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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को डब्ल्यूओडब्ल्यू लाईव अवार्डस की टीम भोपाल आकर विक्रमोत्सव 2026 को इस वर्ष मिले गोल्ड और सिल्वर अवार्ड प्रदान करेंगी। नई दिल्ली में 1 और 2 मई 2026 को आयोजित शोज ऑफ इंडिया कॉन्क्लेव 2026 में विक्रमोत्सव 2026 को कल्चरल लाइव इवेंट ऑफ द ईयर में गोल्ड अवॉर्ड तथा लाइव इवेंट में सर्वश्रेष्ठ शासकीय सहभागिता की श्रेणी में सिल्वर अवार्ड प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार डब्ल्यूओडब्लयू लाईव अवॉर्ड्स के अंतर्गत प्रदान किए गए, जो देश में कॉन्सर्ट, फेस्टिवल, टूर और लाइव इवेंट्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रचनाकारों और दूरदर्शियों को सम्मानित करते हैं। इस वर्ष 300 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुई, जो इस क्षेत्र के बढ़ते विस्तार, विविधता और संभावनाओं को दर्शाती हैं। विशेषज्ञ जूरी पैनल द्वारा इन प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया गया। मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  राम तिवारी ने बताया कि विक्रमोत्सव : 2026 को मिले गोल्ड एवं सिल्वर अवॉर्ड मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह मध्यप्रदेश की पारंपरिक एवं आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के मंत्र अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार निरंतर ऐसे आयोजनों के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त और समृद्ध बनाने का कार्य कर रही है। विक्रमोत्सव हमारी परंपराओं, मूल्यों और नवाचार का जीवंत उत्सव बन गया है। यह उपलब्धि हमें और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगी तथा भविष्य में मध्यप्रदेश को सांस्कृतिक क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। विगत वर्षों में मिल चुके है तीन सम्मान विक्रमोत्सव दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है। इसमें सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ बिजनेस इवेंट भी शामिल है। इसके पहले विक्रमोत्सव : 2025 को ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड द्वारा लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया था। "वाउ" अवार्ड एशिया-2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड मिल चुका है। वर्ष-2024 में विक्रमोत्सव को एशिया का "बिगेस्ट रिलीजियस" अवार्ड मिला था। विक्रमोत्सव से 17.72 करोड़ से अधिक लोग जुड़े विक्रमोत्सव : 2026 के दौरान आयोजन के प्रसारण ने डिजिटल आउटरीच और कम्युनिटी एंगेजमेंट के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार 7 फरवरी से 24 मार्च 2026 के बीच आयोजन से संबंधित गतिविधियों ने कुल 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुँच बनाई। आधिकारिक सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम्स से जहाँ 47.85 लाख लोगों तक पहुँच बनी, वहीं आमजन द्वारा तैयार कंटेंट और विभिन्न हैशटैग्स के जरिए 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच दर्ज की गई। 139 दिवसीय आयोजन विक्रमोत्सव : 2026 का आरंभ कर सृष्टि निर्माण दिवस वर्ष प्रतिपदा से होते हुए पंच महाभूतों में अतिविशिष्ट जल तत्व के संरक्षण, संवर्धन के लिए विशिष्ट रूप से नियोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का आयोजन होगा। दिनांक 12 फरवरी से 30 जून, 2026 की तिथियों में होने वाला यह 139 दिवसीय आयोजन भारत और देश तथा दुनिया में आयोजित होने वाला सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव बना। इसका प्रथम चरण महाशिवरात्रि के अवसर पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम द्वारा शिवोऽहम महादेव की आराधना से सम्पन्न हुआ। द्वितीय चरण 19 मार्च से 30 जून 2026 तक जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सम्पन्न होगा। इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में 4 हजार से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गयी। विक्रमोत्सव : 2026 के तहत 3 से 5 अप्रैल को उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वाराणसी में महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का मंचन किया गया था।  

पंजाब में भगवंत मान की शुकराना यात्रा का आगाज: गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान कानून पर जताएंगे आभार

