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आर्थिक अपराध पर हाईकोर्ट सख्त, Anwar Dhebar की जमानत अर्जी खारिज

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मैनपावर सप्लाई घोटाले में आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य अपराध नहीं होते, बल्कि ये समाज और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली सुनियोजित साजिश होते हैं। मामला CSMCL में कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी से जुड़ा है। ED की जांच में 28.80 लाख रुपए नकद मिले थे। आरोप है कि कर्मचारियों के ओवरटाइम के पैसे में भ्रष्टाचार किया गया। जांच के आधार पर ACB ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। अनवर ढेबर पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर CSMCL के कामकाज और पैसों के फैसलों में दखल दिया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, संस्था को मैनपावर सप्लाई करने वाली निजी एजेंसियों के बिल तब तक पास नहीं किए जाते थे, जब तक वे तय रकम कमीशन के रूप में नहीं देती थीं। शुरुआत में कमीशन तय दर पर लिया जाता था, लेकिन बाद में अनवर ढेबर के निर्देश पर इसे बढ़ाकर बिल राशि का एक-तिहाई या उससे ज्यादा कर दिया गया। आरोप है कि चुनाव के नाम पर अवैध वसूली और बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए थे। इस मामले में निगम के तत्कालीन अधिकारियों और कुछ निजी लोगों पर पैसे पहुंचाने वाले माध्यम के तौर पर काम करने का आरोप है। वे एजेंसियों से रकम लेकर अनवर ढेबर तक पहुंचाते थे। ED ने 29 नवंबर 2023 को ट्रैप कार्रवाई के दौरान ईगल हंटर सॉल्यूशंस एजेंसी के कर्मचारियों को 28.80 लाख रुपए की रिश्वत देते हुए पकड़ा था। इसी कार्रवाई में मिले सबूतों के आधार पर अनवर ढेबर को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। अनवर ढेबर ने इस मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि यह कस्टडी का एवरग्रीनिंग है। उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि एक ही मामले में बार-बार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, ताकि याचिकाकर्ता को जेल से बाहर आने का मौका न मिले। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि आरोपी प्रभावशाली है या सीधे तौर पर धन की वसूली उसके पास से नहीं हुई है। जब मामला जनता के पैसे और सरकारी खजाने की लूट से जुड़ा हो, तो कोर्ट को अलर्ट रहना चाहिए। ऐसे घोटाले न केवल देश के आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी चोट पहुंचाते हैं। कोर्ट ने ढेबर को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता और फायदा लेने वाला बताया है।

झारखंड प्रशासन अलर्ट: ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने के लिए तेज निगरानी और कार्रवाई का प्लान

 रांची  जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित डिस्ट्रीक्ट एनसीओआरडी कमिटी (नारकोटिक्स कंट्रोल को-ऑर्डिनेशन) की महत्वपूर्ण बैठक में जिले में बढ़ते नशीले पदार्थों के कारोबार, तस्करी और दुरुपयोग पर सख्त रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की रूपरेखा तय की। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्रग हाट स्पाट्स की तत्काल पहचान कर विशेष निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों की तेज जांच और अभियोजन सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य बैठक में स्कूलों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान चलाने तथा नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की पहचान कर उन्हें डी-एडिक्शन सेंटर से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया। मेडिकल दुकानों, फार्मेसी और रसायनिक दुकानों की सघन जांच कर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री रोकने के निर्देश भी दिए गए। गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई उपायुक्त ने सीमावर्ती इलाकों और परिवहन मार्गों पर चेकपोस्ट मजबूत करने तथा इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी रोकने के लिए पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया तेज करने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में जिले में गैर कानूनी रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं अफीम की खेती रोकने के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की योजना बनाई गई, जिसमें मुखिया, प्रधान, समाजसेवी और जेएसएलपीएस को जोड़ा जाएगा। उपायुक्त ने अफीम की खेती से जुड़े लोगों की पहचान कर उनकी पुरानी गतिविधियों के आधार पर निगरानी रखने तथा दोबारा इस अवैध कार्य में शामिल होने से रोकने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रग्स बेचने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में गौतम गोस्वामी, कुमार रजत, डॉ. प्रभात कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करना उद्देश्य उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा, रांची जिला युवा बहुल है। हमारी आने वाली पीढ़ी को नशीले पदार्थों के खतरे से बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रशासन और पुलिस पूर्ण समन्वय के साथ काम कर नशा मुक्त रांची के लक्ष्य को हासिल करेंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ड्रग तस्करी, अवैध ड्रग्स बिक्री, गांजा या अफीम की खेती अथवा किसी भी नशीले पदार्थ से जुड़ी गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस, स्थानीय थाना या मादक पदार्थ निषेध सूचना केंद्र के टोल फ्री नंबर 1933 पर सूचना दें। गुमनाम सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, NEET परीक्षा में मिलेगा एक्स्ट्रा टाइम; एडमिट कार्ड की तारीख भी तय

