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पथ निर्माण विभाग का बड़ा फैसला, 185 अभियंताओं को मिलेगा करोड़ों का वेतन लाभ

 रांची  वित्तीय वर्ष 2022-23 में नियुक्त सहायक अभियंताओं को लगभग चार वर्षों के बाद विनियमन का फायदा देने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग ने आदेश जारी भी कर दिया गया है लेकिन, यह आदेश वित्त विभाग की ओर से जारी आपत्ति को दरकिनार कर निकाला गया है। अब सहायक अभियंताओं को विनियमन का लाभ मिलता है तो खजाने से करोड़ों की राशि निकल जाएगी। जेपीएससी के माध्यम से बहाल 185 सहायक अभियंताओं को 23 दिनों से लेकर 125 दिनों तक का वेतन बैठे-बिठाए मिलेगा। पूरी सूची में कुल मिलाकर चार लोग ही ऐसे हैं जिन्हें एक भी दिन के विनियमन का लाभ नहीं मिलेगा। झारखंड में सरकार की आंख में धूल झोंककर गबन करनेवाले कर्मियों का एक और कारनामा सामने आया है। राज्य में लगभग तीन वर्ष पूर्व नियुक्त सहायक अभियंताओं की नियुक्ति के साथ शर्त यह थी कि उन्हें प्रभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन मिलेगा। कुछ कर्मियों ने पत्र जारी होने के साथ ही प्रभार ग्रहण कर लिया और कुछ अन्य को सेवा आवंटित होने में तीन-चार महीने का समय लग गया। इसके बाद वेतन के भुगतान काे लेकर सहायक अभियंताओं ने अपने विभाग से लेकर वित्त विभाग तक दौड़ लगाई। लंबे प्रयास के बावजूद वित्त विभाग ने पूर्व से निर्धारित सेवा शर्तों का हवाला देते हुए अभियंताओं की इस मांग का ठुकरा दिया और उनके मूल विभाग को भी आपत्ति की जानकारी दे दी। इसके बाद कई अभियंता कोर्ट भी गए लेकिन उनको अभी तक राहत नहीं मिली। इस बीच पथ निर्माण विभाग के द्वारा न्यायालय में लिए गए विभागीय निर्णय के विपरीत यूटर्न लेते हुए वित्त विभाग की सहमति के बगैर अपने स्तर से भुगतान का आदेश निर्गत कर दिया गया। इसके तहत जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि कोर्ट के निर्णय से फैसला प्रभावित होगा। हास्यास्पद यह है कि पथ निर्माण विभाग उच्च न्यायालय में अपील में भी गया हुआ है और वो मांग भी न्यायालय के बाहर ही पूरा कर दिया। सेवा शर्त में योगदान देने की तिथि से वेतन भुगतान की बात सहायक अभियंताओं की नियुक्ति के लिए विभाग की ओर से जारी सेवा शर्तों में स्पष्ट तौर पर उल्लेख है कि पदभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन एवं भत्ता मिलेगा। आदेश की कंडिका 12 के अनुसार सेवा संहिता के नियम -58 एवं वित्तीय नियमावली के नियम 74 के तहत वेतन एवं भत्ता पदभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा। इस बीच, अभियंताओं ने लगातार प्रयास कर इस पत्र के इस अंश को संशोधित करवा लिया और नया आदेश जारी करवाया। नवंबर 2022 को जारी हुई थी अधिसूचना, मार्च में नियुक्त हुए सहायक अभियंताओं की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना 14 नवंबर 2022 को जारी हुई थी। इसके कुछ दिनों के बाद इन अभियंताओं को पथ निर्माण विभाग में नियुक्ति का निर्देश मार्च 2023 में जारी किया गया है। इस आदेश के बाद लगभग 5 करोड़ रुपये तक का भुगतान करना पड़ेगा। डोरंडा में ज्वाइन करने को 30 दिन और साहेबगंज के लिए एक दिन का समय इन सहायक अभियंताओं को डोरंडा में ज्वाइन करने के लिए तीस दिनों का समय दिया गया तो साहिबगंज में ज्वाइन करने के लिए एक दिन का समय दिया गया। ज्ञात हो कि डोरंडा राजधानी के बीचों बीच है और विभाग से चंद किमी की दूरी पर है जबकि साहिबगंज एक तरह से झारखंड का अंतिम छोर है। वित्त विभाग की ओर से पूर्व में निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम सात दिनों में ज्वाइन करने का प्रविधान है लेकिन कर्मियों को एक महीने का समय दिया गया है। आश्चर्यजनक है कि कुछ अभियंताओं की पोस्टिंग योगदान दिये बिना ही कर दी गई है।

