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पश्चिम बंगाल के नतीजों पर बोले मुख्यमंत्री, गुंडों को प्रश्रय और सनातन का अपमान करने वालों का यही हश्र होगा

जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय: सीएम योगी पश्चिम बंगाल के नतीजों पर बोले मुख्यमंत्री, गुंडों को प्रश्रय और सनातन का अपमान करने वालों का यही हश्र होगा गोरखपुर में कल्याण मंडपम सहित 612.32 करोड़ रुपये की लागत वाली 71 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल बनेगा ‘सोनार बांग्ला’: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम के लिए वहां की जनता का अभिनंदन करते हुए इसे जन उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों के लिए बड़ा सबक बताया है। उन्होंने कहा कि जो भी जनता की उपेक्षा करेगा, विकास के पैसे पर डकैती डालेगा, गुंडों को प्रश्रय देगा और सनातन का अपमान करेगा, उसका सूपड़ा साफ होना तय है। पश्चिम बंगाल की जनता ने ऐसा करके दिखा भी दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अब पश्चिम बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ बनेगा।  सीएम योगी मंगलवार दोपहर बाद जंगल बेनी माधव में नवनिर्मित कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) का उद्घाटन तथा गोरखपुर के विकास से जुड़ी 612.32 करोड़ रुपये की 71 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकार ही अच्छा परिणाम लाती है। अच्छी सरकार न होने पर परिणाम पश्चिम बंगाल जैसा होता है। यूपी व गोरखपुर में वर्ष 2017 के बाद से जारी विकास व जनकल्याण कार्यों का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि जब नीयत साफ, नीति स्पष्ट और कुछ करने का दृढ़ संकल्प हो तो सार्थक परिणाम भी आते हैं। आज यही परिणाम गोरखपुर समेत उत्तर प्रदेश में दिख रहे हैं। कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक था बंद खाद कारखाना सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर का बंद खाद कारखाना कांग्रेस, सपा सरकारों के भ्रष्टाचार का स्मारक बना हुआ था। आज यह खाद कारखाना शानदार तरीके से चल रहा है। नकहा से फर्टिलाइजर फैक्टरी व स्पोर्ट्स कॉलेज जाने के लिए ओवरब्रिज बन गया है। बरगदवा से नकहा होते हुए मोहद्दीपुर तक फोर-लेन सड़क बन गई है। महेश्वर में मुख्य मार्ग फोर-लेन होने से अब जाम नहीं लगता। महेसरा से लखनऊ जाने के लिए जल्द ही माधोपुर, हाबर्ट बंधा होते हुए राजघाट तक के लिए फोर-लेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। तब महेसरा से राजघाट जाने में महज पांच मिनट लगेंगे, फोर-लेन बनने से तटबंध भी सुदृढ़ होगा। पहले गोरखपुर से लखनऊ जाने में 8-9 घंटे लगते थे, आज यह दूरी तीन-साढ़े तीन घंटे में पूरी हो जाती है। वाराणसी जाने में लगने वाला समय भी घटकर ढाई घंटे हो गया है। जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक बन रहे फोर-लेन बाईपास से महेसरा होकर कुशीनगर जाने में सिर्फ आधा घंटा लगेगा।  तेज विकास से ही आएगी समृद्धि सीएम योगी ने कहा कि गति जितनी तेज होगी, विकास भी उतना ही तेज होगा। विकास जितना तेज होगा, उतनी ही तेजी से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की समृद्धि होगी। इसी समृद्धि के लिए गोरखपुर का विस्तार किया जा रहा है और जंगल कौड़िया, जगदीशपुर बाईपास रोड इस विस्तार का आधार बनेगी। एम्स, बीआरडी की सुदृढ़ता, आयुष विश्वविद्यालय और अनेक नई सुविधाओं के विकास से लोगों को राहत मिली है। युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं की आत्मनिर्भरता, कारोबार में वृद्धि हो रही है। जब नए निवेश आएंगे तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि व मजबूत सड़कों से मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद उनकी सरकार ने गोरखपुर की छवि को बदला। पहले गोरखपुर की पहचान मच्छर व माफिया से थी। अब माफिया और मच्छर, दोनों गायब हैं। अब गोरखपुर की पहचान सुरक्षा, स्वच्छता, समृद्धि और मजबूत सड़कों से है। अब यहां का नौजवान पहचान का मोहताज नहीं, बल्कि सीना तानकर बताता है कि वह गोरखपुर का है। मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट थी, जो माफिया पालते थे, अराजकता फैलाते थे, उन्होंने प्रदेश की पहचान को शक के दायरे में ला दिया था। उनकी सरकार ने सुरक्षा का माहौल और समृद्धि देकर राज्य को नई मजबूत पहचान दिलाई है।  कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी बताई सीएम ने मुख्यमंत्री ने कल्याण मंडपम और अन्य विकास परियोजनाओं की खूबी भी बताई। उन्होंने कहा कि कल्याण मंडपम अल्प व मध्यम आयवर्ग के लोगों के सार्वजनिक कार्यक्रमों को भव्य व यादगार बनाने का माध्यम बनेगा। शहर में कुल 9 कल्याण मंडपम या तो बन गए हैं या निर्माणाधीन हैं। इसे बनाने के लिए उन्होंने अपनी विधायक निधि से राशि दी है। आज जिस एकीकृत मंडलीय कार्यालय का शिलान्यास हुआ है, वहां सभी अधिकारी एक ही छत के नीचे जनता के लिए उपलब्ध रहेंगे। हर तबके की आवासीय सुविधा के लिए कुश्मी एंक्लेव का शिलान्यास हुआ है। इन सभी परियोजनाओं से लोगों का जीवन आसान होगा।  बिना भेदभाव विकास व कल्याण ही पीएम-सीएम का लक्ष्य: रविकिशन समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि बिना भेदभाव सबको विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही पीएम मोदी व सीएम योगी का लक्ष्य है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि विकास और जन कल्याण ही सीएम योगी का ध्येय है। उनके नेतृत्व में गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में विकास की गंगा बह रही है। इस अवसर पर एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम के उप सभापति पवन त्रिपाठी, स्थानीय पार्षद संतोष चौहान आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।  फीता काटकर किया कल्याण मंडपम का लोकार्पण मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने फीता काटकर कल्याण मंडपम का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने मंडपम का भ्रमण कर इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कल्याण मंडपम परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने जीडीए की इन प्रमुख परियोजनाओं का किया शिलान्यास -एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण, लागत 269.63 करोड़ रुपये। -लच्छीपुर में कुश्मी एवेन्यू अपार्टमेंट का निर्माण, 172.86 करोड़ … Read more

