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कठुआ से युवक गिरफ्तार, आर्मेनिया से संचालित हो रहा था नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क

कठुआ  पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि कठुआ के एक छोटे से गांव चक्क दराब खां का रहने वाला तस्कर अर्मेनिया में बैठकर नेटवर्क चला रहा है। यह तस्कर पाकिस्तान और पंजाब में सक्रिय नशा तस्करों के संपर्क में है और सीमा पार से पंजाब के रास्ते हेरोइन मंगाकर आगे सप्लाई कर रहा है। पुलिस ने कठुआ के चक्क दराब खां से एक नशा तस्कर को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में यह राजफाश किया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, एक पुख्ता सूचना पर कठुआ के बिलावर पुलिस स्टेशन के एसएचओ मुश्ताक अहमद ने गुरुवार को मुनीश कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से करीब 15 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने अपने घर में भी भारी मात्रा में नशे की खेप छिपा रखी है। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस ने 420 ग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की। पूछताछ में पता चला कि आरोपित ने यह खेप गांव के ही एक नशा तस्कर से ली है, जो छह महीने पहले अर्मेनिया भाग गया था। उसने पंजाब सीमा से खेप को मुनीश तक पहुंचाया। मुनीश अब इसे आगे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पूरे जिले में सक्रिय नशा तस्करों को बेच रहा था। सूत्रों ने बताया कि हेरोइन की जांच से पता चला है कि ऐसी सप्लाई सीमा पार पाकिस्तान से भेजी जाती है। अब पुलिस कठुआ और पंजाब में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। इसके तहत कई टीमें भी गठित की गई हैं। बता दें कि नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है। जिसमें कई बड़ी सफलताएं मिली हैं।

कपिल शर्मा शो विवाद पर बोले सुनील पाल, समय रैना के जोक्स से हुए नाराज

कॉमेडियन सुनील पाल जबसे नेटफ्लिक्स पर कपिल शर्मा के शो में दिखे, तबसे उन्हें अब बहुत पॉपुलैरिटी मिल चुकी है. शो में जो कुछ उनके साथ हुआ, उसके बाद वो कई सारे इंटरव्यू देते नजर आ रहे हैं. सुनील पाल इस दौरान समय रैना के जोस्क और कपिल शर्मा शो के जज नवजोत सिंह सिद्धू और अर्चना पूरन सिंह को लेकर कई दावे कर रहे हैं. कुछ वक्त पहले सुनील पाल ने कहा था कि उन्हें कपिल के शो पर सिर्फ स्टैंडअप करने के लिए बुलाया था. लेकिन असल में उनके साथ कुछ और ही हो गया. कॉमेडियन ने शो के मेकर्स पर आरोप लगाए कि उन्हें जानबूझकर टारगेट किया गया. सुनील पाल ने ये तक कहा था कि उनके खिलाफ शो में साजिश हुई. अब दोबारा सुनील पाल ने अपने विवादित एपिसोड पर बात की. समय के ब्रश जोक पर क्या बोले सुनील पाल? शो के दौरान सुनील पाल को समय रैना ने खूब रोस्ट किया. इसमें उन्होंने उनसे टूथब्रश को लेकर जोक किया था कि सुनील पाल ब्रश नहीं करते. फिल्मीज्ञान ने जब कॉमेडियन से पूछा कि क्या उन्हें समय के इस जोक से अपमानित महसूस हुआ? तो इसपर सुनील पाल ने हामी भरते हुए अपने अंदाज में कहा- मुझे शो में करना क्या था, ये मुझे भी नहीं पता. मैं उससे पहले कई बार कपिल के शो पर गया. मैं उससे पहले जिस शो में गया, सब जगह स्टैंडअप ही किया. 'इसमें भी मुझे वही लगा, लेकिन वहां तो मेरी टांग खींची गई. खैर, चलो इसी बहाने सारी दुनिया ने मेरी टांग तो पकड़ी.' जब होस्ट ने आगे सुनील पाल से कहा कि समय ने शो पर उनके प्रति काफी रिस्पेक्ट भी दिखाई, तो कॉमेडियन ने कहा- तमाम लोग शो पर अच्छा कर रहे थे, सभी एंजॉय कर रहे थे. दूसरी बात, वो एक कॉमेडी शो है. वहां टांग खिंचाई हो सकती है, लेकिन जो मेरे साथ हुआ वो तो कुछ ज्यादा ही हुआ. फिर जो मेरे चाहने वाले हैं, उन्हें बुरा लगा. सुनील पाल ने कहा कि उन्हें शो पर बुरा नहीं लगा, लेकिन वो कुछ वक्त के लिए अनकंफर्टेबल जरूर हुए. इसी बातचीत में सुनील पाल ने समय पर कई बार निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उनके शो पर जहां लोग आते हैं. वहीं समय के शो पर पुलिस आती है. इसलिए जब कपिल के शो पर समय रैना आए, तो उन्हें पुलिस की जगह बुलाया गया. कॉमेडियन का दावा है कि जब उन्होंने समय को आतंकवादी कहा था, तब कई लोग खुश हुए थे. अब सुनील पाल और क्या-क्या बातें करते हैं, ये देखने वाली बात होगी.