बाजार में जोरदार गिरावट: सेंसेक्स 76,015, निफ्टी 360 अंक नीचे

मुंबई  घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। BSE Sensex 1000 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 23,900 के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,312.91 अंक गिरकर 76,015.28 पर और निफ्टी 360.30  अंक टूटकर 23,815.85 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें 1. कच्चे तेल में तेज उछाल अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनने से वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया। इसके बाद ब्रेंट क्रूड करीब 4% उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ सकता है। 2. रुपए पर दबाव तेल महंगा होने और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते भारतीय रुपया भी दबाव में आ गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI को रुपए को संभालने के लिए बाजार में दखल देना पड़ा। 3. गोल्ड और एविएशन शेयरों में भारी गिरावट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राएं टालने की अपील की। इसके बाद ज्वैलरी और एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। Titan Company, Kalyan Jewellers और InterGlobe Aviation जैसे शेयर दबाव में रहे। 4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बढ़ते तेल दाम, कमजोर रुपया और वैश्विक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। 5. इंडिया VIX में उछाल बाजार की घबराहट मापने वाला India VIX करीब 12% बढ़कर 18.82 तक पहुंच गया। इसका मतलब है कि निवेशकों में डर और अनिश्चितता तेजी से बढ़ी है।

ओबीसी आयोग रिपोर्ट और संसाधन कमी का हवाला, पंचायत चुनाव टालने पर अर्जी पर बहस

जयपुर पंचायत-निकाय चुनाव के मामले में हाईकोर्ट सोमवार (11 मई) को सुनवाई करेगा. राज्य सरकार की ओर से 6 महीने के लिए चुनाव टालने को लेकर दलील दी जा चुकी है. सरकार ने कोर्ट में आवेदन दाखिल करते हुए था कि मौजूदा परिस्थितियों में दिसंबर से पहले चुनाव कराना संभव नहीं है. इस तर्क के साथ समय बढ़ाने की अर्जी दायर की गई थी. वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग भी भजनलाल सरकार के तर्क के पक्ष में है. दिसंबर तक कई परिषद का कार्यकाल होगा खत्म सरकार की ओर से कहा गया कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. उस अवधि के बाद चुनाव कराना ज्यादा उचित होगा. सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला दिया था. साथ ही  प्रार्थना पत्र में स्कूल स्टाफ, ईवीएम और अन्य संसाधनों की उपलब्धता के भी तर्क जोड़े गए. 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के दिए थे निर्देश पिछले कई महीनों से पंचायत-निकाय चुनाव के मामले में कानूनी दांव-पेंच जारी है. हाईकोर्ट ने पहले सरकार को 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. उस वक्त भी सरकार ने समय सीमा के भीतर चुनाव कराने में असमर्थता जताई थी. एक बार फिर चुनाव टालने की अर्जी दायर होने के बाद आज की सुनवाई अहम होगी.  