BCCI ने IPL 2026 फाइनल अहमदाबाद शिफ्ट किया, बेंगलुरु को लगा झटका, टिकट विवाद बना कारण

अहमदाबाद  IPL final to be played in Ahemdabad: इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 के प्लेऑफ वेन्यू को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने फैन्स के बीच हलचल मचा दी है. सूत्रों के मुताबिक इस बार टूर्नामेंट का फाइनल अहमदाबाद में होगा. वहीं, क्वालिफायर-1 धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 के मुकाबले चंडीगढ़ में होंगे।  गौर करने वाली बात यह है कि IPL के नियमों के अनुसार फाइनल मुकाबला डिफेंडिंग चैम्प‍ियन के होम ग्राउंड पर होना चाहिए था. ऐसे में बेंगलुरु इस रेस में सबसे आगे था, लेकिन हाल ही में हुए टिकट विवाद ने पूरा समीकरण बदल दिया।  सूत्रों की मानें तो टिकटों की बिक्री और उससे जुड़े मैनेजमेंट इश्यूज के कारण BCCI ने वेन्यू बदलने का फैसला लिया. यही वजह है कि अब फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।  हालांकि अभी तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. फैन्स और फ्रेंचाइजियों को अब बोर्ड के फाइनल ऐलान का इंतजार है. अगर यह प्लान फाइनल होता है, तो IPL 2026 के प्लेऑफ अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और भी बढ़ सकता है।  हालांकि प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है. इसकी तारीखों का ऐलान भी जल्द होने की उम्मीद है. ध्यान रहे आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च को हुई थी. अंत‍िम लीग मुकाबला यानी 70वां मैच 24 मई को खेला जाएगा. बाकी बचे प्लेऑफ मुकाबले और फाइनल मुकाबला इसके बाद होगा. फाइनल का द‍िन 31 मई तय है।  IPL 2026 क्वालीफायर और एलिमिनेटर मैच के बदले वेन्यू   बता दें कि सिर्फ आईपीएल 2026 का फाइनल ही नहीं, बल्कि क्वालीफायर-1 और 2, एलिमिनेटर मैचों के वेन्यू में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। IPL 2026 Qualifier 1: अब धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर खेला जाएगा। Eliminator & Qualifier 2: चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में इन दो अहम मुकाबलों की भिड़ंत होगी। फाइनल मैच: अहमदाबाद के मैदान पर ही होगा, जहां से विजेता टीम मिलेगी। IPL 2026 Final Date: प्लेऑफ और फाइनल मैच कब? आईपीएल 2026 क्वालीफायर-1: 26 मई 2026, मंगलवार, धर्मशाला आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर 2026: 27 मई 2026, बुधवार, चंडीगढ़ आईपीएल 2026 का क्वालीफायर-2: 29 मई 2026, शुक्रवार, चंडीगढ़ आईपीएल 2026 फाइनल मैच: 31 मई 2026, रविवार, अहमदाबाद क्या है MLA टिकट विवाद? आईपीएल 2026 का फाइनल मैच का वेन्यू बदलने की वजह MLA टिकट विवाद बताई जा रही है। ये विवाद सीजन के ओपनिंग मैच से पहले शुरू हुआ था कि हर MLA को कम से कम 5 टिकट मिलनी चाहिए, यह कहते हुए कि जनप्रतिनिधि VIP होते हैं और उन्हें टिकट के लिए लाइन में नहीं लगना चाहिए।  इसके बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि MLA और MP को आरसीबी मैचों के लिए 3-3 टिकट दिए जाएंगे। इस फैसले के बाद टिकट के दुरुपयोग के आरोप लगने लगे। हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री जी.परमेश्वर ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं और उनका गलत इस्तेमाल नहीं होता।  