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सादगी और पर्यावरण का संदेश: लाव-लश्कर छोड़ ई-रिक्शा में पहुंचे निगम अध्यक्ष

भोपाल इजराइल-ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों को देखते PM मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील की है। जिसका असर अब स्थानीय तौर पर नजर आने लगा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण लाव लश्कर छोड़ ई रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे। उनकी सागदी की तस्वीरे अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।दरअसल, सत्येंद्र भूषण को मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में पदभार ग्रहण करने के लिए सत्येंद्र भूषण लग्जरी गाड़ियों की बजाय बैटरी चलित ई-रिक्शा से रवाना हुए। वे भोपाल के अवधपुरी स्थित अपने निजी आवास से ई-रिक्शा में सवार होकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। हालांकि उनके साथ कई समर्थक गाड़ियों से पहुंचे। बता दें कि इससे पहले मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर के पदभार ग्रहण को लेकर जमकर किरकिरी हुई थी। पीएम मोदी की अपील को दरकिनार करते हुए भौकाल जमाने के लिए सौभाग्य सिंह ने उज्जैन से भोपाल तक 700 गाड़ियों का लंबा काफिला निकाल दिया। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर जमकर सवाल उठे और उनकी तस्वीरें वायरल हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाए कि एक तरफ नरेंद्र मोदी देश को पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने का ज्ञान देते हैं, दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के नेता अपील की धज्जियां उड़ाते हैं।

मीरपुर में बांग्लादेश का बड़ा धमाका: राणा के तूफान में उड़ा पाकिस्तान

मीरपुर बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला मीरपुर के शेर-ए बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेला गया. इस मुकाबले में बांग्लादेश ने 104 रनों से जीत हासिल की. बांग्लादेश ने पाकिस्तान को जीत के लिए 268 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम मैच की चौथी पारी में 163 रनों पर सिमट गई। बांग्लादेश की अपने घर पर पाकिस्तान के खिलाफ ये पहली टेस्ट जीत रही. बांग्लादेश की जीत के हीरो तेज गेंदबाज नाहिद राणा रहे. नाहिद ने आखिरी दिन (12 मई) तूफानी गेंदबाजी कर पाकिस्तानी टीम को पस्त कर दिया. नाहिद ने पाकिस्तान की दूसरी पारी में 40 रन देकर पांच विकेट झटके. तस्कीन अहमद और तैजुल इस्लाम को भी दो-दो सफलताएं हासिल हुईं। पाकिस्तान के लिए दूसरी पारी में डेब्यूटेंट अब्दुल्ला फजल ही अच्छी बैटिंग कर पाए. फजल ने 66 रन बनाए. दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा एवं आखिरी मुकाबला 16 मई से सिलहट के सिलहट इंटनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। कप्तान नजमुल ने जमकर रन बनाए मुकाबले में बांग्लादेश ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए अपनी पहली पारी में 413 रन बनाए. कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 12 चौके और 2 छक्के की मदद से 130 गेंदों पर 101 रनों का योगदान दिया. मोमिनुल हक (91 रन) और मुश्फिकुर रहीम (71) ने भी अर्धशतक जड़े. तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास ने पाकिस्तान के लिए 5 विकेट झटके। जवाब में पाकिस्तानी टीम ने अपनी पहली पारी में 386 रन बनाए. यानी पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश को 27 रनों की लीड मिली. पाकिस्तान की पहली पारी में डेब्यूटेंट अजान अवैस ने शतकीय (103 रन) योगदान दिया. अब्दुल्ला फजल (60 रन), मोहम्मद रिजवान (59 रन) और सलमान अली आगा (58 रन) ने भी उपयोगी योगदान दिए. बांग्लादेशी स्पिनर मेहदी हसन मिराज ने पांच विकेट चटकाए। इसके बाद बांग्लादेश ने अपनी दूसरी पारी 240/9 के स्कोर पर घोषित कर दी. दूसरी पारी में भी बांग्लादेशी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने शानदार बैटिंग की और 87 रन बनाए. वहीं मोमिनुल हक के बल्ले से 56 रन निकले. पाकिस्तान की ओर से नोमान अली और हसन अली को तीन-तीन सफलताएं मिलीं। बांग्लादेश की प्लेइंग इलेवन: महमूदुल हसन जॉय, शादमान इस्लाम, मोमिनुल हक, नजमुल हुसैन शांतो (कप्तान), मुश्फिकुर रहीम, लिटन दास (विकेटकीपर), मेहदी हसन मिराज, तैजुल इस्लाम, तस्कीन अहमद, नाहिद राणा और इबादत हुसैन. पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन: इमाम उल हक, अजान अवैस, अब्दुल्ला फजल, शान मसूद (कप्तान), सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), सलमान अली आगा, शाहीन आफरीदी, नोमान अली, हसन अली और मोहम्मद अब्बास.

