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खरीफ कर्मशाला 2026: सूखे की आशंका पर सरकार की तैयारी तेज

 रांची  कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के उत्थान के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों के हित के लिए जो काम करेंगे, उनको सम्मान दिया जाएगा और जो लापरवाही करेंगे उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शिल्पी नेहा तिर्की मंगलवार को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026 के दूसरे दिन कर्मशाला में कृषि प्रभाग के निदेशकों की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर कर रही थीं। किसानों को राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार है जिस कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में राज्य सरकार पहले से ही तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। सुखाड़ की आशंका को देखते हुए सभी जिला के कृषि पदाधिकारियों को अपने अपने जिले में कांटिजेंट प्लान बनाने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए समय महत्वपूर्ण होता है। उसे यदि सही समय पर बीज न मिले, सिंचाई की सुविधा न मिले तो हमारी सारी मेहनत बेकार है। कृषि मंत्री ने सूखे की संभावित आशंका को देखते हुए दिया एक्शन प्लान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोग एक सेना के रूप में किसानों के लिए काम करेंगे। जिला में नोडल पदाधिकारी जिला कृषि पदाधिकारी रहेंगे और कृषि प्रभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी मिलकर एक्शन मोड पर काम करेंगे। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 मई को जिला स्तरीय बैठक बुलाए, जिसमें प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसकी रिपोर्ट राज्य के नोडल पदाधिकारी को भेजेंगे। 20 मई को हर जिला में खरीफ मेला का आयोजन होगा। जिसमें 500 प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। इसमें हर प्रखंड से भागीदारी हो इसे सुनिश्चित करेंगे। मेला में मृदा जांच काउंटर भी उपलब्ध करायेंगे। कर्मशाला में जो बातें आपने सीखी है उसे सरल तरीके से किसानों को समझाना होगा। कृषि विभाग से क्या मदद मिल सकती है उसकी जानकारी भी दें। 22 मई को प्रखंड स्तर भी खरीफ मेला का आयोजन करें और पंचायत स्तर भागीदारी सुनिश्चित करें। हर पंचायत से 50-50 प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करें। बीज का वितरण एसएचजी और एफपीओ के जरिए हो इसे भी सुनिश्चित करेंगे। पशुओं की दवाई का वितरण समय से हो कृषि मंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि पशुओं के दवाई का वितरण समय पर होने के लिए निविदा समय पर निकाली जाए। मई अंत तक तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य समाप्त हो जाना चाहिए। जिला मत्स्य पदाधिकारी मत्स्य बीज का आंकलन कर निदेशालय को भेज दें और मई अंत तक वितरण हो इसे सुनिश्चित करें। इसके अलावे उन्होंने भूमि संरक्षण, सोलर पंप वितरण, ड्रिप इरीगेशन, मधुमक्खी पालन आदि पर सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया। बिरसा विश्वविद्यालय के कुलपति एससी दुबे ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में काम करना होगा। किसान आय के अन्य उपायों को भी अपनाने पर जोर दें, इसके लिए उन्हें प्रेरित करना होगा। जिला कृषि पदाधिकारी को अपने जिले की कृषि से संबंधित सभी जानकारी रखनी होगी।  

पीएम मोदी की अपील के बाद राजस्थान में ईंधन बचत पर सख्ती

जयपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है. सीएम भजनलाल ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम से कम रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सुरक्षा के नाम पर अनावश्यक वाहनों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है. मुख्यमंत्री का यह फैसला पीएम मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल डीजल की बचत करने की अपील की थी. पेट्रोल-डीजल बचाने की पीएम मोदी ने की अपील प्रधानमंत्री मोदी ने पहले हैदराबाद में एक जनसभा के दौरान इस तरह की अपील की. इसके बाद फिर 24 घंटे के बाद अंदर गुजरात के वड़ोदरा से दोबारा वही अपील की. प्रधानमंत्री मोदी की इस अपील के बाद अब राजस्थान के मुख्यमंत्री ने भी ईंधन के बचत की दिशा में आवश्यक कदम उठाया है. खुद के काफिले में वाहन कम करने के निर्देश मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सरकारी मितव्ययता और ईंधन बचत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव सहित सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने काफिलों में कम से कम वाहनों का उपयोग करें. इसके साथ ही सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत को प्राथमिकता देते हुए अनावश्यक वाहन प्रयोग नहीं करने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रशासनिक और जनप्रतिनिधि स्तर पर भी मितव्ययता अपनाई जाए, ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके.