उन्होंने ये भी साफ किया कि ये टिकट नॉन-ट्रांसफरेबल हैं और आमतौर पर विधायक या उनके परिवार के सदस्य ही मैच देखने आते हैं। अब इस विवाद की वजह से डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी के होम ग्राउंड में आईपीएल 2026 का फाइनल मैच नहीं खेलने का फैसला लिया है। सीजन का समापन 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ग्रैंड फाइनल के साथ होगा. यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक कारणों की वजह से, TATA IPL 2026 प्लेऑफ्स इस बार विशेष रूप से तीन अलग-अलग वेन्यू पर आयोजित किए जाएंगे. बेंगलुरु को पहले फाइनल की मेजबानी के लिए चुना गया था. लेकिन स्थानीय एसोसिएशन और अधिकारियों की कुछ आवश्यकताओं के कारण फाइनल का वेन्यू बदल दिया गया।  प्लेऑफ्स के शेड्यूल के मुताबिक, मंगलवार 26 मई को धर्मशाला के एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम में पहला क्वालीफायर खेला जाएगा। इसको जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी और हारने वाली टीम क्वालीफायर 2 में जाएगी। वहीं, अगले दिन यानी बुधवार 27 मई को न्यू चंडीगढ़ के न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच को जीतने वाली टीम क्वालीफायर 2 में क्वालीफायर 1 को हारने वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि एलिमिनेटर हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। आईपीएल 2026 का दूसरा क्वालीफायर शुक्रवार 29 मई को न्यू चंडीगढ़ में ही आयोजित होगा। वहीं, आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार 31 मई को खेला जाएगा। क्वालीफायर 1 की विजेता और क्वालीफायर 2 की विजेता टीम की टक्कर फाइनल में होगी। आपको बता दें, क्वालीफायर 1 उन टीमों के बीच खेला जाता है, जो लीग फेज के बाद पॉइंट्स टेबल में नंबर एक और नंबर दो पर रहती हैं, जबकि एलिमिनेटर में नंबर 3 और नंबर 4 की टीम भिड़ती हैं। इस तरह पॉइंट्स टेबल में टॉप 2 में रहने पर आपको दो मौके प्लेऑफ्स में पहुंचने के मिलते हैं। इसलिए टॉप 4 से ज्यादा टॉप 2 के लिए भी लड़ाई होती है। IPL 2026 प्लेऑफ्स का शेड्यूल क्वालीफायर 1 – मंगलवार 26 मई – HPCA स्टेडियम, धर्मशाला एलिमिनेटर – बुधवार 27 मई – न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ क्वालीफायर 2 – शुक्रवार 29 मई – न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़ फाइनल – रविवार 31 मई – नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद आमतौर पर आईपीएल के प्लेऑफ्स के मुकाबले दो शहरों में खेले जाते हैं, लेकिन बीसीसीआई ने इस बार स्पेशल केस का हवाला देकर तीन शहरों में इसका आयोजन करने का फैसला किया है। अभी तक क्वालीफायर 1 और एलिमिनेटर मैच एक मैदान पर, जबकि क्वालीफायर 2 और फाइनल दूसरे मैदान पर खेला जाता था, लेकिन इस बार क्वालीफायर 1 अलग, एलिमिनेटर और क्वालीफायर 2 अलग और फाइनल अलग मैदान पर खेला जाएगा। यहां तक कि बोर्ड ने यह भी जानकारी दी है कि बेंगलुरु से मेजबानी क्यों छिनी? बीसीसीआई ने अपनी मीडिया रिलीज में बताया, "कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक वजहों से, IPL 2026 प्लेऑफ्स के मुकाबले इस सीजन में तीन जगहों पर एक स्पेशल केस के तौर पर कराए जाएंगे। बेंगलुरु को शुरू में फाइनल होस्ट … Read more

प्री-वर्कआउट ड्रिंक के बाद जिम ट्रेनर ने महिलाओं के पर्सनल वीडियो बनाए, घिनौना खेल उजागर

