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उद्योग विकास और कार्यों की प्रगति को लेकर मंत्री काश्यप व अध्यक्ष सिंह ने की बैठक

भोपाल  एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि लघु उद्योग निगम के क्रियाकलापों को मौजूदा बाजार और आनलाइन प्लेटफार्म के जरिए व्यापक स्वरूप देकर व्यवसाय बढ़ाना चाहिए।मंत्री  काश्यप और निगम के अध्यक्ष  सत्येंद्र भूषण सिंह गुरुवार को पंचानन भवन स्थित सभागार में निगम के कार्यों और योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे ।बैठक में प्रबंध संचालक और एमएसएमई विभाग के सचिव  दिलीप कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे मंत्री  काश्यप ने संतोष व्यक्त किया कि विगत दस वर्षों से निगम घाटे में नहीं रहा है और हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को 8 करोड़ का लाभांश भी सौंपा है।उन्होंने प्रबंधकों सहित अन्य रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही भी समय सीमा में करने के निर्देश दिए हैं।बैठक में बताया गया कि निगम ने अपने 8 एम्पोरियम,कोयला व्यवसाय,कच्चा माल,संपदा एवं निर्माण और टेस्टिंग लैब जैसी सभी गतिविधियों में लाभ अर्जित किया है।बैठक में निगम के कुल व्यवसाय और कार्य परिणाम पर भी विमर्श किया गया। बैठक में 36 औद्योगिक क्षेत्रों के नवीन कार्य और 17 केंदों के उन्नयन,20 जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्रों के विकास कार्यों और गोविन्दपुरा औद्योगिक क्षेत्र में बहुमंजिला इंडस्ट्री पार्क के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गईं ।इस दौरान 3 एमएसएमई सीडीपी क्लस्टर और 4 अपग्रेडेशन क्लस्टर कार्य को भी संतोषजनक पाया गया। प्रबंध संचालक ने बताया कि इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा कोल आबंटन 1 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 6 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।मंत्री  काश्यप ने कहा कि लक्ष्य की पूर्ति के लिए नवीन उद्योगों तक एप्रोच बढ़ाने के लिए कलेक्टर्स से कहा जाए और जिले के अधिकारियों को भी सक्रिय किया जाए।बैठक में बताया गया कि निगम की जबलपुर और इंदौर की टेस्ट लैब का आधुनिक उन्नयन करने के कार्य प्रारंभ किए गये हैं।निगम के अध्यक्ष  सिंह ने 8 एम्पोरियम की संख्या में और बढ़ोतरी करने पर ध्यान केंद्रित करने का कहा है ।निगम के मृगनयनी एंपोरियम विभिन्न प्लेटफार्म पर आन लाइन व्यवसाय भी कर रहे हैं।निगम ने स्वयं के शापिंग पोर्टल से भी 65 लाख का व्यवसाय किया है। बैठक में विगत 3 वर्षों में निगम को भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में गोल्ड और रजत पदक मिलने पर संतोष व्यक्त किया गया। बैठक में भारत सरकार की निगम द्वारा संचालित आर ए एम पी योजना में देश में मध्यप्रदेश के अग्रणी होने के साथ ही संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी गई। बैठक में स्टार्टअप योजना की भी समीक्षा की गईं।  

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हलचल तेज: राहुल गांधी जल्द करेंगे उज्जैन-रीवा दौरा

उज्जैन/रीवा  कांग्रेस एमपी में आगामी चुनावों को लेकर संगठन तैयार करने में अभी से जुट गई है। खास बात यह है कि खुद राहुल गांधी एमपी में संगठन की समीक्षा करेंगे। ताकि पार्टी को मजबूती से चुनाव में उतारा जा सके। सूत्रों के मुताबिक जून माह में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दो संभागों में कार्यों और संगठन की समीक्षा करेंगे।   उज्जैन-रीवा संभागों की समीक्षा कर सकते हैं राहुल गांधी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी एमपी में संगठन की जमीनी हकीकत परखने के लिए उज्जैन और रीवा संभाग की समीक्षा कर सकते हैं। आगामी वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करने और कामकाज की समीक्षा करने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित दौरा जून 2026 में हो सकता है। इस दौरान राहुल गांधी बीएलए (Booth Level Agents) से लेकर जिला अध्यक्षों तक के कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत और ट्रेनिंग कार्यक्रम करेंगे। नई नियुक्तियों के बाद यह पहला बड़ा संगठनात्मक दौरा होगा, जिसमें कार्यों की जांच और समीक्षा की जाएगी। जिले स्तर पर क्रॉस चेकिंग जारी एमपी कांग्रेस संगठन में अब तक जितनी भी नियुक्तियां हुई हैं। उनकी क्रॉस चेकिंग और वेरिफिकेशन का काम तेजी से प्रत्येक जिले में किया जा रहा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी से लेकर हर स्तर के नेता बूथ समिति, पंचायत समिति, वार्ड समिति में शामिल किए गए सदस्यों का वेरिफिकेशन कर रहे हैं। बता दें कि वर्ष 2025 में 3 जून को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संगठन सृजन अभियान का शुभारंभ किया था। 16 इसके बाद 16 अगस्त को सभी 71 जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा हुई थी।

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडारण: अफवाहों से दूर रहें, आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति की जा रही है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां पूर्ण समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार द्वारा प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं और ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी एवं संग्रहण से बचने तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।  मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें तथा किसी भी भ्रामक सूचना या अफवाह से दूर रहें। उन्होंने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हम सभी मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें और संयम, सहयोग तथा सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर पहुंचकर देवास हादसे के घायलों से की भेंट प्रभावित नागरिकों की पूरी मदद के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय और चोइथराम अस्पताल में भर्ती घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के टोंककला में पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के घायल नागरिकों से भेंट कर उनके उपचार की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस हादसे से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। दिल्ली से सीधे इंदौर पहुंचे और घायलों से मिले मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अन्य कार्यक्रम निरस्त कर नई दिल्ली से इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती घायलों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सर्वप्रथम एयरपोर्ट से चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचकर देवास के हादसे के कारण घायल हुए नागरिकों से मुलाकात की और उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमवाय अस्पताल में दाखिल घायलों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमलतास अस्पताल में इलाज करवा रहे घायल नागरिकों से भी भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी घायलों के समुचित उपचार के निर्देश चिकित्सा अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज पूर्वान्ह में इस हादसे की जानकारी प्राप्त होते ही देवास जिला प्रशासन को हादसे से प्रभावित नागरिकों की हर संभव सहायता के निर्देश दिए थे। इंदौर में उपचार करवा रहे घायलों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश भी दिल्ली से ही दिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत नागरिकों के परिजन को मध्यप्रदेश शासन की ओर से 4-4 लाख रूपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने एवं घायलों का निःशुल्क इलाज करने के लिये निर्देश दिये।  

‘अपमान’ मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का सख्त रुख, ऐक्शन लेने का किया ऐलान

 नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत ने कथित शराब घोटाले से जुड़े केस में बड़ा ऐक्शन लिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कुछ प्रतिवादियों के खिलाफ अवमानना का ऐक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिवादियों ने उनके खिलाफ अत्यंत मानहानिकारक और दुर्भावनापूर्ण सामग्री पोस्ट की और वह इस पर चुप नहीं रह सकती हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने गुरुवार को कहा कि उन्हें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक का प्रतिनिधित्व करने के लिए न्याय मित्रों के नामों का ऐलान करना था। उन्होंने कहा, 'इस बीच मेरे संज्ञान में आया है कि कुछ प्रतिवादी मेरे और इस अदालत के खिलाफ अत्यंत अपमानजनक और बेहद निंदनीय सामग्री पोस्ट कर रहे हैं। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि वह शाम 5 बजे इस पर विस्तृत आदेश सुनाएंगी। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने और क्या कहा? जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा, 'आज मैं एमिकस क्यूरी के नामों का ऐलान करने वाली थी। मैंने प्रयास किया और कुछ वरिष्ठ अधिकवक्ताओं ने सहमति भी व्यक्त की। लेकिन इस बीच यह मेरे संज्ञान में आया कि मेरे और इस अदालत के खिलाफ बहुत अपमानजनक और निंदनीय सामग्री पोस्ट की जा रही है। मैं चुप नहीं रह सकती। इसलिए मैंने कुछ प्रतिवादियों और अन्य अवमानना ​​करने वालों के खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया है। मेरा आदेश तैयार है, मैं इसे करीब 5 बजे सुनाऊंगी और इसके बाद ही तय करूंगी कि इस केस का मैं क्या करुंगी।' क्या है पूरा विवाद गौरतलब है कि कथित शराब घोटाले केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा का आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं ने बहिष्कार किया है, जिनमें अरविंद केजरीवाल सबसे प्रमुख और पहले हैं। फरवरी के अंत में ट्रायल कोर्ट से 12 आरोपियों को आरोप मुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। केजरीवाल चाहते थे कि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से लेकर इस केस को किसी और बेंच को दिया जाए। केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने जज पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। कहा है कि उनसे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है। आरएसएस से जुड़े वकीलों के संगठन के कार्यक्रम में जाने और हितों के टकराव जैसे आरोप लगाकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि उन्हें शंका है कि जस्टिस स्वर्ण कांता उन्हें न्याय नहीं दे सकती हैं। उन्होंने ओपन लेटर भी लिखा था। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ इस दौरान सोशल मीडिया पर काफी कुछ लिखा गया है और आरोप मढ़े गए हैं।

फिटनेस नियमों की अनदेखी पड़ी भारी, इंदौर में 2 बसों की फिटनेस निरस्त

इंदौर शहर में लोक परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी सड़क पर दौड़ रही खतरनाक बसों पर सख्ती करते हुए कार्रवाई की गई। परमिट शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर 11 बसों को जब्त किया गया। वहीं दो बसों के फिटनेस निरस्त किए गए। जिला प्रशासन और आरटीओ द्वारा गुरुवार को तीन इमली चौराहा और राजकुमार ब्रिज के नीचे यात्री बसों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। सुरक्षा उपकरणों की सूक्ष्म जांच और नियमों की अनदेखी जांच के दौरान बसों में सुरक्षा और परिवहन नियमों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की सूक्ष्मता से जांच की गई। अधिकारियों ने इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पैनिक बटन, जीपीएस, स्पीड गवर्नर और प्रेशर हार्न की स्थिति देखी। साथ ही बसों की निर्धारित बैठक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने, ओवरलोडिंग और अधिक किराया वसूली की भी जांच की गई। बसों के पंजीयन प्रमाण पत्र, बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट और पीयूसी दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। खराब सुरक्षा उपकरण और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच में 13 यात्री बसों पर कार्रवाई की गई। इसमें कुछ बसों में फायर सेफ्टी उपकरण खराब पाए गए, कई बसों के इमरजेंसी एग्जिट बंद मिले और मेडिकल किट भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा कई बसें अवैध पार्किंग में खड़ी पाई गईं। संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसडीएम ओमनारायण सिंह बड़कुल, एआरटीओ राजेश गुप्ता मौजूद रहे। भारी जुर्माना और बस स्टाफ को कड़ी समझाइश जांच के दौरान आठ बसों से 80 हजार जुर्माना वसूला गया। वहीं अन्य 3 बसों से डेढ़ लाख रुपये जुर्माना प्रस्तावित किया गया। अधिकारियों ने बस चालक-परिचालकों को समझाइश भी दी कि वे बसों में किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ परिवहन न करें और यात्रियों को आपातकालीन स्थिति में बचाव संबंधी जानकारी दें।  

नई सरकार का पहला तोहफा: कर्मचारियों और शिक्षकों को मिला बढ़ा हुआ DA

चेन्नई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने  सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के महंगाई भत्ते (DA) में दो फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया। उन्होंने यह तोहफा मुख्यमंत्री बनने के चंद दिनों में ही दे दिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संशोधन के साथ महंगाई भत्ता (डीए) 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 फीसदी हो जाएगा। यह वृद्धि एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर सालाना 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। बयान में कहा गया है कि सरकार आवश्यक अतिरिक्त धनराशि आवंटित करेगी और सरकारी अधिकारियों, शिक्षकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करेगी। यह भी कहा गया है कि विजय ने लोगों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने और उन्हें लागू करने के लिए कदम उठाने का संकल्प लिया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय ने यह भी कहा कि महिलाओं को 'कलैग्नार मगलीर उरिमाई थोगई' योजना की मई माह की किस्त जल्द ही दी जाएगी। इस योजना के तहत महिलाओं को 1,000 रुपये दिए जाते हैं। इसकी शुरुआत पूर्ववर्ती द्रविड मुनेत्र कषगम सरकार ने की थी और इसका नाम पार्टी के दिग्गज नेता एम. करुणानिधि के नाम पर रखा गया। महिलाओं को जल्द मिलेंगे हजार रुपये विजय के हवाले से जारी एक सरकारी बयान में कहा गया कि राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इसमें कहा गया, '' सरकार को 'कलैग्नार मगलीर उरिमाई थोगई' योजना के पुनर्गठन के लिए समय चाहिए, जिसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री जोसफ विजय ने निर्देश दिया है कि इस योजना के तहत मई महीने की 1000 रुपये की किस्त जल्द ही लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा कर दी जाएगी।'' राज्य विधानसभा चुनाव से पहले विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह की सहायता देने का वादा किया था।

48 घंटे में 3 बड़े फैसले, क्या अब महंगा होने वाला है पेट्रोल? RBI ने दिए संकेत

नई दिल्ली भारत में पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों की आशंकाओं को लेकर चिंता का दौर जारी है। हालांकि, सरकार ने अब तक ऐसा ऐलान नहीं किया है। इसी बीच महज दो दिनों के अंदर ही तीन बड़े फैसले सामने आ चुके हैं। इनमें गोल्ड इम्पोर्ड ड्यूटी से लेकर शक्कर एक्सपोर्ट बैन तक शामिल है। इधर, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर ने भी दाम बढ़ने की आशंका जताई है। खास बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही दफ्तरों से WFH यानी वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लासेज की अपील कर चुके हैं।  पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एक स्तर पर इस बात का आकलन करना होगा कि पेट्रोलियम कंपनियां लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और LPG कब तक बेच सकती हैं। हालांकि, उन्होंने कीमतों में बढ़ोतरी की किसी भी संभावना पर कुछ कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि भारत के पास इस वक्त लगभग 60 दिन का कच्चे तेल का भंडार, 60 दिन का LNG भंडार और 45 दिन का LPG भंडार है। RBI गवर्नर क्या बोले गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने  स्विट्जरलैंड में कहा है कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा और उर्वरकों के इम्पोर्ट पर खासा निर्भर है और मौजूदा रुकावटों का असर भारत पर पड़ना शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर यह लंबे समय तक जारी रहता है तो 'सरकार वास्तव में इन मूल्य वृद्धि का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाल सकती है। यह सिर्फ समय की बात है।' सरकार ने 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में वृद्धि नहीं की है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में सबसे ज्यादा प्रभावित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हुआ है, जिसके चलते जहाजों की आवाजाही धीमी या ठप हो गई है। गोल्ड महंगा हुआ विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ रहे दबाव को रोकने और गैर-जरूरी आयात पर रोक लगाने के लिए सोने तथा चांदी पर आयात शुल्क  बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया। खास बात है कि भारत महंगी धातुओं का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। कच्चे तेल के बाद सोने का भारत के आयात में दूसरा बड़ा हिस्सा है और बढ़ती खरीद से विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल बढ़ा है, जिससे रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया है। सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि प्लैटिनम पर इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया है। यह 13 मई से प्रभावी माना जाएगा। सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी टैक्स में बदलाव किए गए हैं। अमूल दूध के दाम बढ़े अमूल ने बढ़ती लागत के कारण पूरे भारत में दूध की कीमतें दो रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की घोषणा की। नई दरें आज यानी 14 मई, गुरुवार से लागू हो गईं हैं। इससे पहले अमूल दूध के दाम बीते साल 1 मई को बढ़ाए गए थे। GCMMF यानी गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन का कहना है कि दूध की कीमतें इसलिए बढ़ाई जा रही हैं क्योंकि दूध तैयार करने और उसे बाजार तक पहुंचाने का खर्चा बढ़ गया है। साथ ही कहा, 'इस साल पशु आहार, दूध की पैकेजिंग सामग्री और ईंधन की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है।' चीनी का निर्यात बंद देश ने चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर तक तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने 13 मई को जारी अधिसूचना में कहा, 'चीनी की निर्यात नीति को तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) 'प्रतिबंधित' से 'निषिद्ध' कर दिया गया है।'

ऊर्जा सुरक्षा पर भारत एक्टिव: रूस से भरोसा मिला तो अमेरिका से की खास अपील

 नई दिल्ली मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और पर्शियन गल्फ में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अमेरिका से रूस से तेल खरीद पर दी गई छूट को आगे बढ़ाने की अपील की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई दिल्ली ने वॉशिंगटन से कहा है कि मौजूदा हालात में ऊर्जा सप्लाई बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि तेल बाजार में जारी अस्थिरता का असर सीधे भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ सकता है।  अमेरिका ने पहली बार मार्च में भारत और अन्य मुल्कों को रूसी तेल खरीदने के लिए विशेष छूट दी थी. इसके बाद इसे बढ़ाकर 16 मई 2026 तक कर दिया गया. इस छूट की वजह से भारत रियायती दरों पर रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीद पा रहा है।  हालांकि, यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बनाता रहा है कि वह रूस से तेल खरीद कम करे ताकि मॉस्को पर आर्थिक दबाव बढ़ाया जा सके. लेकिन अब ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे भारत की चिंता बढ़ गई है।  इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों ने अमेरिकी पक्ष से कहा है कि अगर तेल बाजार में उथल-पुथल जारी रहती है तो इसके गंभीर सामाजिक और आर्थिक असर हो सकते हैं. खासतौर पर भारत जैसे देश में, जहां 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतें काफी बड़ी हैं और पहले से ही कुकिंग गैस की कमी जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. भारत के तेल मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने फिलहाल इस मामले पर सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है. वहीं अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की तरफ से भी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।  रूस का एनर्जी सप्लाई पूरा करने का वादा नई दिल्ली में होने वाली ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने से पहले ब्रॉडकास्टर आरटी इंडिया से बातचीत में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करेगा कि भारत के ऊर्जा हित पूरी तरह सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा, "मैं गारंटी दे सकता हूं कि रूसी ऊर्जा सप्लाई से जुड़े भारत के हित प्रभावित नहीं होंगे. हम हरसंभव कोशिश करेंगे कि यह अनुचित कंपटीशन हमारे समझौतों को नुकसान न पहुंचाए।  रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने जोर देकर कहा कि रूस ने ऊर्जा क्षेत्र में कभी भी भारत या किसी अन्य साझेदार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में विफलता नहीं दिखाई है. उन्होंने तमिलनाडु स्थित कुडनकुलम न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट को भारत-रूस सहयोग का प्रमुख उदाहरण बताया और कहा कि नए पावर यूनिट्स पर काम जारी है. उन्होंने कहा, "भारत को और ऊर्जा की जरूरत है. हम गैस, तेल और कोयले जैसे हाइड्रोकार्बन की सप्लाई लगातार जारी रखे हुए हैं।  इस बीच भारत ने मई महीने में रिकॉर्ड स्तर पर रूसी तेल आयात किया है. इकोनॉमिक टाइम्स ने डेटा फर्म क्लेपेर के हवाले से बताया कि, मई में भारत रोजाना करीब 23 लाख बैरल रूसी तेल आयात कर रहा है. अनुमान है कि पूरे महीने का औसत करीब 19 लाख बैरल प्रतिदिन रह सकता है, जो अब भी बेहद बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।  विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष लंबा खिंचने की स्थिति में भारत रूस से सस्ते तेल पर अपनी निर्भरता और बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। 

वैश्विक आर्थिक संकट की आहट! जानिए मंदी की चेतावनी के बीच भारत की स्थिति कैसी

नई दिल्ली  दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय संस्थाओं और जाने-माने अर्थशास्त्रियों ने पिछले एक हफ्ते में वैश्विक आर्थिक मंदी को लेकर गंभीर चेतावनियां जारी की हैं. इसके पीछे मुख्य वजहें हैं अमेरिका की आक्रामक टैरिफ पॉलिसी, ट्रेड वॉर का बढ़ता असर, कमजोर होता उपभोक्ता खर्च और AI निवेश में बने बुलबुले के फटने का डर. मुख्य तौर पर अमेरिका में इसका सबसे ज्यादा रिस्क है, मगर भारत समेत दुनिया के बाकी देश भी इससे अधूते नहीं रहने वाले।  सबसे बड़ी चेतावनी मेरिल लिंच (Merrill Lynch) के दिग्गज फोरकास्टर गैरी शिलिंग (Gary Shilling) की तरफ से आई है. ये वही शख्स हैं, जिन्होंने 1969-70 के दौर की आर्थिक मंदी की सटीक भविष्यवाणी की थी और इनका नाम हर किसी को याद हो गया था. हाल ही में बिजनेस इनसाइड को दिए इंटरव्यू में शिलिंग ने कहा कि 2026 के अंत तक अमेरिकी मंदी ‘लगभग तय’ है. उनके मुताबिक तीन बड़े खतरे हैं. पहला एक फ्रीज हो चुका हाउसिंग मार्केट, जहां खरीदार और विक्रेता दोनों सुस्त पड़े हैं, दूसरा कॉर्पोरेट कैपेक्स में तेज गिरावट, और कमजोर होता उपभोक्ता वर्ग. शिलिंग ने कहा, “शेयर बाजार बहुत महंगा है और जल्द ही बड़ा करेक्शन आने की पूरी आशंका है।  उनके अलावा, बिलेनियर निवेशक लियोन कूपरमैन (Leon Cooperman) भी शिलिंग के सुर में सुर मिला चुके हैं. फॉक्स बिजनेस पर उन्होंने कहा, “बाजार बहुत ऊंचे मूल्यांकन पर है और कई समस्याएं एक साथ मुंह बाए खड़ी हैं।  जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने पहले वैश्विक मंदी की 60 फीसदी संभावना जताई थी, जिसे अब घटाकर 40 फीसदी किया है. लेकिन साथ ही यह भी कहा कि “काफी डाउनसाइड रिस्क अभी भी बना हुआ है।  मैकिंजी (McKinsey) के ताजा ग्लोबल सर्वे का नतीजा और भी चौंकाने वाला है. करीब 70% बिजनेस एग्जीक्युटिव्स ने मंदी के किसी न किसी सीन को सबसे संभावित माना. इनमें से 61 प्रतिशत ने डिमांड से पैदा होने वाली मंदी की बात कही. यानी बढ़ती अनिश्चितता से उपभोक्ताओं का भरोसा टूट सकता है, जो मंदी तक ले जाने के लिए काफी होगा।  मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) के चीफ ग्लोबल इकॉनमिस्ट सेथ कारपेंटर (Seth Carpenter) ने कहा, “आर्थिक नुकसान शुरू हो चुका है. अगर टैरिफ अप्रैल के पीक पर वापस जाते हैं तो अमेरिका और पूरी दुनिया मंदी में चली जाएगी.” IMF ने भी ग्लोबल ग्रोथ 2024 के 3.3% से घटकर 2026 में 3.1% रहने का अनुमान जताया है और कहा है कि जोखिम नीचे की तरफ झुके हुए हैं।  भारत पर क्या होगा असर? भारत की अर्थव्यवस्था मुख्यतः घरेलू मांग पर टिकी है, इसीलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि देश वैश्विक मंदी की सीधी चपेट में नहीं आएगा. डेलॉयट इंडिया (Deloitte India) के अनुसार भारत 2026 में 6.5 से 7 फीसदी की दर से बढ़ता रह सकता है और वह दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा. लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) के चीफ इकॉनमिस्ट मदन सबनवीस (Madan Sabnavis) की चेतावनी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उनके मुताबिक भारत रुपये की तेज अस्थिरता से जरूर प्रभावित होगा. जब अमेरिका और यूरोप जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी आती है, तो निवेशक उभरते बाजारों से पूंजी खींच लेते हैं, परिमाणस्वरूप रुपया कमजोर पड़ता है, शेयर बाजार में उठापटक होती है और आयात होने वाले कच्चे माल महंगे हो जाते हैं. भारत कच्चे तेल का बड़ा इम्पोर्टर है, इसलिए वैश्विक ऊर्जा बाजार में कोई भी उथलपुथल सीधे महंगाई को हवा दे सकती है।  IT सेक्टर पर बड़ा खतरा एक बड़ा सेक्टोरल खतरा आईटी इंडस्ट्री के सामने है. नैस्कॉम (NASSCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय आईटी सेक्टर की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से अमेरिका और यूरोप जैसे पश्चिमी बाजारों पर टिकी हुई है. यदि इन देशों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है और वहां सेवाओं की मांग घटती है, तो इसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा. नए प्रोजेकट्स मिलना कम हो जाएंगे, कंपनियां अपने बजट में कटौती करेंगी और युवाओं के लिए नई नौकरियों के अवसर भी सिमट सकते हैं।  आईटी के अलावा कपड़ा, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे वे तमाम उद्योग भी दबाव महसूस करेंगे, जो अपना माल विदेशों में बेचते हैं. हालांकि, भारत के पास इस संभावित संकट से लड़ने के मजबूत साधन भी मौजूद हैं. सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर किया जा रहा भारी निवेश और भारतीय रिजर्व बैंक की संभली हुई नीतियां एक सुरक्षा कवच का काम करेंगी. इसके बावजूद, यदि वैश्विक आर्थिक हालात और अधिक बिगड़ते हैं, तो भारत की कुल विकास दर (GDP) में 0.3% से 0.5% तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।