जल्द जारी होंगे एडमिट कार्ड, अभ्यर्थियों को वेबसाइट चेक करने की सलाह

रांची  सेना भर्ती कार्यालय रांची ने अग्निवीर भर्ती वर्ष 2026 के लिए काॅमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन की तिथियों की घोषणा कर दी है। परीक्षा 1 जून से 15 जून तक आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा उन सभी पात्र अभ्यर्थियों के लिए होगी जिन्होंने अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। भर्ती कार्यालय के अनुसार सभी अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड जल्द ही ज्वाइन इंडियन आर्मी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए जाएंगे। अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट चेक करने और एडमिट कार्ड जारी होते ही उसे डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। परीक्षा का आयोजन एडमिट कार्ड में अंकित तिथि, समय और परीक्षा केंद्र के अनुसार किया जाएगा। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों को प्रिंटेड एडमिट कार्ड, मूल फोटो पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो तथा एडमिट कार्ड में उल्लिखित अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य होगा। भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित रिपोर्टिंग समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। दलालों से सावधान रहने की चेतावनी किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए अभ्यर्थी रांची स्थित आर्मी आफिस से संपर्क कर सकते हैं अथवा जेएलएक पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत या प्रश्न दर्ज कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय ने अभ्यर्थियों को दलालों और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय सेना में चयन पूरी तरह मेरिट आधारित और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में कराया गया एडमिट

नई दिल्ली कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में एडमिट कराया गया है। उन्हें एक छोटे से ऑपरेशन के लिए अस्पताल ले जाया गया है। राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को जनवरी से अब तक तीसरी बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। इससे पहले मार्च में उन्हें सर गंगाराम अस्पताल ले जाया गया था। पेट में इंफेक्शन से जुड़ी समस्या बताई गई थी, जिसके इलाज के लिए वह वहां पहुंची थीं। वहीं जनवरी में उन्हें सांस लेने में समस्या हुई थी। यह भी कहा गया था कि दिल्ली में बढ़े हुए प्रदूषण और सर्दी के चलते भी उन्हें यह परेशानी हुई है। 79 वर्षीय सोनिया गांधी फिलहाल राजस्थान से राज्यसभा की सांसद हैं। इससे पहले वह यूपी की रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद थीं, लेकिन 2024 में उन्होंने संसदीय चुनाव न लड़ने का फैसला लिया था। इसके बाद वह राज्यसभा के रास्ते संसद पहुंची थीं। जून 2025 में भी सोनिया गांधी को सर गंगा राम अस्पताल में एडमिट कराया गया था। तब उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बताई गई थी। बीते कुछ सालों से सोनिया गांधी का स्वास्थ्य थोड़ा खराब रहा है। माना जाता है कि इसी के चलते उन्होंने कांग्रेस में अपनी सक्रियता भी पहले के मुकाबले थोड़ी कम की है। यही नहीं राजनीतिक बैठकों, रैलियों आदि में भी वह पहले के मुकाबले कम ही दिखाई देती हैं। अभी 5 राज्यों के चुनाव प्रचार में भी उनकी सक्रियता नहीं देखी गई थी। प्रचार की पूरी कमान राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं ने ही संभाल रखी थी।

पंजाब सरकार में बड़ा बदलाव: अमन अरोड़ा बने उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री

