samacharsecretary.com

युवा शक्ति के लिए बड़ी योजना: उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’

युवा शक्ति को मिलेगा हुनर का साथ, उत्तर प्रदेश बनेगा देश का सबसे बड़ा ‘स्किल हब’ योगी सरकार की नई पहल से 13 विभागों के युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदेश भर में मिशन मोड पर शुरू हुई रोजगारपरक प्रशिक्षण योजना युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है लक्ष्य लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सक्षम बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने राज्य को देश का अग्रणी “स्किल हब” बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। प्रदेश के 13 प्रमुख विभागों को कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रस्ताव भेजते हुए आगामी तीन महीनों में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगारपरक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हर वर्ग तक पहुंचेगा कौशल विकास अभियान इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत शहरी गरीब परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यक समुदाय, निर्माण श्रमिक परिवारों, विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तथा कारागारों से जुड़े युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योगी सरकार की यह पहल सामाजिक समावेशन और आर्थिक सशक्तिकरण के मॉडल के रूप में देखी जा रही है। विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। प्रदेश के हर जिले में तैयार होगी हुनरमंद युवा शक्ति राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार कौशल विकास को युवाओं की आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ तेज गति से कार्य किया जा रहा है। मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा संबंधित विभागों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण लक्ष्य एवं कार्ययोजना साझा करने का अनुरोध किया गया है। जून माह के प्रथम सप्ताह में प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किए जाने की संभावना है। साथ ही सभी विभागों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन तेजी से किया जा सके। जेलों में भी शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण अभियान योजना के अंतर्गत कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग के माध्यम से जेलों में निरुद्ध युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा। सरकार का उद्देश्य उन्हें प्रशिक्षण देकर पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग और ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा प्रशिक्षण पुलकित खरे ने बताया कि यूपीएसडीएम को राष्ट्रीय स्तर पर एनसीवीईटी द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ की मान्यता प्राप्त है, जिससे प्रशिक्षण और प्रमाणन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। वर्तमान में मिशन से राजकीय संस्थानों के साथ प्रतिष्ठित निजी और औद्योगिक इकाइयां भी प्रशिक्षण पार्टनर के रूप में जुड़ी हुई हैं। सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के ‘कॉस्ट कॉमन नॉर्म्स’ (सीसीएन) के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। आठ लाख से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण मिशन निदेशक ने बताया कि यूपीएसडीएम का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन, रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। पिछले 9 वर्षों में मिशन द्वारा 8,09,494 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 3,04,810 युवाओं को रोजगार एवं सेवायोजन के अवसरों से जोड़ा गया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस सोच को दर्शाती है जिसमें युवा शक्ति को प्रदेश की आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा आधार माना गया है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को केवल जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी देश का अग्रणी राज्य बनाना है। 13 विभागों के साथ मिलकर चलेगा अभियान उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा), संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय को प्रशिक्षण प्रस्ताव भेजा गया है। प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि विभागीय समन्वय से संचालित यह अभियान लाखों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा और ध्वजारोहण, अमृत महोत्सव का भव्य समारोह