चंडीगढ़. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 6 मई से 9 मई 2026 तक चार दिवसीय ‘शुकराना यात्रा’ पर निकल रहे हैं। यह यात्रा ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के पारित होने के बाद प्रदेश की संगत के प्रति आभार प्रकट करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री इस दौरान राज्य के प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों पर नतमस्तक होंगे और जगह-जगह लोगों से संवाद भी करेंगे। यात्रा की शुरुआत 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब स्थित तख्त श्री केसगढ़ साहिब से होगी। यहां अरदास के बाद मुख्यमंत्री अमृतसर के लिए रवाना होंगे, जहां वे श्री हरमंदिर साहिब में मत्था टेकेंगे। पहले दिन का कार्यक्रम धार्मिक आस्था के केंद्रों के इर्द-गिर्द केंद्रित रखा गया है, ताकि यात्रा की शुरुआत श्रद्धा और धन्यवाद के भाव के साथ हो सके। दूसरे दिन 7 मई को मुख्यमंत्री तलवंडी साबो पहुंचेंगे, जहां तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होंगे। इसके बाद उनका काफिला फरीदकोट पहुंचेगा। स्थानीय विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के अनुसार, फरीदकोट में भी मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा और वे यहां संगत से संवाद करेंगे। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी 8 मई को यात्रा मस्तुआना साहिब पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री दर्शन करेंगे। इसके बाद वे पटियाला पहुंचेंगे। पटियाला में 8 और 9 मई को गुरुद्वारा श्री दुख निवारण साहिब में कार्यक्रम तय किया गया है। यहां भी मुख्यमंत्री अरदास करेंगे और लोगों से मुलाकात करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय स्तर पर स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। चार दिवसीय इस यात्रा का समापन 9 मई को फतेहगढ़ साहिब में होगा। ऐतिहासिक महत्व के इस स्थल पर मुख्यमंत्री अंतिम अरदास कर यात्रा का समापन करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, यात्रा मार्ग में आने वाले शहरों और कस्बों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और ट्रैफिक को लेकर भी एडवाइजरी जारी की जा सकती है। सरकार का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोगों के साथ सीधे संवाद का भी माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री विभिन्न स्थानों पर रुककर संगत की समस्याएं सुन सकते हैं और सरकार की योजनाओं की जानकारी भी साझा करेंगे।

खनन माफिया ने किया बर्बरतापूर्ण प्रयास, पटवारी को ट्रैक्टर से रौंदने की कोशिश, खंडवा में केस दर्ज

खंडवा  अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। खंडवा तहसील के जावर सर्किल अंतर्गत ग्राम भकराडा में मुरम के अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान सरकारी कार्य में बाधा डालने और पटवारी पर जानलेवा हमला करने की कोशिश का मामला भी सामने आया है। मौके से आरोपी फरार जानकारी के अनुसार हल्का पटवारी मयंक फुलेरिया जांच के लिए मौके पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मुरम का उत्खनन किया जा रहा था। मौके पर एक जेसीबी मशीन और चार ट्रैक्टर मौजूद थे, जिनके जरिए मुरम को पास के मुर्गी केंद्र तक ले जाया जा रहा था। पटवारी को देखकर मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। इस दौरान ट्रैक्टर चालक कुंदन पिता गजेंद्र राजपूत ने पटवारी पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि पटवारी ने सतर्कता दिखाते हुए किसी तरह अपनी जान बचाई। जेसीबी जब्त, अन्य वाहन मौके से भागे घटना के बाद सभी ट्रैक्टर चालक अपने वाहन लेकर फरार हो गए, लेकिन जेसीबी मशीन गड्ढे में फंसने के कारण मौके से नहीं निकल सकी। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी को जब्त कर थाना जावर की अभिरक्षा में सौंप दिया है। प्रारंभिक जांच में जेसीबी चालक की पहचान सावन भिलाला निवासी बांगरदा और एक अन्य ट्रैक्टर चालक की पहचान मुकेश सोलंकी निवासी बिजोरा भील के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 221, 132, 110, 303(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21 और 4 के अंतर्गत भी कार्रवाई की गई है।  महेश सोलंकी, तहसीलदार, खंडवा खंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर अपराधों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि अवैध उत्खनन में लिप्त माफियाओं के हौसले पस्त किए जा सकें।

सरोधी की चौपाल में उभरी बदलाव की प्रेरक कहानी, स्वच्छता दीदी मनीषा मरकाम की आर्थिक स्थिति हुई सशक्त