 बरेली बरेली में एक जिम के अंदर महिलाओं के साथ नशीला पदार्थ देकर शोषण और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि प्री-वर्कआउट ड्रिंक में नशा मिलाकर महिलाओं को बेहोश किया जाता था और फिर वीडियो बनाकर लंबे समय तक ब्लैकमेल किया जाता था।  थाना कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक जिम में महिलाओं को वजन कम करने और फिटनेस सुधारने का झांसा देकर बुलाया जाता था. शुरुआत में सब कुछ सामान्य था. वर्कआउट, डाइट प्लान और ट्रेनिंग. लेकिन धीरे-धीरे यही भरोसा एक खतरनाक साजिश में बदल गया. पीड़िता के मुताबिक, जिम संचालक अकरम और उसका भाई आलम महिलाओं को तेजी से वजन घटाने का लालच देते थे. इसके लिए उन्हें खास प्री-वर्कआउट ड्रिंक ऑफर की जाती थी. लेकिन इस ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाया जाता था. ड्रिंक पीने के बाद महिला धीरे-धीरे बेहोशी की हालत में पहुंच जाती थी. इसी दौरान उसे जिम के अंदर बने एक प्राइवेट कमरे में ले जाया जाता था. आरोप है कि वहां उसके साथ दुष्कर्म किया जाता और पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया जाता।  10 हजार से 50 लाख तक की डिमांड आरोपियों ने इस पूरे अपराध को एक संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में बदल दिया था. वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद पीड़िता को उसी के जरिए धमकाया जाता था. पहले डराया जाता, फिर पैसे मांगे जाते. अगर महिला विरोध करती या पैसे देने से मना करती, तो वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती. इतना ही नहीं, आरोपियों ने पीड़िता के परिवार पति और बच्चे तक को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी. शुरुआत में आरोपियों ने महिला से 10 हजार रुपये की वसूली की. लेकिन जब उन्हें लगा कि डर का असर काम कर रहा है, तो रकम बढ़ाकर 10 लाख और फिर 50 लाख रुपये तक मांगने लगे. पीड़िता पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया. उसे फोन, मैसेज और व्हाट्सएप के जरिए धमकियां दी जाती रहीं. आरोपियों ने उसके निजी फोटो और वीडियो पेन ड्राइव में सेव कर लिए थे, जिन्हें वायरल करने की बात कही जाती थी।  आखिरकार टूटा डर, पहुंची पुलिस के पास लगातार ब्लैकमेलिंग और डर के माहौल में जी रही महिला ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास पहुंची. उसकी शिकायत ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया. शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत कार्रवाई शुरू की गई. थाना कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी. पुलिस ने जिम पर छापा मारा तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था. वहां से कई आपत्तिजनक और संदिग्ध सामान बरामद हुए. जिसमें 10 हजार रुपये नकद, 9 शक्तिवर्धक दवाइयों की शीशियां, 6 इंजेक्शन, 2 मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जिसमें वीडियो और फोटो स्टोर थे. इसके अलावा जिम के अंदर मौजूद प्राइवेट कमरे ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।  दोनों आरोपी गिरफ्तार, वीडियो भी बरामद पुलिस ने मुख्य आरोपी अकरम को पहले गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर उसके भाई आलम को भी हिरासत में लिया गया. दोनों के पास से डिजिटल सबूत मिले हैं. जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल फोन और पेन ड्राइव में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिन्हें सुरक्षित कर लिया गया है. अब इन वीडियो के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं और महिलाएं भी इस गिरोह का शिकार तो नहीं बनीं।  पुलिस का वीडियो हुआ वायरल गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें दोनों आरोपी हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आ रहे हैं. वे बार-बार कह रहे हैं कि उनसे गलती हो गई और उन्हें माफ कर दिया जाए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है.  क्षेत्राधिकारी आषुतोष शिवम ने बताया कि मामले में सभी जरूरी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है. साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल हो सकता है. पुलिस अब जिम के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल डिवाइस की गहराई से जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। 