हाईकोर्ट की फटकार के बाद पंजाब स्कॉलरशिप घोटाले में शिकंजा, 304 करोड़ गबन मामले में केस दर्ज

चंडीगढ़. राज्य के 304 करोड़ रुपये के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाले में वर्षों की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब पहली बार आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस ब्यूरो ने अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए चलाई गई पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर छह पूर्व अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की ओर से हाल ही में जांच में देरी पर कड़ी टिप्पणी किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। यह मामला शैक्षणिक सत्र 2016-17 से जुड़ा है। छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों की पढ़ाई के लिए निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों को राशि जारी की जाती थी। वर्ष 2019 में इस योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था। उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक विभाग का जिम्मा तत्कालीन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत के पास था। घोटाले के उजागर होने के बाद राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ, लेकिन कई वर्षों तक किसी के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज नहीं हुआ। मामले की जांच पहले विभागीय स्तर पर और फिर उच्चस्तरीय प्रशासनिक समितियों के माध्यम से कराई गई। कांग्रेस सरकार के बाद सत्ता में आई आम आदमी पार्टी सरकार ने जनवरी 2023 में इस पूरे मामले को विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दिया था। इसके बावजूद करीब तीन साल तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान विजिलेंस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। इसके बाद अब केस दर्ज किया गया है। इन पूर्व अधिकारियों पर मामला विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 13(1)(डी) और 13(2) के साथ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 465, 466, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। एफआईआर वर्ष 2020 में गठित तीन आईएएस अधिकारियों—केएपी सिन्हा, वीपी सिंह और जसपाल सिंह—की उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर आम आदमी पार्टी सरकार ने 2023 में केस विजिलेंस को सौंपा था। जिन छह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उनमें पूर्व उपनिदेशक परमिंदर सिंह गिल, पूर्व डिप्टी कंट्रोलर चरणजीत सिंह, पूर्व सेक्शन अधिकारी मुकेश भाटिया, पूर्व सुपरिंटेंडेंट राजिंदर चोपड़ा और वरिष्ठ सहायक रहे राकेश अरोड़ा व बलदेव सिंह शामिल हैं। विभाग ने पहले ही इन अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था और इनके खिलाफ विभागीय आरोप पत्र भी जारी किए गए थे। उच्चस्तरीय समिति की जांच में सामने आया था कि छात्रवृत्ति राशि जारी करने में विभाग ने तय नियमों का पालन नहीं किया। रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने 'पिक एंड चूज' नीति अपनाते हुए कुछ चुनिंदा संस्थानों को लाभ पहुंचाया। कई ऐसे निजी शिक्षण संस्थानों को भुगतान कर दिया गया जो योजना के लिए पात्र ही नहीं थे। कुछ संस्थानों को निर्धारित राशि से कई गुना अधिक भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। यह आया जांच में सामने जांच में यह भी सामने आया कि जिन संस्थानों के ऑडिट में पहले ही गड़बड़ियां पकड़ी जा चुकी थीं, उन्हें भी दोबारा भुगतान किया गया। कई मामलों में भुगतान संबंधी फाइलों में छेड़छाड़ की गई। नोटशीट से टिप्पणियां हटाई गईं, रिकॉर्ड में बदलाव किया गया और कुछ फाइलों के दस्तावेज बदले गए। यहां तक कि जिन संस्थानों को पहले राशि मिल चुकी थी, उन्हें फिर से भुगतान जारी कर दिया गया। समिति ने अपनी रिपोर्ट में तत्कालीन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को क्लीन चिट दी थी और अनियमितताओं के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि विपक्षी दल लगातार यह सवाल उठाते रहे हैं कि इतने बड़े घोटाले में केवल अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों की जा रही है और राजनीतिक जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई।अब एफआईआर दर्ज होने के बाद विजिलेंस ब्यूरो मामले में विस्तृत जांच करेगा। पूर्व अधिकारियों की गिरफ्तारी को छापामारी पूर्व अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।। आरोपितों के वित्तीय लेनदेन और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड दोबारा खंगाले जाएंगे। इतने वर्षों बाद दर्ज हुई यह एफआईआर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच को नई दिशा मिलेगी।

