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पीपीपी मॉडल से बदलेगा बिहार का खेल ढांचा, खिलाड़ियों को मिलेंगे नए अवसर

पटना बिहार सरकार के खेल विभाग में सोमवार को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद श्रेयसी सिंह ने राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष जोर दिया है। विकास भवन, नया सचिवालय स्थित विभागीय कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने खेल नीति, खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के विकास को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंदर और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने श्रेयसी सिंह का स्वागत किया और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान श्रेयसी सिंह ने राज्य में संचालित एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिहार की खेल नीति राज्य में खेलों के समग्र विकास की आधारशिला है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से खेल संस्कृति को नई दिशा मिलेगी। जमीनी स्तर पर खिलाड़ी तैयार करना विभाग की प्राथमिकता मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार के खिलाड़ियों को जमीनी स्तर से तैयार करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक जिले में 'डिस्ट्रिक्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में खेल अवसंरचना विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकें। हर जिले में मजबूत होगी खेल संरचना श्रेयसी सिंह ने कहा कि यदि बिहार को खेल हब के रूप में विकसित करना है, तो जिला स्तर पर मजबूत खेल संरचना तैयार करनी होगी। उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए उन मुद्दों की भी जानकारी ली, जो उनके कार्यभार से दूर रहने के दौरान सामने आए थे। पीपीपी मोड के जरिए खिलाड़ियों को मुहैया कराएंगे बेहतर संसाधन उन्होंने खेलों के विकास में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को भी जरूरी बताया। उनके अनुसार, राज्य में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार की जाएगी, ताकि पीपीपी मॉडल को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।  

बाजार में भारी गिरावट: पीएम के बयान के बाद निवेशकों को बड़ा झटका, इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 2 दिन में जो बयान दिए हैं उनसे मार्केट में भयानक बिकवाली का दौर जारी हो गया है. 2 दिन में सेंसेक्स लगभग 2400 पॉइंट लुढ़क गया है. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स मंगलवार को 1.92 परसेंट या 1456 पॉइंट गिरकर 74559 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 436 पॉइंट या 1.83 फीसदी गिरकर 23379 पर बंद हुआ. पीएम मोदी ने रविवार और फिर सोमवार को भारत के लोगों से अपील की थी कि वे 1 साल तक सोना न खरीदें. उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी संकट के दौर से गुजर रहा है और लोग अगर एकजुट होकर इसका मुकाबला करें तो इस मुसीबत से पार पा लेंगे। हालांकि, यह गिरावट सिर्फ पीएम के बयान की वजह से ही नहीं आई है. इसके पीछे कुछ और कारण भी हैं. इनमें पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव का माहौल बनना, रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल की कीमतें और आईटी शेयरों में तेज बिकवाली भी शामिल हैं। सोमवार के बाद मंगलवार को भारतीय भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लगभग 2% तक लुढ़क गए। रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने, तेल की चढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बेरुखी से बाजार को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। सेंसेक्स 1,456 अंक से अधिक गिरकर 74,559 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436 अंक से अधिक गिरकर 23,379 पर बंद हुआ। बाजार में उतार-चढ़ाव मापने वाला सूचकांक इंडिया वीआईएक्स 4% बढ़कर 19.26 हो गया। इस गिरावट के कारण बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, जिससे यह घटकर 457 लाख करोड़ रुपये गया।

