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एसीबी ने थाईलैंड से लौटते ही संजय बड़ाया को पकड़ा, जयपुर लाकर होगी पूछताछ

जयपुर जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी को आरोपी दलाल संजय बड़ाया को हिरासत में ले लिया गया है. एसीबी ने दिल्ली एयरपोर्ट से बड़ाया को पकड़ा और उसे जयपुर लाया जा रहा है. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया था. जानकारी के मुताबिक, वह थाईलैंड में किसी शादी समारोह में गया हुआ था, वहां से लौट रहा था. एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद ब्यूरो इमीग्रेशन ने एसीबी की टीम को सूचना दी. रात करीब 2 बजे उसे हिरासत में लिया गया. घोटाले में दलाल की भूमिका में था संजय संजय बड़ाया की भूमिका को लेकर भी खुलासा हो चुका है. एसीबी के मुताबिक, उसकी भूमिका दलाल की मानी जा रही है. जयपुर लाने के बाद पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है. इस कार्रवाई को डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अंजाम दिया गया. कार्रवाई में एएसपी महावीर प्रसाद शर्मा, एएसपी भूपेंद्र सिंह और एएसपी हिमांशु कुलदीप शामिल रहे. बताया जा रहा है कि यह पूरी कार्रवाई डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई. इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बना करोड़पति संजय बड़ाया जयपुर के बनीपार्क का रहने वाला है. उसे ईडी ने 16 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया था. सुप्रीम कोर्ट से 17 दिसंबर 2024 को उसे जमानत मिली थी. साल 022 तक मैसर्स मेरूलैंड्स इंश्योरेंस कंपनी में जॉब करता था. सालाना 7 लाख रुपए कमाने वाला बड़ाया कुछ ही महीनों में करोड़पति बन गया. जमीन हड़पने का भी है आरोप ईडी की जांच में सामने आया कि उसने मैसर्स चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर नाम से नई कंपनी बनाई. इसमें अपनी पत्नी नैना बड़ाया को भी पार्टनर बनाया. इस कंपनी के नाम से उसने जयपुर में करोड़ों का कारोबार किया. फर्जी दस्तावेजों से जेडीए पट्टे की जमीनें हड़पने के भी प्रयास किए.

कनाडा वर्क परमिट का झांसा देकर धोखाधड़ी, तीन साल बाद भी नहीं मिला वीजा

 यमुनानगर लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में शहर यमुनानगर थाना में पंजाब के मोहाली की इमिग्रेशन फर्म रुद्राक्ष ओवरसीज साल्युशन के संचालकों व कर्मचारियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इस फर्म व संचालकों पर पूर्व में भी विदेश भेजने के नाम पर पंजाब के मोहाली, होशियारपुर, लुधियाना, कुरुक्षेत्र और थाना छप्पर धोखाधड़ी के सात केस दर्ज हैं। अब नया मामला सुमित कुमार की शिकायत पर दर्ज हुआ। उनसे 19 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस को दी शिकायत में राधा कृष्ण दुरेजा कैंप निवासी सुमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने फेसबुक पर कनाडा भेजने संबंधी एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन के माध्यम से उनकी बातचीत मोहाली स्थित रुद्राक्ष ग्रुप ओवरसीज साल्यूशन के संचालक राकेश रिक्खी, उसकी पत्नी प्रभा से हुई। आरोपितों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे कम समय में उनका और उनके परिवार का कनाडा पीआर तथा वर्क परमिट लगवा देंगे। इसके बाद आरोपितों से कार्यालय में मिला। वहां पर फर्म में कार्य करने वाले योगिता, बलजीत सिंह संधु, गुरचरण ढींढसा, हरनूर कौर, शिवम कुमार मिले। आरोपितों ने विदेश भिजवाने के नाम पर 20 लाख रुपये का खर्च बताया। उन्हें दस्तावेज व अलग-अलग 19 लाख 20 हजार 560 रुपये दिए। यह रुपये आरोपितों के दिए खाते में ट्रांसफर कराए गए। तीन साल बाद भी नहीं मिला वीजा आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपित लगातार उन्हें आश्वासन देते रहे। कभी फाइल प्रोसेस में होने की बात कही गई तो कभी एंबेसी प्रक्रिया का हवाला दिया गया। समय बीतने के साथ आरोपितों ने फोन उठाना भी कम कर दिया। तीन साल गुजर जाने के बाद भी न तो उन्हें कनाडा भेजा गया। आरोपितों से रुपये वापस मांगे तो इन्कार कर दिया गया। आरोपितों को यह रुपये भी प्रापर्टी बेचकर व पीएफ निकालकर दिए थे।

सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान

आईजीआरएस की अप्रैल की रिपोर्ट में रामपुर ने फिर मारी बाजी, योगी सरकार के विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतार रहे  सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश भर में बुनियाद सुविधाओं का हो रहा विस्तार, हर वर्ग का हो रहा उत्थान  आईजीआरएस की निगरानी से विकास कार्यों में आयी तेजी, गुणवत्तापूर्ण हो रहे विकास कार्य आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में डीएम रामपुर ने 98.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर हासिल किया पहला स्थान रिपोर्ट में पीलीभीत ने दूसरा, श्रावस्ती और अमेठी ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पिछले नौ वर्षों से समग्र विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इस दौरान प्रदेश में न केवल बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग का उत्थान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। सीएम योगी के सपनों काे साकार करने में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। आईजीआरएस से जनसुनवाई, जन कल्याणकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे जिलों को बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने में मदद मिल रही है। इसी कड़ी में आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में प्रदेशभर में रामपुर ने 138 अंक प्राप्त कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि पीलीभीत ने दूसरा और श्रावस्ती के साथ अमेठी ने बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है।  जनशिकायतों के निस्तारण के साथ 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह आईजीआरएस से की जाती है समीक्षा आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा की जाती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 138 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 98.57 प्रतिशत है। जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। बता दें कि रामपुर पिछले चार माह से पहले स्थान पर है। प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई और आईजीआरएस की शिकायतों का किया जा रहा निस्तारण पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में िशिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में लगातार सुधार हो रहा है। पीलीभीत लगातार चार माह से प्रदेश में दूसरा स्थान बनाए हुए है। आईजीआरएस की अप्रैल माह की रिपोर्ट में भी पीलीभीत पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसका रेश्यो 97.86 प्रतिशत है। इसी तरह श्रावस्ती ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त  है। इसका रेश्यो 97.14 प्रतिशत है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णां गर्ग ने बताया कि विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतुष्टीपूर्ण फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। इसी तरह अमेठी ने भी 136 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं हाथरस, बरेली, हमीरपुर, बदायूं, बाराबंकी और बलिया ने टॉप टेन जिलों में जगह बनायी है।

लखनऊ होकर उधना-सूरत-जयनगर रूट पर चलेंगी स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों को राहत