रायपुर सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की सजीव तस्वीर भी बनी। इसी चौपाल में स्वच्छता दीदी मती मनीषा मरकाम की कहानी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। मनीषा मरकाम अपने पति  रंजीत मरकाम और तीन बेटों के साथ एक साधारण परिवार से हैं। उनके बच्चे वर्तमान में अध्ययनरत हैं और परिवार की आजीविका खेती-किसानी एवं मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के बीच घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई संभालना पहले चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आया है। मनीषा बताती हैं कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपए की मासिक सहायता उनके लिए बड़ा सहारा बनी है। इन दोनों आय स्रोतों से वे घरेलू खर्चों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सहयोग कर पा रही हैं। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से रसोई का कार्य आसान हुआ है। मनीषा मरकाम “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” से भी जुड़ी हैं, जहां वे अन्य महिलाओं के साथ मिलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही हैं। मनीषा कहती हैं कि पहले जहां हर खर्च चिंता का कारण बनता था, वहीं अब उन्हें एक स्थिर आर्थिक संबल मिल गया है। महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे अनेक परिवारों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य की दिशा दी है। ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में स्थायित्व और सशक्तिकरण भी लाती हैं।

BJP के एमपी के बड़े नेता हार गए दक्षिण भारत में, केरल और तमिलनाडू में मिली हार

भोपाल  5 राज्यों के चुनाव परिणाम यूं मध्यप्रदेश की राजनीति को प्रभावित नहीं करते. लेकिन दक्षिण के दो राज्यों तमिलनाडु और केरल में मध्य प्रदेश से सीधा जुड़ाव रखने वाले बीजेपी नेताओं की हार का असर यहां तक आया है. मध्य प्रदेश में लंबे समय से बीजेपी दक्षिण के अपने नेताओं को राज्यसभा भेजती रही है।  एल मुरुगन केन्द्र सरकार में मंत्री हैं, वह मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं. इनके अलावा जार्ज कुरियन ने भी विधानसभा चुनाव लड़ा. मुरुगन और कुरियन की हार की वजह से इन चुनावों का असर मध्य प्रदेश तक भी आया है. इन नेताओं के चुनाव हारने से मध्य प्रदेश बीजेपी के कुछ नेताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।  असली झटका लगा मुरुगन की हार से बीजेपी ने तमिलनाडु में केन्द्र सरकार में मंत्री रहे एल मुरुगन को भी चुनाव मैदान में उतारा. मुरुगन मध्य प्रदेश के कोटे से राज्यसभा में हैं. अप्रैल 2030 में उनका कार्यकाल खत्म होगा. इनके अलावा केरल से जार्ज कुरियन का कार्यकाल अप्रैल 2026 तक ही था. इन दोनों नेताओं के चुनाव जीतने की आस मध्यप्रदेश में भी बीजेपी नेताओं को थी. जार्ज कुरियन का कार्यकाल तो खैर पूरा ही हो रहा है. लेकिन मुरुगन अगर ये विधानसभा चुनाव जीत जाते तो उनकी राज्यसभा सीट खाली हो जानी थी. राज्यसभा सीट पर नजर जमाए मध्यप्रदेश के नेताओं को मौका मिल सकता था।  बीजेपी के दिग्गज दक्षिण में ऐसे हारे मध्य प्रदेश के रास्ते राज्यसभा में गए ये दोनों नेता तमिलनाडु और केरल से विधानसभा चुनाव के मैदान में उतरे. केन्द्रीय राज्य मंत्री जार्ज कुरियन केरल की कांरिजापल्ली सीट से बीजेपी के उम्मीदवार थे. चुनाव नतीजों में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार ने करीब 29 हजार वोटों से शिकस्त दी. तमिलनाडु की अविनाशी सीट से बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन को मैदान में उतारा था. वे भी अपनी सीट नहीं बचा सके. वह टीवीके की आंधी में अपनी सीट नहीं बचा सके. इस सीट पर टीवीके के कमाली एस ने 84 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की. मुरुगन दूसरे नंबर पर रहे. उन्हें 68 हजार से ज्यादा वोट मिले।  सभाओं में उमड़ी थी भी़ड़, मोहन यादव ने भी किया था प्रचार एल मुरुगन ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी उनके लिए चुनाव प्रचार में गए थे. रैलियां की थी. तमिलनाडु में चुनाव प्रभार संभाल रहे अरविंद मेनन ने ईटीवी भारत से बातचीत में कहा "दक्षिण में अभी हमें और मेहनत करनी है. यहां भी हमने पूरी रणनीति के साथ काम किया. हमें जो उम्मीद थी नतीजे वैसे नहीं आए हैं. लेकिन बीजेपी का कार्यकर्ता हर एक हार से सबक लेकर आगे बढ़ता है और फिर मैदान में जुटता है. हम भी जुटेंगे और लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।  कौन हैं एल मुरुगन? एल. मुरुगन मौजूदा समय में तमिलनाडू की राजनीति में भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं। वो तमिलनाडू में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं और वर्तमान में मोदी सरकार में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री हैं। वो राज्यसभा में मध्य प्रदेश के कोटे से सांसद हैं। 2024 में उन्हें दूसरी बार राज्यसभा के लिए मध्य प्रदेश से चुना गया था। वो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी उनका नाता है। वो मद्रास हाईकोर्ट में वकालत करते थे। 15 साल तक वकालत के बाद वो राजनीति में आए हैं। कौन हैं जॉर्ज कुरियन वहीं, जॉर्ज कुरियन की बात करें तो वो भी मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। वर्तमान में वो मोदी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण और मत्स्य पालन राज्य मंत्री हैं। वह केरल में बीजेपी का पुराना चेहरा माने जाते हैं। 1980 से वो भाजपा से जुड़े हैं और अबतक कई पदों पर रह चुके हैं और विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनकी केरल में ईसाई समुदाय में पैठ मानी जाती है। वह केरल में भी भाजपा में विभिन्न पदों पर रहे हैं। मजबूत उम्मीदवारों के तौर पर उतारे गए थे दोनों दिग्गज आपको बता दें कि, जॉर्ज कुरियन और एल. मुरुगन दोनों ही मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। कुरियन का कार्यकाल 19 जून 2026 में खत्म हो रहा है, जबकि मुरुगन का कार्यकाल अप्रैल 2030 तक जारी रहेगा। इन दोनों नेताओं को भाजपा ने अलग-अलग राज्यों में मजबूत उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया था, लेकिन चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। राज्यसभा चुनावों और पार्टी की रणनीति पर असर के आसार राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इनकी हार का असर आने वाले राज्यसभा चुनावों और पार्टी की रणनीति पर भी पड़ने की संभावना है। खास बात ये है कि, मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें जून 2026 में खाली होने वाली हैं, जिनमें दो भाजपा और एक कांग्रेस के पास है। कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह और भाजपा की ओर से सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल भी उसी समय पूरा होने जा रहा है।