स्मृति मंधाना के दोस्त को पलाश मुच्छल ने लूटा, गालियां और जाति टिप्पणी, FIR दर्ज

इंदौर  म्यूजिशियन-डायरेक्टर पलाश मुच्छल कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं. एक्स मंगेतर स्मृति मंधाना के दोस्त विज्ञान माने ने पलाश मुच्छल के खिलाफ केस दर्ज कराया है. स्मृति के बचपन के दोस्त ने पलाश के खिलाफ अत्याचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है. अपनी शिकायत में माने ने आरोप लगाया कि पलाश ने उनसे पैसे लिए, जातिसूचक गालियां दीं और अपमानजनक व्यवहार किया।  मुश्किल में पलाश मुच्छल पलाश के खिलाफ मामला सांगली में दर्ज कराया गया है. ये शिकायत मंधाना और पलाश की दिसंबर 2025 में रद्द हुई शादी के कई महीनों बाद दर्ज की गई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर पलाश के खिलाफ केस दर्ज किया है और जांच चल रही है. इंडिया टुडे को मिली जानकारी के मुताबिक, 34 साल के सांगली  वासी माने सोशल और राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय हैं. उन्होंने दावा किया कि पलाश ने उनसे 'नजरिया' नाम की फिल्म के लिए 25 लाख रुपये निवेश के तौर पर लिए थे. शिकायत के मुताबिक, पलाश ने माने को फिल्म में रोल भी ऑफर किया था. तय हुआ था कि फिल्म रिलीज के बाद निवेश की रकम और मुनाफा लौटा दिया जाएगा. लेकिन माने का कहना है कि फिल्म कभी बनी ही नहीं।  शिकायत में माने ने कहा कि उन्होंने बार-बार पैसे वापस मांगे, लेकिन पलाश दिनों-महीनों टालते रहे. बाद में उन्होंने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया और कहा कि उनके पास कोई बकाया पैसा नहीं है. कई कोशिशों के बाद माने सांगली पुलिस के पास गए और शिकायत दर्ज कराई।  माने ने आगे आरोप लगाया कि जब वो पैसे मांगने के लिए पलाश से मिले, तो गायक ने जातिसूचक गालियां दीं और उनकी जाति का अपमान किया. शिकायत के अनुसार, यह घटना 22 नवंबर 2025 को सांगली के एक फार्महाउस पर हुई. पुलिस ने बताया कि विज्ञान प्रकाश माने (34, सांगली निवासी) की शिकायत पर पलाश मुच्छल (30, मुंबई के लोखंडवाला, अंधेरी निवासी) के खिलाफ जातिगत अपमान और अश्लील भाषा के आरोप में केस दर्ज किया गया है।  डिप्टी एसपी संदीप भगवत ने पुष्टि की कि शिकायत आधिकारिक तौर पर दर्ज हो गई है और जांच जारी है. केस 'नजरिया' से जुड़े 25 लाख रुपये के बकाया निवेश और सांगली में हुई मुलाकात के दौरान जातिगत अपमान के आरोपों पर है।     

श्रमिक-उद्योग टकराव कम करने की तैयारी, हरियाणा सरकार करेगी लेबर कानूनों में बदलाव

चंडीगढ़. हरियाणा में उद्योगों और श्रमिकों के विवाद सुलझाने के लिए उद्योग-श्रमिक मैत्री परिषद गठित करने के बाद अब सरकार ने नियमों में भी बदलाव की तैयारी कर ली है। श्रम विभाग ने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड में बदलाव के लिए प्रारूप जारी कर दिया है। इसी तरह नए लेबर कोड लागू करने के लिए ड्राफ्ट जारी कर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं। नए नियमों को इंडस्ट्रियल रिलेशन (हरियाणा) रूल-2026 का नाम दिया गया है। विवादों को सुलझाने में श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त और सहायक श्रम आयुक्तों की विशेष भूमिका होगी, जो नियोक्ताओं और श्रमिक यूनियनों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में होंगे। समझौते को लिखित रूप से लिया जाएगा। क्या कहते हैं ने लेबर कोड? नए लेबर कोड के अनुसार पूरे राज्य में वेतन, बोनस, ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और कर्मचारियों के अधिकारों की एक समान व्यवस्था लागू होगी। राज्य सलाहकार बोर्ड बनाया जाएगा, जिसमें कर्मचारी, नियोक्ता और विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह बोर्ड वेतन नीतियों पर सुझाव देगा। कर्मचारियों को उनके काम की प्रकृति अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल के आधार पर वेतन मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से वेतन तय किया जाएगा। न्यूनतम वेतन तय करते समय केवल बेसिक मजदूरी नहीं, परिवार का पूरा खर्च ध्यान में रखा जाएगा। इसमें भोजन, कपड़े, किराया, बिजली, बच्चों की पढ़ाई, इलाज और अन्य जरूरतें शामिल होंगी। मजदूरी को घंटे, दिन और महीने के हिसाब से तय किया जाएगा। महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा महंगाई भत्ता साल में दो बार संशोधित होगा। हर कर्मचारी को हर सप्ताह कम से कम एक अनिवार्य छुट्टी मिलेगी। ओवरटाइम, नाइट शिफ्ट, वेतन कटौती, जुर्माना और बोनस के स्पष्ट नियम लागू होंगे ताकि मनमानी कम हो। सभी कंपनियों और संस्थानों को अब कर्मचारियों का वेतन रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, बोनस, कटौती और वेतन पर्ची डिजिटल या लिखित रूप में रखना जरूरी होगा। वहीं, व्यापारियों, दुकानदारों और व्यावसायिक संस्थानों को राहत देते हुए नया नियम लागू किया है। अगर कोई संस्थान श्रमिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता 2020 के तहत पंजीकृत हो जाता है तो उसे अलग से दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान कानून के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए दोबारा पंजीकरण नहीं कराना होगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया सरल होगी, सरकारी औपचारिकताएं कम होंगी और कारोबारियों का समय व पैसा बचेगा। अन्य श्रम और व्यावसायिक नियम पहले की तरह लागू रहेंगे और संस्थानों को उनका पालन करना होगा।