फिर लौटेगा f? PM मोदी की अपील के बाद नामी कंपनियों ने शुरू की तैयारी

नई दिल्ली ईरान में बीते करीब ढाई महीनों से चल रही भीषण जंग की आंच अब भारत तक आने लगी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए वर्क फ्रॉम होम के मॉडल को फिर से कोरोना के दिनों की तरह लागू करने की अपील की थी। उन्होंने सोने की खरीद भी कम करने समेत कुल 7 अपील की थी, जिनमें सबसे अहम वर्क फ्रॉम होम ही है। इस बीच रिलायंस और टाटा समूह जैसे देश के बड़े कॉरपोरेट संस्थान फिर से वर्क फ्रॉम होम की नीति लागू करने पर विचार कर रहे हैं। फिलहाल मंथन चल रहा है कि इस नीति को कैसे लागू किया जाए कि कामकाज प्रभावित न हो और पेट्रोल और डीजल की बचत भी संभव हो। मुकेश अंबानी के मालिकाना हक वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सहयोगी संस्थाओं में फिलहाल हाइब्रिड मॉडल लागू है। इस बीच कंपनी के प्रवक्ता का कहना है कि हम पीएम मोदी की अपील के आधार पर फिर से आकलन कर रहे हैं कि कैसे इस फैसले को और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकता है। अब तक टाटा ने इस संबंध में कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन समूह की सभी कंपनियों में इसे लेकर विचार चल रहा है। वहीं आईटी सेक्टर की कई कंपनियों में तो फिलहाल वर्क फ्रॉम होम की नीति लागू है। हालात सुधरने के बाद ज्यादातर कंपनियों ने हाइब्रिड मॉडल लागू किया है। इसके तहत सीनियर लोगों को ऑफिस बुलाया जा रहा है और जूनियर स्टाफ घर से ही काम कर रहे हैं। यही नहीं बड़ी संख्या में जिन्हें जाना भी पड़ रहे हैं, उन्हें भी वैकल्पिक तौर पर घरों से ही काम करने का मौका मिल रहा है। जानकारों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी की अपील कोर आईटी कंपनियों के लिए तो ठीक है, लेकिन इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स में लगी कंपनियां इसे कैसे लागू करेंगी। यह सोचने वाली बात है। जैसे एल एंड टी के ज्यादातर कर्मचारी तो ऑनसाइट काम करते हैं। फिर भी इन कंपनियों की ओर से कर्मचारियों से कहा जा रहा है कि वे जहां तक संभव हो, यात्रा में कटौती करें। 10 मई 2026 को सिकंदराबाद में पीएम मोदी ने नागरिकों से 'देशभक्तिपूर्ण व्यवहार' में बदलाव लाने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमें पेट्रोल-डीजल का कम इस्तेमाल करना चाहिए, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और कारपूलिंग को बढ़ावा देना चाहिए और जितना हो सके वर्क फ्रॉम होम (WFH) या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर वापस लौटना चाहिए. इतना ही नहीं, उन्होंने एक साल तक सोना (Gold) न खरीदने और शादियां भारत के अंदर ही करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि जो विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) हम तेल खरीदने में खर्च करते हैं, उसे बचाना हर भारतीय की जिम्मेदारी है। इस पूरे संकट की जड़ एक युद्ध है. फरवरी 2026 में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के बाद 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' का रास्ता बंद हो गया है, जहां से भारत का 54% कच्चा तेल आता है. नतीजा यह हुआ कि जो कच्चा तेल 2025 में 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वह मई 2026 तक 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत तेल बाहर से मंगाता है, इसलिए दुनिया के किसी भी कोने में हुई अशांति सीधे हमारी रसोई और गाड़ी की टंकी पर असर डालती है। कुछ कंपनियों को तुरंत ही पलटने होंगे फैसले बता दें कि कोरोना काल में बड़े पैमाने पर वर्क फ्रॉम होम की पॉलिसी कॉरपोरेट सेक्टर में लागू हुई थी। अब यदि फिर से यह लागू हुई तो कई कंपनियों को अपने फैसले पलटने होंगे। बीते कुछ सालों में हालात बदले थे तो कंपनियां वर्क फ्रॉम ऑफिस को फिर से प्रोत्साहित कर रही थीं। अब उन्हें दोबारा कोरोना काल वाली पॉलिसी पर लौटना होगा।

सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी का हमला और ऐतिहासिक विनाश की कहानी

  सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव मनाया गया. सोमनाथ के वैभव का आकर्षण सात दरिया पार तक है, क्योंकि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में स्वयं ही शक्तिशाली चुंबकीय प्रभाव है. आत्मिक ऊर्जा के साथ परमात्मिक शक्ति का चुंबकीय गुण भी इसमें है. तभी तो इस दिव्य मंदिर की संपदा को लूटने का लालच अफगानिस्तान के गजनी के लुटेरे महमूद गजनवी को यहां खींच लाया था. एक हजार साल पहले कड़ाके की ठंड में ऊटों, घोड़ों पर सवार 30 हजार की लुटेरी सेना के साथ वह थार का रेगिस्तान पार कर सोमनाथ पहुंचा था. सन 1026 में जनवरी की शुरुआत थी. गजनवी के लोगों ने सोमनाथ का किला घेर लिया. तीरों से हमले किए. दो दिन तो स्थानीय परमार और चालुक्य राज की सेना ने गजनवी के आक्रांता लुटेरों को खदेड़ दिया. लेकिन तीसरे दिन वो मंदिर में घुसने में कामयाब हो गए. मंदिर के पुजारी और रखवाले छिपकर देख रहे थे कि भगवान सोमनाथ शायद प्रकट होकर आक्रांताओं का संहार कर देंगे. जब पुजारी और रक्षक छुप गए तो सोमनाथ भी शायद अंतर्धान हो गए. हजार साल पहले इस घटनाक्रम के साक्षियों ने कई जगह लिखा और बताया है कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग हवा में झूलता था. इसमें जबरदस्त चुंबकीय शक्ति थी. उसी से तालमेल बिठाते हुए प्राचीन भारतीय वास्तु शिल्पियों ने मंदिर के गर्भगृह की दीवारों और शिखर गुंबद में जगह-जगह समुचित कोण पर शक्तिशाली चुंबक फिट किए थे. गजनवी की सेना जब मार-काट मचाती हुई मंदिर के गर्भगृह में पहुंची तो हवा में लटके ज्योतिर्लिंग को तोड़ने के लिए तलवार लेकर आगे बढ़ी. लेकिन उनकी तलवारें शक्तिशाली ज्योतिर्लिंग से चिपक गईं. यह देखकर गजनवी चौंक गया. उसके एक साथी ने भाला पकड़ाया. जैसे ही उसने भाला उठाया, वो हाथ से छूटकर पीछे दीवार में फिट चुंबक में जाकर चिपक गया. यह देखकर गजनवी की पूरी सेना डर गई. लकड़ी के लट्ठों से ध्वस्त किया शिवलिंग तभी उसके साथ मौजूद आक्रांताओं ने दिमाग लगाया. फिर लकड़ी के भारी भरकम लट्ठों से शिवलिंग ध्वस्त किया गया. गर्भगृह और मंडप की दीवारों पर लगे बेशकीमती पत्थर और हीरे-जवाहरात निकाले गए. दरवाजों पर जड़ा सोना नोंच लिया गया. मंदिर में भगवान सोमनाथ के रत्नजड़ित स्वर्ण छत्र, चंवर, पूजा के बर्तन और खजाने में मौजूद अकूत संपदा लूट ली गई. मंदिर का गर्भगृह अमूमन तीसरे प्रकोष्ठ में होता था. लिहाजा वहां अंधेरा ही रहता था. अंदर प्रज्वलित बड़े दीपक का प्रकाश दीवारों में जड़े रत्नों से परावर्तित होकर पूरे गर्भगृह को रोशन कर देता था. गजनी के लुटेरों ने मंदिर में लगे चंदन के दरवाजे तक उखाड़ लिए, जिन पर सोने के मोटे परतों की नक्काशी थी. मारकाट और लूटपाट के बाद गजनवी की सेना फौरन सोमनाथ से भाग खड़ी हुई. क्योंकि उन्हें अंदेशा था कि चालुक्य और परमार राजा सेना लेकर उसे खदेड़ने कभी भी आ सकते हैं. सोमनाथ और वेरावल के दस हजार से अधिक गांवों, कस्बों और शहरों के लाखों कारोबारी श्रद्धालु मंदिर में बड़ी श्रद्धा से लाभ का निश्चित हिस्सा अपने आराध्य को अर्पित करते थे. गजनवी हजारों ऊंटों पर लादकर वो संपदा ले गया. यह गजनवी का भारत पर अंतिम हमला बताया जाता है, क्योंकि इसके बाद उसके बहुत सारे सैनिक और ऊंट, घोड़े मारे गए. हालांकि गजनी वापस पहुंचने पर गजनवी को वहां के शासक ने कई उपाधियां दी. वहीं, सोमनाथ मंदिर कुछ साल बाद फिर गर्व से सिर उठाए शान से खड़ा हुआ. जैसे अमावस्या के बाद आई पूर्णिमा की रात. सोमनाथ मंदिर को पूरे 17 बार ध्वस्त किया गया. लेकिन मंदिर हर बार ध्वस्त होकर संवरता रहा, क्योंकि यह ज्योतिर्लिंग स्वयं प्रकाश है और जगत प्रकाशक भी. सोमनाथ के शिवलिंग के अवशेष आज कहां है? दिव्य चुंबकीय शक्ति से युक्त सोमनाथ ज्योतिर्लिंग हवा में लटकने वाला ऐसा शिवलिंग था, जिसे स्पर्श नहीं किया जाता था. खंडित होने के हजार साल बाद उस ज्योतिर्लिंग के अवशेष एक बार फिर आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने सार्वजनिक किए. दक्षिण भारत के एक श्रद्धालु परिवार ने ठीक हजार साल पहले सुनसान पड़े सोमनाथ मंदिर के गर्भगृह से ज्योतिर्लिंग के बचे हुए अवशेष सहेजकर रख लिए. दक्षिण भारतीय ब्राह्मण परिवार के उन वंशजों ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अंग अवशेषों की हजार साल तक अपने निजी मंदिर में आराधना की. फिर उन्होंने श्री श्री रविशंकर को सौंप दिया. दिल्ली में जब रविशंकर ने इसके दर्शन जनता को कराए तो मैंने साक्षात्कार के दौरान जिज्ञासा की कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग तो चुंबकीय शक्ति से युक्त था. इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि हमने भी सबसे पहले यही गुण देखा था. उन्होंने जब चांदी की थाली में रखे लगभग तीन इंच की गोलाई वाले दिव्य शिवलिंग के थोड़ा ऊपर दूसरे शिवलिंग को घुमाया तो थाली में रखा शिवलिंग भी घूमने लगा. फिर उन्होंने थाली के नीचे एक शिवलिंग घुमाया, तब भी वैसा ही दृश्य दिखा यह प्रमाण सिद्ध करने को काफी है कि मूल सोमनाथ ज्योतिर्लिंग कितना दिव्य और शक्तिशाली रहा होगा. साथ ही, मंदिर की दीवारों, ऊंचे गुंबदों और शिखर में प्रयुक्त चट्टानों में किस तरह शक्तिशाली चुंबक फिट कर इस ज्योतिर्लिंग की शक्ति को चैनलाइज किया होगा. कल्पना कीजिए जब दुनिया में ज्ञान का अंधेरा था तो भारतीय स्थापत्य और वस्तु शिल्प कला कितनी उन्नत रही होगी. इसके प्रमाण सिर्फ सोमनाथ मंदिर ही नहीं बल्कि दक्षिण भारत के अनेक मंदिर हैं, जिनमें कहीं खंभे हवा में झूल रहे हैं तो कहीं पत्थर के खंभों और सीढ़ियों पर थाप मारने पर उनसे संगीत के सधे स्वर निकलते हैं.    