लखनऊ गर्मी की छुट्टी में यूपी बिहार से गुजरात आना जाना आसान करने के लिए रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने लखनऊ होकर उधना, सूरत और झंझारपुर के लिए समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेनें वापसी में गोरखपुर होते हुए बिहार के जयनगर और मधुबनी भी जाएंगी। इन ट्रेनों में स्लीपर और जनरल के कोच होंगे। इन ट्रेनों के चलने से यूपी के आगरा, कानपुर, गोंडा समेत कई जिलों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बिहार के रक्सौल, सीतामढ़ी, नरकटिया गंज से गुजरात जाने और आने वालों की परेशानी दूर होगी। उधना-जयनगर-सूरत विशेष गाड़ी 16 से ट्रेन नंबर 09041 उधना-जयनगर ग्रीष्मकालीन अनारक्षित विशेष गाड़ी 16 मई शनिवार को उधना से 23.30 बजे चलेगी। दूसरे दिन सायण, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 21.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 21.52 बजे होते हुए तीसरे दिन बस्ती, गोरखपुर,रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी, मधुबनी होते हुए जयनगर 13.30 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09042 जयनगर से 11 एवं 18 मई, सोमवार को 15.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 08.04 बजे, मानक नगर से 08.49 बजे चलकर तीसरे दिन सूरत 07.24 बजे पहुंचेगी। उधना-मधुबनी-सूरत अनारक्षित गाड़ीआज से ट्रेन नंबर 09045 उधना-मधुबनी अनारक्षित विशेष गाड़ी 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 01.30 बजे चलेगी। सायण, भरुच, वडोदरा,रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, ईदगाह आगरा, टूण्डला, कानपुर सेंट्रल, मानक नगर से 23.02 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 23.52 बजे चलकर दूसरे दिन गोंडा, बस्ती, गोरखपुर रक्सौल, सीतामढ़ी, सकरी से होते हुए मधुबनी 16.00 बजे पहुंचेगी। वापसी में 09046 मधुबनी से 11 एवं 18 मई सोमवार को 18.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे दिन लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 11.49 बजे, मानक नगर से 12.34 बजे खुलते हुए तीसरे दिन सूरत 11.09 बजे पहुंचेगी। झंझारपुर-उधना-सूरत विशेष ट्रेन 11 से चलेगी ट्रेन नंबर 09048 झंझारपुर से 11 एवं 18 मई सोमवार को 21.00 बजे चलेगी। सकरी, शिशो, दूसरे दिन सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा होते हुए लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 13.19 बजे, मानक नगर से 14.04 बजे चलकर कानपुर सेंट्रल, टूण्डला, ईदगाह आगरा, बयाना, तीसरे दिन गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर,कोटा, रतलाम, दाहोद, वडोदरा, भरुच, सायण होते हुए सूरत से 12.39 बजे पहुंचेगी। 09047 उधना-झंझारपुर 10 एवं 17 मई रविवार को उधना से 05.00 बजे चलेगी। उक्त स्टेशनों से होते हुए दूसरे मानक नगर से 02.32 बजे, लखनऊ (उत्तर रेलवे) से 03.22 बजे चलकर झंझारपुर 19.00 बजे पहुंचेगी।

खाली पेट चाय पीने से किडनी पर क्या असर पड़ता है? जानें रिस्क और सच्चाई

सुबह उठते ही एक कप गरमा-गरम चाय मिल जाए तो दिन बन जाता है. भारत में 'बेड टी' का कल्चर काफी पुराना है लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाली पेट चाय पीने की यह आदत से धीरे-धीरे किडनी पर भी असर हो सकता है? रिसर्च बताती है कि चाय में मौजूद कैफीन और ऑक्सालेट्स खाली पेट शरीर में जाने पर डिहाइड्रेशन और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का रिस्क बढ़ा देते हैं इसलिए हमेशा चाय खाली पेट पीने की सलाह नहीं दी जाती. इस बारे में मेडिकल रिपोर्ट्स क्या कहती हैं, ये भी जान लीजिए. किडनी पर कैसे पड़ता है असर? चाय में प्राकृतिक रूप से ऑक्सालेट्स (Oxalates) पाए जाते हैं. ऐसे में जब कोई खाली पेट चाय पीता है तो ये कंपाउंड्स सीधे किडनी तक पहुंच जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, ऑक्सालेट्स कैल्शियम के साथ मिलकर क्रिस्टल बनाते हैं जो बाद में किडनी स्टोन का रूप ले लेते हैं. इसके अलावा, चाय एक डिउरेटिक है यानी कि चाय ऐसी चीज है जो शरीर से पानी बाहर निकालती है. यदि कोई खाली पेट चाय पीता है तो उससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है जिससे किडनी को ब्लड फिल्टर करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है. कैफीन और एसिडिटी हेल्थलाइन का कहना है, चाय में मौजूद कैफीन खाली पेट पीने पर ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ा सकता है जो लंबे समय में किडनी की छोटी ब्लड वेसिल्स को नुकसान पहुंचाता है. इसके साथ ही चाय एसिडिक होती है और खाली पेट इसका सेवन पेट में पित्त जूस को डिस्टर्ब हो जाता है जिससे डाइजेशन पर नेगेटिव असर होता है. चाय में मौजूद टैनिन्स खाली पेट मतली और जलन पैदा कर सकते हैं जो इनडायरेक्टली किडनी के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं. ब्लैक टी या मिल्क टी, क्या अधिक खतरनाक? रिसर्च के मुताबिक, अगर आप पहले से ही किडनी की किसी बीमारी (CKD) से जूझ रहे हैं तो चाय का समय बहुत मायने रखता है. किडनी न्यूट्रिशन इंस्टीट्यूट का कहना है, किडनी के मामले में दूध वाली चाय थोड़ी कम रिस्की हो जाती है. इसका कारण यह है कि दूध में मौजूद कैल्शियम, चाय के ऑक्सालेट्स के साथ पेट और आंतों में ही जुड़ जाता है. इससे ऑक्सालेट्स किडनी तक पहुंचने से पहले ही शरीर के टॉक्सिन्स के साथ बाहर निकल जाते हैं. भोजन या डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ ऑक्सालेट वाली चीजें लेना किडनी स्टोन के खतरे को कम करता है.  