चेन्नई-बेंगलुरु की जीत का बड़ा असर, पॉइंट्स टेबल में RCB टॉप पर

 नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में 10 मई (रविवार) को दो अहम मुकाबले खेले गए. पहला मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला गया. इस मुकाबले को चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 विकेट से अपने नाम कर लखनऊ सुपर जायंट्स को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया. वहीं दूसरा मुकाबला रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ( RCB) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच खेला  गया. इस रोमांचक मुकाबले को आरसीबी ने 2 विकेट बाकी रहते आखिरी गेंद पर अपने नाम किया. इस हार ने मुंबई इंडियंस को प्लेऑफ की रेस से पूरी तरह आउट कर दिया. RCB-SRH सबसे आगे, CSK का भी कमबैक चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की इन जीतों ने प्लेऑफ की रेस को और भी दिलचस्प बना दिया है. अब सिर्फ 8 टीमें प्लेऑफ की रेस में बनी हुई है. पिछले साल की चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अंक तालिका में 14 पॉइंट्स के साथ शीर्ष पर है. आरसीबी की इस जीत ने उनकी प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना को 94.82% कर दिया है. आरसीबी के +1.103 नेट रनरेट के साथ टॉप-2 में फिनिश करने की संभावना अब 63.41% तक पहुंच गई है. आरसीबी यदि बाकी के तीन में से दो मुकाबले जीतती है तो वो टॉप-2 में फिनिश कर सकती है. वहीं आरसीबी की इस जीत ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को अंक तालिका में दूसरे पायदान पर पहुंचा दिया. सनराइजर्स हैदराबाद के 11 मैचों में +0.737 नेट रनरेट के साथ 14 पॉइंट्स हैं और उसकी प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 91.74% है और टॉप-2 में फिनिश करनी की उम्मीद 58.66% है. गुजरात टाइटन्स (GT) ने  राजस्थान रॉयल्स (RR) को जयपुर में हराकर अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है. यह टीम अंक तालिका में 14 पॉइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर है. गुजरात टाइटन्स की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 87.53% और टॉप-2 में फिनिश करने की उम्मीद 54.11 प्रतिशत है. पंजाब किंग्स (PBKS) की लगातार तीसरी हार ने उसको अंक तालिका में 13 पॉइंट्स के साथ चौथे पायदान पर ला खड़ा कर दिया है. हालांकि  84.69% की संभावना के साथ पंजाब प्लेऑफ में पहुंचने की बेहद मज़बूत दावेदार है. लगातार तीन हार के बाद भी पंजाब किंग्स लगभग 50% संभावना के साथ टॉप-2 में फिनिश कर सकती है. वहीं चेन्नई सुपर किंग्स की लगातार तीसरी जीत ने उसकी प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना को 58.47% कर दिया है. चेन्नई अंक तालिका में +0.185  नेट रनरेट के साथ 5 वें पायदान पर है. चेन्नई के 11 मैचों में 12 पॉइंट्स हैं और प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए उसके लिए सभी 3 मैच महत्वपूर्ण हैं. राजस्थान रॉयल्स की पिछले 4 मैचों में 3 हार ने उसको 11 मैचों में 12 पॉइंट्स के साथ अंक तालिका में 6 वें पायदान पर खड़ा कर दिया है. आरआर की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना 54.33% है. राजस्थान रॉयल्स को अपने अगले 3 मैच दिल्ली कैपिटल्स (DC), लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस के साथ खेलने हैं. दिल्ली-कोलकाता की भी उम्मीदें कायम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) लगभग 20% संभावना के साथ अभी भी प्लेऑफ में अपनी जगह बना सकती है. कोलकाता ने लगातार 4 मैच जीत कर अपनी प्लेऑफ की रेस को बरकरार रखा हुआ है. कोलकाता के 10 मैचों में 9 पॉइंट्स हैं और उसे बाकी 4 मुकाबलों मे कम से कम 3 मैच जीतने ही होंगे. कोलकाता का मौजूदा नेट रनरेट -0.169 है. दिल्ली कैपिटल्स भी अपने आखिरी 2 अहम मुकाबले चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स से हारकर पॉइंट्स टेबल में 8वें पायदान पर पहुंच गई  है. दिल्ली का मौजूदा नेट रनरेट (-1.154) बेहद खराब है, और प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना महज 8.41% ही  है. दिल्ली को अपने बचे 3 मैच ना सिर्फ जीतने होंगे, बल्कि अच्छे अंतर से दूसरी टीमों को हराना भी  होगा.

10 वीं का पंजाब बोर्ड रिजल्ट घोषित, हरलीन शर्मा के साथ 94.52% छात्रों ने पास किया परीक्षा

चंडीगढ़   पंजाब मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए छात्रों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) ने सोमवार को कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए। पंजाब बोर्ड की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, इस वर्ष रेगुलर छात्रों का पास प्रतिशत 94.52 रहा जबकि ओपन स्कूल का 58.61 फीसदी दर्ज किया गया है। ऐसे में जो छात्र-छात्राएं इस वर्ष पंजाब 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल हुए थे और रिजल्ट जारी होने का इंतजार कर रहे थे, वे अब आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर ऐप के माध्यम से अपना परिणाम चेक करने के साथ स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। पंजाब बोर्ड की परीक्षा में एक बार फिर से लड़कियों ने बाजी मारते हुए 95.96 फीसदी पास प्रतिशत के साथ लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, लड़कों का पास प्रतिशत 93.23 फीसदी रहा। हरलीन शर्मा ने 99.38 प्रतिशत अंक के साथ पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त करके टॉप किया है। वहीं, दूसरे स्थान पर 99.23 प्रतिशत अंक के साथ मनिमहेश शर्मा और तीसरे स्थान पर रिया रानी ने 99.23 प्रतिशत अंक हासिल किए। पंजाब बोर्ड 10वीं की परीक्षा में इस वर्ष कुल 2,69,505 छात्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जिनमें 1,27,753 छात्राएं और 1,41,746 छात्र शामिल थे। वहीं, जारी परिणाम के अनुसार, परीक्षा में कुल 2,54,744 स्टूडेंट्स पास हुए हैं, जिनमें 1,22,595 छात्राएं और 1,32,143 छात्र शामिल हैं। पंजाब 10वीं बोर्ड परिणाम चेक करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। होमपेज पर जाने के बाद 'मैट्रिक परीक्षा परिणाम मार्च 2026' लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा; वहां अपना नाम और रोल नंबर दर्ज करें। फिर रिजल्ट आपके स्क्रीन पर खुल जाएगा। नतीजा देखने के बाद मार्कशीट डाउनलोड कर लें। भविष्य के लिए मार्कशीट का प्रिंट आउट निकाल लें। बता दें कि पिछले वर्ष पंजाब 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 2,69,505 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें 2,54,744 छात्र 94.52 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुए थे। वहीं, इससे पिछले वर्ष 2,77,746 स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से कुल 2,65,548 छात्र 95.61 प्रतिशत के साथ उत्तीर्ण हुए थे।

शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति सुधार की तैयारी, 100 करोड़ की लागत से पाइपलाइन विस्तार

 रांची  राज्य के शहरी इलाकों में पेयजल स्वच्छता विभाग जलापूर्ति के लिए घरों तक पाइप लाइन बिछा चुका है। हालांकि कई शहरों में नए बसे क्षेत्र या नगर निगम की सीमा पर स्थित मोहल्लों में पाइप लाइन नहीं पहुंचाया जा सका है। अब नगर विकास विभाग और पेयजल स्वच्छता विभाग ने शहरों के बचे हुए क्षेत्र में भी पाइप लाइन बिछाने और साल के अंत तक घरों में पानी पहुंचाने की योजना बनाई है। इसके लिए 100 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। बचे हुए तीन लाख घरों तक पानी पहुंचाने के अलावा इस पाइप लाइन में विस्तार की संभावना भी है। राज्य सरकार अपने बजट से यह योजना पूर्ण करेगी। नगर निकायों से इसके लिए लिस्ट सौंपने को कहा गया है। जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुका है, वहां भी जल्द ही जलापूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी। अमृत योजना पूर्ण होने पर आठ लाख घरों तक पहुंचेगा पानी राज्य में अमृत- एक और अमृत- दो के अलावा सुनिश्चित जल सुविधा की योजना चल रही है। इस साल तीनों योजनाओं के लिए पर्याप्त फंड भी उपलब्ध है। इसके पूर्ण होने पर आठ लाख नए घरों तक पानी पहुंचने लगेगा। केंद्र सरकार ने इन योजनाओं के अगले चरण की प्रारंभिक रिपोर्ट भी मांगी है। तीनों योजनाओं के पूर्ण होने के बाद इसका विस्तार भी किया जाएगा बरसात में जल की शुद्धता बनाए रखना चुनौती पेयजल स्वच्छता विभाग ने बारिश के बाद भूगर्भ जल में होने वाले प्रदूषण मानकों की जांच के लिए जिला स्तर पर तैयारियां की हैं। इसके अलावा खुले जल स्रोत की भी जांच की जाएगी। जल सहियाओं को इसके लिए किट उपलब्ध कराए गए हैं। जल में किसी तरह के प्रदूषण की जानकारी होने पर स्थानीय निकाय इसकी जगह दूसरे स्रोत से आपूर्ति की व्यवस्था करेंगे।  

कस्टम विभाग ने अमृतसर में पकड़ा 25 किलो MDMA, सॉफ्ट टॉय में छिपाकर लाया गया

अमृतसर  अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने कार्रवाई करते हुए एक यात्री को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 25.25 किलोग्राम संदिग्ध नशीली टैबलेट्स बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई एपीआईयू प्रोफाइलिंग के आधार पर की गई।  जानकारी के अनुसार यात्री कंबोडिया से कुआलालंपुर के रास्ते फ्लाइट संख्या एमएच-118 से अमृतसर पहुंचा था। संदेह होने पर कस्टम अधिकारियों ने उसे रोककर सामान की जांच की। एक्स-रे स्कैनिंग और तलाशी के दौरान अधिकारियों को चार सॉफ्ट टॉय के अंदर छिपाकर रखी गई टैबलेट्स मिलीं। आरोपी ने खिलौनों को इस तरह तैयार किया था कि अंदर पैकेट छिपाए जा सकें। अधिकारियों के मुताबिक बरामद टैबलेट्स का कुल वजन करीब 25.25 किलोग्राम है। प्रारंभिक जांच में इन टैबलेट्स के मेथिलीनडाइऑक्सीमेथामफेटामाइन (एमडीएमए) होने का संदेह जताया गया है, जो एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थ है। कस्टम विभाग ने बरामद माल को जब्त कर आरोपी यात्री को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क और इस खेप के पूरे रूट को लेकर भी जांच की जा रही है। 