5 राज्यों के चुनावों में कांग्रेस की जीत का पैटर्न: ज्यादातर विजेता मुस्लिम उम्मीदवार

 नई दिल्ली हालिया विधानसभा चुनावों को लेकर सामने आए आंकड़ों में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है. असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कांग्रेस के जिन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, उनमें बड़ी संख्या मुस्लिम नेताओं की रही।  असम में 19 सीटों में 18 पर जीत असम में कांग्रेस को मिली 19 सीटों में से 18 पर मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. पार्टी ने वहां 20 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 18 जीत गए, जबकि गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में सिर्फ एक ही जीत सका. कांग्रेस के सहयोगी राइजर दल को भी 2 सीटें मिलीं, जिनमें एक मुस्लिम उम्मीदवार और दूसरी सीट अखिल गोगोई ने जीती।  केरल में 35 मुस्लिम विधायक केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में 35 मुस्लिम विधायक चुने गए, जिनमें से 30 कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन से हैं. इनमें 8 कांग्रेस और 22 इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के विधायक शामिल हैं।  पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को दो सीटें मिलीं और दोनों पर मुस्लिम उम्मीदवार जीते. यहां कांग्रेस ने 63 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया, जो तृणमूल कांग्रेस के 47 उम्मीदवारों से ज्यादा है. तमिलनाडु में कांग्रेस ने दो मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से एक जीतने में सफल रहा।  मुस्लिम उम्मीदवारों का जीत प्रतिशत 80 रहा सूत्रों का कहना है कि असम और केरल में कांग्रेस गठबंधन के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत दर करीब 80 फीसदी रही. वहीं, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल करते हुए 15 साल पुरानी टीएमसी सरकार को हटा दिया. असम में भी एनडीए तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है, जहां उसने 126 में से 102 सीटें जीतीं।  तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि केरल में 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन फिर से सरकार बनाने जा रहा है।  केरल में भाजपा को तीन सीट केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने तीन सीटें जीतकर राज्य में अपना सूखा खत्म किया, लेकिन कई सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही. मतगणना के बाद बीजेपी तिरुवल्ला, पालक्काड, मलमपुझा, अट्टिंगल, कासरगोड और मंजेश्वर सीटों पर दूसरे नंबर पर रही. तिरुवल्ला में पार्टी के नेता अनूप एंटनी को 43,078 वोट मिले और वह करीब 10 हजार वोटों से हार गए, लेकिन यहां पार्टी का वोट शेयर पहले से बढ़ा है।  पालक्काड में वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन को कड़े मुकाबले में यूडीएफ के रमेश पिशारोड़ी से करीब 13 हजार वोटों से हार मिली, हालांकि यहां भी बीजेपी का वोट प्रतिशत बढ़ा. अट्टिंगल में पी. सुधीर दूसरे स्थान पर रहे और उन्होंने भी पार्टी का वोट शेयर बढ़ाया।  वहीं मलमपुझा, कासरगोड और मंजेश्वर में बीजेपी उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे, लेकिन इन सीटों पर पार्टी अपने वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी नहीं कर पाई. कुल मिलाकर, बीजेपी ने सीटें भले कम जीती हों, लेकिन कई क्षेत्रों में अपने जनाधार को मजबूत करने के संकेत दिए हैं।  चुनाव नतीजों के अनुसार, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 140 में से 102 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की, जबकि सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ को 35 सीटों पर संतोष करना पड़ा। 