सोमनाथ सोमनाथ मंदिर में आज भव्य सोमनाथ अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए हैं। इस दौरान मंदिर में कई तरह के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर में विशेष पूजा, कुंभाभिषेक और ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। सोमनाथ मंदिर का शिव पुराणों में भी विशेष महत्व बताया गया है। बता दें कि यह अमृत महोत्सव मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के शुभ अवसर पर मनाया जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं सोमनाथ अमृत महोत्सव क्या है साथ ही जानें इस मंदिर की पुराणों में क्या महिमा बताई गई है। सोमनाथ अमृत महोत्सव क्या है ? सोमनाथ मंदिर को सरदार वल्लभभाई पटेल ने वर्ष 1951 में पुनर्स्थापित किया था। साल 2026 में इस मंदिर को पुनर्स्थापित हुए पूरे 75 वर्ष हो चुके हैं। इसलिए यहां अमृ महोत्सव का आयोजन किया गया है। गुजरात में स्थित सोमनाथ मंदिर में कई बार आक्रमण किए गए लेकिन, बार बार इसका पुनर्निर्माण किया गया। भारत को आजादी मिलने के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने पहल कर इसका पुनर्निर्माण कराया था। इसका उद्घाटन भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने किया था। बात करें अमृत महोत्सव की तो अमृत के एक नाम सोम भी है और सोमनाथ का संबंध भी सोम से है यानी चंद्रमा से। शिवपुराण में इससे संबंधित कथा का भी वर्णन किया गया है। गणेशजी जब कुबेर का अभिमान नष्ट कर अपने घर कैलाश पर्वत पर लौट रहे थे उस समय चंद्रमा की रोशनी से पूरा कैलाश पर्वत चमक रहा था। तभी गणेशजी की सवारी मूषक के सामने से एक सर्प निकला तो वह डर गया और उस पर विराजमान गणेशजी अपना संतुलन खो कर गिर पड़े। तभी चंद्रमा ने यह सब होते देखा और वह जोर जोर से हंसने लगें। गणेशजी चंद्रमा पर बहुत क्रोधत हो गए ही वह उनकी मदद करने की जगह उनका उपहास कर रहे हैं। गणेशजी ने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि तुम्हें जिस चांदनी का गुरुर है आज के बाद तुम उसे खो दोगे और इस तरह चंद्रमा को क्षय रोग हो गया। चंद्रमा की सारी चांदनी चली गई। चंद्रमा ने गणेशजी से माफी मांगी तब गणेशजी का क्रोध शांत हुए तो उन्होंने कहा कि मैं श्राप को वापस नहीं ले सकता हूं लेकिन, तुम भगवान शिव की आराधना करो वह ही तुम्हें जीवन दान दे सकते हैं। जब चंद्रमा ने गुजरात में बालू से एक शिवलिंग बनाया और वहां भगवान शिव की आराधना की। चंद्रमा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें जीवनदान दे दिया जहां चंद्रमा को जीवनदान मिला था वह स्थान सोमनाथ है। बता दें कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से सोमनाथ को ही सबसे पहले ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहां चंद्रदेव को कष्ट दूर हुए हैं इसलिए इस स्थान का नाम सोमनाथ पड़ा यानी चंद्रदेव के नाथ। सोमनाथ मंदिर का इतिहास 1026 ई में सोमनाथ मंदिर पर सबसे खतरनाक हमला महमूद गजनवी ने किया था। महमूद गजनवी ने मंदिर को बुरी तरह से लूटकर पूरा खंडहर बना दिया था। इसके बाद 1297 ई में अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने इस मंदिर को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। इसके बाद 1395 और 1412 में भी मंदिर पर हमला किया गया। औरंगजेब ने भी 1665 और वर्ष 1706 के बीच दो बार मंदिर पर हमला किया और मंदिर परिसर में पूजा पाठ पर रोक लगा दी। 18वीं सदी में महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने मूल मंदिर से कुछ दूरी पर एक नया मंदिर बनवाया। इसके बाद देश आजाद होने पर वर्ष 1951 में इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया।

कड़ेल गांव में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खाया खाना, सब्जियों की की तारीफ

 अजमेर जस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को अजमेर जिले के दौरे पर रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री का यह दौरा उस समय खास बन गया, जब अजमेर के कड़ेल गांव के एक घर में सीएम भजनलाल ने भोजन किया. मुख्यमंत्री ने कड़ेल गांव निवासी 59 वर्षीय लादूराम मेघवाल के घर पहुंचकर बेहद आत्मीय माहौल में खाना खाया. लादूराम मेघवाल गांव में मजदूरी और मकान निर्माण का कार्य करते हैं. उनके परिवार में चार बेटे, बहुएं और पोते-पोतियां शामिल हैं. इस दौरान सीएम भजनलाल घर की खाट पर परिवार के बीच बैठे और ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हुए पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया. मुख्यमंत्री ने की सब्जी की तारीफ भोजन करने के दौरान मुख्यमंत्री ने खास तौर पर काचरी और ग्वार फली की सब्जी की जमकर तारीफ की. लादूराम मेघवाल के घर में बने भोजन के स्वाद से प्रभावित होकर उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा कि यह स्वादिष्ट सब्जी किसने बनाई है. इस पर लादूराम की पत्नी गीता ने बताया कि भोजन उन्होंने स्वयं तैयार किया है. तभी मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी पत्नी का नाम भी गीता है. मुख्यमंत्री की इस बात पर घर में मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल ठहाकों से गूंज उठा. ग्रामीण परिवार और मुख्यमंत्री के बीच बना यह आत्मीय संवाद पूरे कार्यक्रम का सबसे यादगार पल बन गया. 3 दिन से सीएम के स्वागत चल रही थी तैयारी लादूराम मेघवाल की पत्नी गीता ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वागत और भोजन की तैयारी पिछले तीन दिनों से लगातार की जा रही थी. परिवार ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन तैयार किए. भोजन में काचरी की सब्जी, पनीर की सब्जी, ग्वार फली की सब्जी, ताजा रोटियां और चावल मुख्यमंत्री को परोसे गए. मुख्यमंत्री ने भोजन की सादगी और स्वाद की सराहना करते हुए परिवार की मेहनत की तारीफ की. गांव के एक सामान्य मजदूर परिवार के घर मुख्यमंत्री का इस तरह बैठकर भोजन करना ग्रामीणों के लिए भी चर्चा का विषय बना रहा और पूरे गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद इससे पहले कड़ेल ग्राम पंचायत में आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल' के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की, जिसमें महिलाओं ने गृहणी से लखपति दीदी बनने के अपने सफर के अनुभव को साझा किया. महिलाओं से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है. वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है.

