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आशिमा मॉल से बावड़ियाकलां रेलवे ओवरब्रिज के लिए भू-अर्जन का कार्य एक माह में पूर्ण कर निर्माण करें शुरू

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति समीक्षा की। उन्होंने आशिमा मॉल से बावड़ियाकलां चौराहे तक बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह ओवरब्रिज क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुविधा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को एक माह में जमीन अधिग्रहण और भू-अर्जन की कार्यवाही पूर्ण कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने तथा कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री गौर ने पिपलानी से खजूरी कलां तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए ट्रांसफॉर्मर और स्ट्रीट लाइट्स की पर्याप्त व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर निर्माण कार्य शुरू किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि उक्त स्थान पर नाली निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा चुकी हैं। राज्यमंत्री गौर ने ग्लोबल स्किल पार्क के पास पुलिया एवं मार्ग निर्माण के संबंध में अधिकारियों को 15 मई तक अतिक्रमण हटाकर अलाइनमेंट और अन्य आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने सोनागिरी सतनामी नगर से अयोध्या बायपास मार्ग और पुलिस थाना बागसेवनिया से एचडीएफसी बैंक तक मार्ग निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्यमंत्री गौर ने कहा कि सभी विकास कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और पारदर्शिता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण किए जाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर जनता को उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। राज्यमंत्री गौर ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने और समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।  

Banswara में दर्दनाक घटना, 8 लोग तैरकर बचे, रेस्क्यू जारी

बांसवाड़ा बांसवाड़ा जिले में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब संगमेश्वर नदी में 10 लोगों से भरी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना अरथूना क्षेत्र में करीब 3 बजे हुई। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में नदी किनारे जुट गए। संतुलन बिगड़ने से पलटी नाव प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव का संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ। नाव पलटते ही नाविक सहित 8 लोगों ने साहस दिखाते हुए तैरकर अपनी जान बचाई और सुरक्षित किनारे तक पहुंच गए। हालांकि तेज बहाव के कारण 8 साल का एक बच्चा और एक युवक नदी की लहरों में ओझल हो गए, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। रेस्क्यू अभियान में जुटी प्रशासनिक टीमें घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी डीएसपी बाबूलाल रैगर और अरथूना पुलिस का जाब्ता मौके पर पहुंचा। प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू करते हुए स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीमों को मौके पर बुलाया। बचाव कार्य तेजी से जारी है। गहरे पानी में तलाश जारी सिविल डिफेंस की टीमें नावों और लाइफ जैकेट की मदद से नदी के गहरे हिस्सों में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं। नदी का तेज बहाव रेस्क्यू अभियान में चुनौती बन रहा है, फिर भी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं ताकि दोनों लापता व्यक्तियों का जल्द पता लगाया जा सके। परिजनों में चिंता, मौके पर जुटी भीड़ हादसे के बाद नदी किनारे ग्रामीणों की भीड़ जुट गई है। लापता लोगों के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और वे लगातार प्रशासन से जल्द से जल्द राहत की उम्मीद कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र इस घटना से गमगीन नजर आ रहा है।  

ममता बनर्जी का केंद्र और भाजपा पर हमला, चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल

नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। 5 मई 2026 को कार्यवाहक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamta Banerjee Press Conference) ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे इस्तीफा नहीं देंगी। ममता ने कड़े शब्दों में कहा, "मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। हम चुनाव हारे नहीं हैं, हमें साजिश के तहत हराया गया है। मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी, क्योंकि नैतिक तौर पर जीत हमारी हुई है।" '100 सीटें लूटी गईं और 90 लाख नाम काटे गए' ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने चुनाव आयोग का औजार के रूप में इस्तेमाल किया है। सीएम ममता के अनुसार, "हमारी 100 सीटें लूट ली गईं और 90 लाख मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची (SIR) से हटा दिए गए। भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर एक गंदा और घटिया खेल खेला है, जिसे मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी नहीं देखा।" EVM और चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को 'खलनायक' करार दिया। उन्होंने EVM की कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए कहा, "वोटिंग के बाद EVM मशीन 80-90% चार्ज कैसे रह सकती है? आमतौर पर यह 40% से नीचे होती है। चुनाव से दो दिन पहले हमारे लोगों को गिरफ्तार किया गया, IPS और IAS अधिकारियों को बदल दिया गया और भाजपा की पसंद के अधिकारियों को तैनात किया गया।" उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना केंद्रों पर उन्हें धक्का देकर बाहर निकाला गया और उनके एजेंटों के साथ मारपीट की गई। 'इंडी' गठबंधन के साथ की मजबूती और भविष्य की रणनीति हार के बावजूद ममता बनर्जी ने विपक्षी एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे और अखिलेश यादव समेत 'इंडी' गठबंधन के तमाम नेताओं ने उन्हें फोन कर अपना समर्थन दिया है। ममता ने कहा, "अखिलेश यादव कल कोलकाता आ रहे हैं। आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मजबूत होगी। मेरा लक्ष्य साफ है – मैं अब एक 'आजाद पंछी' की तरह पूरे देश में इंडी गठबंधन को मजबूत करने का काम करूँगी।" 'कुर्सी की मोहताज नहीं, मैं एक आजाद पंछी हूं' ममता ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने पिछले 15 वर्षों में न तो पेंशन ली और न ही तनख्वाह का एक पैसा निकाला। उन्होंने कहा, "अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। अब कोई यह नहीं कह सकता कि मैं सत्ता का इस्तेमाल कर रही हूँ। मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी है और अब मैं जनता के बीच जाकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ूंगी।"

मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से नर्सिंग के सपनों को मिला संबल

रायपुर कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिले, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है सरगुजा जिले के भिट्ठीकला की रहने वाली ममता ने। ममता, जो कि वर्तमान में बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, आज अपनी पढ़ाई को लेकर निश्चिंत हैं और इसका श्रेय वे छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को देती हैं। संघर्षों के बीच जागी उम्मीद की किरण ममता के जीवन का सफर आसान नहीं था। पिता स्व. मोटू राम के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनकी माता प्यारो बाई के कंधों पर आ गई। माँ ने हार नहीं मानी और एक पंजीकृत श्रमिक के रूप में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण किया। संसाधनों की कमी के बावजूद प्यारो बाई का सपना अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाना था, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम विभाग ने साकार किया है। मेधावी शिक्षा सहायता ने आसान हुई राह ममता ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग के माध्यम से नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 45,000 रुपए की वार्षिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि ने उनके शिक्षण शुल्क और पढ़ाई से संबंधित अन्य खर्चों के बोझ को कम कर दिया है। उन्होंने बताया कि मेरी मम्मी एक मजदूर हैं, फिर भी उन्होंने हमें कभी पीछे मुड़ने नहीं दिया। श्रम विभाग से मिली इस आर्थिक सहायता की वजह से मैं आज अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर पा रही हूँ और अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देख पा रही हूँ। योजना के लिए व्यक्त किया आभार अपनी सफलता का  श्रेय देते हुए ममता ने प्रदेश के  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और श्रम विभाग के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए सशक्त माध्यम बनी है। जिससे पढ़ने और आगे बढ़ने का सपना साकार हुआ है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से ममता जैसी हजारों बेटियाँ अब न केवल शिक्षित हो रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ रही हैं।

बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी और अमित शाह के शामिल होने की चर्चा