‘हार के बाद कोर्ट का सहारा’… ममता बनर्जी पर पूर्व जज की तीखी टिप्पणी

कोलकत्ता  पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काला कोट पहनकर कोर्ट जाने को लेकर बवाल छिड़ गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने आरोप लगाए हैं कि बनर्जी ने सुर्खियों में बने रहने के लिए अदालत को चुना है। साथ ही उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद वह ऐसा कर रहीं हैं। इधर, BCI यानी भारतीय विधिज्ञ परिषद ने भी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख से जवाब तलब किया है। जस्टिस काटजू ने लिखा, 'ममता बनर्जी हाई कोर्ट क्यों गईं? जाहिर है क्योंकि वह अपना खुद का चुनाव हार गई हैं और इसलिए वह विधानसभा में चिल्ला नहीं सकतीं। लेकिन उनके पास ऐसी जगह होनी चाहिए जहां वह चिल्ला सकें, ताकि उन्हें पब्लिसिटी मिले और वह सुर्खियों में बनी रहें। इसलिए उन्होंने हाई कोर्ट को चुना है।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'ममता बनर्जी ने तो हद कर दी थी।' ममता बनर्जी काले कोट में कोर्ट पहुंचीं बनर्जी गुरुवार को वकील का गाउन पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची। बनर्जी ने चुनाव के बाद कथित हिंसा और पार्टी दफ्तरों पर हमलों के मामले में अपनी दलील में कहा कि ‘बंगाल कोई बुल्डोजर राज्य नहीं है। अदालत से बाहर निकलते समय कुछ लोगों ने ममता के खिलाफ नारे भी लगाए। मामला मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आया। बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी भी थे। यह मामला टीएमसी की ओर से वकील शीर्षन्या बंद्योपाध्याय की दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद पार्टी कार्यालयों पर हमलों और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाया गया है। BCI ने मांगा जवाब BCI ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से बनर्जी के पंजीकरण और पेशेवर वकालत की स्थिति के संबंध में 48 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा। दरअसल, कोई भी व्यक्ति, जो संवैधानिक पद पर है या लाभकारी रूप से नियोजित है, उसे अपना बार लाइसेंस सेवा के दौरान निलंबित करवाना पड़ता है और फिर से वकालत करने के लिए इसे दोबारा चालू कराना होता है। पत्र में कहा गया है, 'ममता बनर्जी ने 2011 से 2026 तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उक्त अवधि के दौरान उनके संवैधानिक सार्वजनिक पद को ध्यान में रखते हुए और इस समय पर इस बात पर कोई राय व्यक्त किए बिना कि ऐसी उपस्थिति की अनुमति है या नहीं, बीसीआई को उनके पंजीकरण, वकालत, निलंबन और दोबारा प्रारंभ की तथ्यात्मक स्थिति आपके रिकॉर्ड से सत्यापित करने की आवश्यकता है।' बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से बनर्जी की पंजीकरण संख्या और राज्य बार काउंसिल में उनके नामांकन की तारीख भी बताने को कहा है।

ओवरब्रिज निर्माण में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं! Arun Sao ने अफसरों को दी कड़ी चेतावनी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज रायपुर में खम्हारडीह-कचना रेल्वे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के अंतिम चरण के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को ओवरब्रिज का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरब्रिज पर पैदल चलकर अधिकारियों से इसके तकनीकी मानकों की जानकारी ली और यहां लाइटिंग के लिए अच्छी गुणवत्ता के पोल्स और लाइट्स का उपयोग करने कहा। साथ ही गुणवत्ता में लापरवाही मिलने पर सबसे पहले जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी और सेतु संभाग के मुख्य अभियंता एसके कोरी भी मौजूद थे। उप मुख्यमंत्री साव ने कचना ओवरब्रिज के निरीक्षण के बाद कहा कि इसका 96 प्रतिशत काम पूर्ण कर लिया गया है। थोड़े से बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण कर इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इस ओवरब्रिज के चालू होने से रायपुर शहर और आसपास के गांवों के हजारों लोगों को ट्रैफिक-जॉम और रेलवे फाटक के बंद होने के कारण यातायात बाधित होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। डिप्टी सीएम साव ने कहा कि राज्य शासन लगातार राजधानी के यातायात को सुदृढ़, व्यवस्थित और तेज करने में लगी हुई है। कचना का यह ओवर-ब्रिज भी इसमें काफी महत्वपूर्ण है, जो अब लगभग पूर्णता की ओर है। इस सड़क से आना-जाना करने वालों के लिए यह बहुप्रतीक्षित ओवर-ब्रिज जल्द ही खोल दिया जाएगा। 49 करोड़ की लागत से बन रहा ओवरब्रिज लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर-वाल्टेयर रेलवे लाइन पर खम्हारडीह और कचना के बीच करीब 49 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन इस रेलवे ओवर-ब्रिज का 96 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। पुल के मध्य के रेलवे वाले भाग के साथ ही दोनों छोरों पर पुल एवं पहुंच मार्ग का काम पूर्ण कर लिया गया है। अभी पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है। इनके पूर्ण होते ही नाली निर्माण और लाइटिंग का काम तत्परता से प्रारंभ किया जाएगा। इस ओवर-ब्रिज के शुरू हो जाने से इस रूट का यातायात व्यवस्थित और तेज होगा।

