडियन ऑयल की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि इंडेन का 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर पर 993 रुपए महंगा मिलेगा। बता दें कि, तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3071.50 का हो गया है, जो पहले 2078.50 में मिलता था। इसका सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। चाय, नाश्ता, थाली और शादी-विवाह के खाने का खर्च बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। आज सुबह कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब एक हजार रुपये के उछाल की खबर आई ही थी कि अब 'छोटू' यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर ने भी बजट बिगाड़ दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है। महंगाई का यह दोहरा वार सीधे तौर पर उन लोगों की जेब पर पड़ा है, जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के बाद 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जो सिलेंडर कल तक ₹549 में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹810 हो गई है। एक साथ ₹261 का इजाफा छोटे उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ा झटका है। इससे पहले सुबह ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 की बजाय अब ₹3,071.50 का मिलेगा। छात्रों और मजदूरों पर बढ़ेगा सबसे ज्यादा बोझ 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो अकेले रहते हैं। अपना गांव-घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। वहीं, पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोत्तरी होगी। डेली वेज वर्कर्स और छोटे दुकानदार: रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे ढाबा चलाने वालों के लिए अब चूल्हा जलाना महंगा हो जाएगा। ईरान संकट का दिख रहा है असर गैस की कीमतों में इस आग के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी (LPG) का संकट गहरा गया है। भारत में इसका असर पहले से ही दिख रहा था, जिसकी वजह से दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो चुका है। अब कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने स्थिति को और भी दयनीय बना दिया है।

विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को रोल मॉडल बनाने की अपील, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को बनाएं रोल मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ.यादव प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में जोड़ें नए आयाम रीवा से सर्वाधिक 24 हजार यात्रियों ने लिया हवाई सेवाओं का लाभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमानन क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश का रोल मॉडल बनाने के प्रयास किए जाएं। प्रदेश के दूरस्थ इलाकों के साथ ही पड़ौसी राज्यों के यात्रियों को भी विमानन सेवाएं लाभान्वित करती हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र का महत्व बढ़ाने की दृष्टि से भी ये सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई बैठक में विमानन विभाग के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हैलीपेड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हैली सेवाओं के विस्तार के लिए हैलीपेड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ:2028 के दृष्टिगत श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। उन्होंने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई। रोजगारपरक एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलवाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के ‍निर्देश दिये। सफल है प्रदेश की विमानन नीति, रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 गत फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शिड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि गत छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। गत चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और गत डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग श्री संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त श्री लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