चंडीगढ़  पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने आज उद्योग भवन, चंडीगढ़ में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। अरोड़ा पहले से ही रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, सुशासन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश स्थल बनाना है। इसके लिए लालफीताशाही खत्म कर टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा और हर औद्योगिक विस्तार में स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। अरोड़ा ने कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य अब कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ चुके हैं, जिससे राज्य में सर्कुलर अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रगति अधीन परियोजनाओं में तेजी लाने और अधिक निवेश आकर्षित करने के निर्देश दिए। पदभार ग्रहण करने के बाद, अरोरा ने मुख्यमंत्री एस. भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रति उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता लालफीताशाही को कम करके, टिकाऊ उद्योगों को बढ़ावा देकर और यह सुनिश्चित करके कि प्रत्येक औद्योगिक विस्तार से स्थानीय रोजगार सृजित हों, पंजाब को निवेश के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना होगा। इसके अलावा, औद्योगिक नीति, स्वच्छ ऊर्जा, कौशल विकास और शासन सुधार को जोड़ने वाला एक सुचारू तंत्र तैयार करना भी उनकी प्राथमिकता होगी। अमन अरोरा ने कहा, "मेरा लक्ष्य पंजाब को 'व्यवसाय करने में आसानी' के लिए एक आदर्श बनाना है, साथ ही हमारे युवाओं के लिए सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार सृजित करना है।" उन्होंने आगे कहा कि अब जब उद्योग और वाणिज्य को कौशल विकास और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ जोड़ा गया है, तो राज्य एक चक्रीय अर्थव्यवस्था का निर्माण कर रहा है जहां विकास, हरित ऊर्जा और रोजगार साथ-साथ चलते हैं। इससे पहले, उद्योग भवन पहुंचने पर अरोरा का प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य गुरकीरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग (पीडीसी) की उपाध्यक्ष सुसीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के सीईओ अमित ढाका, उद्योग सचिव मोहिंदर पाल, उद्योग निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब इन्फोटेक के एमडी एचएस बराड़, पीएसआईडीसी के एमडी हरप्रीत सिंह सूडान और पंजाब वित्तीय निगम की एमडी सुसेनु दुग्गल ने हार्दिक स्वागत किया। अमन अरोरा ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक प्रारंभिक समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने उन्हें चल रही औद्योगिक परियोजनाओं में तेजी लाने और राज्य में अधिक निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को तेज करने का निर्देश दिया।

निकाय चुनाव को लेकर पंजाब में तैयारियां तेज, रिटर्निंग ऑफिसर दफ्तरों में CCTV से होगी मॉनिटरिंग