नई दिल्ली NEET के पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस बवाल के बीच आज पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया ने सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नई तारीखों की जानकारी पहले ही दे दी थी. 21 जून को छात्र दोबारा अपनी किस्मत आजमाएंगे. एडमिट कार्ड से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की जानकारी NTA की ओर से दी जाएगी।  3 से 4 दिन के बाद लिया गया फैसला  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गेस पेपर लीक होने के 3 से 4 दिन का समय लिया जिसके बाद से परीक्षा रद्द की गई ताकि किसी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि हम आज नई तारीख के साथ आए हैं. आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी. हमारी अप्रोच वही रहेगी. परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है. विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है जिससे बचना बेहद जरूरी है. ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी. इस बार सीबीआई तह तक जाएगी और गड़बड़ी का पता लगाएगी. मंत्री ने कहा कि उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं. जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा।  नई तारीख का हुआ ऐलान  हमने समय में NEET के लिए नई तारीख का ऐलान कर दिया है. जब से परीक्षा में पेपर लीक की बातें सामने आई हैं तब से हमने इसपर अपनी पैनी नजर बनाई है. इसके लिए CBI को जांच सौंपी गई थी।  हम आज नई तारीख के साथ आए हैं। आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी। हमारी अप्रोच वही रहेगी। परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है। विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है। ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी। इस बार सीबीआई तह तक जाएगी। कहां चूक हुई है, उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा। हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें यह बड़ा निर्णय लेना पड़ा, ताकि अन्याय न हो सके। हमें अनेक सुझाव मिले हैं। एनटीए में जीरो-एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे। एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है। विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं। दोबारा एग्जाम की कोई फीस नहीं ली जाएगी। एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का अवसर देंगे।  परीक्षा में होने वाली फॉर्मेलिटीज के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा के लिए 2 से 5.15 तक का समय दिया जाएगा। सभी के पास 14 जून तक एडमिट कार्ड पहुंच जाएगा। भारत सरकार की ओर से हम बात करेंगे कि इस बार नीट की परीक्षा के समय विद्यार्थियों के आवागमन के बोझ को कम किया जा सके, इसकी बात करेंगे। मौसम खराब रहने पर क्या करेंगे इसकी भी हम व्यवस्था करेंगे। कोई भी अफवाह में न जाएं। राधाकृष्णन कमेटी का पूरा पालन करने के बाद भी इसमें चूक हुई है, इसमें सुधारने की हम जिम्मेदारी लेते हैं। अगले साल से नीट की परीक्षा कम्प्यूटर से होगी। दुख के साथ लिया गया फैसला  धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें ये फैसला लेना पड़ा ताकि अन्याय न हो सके. हमें अनेक सुझाव मिले हैं. एनटीए में जीरो एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे. एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है. विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं.  एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का मौका देंगे. उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान 12 मई तक यह साफ हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी ईमानदार और मेहनती छात्र का हक छीना जाए।  अगले साल से ऑनलाइन होगी एग्जाम  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से नीट यूजी (NEET UG) की परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।  14 जून को आएगा एडमिट कार्ड  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान बताया कि नीट यूजी 2026 के री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे. इसके अलावा छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। 

Bhojshala मामले में हाई कोर्ट का अहम निर्णय, मंदिर परिसर घोषित; मुस्लिम पक्ष को अलग भूमि मिलेगी