ipl 2026 में बड़ा बवाल: पराग वीडियो के बाद का सख्त रुख

नई दिल्ली आईपीएल 2026 के बीचों-बीच जब मैदान पर मुकाबले तेज होते जा रहे हैं, उसी समय राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के ड्रेसिंग रूम से उठी एक तस्वीर ने पूरे टूर्नामेंट की हवा बदल दी. कप्तान रियान पराग का वेपिंग करते वीडियो सामने आया और फिर जो हुआ, उसने सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि पूरी फ्रेंचाइजो को कठघरे में खड़ा कर दिया. कहानी यहीं खत्म नहीं होती. इससे कुछ दिन पहले ही टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करते कैमरे में कैद हुए थे. यानी मामला सिर्फ एक गलती का नहीं, बल्कि टीम कल्चर पर उठते सवालों का बन गया. इस बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सख्त रुख दिखाया. पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना और एक डिमेरिट पॉइंट… लेकिन संकेत साफ था-  मामला सिर्फ खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा. टीम कल्चर पर समझौता नहीं- संगकारा का कड़ा संदेश कुमार संगकारा जो अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं, इस बार शब्दों में सख्ती लेकर सामने आए. दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले से ठीक पहले उन्होंने साफ कहा- 'ऐसी विवाद टीम के लिए किसी भी तरह से सकारात्मक नहीं होते. खिलाड़ियों को यह याद रखना होगा कि टीम की संस्कृति बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है.' संगकारा का यह बयान सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम के भीतर चल रही हलचल का संकेत था. साफ है- मैनेजमेंट अब ढील देने के मूड में नहीं है. नियम हैं या मजाक, वाह रे BCCI! रियान पराग की ‘हल्की सजा’ से क्या सीखेगी IPL की यंग ब्रिगेड? BCCI का अगला कदम? BCCI ने अपने बयान में यह भी साफ कर दिया कि वे फ्रेंचाइजी और उसके अधिकारियों पर भी कार्रवाई के विकल्प तलाश रहे हैं. सचिव देवजीत सैकिया ने भी संकेत दिए कि मामला अभी बंद नहीं हुआ है. यानी आने वाले दिनों में यह विवाद और बड़ा रूप ले सकता है और इसका असर टीम के अभियान पर भी पड़ सकता है. दिलचस्प बात ये है कि मैदान पर RR अभी भी प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बनी हुई है…. लेकिन सवाल यही है- क्या ड्रेसिंग रूम का माहौल उनकी रफ्तार को तोड़ देगा? संगकारा ने पराग का बचाव करते हुए उनके हालिया छोटे, लेकिन अहम योगदान का जिक्र जरूर किया- 'उस छोटी पारी ने मैच का मोमेंटम बदल दिया.' लेकिन सच्चाई यह भी है कि आईपीएल जैसे हाई-प्रेशर टूर्नामेंट में सिर्फ रन नहीं, अनुशासन भी मैच जिताता है. अब सबकी नजर 1 मई को जयपुर में होने वाले मुकाबले पर है, जहां Rajasthan Royals का सामना Delhi Capitals से होगा. यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि उस टीम की परीक्षा होगी, जो मैदान के बाहर उठे तूफान को अंदर की ताकत में बदलना चाहती है.

जयपुर में भिड़ंत, क्या अक्षर पटेल की टीम बचा पाएगी प्लेऑफ की उम्मीद?

जयपुर राजस्थान रॉयल्स (आरआर) और दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) के बीच शुक्रवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 43वां मैच सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला जाना है। डीसी की निगाहें इस मुकाबले को जीतकर प्वाइंट्स टेबल में अपनी स्थिति को बेहतर करने पर होंगी। डीसी के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है। अगर जयपुर में हार मिली तो प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका लगेगा यानी उनके लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा है। मुश्किल में दिल्ली की टीम दिल्ली कैपिटल्स इस समय दबाव में है। यह टीम 8 में से 5 मुकाबले गंवाकर प्वाइंट्स टेबल में फिलहाल 7वें पायदान पर है। इस टीम ने शुरुआती 2 मुकाबले जीतने के बाद अगले 6 में से 5 मैच गंवा दिए हैं। अक्षर पटेल की कप्तानी वाली इस टीम का सबसे हालिया मुकाबला बेहद निराशाजनक रहा था। डीसी को अरुण जेटली स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा। यह टीम महज 8 रन पर 6 विकेट गंवाने के बाद 75 रन पर सिमट गई थी। आसान लक्ष्य को विपक्षी टीम ने 6.3 ओवरों में हासिल कर लिया। इस मैच ने दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों ही विभागों की कमजोरियों को उजागर कर दिया था। टॉप 4 पर राजस्थान की नजरें दूसरी तरफ, आरआर अपने घरेलू मैदान पर जीत हासिल करते हुए टॉप-4 में अपनी जगह और मजबूत करना चाहेगी। राजस्थान रॉयल्स की टीम 9 में से 6 मैच जीतकर चौथे स्थान पर मौजूद है। इस टीम ने शुरुआती 4 मुकाबलों में जीत के साथ अपने अभियान की शानदार शुरुआत की थी। इसके बाद उसे अगले 5 में से 3 मैच गंवाने पड़े। रियान पराग की कप्तानी वाली यह टीम एक मनोबल बढ़ाने वाली जीत के बाद इस मुकाबले में उतर रही है, उन्होंने 223 रनों के विशाल लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए पंजाब किंग्स को इस सीजन की पहली हार का स्वाद चखाया था। रियान पराग की फॉर्म को लेकर टेंशन भले ही राजस्थान रॉयल्स को सही समय पर लय मिल गई, लेकिन कप्तान रियान पराग की फॉर्म को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं, क्योंकि बल्ले से उनका प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। फिर भी, पिछले मैच में उनका छोटा लेकिन असरदार योगदान टीम के लिए एक सही समय पर मिला प्रोत्साहन साबित हो सकता है, क्योंकि टीम अब टूर्नामेंट के निर्णायक दौर में प्रवेश कर रही है। उस मैच में मध्यक्रम के बल्लेबाजों का फिर से फॉर्म में आना भी मेजबान टीम के लिए एक उत्साहवर्धक संकेत है। राजस्थान रॉयल्स की टीम: शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, क्वेना मफाका, संदीप शर्मा, युद्धवीर सिंह चरक, रवि बिश्नोई, सुशांत मिश्रा, रवि सिंह, अमन राव पेराला, एडम मिल्ने, कुलदीप सेन, दासुन शनाका, शुभम दुबे, तुषार देशपांडे, विग्नेश पुथुर, ब्रजेश शर्मा। दिल्ली कैपिटल्स की टीम: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल, अजय मंडल, आशुतोष शर्मा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विपराज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, साहिल पारख, पृथ्वी शॉ, काइल जैमीसन, टी नटराजन, माधव तिवारी, करुण नायर, दुष्मंथा चमीरा।  

अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी का नया समय, आज से लागू: अब शाम 6:30 बजे तक

अमृतसर  अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोज़ाना आयोजित होने वाली मशहूर रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन के नए फैसले के अनुसार, अब यह देशभक्ति से भरपूर समारोह शाम 6:00 बजे शुरू होगा और 6:30 बजे तक चलेगा। पहले यह कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होकर 6:00 बजे समाप्त होता था। अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव मौसम और दिन के समय में हो रहे परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साथ ही, इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर अनुभव देना और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाना भी है। हर दिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। अब इस नए शेड्यूल पर होगा आयोजन नया समय आज यानी 1 मई से लागू कर दिया गया है, इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अब इस नए शेड्यूल के अनुसार अपनी योजना बनानी होगी। भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा किया जाने वाला यह बीटिंग रिट्रीट समारोह अनुशासन, जोश और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है। दर्शकों में गूंज उठता है ‘वंदे मातरम्’ का नारा हर शाम हजारों दर्शकों की मौजूदगी में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और इस शानदार समारोह का पूरा आनंद लिया जा सके। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है यह नया समय आज यानी 1 मई से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नर्मदा में क्रूज डूबने से 9 की मौत, 9 लापता; पर्यटन मंत्री ने पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक की जानकारी न होने की बात कही

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। 24 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन के मुताबिक 9 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा ने बताया कि शुरुआती रेस्क्यू में SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। शुक्रवार सुबह फिर से रेस्क्यू जारी है। वहीं प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी जबलपुर पहुंचे हैं, लेकिन उनका हैरान करने वाला बयान सामने आया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा- नर्मदा में पेट्रोल-डीजल बोट पर रोक है। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।चना मिलते ही SDRF और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और युद्ध स्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद दी जाएगी। यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों और मौसम की सतर्क निगरानी पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापता लोगों की तलाश तेज कर दी गई है। सेना और स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। आर्मी भी मौके पर मौजूद है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है। क्रूज पायलट बोले- संभलने का मौका ही नहीं मिला क्रूज के पायलट महेश ने बताया, 'सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।' महेश को 10 साल का अनुभव है। खमरिया के एक परिवार के 15 लोग सवार थे ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के A3 सेक्शन में कार्यरत कर्मचारी कामराज आर्य परिवार के 15 लोगों के साथ घूमने गए थे। कामराज के माता-पिता भी साथ में थे, लेकिन वे किनारे बैठे हुए थे। कामराज के साथ उनकी पत्नी, भाभी और बच्चे क्रूज में घूमने गए हुए थे। कामराज मूलत: कर्नाटक के रहने वाले हैं। उनके एक बेटे को बचा लिया गया। वहीं कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता है। पर्यटन विभाग बोला- क्रूज 20 साल पुराना पर्यटन विभाग के एक अधिकारी योगेंद्र रिछारिया ने बताया, ‘बरगी डैम में फिलहाल एक क्रूज ऑपरेट किया जा रहा है। इसे 2006 में बनाया गया था। इसकी कैपेसिटी 60 यात्रियों की है। एक अन्य क्रूज खराब है।’ अब तक इन मृतकों की पहचान हुई     श्रीमती नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर     श्रीमती सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु     श्रीमती मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली     श्रीमती काकुलाझी (38), निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर     श्रीमती रेशमा सैयद (66)     शमीम नकवी (66)     मरिना मैसी पति प्रदीप मैसी (39)     त्रिशान पिता प्रदीप मैसी (4) एक डेडबॉडी की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