पतरातू में राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन, पर्यटन ब्रांडिंग पर होगी चर्चा

 रांची  राज्य सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसरों का भी सहयोग प्राप्त करेगी। इसे लेकर इंफ्लुएंसर इंगेजमेंट पॉलिसी लागू की जाएगी। पर्यटन, कला संस्कृति एवं खेलकूद विभाग ने सोमवार को राज्य स्तरीय इंफ्लुएंसर सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें इस पॉलिसी का शुभारंभ होगा। यह सम्मेलन पतरातू स्थित होटल पर्यटन विहार में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के प्रमुख इंटरनेट मीडिया इंफ्लुएंसर्स को एक मंच पर लाना है, जहां झारखंड के ब्रांडिंग और प्रमोशन पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। पॉलिसी के लागू होने के बाद राज्य के इन्फ्लुएंसर्स को पर्यटन विभाग के साथ जुड़कर काम करने का मौका मिल सकेगा। इंफ्लुएंसर को भी होगा फायदा विभाग का मानना है कि यह पॉलिसी डिजिटल क्रिएटर्स और पर्यटन विभाग के बीच औपचारिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। पॉलिसी में झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों के डिजिटल माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने वाले इंफ्लुएंसर्स को पारिश्रमिक भी प्रदान किया जाएगा। साथ ही विभाग डिजिटल कंटेट के निर्माण में आवश्यक सहयोग भी प्रदान करेगा।

भारतीय टी20 कप्तान बने पिता, नन्ही परी ‘रिद्धिमा’ के साथ शेयर की पहली झलक

नई दिल्ली भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के घर खुशियों ने दस्तक दी है. दरअसल, सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा माता-पिता बने हैं. 7 मई (गुरुवार) को उनके घर एक नन्ही परी ने जन्म लिया, जिसने इस कपल की जिंदगी को खुशियों से भर दिया. यह उनके जीवन का एक बेहद खास और भावुक पल रहा, जिसे वे दोनों पूरी तरह एंजॉय कर रहे हैं. इसी खुशी में सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी की पहली झलक अपने फैंस के साथ साझा की है. उस पोस्ट में सूर्यकुमार यादव ने लिखा कि, 'हमारी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी से मिलिए, रिद्धिमा'. बेटी का नाम रखा है 'रिद्धिमा', ये है मतलब क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने अपनी बेटी का नाम रिद्धिमा रखा है. यह नाम संस्कृत से लिया गया है. इस नाम का अर्थ है प्रेम से परिपूर्ण, मोती, समृद्धि और सफलता का स्रोत. हिंदू शास्त्रों में यह नाम देवी लक्ष्मी (धन और समृद्धि की देवी) और देवी सरस्वती (ज्ञान की देवी) से संबंधित माना जाता है. इस नाम का शुभ अंक है 8, जिसे आनंद और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है. आसान शब्दों में कहें तो हिंदू समुदाय में यह नाम काफी प्रचलित है. रिद्धिमा नाम का संबंध नई शुरुआत और अवसरों से भी माना जाता है. यह एक ऐसा नाम है जिसे माता-पिता इस आशा से चुनते हैं कि उनका बच्चा अच्छे गुणों को अपनाएगा और साहस से परिपूर्ण जीवन व्यतीत करेगा. यह नाम हिंदी संस्कृति में गहराई से जुड़ा हुआ है. एयरपोर्ट पर भी बांटी मिठाई इस समय सूर्यकुमार यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. दरअसल, हाल ही में जब वह मुंबई इंडियंस के साथ मैच खेलने के लिए रायपुर पहुंचे, तो एयरपोर्ट पर उनका एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. वहां पहुंचते ही उन्होंने फोटोग्राफर्स और अपने फैंस के साथ खुशी साझा की. खास बात यह रही कि सूर्या ने खुद अपने हाथों से मिठाइयां बांटी और सभी का मुंह मीठा कराया. उनका यह सादगी भरा और खुशमिजाज अंदाज लोगों को काफी पसंद आ रहा है और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. सूर्यकुमार यादव ने दिखाई बेटी की पहली झलक हॉस्पिटल से सामने आए फोटो में सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा बहुत ही खुश नजर आ रहे हैं. उससे ठीक एक दिन पहले ही क्रिकेटर ने फैंस के साथ अपने पिता बनने की खुशी भी जाहिर की थी. फैंस के साथ-साथ क्रिकेट जगत के कई लोगों ने भी उन्हें ढेरों बधाइयां और शुभकामनाएं दी हैं. लगातार सोशल मीडिया पर लोग उनके लिए प्यार और अच्छे मैसेज भेज रहे हैं.

राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अनुभव, सरकार की योजनाओं से बदली आर्थिक स्थिति

पुष्कर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रविवार को पुष्कर के कड़ैल में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया, जिसमें लखपति दीदियों ने अपने-अपने अनुभव साझा. सीएम भजनलाल ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से समक्ष बनाने के लिए काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के विभिन्न कार्य हो रहे हैं. जिसमें घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना शामिल है. महिलाओं के लिए मां वाउचर योजना शुरू सीएम भजनलाल ने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए मा वाउचर योजना शुरू की है. बालिकाओं को साइकिल व स्कूटी वितरण किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना प्रारंभ की. जिसमें महिलाएं कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं. राजीविका के माध्यम से प्रदेश में 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं. हमारी सरकार महिलाओं को टेबलेट वितरण भी कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की मजबूत पहल की. इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ एवं कला जत्थों का अवलोकन किया. राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर विभिन्न भूमिकाएं निभाई, जिससे मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी. राजीविका के तहत मुझे लोन मिला, जिससे मैंने पशुपालन करके अपनी आजीविका बढ़ाई. 2020 से मैं डाटा सखी का काम कर रही हूं. इससे भी मेरी आमदनी बढ़ी है. राज्य सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का लोन 1.5 प्रतिशत ब्याज पर हमे मिल रहा है. वहीं, पशु सखी लक्ष्मी कंवर ने बताया कि मैं पहले साधारण गृहणी थी, लेकिन राजीविका की वजह से आज लखपति दीदी हूं. परिवार की ओर से सहयोग मिला, जिससे मैं घर के बाहर जाकर काम कर पाई. पशु सखी के रूप में काम कर रही हूं. मुझे जो लोन मिला उससे मैंने पशुपालन करना शुरू किया. इससे आज मेरी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है. महिलाओं को आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिल रहे हैं.

पंजाब में चुनावी माहौल, नगर निगम व काउंसिल चुनाव महीने के अंत तक हो सकते हैं

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनाव को लेकर आज आधिकारिक घोषणा की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जो दोपहर 3:30 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की संभावित तारीखों की जानकारी साझा की जाएगी। राज्य में लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों का इंतजार किया जा रहा था और अब प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पंजाब में इस बार नौ नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों में चुनाव कराए जाने हैं। राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से वार्डबंदी समेत जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। जिन शहरों में चुनाव होने हैं वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में राजनीतिक दल लगातार बैठकें कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों ने भी जनता के बीच सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टियों ने शुरू की चुनावी तैयारी नगर निकाय चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। कई इलाकों में संभावित उम्मीदवारों ने पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर मंथन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों का फोकस खासतौर पर शहरी वोट बैंक पर बना हुआ है क्योंकि इन चुनावों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अलग-अलग जिलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चंडीगढ़ और मोहाली सहित कई शहरों में चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी। स्थानीय निकाय मंत्री की गिरफ्तारी के बीच चुनाव यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री को हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब तक किसी अन्य मंत्री या अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि सरकार आगे इस विभाग की जिम्मेदारी किसे देगी। विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सरकार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न होने का दावा कर रही है। 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे चुनाव राजनीतिक जानकार इन नगर निकाय चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत मान रहे हैं। चूंकि चुनाव शहरी क्षेत्रों में हो रहे हैं, इसलिए इन्हें सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो महीनों में उन अधिकांश शहरों का दौरा कर चुके हैं जहां चुनाव प्रस्तावित हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का अवसर मान रहा है। पिछले चुनावों में सत्ताधारी दल को फायदा मिलता रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