धार. मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित भोजशाला परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। मामले में जज ने फैसला पढ़ते हुए भोजशाला परिसर को मंदिर माना है। कोर्ट के फैसले में परिसर को मां वाग्देवी के मंदिर के रूप में माना गया है। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष को अलग से जमीन दी जाएगी। फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ी फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी तरह सतर्क और हाई अलर्ट पर हैं। मामले पर फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने अंतरसिंह की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने कोर्ट से मांग की थी कि दोनों पक्षों में सौहार्द बना रहे, इस तरह की व्यवस्था का आदेश दिया जाए। मंदिर पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने इस फैसले के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हिंदुओं को पूजा का अधिकार मिला। भोजशाला का फैसला हिंदू पक्ष में आते ही इंदौर के हाईकोर्ट गेट 3 के सामने समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज धार की ऐतिहासिक भोजशाला में शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच में नमाज हुई। शांतिपूर्ण तरीके से नमाज हो चुकी है और अधिकांश मुस्लिम अपने इलाकों में पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने बीती रात से ही अधिक मात्रा में पुलिस बल बुला लिया था। दूसरी ओर अब भोजशाला के बाहर ज्योति मंदिर पर बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग एकत्रित हो रहे हैं। युगल पीठ ने सुरक्षित रख लिया था फैसला इससे पहले छह अप्रैल से चली नियमित सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आलोक कुमार अवस्थी और न्यायमूर्ति वीके शुक्ला की युगल पीठ ने बीती 12 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद के साथ ही अरशद वारसी और शोभा मेनन ने पक्ष रखा था। मंदिर पक्ष की ओर से विष्णु शंकर जैन और मनीष गुप्ता ने तर्क प्रस्तुत किए थे। फैसले से पहले आइसक्रीम पार्टी आयोजित महत्वपूर्ण फैसला आने से ठीक पहले हाई कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा एक आइसक्रीम पार्टी आयोजित की गई है। गौरतलब है कि हाई कोर्ट में हर साल ग्रीष्म अवकाश शुरू होने के ठीक पहले अंतिम कार्य दिवस पर अभिभाषक संघ द्वारा आइसक्रीम पार्टी आयोजित की जाती है। हाई कोर्ट और जिला कोर्ट में ग्रीष्म अवकाश शनिवार से शुरू हो रहे हैं, जो लगभग एक माह के होंगे। अवकाश में आपराधिक और अर्जेंट मामलों की सुनवाई हो सकेगी। क्या है पूरा विवाद? यह विवाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) संरक्षित भोजशाला परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर है। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र मानता था, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता था। वहीं जैन समुदाय के एक पक्ष का दावा था कि यह मध्यकालीन जैन मंदिर और गुरुकुल था। चार साल से चल रही थी सुनवाई दरअसल, हिंदू पक्ष की ओर से हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर भोजशाला को मंदिर घोषित करने तथा हिंदू समाज को वर्षभर 24 घंटे पूजा-अर्चना का अधिकार देने की मांग की गई थी। इस मामले में पिछले चार वर्षों से सुनवाई चल रही थी।

घंटों कंप्यूटर काम से बढ़ता है स्वास्थ्य जोखिम, अपनाएं ये आसान सुरक्षा टिप्स

आज के डिजिटल दौर में कंप्यूटर और लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना आम बात हो गई है, लेकिन लंबे समय तक एक ही पोज़ीशन में बैठने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जन्म ले रही हैं। हाल ही में डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऑफिस वर्क करने वाले युवा और खासकर महिलाएं फ्रोजन शोल्डर यानी कंधों के जाम होने की समस्या का तेजी से शिकार हो रही हैं। यह समस्या न केवल आपके कंधों बल्कि गर्दन, कमर और रीढ़ की हड्डी को भी प्रभावित कर सकती है। आइए जानते हैं इस दर्द के कारण, लक्षण और बचाव के तरीक कामकाजी महिलाओं और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले युवाओं में फ्रोजन शोल्डर और शोल्डर पेन के मामले बढ़ रहे हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि कई घंटे तक कंप्यूटर या लैपटॉप के सामने बैठकर काम करना, मोबाइल पर लगातार नजरें गड़ाए रखना और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके मुख्य कारण हैं।   फ्रोजन शोल्डर क्या है? फ्रोजन शोल्डर वह स्थिति है जिसमें कंधों की मांसपेशियां जकड़ जाती हैं और उनमें दर्द व सूजन होने लगती है। शुरुआत में यह परेशानी हल्की लगती है, लेकिन अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह गंभीर हो सकती है। महिलाएं ज्यादा प्रभावित क्यों? वरिष्ठ आर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. आरएस बाजौरिया के अनुसार, महिलाओं में मोटापा, गर्दन-कंधों पर बढ़ती चर्बी और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण मांसपेशियां जल्दी कमजोर हो जाती हैं। कई महिलाएं तो पीठ तक हाथ नहीं ले जा पातीं, जिससे बालों में कंघी करना, कपड़े पहनना या हल्का सामान उठाना भी मुश्किल हो जाता है। लक्षण (Symptoms)     कंधों में दर्द और जकड़न     हाथ ऊपर या पीछे ले जाने में कठिनाई     हल्के वजन उठाने में तकलीफ     गर्दन और कमर तक दर्द फैलना कारण (Causes)     लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठना     लगातार कंप्यूटर/मोबाइल स्क्रीन देखना     व्यायाम और स्ट्रेचिंग की कमी     मोटापा और बढ़ा हुआ वजन     सोते समय गलत पोजीशन बचाव के आसान तरीके (Prevention Tips) 1. हर 30-40 मिनट में ब्रेक लें – स्क्रीन से नजर हटाकर शरीर को स्ट्रेच करें। 2. सीधे बैठें – झुककर या तिरछा होकर कंप्यूटर/मोबाइल का उपयोग न करें। 3. नियमित व्यायाम करें – खासकर कंधे, गर्दन और रीढ़ को मजबूत करने वाले व्यायाम। 4. हाथ सिर के नीचे रखकर न सोएं – इससे नसों पर दबाव बढ़ सकता है। 5. वजन नियंत्रित रखें – मोटापा कंधों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। विशेषज्ञ की सलाह फ्रोजन शोल्डर के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें। समय पर फिजियोथेरेपी और हल्के व्यायाम से काफी हद तक आराम पाया जा सकता है।