निगम मंडलों में नियुक्त अशासकीय पदाधिकारियों का होगा उन्मुखीकरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गर्व का विषय है कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 9 से 13 जून तक इंदौर में होने जा रहा है। विश्व की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के इस समूह को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और अधिक सशक्त बनाया जा रहा है। सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार और भू-राजनीतिक संवाद को बढ़ाना ब्रिक्स आंदोलन का उद्देश्य है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, युगांडा, मिस्र, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड ,संयुक्त अरब अमीरात, कोलंबिया, इंडोनेशिया आदि 21 देश के मंत्री सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, नीति निर्धारक आदि भी सहभागिता करेंगे। यह 5 दिवसीय सम्मेलन पूर्ण गरिमा और गौरव के साथ हो, यह राज्य सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी, मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में दी। नगरीय निकायों को पीपीपी मोड पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खरगोन के जलूद में मेगा सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण किया गया है। पीपीपी मोड पर 271 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित 60 मेगावाट क्षमता का यह पावर प्लांट नगर निगम इंदौर द्वारा ग्रीन बॉन्ड स्कीम के अंतर्गत लगाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि जन भागीदारी से संचालित इस योजना में एक-एक लाख रुपए तक के 10 बॉन्ड तक लेने की अनुमति थी। इस पर वार्षिक 8.27 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा। परियोजना की लागत 8 साल में प्राप्त हो जाएगी, यह परियोजना 20 साल तक कार्यरत रहेगी। इससे लगभग 35 से 60 करोड़ रुपए तक की बचत नगर निगम इंदौर को होगी। इस परियोजना से जन भागीदारी के माध्यम से आय प्राप्त करने के अवसर भी जन सामान्य को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने-अपने प्रभार के जिलों में नगरीय निकायों तथा अन्य संस्थाओं के माध्यम से सौर ऊर्जा आधारित इस प्रकार की परियोजनाओं की स्थापना और संचालन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। जिला विकास समितियों की बैठक का आयोजन 12 मई से पहले करें सुनिश्चित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का ढाई वर्ष का कार्यकाल पूर्ण हो रहा है। दिनांक 8 से 10 मई के बीच विभागवार मंत्रीगण और विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित किया जा रहा है। इसमें मंत्री गण अपने विभाग और अपने प्रभार के जिले की उपलब्धियां, नवाचार, आगे की कार्य योजना और चुनौतियों के बारे में जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि जिला विकास समितियों की बैठक 12 मई के पहले प्रभार के जिले में अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश के विभिन्न निगम/मंडलों में अशासकीय नियुक्तियां एवं नामांकन किए गए हैं। अपने-अपने विभाग में मंत्रीगण इन सभी का मार्गदर्शन एवं उन्मुखीकरण करें। राज्य स्तर पर भी इन सभी का एक दिवसीय उन्मुखीकरण आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भोपाल में 30 अप्रैल को किसानों के सशक्तिकरण और उनकी आय वृद्धि के उद्देश्य से कृषि कर्मयोगी उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला के सभी 55 जिले, विकासखंड, क्लस्टर लेवल और ग्राम पंचायतों से कृषि से जुड़े 16 विभागों के 1627 चुनिंदा अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन के संबंध में बताया कि 19 लाख किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। उपार्जन की अद्यतन स्थिति 41 लाख मीट्रिक टन है, जिसके लिए 6520 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। अब तक 14.70 लाख स्लाट बुकिंग कृषकों द्वारा की गई है। विक्रेता कृषकों की संख्या 7 लाख 77 हजार है। प्रधानमंत्री  मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में किया विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री  मोदी ने काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी में वैदिक घड़ी का अवलोकन किया। उन्होंने घड़ी के डिजिटल फलक पर प्रदर्शित हो रहे भारतीय पंचांग, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम बताया। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा वर्ष 2024 में कालगणना केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापना की गई थी। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त तत्वों का समावेश कर बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 1842 की क्रांति के महानायक राजा हिरदेशाह लोधी की 168वीं पुण्यतिथि राज्य स्तरीय कार्यक्रम 28 अप्रैल को भोपाल में मनाया गया। शौर्य दिवस कार्यक्रम में राजा हिरदेशाह लोधी के वंशज  कौशलेन्द्र सिंह, गोंड़ राजा नरवर शाह के वंशज  राजकुमार शाह शामिल हुए। श्रमिकों का स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी श्रम स्टार रेटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग की अनूठी पहल शुरू की गई है। इसमें औद्योगिक संस्थाओं द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। श्रेष्ठ कार्य के लिए प्रतिष्ठानों को श्रम स्टार रेटिंग के माध्यम से आंकलन कर प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे कानूनों का बेहतर पालन करने वाले औद्योगिक संस्थानों क विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। प्रदेश में 554 कारखानों ने स्वेच्छा से श्रम स्टार रेटिंग की व्यवस्थ को अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे संस्थानों से उत्पाद क्रय करने और सेवाएं लेने में प्राथमिकता भी दी जाए जो श्रमिक भाइयों के अधिकारों और उनके कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। भारतीय राजनीति के इतिहास में दर्ज होंगे हाल ही के विधानसभा चुनाव नतीजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न राज्यों में चुनाव के नतीजो के संबंध में कहा कि पश्चिम बंगाल, केरल, असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के नतीजे भारतीय राजनीति के इतिहास मे दर्ज हो गये। इसका श्रेय पूरी तरह से प्रधानमंत्री  मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह को जाता है। बंगाल में ऐतिहासिक जीत प्राप्त हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बंगाल चैतन्य महाप्रभु, स्वामी विवेकानन्द, गुरूदेव रविन्द्र नाथ टैगोर, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरूषों की कर्मस्थली रहा है। यह ऐतिहासिक जीत बंगाल के कार्यकर्ताओं के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। 