वास्तु शास्त्र: दरवाजों के पीछे सामान लटकाने से होने वाले दोष और उपाय

 हम अक्सर घर के कमरों को सजाते समय दरवाजों के पीछे की खाली जगह को स्टोर रूम की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं. खूंटियां लगाकर कपड़े टांगना, थैले लटकाना हमें सामान्य लगता है. लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो ये छोटी सी लापरवाही आपके जीवन में बड़े वास्तु दोष पैदा कर सकती है. वास्तु के अनुसार, दरवाजे ऊर्जा के द्वार होते हैं. अगर इन द्वारों पर गलत चीजें लटकी हों, तो सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती, जिसका सीधा असर आपकी सेहत, तरक्की और जेब पर पड़ता है. दरवाजे पर सामान लटकाने से लगने वाले गंभीर दोष     जब दरवाजे के पीछे कपड़ों या भारी बैगों का ढेर होता है, तो दरवाजा पूरी तरह खुल नहीं पाता. वास्तु में इसे अवरोध दोष कहते हैं. यह दोष घर के सदस्यों के करियर में बाधाएं लाता है. इससे सफलता के नए रास्ते बंद हो जाते हैं.     दरवाजे पर भारी झोले या वजनदार चीजें लटकाने से घर में ऋण बढ़ता है. यह फिजूलखर्ची को बढ़ाता है, इंसान धीरे-धीरे कर्ज के बोझ तले दबने लगता है.     दरवाजे के पीछे लोहे की नुकीली चीजें, कैंची या औजार लटकाने से घर में कलह पैदा होती है. इससे परिवार के लोगों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ता ह, इससे तनाव बना रहता है. भूलकर भी न लटकाएं ये 5 चीजें ढेर सारे कपड़े: दरवाजों पर कपड़ों का अंबार लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा जमा होती है. यह मानसिक भारीपन और चिड़चिड़ापन लाता है. दवाइयों का थैला: दवाइयां बीमारी का प्रतीक हैं. इन्हें दरवाजे पर लटकाने से घर में बीमारी का प्रभाव बना रहता है, आप पर इलाज का खर्च बढ़ता है. पुराने कैलेंडर: पिछले साल या पुराने महीनों के कैलेंडर लटकाए रखना आपकी प्रगति को रोक देता है.यह आपके समय को पीछे ले जाता है. गंदे जूते-चप्पल: दरवाजे के पीछे जूते-चप्पलों का ढेर राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे घर में अशांति आती है. गीले तौलिए या कपड़े: गीली चीजें नमी और राहु का प्रतीक हैं. इन्हें दरवाजे पर सुखाने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. ऐसे सुधारें दरवाजे का वास्तु दरवाजा रखें हल्का: कोशिश करें कि दरवाजे के पीछे कोई खूँटी न हो. कपड़ों के लिए अलग स्टैंड या अलमारी का उपयोग करें. सफाई है जरूरी: हफ्ते में एक बार दरवाजे के पीछे की धूल जरूर साफ करें. गंदगी दरिद्रता को बुलावा देती है. आवाज की मरम्मत: अगर दरवाजा खोलते समय 'चू-चू' की आवाज करता है, तो उसमें तुरंत तेल डालें. यह आवाज घर में क्लेश लाती है. शुभ प्रतीकों का प्रयोग: दरवाजे के ऊपर स्वास्तिक या ॐ का चिह्न लगाना शुभ होता है, लेकिन ध्यान रहे कि ये चिह्न पैरों के नीचे या किसी गंदी चीज के संपर्क में न आएं.