रांची में नई योजन,बिना नक्शा बने मकानों को नियमित करने का मिलेगा मौका

रांची नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के अंदर अपने अवैध बने भवनों को नियमित करने के लिए आवेदन कर दें ताकि समय पर काम पूरा हो सके। वह गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026 के तहत ऑनलाइन पोर्टल का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहां आम लोगों को मौका प्रदान किया जा रहा है कि वे भवनों का नियमितीकरण करा सकेंगे। सरकार ने आम लोगों को राहत प्रदान करने के लिए यह योजना लांच की है। अब लोग घर बैठे पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे। सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आम लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों के नियमितीकरण के लिए यह अवसर प्रदान किया गया है। नगर विकास विभाग ने अथक प्रयासों के बाद इस योजना को मूर्तरूप दिया है। अब आनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो चुका है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। योजना को सफल बनाने के लिए आम लोगों का सहयोग जरूरी है। सरकार की नीतियों के अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के मकान बना लिए हैं, उन लोगों के लिए एक मौका दिया गया है। सरकार ने इसके लिए नियमावली को बहुत ही सरल बनाया है। नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रविधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है। व्यवस्थित शहरीकरण ही उद्देश्य : सुनील कुमार प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है। रांची में तीन फ्लाइओवर बन कर तैयार है। सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर पर भी काम चल रहा है। अरगोड़ा, करमटोली और हरमू में तीन नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री का निर्देश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड, फुटपाथ, टाउनहाल, नाली आदि व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड की दिशा में काम जारी है। निकायों का राजस्व बढ़ाने पर फोकस है। टाउन प्लानर, इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने नियमितीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि दो माह के अंदर आनलाइन आवेदन करना है और छह माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जी 2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा। योजना से आम लोगों को राहत सूडा निदेशक सूरज कुमार ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है। किसी कारण से लोगों ने अपना मकान बिना नक्शा पास कराए बना लिया है। ऐसे अनधिकृत भवनों के नियमितीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है, ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।इस योजना का लाभ अधिक से अधिक लोग उठाएं। इसके लिए पोर्टल पर जाकर आनलाइन आवेदन करें।उन्होंने पोर्टल आवेदन करने की विधि का लाइव डेमोस्ट्रेशन भी दिया। इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव ज्ञानेंद्र कुमार, अपर सचिव जुल्फिकार अली, धनबाद नगर आयुक्त आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे।  