स्व-गणना पूरी, अब होगी डोर-टू-डोर जांच; 30 जून तक देना होगा गाड़ी से इंटरनेट तक का पूरा ब्योरा

लुधियाना पंजाब में जनगणना के पहले चरण के तहत स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सिर्फ 1.5 लाख लोगों ने ही इसका लाभ उठाया है, जो 2011 की जनगणना के हिसाब से राज्य की कुल जनसंख्या का मात्र 0.54% है।   लुधियाना में लगभग 25,000 निवासियों ने स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की है, जो राज्य में सबसे अधिक है। मोहाली में लगभग 10,000 लोगों ने स्व-गणना की है। अब शुक्रवार से गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे और 30 जून तक यह प्रक्रिया चलेगी। स्व-गणना के तहत लोगों को मोबाइल एप या वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज करने की सुविधा दी गई थी लेकिन अधिक लोग इसके लिए आगे नहीं आए हैं। घरों की गणना के दौरान लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें घर में गाड़ियों की संख्या, लैपटॉप या कंप्यूटर की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा और पीने के पानी का मुख्य स्रोत जैसी जानकारियां शामिल हैं। इसके अलावा घर की बुनियादी सुविधाओं और स्थिति से जुड़े सवाल भी इसमें शामिल होंगे। केंद्र सरकार ने 30 सितंबर 2026 के बीच पहले चरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पंजाब के स्थानीय निकाय विभाग ने गणना की प्रक्रिया को जून माह तक पूरे करने का फैसला लिया है। इससे पहले अमृतसर, जालंधर और मलेरकोटला में प्री-टेस्ट भी किया गया था और जो भी दिक्कतें सामने आई थीं, उन्हें दूर किया गया है। जनगणना प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए अतिरिक्त, संयुक्त और सहायक आयुक्त के साथ नगर योजनाकार और अधीक्षक अभियंता की तैनाती की है, जो जनगणना अधिनियम 1948 के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। ये जानकारी भी की जाएगी दर्ज   घरों की सूची तैयार करते समय गणनाकर्मी भवन संख्या, फर्श दीवार और छत की सामग्री, घर के उपयोग और उसकी स्थिति से जुड़ी जानकारी दर्ज करेंगे। इसके साथ परिवार संख्या, परिवार के मुखिया का नाम और दंपतियों की संख्या भी पूछी जाएगी। स्नान सुविधा, रसोईघर और एलपीजी या पीएनजी कनेक्शन जैसी सुविधाओं का ब्योरा भी लिया जाएगा।

