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33% महिला आरक्षण पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासकीय संकल्प, एक दिवसीय सत्र में विपक्ष का जोरदार विरोध

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा में एक शासकीय संकल्प पेश किया। इस शासकीय संकल्प में परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोकसभा और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को तत्काल लागू करने का आग्रह किया गया है। इस संकल्प पर चर्चा के लिए विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। संकल्प पेश करते हुए साय ने कहा कि इस सदन का मत है कि नारी शक्ति के सम्मान तथा महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तीकरण के उद्देश्य से देश की संसद तथा सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण, परिसीमन की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने संकल्प पर चर्चा के लिए चार घंटे का समय तय किया है। विपक्ष का आरोप- हमारे संकल्प पर विचार नहीं इस बीच, विपक्ष के नेता चरण दास महंत ने कहा कि उन्होंने भी इसी तरह का एक संकल्प पेश किया था, जिसमें केंद्र से आग्रह किया गया था कि लोकसभा और विधानसभा में मौजूदा सीटों की संख्या के भीतर ही महिलाओं को जल्द से जल्द 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, लेकिन उनके संकल्प पर विचार नहीं किया गया। क्या कहा विधानसभा अध्यक्ष ने इसके जवाब में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा- नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत का संकल्प एक अशासकीय संकल्प था जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता था, क्योंकि विशेष सत्र का एजेंडा पहले से ही तय था। उन्होंने कहा कि यह सत्र सरकारी कामकाज के लिए बुलाया गया था और उन्होंने विपक्ष के संकल्प को अस्वीकार कर दिया।     छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र     सीएम ने पेश किया शासकीय संकल्प     नारी शक्ति वंदन से जुड़ा है अधिनियम     विपक्ष के संकल्प को विधानसभा अध्यक्ष ने किया अस्वीकार नेता प्रतिपक्ष ने कहा- जल्दबाजी में पेश किया गया संकल्प हालांकि, चरणदास महंत ने तर्क दिया कि मुख्यमंत्री ने जो पढ़ा, वह शासकीय संकल्प की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा था कि उनकी सरकार कांग्रेस के खिलाफ एक निंदा प्रस्ताव लाएगी। महंत ने आरोप लगाया कि मौजूदा संकल्प जल्दबाजी में पेश किया गया है और इसका शुरू में बताए गए विषय से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ देर तक सदन में हुई नोंकझोंक भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि चर्चा के विषयों का निर्णय करना सदन के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि सदन के बाहर दिए गए बयानों पर सदन के भीतर चर्चा नहीं की जा सकती। इस नोंकझोंक के कारण सदन में कुछ देर तक हंगामा भी हुआ। इस पर अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि सभी सदस्यों को अपने विचार व्यक्त करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। पवन तिवारी

चंडीगढ़ में क्लर्क और स्टेनो की भर्ती पर रोक, नियमों की वैधता पर उठे सवाल

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन में क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने अंतरिम रोक लगा दी है। भर्ती को लेकर शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान के लिए तय किए गए नियमों को कैट में चुनौती दी गई थी। कैट ने पहली नजर में केस को स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी और तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में याचिकाकर्ता ने 30 जनवरी 2026 की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा कि इसमें तय की गई शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। याचिका में यह भी मांग की गई कि 31 मार्च और चार अप्रैल 2026 को जारी सार्वजनिक नोटिस को रद किया जाए, जिनके जरिए 234 क्लर्क और 23 स्टेनो टाइपिस्ट पदों के लिए आवेदन मांगे गए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि 2022 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी नियमों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की सेवा शर्तें केंद्र सरकार के समान होनी चाहिए। इसके बावजूद नई भर्ती में क्लर्क और स्टेनो पदों के लिए अलग नियम अपनाए गए हैं। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि संविधान के अनुच्छेद 309 और पूर्व अधिसूचनाओं के तहत प्रशासन को भर्ती नियम बनाने का अधिकार है और 2026 के नियम उसी के तहत बनाए गए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पाया कि प्रथम दृष्टा भर्ती नियम केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और आवश्यक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देते हुए 31 मार्च और चार अप्रैल के नोटिस के तहत जारी भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।  