ड्यूटी पर गए पटवारी पर हमला, ट्रैक्टर चढ़ाकर मारने का प्रयास; किसी तरह बचाई जान

 खंडवा  जिले में अवैध रूप से उत्खनन करने वालों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। ग्राम जावर के भकराड़ा में अवैध उत्खनन रोकने गए पटवारी को जान से मारने का प्रयास किया गया। किसी तरह पटवारी ने भागकर अपनी जान बचाई। अवैध उत्खनन करने वालों पर विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है। पटवारी पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास ग्राम भकराड़ा में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बुलडोजर से खुदाई कर ट्रैक्टर-ट्रालियों से मुरम निकाली जाने की सूचना पर यहां कार्रवाई के लिए हल्का पटवारी मयंक फुलेरिया जांच के लिए पहुंचे। जांच में पता चला कि अवैध उत्खनन कर पास ही स्थित मुर्गी पालन केंद्र पर मुरम ले जाई जा रही है। जब ट्रैक्टर-ट्रालियां रोकने का प्रयास किया गया, तो चालक कुंदन पुत्र गजेंद्र राजपूत निवासी भकराड़ा ने पटवारी फुलेरिया पर ट्रैक्टर चढ़ाने के लिए आगे बढ़ा दी। मौके से बुलडोजर जब्त, आरोपित फरार पटवारी ने किसी तरह स्वयं को बचाया। मौके पर एक बुलडोजर और चार ट्रैक्टर-ट्रालियां थीं। ट्रैक्टर चालक वाहन सहित यहां से भाग निकले, जबकि मुरम का उत्खनन कर रहा बुलडोजर गड्ढे में फंसने के कारण निकल नहीं सका। बुलडोजर का चालक सावन पुत्र राजू भिलाला निवासी बांगरदा और एक अन्य ट्रैक्टर का चालक मुकेश सोलंकी निवासी बिजोरा भील थे। खंडवा तहसीलदार महेश सोलंकी ने बताया कि मौके से बुलडोजर मशीन को जब्त कर थाना जावर की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 132, 110, 303 (2) व 3 (5) के तहत तथा खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21 एवं 4 के तहत थाना जावर में एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है।