15 मई का टैरो राशिफल,कुछ राशियों के लिए नए अवसर, कुछ के लिए बदलाव का संकेत

आज 15 मई 2026 का दिन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण समझ और भावनात्मक जागरूकता ला रहा है। टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि आज कई लोग उन बातों को समझ पाएंगे, जिन्हें वे काफी समय से नजरअंदाज कर रहे थे। रिश्तों में आई दूरी, काम का दबाव, मन की थकान या बार-बार लौटते पुराने विचार आज आपको रुककर सोचने पर मजबूर कर सकते हैं। कुछ राशियों को करियर या पैसों से जुड़ा जरूरी संकेत भी मिल सकता है। आइए जानते हैं आज का टैरो राशिफल प्रत्येक राशि के लिए क्या कह रहा है। मेष (Aries) आज मन थोड़ा भारी रह सकता है, लेकिन याद रखें कि यह स्थिति अस्थायी है। खुद को अकेला ना समझें। अगर कोई मुश्किल चल रही है तो मदद मांगने में संकोच ना करें। परेशानियां यह साबित नहीं करतीं कि आप असफल हो रहे हैं। खुद पर थोड़ा नरम रहें और छोटे-छोटे कदम उठाते जाएं।     लकी टिप: भावनात्मक मजबूती के लिए काले या गहरे नीले रंग के कपड़े पहनें।     क्रिस्टल उपाय: सुरक्षा के लिए ब्लैक टर्मेलाइन का इस्तेमाल करें। वृषभ (Taurus) आज भावनाओं की बजाय दिमाग से काम लें। फैसले और बातचीत में स्पष्टता और ईमानदारी रखें। आपकी समझदारी ही आपकी शांति की रक्षा करेगी। कभी-कभी थोड़ी दूरी बनाने से चीजें ज्यादा साफ दिखने लगती हैं।     लकी टिप: सही निर्णय लेने के लिए सफेद या चांदी के रंग का चुनाव करें।     क्रिस्टल उपाय: एकाग्रता के लिए क्लियर क्वार्ट्ज पास रखें। मिथुन (Gemini) आज पुरानी यादों में खोए रह सकते हैं। कोई पुराना व्यक्ति या भूली हुई याद सामने आ सकती है। यादों से सीखें, लेकिन उनमें उलझें नहीं। कोमलता में भी बड़ी ताकत होती है। भावनाओं को महसूस करें और फिर आगे बढ़ें।     लकी टिप: सुकून के लिए अपनी कोई पुरानी खास चीज पास रखें।     क्रिस्टल उपाय: भावनात्मक संतुलन के लिए मूनस्टोन का प्रयोग करें। कर्क (Cancer) आज आपके चारों ओर खुशियों का घेरा है। परिवार, प्यार और रिश्तों में शांति और सुकून बना रहेगा। खुशी हमेशा शोर-शराबे वाली नहीं होती, शांत खुशियां भी सच्ची होती हैं। बिना डर के इस सुख को स्वीकार करें।     लकी टिप: सद्भाव के लिए गुलाबी या पेस्टल रंग पहनें।     क्रिस्टल उपाय: प्रेम और शांति के लिए रोज क्वार्ट्ज का उपयोग करें। सिंह (Leo) आज का दिन हीलिंग और उम्मीद का है। अगर पिछले कुछ दिनों से जीवन बोझिल लग रहा था, तो अब चीजें सुधरने लगेंगी। अपनी राह पर भरोसा रखें और शंका करना छोड़ दें। उम्मीद ही आपकी असली आध्यात्मिक शक्ति है।     लकी टिप: सुबह के आकाश के नीचे कुछ पल बिताएं।     क्रिस्टल उपाय: शांति के लिए एक्वामरीन पहनें। कन्या (Virgo) आज का दिन जश्न और दोस्तों के साथ का है। उन लोगों के साथ समय बिताएं जो आपको अंदर से हल्का महसूस कराते हैं। खुशियां बांटने से बढ़ती हैं। बिना अपराधबोध के जीवन के इन मधुर पलों का आनंद लें।     लकी टिप: सकारात्मक ऊर्जा के लिए पीला रंग पहनें या पास में ताजे फूल रखें।     क्रिस्टल उपाय: खुशहाली के लिए सिट्रीन का प्रयोग करें। तुला (Libra) आज आप दो रास्तों के बीच खुद को फंसा हुआ महसूस कर सकते हैं। सच से भागने से उलझन बढ़ेगी। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें। जैसे ही फैसला ले लेंगे, मन की शांति वापस लौट आएगी।     लकी टिप: स्पष्ट सोच के लिए ग्रे या हल्के नीले रंग के कपड़े पहनें।     क्रिस्टल उपाय: मानसिक स्पष्टता के लिए एमेथिस्ट का उपयोग करें। वृश्चिक (Scorpio) आज अकेले काम करने की बजाय टीम के साथ मिलकर चलें। साझा प्रयास ही आपको बड़ी सफलता दिलाएंगे। उन लोगों पर भरोसा करें जो अपनी बातों से नहीं, बल्कि काम से खुद को साबित करते हैं।     लकी टिप: ध्यान केंद्रित करने के लिए डायरी या नोटबुक साथ रखें।     क्रिस्टल उपाय: तालमेल बिठाने के लिए फ्लोराइट का प्रयोग करें। धनु (Sagittarius) आज काम, पैसा या स्थिरता से जुड़ा कोई नया और शानदार मौका मिल सकता है। यह दिन व्यावहारिक लाभ के लिए बहुत मजबूत है। किसी भी छोटी शुरुआत को नजरअंदाज ना करें, क्योंकि बड़े मौके अक्सर दबे पांव आते हैं।     लकी टिप: समृद्धि के लिए वॉलेट में एक सिक्का रखें।     क्रिस्टल उपाय: तरक्की के लिए पाइराइट पास रखें। मकर (Capricorn) आज आपकी कोई पुरानी इच्छा पूरी होने की दिशा में बढ़ सकती है। मन में संतोष का भाव रहेगा। जो मिला है उसके लिए शुक्रिया अदा करें। आप इस शांति और खुशी के हकदार हैं, इसे जी भरकर जिएं।     लकी टिप: खुशियां आकर्षित करने के लिए सुनहरा या कोमल गुलाबी रंग पहनें।     क्रिस्टल उपाय: भावनात्मक सुख के लिए जेड का प्रयोग करें। कुंभ (Aquarius) आज आपके जीवन का कोई पुराना अध्याय समाप्त हो सकता है। इसे डर से नहीं, बल्कि बदलाव की तरह देखें। जो जा रहा है, उसे जाने दें ताकि कुछ नया और बेहतर आपके जीवन में आ सके। अंत ही नई शुरुआत की नींव है।     लकी टिप: घर या कमरे का एक कोना साफ करें।     क्रिस्टल उपाय: सुरक्षा के लिए ओब्सीडियन पास रखें। मीन (Pisces) आज आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। अपनी ताकत पर भरोसा करें और दूसरों के लिए खुद को छोटा ना करें। आपका यही कॉन्फिडेंस आज नए रास्ते खोलेगा।     लकी टिप: सफलता और आकर्षण के लिए लाल या नारंगी रंग पहनें।     क्रिस्टल उपाय: साहस के लिए कार्नेलियन का उपयोग करें।