डंपिंग ग्राउंड से निकलेगी ऊर्जा, चंडीगढ़ में 200 टन कचरे से हर दिन बनेगी बायोगैस

चंडीगढ़. डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में स्थापित होने वाले सेग्रीगेटिड ऑर्गेनिक म्यूनिसिपल साॅलिड वेस्ट (एसओएमएसडब्ल्यू) पर आधारित कंप्रैस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट में प्रतिदिन 200 टन गीला कचरा प्रोसेस होगा। 200 टन कचरे के प्रोसेस होने के बाद आईओसीएल आठ टन सीबीजी उत्पन्न करेगी। यानी रोजाना आठ हजार किलोग्राम कंप्रैस्ड बायोगैस तैयार होगी। सीबीजी का रेट सीएनजी के बराबर ही रहेगा। मंगलवार को चंडीगढ़ में सीएनजी 91 रुपये प्रति किलोग्राम रही। इस हिसाब से प्रतिदिन करीब 7.28 लाख रुपये की सीबीजी प्लांट से आईओसीएल बेच सकेगी। प्रति माह करीब सवा दो करोड़ रुपये की सीबीजी बनेगी। आईओसीएल ने पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसका आपरेशन माॅडल इस डीपीआर में शामिल है। इस डीपीआर पर केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ भी चर्चा होनी है। इसमें नगर निगम के अधिकारी भी शामिल रहेंगे। केंद्र सरकार ने इस मामले में कुछ सवाल किए थे जिसके बाद प्रोजेक्ट की समीक्षा होगी। आईओसीएल सीबीजी बेच खर्च करेगी पूरा कचरा प्रोसेस करने के बाद सीबीजी उत्पन्न होगी। इसे बेचकर आईओसीएल अपना खर्च पूरा करेगी। आईओसीएल डंपिंग ग्राउंड में ही रोड साइड सीबीजी के लिए रिटेल आउटलेट स्थापित करेगी। जो वाहन भरवा सकेंगे। नगर निगम के वाहन भी सीबीजी पर ही चलेंगे। खासकर कचरा एकत्र करने वाले वाहन सीबीजी पर आधारित होंगे। आइओसीएल यह प्लांट अपने खर्च पर लगा रही है। इस पर अनुमानित 125 करोड़ रुपये खर्च आएगा। निगम को अपना पैसा खर्च नहीं करना होगा। सीबीजी बेचकर आइओसीएल अपना खर्च पूरा करेगी। 33 प्रतिशत एरिया ग्रीन कवर डंपिंग साइट पर कुल 45 एकड़ जमीन है। अभी तक इसपर केवल कचरे के पहाड़ थे। लेकिन प्रस्तावित नई डंपिंग साइट एकदम अलग होगी। यह चारों तरफ हरियाली से घिरी होगी। 45 में से 14 एकड़ ग्रीन एरिया होगा। यह ग्रीन एरिया डड्डूमाजरा आबादी एरिया की तरफ होगा। प्लांट पटियाला की राव से सटकर लगेगा। डंपिंग साइट एरिया     कुल एरिया: 45 एकड़     कुल ग्रीन एरिया: 14 एकड़     कचरा डालने के लिए अभी इस्तेमाल: 08 एकड़     कचरा डालने के लिए प्रस्तावित: 08 एकड़     गीला कचरा सीबीजी प्लांट: 10 एकड़     भविष्य में प्लांट विस्तार: 05 एकड़ प्रोजेक्ट टाइमलाइन     एक्टिविटी लक्ष्य पूरा करने की तिथि     एमओयू साइन 20 नवंबर 2025     जमीन चिन्हांकन 19 जनवरी 2026     कन्सेसनेयर एग्रीमेंट साइन 30 जून 2026     प्री प्रोजेक्ट एक्टविटी एंड डिटेल्ड इंजीनियरिंग और मंजूरी 31 जनवरी 2027     निर्माण कार्य शुरू 01 अप्रैल 2027     प्लांट चालू करने की पूर्व प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2028     प्लांट चालू होगा 31 दिसंबर 2028

नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए खुशखबरी, राजनांदगांव जॉब फेयर में 794 वैकेंसी

राजनांदगांव. अगर आप भी नौकरी की तलाश में हैं, तो आपके लिए यह सुनहरा मौका बन सकता है. वीडियो एडिटर, होटल मैनेजमेंट, नर्सिंग स्टाफ जैसे 794 पदों पर भर्ती होने जा रही है. इस मेजॉब फेयर में अलग-अलग प्राइवेट कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिससे विभिन्न सेक्टर में नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे. जिला रोजगार कार्यालय, राजनांदगांव  के माध्यम से बुधवार यानी 6 मई से सुबह 10.30 बजे से दोपहर 3 बजे तक सेफ इंटेलीजेंट सिक्योरिटी (150 गार्ड), टैंगो सिक्योरिटी (80 गार्ड), और अन्य संस्थाओं द्वारा सुपरवाइजर और फील्ड ऑफिसर के पद पर, एसआर हॉस्पिटल दुर्ग (नर्सिंग स्टाफ – 30 पद), स्टार आदर्श होम हेल्थ केयर (केयर टेकर – 100 पद) के पद पर, स्मार्ट मीटर टेक्निशियन (40 पद), वीडियो एडिटर, होटल मैनेजमेंट (केवल महिला – 50 पद), फायरमेन, ड्राइवर और अकाउंटेंट के पद पर भर्ती की जाएगी.  आवेदन की प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ई-रोजगार पोर्टल erojgar.cg.gov.in पर ऑनलाइन पंजीयन करना अनिवार्य है. मेले के दिन अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र एवं छायाप्रति, आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज नवीनतम फोटो अपने साथ लाने होंगे.  प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने अपील की है कि योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित समय पर उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं. अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र (मॉडल कैरियर सेंटर), राजनांदगांव से संपर्क कर सकते हैं.