पटना  कंफर्म हो गया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बिहार आ रहे हैं। सीएम सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होंगे। पटना के गांधी मैदान में वाटरप्रूफ पंडाल बनाए जा रहे हैं। डेढ़ लाख लोगों के लिए तैयारी है। 7 मई को फर्स्ट हाफ का वक्त तय है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी इसकी पुष्टि कर दी। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार की तारीख सात मई पर भी मुहर लगा दी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने ये भी बताया कि पीएम के अलावा और कौन नेता मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल होंगे। यानी तैयारी अब पूरी हो चुकी है। कौन किस दल से मंत्री बनेगा, ये भी तय है। 6 मई से मंत्री बनने वालों को फोन जाने शुरू हो जाएंगे। गांधी मैदान में बन रहा वाटरप्रूफ पंडाल दरअसल, जो जश्न 15 अप्रैल को बंगाल चुनाव की वजह से नहीं मनाया जा सका, वो अब मंत्रिमंडल विस्तार में मनाया जाएगा। गांधी मैदान में बड़ी तैयारी हो रही है। डेढ़ लाख लोगों के बैठने का इंतजाम किया जा रहा है। 3000 जवानों को सुरक्षा में लगाया जाएगा। पीएम को आना है, इसलिए तैयारी भी उसी स्तर की हो रही है। गांधी मैदान में वाटरप्रूफ बड़ा पंडाल लगाया जा रहा है। पटना के गांधी मैदान में बन रहे वाटर फ्रूफ पंडाल को 6 मई शाम तक तैयार कर देना है। उसी हिसाब से गांधी मैदान में काम चल रहा है। पटना का गांधी मैदान फिर बड़े समारोह का गवाह बनने जा रहा है। इससे पहले 20 नवंबर को जब मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने शपथ ली थी, तब भी बड़ी तैयारी गांधी मैदान में हुई थी। अब 6 महीने बाद बदली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की उससे भी बड़ी तैयारी हो रही है। कैबिनेट में विस्तार में शामल होंगे पीएम मोदी और शाह     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी     गृह मंत्री अमित शाह     बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन     बिहार के सभी केंद्रीय मंत्री     पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार     एनडीए से जुड़े सभी बड़े नेता बिहार में 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार बिहार में सीएम सम्राट चौधरी के कैबिनेट का विस्तार 7 मई को होगा। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण होने जा रहा है। इसके लिए गांधी मैदान को तैयार किया जा रहा है। राज्य मंत्रिमंडल में विस्तार के साथ मंत्रियों की संख्या 30 के करीब हो जाएगी। सीएम समेत 36 तक मंत्री राज्य में बन सकते हैं। अपने सहयोगियों को जेडीयू और बीजेपी की ओर से चार मंत्री पद दिया जाएगा। चिराग पासवान की पार्टी से दो मंत्री बन पाएंगे। जबकि, जीतनराम मांझी की पार्टी को एक और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को भी एक मंत्री पद मिलेगा। बीजेपी और जेडीयू के बराबर बराबर मंत्री यानी 16–16 पद मिलेंगे। बिहार में जो मंत्री बनने जा रहे हैं, उनमें जेडीयू के नाम लगभग फिक्स हैं। पुराने चेहरों के साथ दो नए लोगों को मौका मिल सकता है। खास वो, जो टीम निशांत के तौर पर सक्रिय हैं। सबसे ज्यादा कयास बीजेपी कोटे के मंत्रियों को लेकर लगाए जा रहे हैं। उनके पास पद कम हैं और दावेदार ज्यादा हैं। माना जा रहा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम सम्राट चौधरी की पसंद के नेताओं की लॉटरी लग सकती है।  

माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल

रायपुर विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना चुका है। जिला मुख्यालय से लगभग 80 किमी दूर स्थित ग्राम तर्रेम में अब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। राज्य सरकार की पहल से क्षेत्र में पहुंच आसान हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार संभव हुआ। आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम में प्रतिदिन 25 से 30 मरीजों की ओपीडी, सुरक्षित प्रसव सेवाएं तथा लैब जांच की सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल प्रबंधन, स्वच्छता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और 102 व 108 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रभावी संचालन के साथ आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। कलेक्टर  संबित मिश्रा के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी के नेतृत्व में आकांक्षी विकासखंड उसूर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर तर्रेम को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक NQAS प्रमाणन प्राप्त हुआ है। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 फरवरी 2026 से वर्चुअल मूल्यांकन किया गया जिसमें 12 सेवाओं के आधार पर कुल 88.19ः अंक प्राप्त हुए। मूल्यांकन के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के समस्त स्टाफ सीएचओ, आरएचओ महिला एवं पुरुष से राष्ट्रीय कार्यक्रमों और ग्रामीणों को दी जा रही सेवाओं पर विस्तार से जानकारी ली गई, जिसमें सभी कर्मी सफल रहे। इस उपलब्धि में जिला कार्यक्रम प्रबंधक  वरुण साहू, नर्सिंग ऑफिसर मानसी ताटपल्ली, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश ठाकुर, सेक्टर प्रभारी डॉ शिवा गौरी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्रवण नेताम, डाटा प्रबंधक निरंजन भोई सहित समस्त स्वास्थ्य स्टाफ, सीएचओ, आरएचओ, एएनएम एवं मितानिनों का विशेष योगदान रहा।