एमपी में 17 जिलों में बारिश और ओले का खतरा, भोपाल में आंधी से पेड़ गिरे; 4 मई तक जारी रहेगा मौसम का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर भीषण गर्मी का प्रकोप है, वहीं दूसरी ओर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने दस्तक दे दी है। गुरुवार को राजधानी भोपाल और ग्वालियर सहित प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। उमरिया और मुरैना जैसे जिलों में तो ओले भी गिरे हैं, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई है। सुबह से शुरू हुआ बारिश का यह सिलसिला देर रात तक रुक-रुक कर चलता रहा। शुक्रवार सुबह से भी मौसम बदला हुआ सा है। कुछ जिलों में बादल छाए हैं तो कुछ जिलों में सुबह से तेज धूप है।   कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे मौसम के इस अचानक बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ा है। भोपाल, ग्वालियर, सतना, श्योपुर, टीकमगढ़, रायसेन, बालाघाट, छतरपुर, मुरैना, सागर, पन्ना, मैहर, उमरिया और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं ओले गिरे। राजधानी भोपाल में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कोलार रोड समेत कई अन्य इलाकों में पेड़ उखड़ गए। प्रशासन और संबंधित विभाग देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए हुए थे क्योंकि मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। आज इन जिलों में बारिश के आसार शुक्रवार को जिन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमान है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। दूसरी ओर, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, पन्ना, कटनी, दमोह, जबलपुर, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि, शाम को कुछ जिलों में तेज आंधी भी चल सकती है। आगामी 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट मौसम केंद्र (IMD) ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्वालियर समेत 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। आज जिन प्रमुख जिलों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की गतिविधियों को देखते हुए सतर्क रहने को कहा गया है। गर्मी और बारिश का अनोखा संयोग एक तरफ जहां कई जिलों में बारिश की चेतावनी है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा अब भी गर्मी की तपिश झेल रहा है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। इसके अलावा रीवा, सतना, जबलपुर और सागर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान अधिक रहने की उम्मीद है, हालांकि यहां शाम के वक्त धूल भरी आंधी चलने के आसार जताए गए हैं। मई महीने में मौसम का बदला ट्रेंड आमतौर पर मई का महीना अपनी भीषण तपिश और लू के लिए जाना जाता है, लेकिन इस साल की शुरुआत कुछ अलग अंदाज में हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मई के शुरुआती चार दिनों तक आंधी और बारिश का अलर्ट बना हुआ है। गर्मी के इस पारंपरिक ट्रेंड में आए बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती धूप से थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि ने चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। 