खेल और पढ़ाई साथ-साथ, नए स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेगा बेहतरीन प्रशिक्षण

योगी सरकार ने अधूरे सपने को किया साकार, यूपी को मिले दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज सहारनपुर-फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज तैयार, 2026-27 सत्र से शुरू होगी पढ़ाई वर्षों से लटकी थी खिलाड़ियों के भविष्य से जुड़ी परियोजनाएं, योगी सरकार का बड़ा कदम दूरदराज के खिलाड़ियों को फायदा, अब अपने जिले में ही मिलेगा प्रशिक्षण खेल और पढ़ाई साथ-साथ, नए स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेगा बेहतरीन प्रशिक्षण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों को शुरू करने का फैसला लिया है। सहारनपुर और फतेहपुर में बने स्पोर्ट्स कॉलेज का शैक्षिक सत्र 2026-27 से संचालन शुरू हो जाएगा। योगी सरकार के इस फैसले से प्रदेश के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा। वर्षों से लंबित परियोजनाओं को मिली नई जिंदगी दरअसल यह दोनों परियोजनाएं लंबे समय से लंबित थी। फतेहपुर स्पोर्ट्स कॉलेज को जनवरी 2011 में स्वीकृति मिली थी और नवंबर 2011 में निर्माण कार्य शुरू हो गया था। इसे जुलाई 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। इसी तरह सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य भी फरवरी 2011 में शुरू होना था और फरवरी 2013 तक पूरा कार्य पूरा करने की मूल तारीख थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया था। योगी सरकार ने इन अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए निर्माण कार्य को पूरा कराया है। साथ ही अब दोनों कॉलेजों को नए सत्र से शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।  पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों वाला राज्य बनेगा यूपी इस तरह योगी सरकार खेल ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ अधूरी योजनाओं को भी जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है। वहीं इन दो नए स्पोर्ट्स कॉलेजों के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में संचालित स्पोर्ट्स कॉलेजों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। अभी तक लखनऊ स्थित गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज, गोरखपुर का वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज और इटावा (सैफई) का मेजर ध्यान चंद स्पोर्ट्स कॉलेज ही संचालित थे। इसके अलावा बलिया में एक और स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। कक्षा 9 से शुरू होगा एडमिशन नए कॉलेजों के शुरू होने से प्रदेश के दूर-दराज इलाकों के खिलाड़ियों को अब राजधानी या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और अधिक संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी खेल शिक्षा से जुड़ सकेंगे। फतेहपुर और सहारनपुर दोनों स्पोर्ट्स कॉलेजों में कक्षा 9 से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। फतेहपुर में एथलेटिक्स, हॉकी, हैंडबॉल और कुश्ती जैसे खेल संचालित किए जाएंगे। यहां कुल 80 सीटों पर प्रवेश होगा। जिसमें एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 12, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 2, थ्रोवर बालक के लिए 4, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 26, गोलकीपर बालक के लिए 4, कुश्ती बालक के लिए 10 और हैंडबॉल बालक के लिए 22 सीटें निर्धारित की गई हैं। खेलों की विविधता और सीटों का विस्तार वहीं सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में भी कुल 80 सीटों पर एडमिशन होंगे। यहां एथलेटिक्स रनर बालक के लिए 8, एथलेटिक्स जम्पर बालक के लिए 6, थ्रोवर बालक के लिए 6, हॉकी खिलाड़ी बालक के लिए 21, हॉकी गोलकीपर बालक के लिए 4, जूडो बालक के लिए 10, बॉक्सिंग बालक के लिए 15 और भारोत्तोलन बालक के लिए 10 सीटें तय की गई हैं। भारोत्तोलन अभी तक किसी भी स्पोर्ट्स कॉलेज में नहीं था। सहारनपुर स्पोर्ट्स कॉलेज से पहली बार शुरू हो रहा है। इन कॉलेजों में प्रवेश के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा, जिससे प्रतिभा के आधार पर खिलाड़ियों का चयन सुनिश्चित हो सके। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्यः खेल सचिव उत्तर प्रदेश खेल विभाग के सचिव सुहास एल.वाई. ने बताया कि मुख्यमंत्री जी का प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और एक्सीलेंस सेंटर खोलने का लक्ष्य है। स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तरह जगह-जगह विभिन्न खेलो को लेकर वहां पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण केंद्र खोला जाएगा। जिसमें बच्चों के रहने के साथ ही पढ़ाई की सुविधा भी रहेगी। प्रबंध समिति स्पोर्ट्स कॉलेज के सचिव व लखनऊ स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल सिन्हा ने कहा कि कुशल संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को कोई व्यवधान ना उत्पन्न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।  खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम स्पोर्ट्स कॉलेज ऐसे छात्रों के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं, जो खेल में अपना करियर बनाना चाहते हैं। यहां पढ़ाई और खेल दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जाता है। प्रोफेशनल कोचिंग, आधुनिक सुविधाएं और अनुशासित वातावरण खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने में मदद करता है। सहारनपुर और फतेहपुर में स्पोर्ट्स कॉलेजों की शुरुआत उत्तर प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे न केवल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आने वाले समय में देश को बेहतर खिलाड़ी भी मिल सकेंगे।