ममता की मुश्किलें बढ़ीं: कांग्रेस और लेफ्ट ने BJP विरोधी सहयोग से किया इनकार

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद सत्ता गंवाने वालीं ममता बनर्जी ने भाजपा के खिलाफ विपक्ष की एकता का आह्वान किया था। लेकिन अब उनके इस आह्वान को कांग्रेस और वाम दलों ने सिरे से खारिज कर दिया है। सीपीआई (एम) ने साफ किया है कि वह किसी भी ऐसी पार्टी के साथ मंच साझा नहीं करेंगे, जो कि अपराध, जबरन वसूली और भ्रष्ट हों। वहीं कांग्रेस ने ममता बनर्जी द्वारा अति-वामपंथियों के साथ जाने वाली बात पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस प्रवक्ता सौम्य आइच राय ने ममता बनर्जी के विपक्षी एकता के आह्वान पर सबसे पहले प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमें अपने कानों पर विश्वास नहीं हो रहा है। आपने (ममता बनर्जी ने) राष्ट्रीय दलों को, कांग्रेस और वाम और अति-वामपंथियों को एक साथ शामिल होने का निमंत्रण दिया है। अति वामपंथियों से आपका क्या तात्पर्य है? क्या आपका मतलब माओवादियों से है, जिन्होंने 25 मई, 2013 को छत्तीसगढ़ में 18 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी थी?” सीपीआई (एल) का भी इनकार कांग्रेस के बाद सीपीआई (एल) के सचिव मोहम्मद सलीम बनर्जी ने ममता बनर्जी के प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी के साथ हम बिलकुल नहीं जाएंगे। हम ऐसी किसी भी अपराधी, जबरन वसूली करने वाली भ्रष्ट और सांप्रदायिक व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेंगे। हम जनता और हाशिए पर खड़े लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।" आपको बता दें, अपनी पूरी राजनीति कांग्रेस और वामपंथियों के विरोध पर खड़ी करने वाली ममता बनर्जी ने इसी दम पर बंगाल में 15 साल तक शासन चलाया है। लेकिन विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद टीएमसी प्रमुख ने इन सभी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान दे दिया। ममता ने किया था एकता का आह्वान शनिवार को बंगाल में सुभेंदु अधिकारी की सत्ता आने के बाद ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश जारी करके विपक्षी एकता का आह्वान किया था। उन्होंने कहा, "मैं बंगाल के सभी विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और गैर सरकारी संगठनों से भाजपा के खिलाफ एकजुट होने का आग्रह करती हूं। भाजपा का विरोध करने वाले सभी राजनीतिक दलों के साथ एक संयुक्त मंच बनाया जा सकता है।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय दलों के साथ-साथ, मैं वामपंथियों और अति-वामपंथियों से भी बंगाल और दिल्ली में एकजुट होने का आग्रह करती हूं। अगर कोई राजनीतिक दल मुझसे बात करना चाहता है, तो मैं उपलब्ध हूं। यह याद रखना चाहिए कि हमारा पहला दुश्मन भाजपा है।" पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा विपक्षी एकता का यह आह्वान राज्य की सच्चाई को प्रदर्शित करता है। पिछले एक दशक में भाजपा के उदय ने ममता बनर्जी को उन्हीं वाम दलों से सहयोग मांगने के लिए मजबूर कर दिया, जिनका तीन दशक पुराना ढहाकर उन्होंने सत्ता हासिल की थी। भले ही ममता ऊपरी स्तर पर इस विपक्षी एकता के सपने देख रही हैं, लेकिन ऐसा होना आसान नहीं है। क्योंकि न तो कांग्रेस और न ही वाम दल ममता सरकार से खुश नजर आए थे। पश्चिम बंगाल में निचले स्तर पर वाम दलों के कार्यकर्ताओं और टीएमसी के कार्यकर्ताओं का खूनी संघर्ष अभी भी लोगों को याद है। ऐसे में भले ही ममता बनर्जी भाजपा के हिंदुत्व कार्ड का जवाब देने के लिए तृणमूल और लाल झंडे को एक साथ लाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन ऐसा होना आसान नहीं है, क्योंकि वह ममता ही थीं, जिन्होंने बंगाल से वामपंथ को उखाड़ फेंका था। विधानसभा चुनाव में वामपंथ ज्यादातर सीटों पर अपनी जमानत भी नहीं बचा पाया है।