सोनम गवाहों को प्रभावित कर सकती है, शिलांग पुलिस जमानत रद्द कराने हाईकोर्ट जाएगी

 इंदौर बहुचर्चित इंदौर-टू-शिलांग हनीमून मर्डर केस में ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपित सोनम को मिली जमानत रद करने के लिए शिलांग पुलिस मेघालय हाई कोर्ट जाएगी। दरअसल, शिलांग पुलिस का मानना है कि गंभीर प्रकृति के इस केस में सोनम इसकी मास्टरमाइंड है। जमानत मिलने से वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। उसकी जमानत को आधार बनाकर शेष आरोपित भी जमानत मांगने लगे हैं। पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलांग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी। सरकारी वकील केशव गौतम ने भी इसकी पुष्टि की है। सूत्रों के अनुसार, शिलांग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस उन बिंदुओं को ही आधार बनाएगी, जिन बिंदुओं पर शिलॉन्ग की सत्र न्यायालय ने सोनम को जमानत दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिलॉन्ग पुलिस अब इस मामले से जुड़े साक्ष्यों और तथ्यों को और मजबूती से प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है, ताकि हाईकोर्ट में जमानत आदेश को चुनौती दी जा सके। वहीं सरकारी वकील केशव गौतम ने इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। जमानत के आधार पर उठे सवाल बता दें कि इंदौर शहर के सहकार नगर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में उसकी पत्नी सोनम को सशर्त जमानत मिली है। सत्र न्यायालय ने जमानत देते समय शिलांग की ईस्ट खासी हिल्स थाना पुलिस की जांच प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए थे। दरअसल, न्यायालय ने पाया गया कि सोनम की गिरफ्तारी के अभिलेख में हत्या की वास्तविक धारा के बजाय असंगत धारा लगा दी गई। इसके साथ ही सोनम को गिरफ्तारी के समय आरोपित के रूप में उसके अपराध के बारे में भी नहीं बताया गया। इसे सत्र न्यायालय ने कानूनी प्रक्रिया की गंभीर खामी और संविधान में आरोपित को प्राप्त मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना। यह भी पाया कि 10 माह में भी मामले की जांच कर रही एसआईटी जांच को पूरा नहीं कर सकी है। सारे गवाहों के बयान भी दर्ज नहीं किए गए हैं। राजा के भाई बोले- हम भी जाएंगे हाई कोर्ट इस बीच, राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा है कि वह स्वयं भी सोनम की जमानत खारिज कराने के लिए मेघालय हाई कोर्ट में जाएंगे। इसके लिए याचिका दायर करेंगे। इसके लिए वकील से संपर्क कर लिया है। प्रक्रिया के लिए दस्तावेज भी पहुंचा दिए गए हैं। एक और अर्जी दायर करने की तैयारी में सोनम रघुवंशी शिलॉन्ग पुलिस सूत्रों ने बताया कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलॉन्ग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलॉन्ग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार सोनम खुद शिलॉन्ग से बाहर जाने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है। बताया जा रहा है कि उसके वकील की तरफ से इस मामले में तैयारी की जा रही है। राज पर आज आ सकता है फैसला शिलॉन्ग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलॉन्ग के सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। योबिन ने बताया कि हमने राज कुशवाहा के लिए जमानत याचिका दायर की थी और कोर्ट ने जमानत के आदेश को सुरक्षित रख लिया है अभी बस, इतना ही है। अन्य आरोपितों पर भी असर वहीं, शिलांग पुलिस के राजफाश में सोनम के कथित प्रेमी राज कुशवाह की जमानत पर शुक्रवार को शिलांग की सत्र न्यायालय का फैसला आ सकता है। सोनम की जमानत को आधार बनाकर राज के वकील योबिन ने कोर्ट में अर्जी लगाई है। बुधवार को बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था। शिलांग से बाहर जाने की अर्जी दायर कर सकती है सोनम सोनम की रिहाई की इंदौर से ज्यादा शिलांग में चर्चा हो रही है। मई 2025 में हुई इस घटना से टूरिस्ट प्रभावित हुए थे। मेघालय सरकार को आगे आकर टूरिस्ट को सुरक्षा की गारंटी देनी पड़ी थी। बताया गया है कि जमानत के बाद सोनम को वकील की मदद से शिलांग में किसी सुरक्षित जगह पर रखा गया है। कारण यह है कि सोनम कोर्ट की अनुमति के बगैर शिलांग नहीं छोड़ सकती है। वहीं, सूत्रों के अनुसार, सोनम खुद शिलांग से बाहर जाने के लिए भी कोर्ट अर्जी दायर कर सकती है। इसके लिए वह स्वयं पर हमले का खतरा होने का तर्क दे सकती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति संवेदनाएं प्रकट की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी क्रूज दुर्घटना पर जताया दु:ख मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति संवेदनाएं प्रकट की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरगी डैम हादसे की जांच के दिए निर्देश बरगी क्रूज दुर्घटना में लोगों को बचाने वालों को स्वतंत्रता दिवस पर किया जाएगा सम्मानित मुख्यमंत्री ने की नागरिकों से बोटिंग के समय लाइफ जैकेट पहनने की अपील भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जबलपुर के बरगी डैम में मौसमी चक्रवात के कारण दु:खद घटना हुई है। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, एडीजी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित स्थानीय प्रशासन के अधिकारी राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता के साथ जुट गए। हमारे राहत और बचाव दल ने लगभग 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, रेस्क्यू जारी है, अब तक 9 शव बरगी डैम से बाहर निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्रूज दुर्घटना अत्यंत दु:खद है, राज्य सरकार ने हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। ऐसी दुर्घटना से मन दु:खी है। सभी नागरिकों को बोटिंग के दौरान लाइफ सेविंग जैकेट अवश्य पहननी चाहिए, जिन्होंने लाइफ जैकेट का इस्तेमाल किया, वे सुरक्षित रहे। भविष्य में इस प्रकार के हादसे न हो, इसके लिए पर्यटन विभाग जांच कराई जाएगी। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति हमारी पूरी संवेदनाएं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेस्क्यू टीम ने बहादुरी के साथ अपनी जान की परवाह किए बगैर कई लोगों को सुरक्षित बचाया है , जिन व्यक्तियों ने तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में हिस्सा लिया, उन सभी बहादुर नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त पर सम्मानिेत किया जाएगा।  