चाणक्य नीति: ये 5 तरह के लोग बन सकते हैं आपके लिए सबसे खतरनाक दुश्मन

आपने कई बार सुना होगा कि अपने दुश्मन को पहचानो, उससे बचो और उसे हराओ. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कुछ दुश्मन ऐसे भी होते हैं, जिन्हें दुश्मन बनाना ही आपकी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है? ऐसे लोग अगर आपके खिलाफ हो जाएं, तो आपकी शांति, सफलता और खुशियां, सब कुछ खत्म हो सकता है. आचार्य चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने अपने गहरे अनुभव से यह बताया कि कुछ शत्रु ऐसे होते हैं जिनसे टकराना मतलब खुद का नुकसान करना है. चाणक्य के मुताबिक, 'बुद्धिमान व्यक्ति वह नहीं जो दुश्मन को हराए, बल्कि वह है जो समझ जाए कि किसे दुश्मन बनाना ही नहीं है.' आज हम जानेंगे ऐसे ही 5 खतरनाक लोगों के बारे में, जो अक्सर हमारे आस-पास ही होते हैं. 1. ईर्ष्यालु व्यक्ति (जलने वाला इंसान) यह सबसे आम और सबसे खतरनाक शत्रु होता है. यह अक्सर आपके करीब होता है जैसे दोस्त, रिश्तेदार या सहकर्मी. आपकी सफलता देखकर बाहर से मुस्कुराता है, लेकिन अंदर ही अंदर जलता है. सामने से कुछ नहीं कहता, लेकिन पीछे से आपकी छवि खराब करता है. अगर आपने इसे दुश्मन बना लिया, तो यह आपके खिलाफ छुपकर षड्यंत्र करेगा. इसलिए, इसके सामने अपनी सफलता का दिखावा न करें. उससे बहस करने से बचें. 2. विश्वासघाती अपना (परिवार का दुश्मन) यह सबसे दर्दनाक स्थिति होती है. यह आपका अपना होता है, लेकिन आपके पतन की कामना करता है. आपकी हर कमजोरी जानता है. परिवार में आपकी छवि खराब कर सकता है. ऐसे व्यक्ति से दुश्मनी आपको अंदर से तोड़ सकती है. इसलिए उससे दूरी बनाएं, लेकिन दिखावे में रिश्ता बनाए रखें. अपने राज और योजनाएं उससे छुपाएं. 3. बिना सोचे बोलने वाला व्यक्ति यह 'मुंहफट' इंसान बहुत खतरनाक होता है. इसे अपने शब्दों की कीमत नहीं पता है. यह कहीं भी, कभी भी कुछ भी बोल सकता है. आपकी प्रतिष्ठा को एक झटके में खराब कर सकता है. चाणक्य कहते हैं कि ऐसा व्यक्ति अगर दुश्मन बन जाए, तो आपकी इमेज को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए, उससे बहस न करें और उसकी बातों को नजरअंदाज करें. 4. हर बात पर हां करने वाला (चापलूस) यह सबसे छुपा हुआ खतरा है. आपकी हर बात पर सहमत होता है. आपकी गलतियों को भी सही बताता है. धीरे-धीरे आपको कमजोर बना देता है. अगर यह शत्रु बन जाए, तो आपकी सारी कमजोरियों का इस्तेमाल करेगा. इसलिए, उसकी बातों पर आंख बंद करके भरोसा न करें और अपने फैसले खुद लें. 5. सत्ता वाला व्यक्ति यह सबसे खतरनाक शत्रु होता है बॉस, अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति. उसके पास संसाधन और शक्ति होती है. वह कानूनी या सामाजिक तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे व्यक्ति से सीधी टक्कर लेना भारी पड़ सकता है. इसलिए, उनसे सीधे टकराव से बचें. रणनीति और धैर्य से काम लें. सबसे बड़ा सच: असली शत्रु आपके अंदर है चाणक्य की सबसे गहरी बात है कि सबसे बड़ा शत्रु बाहर नहीं, आपके अंदर है. जैसे क्रोध, अहंकार, लालच और भय, अगर आप इन पर काबू पा लेते हैं, तो कोई भी बाहरी दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता है.

राजस्थान के मोकलवास में दर्दनाक हादसा: मलबे में दबे मजदूर की तलाश में रेस्क्यू जारी