पेट संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए संजीवनी बनी भगवंत मान सरकार की सेहत योजना

चंडीगढ़  पंजाब भीषण गर्मी और गैस्ट्रोएंटेराइटिस तथा डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों की मार झेल रहा है, ऐसे में भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ हज़ारों परिवारों के लिए मज़बूत सहारा बनकर उभरी है. तेज़ गर्मी का असर अब केवल खेतों और सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पतालों के वार्डों तक पहुंच गया है, जहां डिहाइड्रेशन और पेट संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में मरीज़ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. हालांकि, बढ़ती बीमारी के बीच पूरे राज्य में कई परिवारों को मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से कैशलेस इलाज से राहत मिल रही है।  जनवरी से अप्रैल तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 3,279 गंभीर मामलों में कैशलेस उपचार प्रदान किया गया, जिसमें केवल गैस्ट्रो और पेट संबंधी बीमारियों पर ₹73.42 लाख ख़र्च किए गए. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पेट संक्रमण, उल्टी, कमज़ोरी और गंभीर डिहाइड्रेशन से पीड़ित मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है. योजना के उपचार रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल महीने में ही 1,400 से अधिक मरीज़ों ने डिहाइड्रेशन से जुड़ी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का इलाज करवाया।  इन मामलों में मॉडरेट डिहाइड्रेशन के साथ तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीज़ सबसे अधिक रहे, जिनकी संख्या 1,050 से अधिक रही. लगभग 115 मरीज़ गंभीर डिहाइड्रेशन से पीड़ित थे, जबकि 250 से अधिक मरीज़ों को बार-बार उल्टी के कारण शरीर में द्रव की कमी और अत्यधिक थकान के चलते अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।  गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के बाल रोग विभाग के प्रोफ़ेसर एवं प्रमुख डॉ. शशि कांत धीर के अनुसार अत्यधिक गर्मी पेट संक्रमण के मामलों में वृद्धि कर रही है. उन्होंने कहा,“तेज़ गर्मी में भोजन जल्दी ख़राब हो जाता है और दूषित पानी तथा अस्वच्छ खानपान बीमारियों के खतरे को बढ़ाते हैं.” उन्होंने आगे कहा,”मरीज़ अक्सर दस्त, पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और बुखार जैसी शिकायतें लेकर अस्पताल पहुंचते हैं. गंभीर स्थिति में देरी से इलाज मिलने पर रक्तचाप गिरने, किडनी संबंधी जटिलताओं और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से मानसिक भ्रम जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।  जहां बुजुर्गों में इस मौसम में रिकवरी धीमी होती है और जल धारण क्षमता भी कम होती है. वहीं डॉ. शशि कांत धीर ने चेतावनी देते हुए कहा,” बच्चे भी तेज़ी से डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं. बच्चों में उल्टी और दस्त के कारण तरल पदार्थ तेज़ी से कम हो जाता है.” आंकड़ों के अनुसार इस गर्मी के स्वास्थ्य संकट का सबसे अधिक प्रभाव वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ा है. अप्रैल में 1,290 से अधिक बुजुर्गों ने इस योजना के तहत इलाज करवाया, जबकि लगभग 120 बच्चे उपचार प्राप्त कर चुके हैं।  होशियारपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां केवल मॉडरेट डिहाइड्रेशन के साथ तीव्र गैस्ट्रोएंटेराइटिस से पीड़ित 250 से अधिक बुज़ुर्ग मरीज़ों का इलाज किया गया. जालंधर में भी इसी श्रेणी के तहत 100 से अधिक मामले दर्ज हुए. पटियाला, लुधियाना, रूपनगर, बरनाला, संगरूर, बठिंडा और शहीद भगत सिंह नगर में भी समान प्रवृत्ति देखी गई।  वहीं श्री मुक्तसर साहिब, पठानकोट, फतेहगढ़ साहिब और गुरदासपुर जिलों में उल्टी और डिहाइड्रेशन के कई मामले सामने आए, जिनमें कई मरीज़ों को तुरंत अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. हालाँकि,असंख्य परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत केवल इलाज ही नहीं बल्कि आर्थिक बोझ से मुक्ति भी रही है. मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र नागरिकों को बिना किसी ख़र्च के जाँच, दवाइयाँ, आईवी फ्लूड, हाइड्रेशन थेरेपी और अस्पताल में इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।  अधिकारियों के अनुसार, सेहत कार्ड ने लोगों को अधिक ख़र्च के डर से इलाज में देरी करने के बजाय समय पर चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित किया है. यह विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण साबित हुआ है, जिनमें से कई परिवार पहले स्थिति गंभीर होने तक अस्पताल जाने में देरी करते थे।  डॉ. शशि कांत धीर ने सलाह दी कि, “बच्चों के माता-पिता को गर्मियों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, जैसे कि बच्चों को पर्याप्त पानी देना, हल्के सूती कपड़े पहनाना, दोपहर की तेज़ धूप से बचाना और घर का बना ताज़ा भोजन देना.” उन्होंने यह भी आग्रह किया कि यदि बच्चों में बुखार, उल्टी, सुस्ती या डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दें तो माता-पिता तुरंत चिकित्सा सहायता लें।  इस समय जब राज्य में मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है, ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं रह गई है. भीषण गर्मी से जूझ रहे कई पंजाबी परिवारों के लिए यह समय पर इलाज और स्वास्थ्य सेवा की एक महत्त्वपूर्ण गारंटी बन गई है, जिससे उपचार के दौरान आर्थिक बोझ का डर नहीं रहता। 