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: श्रीनगर में दो संदिग्ध आतंकी पकड़े गए, पिस्टल और आतंकी पोस्टर मिले

 श्रीनगर जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. बाबादेम इलाके में नाका चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक पर सवार दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. जांच के दौरान दोनों के पास से हथियार, जिंदा कारतूस और प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े पोस्टर बरामद किए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान फैसल अहमद भट और फैसल अहमद गुरू के रूप में हुई है. दोनों श्रीनगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध बाइक पर सवार होकर इलाके से गुजर रहे थे, तभी नाका चेकिंग के दौरान उन्हें रोका गया. तलाशी लेने पर उनके पास से कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल, तीन मैगजीन और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा दो मोबाइल फोन और 10 LeT पोस्टर भी जब्त किए गए. बरामद पोस्टरों को लेकर जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों किसी आतंकी संगठन के लिए काम कर रहे थे या फिर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस मामले में श्रीनगर के एमआर गंज पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 26/2025 दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ UAPA और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. फिलहाल, दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके नेटवर्क तथा अन्य संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।

चाणक्य नीति: असली दुश्मन बाहर नहीं, घर के अंदर भी हो सकता है खतरा

अक्सर हम सोचते हैं कि हमारा सबसे बड़ा खतरा बाहर है जैसे कोई दुश्मन, प्रतिद्वंद्वी, जलने वाला पड़ोसी या ऑफिस का विरोधी. लेकिन चाणक्य नीति के मुताबिक, असली खतरा घर के बाहर नहीं, बल्कि अंदर ही है. बाहरी शत्रु से बचना आसान होता है क्योंकि वह सामने दिखता है, लेकिन घर का दुश्मन बिना दिखे ही आपकी जड़ें काट देता है. जब आपका अपना ही कोई व्यक्ति, जिसके साथ आप रहते हैं, वही आपके खिलाफ हो जाए, तो इंसान अंदर से टूट जाता है. समझ नहीं पाता कि आखिर करें क्या. इसलिए आज हम चाणक्य की उन नीतियों को समझेंगे, जो हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी हैं जिसके घर में ही कोई उसका विरोधी बन बैठा है. घर का दुश्मन सबसे खतरनाक क्यों? 1. आपके हर राज की जानकारी बाहर का दुश्मन आपकी सिर्फ बाहरी बातें जानता है. लेकिन, घर का दुश्मन आपकी कमजोरियां, डर और भावनाएं के बारे में हर बात जानता है. यही उसकी सबसे बड़ी ताकत हो सकती है. 2. भरोसा करना आसान होता है हम अपने लोगों पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं. यही भरोसा कई बार हमारे खिलाफ इस्तेमाल हो जाता है. 3. मानसिक रूप से तोड़ता है बाहरी दुश्मन शारीरिक नुकसान पहुंचाता है. लेकिन घर का दुश्मन आपको मानसिक रूप से कमजोर करता है, जिससे आत्मविश्वास टूट जाता है. 4. इज्जत पर हमला घर का व्यक्ति आपकी निजी बातें जानता है और उन्हें बाहर फैलाकर आपकी छवि खराब कर सकता है. घर के दुश्मन को पहचानने के 10 संकेत आपकी सफलता से जलन आपकी असफलता पर छुपी खुशी आपकी बातों को गलत तरीके से पेश करना लोगों के बीच झगड़े करवाना आपकी निजी बातें बाहर फैलाना सामने मीठा, पीछे साजिश हर समय तुलना करना झूठ और अफवाह फैलाना हर मौके पर आपको नीचा दिखाना परिवार के लोगों को आपके खिलाफ करना अपने ही दुश्मन क्यों बन जाते हैं? 1. ईर्ष्या- आपकी तरक्की देखकर कुछ लोग अंदर ही अंदर जलने लगते हैं. 2. स्वार्थ- जब उनकी उम्मीदें पूरी नहीं होतीं, तो वे विरोधी बन जाते हैं. 3. नियंत्रण की इच्छा- कुछ लोग हर चीज अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं, विरोध मिलने पर दुश्मनी शुरू हो जाती है. 4. हीन भावना- खुद को कमतर समझने वाले लोग दूसरों को नीचा दिखाकर संतुष्टि पाते हैं. 5. लालच- जमीन-जायदाद और पैसे के मामलों में रिश्ते टूटना आम बात है. 6. मानसिक प्रवृत्ति- कुछ लोगों को दूसरों को परेशान करके ही सुकून मिलता है. चाणक्य की रणनीतियां (खुद को बचाने के लिए) 1. मौन रखें- गुस्से में प्रतिक्रिया देना दुश्मन को मजबूत करता है. 2. अपने राज सुरक्षित रखें- हर किसी को सब कुछ बताना नुकसानदायक हो सकता है. 3. सबूत के बिना आरोप न लगाएं- पहले प्रमाण जुटाएं, फिर बात करें. 4. सीधी लड़ाई से बचें- रणनीति से काम लें, भावनाओं से नहीं. 5. दूरी बनाएं- जहां बार-बार दुख मिले, वहां दूरी ही बेहतर है. 6. ऊर्जा बचाएं- हर बात पर प्रतिक्रिया देना जरूरी नहीं. 7. अपने लक्ष्य पर फोकस रखें- दुश्मन आपको भटकाना चाहता है. 8. कमजोरी जाहिर न करें- मजबूत दिखना भी एक रणनीति है. 9. सफलता से जवाब दें- आपकी तरक्की ही सबसे बड़ा जवाब है.