वित्तमंत्री शामिल हुए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” कार्यक्रम में

रायपुर  वित्तमंत्री शामिल हुए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” कार्यक्रम में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में बस्तर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। वित्तमंत्री शामिल हुए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि देश की चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ते भारत में बस्तर के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बस्तर के युवाओं को वन उत्पाद, पर्यटन, कला-संस्कृति और कृषि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में नवाचार के साथ कार्य कर क्षेत्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा आर्थिक रूप से सशक्त बनकर समाज निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर आज नई आशा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में पूना मारगेम से जुड़े साथियों की भागीदारी का स्वागत करते हुए बस्तर के विकास में सहभागी बनने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने कई प्रेरणादायक उदाहरण साझा किए, जिनमें लोगों ने विपरीत परिस्थितियों से निकलकर नवाचार के माध्यम से आर्थिक प्रगति हासिल की। चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं नौकरी छोड़कर कृषि व्यवसाय अपनाया और आत्मनिर्भरता हासिल की। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि “माँ सरस्वती के उपासक बनेंगे तो माँ लक्ष्मी स्वयं साथ आएंगी”, आज का युग ज्ञान आधारित है, इसलिए युवाओं को अपनी क्षमता और कौशल का निरंतर विकास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी सिखाते हैं। अनुशासन के साथ ईमानदारी से प्रयास कर ही बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है। साथ ही उन्होंने युवाओं को उद्यमिता (इंटरप्रेन्योरशिप) में जोखिम लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बस्तर की पूर्व परिस्थितियों और दंतेवाड़ा जिले में कलेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभवों का भी उल्लेख किया, जिससे उपस्थित युवाओं को प्रेरणा मिली। विश्व विद्यालय द्वारा बस्तर के युवाओं हेतु नवाचार के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की भी उन्होंने सराहना की। कार्यक्रम में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मनोज कुमार वास्तव सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे ।

महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई केकती बाई की जिंदगी

रायपुर सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम केवल प्रशासनिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत तस्वीर भी बन गया।इसी चौपाल में सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को भावनात्मक रूप से उजागर किया। ग्राम सरोधी की निवासी मती केकती मरावी, अपने पति  राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है। केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है। केकती बाई केवल अपने परिवार तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए का अनुदान मिला है, जिससे वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। भावुक होते हुए केकती बाई ने कहा कि आज उनका परिवार पहले से कहीं अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक मदद नहीं देतीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं।