इंदौर में भयावह हादसा, 5 बसें जलकर खाक, 4 धमाकों से मचा हड़कंप, चश्मदीद बोले – गैस सिलेंडर फटा

इंदौर इंदौर के तीन इमली चौराहे पर सोमवार दोपहर को बड़ा हादसा हो गया। यहां खड़ी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार से पांच बसें उसकी चपेट में आ गईं। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। काफी ऊंचाई तक उठी आग की लपटें प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठती दिखाई दीं, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। शॉर्ट सर्किट की आशंका  प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि आग लगने की असली वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। घटना में फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पार्किंग में 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह एक बस में मरम्मत का काम किया जा रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग के दौरान बस ने आग पकड़ ली। कुछ ही देर में लपटें एक के बाद एक पांच बसों तक पहुंच गई।स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हादसे के वक्त मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आनन-फानन में इन्हें यहां से हटाया गया। आसपास रिहायशी बस्ती होने की वजह से लोगों में घबराहट फैल गई। वे घरों से बाहर निकल आए। इंदौर के नवलखा की घटना  घटना इंदौर के नवलखा इलाके की बताई जा रही है. यहां पर बसों की पार्किंग होती है, साथ बसों की मरम्मत का काम भी किया जाता है. जानकारी के मुताबिक वेल्डिंग में एकदम से चिंगारी निकली थी, जिससे आग लग गई. आग एकदम से फैली और बसों को चपेट में लेना शुरू कर दिया. बताया जा रहा है कि गैस सिलेंडर फटने जैसी आवाजें भी आई हैं. जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. क्योंकि आसपास बड़ी बस्ती बनी हुई है. ऐसे में लोग घरों से बाहर निकल आए थे. क्योंकि धमाका तेज हुआ था. जबकि आग लगने की वजह से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।  इंदौर में लोगों ने जताया गुस्सा  बताया जा रहा है कि यह रिहायशी इलाका है. यहां बसों की पार्किंग और मरम्मत का पहले विरोध हो चुका है. कई बार चेतावनी भी दी गई है. लेकिन लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगाई जा रही है. जिससे परेशानियां हो रही हैं. वहीं इस घटना ने एक बार फिर से चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. क्योंकि इस तरह की घटना से बड़ी जनहानि का डर बना रहता है. जबकि लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।  फिलहाल बसों में लगी आग पर काबू पाया जा रहा है. क्योंकि एक बाद एक लाइन से खड़ी कई बसों में आग लगी है. जिसे लपटे फैल रही हैं. दमकल की गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश में जुटी हैं।  पार्षद बोले- कई बार शिकायत की स्थानीय पार्षद मनीष शर्मा ने कहा- रिहायशी इलाके में निजी बसों की पार्किंग और मरम्मत को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। सुनवाई नहीं होने से हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। पार्षद शर्मा मौके पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- जब तक बसें यहां से नहीं हटतीं और इसका समाधान नहीं निकलता, मैं धरने पर ही बैठा रहूंगा।

सोने-चांदी के जेवरों की चोरी, रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ का नुकसान

रायपुर खम्हारडीह इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। शनि-रवि की  रात अज्ञात चोरों ने दुकान को निशाना बना धावा बोल दिया। वहां से करीब एक करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलर्स शॉप में घुसे और डिस्प्ले काउंटर में रखे कीमती आभूषण चोरी कर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण कारोबारी को घटना की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खोलने पर चोरी का खुलासा हुआ। सूत्रों की मानें तो शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे के आसपास चोरों ने दुकान में एंट्री की थी। चोरों को शायद पता था कि रविवार को दुकान नहीं खुलेगी, इसलिए उनके पास भागने के लिए पूरा एक दिन और एक रात का वक्त था। वारदात की खबर मिलते ही खम्हारडीह पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। दुकान के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों को बारीकी से चेक किया जा रहा है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को भी बुलाया गया है ताकि फिंगरप्रिंट्स और दूसरे सुराग जुटाए जा सकें। पुलिस अब दुकान के आसपास के इलाकों और चौक-चौराहों पर लगे कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों के भागने का रास्ता पता चल सके। घटना की सूचना मिलते ही खम्हारडीह थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। फिलहाल पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है।