 चंडीगढ़ पंजाब में 105 नगर निकायों के लिए उम्मीदवार आज से नामांकन दाखिल कर सकेंगे और साथ ही नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिलों की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 16 मई निर्धारित की गई है। प्रदेश के 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के आम चुनाव 26 मई को होंगे और 29 को मतगणना के बाद चुनाव नतीजे घोषित किए जाएंगे। आयोग के अनुसार उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए गए शपथ पत्रों सहित नामांकन पत्रों का विवरण संबंधित जिले की सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध होगा और साथ ही इसका लिंक आयोग की वेबसाइट sec.punjab.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगा। साथ ही मतदाता अपने इलाके के उम्मीदवार के संबंध में भी वेबसाइट से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सभी दलों ने चुनाव के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  वहीं, नामांकन करने वाला उम्मीदवार अपने साथ अधिकतम 4 लोगों को ही ले जा सकेगा। यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इसके बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कोई भी दल कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होगी। जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी उम्मीदवार को चुनाव अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर आवेदन करना होगा। इसके बाद उनकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। 18 मई को स्क्रूटनी होगी। सभी उम्मीदवारों को उस दिन चुनाव कार्यालय जाने की अनुमति होगी। इस दौरान वे रिटर्निंग अफसर के सामने अपने एतराज रख सकेंगे। यदि किसी उम्मीदवार का फार्म रिजेक्ट होता है तो उसकी जानकारी भी दी जाएगी। 19 मई नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। 105 जगह होंगे निकाय चुनाव आठ नगर निगमों में चुनाव होंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के लिए 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सभी चुनाव शहरी क्षेत्रों में होंगे। 36 लाख वोटर करेंगे मतदान प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने की तैयारी की है। कुल 36,72,932 मतदाता वोट करेंगे। इनमें 18,00,990 पुरुष, 17.73 लाख महिलाएं और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं। आज से आचार संहिता भी लागू हो गई है। इस संबंध में सरकार को पत्र भेजा जा रहा है। इसके बाद तबादलों पर रोक लग जाएगी। पार्टी निशान पर लड़ सकेंगे चुनाव राजनीतिक दल पार्टी निशान पर भी चुनाव लड़ सकेंगे। इसके लिए राजनीतिक पार्टियों को सूचित कर दिया गया है। नामांकन फार्म के साथ एफिडेविट भी जमा करवाना होगा। सारी जानकारी ऑनलाइन अपडेट की जाएगी, ताकि लोग उम्मीदवारों की प्रोफाइल देख सकें। इसके लिए एक अलग लिंक जारी किया जाएगा। निगम चुनाव में 4 लाख तक खर्च की सीमा नगर निगम चुनाव में उम्मीदवार अधिकतम 4 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे। नगर काउंसिलों के लिए खर्च सीमा 3.60 लाख, 2.30 लाख और 2 लाख रुपए तय की गई है। वहीं नगर पंचायत चुनाव के लिए 1.40 लाख रुपए खर्च सीमा निर्धारित की गई है। हर बूथ पर तैनात होंगे 5 कर्मचारी निकाय चुनाव के लिए करीब 4 हजार बूथ बनाए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया में 36 हजार कर्मचारी शामिल होंगे। पुलिस के साथ पूरा तालमेल रखा गया है। करीब 35,500 पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान तैनात किए जाएंगे। हर बूथ पर पांच कर्मचारी मौजूद रहेंगे। जिलों में आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वीडियोग्राफी से रखी जाएगी नजर पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। रिटर्निंग अफसर के कमरे के अंदर और बाहर कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ केवल चार लोग ही अंदर जा सकेंगे। रिटर्निंग अफसर के तौर पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है। एडीसी और एसडीएम स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीसी को हथियार जमा करवाने के आदेश भी जारी किए गए हैं। 29 मई को आएंगे नतीजे निकाय चुनाव के परिणाम महीने के आखिर में 29 मई को घोषित किए जाएंगे. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणी अकाली दल ने चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।  चुनाव में पार्टियों से टिकट लेने के लिए उम्मीदवारों में होड़ मची हुई है. पंजाब के होशियारपुर नगर निगम को लेकर भी राज्य चुनाव आयोग ने चुनाव न कराने का फैसला लिया है. वोटर लिस्ट को दोबारा से तैयार करने के निर्देश दिए हैं।  बता दें कि वोटर लिस्ट को लेकर लोगों ने आपत्ति जताई थी. इसको देखते हुए चुनाव आयोग ने समीक्षा की और सही वोटर लिस्ट जारी करने के लिए कहा है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद तैयारी कर रहे उम्मीदवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 