रोम डायमंड लीग में उतरेगा भारतीय स्टार सचिन यादव, दुनिया के दिग्गजों से होगी टक्कर

नई दिल्ली भारत के शीर्ष भाला फेंक खिलाड़ी सचिन यादव चार जून को रोम में होने वाली डायमंड लीग में पदार्पण करने के लिए तैयार हैं। यह 2025 विश्व चैंपियनशिप में शानदार चौथा स्थान हासिल करने के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला होगा। 26 वर्षीय सचिन प्रतिष्ठित डायमंड लीग सीरीज के रोम चरण में हिस्सा लेने वाले आठ खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके प्रतिद्वंद्वियों में पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स, जर्मनी के जूलियन वेबर और थॉमस रोहलर, चेक गणराज्य के याकुब वाडलेज्च, अमेरिका के कर्टिस थांपसन, पोलैंड के डेविड वेगनर और श्रीलंका के रुमेश थारंगा पाथिराजे शामिल हैं। पाथिराजे इस समय 89.37 मीटर के थ्रो के साथ विश्व के मौजूदा सीजन लीडर हैं, जो उन्होंने मार्च में एक घरेलू प्रतियोगिता में हासिल किया था। इसके बाद उन्होंने पिछले महीने केन्या के नैरोबी में आयोजित किप केइनो क्लासिक में 89.28 मीटर का थ्रो कर फिर से 89 मीटर का आंकड़ा पार किया। सचिन यादव ने पिछले साल टोक्यो विश्व चैंपियनशिप में 86.27 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया था।  

भीषण गर्मी में बड़ी राहत: नहरों के पानी से 4755 सूखे तालाब हुए लबालब

नहरों से सूखते तालाबों में जलभराव:भीषण गर्मी से बड़ी राहत, 4755 तालाब हुए लबालब मुख्यमंत्री श्साय की मंशा के अनुरूप सूखते तालाबों को*जीवनदान देने जल संसाधन विभाग का विशेष अभियान  रायपुर वर्तमान में भीषण गर्मी के दौरान तालाबों में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश में सूख रहे 4 हजार 755 तालाबों को अब तक विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए नहरों के माध्यम से भरा जा चुका है और जरूरत के मुताबिक शेष तालाबों में भी पानी भरने का कार्य तेजी से जारी है।     उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भीषण गर्मी नेे पूरे देश को अपने चपेट में ले रखा है, इससे छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं है। इससे जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का प्रमुख स्त्रोत तालाब भी जलविहीन हो रहे हैं। ऐसे हालात में लोगों को राहत पहुंचाने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जल संसाधन विभाग द्वारा राज्य में सूख रहे तालाबों में जल भराव का कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।     जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें सर्वाधिक रायपुर जिला के अंतर्गत निस्तारी हेतु प्रस्तावित कुल 783 तालाबों में से अब तक 663 तालाबों में जल भराव हेतु नहर से पानी दिया जा चुका है। इसी तरह बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के 586 तालाबों में से 504 तालाबों, धमतरी जिले के 508 तालाबों में से 329 तालाबों में पानी भरा जा चुका है। इस तरह प्रदेश के अमूमन सभी जिलों के तालाबों में पानी भराव का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में लोगों के निस्तारी आदि की समस्या का तत्काल समाधान हो सके।     उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग द्वारा विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के तहत नहरों के माध्यम से पानी को तालाबों तक पहुंचाने के लिए यह योजना जल संरक्षण  और वाटर रिचार्ज की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम साबित हो रही है। यह पहल केेवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जल संरक्षण की सामूहिक सोच को मजबूत करती है। जब गांवों के तालाब भरते हैं और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है, तब समाज में जल बचाने और जल-स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।     जल संसाधन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ में जल दोहन सहित अन्य कारणों से सूखते तालाबों के लिए नहरों से पानी का पहुंचाया जाना अत्यंत लाभकारी साबित हो रहा है। इसके माध्यम से तालाबों के भू-जल स्तर में वृद्धि अहम साबित होगी। नहरों से तालाबों में छोड़ा गया पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसता है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भूूूू-जल का पुर्नभरण होता है। इससे कुएं, हैण्डपम्प लम्बे समय तक जलयुक्त बने रहते हैं। इस तरह तालाबों के भरने से जहां ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में पानी के कमी से राहत मिल रही है, वहीं आसपास के क्षेत्रों में भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।