वेस्ट टू वेल्थ: पॉलिटेक्निक छात्रों ने बनाई सस्ती रीसाइक्लिंग मशीन

अंबाला  बदलते समय के साथ साथ जहां प्लास्टिक कचरा एक गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बनकर उभर रहा है, वहीं अंबाला के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के छात्रों ने इस समस्या को अवसर में बदलते हुए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है. दरअसल चार छात्रों की टीम ने मिलकर एक ऐसी मशीन तैयार की है, जो वेस्ट प्लास्टिक को 3डी प्रिंटिंग फिलामेंट में बदलकर उपयोगी वस्तुओं का निर्माण करती है. 7000 में तैयार किया प्रोजेक्ट बता दे कि इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसे मात्र 7000 रुपये की लागत में तैयार किया गया है और इसे बनाने में छात्रों को करीब एक महीने का समय लगा है. छात्रों ने अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में इस मशीन को विकसित किया, जो अब न केवल तकनीकी नवाचार का उदाहरण है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है. खासतौर पर इस मशीन की कार्यप्रणाली बेहद सरल और प्रभावी है, इसमें सबसे पहले प्लास्टिक की बोतल को एक कटिंग प्लेट में लगाया जाता है, जहां से वह पतली-पतली स्ट्रिप्स में कट जाती है. इसके बाद इन स्ट्रिप्स को हीटर के माध्यम से गर्म किया जाता है, जिससे वे पिघलकर एक पतले धागे यानी फिलामेंट का रूप ले लेती हैं. यही फिलामेंट 3डी प्रिंटर में इस्तेमाल होकर विभिन्न प्रकार के मॉडल और उत्पाद तैयार करता है. प्लास्टिक कचरे का होगा सही उपयोग वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए इस प्रोजेक्ट से जुड़े छात्र सुहैल ने बताया कि आज के दौर में 3डी प्रिंटिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इस मशीन के जरिए न केवल प्लास्टिक कचरे का सही उपयोग किया जा सकता है, बल्कि इससे छोटे स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं.उन्होंने कहा कि इस तकनीक की मदद से चाबी के छल्ले, खिलौने, कार्टून कैरेक्टर और अन्य सजावटी वस्तुएं आसानी से बनाई जा सकती हैं, जिन्हें बाजार में अच्छे दामों पर बेचा जा सकता है.उन्होंने बताया कि यह पहल उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो कम संसाधनों में कुछ नया करने का सपना देखते हैं.जहां एक ओर लोग प्लास्टिक कचरे को जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, वहीं इस मशीन की मदद से प्लास्टिक कचरे को आय का साधन बनाया जा सकता हैं ओर आने वाले समय में यह “वेस्ट टू वेल्थ” का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आएगा. मशीन के अंदर हीटर मशीन की है मुख्य भूमिका वही राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान के अध्यापक अजय ने बताया कि यह मशीन वेस्ट प्लास्टिक को रीसाइकलिंग करके एक बेहतर प्रोडक्ट बनाने में काफी सक्षम है. क्योंकि जिस तरह से लोग अक्सर पानी पीकर प्लास्टिक बोतल को इधर-उधर फेंक देते हैं, तो यह मशीन उस बोतल का उपयोग करके उसे एक 3D मॉडल में बदल देगी. उन्होंने कहा कि जल्द छात्रों द्वारा तैयार की गई इस मशीन को वह मार्केट में भी लॉन्च करेंगे, ताकि जो भी लोग बेरोजगार है उन्हें इस मशीन से एक बेहतर रोजगार मिल सके. उन्होंने बताया कि वैसे तो यह मशीन अभी छोटे साइज में तैयार की गई है लेकिन अगर इसे थोड़े बड़े आकार में बनाया जाए तो यह बड़े स्तर पर भी स्टैचू तैयार कर सकती है. उन्होंने कहा कि इसके अंदर जो हीटर मशीन और पावर सप्लायर है वह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं और साथ ही स्पीड मोटर कंट्रोलर कंप्यूटर की कमांड के बाद कार्य करता है. जिसके बाद यह मशीन काफी कम समय में अलग-अलग तरह के प्लास्टिक मॉडल बना देती है ओर जिसका लोग घरों में सजावट के रूप में भी उपयोग कर सकते हैं.