गर्मियों से राहत की खबर: पंजाब में बारिश और तेज हवाओं के साथ तापमान में गिरावट

चंडीगढ़   पंजाब और चंडीगढ़ में रविवार से मौसम का मिजाज बदल गया है। सुबह से तेज हवाएं चलने के साथ कई इलाकों में बादल छाए रहे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 11 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए धूल भरी आंधी, गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के मुताबिक 14 मई तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। इस बदलाव से लोगों को तेज गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि कुछ जिलों में तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। फरीदकोट बना सबसे गर्म जिला पंजाब में पिछले कई दिनों बाद तापमान फिर 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। फरीदकोट सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बठिंडा में 40.9 डिग्री, फाजिल्का में 39 डिग्री और फिरोजपुर में 37.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला और चंडीगढ़ समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, लेकिन दिन के समय गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत तापमान अभी भी सामान्य से करीब 2.8 डिग्री नीचे है। फरीदकोट में तापमान में सबसे ज्यादा 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं बठिंडा और एसबीएस नगर में भी तापमान बढ़ा है। दूसरी ओर रोपड़, पटियाला और चंडीगढ़ में हल्की गिरावट देखने को मिली। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। माझा और दोआबा क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला और मोहाली में तेज आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। चंडीगढ़ और मोहाली एयरपोर्ट क्षेत्र में भी मौसम तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में अचानक तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं, जिससे विजिबिलिटी भी प्रभावित हो सकती है। मालवा बेल्ट में बारिश के आसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदला मौसम तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा और संगरूर समेत मालवा क्षेत्र के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियों से खेतों और खुले इलाकों में धूल कम होगी और तापमान में राहत महसूस की जाएगी। हालांकि किसानों को तेज हवाओं और बिजली गिरने के दौरान सतर्क रहने को कहा गया है। कई जिलों में रविवार रात से ही बादल छाने शुरू हो गए थे। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। यह सिस्टम शनिवार रात पहाड़ी इलाकों तक पहुंचा, जिसके बाद पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट ली। विशेषज्ञों के मुताबिक इसी सिस्टम के कारण 11 मई की रात और 12 मई की सुबह कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग का मानना है कि यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में अस्थायी राहत मिलेगी। 14 मई तक जारी रहेगा बदला हुआ मौसम मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 14 मई तक पंजाब के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे शुष्क हो सकता है। अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। 11 मई को कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 12 से 14 मई के बीच हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बदलेगा मौसम विभाग की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 11 मई से मौसम करवट ले रहा है। इसके चलते कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है। जानें किस शहर में कैसा रहेगा मौसम- 11 मई- अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, एसएएस नगर, लुधियाना, संगरूर, पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा और फिरोजपुर सहित कई जिलों में ओरेंज व यलो अलर्ट जारी किया गया है। 12 मई- अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बठिंडा, मानसा, संगरूर, होशियारपुर और पठानकोट सहित कई जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। 13 मई-  गुरदासपुर, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, नवांशहर, एसएएस नगर और पटियाला जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। 14 मई– गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, कपूरथला और जालंधर जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है। अलर्ट के दौरान बरतें सावधानियां सुरक्षित स्थानों पर रहें: तेज आंधी और बारिश के दौरान घरों से बाहर न निकलें, जब तूफान की तीव्रता अधिक हो। बिजली के खंभों/पेड़ों से बचें: पेड़, बिजली के खंभे, कच्चे मकान या कमजोर ढांचों (होर्डिंग) के नीचे आश्रय न लें, क्योंकि तेज हवा में इनके गिरने का खतरा है। यात्रा में सावधानी: खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा टालें, खासकर पहाड़ी इलाकों में, जहां भूस्खलन का जोखिम हो सकता है। बिजली के उपकरण बंद करें: तूफान और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग (बंद) कर दें ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे।