तमिलनाडु की राजनीति में हलचल: फ्लोर टेस्ट से पहले विजय की पार्टी को DMDK का झटका

चेन्नई तमिलनाडु की थलापति विजय सरकार के लिए बुधवार का दिन बहुत बड़ा साबित होने वाला है. आज उनकी सरकार विधानसभा में बहुमत साबित करेगी. राज्य विधानसभा में 107 सीटें जीतने वाली विजय की पार्टी टीवीके कांग्रेस, वाम दलों और अन्य के समर्थन के साथ सरकार बनाने में सफल हुई है. थलापति विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्रे आर्लेकर के समक्ष 120 विधायकों से अधिक विधायकों के समर्थन की सूची पेश की थी तभी उनको सरकार बनाने का मौका मिला. इसके बाद राज्य की दूसरी अहम पार्टी एआईएडीएमके भी दो फाड़ हो गई है. उसके एक धड़े ने थलापति विजय का समर्थन करने का फैसला किया है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि थलापति सहज तरीके से बहुमत हासिल करे लेंगे।  डीएमके ने विश्वास मत का बहिष्कार किया  तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सरकार के विश्वास मत को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. विपक्षी दल DMK ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉकआउट करने का फैसला किया. DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने सदन में कहा कि उनकी पार्टी इस फ्लोर टेस्ट में हिस्सा नहीं लेगी और मतदान से पूरी तरह अलग रहेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने सत्ता पक्ष को वोट दिया था, अब उन्हें लगने लगा है कि उन्होंने गंभीर गलती की है. उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि हम DMK के सदस्य सदन से वॉकआउट कर रहे हैं और इस वोटिंग प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे. इस फैसले के बाद विधानसभा का राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है. विपक्ष के बहिष्कार से सरकार के विश्वास मत की वैधता और समर्थन संख्या को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक बदलावों का संकेत दे सकता है।   थलापति विजय सरकार का विरोध करेंगे AIADMK के सभी विधायक- पलानीस्वामी तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके सरकार के खिलाफ राजनीतिक टकराव तेज हो गया है. एआईएडीएमके प्रमुख ई पलानीस्वामी ने स्पष्ट कहा है कि उनकी पार्टी टीवीके के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और विश्वास मत दोनों का विरोध करेगी. पलानीस्वामी ने कहा कि AIADMK के 47 विधायक पार्टी लाइन पर रहकर एकजुट रूप से टीवीके सरकार के खिलाफ वोट करेंगे. उन्होंने विधानसभा में बढ़ते मतभेदों और राजनीतिक अराजकता पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री का एक गुट का समर्थन करना सही नहीं है. उन्होंने आगे सवाल उठाया कि जब सदन में असहमति साफ दिखाई दे रही है, तब सरकार द्वारा एक पक्ष का समर्थन करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. पलानीस्वामी ने दोहराया कि हम इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं और AIADMK के सभी सदस्य इसके खिलाफ मतदान करेंगे. इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है, जिससे विधानसभा में निर्णायक वोटिंग का माहौल और भी दिलचस्प हो गया है।  थलापति विजय को किन-किन दलों ने दिया समर्थन  तमिलनाडु विधानसभा में हुए ट्रस्ट वोट के दौरान कई प्रमुख दलों ने टीवीके सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है. मतदान प्रक्रिया के दौरान सबसे पहले मुस्लिम लीग ने खुलकर टीवीके के पक्ष में समर्थन की घोषणा की. पार्टी ने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की गलत रणनीतियों को रोकने और राज्य में गवर्नर शासन की स्थिति बनने से बचाने के लिए यह कदम जरूरी है. इसके अलावा वीसीके ने भी टीवीके को समर्थन दिया और सरकार से महाराष्ट्र व कर्नाटक की तरह राज्य में अंधविश्वास विरोधी कानून लाने की मांग की. वहीं माकपा और कांग्रेस ने भी विधानसभा में टीवीके सरकार के पक्ष में वोट देने की घोषणा की. इन दलों के समर्थन से टीवीके को राजनीतिक मजबूती मिलती दिख रही है और राज्य की सत्ता समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। 

खर्च घटाने की पहल: प्रधानमंत्री मोदी ने छोटा किया काफिला, सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव के निर्देश