अब डुप्लीकेट वोटिंग पर लगेगी लगाम, AI से होगी मतदाताओं की पहचान

 लखनऊ पंचायत चुनाव की तारीखें भले ही अभी घोषित न हुईं हों लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है। इस बार के चुनाव में बड़ा तकनीकी बदलाव भी देखने को मिलेगा। फर्जी वोटिंग रोकने व कोई भी मतदाता दोबारा वोट न डाल सकें, इसके लिए आयोग ने ''फेशियल रिकाग्निशन सिस्टम'' (एफआरएस) बनवाया है। इस नई व्यवस्था के तहत मतदान केंद्रों पर वोट डालने आने वाले मतदाताओं के फोटो पहचान पत्र व उनकी फोटो खींची जाएगी। यह फोटो सीधे सर्वर पर अपलोड होगी। अगर कोई भी दोबारा वोट डालने आया तो सिस्टम सतर्क कर देगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि इस तकनीक के लागू होने से किसी भी व्यक्ति द्वारा दूसरे के नाम पर वोट डालने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। यदि कोई मतदाता फर्जी तरीके से मतदान करने का प्रयास करता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करेगा और मौके पर मौजूद पीठासीन अधिकारी उसे पकड़ सकेंगे। इसके लिए आयोग एक विशेष मोबाइल एप तैयार करवाया है। पीठासीन अधिकारियों के मोबाइल फोन में यह एप इंस्टाल किया जाएगा, जिसमें मतदाता पहचान पत्र और लाइव फोटो अपलोड कर एआइ से सत्यापन किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी के दौरान पीठासीन अधिकारी के फोन पर न तो कोई काल आ सकेगी और न वे इससे कोई काल कर सकेंगे। आयोग पीठासीन अधिकारियों को मोबाइल डाटा के लिए 200 रुपये भी देगा। मतदान के दौरान जैसे ही मतदाता की फोटो ली जाएगी, एप तुरंत एआइ का इस्तेमाल कर जांच करेगा कि वह पहले कहीं और वोट तो नहीं डाल चुके है। इससे डुप्लीकेट वोटिंग पर पूरी तरह अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इस पायलट प्रोजेक्ट का परीक्षण मंगलवार को शाहजहांपुर की नगर पंचायत कटरा व कुशीनगर की नगर पंचायत फाजिलनगर के अध्यक्ष पद के उपचुनाव में करीब 50 हजार मतदाताओं पर सफलतापूर्वक किया गया। अब इसे पंचायत चुनावों में 2.20 लाख पोलिंग बूथों पर व्यापक स्तर पर लागू करने की तैयारी है। वर्तमान में पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने का कार्य चल रहा है। आयोग का दावा है कि इस नई तकनीक से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी, साथ ही फर्जी मतदान पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।

परीक्षा के दबाव में बड़ा कदम: दौसा के छात्र की कोटा में हालत नाजुक

कोटा कोटा में नीट स्टूडेंट पु्ष्‍पेंद्र प्रजापत‍ि ने नींद की अधिक गोलियां खाकर आत्महत्‍या का प्रयास क‍िया. गंभीर हालत में उसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है. वह दौसा का रहने वाला है. छात्र ने 3 मई को नीट का एग्जाम दिया था. परिजनों का कहना है क‍ि कम नंबर आने का अंदेशा होगा, इसल‍िए सुसाइड की कोश‍िश की. कुन्हाड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है.   चौथी बार दिया नीट का एग्जाम पुष्पेंद्र प्रजापति के जीजा राहुल प्रजापति ने बताया कि पुष्पेंद्र ने चौथी बार नीट की परीक्षा दी है. इससे पहले उसका सिलेक्शन बीडीएस के लिए हो गया था, लेकिन कुछ विवाद होने के चलते इसने दोबारा से कोटा जाकर ऑनलाइन क्लास लेकर परीक्षा की तैयारी की, और एग्जाम दिया था. कम नंबर आने का अंदेशा रहा होगा, इसल‍िए ऐसा क‍िया. मकान मालिक को जैसे ही घटना का पता चला, उसने तुरंत अस्पताल पहुंचाया. 3 मेडिकल स्टोर से खरीदी 50 गोलियां छात्र के परिजन राहुल प्रजापति ने बताया कि जैसे ही हमें मकान मालिक से सूचना म‍िली. तुरंत दौसा से कोटा पहुंचे. मकान मालिक ने बताया कि उसने नींद की गोलियां अत्यधिक मात्रा में खा ली है. छात्रा से जो पूछताछ की, उसमें पता चला है कि 3 अलग-अलग मेडिकल स्टोर से इसने 50 टेबलेट खरीदी और सभी को खा लिया. छोटा भाई भी कर रहा नीट की तैयारी पुष्पेंद्र प्रजापति के पिता हरिराम चंडीगढ़ में फ्रूट्स का काम करते हैं. उनके दो बेटे हैं, पुष्पेंद्र बड़ा बेटा है, और छोटा बेटा जयपुर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा है. पिता ने बताया कि फिलहाल उसने कोटा में कोई कोचिंग ज्वाइन नहीं कर रखी है. इससे पहले वह कोटा में रहकर तैयारी कर रहा था.सूचना मिलते ही अस्पताल भी कुन्हाड़ी थाना पुलिस पहुंची, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.