NEET UG बड़ा बदलाव: रि-एग्जाम के बाद परीक्षा होगी ऑनलाइन, NTA का नया सिस्टम लागू

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद अब पुनर्परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है. एजेंसी के अनुसार, परीक्षा अब 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए NTA ने कहा कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है. साथ ही अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें. OMR शीट की जगह ऑनलाइन होगी परीक्षा इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के आगे कई बातें साफ कीं. सबसे पहले उन्होंने बताया कि पेपर लीक के इस प्रकरण को देखते हुए अगले साल से NEET  की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड और ऑनलाइन होगी. ओएमआर शीट की जगह छात्रों को कंप्यूटर के सामने बैठाया जाएगा जिससे पारदर्शिता रहे. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-  एनटीए ने NEET UG की नई तारीख की घोषणा कर दी है. 21 जून को पुनर्परीक्षा होगी. हमारी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है. उन्होंने कहा- इससे पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी और 7 मई तक एनटीए के  कंपलेंट सिस्टम में कुछ चिंताएं उठाई गईं और आंतरिक जांच भी हुई.  फिर मामला संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया, जिसमें कई राज्य शामिल थे. इस केस में 12 मई तक स्थिति स्पष्ट हो गई थी.  हमें 12 मई तक पता चला कि शिक्षा माफियाओं के माध्यम से गेस पेपर जारी हुए थे जो परीक्षा में आए पेपर से मेल खा रहे थे. 21 जून को रि-एग्जाम, 14 जून को एडमिट कार्ड उन्होंने आगे कहा- हम छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं करना चाहते. इसलिए हमने परीक्षा के लिए नई तारीख 21 जून तय की है . इसके लिए 14 जून को एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे. अनियमितताओं के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है. सीबीआई की कार्रवाई और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई शुरू हो चुकी है 'किसी माफिया को नहीं छीनने देंगे सीट' उन्होंने कहा- राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों का पालन करने के बावजूद यह उल्लंघन कैसे हुआ? ऐसे में सरकारी मशीनरी यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार कोई अनियमितता न हो. हम किसी भी माफिया को पैसों के बल पर आपकी सीट छीनने नहीं देंगे. मंत्री के रूप में, अभिभावक के रूप में, अधिकारी के रूप में – हमें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा. हमें सुधारों के लिए कई सुझाव मिले हैं. 'री-एग्जाम के लिए कोई फीस नहीं, सेंटर भी पसंद का' प्रधान ने कहा-  एनटीए का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हुआ था और वह बहुत ही सक्षम नेतृत्व में है. प्रत्येक वर्ष 1 करोड़ उम्मीदवार एनटीए परीक्षाओं में शामिल होते हैं. एनईईटी परीक्षा रद्द होने के दिन एनटीए ने दो निर्णय लिए- सबसे पहले तो एनईटी स्नातक परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा, दूसरा पुनर्परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसको लेकर एनटीए शाम तक एक और सूचना जारी करेगा. उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को री- एग्जाम में शामिल होने के लिए अपनी पसंद का शहर चुनने का अवसर मिलेगा. इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा. ओएमआर शीट में छात्रों का विवरण भरने के लिए 15 मिनट एक्सट्रा दिए जाएंगे. 'अफवाहों पर विश्वास न करें छात्र' प्रधान ने कहा कि इसके अलावा मैं उम्मीदवारों के परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों से बात करूंगा. चुंकी जून की परीक्षा में मानसून रहेगा, हम खराब मौसम के प्रभाव पर विचार कर रहे हैं. छात्रों से अपील है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें. आखिर में प्रधान ने कहा- पूरे केस में सीबीआई गहन जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा  