इंटर मियामी की शानदार जीत: टोरंटो FC को 4-2 से हराकर छठी लगातार जीत

टोरंटो  लियोन मेसी ने एक गोल और दो असिस्ट करके मेजर लीग सॉकर (एमएलएस) के इतिहास में 100 गोल में योगदान देने वाले सबसे तेज खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। मेसी के इस प्रदर्शन से इंटर मियामी ने टोरंटो एफसी को 4-2 से हराकर अपनी लगातार जीत का सिलसिला छह मैचों तक पहुंचा दिया। मेसी के इस प्रदर्शन से उनके 64 रेगुलर-सीजन मैचों में कुल 59 गोल और 41 असिस्ट हो गए हैं, जिससे उन्होंने टोरंटो के सेबेस्टियन जियोविको द्वारा बनाए गए 95 गोल के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। मेसी के अब मियामी के लिए सभी प्रतियोगिताओं में कुल 101 मैचों में 87 गोल और 57 असिस्ट हो गए हैं। टोरंटो के विरुद्ध मुकाबले में मियामी के रोड्रिगो डी पॉल ने भी एक गोल और दो असिस्ट किए। डी पॉल ने दिलाई इंटर मियामी को बढ़त डी पाल ने 44वें मिनट में एक फ्री किक पर गोल करके इंटर मियामी को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद मेसी और डी पॉल के असिस्ट से 56वें मिनट में लुइस सुआरेज ने दूसरा गोल किया। डिफेंडर सर्जियो रेगिलोन ने 73वें मिनट में मेसी के असिस्ट से तीसरा गोल किया। जबकि डी पॉल ने 75वें मिनट में मेसी को टीम के लिए चौथा गोल करने में मदद की। वहीं इसके बाद टोरंटो के लिए एमिलियो अरिस्टिजाबल ने दो गोल दागे। मुकाबले में प्रशंसक मेसी के करीब जाने की कोशिश में मैदान पर कूद गए। इससे मुकाबले को दो बार रोकना पड़ा। ब्रेंटफोर्ड को हराकर सिटी ने आर्सेनल पर दबाव बढ़ाया मैनचेस्टर सिटी ने शनिवार को ब्रेंटफोर्ड को एकतरफा मुकाबले में 3-0 से हराकर इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे आर्सेनल पर दबाव बढ़ा दिया। सिटी की ओर से जेरेमी डोकू, एर्लिंग हालैंड और ओमार मारमोश ने गोल दागे। इस परिणाम से आर्सेनल और दूसरे स्थान पर चल रही सिटी के बीच अब सिर्फ दो अंक का अंतर रह गया है। आर्सेनल के 35 मैच में 76 जबकि सिटी के इतने ही मैच में 74 अंक हैं। इधर तीसरे स्थान पर चल रहे मैनचेस्टर यूनाइटेड ने सदरलैंड से गोल रहित ड्रॉ खेला, जबकि छठे स्थान पर चल रहे बोर्नेमाउथ ने फुलहम को 1-0 से शिकस्त दी। केन के पेनाल्टी पर चूकने के बावजूद जीता बायर्न बुंडेसलीगा में हैरी केन पेनाल्टी को गोल में बदलने से चूक गए। बायर्न म्यूनिख के लिए 24 बार पेनाल्टी को गोल में बदल चुके केन ने यह पहली बार कोई स्पॉट किक मिस की। हालांकि इसके बावजूद ओलिस के गोल के दम पर बायर्न ने वोल्फ्सबर्ग को 1-0 से हराया। 89वें मिनट में वोल्फ्सबर्ग के मैटियस स्वानबर्ग के पास बराबरी का मौका था, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। इधर लीपजिग ने सेंट पॉली पर 2-1 की जीत के साथ बुंडेसलीगा में तीसरा स्थान के साथ चैंपियंस लीग में अपनी वापसी सुनिश्चित कर ली।  