लू से जनजीवन प्रभावित, जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात, अगले दिनों में 48 डिग्री तक तापमान की आशंका

जैसलमेर देशभर में सबसे गर्म राजस्थान का रेगिस्तान बुरी तरह तप रहा है. जैसलमेर भी भीषण गर्मी की चपेट में है. सूरज की तेज तपिश और गर्म हवाओं ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है. तापमान 46 डिग्री के पार होने के साथ ही मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. गर्मी का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि मोबाइल फोन भी गर्मी के चलते ओवरहीट होकर बंद हो रहे है. शहर के चौराहों पर जब हमारी टीम कवरेज कर रही थी तो मोबाइल तक बंद होते नजर आए. मुश्किल यही खत्म नहीं होगी, बल्कि अगले 4 दिनों के भीतर पारा 48 डिग्री तक पहुंच सकता है. लगातार बढ़ता तापमान लोगों को परेशान कर रहा है.   50 डिग्री जैसी गर्मी का अहसास…! भीषण गर्मी के बीच दोपहर में जैसलमेर में कर्फ्यू जैसे हालात नजर आते है. लोगों का कहना है कि तापमान 46 से 47 डिग्री तापमान पहुंच गया है, लेकिन एहसास 50 डिग्री जैसा हो रहा है. गर्मी से बचने के जतन विफल हो गए है. अगले 96 घंटे जैसलमेर में लू की चेतावनी के साथ ही स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं. बाजार-सड़कों पर पसरा सन्नाटा सुबह 10 बजे के बाद से गर्म हवाएं चलना शुरू हो जाती हैं, जिसका शाम 7-8 बजे तक रहता है. लगातार बढ़ती गर्मी और तीखी धूप से बाजारों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. दोपहर के समय लोग घरों में रहने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य विभाग की अपील जान लीजिए लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. पशुपालन विभाग ने भी पशुपालकों को अलर्ट जारी करते हुए पशुओं को छांव में रखने, पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और दोपहर में चराई से बचाने की अपील की है.

चीन ने 6G रेस में बढ़ाई रफ्तार, 6GHz बैंड ट्रायल को मिली मंजूरी

रोबोट और एआई के बाद अब चीन 6G की रेस में सबसे आगे निकलने की तैयारी में है। ऐसा हम इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि चीन के टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर ने एक अहम कदम उठाया है। चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 6G के मोबाइल संचार सिस्टम के लिए टेस्ट फ्रीक्वेंसी के इस्तेमाल को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। MIIT के अनुसार, उसने IMT-2030 (6G) प्रमोशन ग्रुप को 6GHz बैंड के लिए ट्रायल फ्रीक्वेंसी इस्तेमाल करने का परमिट दे दिया है। इससे चीन के चुनिंदा इलाकों में तकनीकी ट्रायल किए जा सकेंगे। इस मंजूरी का मकसद चीन में 6G टेक्नोलॉजी पर रिसर्च और औद्योगिक लेवल पर उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। 6G डेवलपमेंट को मिलेगा बढ़ावा Xinhua न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह टेस्टिंग उन खास कामों पर आधारित होगी, जिन्हें इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) ने 6G नेटवर्क के लिए जरूरी माना है। इनमें बहुत हाई डेटा स्पीड, बहुत कम लेटेंसी (देरी), बड़े पैमाने पर कनेक्टिविटी और इंटीग्रेटेड सेंसिंग शामिल हैं। इस फेज में डेवलपर्स तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए R&D (रिसर्च और डेवलपमेंट) और वेरिफिकेशन टेस्टिंग करेंगे। MIIT ने एक बयान में कहा कि इन टेस्ट फ्रीक्वेंसी को मिली मंजूरी से चीन में 6G के हाई क्वालिटी वाले डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश यह टेस्टिंग उन खास कामों पर आधारित होगी, जिन्हें इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) ने 6G नेटवर्क के लिए जरूरी माना है। चीन IMT-2030 प्रमोशन ग्रुप के जरिए 6G रिसर्च को तेजी से आगे बढ़ाने में लगा हुआ है। IMT-2030 प्रमोशन ग्रुप एक खास इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म है, जिसमें बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर, इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियां, शिक्षण संस्थान और रिसर्च इंस्टीट्यूट शामिल हैं। ये नए ट्रायल लाइसेंस चीन द्वारा पहले 5G लॉन्च करने और अभी चल रहे 5G एडवांस्ड डिप्लॉयमेंट के बाद एक अहम पड़ाव हैं। 6G का मतलब सिर्फ हाई स्पीड इंटरनेट नहीं- ज्योतिरादित्य सिंधिया भारत की बात करें तो मार्च में टेलीकॉम मानकीकरण पर एक इंटरनेशनल वर्कशॉप में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था कि 6G सिर्फ तेज स्पीड और कम लेटेंसी तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इमर्सिव टेक्नोलॉजी और रियल-टाइम कनेक्टिविटी से पावर्ड "इंटेलिजेंट इंटरनेट ऑफ एवरीथिंग" को संभव बनाएगा उनका कहना था कि 6G का मतलब सिर्फ स्पीड और लेटेंसी में जबरदस्त बढ़ोतरी करना ही नहीं है। यह इंटेलिजेंस, इमर्सिवनेस और असीमित संभावनाओं की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। भारत में किस बात का इंतजार मंत्री ने कहा कि भारत 6G के विकास में खुद को सबसे आगे रखने के लिए एक्टिव होकर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत 6G IPR में सबसे आगे है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि 6G स्पेक्ट्रम के आवंटन का फैसला ITU और 3GPP करेंगे। यह फैसला अभी बाकी है और मानकीकरण की प्रोसेस पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।  