नई दिल्ली देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ‘किफायत’ बरतने की अपील के बाद सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है. पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया है कि वे एक साल के लिए सोना न खरीदें और विदेश यात्राओं पर खर्च कम करें. इसके अलावा पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल भी संभलकर करने को कहा ताकि देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके।  PM Narendra Modi: पीएम मोदी जो कहते हैं, वो खुद भी करते हैं. इसका सबूत उन्होंने खुद दिया है. पूरी दुनिया में ईंधन संकट की आहट है. संकट से बचने को भारत में भी इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है. यही कारण है कि पीएम मोदी अब लोगों को विदेश यात्रा न करने की अपील कर रहे हैं. सोना न खरीदने को कह रहे हैं. खर्च कम करने को प्रेरित कर रहे हैं. पीएम मोदी केवल देशवासियों से ही ऐसा करने को नहीं कह रहे. वह खुद भी इसे अमल में ला रहे हैं. या यूं कहिए कि उन्होंने एग्जांपल सेट कर दिया है. जी हां, पीएम मोदी ने अपना काफिला आधा कर दिया है. एसपीजी को खास निर्देश देकर काफिले में गाड़ियों की संख्या 50 फीसदी कम करने को कहा है।  टीओआई की खबर के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उनके काफिले का आकार आधिकारिक रूप से कम कर दिया गया है. पीएम मोदी का यह एक बड़ा कदम है. इससे पीएम मोदी ने सरकारी खर्च में कटौती की मिसाल पेश की है. पीएम मोदी ने इस उम्मीद से ऐसा किया है, ताकि बाकी सरकारी विभाग भी इसका पालन करेंगे. हालांकि, पीएम मोदी के इस निर्देश का असर दिखने लगा है. यूपी से एमपी तक मंत्रियों के काफिले कम होने लगे हैं।  PM मोदी का एसपीजी को निर्देश सूत्रों की मानें तो, पीएम मोदी ने एसपीजी यानी स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप को काफिला कम करने का निर्दश दिया है. पीएम मोदी ने कहा है कि उनके काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या 50% तक कम की जाए. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा है कि काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाए. हालांकि, इसके लिए नई गाड़ियां न खरीदी जाएं ताकि अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके।  SPG ने एक्शन दिखाना शुरू किया पीएम मोदी का निर्देश मिलते ही एसपीजी एक्शन में है. एसपीजी ने पीएम के निर्देशों को लागू करना शुरू कर दिया है एसपीजी यह भी सुनिश्चित कर रही है कि भले काफिला कम हो, मगर सुरक्षा के लिए जरूरी नियमों में कोई ढील न दी जाए. सूत्रों का कहना है कि हाल ही में पीएम की दिल्ली के बाहर की यात्राओं में काफिले का आकार पहले से छोटा नजर आया है. एसपीजी अब आगे भी इस दिशा में काम करेगी ताकि ब्लू बुक में दिए गए सख्त नियमों का पालन हो सके।  पीएम मोदी ने ऐसा क्यों किया? गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह कदम ऐसे वक्त में आया है, जब वह लगातार देशवासियों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील कर रहे हैं. पीएम मोदी ने रविवार को हैदराबाद दौरे के दौरान लोगों से ईंधन और सोने की खपत कम करने की अपील भी की थी. इसके कुछ घंटे बाद गुजरात में भी पीएम मोदी ने यही दोहराया था. महज 24 घंटे में दो बार पीएम मोदी ने ईंधन और सोने की खपत में कमी की अपील की थी।  पीएम मोदी के इस कार्य का क्या संकेत अब सवाल है कि आखिर पीएम मोदी ने अपना काफिला छोटा क्यों किया? तो इसके पीछे वजह है एग्जांपल सेट करना. जी हां, पीएम ने खुद पहल करके अन्य विभागों और राज्य सरकारों को एक संकेत दिया है. अब पीएम मोदी की पहल के बाद बाकी सरकारी विभाग भी ऐसा ही कदम उठाएंगे. केंद्र सरकार के मंत्रालय भी अब खर्च कटौती के लिए ऐसे कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं. सरकार अपने कर्मचारियों को मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करने, कारपूलिंग को अपनाने और बड़े-खर्चीले कार्यक्रम से बचने को प्रमोट कर रही है। 

कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल से जुड़ेगी सड़क, पटना से समस्तीपुर सफर होगा आसान