जल संरक्षण में देवास का कमाल: मोरूखेड़ी ग्राम पंचायत ने शुरू की अनोखी पहल

सफलता की कहानी जल गंगा संवर्धन अभियान देवास जिले की ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी ने पेश की जल संरक्षण की मिसाल 350 कंटूर ट्रेंच से लगभग 13 लाख लीटर वर्षा जल का किया जायेगा संचयन देवास देवास जिले में संचालित ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विभिन्न जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी ने जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल करते हुए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी में जनभागीदारी से पंचायत क्षेत्र की पहाड़ी पर कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य किया गया है। लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे इस कार्य के तहत कुल 350 कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं। इन ट्रेंचों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख लीटर वर्षा जल का संचयन किया जा सकेगा। इसके अलावा ग्राम पंचायत में 03 पेरकोलेशन टैंक, 02 डगवेल, 05 रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं, 01 बोरिंग रिचार्ज एवं 02 चेक डेम का निर्माण भी किया गया है। इन संरचनाओं से लगभग 07 लाख लीटर जल का अतिरिक्त संचयन होगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत निर्मित की जा रही इन संरचनाओं से वर्षा जल रुकने के साथ ही भू-जल स्तर में वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र के आसपास के कुएं एवं बोरिंग पुनर्जीवित होंगे तथा ग्रामीणों को भविष्य में पेयजल और सिंचाई की समस्या से स्थायी राहत मिलने की संभावना है। ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी की यह पहल जल संरक्षण एवं जनसहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आई है।

रिटायर नहीं हुए अरिजीत’, प्रीतम ने बताया क्यों लिया प्लेबैक सिंगिंग से ब्रेक

अरिजीत सिंह ने जब प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का ऐलान किया, तो उनके फैंस हैरान रह गए. अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत ने साफ कहा कि लगातार काम और दबाव के बीच अब उन्हें एक ब्रेक की जरूरत महसूस हो रही है. हालांकि, म्यूजिक कंपोजर प्रीतम चक्रवर्ती का मानना है कि ये रिटायरमेंट नहीं है बल्कि कुछ और है. उन्होंने इसकी असली वजह जाहिर की है. प्रीतम ने कहा है कि अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग से दूर होने का फैसला रिटायरमेंट नहीं, बल्कि एक ब्रेक की तरह देखा जाना चाहिए. स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में प्रीतम ने बताया कि अरिजीत लगातार बहुत ज्यादा गाने गा रहे थे और कमर्शियल म्यूजिक की भागदौड़ से थक चुके थे. प्रीतम ने ये भी कहा कि अरिजीत के इस फैसले ने उन्हें खुद भी अपने काम से ब्रेक लेने के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि वो काफी समय से हिम्मत जुटा रहे थे, लेकिन अरिजीत ने बिना ज्यादा सोचे वही कर दिया जो उनका मन था. क्यों प्रीतम को लगता है कि अरिजीत को ब्रेक चाहिए प्रीतम ने कहा कि फैंस को अरिजीत के फैसले को हमेशा के लिए अलविदा नहीं समझना चाहिए. उनके मुताबिक, लंबे समय से लगातार काम और प्रोफेशनल दबाव की वजह से अरिजीत को थोड़ा वक्त और सुकून चाहिए. उन्होंने कहा- अरिजीत पर इतने ज्यादा गाने गाने का दबाव था कि उसने कह दिया, ‘अब मेरा गाने का मन ही नहीं करता.’ कई बार डायरेक्टर्स भी हम लोगों पर काफी दबाव डालते हैं. मुझे भी कई बार किसी को मना करते हुए बुरा लगता है. अब वो अपनी फिल्म बनाना चाहता है. उसे थोड़ा वक्त दीजिए, सब ठीक हो जाएगा. प्रीतम और अरिजीत ने बॉलीवुड में साथ मिलकर कई हिट गाने दिए हैं और दोनों की जोड़ी काफी पसंद की जाती है. अरिजीत के फैसले पर आगे बात करते हुए प्रीतम ने कहा कि लोग रिटायरमेंट शब्द को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने कहा- लोग उसके रिटायरमेंट को लेकर बहुत ज्यादा सोच रहे हैं. उस पर इतना दबाव क्यों डाल रहे हो? उसे जो करना है, करने दो. जब उसका मन करेगा, वो फिर गाएगा. कोई कहता है अगर वो रिटायर हो गया तो उसके गाने अभी भी क्यों आ रहे हैं? अरे, आपको इससे क्या परेशानी है? उसकी भी अपनी जिंदगी है. हर कलाकार कभी न कभी ब्रेक चाहता है. कई चीजें हमें अंदर से परेशान करती हैं. अरिजीत के फैसले का प्रीतम पर असर प्रीतम ने बताया कि अरिजीत के इस फैसले ने उन्हें भी अपने काम से दूरी बनाने के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया. उनके मुताबिक, जो बात वो लंबे समय से सोच रहे थे, अरिजीत ने उसे तुरंत कर दिखाया. उन्होंने एक मजेदार किस्सा भी सुनाया. प्रीतम ने बताया कि अरिजीत ने एक दिन पहले उनसे कहा था कि वो उनके साथ ही रिटायर होंगे, लेकिन अगले ही दिन खुद ही रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. प्रीतम ने कहा- मैं कई बार अरिजीत से रिटायरमेंट की बात कर चुका हूं. उसके होमटाउन जियागंज में सब लोग जा चुके हैं, बस मैं नहीं गया. वो मजाक में कहता था, ‘आप नहीं आओगे.’ मैंने उससे कहा था, ‘मैं रिटायर होने के बाद तुम्हारे पास आऊंगा और हम दोनों तारापीठ जाएंगे.’ पिछले एक साल से वो मुझसे ये बातें सुन रहा था. एक रात उसने कहा, ‘जिस दिन आप रिटायर होंगे, उसी दिन मैं भी रिटायर हो जाऊंगा.’ अगले ही दिन उसने प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. बाद में उसने मुझे फोन करके कहा, ‘आपसे नहीं होगा.' इस साल जनवरी में अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर साफ कहा था कि वह अब कोई नया प्लेबैक सिंगिंग असाइनमेंट नहीं लेंगे. हालांकि उनके कुछ पुराने प्रोजेक्ट्स अभी बाकी हैं, इसलिए अगले दो साल तक उनके नए गाने सुनने को मिल सकते हैं.