मिट्टी डालकर एक्सप्रेसवे रोका गया, पटियाला में NHAI ने तुरंत खुलवाया दिल्ली-कटरा मार्ग

पटियाला  केंद्र सरकार द्वारा भारत माला परियोजना के तहत निर्मित दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को नेश्नल हाईवे अथॉरटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा जेसीबी की मदद से आज रविवार को खुलवा दिया गया। इससे पहले यहां गांव गुलजारपुरा ठरुआ से घग्गा तक शरारती तत्वों द्वारा टिप्परों से मिट्टी डालकर यह एक्सप्रेसवे बंद कर दिया गया था। रात में अचानक बंद होने के कारण एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। शनिवार रात को बंद किए गए एक्सप्रेसवे को एनएचएआई अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से फिर से खोल दिया। जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे पर मिट्टी फेंककर अवरुद्ध की गई सड़क को खोलने के लिए पहुंचे एनएचएआई के एसडीओ सलमान हकीम और चंद्र कुमार ने बताया कि जांच के बाद एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है और इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इसे अवैध रूप से बंद करके यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एनएचएआई ने पंजाब के प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी घटना के कई बार पत्र लिखे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विभाग केवल पत्र लिखकर ही उच्चाधिकारियों को सूचित कर सकता है, जबकि कार्रवाई पुलिस प्रशासन को करनी होती है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के हलका प्रभारी नारायण सिंह नरसोत और उनकी पूरी टीम ने कुछ शरारती तत्वों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यों को अंजाम देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने इस मामले को भाजपा नेता और पूर्व विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर के नोटिस में लाया है। सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष जगजीत सिंह गलोली ने कहा कि सड़क बनकर तैयार है, लेकिन कुछ लोग निजी लाभ के लिए इसे बंद कर रहे हैं और आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इलाके के लोगों ने खुद कई बार बंद एक्सप्रेसवे को खुलवाया है, लेकिन इसे बंद करने वाले लोग उनकी मदद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। अंत में, उन्हें एनएचएआई से शिकायत करनी पड़ी। डीएसपी पातड़ां गुरदीप सिंह संधू ने बताया कि एक्सप्रेसवे बंद करने के मामले में एसडीएम पातड़ां काला राम कंसल से परामर्श करने के बाद एक्सप्रेसवे को खोलने के लिए तुरंत कर्मचारियों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई फिर भी एक्सप्रेसवे को बंद करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष निरंकार सिंह संधू, मंडल अध्यक्ष प्रेम चंद कंसल, जिला सचिव रमेश बत्रा, मन्ना राम, हरबंस लाल कलवाणु, केवल कृष्ण अतालां आदि मौजूद रहे।  