गोपालगंज केस में जदयू विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ीं, बैलेस्टिक जांच के आदेश

गोपालगंज जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। गोपालगंज जिले में एक कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य और खुलेआम हथियारों के प्रदर्शन के मामले में अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली है। कुछ ही दिनों पहले इस मामले में केस दर्ज कराया गया था। गोपालगंज के एडीजे-1 संजीव कुमार सिंह की अदालत ने जदयू विधायक अनंत सिंह की अग्रिम जमानत तथा गिरफ्तारी पर रोक से संबंधित याचिका पर सुनवाई से इंकार करते हुए मामले को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता की अदालत में सुनवाई के लिए भेज दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी। ​बचाव पक्ष की ओर से कुमार हर्षवर्धन तथा राजेश कुमार पाठक ने अदालत में पक्ष रखते हुए इसे राजनीतिक साजिश और एडिटेड वीडियो बताया। वहीं पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस वीडियो को विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच तथा हथियारों को बैलेस्टिक परीक्षण के लिए भेज रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जाता है कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गीता गुप्ता की अनुपस्थिति में जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मामले को एमपी-एमएलए कोर्ट में स्थानांतरित करने की चर्चा हुई, लेकिन बाद में अदालत ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि निर्धारित कर दी। बता दें कि यह पूरा मामला मीरगंज के सेमरांव गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जहां का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में कथित तौर पर अश्लील नृत्य और खुलेआम प्रतिबंधित हथियारों का प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में विधायक अनंत सिंह तथा कलाकार गुंजन सिंह समेत 9 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अनंत सिंह 2 और 3 मई को सेमराव गांव गुड्डू राय के घर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के कुछ वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो को लेकर यह कहा जा रहा था कि उपनयन कार्यक्रम में अश्लील डांस करवाया गया है। इस वीडियो में अनंत सिंह भी बैठे नजर आ रहे थे। कहा जा रहा था कि इस दौरान जमकर पैसे भी लुटाए गए थे। इसी तरह के एक अन्य वीडियो को लेकर यह कहा जा रहा था कि मोकामा विधायक के समर्थक खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन कर रहे हैं।  

नकली आधार-पैन और पासपोर्ट से विदेश यात्रा, ATS ने किया खुलासा

 बलिया उत्तर प्रदेश के बलिया में स्थानीय अदालत ने बांग्लादेश के रोहिंग्या समुदाय के एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। दरअसल, कोर्ट ने फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट के जरिए भारत में अवैध रूप से रहने, विदेश यात्रा करने और जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले में ये सजा सुनाई है। मामले में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) की वाराणसी यूनिट ने 14 मार्च 2023 को कार्रवाई करते हुए बांग्लादेश के कॉक्स बाजार स्थित रोहिंग्या कैंप निवासी अब्दुल अमीन पुत्र अब्दुल कलाम और म्यांमार के मंडू अराकान निवासी मोहम्मद अरमान उर्फ अबू तल्हा को बलिया शहर के गड़वार मोड़ के पास से गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान आरोपियों के पास से भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, विदेशी सिम कार्ड, विदेशी मुद्रा और सिक्के बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि अब्दुल अमीन ने स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के पंडुआ क्षेत्र में जमीन की रजिस्ट्री कराई और फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दो बार बहरीन तथा दो बार सऊदी अरब की यात्रा भी की। इस मामले में एटीएस निरीक्षक भारत भूषण तिवारी की तहरीर पर शहर कोतवाली में भारतीय दंड संहिता और विदेशी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के अनुसार, अपर जिला जज राम कृपाल की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब्दुल अमीन को विदेशी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में दोषी मानते हुए तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इटावा में बांग्लादेशई किशोरी का मेडिकल उधर, इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नगला उदई के पास संदिग्ध हालत में मिली बांग्लादेश निवासी किशोरी का सोमवार को पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया। अब उसकी उम्र का निर्धारण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार यदि किशोरी नाबालिग पाई जाती है तो उसे जुवेनाइल कोर्ट के आदेश पर बालिका बाल सुधार गृह भेजा जाएगा, जबकि बालिग होने पर अवैध रूप से सीमा पार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में किशोरी ने खुद को बांग्लादेश का निवासी बताया है। उसने बताया कि वह काम के सिलसिले में दो महिलाओं के साथ दिल्ली आई थी और वहां से बागपत जाने के लिए निकली थी, लेकिन रास्ता भटककर दूसरी ट्रेन में बैठ गई और इटावा पहुंच गई। नगला उदई क्षेत्र में घूमते देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस को किशोरी के पास से केवल ट्रेन टिकट मिला है, कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिले। भाषा समझने में दिक्कत होने पर ट्रांसलेटर और एआई चैट की मदद से पूछताछ की गई। किशोरी ने बताया कि उसके परिवार में मां, दादी, एक बहन और तीन भाई हैं, जबकि पिता की मौत हो चुकी है। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई करेगी।