क्या टूटने की कगार पर है मौनी रॉय की शादी? पति सूरज को किया अनफॉलो

शोबिज की दुनिया में जितनी जल्दी रिश्ते बनते हैं उतनी तेजी से टूट भी जाते हैं. अब बॉलीवुड और टीवी की फेमस एक्ट्रेस मौनी रॉय अपनी शादीशुदा जिंदगी में आई दरार को लेकर सुर्खियों में हैं. ऐसी चर्चा है मौनी का पति सूरज नांबियार संग रिश्ता मुश्किल दौर से गुजर रहा है. दोनों की शादी टूटने की कगार पर है. पति से अलग हुईं मौनी? एक वक्त पर पावर कपल कहे जाने वाले मौनी और सूरज नांबियार ने इंस्टाग्राम पर एक दूसरे को अनफॉलो कर दिया है. फैंस की जब पैनी नजर दोनों की फॉलोइंग लिस्ट पर पड़ी तो लोगों ने पाया कि मौनी और सूरज इंस्टाग्राम पर एक दूसरे को फॉलो नहीं कर रहे हैं और फिर दोनों के रिश्ते में खटपट की खबरें तूफानी रफ्तार से फैल गईं. हालांकि, मौनी और सूरज में से किसी ने भी अपने रिश्ते में अनबन होने की रिपोर्ट्स को कंफर्म नहीं किया है और न ही उन्होंने तलाक की वायरल खबरों पर अब तक रिएक्ट किया है. दिशा ने कंफर्म किया मौनी का तलाक? लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि मौनी की सबसे करीबी दोस्त और एक्ट्रेस दिशा पाटनी ने भी सूरज नांबियार को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है. दिशा की फॉलोइंग लिस्ट में सूरज मौजूद नहीं हैं. दिशा पाटनी, मौनी रॉय की सबसे करीबी दोस्त हैं. दोनों फैमिली जैसा बॉन्ड शेयर करती हैं. दिशा बेस्ट फ्रेंड मौनी के पति सूरज के भी काफी क्लोज थीं. दिशा कई दफा सूरज और मौनी संग वेकेशन एन्जॉय करते और पार्टी करते नजर आ चुकी हैं. इतना खास बॉन्ड होने पर दिशा के सूरज को अनफॉलो करने पर माना जा रहा है कि मौनी और सूरज के रिश्ते में वाकई में दरार पड़ गई है. क्योंकि ये बात साफ जाहिर है कि दिशा इस सिचुएशन में अपनी दोस्त मौनी का ही साथ देंगी. 4 साल में पड़ी रिश्ते में दरार मौनी रॉय जहां टीवी और बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस हैं, तो वहीं उनके पति सूरज नांबियार इंडस्ट्री से नहीं हैं. सूरज एक बिजनेसमैन हैं. दोनों ने लंबी डेटिंग के बाद साल 2022 को गोवा के इंटीमेट वेडिंग की थी. उन्होंने पहले मलयाली रीति-रिवाजों से शादी की थी और फिर बंगाली परंपराओं के अनुसार शादी रचाई थी. मगर अब लगता है कि 4 साल बाद ही दोनों की शादी टूटने की कगार पर है.