 जयपुर राजस्थान के नीमकाथाना जिले के मोकलवास में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब झरिंड़ा स्थित एक क्रेशर खदान में भीषण भूस्खलन के कारण पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे आ गिरा. इस हादसे में 4 मजदूर भारी पत्थरों और मशीनों के नीचे दब गए. राहत की बात यह रही कि 3 मजदूरों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन 1 मजदूर अब भी करीब 12 घंटों से खान के भीतर फंसा हुआ है. शुक्रवार सुबह होते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरी ताकत झोंक दी है. अंधेरे और मौसम ने बढ़ाई मुश्किलें मलबे के नीचे दबे चौथे मजदूर दयालचंद का रात भर पता नहीं चल सका. रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती रात का घना अंधेरा और खराब मौसम रहा. संसाधनों की कमी और दोबारा भूस्खलन के खतरे को देखते हुए बचाव कार्य को बीच में रोकना पड़ा, जिसके कारण दयालचंद पूरी रात मलबे के नीचे ही फंसा रहा. प्रतापगढ़ का निवासी है फंसा हुआ मजदूर मलबे में फंसे मजदूर की पहचान प्रतापगढ़ जिले के निवासी के रूप में हुई है. दयालचंद खदान में मशीनरी संचालन का कार्य कर रहा था, तभी अचानक गिरी चट्टानों ने उसे और मशीनों को अपनी चपेट में ले लिया. परिजनों और स्थानीय प्रशासन की सांसें अब शुक्रवार सुबह शुरू हुए इस अंतिम दौर के रेस्क्यू पर टिकी हैं. NDRF की टीम मौके पर पहुंची हादसे की गंभीरता को देखते हुए नीमकाथाना एडीएम (ADM) भागीरथमल साख और एएसपी (ASP) लोकेश मीणा भारी पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर डटे हुए हैं. रेस्क्यू को गति देने के लिए NDRF की टीम भी झरिंड़ा गांव पहुंच चुकी है. आधुनिक कटर और भारी मशीनों की मदद से विशालकाय पत्थरों को हटाने का काम अब युद्धस्तर पर किया जा रहा है.

बैंक घोटाले पर CBI का शिकंजा, पंचकूला सहित कई जगह रेड के बाद 16 आरोपियों की गिरफ्तारी

चंडीगढ़. हरियाणा में सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चंडीगढ़ और पंचकूला में कई स्थानों पर छापामारी की है। CBI ने यह कार्रवाई 14 मई 2026 को की, जबकि शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई। CBI के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच एजेंसी को सौंपी थी। आरोप है कि IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के लोक सेवकों के साथ मिलीभगत कर धोखाधड़ी के जरिए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी ने कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें आरोपितों के आवास, ज्वेलर्स के कारोबारी प्रतिष्ठान और उन लोगों के ठिकाने शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर गबन की गई सरकारी राशि का लाभार्थी माना जा रहा है। इसके अलावा जांच से जुड़े अन्य निजी संस्थानों में भी सर्च ऑपरेशन किया गया। CBI ने दावा किया है कि छापामारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एजेंसी के अनुसार, जब्त सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण शामिल हैं। CBI ने बताया कि अब तक इस मामले में 16 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसी ने कहा कि जांच को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है और कई महत्वपूर्ण सुरागों पर काम जारी है। CBI ने भरोसा दिलाया है कि मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच जल्द पूरी की जाएगी।

ईंधन महंगा: मिडिल ईस्ट संकट का असर, राजस्थान के कई शहरों में बढ़े दाम

जयपुर मिडिल ईस्ट संकट का असर अब देशभर में भी दिखने लगा है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है. आज (15 मई) सुबह पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी होने के साथ ही आम आदमी को  बड़ा झटका लगा है. राजधानी जयपुर में भी पेट्रोल 104.75 रुपये से बढ़कर 108 रुपये तक पहुंच गया है. जबकि डीजल 3.02 रुपये महंगा होने के चलते 93.26 तक पहुंच गया है, जो पहले 90.24 रुपये प्रति लीटर था. वहीं, सीमावर्ती इलाके श्रीगंगानगर में दाम पहले 106.21 थे, अब 3.25 बढ़कर 109.46 रुपए प्रतिलीटर हुए हैं. डीजल के दाम भी 94.74 रुपए प्रतिलीटर है. वहीं, अजमेर में पेट्रोल के दाम 107.56 और  डीजल 92.86 रुपये तक पहुंच गया है. 4 साल में पहली बार बढ़े दाम पिछले 4 साल में यह पहली बार है, जब तेल की कीमतों में उछाल आया है. साल 2022 से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए थे. लेकिन अब मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते भाव प्रभावित हुए हैं. इसका असर ट्रांसपोर्टेशन खर्च और सब्जी समेत रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ेगा. गिग वर्कर्स समेत कई लोगों पर सीधा असर इससे पहले, कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) के दाम 993 रुपए बढ़ाए गए थे. कर्मशियल गैस के बाद पेट्रोल के दामों का असर आम आदमी की जेब पर पड़ना तय है. फिलहाल, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर बनी हुई है. गिग वर्करों का कहना है कि उनकी आमदनी पर इससे सीधा असर पड़ेगा.   वहीं, रशीद मोहम्मद ने बताया कि इस बढ़ोतरी से फर्क तो पड़ेगा. लेकिन खाड़ी देशों में जो तनाव है, उसके बाद क्या ही कर सकते हैं. खर्चों में कटौती करनी चाहिए. हम घर में भी तो बचत करते हैं.