अमेरिकी प्लेन का कतर में रहस्यमयी गायब होना, होर्मुज स्ट्रेट में चेतावनी जारी

वाशिंगटन मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी वायुसेना का KC-135 स्ट्रैटो टैंकर अचानक सुर्खियों में आ गया है. हवा में फ्यूल भरने की क्षमता के कारण फ्लाइंग गैस स्टेशन कहे जाने वाला ये विमान उड़ान के दौरान इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद रडार से गायब हो गया. इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।  फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बोइंग KC-135 ने कतर के पास 7700 स्क्वॉक कोड टेलिकास्ट किया यह एक अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी संकेत होता है. इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब विमान किसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहा हो. इसके कुछ ही समय बाद विमान रडार से गायब हो गया. माना जा रहा है कि उस समय यह किसी सैन्य बेस की ओर बढ़ रहा था।  आखिरी लोकेशन और संभावित वजहें रिपोर्ट के मुताबिक विमान ने अपनी ऊंचाई कम की और कतर की दिशा में मुड़ने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर सिग्नल खो दिया. यह भी कहा जा रहा है कि विमान उस समय खाड़ी के ऊपर एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग मिशन पर था. 7700 कोड कई वजहों से ट्रिगर हो सकता है, जैसे तकनीकी खराबी, आग लगना, मेडिकल इमरजेंसी या किसी बाहरी खतरे का सामना किया होगा।  रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ट्रांसपॉन्डर कोड 7700 जारी करने के बाद विमान नीचे उतर रहा था और अपना कोर्स बदलकर कतर की ओर मुड़ रहा था. तभी अचानक रडार से लापता हो गया. ये घटना खाड़ी में हवा में ईंधन भरने के अभियान के दौरान विमान द्वारा रास्ता बदलने और ऊंचाई कम करने के बाद हुई. हालांकि, अमेरिकी एयरफोर्स ने इस घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।  शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि विमान में कितने चालक दल के सदस्य सवार थे. अमेरिकी वायु सेना के आंकड़ों के अनुसार, इस विमान को आमतौर पर एक ही चालक दल का सदस्य संचालित करता है और इसमें एक कार्गो डेक होता है, जिसमें यात्री भी बैठ सकते हैं. ट्रांसपॉन्डर सिग्नल गायब होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. हालांकि, अभी तक मलबे, डिस्ट्रेस कॉल, बचाव अभियान या समुद्री अलर्ट की कोई पुष्टि नहीं हुई है।  बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से ईरान ने इस क्षेत्र में लक्षित हमलों में कई अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा किया था।  एक घंटे बाद पूरी तरह गायब गल्फ न्यूज़ के अनुसार, इमरजेंसी कोड दिखने के लगभग एक घंटे बाद विमान का ट्रांसपोंडर सिग्नल पूरी तरह बंद हो गया. हालांकि, सिर्फ सिग्नल खो जाना किसी दुर्घटना की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इमरजेंसी अलर्ट के बाद ऐसा होना चिंता बढ़ाता है. अब तक किसी मलबे, संकट संदेश (distress call), रेस्क्यू ऑपरेशन या समुद्री अलर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विमान में कितने क्रू मेंबर थे, यह भी स्पष्ट नहीं है, हालांकि आमतौर पर KC-135 सीमित क्रू के साथ ऑपरेट किया जाता है।  क्यों अहम है यह मामला? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ग्लोबल ऑयल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है. इस इलाके में किसी भी सैन्य या तकनीकी घटना का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ सकता है. ऐसे में KC-135 का अचानक गायब होना सुरक्षा और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

अखबार में प्रकाशित पेयजल संकट पर मुख्यमंत्री साय की त्वरित प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अखबार में प्रकाशित पेयजल समस्या की खबर पर लिया त्वरित संज्ञान सुबह अखबार पढ़ते ही कलेक्टर सरगुजा को फोन कर दिए समाधान के निर्देश मैनपाट के सपनादर स्थित चेराजोबला बस्ती में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह समाचार पत्रों का अवलोकन करते समय “नाला और ढोढ़ी के दूषित जल पर आज भी निर्भर हैं वनवासी” शीर्षक से प्रकाशित खबर को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ ज़मीन पर सुनिश्चित करना है।