‘गूगल बॉय’ रुद्र को, लोक भवन में मिला सम्मान

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में जिला दुर्ग के 6 वर्षीय 'गूगल बॉय ' रुद्र शर्मा ने अपने पालकों के साथ मुलाकात की।अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से उसने हैरान कर दिया। राज्यपाल श्री डेका से मुलाकात के दौरान रुद्र ने सामान्य ज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।          कक्षा पहली के छात्र रुद्र को यूपीएससी और पीएससी स्तर के प्रश्नों के उत्तर भी याद हैं। मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उससे छत्तीसगढ़ के गठन, राज्य की विशेषताओं और भारतीय संविधान से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका रुद्र ने बिना झिझक तुरंत सही जवाब दिया।          रुद्र की तेज स्मरण शक्ति और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर राज्यपाल ने उसकी सराहना की। उन्होंने लोक भवन की ओर से रुद्र को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।            इस अवसर पर रुद्र के माता श्रीमती पायल शर्मा के साथ उसके नाना श्री विनोद शर्मा भी उपस्थित थे, जिन्होंने उसकी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की।

बोकारो-हजारीबाग में डिजिटल सेंधमारी, रिटायर्ड कर्मियों के नाम पर फर्जी भुगतान

रांची  झारखंड के बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा जिलों में पुलिसकर्मियों के वेतन के नाम पर करोड़ों की अवैध निकासी ने पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। सीआइडी की विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में जो खुलासे हो रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। ऐसे हुआ 'डिजिटल सेंधमारी' का खेल जांच में सामने आया है कि इस पूरे महाघोटाले की धुरी 'ओटीपी' (OTP) और अधिकारियों का अपने अधीनस्थों पर अंधविश्वास रहा है। एसआइटी के अनुसार, पुलिसकर्मियों के वेतन निर्माण के लिए एक विशेष पोर्टल का उपयोग होता है, जिसमें जिले के स्वीकृत बल का पूरा डेटाबेस होता है। स पोर्टल पर किसी भी तरह के बदलाव- जैसे जन्मतिथि सुधारना या बैंक खाता नंबर बदलना। इसके लिए संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी आता है। कमजोर कड़ी बना दिया सुरक्षा चक्र को घोटालेबाजों ने इसी सुरक्षा चक्र को सबसे कमजोर कड़ी बना दिया। जांच में पाया गया कि जिले के डीडीओ (आमतौर पर डीएसपी स्तर के अधिकारी) अन्य पुलिसिंग कार्यों में व्यस्त रहते थे। बार-बार ओटीपी बताने के झंझट से बचने के लिए उन्होंने अपना मोबाइल और मास्टर लॉग-इन का एक्सेस लेखापालों (Accountants) को दे दिया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर लेखापालों ने पूरा सिस्टम हैक कर लिया। रिटायर्ड कर्मी बन गए 'कमाऊ पूत' धोखाधड़ी का तरीका बेहद शातिर था। लेखापालों ने उन पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जो रिटायर हो चुके थे।         जन्मतिथि में हेरफेर: मास्टर लॉगइन के जरिए रिटायर्ड कर्मियों की उम्र कागजों में 2 से 4 साल कम कर दी गई ताकि वे रिकॉर्ड में कार्यरत दिखें।         खाता नंबर का खेल: पोर्टल पर संबंधित कर्मी के मूल खाते की जगह लेखापाल ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खाते फीड कर दिए।         दोहरा लाभ: हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ वह कर्मी अपने मूल दस्तावेजों पर पेंशन ले रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसके फर्जी वर्किंग रिकॉर्ड के आधार पर वेतन की राशि सीधे घोटालेबाजों के खातों में जा रही थी। एसआइटी की रडार पर विश्वासघात बोकारो के गिरफ्तार लेखापाल कौशल कुमार पांडेय और हजारीबाग के शंभू कुमार से पूछताछ में इस मॉडस ऑपेरंडी (काम करने का तरीका) की पुष्टि हुई है। एसआइटी अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या डीडीओ सिर्फ लापरवाह थे या फिर इस बंदरबांट में उनकी भी कोई गुप्त हिस्सेदारी थी। फिलहाल, प्रथम दृष्ट्या यह भारी विश्वासघात का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसने सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया है। जांच टीम सच्‍चाई को खंगालने में जुटी हुई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में भेंट कर प्रदेश में जारी गेहूँ उपार्जन के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन्हें बताया कि गेहूँ उपार्जन के लिए अब तक 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूँ उपार्जन के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं, स्लॉट बुकिंग का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के किसानों से गेहूँ उपार्जन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की सुविधा के लिए सभी संभव व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं भी उपार्जन प्रक्रिया पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।  