GT ने RCB को 4 विकेट से हराया, बटलर-गिल की दमदार पारियां

अहमदाबाद इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 42वें मैच में गुजरात टाइटंस (GT) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को 4 विकेट से हराते हुए अपनी 5वीं जीत दर्ज की। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए मैच में RCB ने पहले खेलते हुए सभी विकेट खोकर 155 रन बनाए। जवाब में GT ने जोस बटलर (39) और शुभमन गिल (43) की पारियों की मदद से लक्ष्य हासिल किया। आइए मैच में बने रिकॉर्ड्स पर एक नजर डालते हैं। इस तरह से जीती GT की टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए RCB ने 35 रन तक विराट कोहली (28) और जैकब बेथल (5) के विकेट गंवाए। निरंतर अंतराल पर गिर रहे विकेटों के बीच देवदत्त पडिक्कल ने 40 रन बनाते हुए टीम का स्कोर 150 के पार पहुंचाया। GT से अरशद खान ने 3 विकेट लिए। जवाब में साई सुदर्शन (6) के जल्दी आउट होने के बाद बटलर और गिल ने तेज रन बनाए। इसके बाद राहुल तेवतिया (27*) ने जीत सुनिश्चित की। कोहली ने पूरे किए 450 टी-20 छक्के कोहली ने 13 गेंदों में 28 रन बनाए। इस बीच उन्होंने 5 चौके और एक छक्का लगाया। अपने इकलौते छक्के के साथ ही कोहली ने टी-20 क्रिकेट में अपने 450 छक्के पूरे किए। वह इस आंकड़े को छूने वाले दूसरे भारतीय बने। कोहली टी-20 क्रिकेट में 450 छक्के पूरे करने वाले विश्व के कुल 21वें बल्लेबाज बने। भारतीय बल्लेबाजों में कोहली से ज्यादा छक्के सिर्फ रोहित शर्मा (555) ने लगाए हैं। बटलर ने पूरे किए 200 IPL छक्के बटलर ने 19 गेंदों में 39 रन की पारी खेली। इस बीच उन्होंने 2 चौके और 4 छक्के लगाए। इस इंग्लिश विकेटकीपर बल्लेबाज ने अपने IPL करियर में 200 छक्के पूरे किए। अपने IPL करियर में उन्होंने 130 मैचों में 39.90 की औसत और 149.88 की स्ट्राइक रेट के साथ 4,429 रन बनाए। इस बीच उन्होंने 7 शतक और 26 अर्धशतक लगाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 124 रन रहा है। अरशद और होल्डर ने की उम्दा गेंदबाजी GT की ओर से अरशद सबसे सफल गेंदबाज साबित हुए। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 3.2 ओवर में 22 रन देते हुए 3 सफलताएं हासिल की। यह उनके IPL करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। ऑलराउंडर जेसन होल्डर ने अपने 4 ओवर के कोटे में 29 रन देते हुए 2 विकेट चटकाए। अनुभवी लेग स्पिनर राशिद खान ने 19 रन देते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। भुवनेश्वर ने पूरे किए अपने 350 टी-20 विकेट भुवनेश्वर ने अपने 4 ओवर में 28 रन देते हुए 3 विकेट लिए। इस बीच उन्होंने अपने टी-20 करियर के 350 विकेट पूरे किए। GT के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन उनका 350वां शिकार बने। क्रिकइंफो के अनुसार, टी-20 विकेटों के मामले में भारतीयों में भुवनेश्वर सिर्फ युजवेंद्र चहल से पीछे हैं। चहल 391 विकेटों के साथ इस सूची में सबसे ऊपर हैं। IPL 2026 में भुवनेश्वर अब तक 17 विकेट ले चुके हैं।  