वाहन फिटनेस सिस्टम में बड़ा बदलाव: अब बढ़ेंगे ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन

लखनऊ प्रदेश के सभी जिलों में आटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की संख्या का बैरियर खत्म होगा। अभी तक एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस खोलने का नियम रहा है और एक आवेदक पूरे राज्य में अधिकतम तीन एटीएस ही संचालित कर सकता था। यह मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) परिवहन विभाग ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशों की अनदेखी करके तैयार किया था। तीन साल बाद अब केंद्रीय मंत्रालय के नियमों को अपनाने के लिए एसओपी में संशोधन होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। तो इस वजह से हो रहा नियमों में बदलाव नियमों में बदलाव करने की नौबत इसलिए आई क्योंकि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने पांच जनवरी को प्रदेशभर में वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया था। उस सयम फिटनेस के लिए आवेदन करने वालों को एटीएस से लगभग 100 किलोमीटर क्षेत्र को जोड़ा गया था, उस समय व्यावसायिक वाहनों को नजदीकी 13 निजी एटीएस आवंटित हुए थे। लखनऊ के बख्शी का तालाब स्थित एकेआरएस एटीएस प्राइवेट लिमिटेड केंद्र पर लखनऊ के वाहनों के साथ इस केंद्र को रायबरेली, उन्नाव, बाराबंकी, हरदोई व सीतापुर जिलों के व्यावसायिक वाहन भी आवंटित किए गए थे। आदेश से व्यावसायिक वाहन चालक व स्वामी परेशान थे, क्योंकि उन्हें लंबी दौड़ लगानी पड़ रही थी। केंद्रीय मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार ने 27 अप्रैल को जिलों को सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच कराने का आदेश दिया। निर्देश है कि जिन जिलों में एटीएस जल्द तैयार हो रहे वहां उसी अवधि तक मैनुअल जांच होगी। यह समय सीमा अलग-अलग जिलों में 31 दिसंबर तक बढ़ाई गई है। इसी बीच परिवहन विभाग ने यूपी में खुलने वाले एटीएस की एसओपी का नए सिरे से परीक्षण किया। इसमें सामने आया कि एसओपी में केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 175 के तहत देशभर में खोले जा रहे एटीएस से इतर यूपी में 2023 में नियम बनाए गए और 23 अगस्त 2023 से आवेदन मांगे गए थे। वहीं, केंद्र सरकार की नियमावली में जिलों में खुलने वाले एटीएस की संख्या ही निर्धारित नहीं की गई है। माना गया कि प्रदेश में एक जिले में अधिकतम तीन एटीएस की संख्या का बैरियर लगाने से एटीएस अपेक्षा के अनुरूप नहीं बन रहे और वाहन स्वामियों को दौड़ लगानी पड़ रही है। इतना ही नहीं एटीएस के लिए यूपी में दो एकड़ भूमि होने का नियम बना जबकि केंद्र सरकार इससे कम एरिया में एटीएस बनवा रही है। यूपी में कड़े नियम होने की वजह से 25 जिलों में एटीएस निर्माण के लिए एक भी आवेदन नहीं हो सका। अपर परिवहन आयुक्त प्रवर्तन संजय सिंह ने बताया, परिवहन विभाग ने एटीएस निर्माण के लिए अब केंद्र सरकार की नियमावली को अपनाएगी। संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।