डिजिटल क्लासरूम और 100% रिजल्ट: तिगांव स्कूल की बदली तस्वीर

फरीदाबाद  हरियाणा का ये स्कूल चर्चा का केंद्र बन गया है. फरीदाबाद के तिगांव गांव में स्थित सरकारी स्कूल की नई बिल्डिंग अब किसी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं लगती. चमचमाती बिल्डिंग, डिजिटल क्लासरूम और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह स्कूल अब आसपास के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. एडमिशन का दौर चल रहा है और बड़ी संख्या में बच्चे यहां पढ़ाई के लिए पहुंच रहे हैं. गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल तिगांव, जो अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा एक पुराना स्कूल माना जाता है, अब पूरी तरह नई पहचान के साथ सामने आया है. पहले यहां पुरानी बिल्डिंग में पढ़ाई होती थी लेकिन अब नई बिल्डिंग बनने के बाद स्कूल का पूरा माहौल बदल गया है. हालांकि पुरानी बिल्डिंग अभी भी मौजूद है. उसमें अब पढ़ाई नहीं होती है, पढ़ाई अब नई बिल्डिंग में होती है. हरियाणा सरकार की स्कीम ने बदली सूरत लोकल 18 से बातचीत में अंग्रेजी के प्रवक्ता सुनील नागर बताते हैं कि हरियाणा सरकार ने मॉडल संस्कृति स्कूल योजना के तहत शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की है. फरीदाबाद में ऐसे 6 स्कूल चुने गए हैं, जिनमें से एक तिगांव का यह स्कूल भी है. इस स्कूल को यहां तक पहुंचाने में मंत्री राजेश नागर का भी अहम योगदान रहा है. सुनील नागर ने बताया कि यह किसी भी प्राइवेट स्कूल से कम नहीं है. न टीचिंग स्टाफ के लेवल पर और न ही सुविधाओं के मामले में. पूरी बिल्डिंग में कैमरे लगे हैं. डिजिटल क्लासरूम हैं. आरओ सिस्टम और वाटर कूलर की सुविधा है. सोलर प्लांट लगा हुआ है. इसलिए बिजली की कोई दिक्कत नहीं होती. 85 गांवों के बच्चे सुनील बताते हैं कि स्कूल में कंप्यूटर लैब और लैंग्वेज लैब भी है. हर क्लास डिजिटल है और पढ़ाई पूरी तरह आधुनिक तरीके से कराई जा रही है. स्कूल में 12 से 13 सेक्शन हैं और हर सेक्शन में करीब 40 बच्चे पढ़ते हैं. यह स्कूल आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों स्ट्रीम में चलता है जिसमें साइंस में मेडिकल और नॉन-मेडिकल दोनों विकल्प हैं. यहां 84 से 85 गांवों के बच्चे पढ़ने आते हैं. यहां तो उल्टा सिस्टम है लोग शहर से गांव में पढ़ने आते हैं. फरीदाबाद के सेक्टरों से भी बच्चे यहां एडमिशन लेने आते हैं. बच्चों की रुचि जांचने के लिए कभी-कभी टेस्ट लिया जाता है और कुछ मामलों में लकी ड्रॉ के जरिए भी एडमिशन दिया जाता है. यह स्कूल खास तौर पर गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए भी है. एडमिशन आसानी से ले सकते हैं. 100 प्रतिशत रिजल्ट स्कूल के प्रिंसिपल हंसराज ने बताते हैं कि इस स्कूल का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है. यहां से पढ़कर कई छात्र क्लर्क से लेकर IAS अधिकारी और मंत्री तक बने हैं. यह हमारे इलाके की बड़ी पहचान है. 2022 में इस स्कूल को हरियाणा बोर्ड से सीबीएसई में अपग्रेड किया गया था. इस बार भी 10वीं का रिजल्ट 100 प्रतिशत रहा है.