UP में गंगा एक्सप्रेसवे से आगे, 10 और सुपर हाईवे का निर्माण, जुड़ेंगे विंध्य, चित्रकूट और नोएडा

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. हरदोई में हुए इस लोकार्पण कार्यक्रम के बाद प्रदेश में संचालित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की कुल लंबाई 1910 किलोमीटर हो गई है. यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है, जिससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं और प्रयागराज के बीच पहुंच काफी आसान हो गई है।  पीएम मोदी ने इस एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के दौरान कहा कि आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह एक्सप्रेस-वे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा. अब कुछ ही घंटों में आप प्रयागराज के संगम पहुंच सकते हैं और काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करके वापस आ सकते हैं. इसी के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश में आगे की आने वाली एक्सप्रेस वे परियोजनाओं की भी जानकारी दे दी।  पीएम मोदी ने भविष्य के रोडमैप का जिक्र करते हुए कहा, देश के सबसे बड़े एक्सप्रेस-वे में शुमार, यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे 5 साल के भीतर बनकर तैयार हो गया है. उन्होंने कहा- एक ओर गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूरा हुआ है, तो इसके विस्तार पर भी काम चल रहा है. यह मेरठ से आगे बढ़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा. इसके और बेहतर उपयोग के लिए फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण करके इसे अन्य एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा।  पीएम मोदी ने असल में बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे के लोकार्पण के बाद केंद्र और प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश में 10 और एक्सप्रेस वे व लिंक एक्सप्रेस वे पर काम कर रही है.  इसमें कई छोटी दूरी के लिंक एक्सप्रेसवे भी हैं जो बड़े और प्रमुख एक्सप्रेस वे सीधे जुड़ेंगे और सुदूर गांवों तक को एक्सप्रेस वे से कनेक्ट करेंगे।  इन एक्सप्रेस वे के जरिए विंन्ध्याचल (मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी) को पूर्वांचल से, फर्रुखाबाद को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से, जेवर को गंगा एक्सप्रेस वे से, लखनऊ और कानपुर को आपस में कनेक्ट करते हुए और चित्रकूट को भी गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है. इसके लिए 50 किमी तक के छोटे लिंक एक्सप्रेस वे बनाए जाने पर काम हो रहा है।  ये 10 एक्सप्रेस वे हैं, जिन पर काम जारी विंध्य एक्सप्रेसवे – 320 किमी मेरठ-हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे – 136 किमी झांसी लिंक एक्सप्रेसवे – 118 किमी विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे – 100 किमी फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे – 91 किमी जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे – 74 किमी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे – 64 किमी लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे – 50 किमी नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे – 50 किमी चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे – 15.17 किमी बता दें कि उत्तर प्रदेश में अभी सात एक्सप्रेस वे ऐसे हैं जो ऑपरेशल हैं. ये एक्सप्रेस वे प्रदेश में एक छोर से दूसरे छोर तक अलग-अलग दूरियों में कनेक्टिविटी के लिहाज से सुविधाजनक बने हैं।  यमुना एक्सप्रेसवे – 165 किमी (ग्रेटर नोएडा से आगरा) आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे – 302 किमी (आगरा से लखनऊ) पूर्वांचल एक्सप्रेसवे – 341 किमी (लखनऊ से गाजीपुर) गंगा एक्सप्रेसवे – 594 किमी (मेरठ से प्रयागराज) बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे – 296 किमी (चित्रकूट से इटावा) दिल्ली-Meerut एक्सप्रेसवे – 82 किमी (दिल्ली से मेरठ) गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे – 91 किमी (गोरखपुर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे) बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे से कई उभरते हुए क्षेत्रों में आवासीय और वाणिज्यिक रियल एस्टेट की मांग में भारी उछाल आने की उम्मीद है. इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के चालू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी कमी आएगी, बल्कि यह माल और यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाएगा. सरकार को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय विकास को जबरदस्त बढ़ावा देगा. इसके अलावा, यह एक्सप्रेसवे किसानों के लिए अपनी उपज को बड़ी मंडियों तक तेजी से पहुंचाने में सहायक होगा।