संवेदनशील कदम: चाइल्ड हेल्पलाइन के जरिए 5 महीने के मासूम को लौटा परिवार

योगी सरकार की संवेदनशील पहल: चाइल्ड हेल्पलाइन ने 5 महीने के मासूम को मां की गोद वापस दिलाई तत्काल कार्रवाई होने से फईमा खातून ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद व्यक्त किया पारिवारिक विवाद में पिता ने दुधमुंहे बच्चे को मां से किया था अलग चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने एएचटीयू और बाल कल्याण अधिकारी के साथ त्वरित हस्तक्षेप किया काउंसलिंग के बाद शहाबुद्दीन ने बच्चे को पत्नी को सौंपा मिशन वात्सल्य योजना के तहत बच्चों की सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस लखनऊ   उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में लगातार संवेदनशील और प्रभावी कदम उठा रही है। खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की तलाश और पारिवारिक विवाद के चलते मां से अलग हुए मासूमों की मदद को लेकर राज्य सरकार की पहल लगातार असर दिखा रही है। इसका ताजा उदाहरण बिजनौर जिले में सामने आया, जहां चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता से 5 माह के दुधमुंहे बच्चे को उसकी मां से मिलाया गया है।  बच्चे को अपने पास रख पत्नी को घर से दिया था निकाल दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित महिला कल्याण विभाग की मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत चल रही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अब जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर उभर रही है। बीती 3 मई चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को सूचना मिली थी कि बिजनौर जिले में पारिवारिक विवाद के चलते शहाबुद्दीन नाम के शख्स ने अपने पांच महीने के बच्चे को अपने पास रख उसकी मां को घर से निकाल दिया है। मामला बेहद संवेदनशील था, क्योंकि बच्चा बहुत कम उम्र का था और पूरी तरह अपनी मां की देखभाल और मातृ दुग्ध पर निर्भर था। सूचना मिलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने इसे गंभीरता से लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। बताते चलें कि योगी सरकार के निर्देश पर प्रदेश में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।  अधिकारियों ने माता-पिता से अलग-अलग बातचीत कर समझाया इसी क्रम में चाइल्डलाइन टीम ने बिना देरी किए संबंधित एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और स्थानीय थाना के बाल कल्याण अधिकारी से संपर्क किया। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और दोनों पक्षों से अलग-अलग एवं संयुक्त रूप से बातचीत की। पारिवारिक विवाद का सीधा असर पांच माह के मासूम पर पड़ रहा था। शिशु की उम्र बेहद कम होने के कारण उसे मां की गोद, मातृ दुग्ध और निरंतर देखभाल की जरूरत थी। अधिकारियों ने बच्चे के पिता शहाबुद्दीन को समझाया कि इतनी कम उम्र में बच्चे को मां से अलग रखना उसके शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। काउंसलिंग के बाद पिता ने बच्चे को मां के सुपुर्द किया चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम और बाल कल्याण अधिकारियों ने कानूनी एवं सामाजिक पहलुओं से भी पिता को अवगत कराया। टीम ने काउंसलिंग करते हुए मां फईमा और पिता शहाबुद्दीन के बीच संवाद स्थापित कराया और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया। इसका नतीजा यह रहा है कि शहाबुद्दीन बच्चे को अपनी पत्नी फईमा को सुपुर्द करने के लिए सहमत हो गया था। संयुक्त टीम की मौजूदगी में 5 महीने के मासूम को सुरक्षित रूप से उसकी मां की देखरेख में सौंप दिया गया। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि बच्चे को आवश्यक मातृ पोषण और उचित देखभाल मिलती रहे। फिलहाल मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 लगातार ऐसे मामलों में अहम भूमिका निभा रही है।  फईमा ने बच्चे के पालन पोषण के लिए मुख्यमंत्री से लगाई गुहार गाजियाबाद के लोनी की रहने वाली फईमा खातून ने बताया कि परिवारिक विवाद के चलते पति शहाबुद्दीन ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था और बच्चा भी छीन लिया था। जिसकी शिकायत उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर की थी। चाइल्ड हेल्पलाइन ने तत्काल मामले को संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मुझे मेरा बच्चा दिला दिया है। जिसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और उनकी टीम का धन्यवाद व्यक्त करती हूं। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। फिलहाल पीड़ित फईमा बच्चे को लेकर अपने मायके चली गई है। उन्होंने बच्चे के पालन-पोषण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है।  भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगीः उप निदेशक महिला कल्याण निदेशालय के उप निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। बिजनौर में 5 माह के शिशु को उसकी मां से मिलाने का मामला इसी संवेदनशील और प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि शिशु की कम आयु को देखते हुए उसकी सुरक्षा, पोषण और मातृ देखभाल सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक था। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण अधिकारियों के समन्वित प्रयास से मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।