ट्रेनिंग ली, फिर भी ड्यूटी से नदारद! लुधियाना में 1000 कर्मियों पर FIR का खतरा

लुधियाना लुधियाना में जनगणना ड्यूटी से भागने वाले 1000 से ज्यादा कर्मचारियों पर FIR दर्ज होगी। नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने चारों जोनों के जनगणना अफसरों को हिदायतें दे दी हैं कि जो कर्मचारी किट लेकर नहीं गया है. लुधियाना में जनगणना की जिम्मेदारी नगर निगम कमिश्नर को सौंपी गई। निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल ने अलग-अलग विभागों के साथ निजी संस्थानों 6500 के करीब कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी सौंपी। निगम ने जनगणना के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी। कर्मचारी ट्रेनिंग में भी शामिल हुए, लेकिन जब उन्हें किट ले जाने के लिए कहा तो 1000 से ज्यादा कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। नगर निगम कमिश्नर समेत तमाम अफसर रात तक कर्मचारियों को बुलाने के लिए तरले काटते रहे। जोनल कमिश्नर कर्मचारियों से करते रहे संपर्क जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों वीरवार को सुबह से ही कर्मचारियों को किट व आईकार्ड ले जाने के लिए संपर्क करते रहे। नगर निगम पिछले 3-4 दिन से कर्मचारियों को किट बांट रहा था। निगम अफसरों को कर्मचारियों के न पहुंचने का अंदेशा नहीं था क्योंकि वह लगातार ट्रेनिंग में हिस्सा ले रहे थे। एक कर्मचारी के हिस्से 150 घर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में हाउस होल्ड की गणना होनी है। लुधियाना नगर निगम एरिया में एक कर्मचारी को 150 घरों की जिम्मेदारी दी गई है। कर्मचारियों को 15 मई से 13 जून तक यह गणना करनी है। रोजाना पांच से छह घरों की गणना भी करता है तो इस दौरान वो आसानी से 150 घरों की गणना पूरी कर सकता है। उन्होंने बताया कि लुधियाना में काफी संख्या में लोग स्वगणना कर चुके हैं। इसके बावजूद वो जनगणना ड्यूटी से भाग रहे हैं। जनगणना एक्ट 1948 के तहत हो सकती है यह कार्रवाई, जानिए.. सीधे दर्ज होगी FIR: जोनल कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों ने बताया कि जनगणना की ड्यूटी पर न आने या काम बीच में छोड़ने पर पुलिस केस (FIR) दर्ज किया जा सकता है। जेल और जुर्माना: सेखों ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अगर दोषी पाए गए तो कर्मचारी या अधिकारी को सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है। नौकरी पर संकट: ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ विभाग की तरफ से भी कड़ी कार्रवाई की जाती है, जिससे नौकरी पर खतरा बन सकता है। सटीक जानकारी जरूरी: यह कानून सिर्फ कर्मचारियों पर ही नहीं, आम जनता पर भी लागू होता है। गलत जानकारी देने या गणनाकार को रोकने पर भी कार्रवाई हो सकती है। आज से शुरू होनी है डोर-टू डेार हाउस लिस्टिंग नगर निगम कमिश्नर डॉ नीरू कत्याल गुप्ता ने बताया कि आज से डोर-टू-डोर हाउस लिस्टिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने स्वगणना कर दी है उन्हें सिर्फ एसई आईडी देनी होगी। नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि इस प्रक्रिया में जो भी सूचनाएं देंगे वो पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगी।