samacharsecretary.com

स्वच्छ परिवहन की ओर बड़ा कदम, दिल्ली में चलेंगी हाइड्रोजन से चलने वाली बसें

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पहली बार, हाइड्रोजन गैस से चलने वाली बसों का संचालन शुरू हो गया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने दिल्ली मेट्रो को दो ऐसी अत्याधुनिक बसें सौंपी हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन 15 मई यानी आज से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में एक एकीकृत हाइड्रोजन चालित शटल बस सेवा शुरू की। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सहयोग से की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छ, टिकाऊ और आधुनिक शहरी परिवहन को बढ़ावा देना है। यह सेवा अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने में सहायक होगी। इन बसों में जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और सीसीटीवी प्रणाली लगी होगी। यह वास्तविक समय की निगरानी, सुरक्षा और समयबद्धता सुनिश्चित करेगी। यह शटल सेवा सभी कार्य दिवसों (सोमवार से शुक्रवार, राजपत्रित अवकाशों को छोड़कर) में चलेगी। सेवा का समय सुबह 8:30 बजे से 12:30 बजे तक और दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक रहेगा। कनेक्टिविटी और मार्ग यह सेवा सेंट्रल सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। इसका लक्ष्य सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में स्थित प्रमुख सरकारी कार्यालयों को भी जोड़ना है। यह सरकारी अधिकारियों और आम जनता को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। यह सेवा कार्तव्य भवन, विज्ञान भवन, निर्माण भवन, अकबर सड़क और बड़ौदा हाउस जैसे प्रमुख स्थलों को कवर करेगी। नेशनल स्टेडियम, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट्स और इंडिया गेट भी इस मार्ग में शामिल होंगे। डीएमआरसी बस संचालन, कंडक्टर, टिकटिंग और यात्री सहायता की जिम्मेदारी संभालेगा। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ड्राइवरों की व्यवस्था करेगा। साथ ही वह हाइड्रोजन ईंधन सहायता भी उपलब्ध कराएगा। सेवा की फ्रीक्वेंसी हर 30 मिनट पर एक बस होगी। एक बस दक्षिणावर्त और दूसरी वामावर्त दिशा में चलेगी। किराया नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, यूपीआई और नकद भुगतान के माध्यम से लिया जाएगा। इसमें 10 रुपये और 15 रुपये की किफायती स्टेज आधारित टिकट दरें निर्धारित हैं।  

रोटी बनाते समय भूलकर भी न करें ये गलती, घर की बरकत हो सकती है प्रभावित

किचन को घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार की सेहत और खुशहाली तय होती है. हम अपनी दिनचर्या में रसोई के काम तो बखूबी निपटाते हैं, लेकिन अक्सर महिलाएं अनजाने में रोटी बनाते वक्त कुछ ऐसी गलतियां कर बैठती हैं, जो घर की सुख-समृद्धि को नजर लगा सकती हैं.  वास्तु शास्त्र और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, कछ छोटी सी चूक भविष्य में बड़े आर्थिक और मानसिक संकट का कारण बन सकती है. जानते हैं रसोई में रोटियां बनाते वक्त कौन सी गलती नहीं करनी चाहिए. क्यों नहीं गिननी चाहिए रोटियां? धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण से रोटियों की गिनती करना वर्जित माना गया है. इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण और मान्यताएं छिपी हैं: अन्नपूर्णा का अनादर: अन्न को देवता माना गया है. जब हम रोटियां गिनकर बनाते हैं, तो यह मां अन्नपूर्णा का अनादर माना जाता है, जिससे घर की बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है. ग्रहों पर प्रभाव: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोटी का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से होता है. रोटियों की गिनती करना इन ग्रहों की स्थिति को प्रभावित कर सकता है, जिससे परिवार में क्लेश बढ़ सकता है. बरकत में कमी: ऐसी मान्यता है कि जिस घर में रोटियां गिनकर बनाई जाती हैं, वहां कभी भी संचित धन में वृद्धि नहीं होती, ऐसे घर में आर्थिक तंगी बनी रहती है. रसोई से जुड़े अन्य जरूरी नियम जिनका पालन है आवश्यक अक्सर हम अनजाने में कुछ अन्य गलतियां भी करते हैं, जिन्हें सुधारना बेहद जरूरी है: थाली में 3 रोटियां न रखें: कभी भी किसी की थाली में एक साथ 3 रोटियां न परोसें. पुरानी मान्यताओं के अनुसार, 3 रोटियां मृतक के भोग के लिए रखी जाती हैं. जीवित व्यक्ति को हमेशा 1, 2 या 4 रोटियां परोसना ही शुभ होता है. पहली और आखिरी रोटी का नियम: हिंदू धर्म में पहली रोटी हमेशा गाय के लिए और आखिरी रोटी कुत्ते के लिए निकालने की परंपरा है. ऐसा करने से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और पितरों का आशीर्वाद मिलता है. मेहमान का सत्कार: घर आए मेहमान या घर के सदस्य से कभी यह पूछकर रोटी न सेकें कि आप कितनी रोटियां खाएंगे?. खिलाते समय रोटियां गिनना खिलाने वाले और खाने वाले दोनों के लिए अशुभ और अपमानजनक माना जाता है. बासी आटे का परहेज: कई लोग रात का बचा आटा सुबह इस्तेमाल करते हैं. वास्तु के अनुसार बासी आटा राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है और स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है. बर्तन खाली न रखें: रोटी बनाने के बाद तवे को कभी भी ऐसे ही खाली या गंदा न छोड़ें. उसे साफ करके और उचित स्थान पर रखें.

अमर शहीद सुखदेव की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

अमर शहीद सुखदेव की जयंती पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रखर नायक और महान क्रांतिकारी अमर शहीद सुखदेव थापर जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है। साहस और त्याग के अद्वितीय प्रतीक           शहीद सुखदेव जी के बलिदान को याद करते हुए चौधरी ने कहा कि माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए सुखदेव जी ने हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका जीवन देशभक्ति, अदम्य साहस और त्याग का एक कालजयी उदाहरण है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने भगत सिंह और राजगुरु जैसे साथियों के साथ जिस निडरता और अटूट समर्पण का परिचय दिया, वह आज भी भारत के हर युवा के हृदय में राष्ट्रप्रेम की अलख जगाता है।          ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शहीद सुखदेव जी का बलिदान केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्र के गौरवशाली अस्तित्व की नींव है। उनकी वीरता हमें राष्ट्र निर्माण के प्रति सदैव समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।

अमेरिका-चीन रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान,शी जिनपिंग से बातचीत और उपलब्धियों का दावा

 नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा के आखिरी दिन यह दावा किया कि चीनी नेता शी चिनफिंग ने उन्हें कई शानदार सफलताओं पर बधाई दी है। ट्रंप ने कहा कि जब चिनफिंग ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को शायद एक पतनशील राष्ट्र बताया, तो उनका यह इशारा ट्रंप से पहले की जो बाइडन सरकार की तरफ था। यह स्पष्ट नहीं था कि ट्रंप चिनफिंग की किसी बंद कमरे में हुई बातचीत का हवाला दे रहे थे या उनके थ्यूसीडाइड्स ट्रैप वाले बयान का। यात्रा के पहले दिन शी चिनफिंग ने कहा था कि अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर करना सिर्फ दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है। थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का जिक्र हालांकि, शी चिनफिंग ने सार्वजनिक तौर पर पतनशील राष्ट्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन उन्होंने यह सवाल जरूर उठाया था कि क्या दोनों महाशक्तियां थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बच सकती हैं। यह एक ऐसा राजनीतिक सिद्धांत है जो बताता है कि एक उभरती हुई शक्ति और पहले से स्थापित महाशक्ति के बीच युद्ध होना तय होता है। सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पतन के बारे में शी चिनफिंग का आकलन 100% सही था। ट्रंप के अनुसार, बाइडन प्रशासन की इमिग्रेशन, जेंडर इक्वेलिटी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी नीतियों के कारण देश को अपार नुकसान उठाना पड़ा है। ट्रंप ने लिखा, "जब राष्ट्रपति शी ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को एक पतनशील राष्ट्र कहा, तो वह स्लीपी जो बाइडन और बाइडन प्रशासन के उन चार सालों के दौरान हुए भयानक नुकसान का जिक्र कर रहे थे। इस मामले में वह पूरी तरह सही थे।" उन्होंने आगे कहा कि खुली सीमाओं, भारी टैक्स, हर किसी के लिए ट्रांसजेंडर नीतियों, महिलाओं के खेलों में पुरुषों की भागीदारी, विविधता, समानता और समावेश, खराब व्यापार समझौतों और बढ़ते अपराध के कारण हमारे देश को बहुत नुकसान हुआ। ट्रंप ने गिनाईं अपनी उपलब्धियां ईरान और ताइवान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारी मतभेदों के बावजूद अमेरिकी नेता ने दावा किया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच संबंध अच्छे हैं और लगातार बेहतर हो रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल के 16 शानदार महीनों के दौरान अमेरिका ने अविश्वसनीय प्रगति की है। उन्होंने शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर, अपनी कथित सैन्य जीत, मजबूत जॉब मार्केट और निवेश के नए वादों का हवाला देते हुए इसे अमेरिका के पुनरुत्थान का संकेत बताया। ट्रंप ने लिखा कि राष्ट्रपति शी का इशारा अमेरिका की उस अविश्वसनीय प्रगति की ओर नहीं था जो ट्रंप प्रशासन के 16 शानदार महीनों में दुनिया ने देखी है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ अच्छे संबंधों, ईरान के सैन्य पतन और अमेरिका में बाहरी लोगों द्वारा 18 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड निवेश का भी जिक्र किया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि शी चिनफिंग ने इतने कम समय में मिली इन शानदार सफलताओं के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने यह स्वीकार किया कि दो साल पहले अमेरिका वास्तव में पतन की ओर था, लेकिन अब यह दुनिया का सबसे हॉट देश है। क्या है जमीनी हकीकत? हालांकि, अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर ट्रंप का यह सकारात्मक रवैया दोनों देशों के बीच मौजूद कई कड़वी सच्चाइयों से मेल नहीं खाता है। ईरान में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका ने चीन से अधिक भागीदारी की अपील की है, लेकिन बीजिंग ने सार्वजनिक तौर पर इसमें बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है। भले ही ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी को दिए इंटरव्यू में दावा किया हो कि शी चिनफिंग ने मदद की पेशकश की थी। इसके अलावा, वाइट हाउस का मानना है कि मेक्सिको में जाने वाले चीनी रसायनों को रोकने के लिए चीन को अभी और कदम उठाने चाहिए, जिनका इस्तेमाल अवैध फेंटानिल ड्रग बनाने में होता है। इस ड्रग्स की वजह से अमेरिका के कई समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

खतरनाक इबोला वायरस का फैलाव तेज: संक्रमितों की संख्या 100 पार, अस्पतालों में अलर्ट

नई दिल्ली एक दूसरे से फैलने वाला खतरनाक इबोला वायरस इन दिनों रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में अपना कहर ढा रहा है। जानकारी के मुताबिक इबोला वायरस से संक्रिमत करीब 65 लोगों की जान चली गई है और 100 से ज्यादा संदिग्धों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब तक कॉन्गो में इबोला संक्रमण के 246 केस सामने आ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक टेस्ट किए गए हर 20 सैंपल में से 13 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बता दें कि 2018 से 2020 के दौरान भी कॉन्गो में इबोला वायरस से बहुत मौतें हुई थीं। उस दौरान करीब 3 हजार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बूनिया में भी इबोला वायरस से दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसे दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में गिना जाता है। इस वायरस से संक्रमित 90 फीसदी लोगों की जान चली जाती है। इससे लोगों को डायरिया और खून बहने जासे लक्ष्ण दिखाई देते हैंय़ तीन दिन में ले लेता है जान रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वायरस केवल तीन ही दिन में किसी की जान ले सकता है। यह वायरस छूने से या आसपास रहने से भी फैल कता है। इसके अलावा छींकने और खांसने से भी पानी के कड़ों के साथ यह वायरस फैल जाता है। इबोला वायरस संक्रामित जीव को खाने से भी हो जाता है। शरीर पर किसी तरह के घाव या फिर आंख, नाक, मुंह को छूने से यह वायरस संक्रमित कर देता है। इसके बाद बुखार, थकान र सिरदर्द जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। यह ऑर्थोबोलावायरस समूह का ही एक सदस्य है। इस वायरस से संक्रमित होने पर समय पर इलाज ना मिलने पर व्यक्ति की मौत हो जाती है। क्या हैं लक्षण इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति को अत्यधिक थकान, बुखार और सिरदर्द हो जाता है। इसके अलावा उसे नॉजिया. दस्त, रैशेज और खजली जैसी समस्याएं भी होती हैं। अगर इस वायरस से कोई मुक्ति भी पा जाता है तो भी कम से कम दो साल तक इसके लक्षण दिखते रहते हैं। इसके अलावा लोगों मेंसिर दर्द और आखों में जलन की शिकायत बनी रहती है। हंटा वायरस का भी प्रकोप हंटा वायरस की चपेट में आए एक क्रूज जहाज के छह यात्री शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जहां उन्हें कम से कम तीन सप्ताह तक पृथक-वास में रहना होगा। नीदरलैंड से इन्हें लेकर आया 'गल्फस्ट्रीम लॉन्ग-रेंज बिजनेस जेट' पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य की राजधानी पर्थ के बाहर स्थित 'आरएएएफ बेस पियर्स' पर उतरा। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को नजदीकी 'बुल्सब्रुक' पृथक-वास केंद्र में स्थानांतरित किया जाना था। ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकार इस वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए "दुनिया के किसी भी हिस्से की तुलना में सबसे मजबूत पृथक-वास व्यवस्थाओं में से एक" लागू करेगी।

वायरल वीडियो मामल,जेडीयू विधायक अनंत सिंह की बढ़ीं मुश्किलें, पुलिस ने जांच तेज की

गोपालगंज बिहार की राजनीति में हमेशा चर्चा में रहने वाले मोकामा के जेडीयू विधायक और बाहुबली छवि वाले विधायक अनंत सिंह की परेशानियां एक बार फिर बढ़ गई हैं। उन्हें गोपालगंज वाले निजी कार्यक्रम में हथियारों की जांच कराने के लिए मीरगंज थाने आना होगा। अनंत सिंह को आना होगा मीरगंज थाने गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में दर्ज वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने MLA अनंत सिंह को आज यानी 15 मई को थाने में उपस्थित होकर हथियारों की फॉरेंसिक (FSL) और बैलेस्टिक जांच कराने का नोटिस जारी किया है। इस जांच से यह साफ हो जाएगा कि वीडियो में दिखाए गए हथियार लाइसेंसी थे या अवैध। कोर्ट से भी अनंत सिंह को राहत नहीं इस मामले में गोपालगंज की एडीजे-1 कोर्ट में 12-13 मई को सुनवाई हुई, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। कोर्ट ने मामले को MP-MLA स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया। जिसे बाद में जिला जज की अदालत में ट्रांसफर किया गया। अब इस याचिका पर आगे की सुनवाई भी आज ही यानि 15 मई को होने की संभावना है। कोर्ट का यह फैसला अनंत सिंह के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इन लोगों पर भी मामला है दर्ज मीरगंज थाना में कांड संख्या 247/2026 दर्ज किया गया है। इसमें अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह, कार्यक्रम के आयोजक गुड्डू राय समेत कुल 9 नामजद आरोपी हैं। पुलिस के अनुसार, आयोजन में सार्वजनिक स्थान पर हथियार प्रदर्शन, शांति भंग और अश्लीलता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। गोपालगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और जांच तेज कर दी है। इस मामले में अनंत सिंह ने गोपालगंज कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी। क्या है पूरा मामला, जानिए     2-3 मई 2026 को अनंत सिंह मीरगंज थाना के अंतर्गत आने वाले सेमराव (सेमरा) गांव आए थे।     जनेऊ संस्कार (उपनयन संस्कार) कार्यक्रम से जुड़ा है पूरा मामला।     दो दिन के इस कार्यक्रम में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे।     वीडियो में उनके समर्थक हथियार लहराते नजर आ रहे हैं।     साथ ही डांस नृत्य और नोट उड़ाने के वीडियो भी वायरल हुए।     वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। अनंत सिंह ने बताया बेबुनियाद और साजिश हालांकि अनंत सिंह ने पूरे मामले को बेबुनियाद और साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे केवल कार्यक्रम में शामिल हुए थे और बिहार में ऐसे आयोजन आम हैं। उन्होंने हथियार प्रदर्शन या अश्लीलता से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। बैलिस्टिक रिपोर्ट बन सकती है केस का टर्निंग पॉइंट पुलिस की FSL और बैलेस्टिक रिपोर्ट इस केस का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। अगर हथियार अवैध पाए गए तो अनंत सिंह पर आर्म्स एक्ट के सख्त प्रावधान लागू हो सकते हैं। वहीं, अगर लाइसेंसी साबित हुए तो भी सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन का मामला बाकी रहेगा।अनंत सिंह बिहार राजनीति के चर्चित चेहरे रहे हैं। कई आपराधिक मामलों का सामना करने के बावजूद वे लगातार चुनाव जीतते आए हैं। यह नया केस उनकी छवि पर फिर से सवालिया निशान लगा रहा है। कुल मिलाकर 15 मई को उन्हें थाने के साथ-साथ कोर्ट में भी हाजिरी बजानी होगी।  

एडेड स्कूलों में खाली पद भरने की प्रक्रिया तेज, प्रधानाचार्य से लेकर सहायक अध्यापक तक भर्ती

लखनऊ  प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेज हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज को 23,213 रिक्त पदों का अधियाचन भेज दिया है। इससे प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती का इंतजार खत्म होने की उम्मीद जगी है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय प्रयागराज की ओर से आयोग को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि प्रदेश के 4512 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान (प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक) और अध्यापकों के सीधी भर्ती के रिक्त पदों का विवरण उपलब्ध कराया गया है। जनपदीय अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप पर 4479 विद्यालयों का अधियाचन प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर समेकित सूचना आयोग को भेजी गई है। अलग से हो रही ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया पत्र में यह भी कहा गया है कि एनआइसी लखनऊ द्वारा संशोधित एवं विकसित ई-अधियाचन पोर्टल पर इन रिक्त पदों को आनलाइन अपलोड करने की कार्यवाही अलग से की जा रही है। माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी संख्या में पद खाली होने के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कई स्कूलों में एक ही शिक्षक को कई विषय संभालने पड़ रहे हैं। भर्ती होने से शिक्षकों की कमी दूर होगी, विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई मिल सकेगी और स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा। यह अधियाचन शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय की ओर से 14 मई को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा गया है। इतने पदों पर होगी भर्ती     प्रधानाचार्य : 1502 पद     प्रधानाध्यापक : 1003 पद     प्रवक्ता : 2705 पद     सहायक अध्यापक : 16,114 पद     संबद्ध प्राइमरी के सहायक अध्यापक : 1889 पद  

सरकारी धन गबन मामले में CBI की कार्रवाई तेज, चंडीगढ़-पंचकूला में तलाशी अभियान

चंडीगड़ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े 590 करोड़ के सरकारी धन गबन मामले में चंडीगढ़ और पंचकूला में कई स्थानों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई 14 मई को की गई, जिसमें सरकारी धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी से जुड़े अहम दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। सीबीआई के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच एजेंसी को सौंपी थी। आरोप है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लोक सेवकों के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन का गबन किया। जांच में सामने आया है कि धोखाधड़ी के जरिए सरकारी राशि को गलत तरीके से निजी लाभार्थियों तक पहुंचाया गया।   सीबीआई ने इस मामले में कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। इनमें आवासीय परिसरों के अलावा ज्वैलर्स के शोरूम, संदिग्ध लाभार्थियों के ठिकाने और जांच से जुड़ी अन्य निजी संस्थाओं के परिसर शामिल रहे। तलाशी के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, इस घोटाले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई कई वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है तथा जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। सीबीआई ने कहा कि सरकारी धन के कथित गबन से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जांच जारी रहेगी।  

जटिल मुकाबले में प्रगनानंद और फिरोजा के बीच कड़ा संघर्ष, 60 चालों में ड्रॉ

 बुकारेस्ट  भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रगनानंद ने शुरुआती दौर में थोड़ी मुश्किलों का सामना करने के बाद फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा के विरुद्ध ड्रॉ खेला। यह मुकाबला यहां आयोजित सुपर चेस क्लासिक्स के पहले राउंड में खेला गया, जो ग्रैंड चेस टूर का पहला क्लासिकल इवेंट है। फिरोजा ने काले मोहरों से क्वीन गैंबिट डिक्लाइंड ओपनिंग अपनाई, जिससे मुकाबला शुरुआत में काफी शांत नजर आया। शुरुआती चरण में तीन छोटे मोहरों की अदला-बदली हुई और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला आसानी से ड्रॉ की ओर बढ़ रहा है। प्रगनानंद ने किया कड़ा मुकाबला हालांकि, प्रगनानंद ने जटिल स्थिति बनाने का फैसला किया और मजबूत सेंटर के बदले क्वींस साइड पर काले मोहरों को जुड़े हुए पास्ड प्यादे लेने दिए। ईरानी मूल के फ्रांसीसी खिलाड़ी फिरोजा ने मिडिल गेम में शानदार चालें चलीं और भारतीय खिलाड़ी के किंग साइड पर दबाव बना दिया। स्थिति इतनी पेचीदा हो गई थी कि इंसानी दिमाग के लिए हर बेहतरीन चाल ढूंढ पाना लगभग असंभव था। 35वीं चाल में हुई एक गलती के बाद मुकाबला बराबरी के रुख और प्यादों वाले एंडगेम में पहुंच गया। हालांकि प्रगनानंद एक प्यादा पीछे थे, लेकिन अंतत: मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। यह दिन का सबसे लंबा मुकाबला रहा, जो 60 चालों तक चला। वाशिए और अनीश गिरी के बीच भी रोमांचक मुकाबला वहीं, फ्रांस के मैक्सिम वाशिए-लग्रेव और नीदरलैंड्स के अनीश गिरी के बीच भी रोमांचक मुकाबला ड्ऱॉ रहा। सफेद मोहरों से खेले गए कैटलन ओपनिंग में फ्रांसीसी खिलाड़ी को ज्यादा बढ़त नहीं मिली और कुछ अदला-बदली के बाद मुकाबला संतुलित स्थिति में पहुंच गया। गिरी के पास कुछ मौके थे, लेकिन उन्होंने सुरक्षित खेलते हुए 32 चालों में ड्रॉ स्वीकार कर लिया।  

आर्थिक अपराध पर हाईकोर्ट सख्त, Anwar Dhebar की जमानत अर्जी खारिज

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मैनपावर सप्लाई घोटाले में आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य अपराध नहीं होते, बल्कि ये समाज और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली सुनियोजित साजिश होते हैं। मामला CSMCL में कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी से जुड़ा है। ED की जांच में 28.80 लाख रुपए नकद मिले थे। आरोप है कि कर्मचारियों के ओवरटाइम के पैसे में भ्रष्टाचार किया गया। जांच के आधार पर ACB ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। अनवर ढेबर पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर CSMCL के कामकाज और पैसों के फैसलों में दखल दिया। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, संस्था को मैनपावर सप्लाई करने वाली निजी एजेंसियों के बिल तब तक पास नहीं किए जाते थे, जब तक वे तय रकम कमीशन के रूप में नहीं देती थीं। शुरुआत में कमीशन तय दर पर लिया जाता था, लेकिन बाद में अनवर ढेबर के निर्देश पर इसे बढ़ाकर बिल राशि का एक-तिहाई या उससे ज्यादा कर दिया गया। आरोप है कि चुनाव के नाम पर अवैध वसूली और बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए थे। इस मामले में निगम के तत्कालीन अधिकारियों और कुछ निजी लोगों पर पैसे पहुंचाने वाले माध्यम के तौर पर काम करने का आरोप है। वे एजेंसियों से रकम लेकर अनवर ढेबर तक पहुंचाते थे। ED ने 29 नवंबर 2023 को ट्रैप कार्रवाई के दौरान ईगल हंटर सॉल्यूशंस एजेंसी के कर्मचारियों को 28.80 लाख रुपए की रिश्वत देते हुए पकड़ा था। इसी कार्रवाई में मिले सबूतों के आधार पर अनवर ढेबर को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। अनवर ढेबर ने इस मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि यह कस्टडी का एवरग्रीनिंग है। उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि एक ही मामले में बार-बार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, ताकि याचिकाकर्ता को जेल से बाहर आने का मौका न मिले। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि आरोपी प्रभावशाली है या सीधे तौर पर धन की वसूली उसके पास से नहीं हुई है। जब मामला जनता के पैसे और सरकारी खजाने की लूट से जुड़ा हो, तो कोर्ट को अलर्ट रहना चाहिए। ऐसे घोटाले न केवल देश के आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी चोट पहुंचाते हैं। कोर्ट ने ढेबर को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता और फायदा लेने वाला बताया है।