फर्जी कंपनियों से सरकारी पैसा हड़पने का आरोप, जांच में बड़ा खुलासा

चंडीगढ़  हरियाणा के चर्चित 590 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में अब पांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। सीबीआई ने इस मामले की जाँच को आगे बढ़ाते हुए इन अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सीबीआई की पूछताछ की मांग पर अपनी सहमति दे दी है। इसके बाद संबंधित फाइल को अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री की औपचारिक स्वीकृति मिलते ही सीबीआई आरोपित आईएएस अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर देगी। फर्जी कंपनियों के जरिए गबन का आरोप जाँच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि सरकारी पैसे को खुर्द-बुर्द करने के लिए बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने ड्राइवर, निजी सचिव  और अशिक्षित महिलाओं के नाम पर फर्जी कंपनियां तैयार की थीं। इन फर्जी कंपनियों के माध्यम से सरकारी धन को अवैध रूप से निकाला और उपयोग किया गया। 'कैपको फिनटेक' नामक एक फर्जी कंपनी के खातों में ही अकेले 471 करोड़ रुपये डाले गए थे। सुरजेवाला करेंगे मीडिया से बात इस बड़े घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रणदीप सुरजेवाला इस पूरे मामले और जाँच की प्रगति को लेकर मीडिया से बातचीत करेंगे और अपना पक्ष रखेंगे।  

नायब सरकार की नई औद्योगिक नीति 2026 जल्द होगी लागू, 10-15 दिन में कैबिनेट बैठक संभव

चंडीगढ़ हरियाणा में औद्योगिक निवेश बढ़ाने पर जोर दे रही नायब सरकार जून में एक निवेशक सम्मेलन करने जा रही है, जिसमें देश के साथ-साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसका मकसद गुरुग्राम में बनाई जा रही ग्लोबल सिटी में निवेश कराना है। इस आयोजन से पहले हरियाणा की नई औद्योगिक नीति (2026) की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके लिए 10 से 15 दिन के अंदर कैबिनेट की बैठक होगी, जिसके बाद नई नीति को लागू कर दिया जाएगा। नई औद्योगिक नीति का ड्राप्ट तैयार होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिल्ली में दो दिन तक अलग-अलग सेक्टर के उद्यमियों से चर्चा की थी। चर्चा के बाद तार्किक सुझावों को नई औद्योगिक नीति में जोड़ दिया गया है। राज्य में हुए शहरी निकाय चुनाव की मतगणना होने के बाद किसी भी दिन कैबिनेट बैठक के लिए कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि 10 से 15 दिनों के अंदर लागू होने वाली औद्योगिक नीति को ही केंद्र बनाकर निवेशक सम्मेलन में उद्यमियों से चर्चा की जानी है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के सेक्टर 36 व 37 में बन रही विश्वस्तरीय ग्लोबल सिटी को विकसित करने का प्रथम चरण पूरा किया जा चुका है। दूसरे चरण का भी कार्य आरंभ कर दिया गया है। ग्लोबल सिटी में ही अपने संयंत्र लगाने के लिए उद्यमियों को प्रेरित किया जाएगा। उद्यमियों को बताया जाएगा कि हरियाणा सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत विभिन्न प्रकार के लाभ देने जा रही है। राव नरबीर के अनुसार ग्लोबल सिटी में औद्योगिक निवेश होने से हजारों युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। निवेशक सम्मेलन की तिथि और जगह अभी तय की जानी बाकी है।