पटना जेपी गंगा पथ की तरह भद्रघाट से दीदारगंज तक फोरलेन सड़क दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। इस सड़क का लगभग 35 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसकी लंबाई 8.5 किलोमीटर है और 158.40 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण हो रहा है। जानकारी के अनुसार पथ निर्माण विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक इसे तैयार करने का है। जनवरी से इसपर आवागमन शुरू होने की संभावना है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार जैसे-जैसे जमीन मिल रही, उस मुताबिक काम किया जा रहा है। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से गंगा किनारे चित्रगुप्त घाट से कंगन घाट तक अतिक्रमण हटाया गया है। कच्ची दरगाह-बिदुपर पुल से जुड़ेगी सड़क उत्तर और दक्षिण बिहार की लाइफलाइन कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल से भद्रघाट-दीदारगंज सड़क जुड़ेगी। इसके जुड़ने से पटना सिटी से लोग समस्तीपुर का सफर कर सकेंगे। यह सफर तीन घंटे से कम होकर 1 घंटे का हो जाएगा। पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस पुल के चालू होने से गांधी सेतु और जेपी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होगा। पटना सिटी के लोगों को आवागमन के लिए जेपी गंगा पथ के अलावा एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे खासतौर पर तख्त श्री हरिमंदिरजी, पटना साहिब जाने वाले यात्रियों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि यह मार्ग यात्रा को सुगम और तेज बनाएगा। मालवाहक वाहन फोरलेन सड़क से मंडी तक पहुंच सकेंगे मारूफगंज मंडी के लिए यह सड़क बहुत लाभकारी साबित होगी। फोरलेन सड़क के निर्माण के बाद मालवाहक वाहनों को पटना सिटी के भीतरी क्षेत्र में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे फोरलेन सड़क से होकर मंडी तक पहुंच सकेंगे, जिससे जाम की समस्या भी कम होगी और समय की बचत होगी। वर्तमान में, मंडी तक पहुंचने वाले वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ता है, जिससे जाम और समय लगता है। छठ महापर्व पर गंगा तक पहुंच होगी आसान इस सड़क में ग्रीन फील्ड 2.25 किमी है। छठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में गंगा तक लोग सुगमतापूर्वक पहुंच सकेंगे। सड़क का निर्माण उस अनुरूप होगा। दरअसल, गंगा से सटा हुआ भद्रघाट से दीदारगंज तक इलाका है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बहाल की जा रही है। ताकि पर्व-त्योहार में घाटों तक पहुंचने में लोगों को परेशानी नहीं हो।

बिहार में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, लोगों से पैनिक न होने की अपील

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे जरूरत पड़ने पर ही चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल करें। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उसके इस्तेमाल पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पेट्रोल-डीजल एवं एलपीजी की अभी पर्याप्त उपलब्धता है। इसलिए लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि कॉलोनी व अपार्टमेंट में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने पर तेजी से काम करें। हमारी प्राथमिकता है कि आमलोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसके लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। लोक सेवक आवास में हुई बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार में पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और एलपीजी का स्टॉक, खपत एवं आपूर्ति की वर्तमान स्थिति के संबंध में सीएम को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार में अब-तक एक लाख 12 हजार पीएनजी कनेक्शन काम कर रहे हैं। इसके लिए 25,813 लोगों ने आवेदन भी दिया है। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंदर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय सिंह सहित तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे। निजी स्कूल मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सहूलियतों का ख्याल रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने साफ कहा है कि निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर रोक लगेगी। साथ ही निजी विद्यालयों की ओर से पुनर्नामांकन शुल्क और अन्य प्रतिबंधित शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से स्कूलों की ओर से अनावश्यक शुल्क लेने पर भी अंकुश लगेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को विज्ञप्ति जारी कर इस निर्णय की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि निजी स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर यह पहल की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के निजी स्कूलों में मनमानी रोकने, फीस को नियंत्रित करने तथा छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि निजी विद्यालयों को सभी तरह के फीस की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी अनिवार्य होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब निजी स्कूल के छात्र-छात्राओं के अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पुस्तकें एवं पठन-पाठन समेत अन्य सामग्री खरीद सकते हैं। संबंधित निजी विद्यालय निर्देशित दुकान और निर्देशित ब्रांड का सामान खरीदने के लिये बाध्य नहीं कर सकता है। साथ ही अब अभिभावक अपनी सुविधानुसार किसी भी दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीद सकते हैं।