HBSE 12वीं परिणाम जारी, पास प्रतिशत 84.67% रहा

 चंडीगढ़ हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने आज 12वीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष बोर्ड का कुल पास प्रतिशत 84.67% रहा है। नतीजों की घोषणा के साथ ही प्रदेश के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। एक बार फिर हरियाणा की बेटियों ने अपनी बुद्धिमत्ता का लोहा मनवाते हुए लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। लड़कियों का दबदबा बरकरार इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो छात्राओं का प्रदर्शन शानदार रहा है। जहां छात्राओं का पास प्रतिशत 87.97% रहा, वहीं 81.45% छात्र ही परीक्षा में सफल हो पाए हैं। यह आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां निरंतर प्रगति कर रही हैं और लड़कों से लगभग 6.52% आगे रही हैं। परीक्षा में शामिल हुए 5.66 लाख से अधिक छात्र हरियाणा बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा में प्रदेशभर के 1431 केंद्रों पर लगभग 5,66,411 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। परीक्षा का आयोजन फरवरी के अंत से लेकर 1 अप्रैल 2026 तक किया गया था। बोर्ड ने पारदर्शी और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए थे, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। कैसे चेक करें अपना रिजल्ट छात्र अपना परिणाम देखने के लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर क्लिक करें। लिंक खोजें: होमपेज पर "HBSE 12th Result 2026" के लिंक पर क्लिक करें। डिटेल्स भरें: अपना रोल नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें। परिणाम देखें: 'सबमिट' बटन दबाते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा। डाउनलोड करें: भविष्य के लिए अपनी मार्कशीट का प्रिंटआउट या पीडीएफ जरूर सुरक्षित रखें। पासिंग मार्क्स और कंपार्टमेंट परीक्षा के नियम हरियाणा बोर्ड में सफल होने के लिए प्रत्येक छात्र को हर विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। इसमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के अंक शामिल होंगे। कंपार्टमेंट परीक्षा: यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में 33 प्रतिशत से कम अंक लाता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड उन छात्रों के लिए 'कंपार्टमेंट परीक्षा' आयोजित करेगा ताकि वे अपना साल बचा सकें। पुनर्मूल्यांकन : यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह परिणाम जारी होने के बाद स्क्रूटनी या पुनर्मूल्यांकन के लिए भी आवेदन कर सकेगा। रिजल्ट के बाद क्या? बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे जल्द ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, जिन छात्रों की एक या दो विषयों में कंपार्टमेंट आई है, उनके लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन भी जल्द किया जाएगा ताकि उनका साल खराब न हो।  

धनबाद-निरसा में खुला नशे का कारोबार, स्कूल-कॉलेज के छात्र भी निशाने पर

रांची झारखंड के कई जिलों में नशे का कारोबार तेजी से युवाओं को अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। जिन हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए, उन हाथों में अब नशे का सामान दिखाई देने लगा है। कोयलांचल धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों ने पूरे समाज और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। गुप्त कैमरे में कैद वीडियो और तस्वीरों में खुलेआम ब्राउन शुगर की पुड़िया तैयार करते हुए लोगों को देखा गया है। निरसा क्षेत्र में तेजी से फैल रहा नशे का कारोबार बताया जा रहा है कि निरसा अनुमंडल के कई ओपी और थाना क्षेत्रों में इन दिनों ब्राउन शुगर का कारोबार तेजी से फैल रहा है। गली-मोहल्लों से लेकर सुनसान ठिकानों तक युवाओं को धीरे-धीरे नशे की दलदल में धकेला जा रहा है। छोटे-छोटे पैकेट बनाकर यह ज़हर युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। कुछ पैसों के लालच में नशे के सौदागर पूरी युवा पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के छात्र भी आ रहे चपेट में सबसे चिंताजनक बात यह है कि स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। अभिभावक जहां अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सपना देख रहे हैं, वहीं नशे का यह कारोबार उन सपनों को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में पूरा इलाका नशे की गिरफ्त में जा सकता है। राजधानी रांची में भी फैल रहा नेटवर्क राजधानी रांची में भी कई गली-मोहल्लों और शिक्षण संस्थानों के आसपास चोरी-छिपे इस तरह के कारोबार की चर्चा आम है। आरोप है कि कुछ चाय-पान की दुकानों और मोबाइल एप के माध्यम से भी नशे का सामान युवाओं तक पहुंचाया जा रहा है। पुलिस चला रही अभियान, फिर भी बरकरार है खतरा वहीं, रांची पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ब्राउन शुगर के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेजों के आसपास निगरानी रख रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर नशे का यह नेटवर्क लगातार कैसे फैलता जा रहा है।