इंडेन, HPCL और भारत गैस का एलपीजी डिलीवरी पर ताजा अपडेट, जानें क्या बदला

नई दिल्ली एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब 100 पर्सेंट DAC कोड के जरिए होने लगी है। इससे एक भी सिलेंडर का दाएं-बाएं होना अब मुश्किल है। LPG सिलेंडर के डिस्ट्रीब्यूशन और सही उपभोक्ता तक उसकी पहुंच के लिए यह सिस्टम बेहद सुरक्षित है। हालांकि, फेक DAC कोड के जरिए लोगों को लूटने के लिए साइबर फ्रॉड भी सक्रिय हो गए हैं। LPG सिलेंडर सप्लाई करने वाली कंपनियों ने DAC को लेकर अपडेट जारी की हैं। आइए देखें किसने क्या कहा और आगे खबर में यह भी जानेंगे कि असली और फेक DAC की पहचान कैसे करें? असली और फेक DAC कोड की कैसे करें पहचान LPG डिलीवरी मैसेज की पहचान को लेकर एचपीसीएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि स्कैमर्स LPG डिलीवरी के नाम पर फर्जी मैसेज भेज सकते हैं, लेकिन असली HP Gas मैसेज की पहचान जानकर आप सुरक्षित रह सकते हैं। Delivery Authentication Code साझा करने से पहले हमेशा जांच करें। इस पोस्ट में कंपनी ने आगे लिखा है, "मैसेज आधिकारिक sender name “VM-HPGASc-S” से आया हो। उसमें 4 अंकों का OTP हो और OTP केवल सिलेंडर डिलीवरी के समय ही इस्तेमाल किया जाए। ध्यान रखें, HP Gas के कर्मचारी कभी भी फोन कॉल, WhatsApp या किसी संदिग्ध लिंक के जरिए OTP नहीं मांगते। अगर मैसेज जल्दबाजी में कार्रवाई करने को कहे, अजीब लगे या अलग फॉर्मेट में हो, तो उस पर भरोसा न करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। HP Gas के साथ साइबर फ्रॉड से बचें।" इसी तरह की अपील भारत गैस ने भी की है। इंडेन के उपभोक्ताओं के लिए क्या है जरूरी साइबर एक्सपर्ट उपेंद्र सिंह बताते हैं कि इंडेन के मैसेज को उदाहरण के साथ बताते हैं कि सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि आपने सिलेंडर बुक कराया था या नहीं। अगर बिना बुक कराए कोई डिलीवरी मैसेज है तो उसपर ध्यान न दें। अगर बुक कराया तो यह देखें कि मैसेज किसी आधिकारिक सेंडर ID (जैसे VK-INDANE, VM-INDANE आदि) से आया हैं कि नहीं। इसके बाद यह देखें कि मैसेज में बुकिंग या इनवायस नंबर दिया गया है या नहीं और 6 अंकों का DAC Code है और इसे केवल डिलीवरी बॉय को शेयर करने की बात कही गई है या नहीं। अंत में Indane का नाम है या नहीं। DAC/OTP केवल तब शेयर करें जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर पहुंच जाए। उससे पहले कभी साझा न करें। एलपीजी सिलेंडर के क्या हैं आज के रेट इंडेन के मुताबिक बेंगलुरु में घरेलू ₹915.50 और कमर्शियल ₹3152 में बिक रहा है। हैदराबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट ₹965 और कमर्शियल ₹3315 है। इंदौर में घरेलू सिलेंडर 941 रुपये का है और कमर्शियल 3176.5 रुपये का। रायपुर में घरेलू सिलेंडर 984.5 रुपये और कमर्शियल 3294.5 रुपये में है। पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1002.50 और कमर्शियल ₹3346.5 का है। जयपुर में एलपीजी घरेलू सिलेंडर ₹916.5 और 19 किलो वाला कमर्शियल ₹3099 में बिक रहा है। देहरादून में घरेलू सिलेंडर ₹932 और कमर्शियल ₹3129 का है। अंडमान में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के रेट ₹989 हैं तो कमर्शियल के ₹3490 है।