केंदुआ में नया गोफ बनने से धनबाद-बोकारो मार्ग बंद, प्रशासन अलर्ट

धनबाद  कोयलांचल में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही के संकेत दे दिए हैं। केंदुआ थाना अंतर्गत धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बार फिर भीषण भू-धंसान (गोफ) हो गया। लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पूर्व में बने गोफ के ठीक बगल में एक नया विशाल गड्ढा बन गया है। इस गोफ में बारिश का पानी तेजी से समा रहा है, जिससे भूमिगत आग धधकने और गोफ का दायरा बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य मार्ग को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया है। महाप्रबंधक जीसी साहा ने कहा कि राजपूत बस्ती, पुराना जीएम बांग्ला एवं इसके आसपास के क्षेत्र में दरारें बढ़ रही है और खतरा बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि धनबाद बोकारो मुख्य सड़क से आवागमन 15 दिनों से ठप है यातायात, बढ़ी मुश्किलें ज्ञात हो कि यह मार्ग पिछले 15 दिनों से बंद है और वाहनों को अन्य रास्तों से डायवर्ट किया गया है। नए भू-धंसान ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की कमर टूट गई है। सड़क के अस्तित्व पर आए इस संकट ने धनबाद और बोकारो के बीच के संपर्क को पूरी तरह जोखिम में डाल दिया है। यह वीडियो भी देखें आक्रोश: प्रशासन और बीसीसीएल पर लापरवाही का आरोप बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए जिला प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा विधायक राज सिन्हा, भाकपा माले के अरुप चटर्जी और आजसू नेता मंटू महतो समेत कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। नेताओं का कहना है कि प्रबंधन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है, जबकि आम जनता की जान जोखिम में है। खौफनाक इतिहास: गैस रिसाव से हो चुकी है मौतें     केंदुआ का यह इलाका लंबे समय से 'डेथ जोन' बना हुआ है।     15 अप्रैल: इसी स्थान पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था।     पिछले साल 31 नवंबर: भूमिगत खदान में विस्फोट के बाद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव हुआ था, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई थी। बीसीसीएल की चेतावनी: खाली करें इलाका बीसीसीएल प्रबंधन ने स्थिति को अनियंत्रित बताते हुए कहा है कि बारिश के कारण मिट्टी धंसने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्र के पास रहना किसी बड़े हादसे को दावत देना है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी है।     प्रबंधन और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है। पहले गैस रिसाव से मौतें हुईं और अब पूरी सड़क पाताल में समाने को है। अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हम चुप नहीं बैठेंगे। कृष्णा राउत, पार्षद प्रतिनिधि

राज्यपाल पटेल से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल से शुक्रवार को लोकभवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल पटेल का पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभिवादन किया। राज्यपाल पटेल को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के विकास एवं जनकल्याण संबंधी विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। दोनों के बीच अनौपचारिक चर्चा भी हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी मौजूद थे।