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ड्यूटी से लेकर इलाज तक निगरानी, बिहार स्वास्थ्य विभाग का बड़ा डिजिटल सुधार प्लान

पटना बिहार के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मियों की जवाबदेही तय होगी। हर सरकारी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर और कर्मियों को ड्यूटी (रोस्टर) के अनुसार उपस्थित रहना होगा। साथ ही बारोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य रूप से दर्ज करनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले माह (11 अप्रैल) को सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अब स्वास्थ्य व्यस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों की निगरानी बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत की जाएगी। डॉक्टरों को मरीजों को रेफर करने की आदत छोड़नी होगी। मरीजों के इलाज को लेकर उन्हें मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करना जरूरी होगा। वहीं, स्वास्थ्य कर्मियों को जांच आदि की सुविधा अस्पताल में ही मरीज को उपलब्ध करानी होगी। राज्य में नई सरकार और प्रशासनिक फेरबदल के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने को लेकर कई लक्ष्य तय किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अस्पताल में इलाज की व्यवस्था में बड़े बदलाव को लेकर कार्य करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाज व्यवस्था की निगरानी के लिए डिजिटलीकरण की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत इलाज को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने, मरीजों का पूरा डाटा डिजिटल करने की तैयारी की है। स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने और लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है। रात्रिकालीन मुस्तैदी पिछले माह से ही लागू इसके पहले विभाग ने रात्रि पाली में कार्यरत डॉक्टरों के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इस पाली में अपनी सेवा देने वाले चिकित्सकों को सुबह उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। यह व्यवस्था पिछले महीने से ही लागू कर दी गई थी। इसका मकसद यह है कि वरीय चिकित्सक इमरजेंसी मरीजों की समुचित देखभाल कर सकें और वे अस्पतालों को अपनी जूनियरों के भरोसे छोड़कर नाइट ड्यूटी से गायब न हो सकें। सरकारी डॉक्टरों ने निजी प्रैक्टिस बंद करने के पहले आवास-सुरक्षा मांगी इधर बिहार में सरकारी डॉक्टरों ने उनकी निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के पहले बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के साथ बातचीत करने, सेवा चिकित्सकों को आवास एवं सुरक्षा सहित 19 सूत्री मांगें सरकार के समक्ष रखी। रविवार को भासा की आम सभा सह महासम्मेलन आईएमए हॉल में हुआ। महासम्मेलन के बाद चिकित्सकों ने मांगों के समर्थन में गांधी मैदान स्थित आईएमए हॉल से जेपी गोलंबर तक पैदल मार्च भी निकाला। भासा ने अपनी मांगों के तहत प्रशासनिक पदों पर कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारियों को वाहन की सुविधा देने, बिहार चिकित्सा सेवा संस्थान एवं व्यक्ति सुरक्षा कानून 2011 एवं संशोधित 2014 को और अधिक प्रभावी बनाने, अस्पताल सशस्त्र सुरक्षा गार्ड की कार्यस्थल पर तैनाती करने सहित 19 मांगों को पूरा करने जोर दिया। भासा के प्रवक्ता डॉ. विनय कुमार ने बताया कि सभा में उपस्थित चिकित्सकों ने राज्य सरकार से सरकारी चिकित्सकों की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया। आम सभा में राज्य के विभिन्न जिलों से आए चिकित्सकों एवं संघ प्रतिनिधि शामिल हुए।

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म

अबूझमाड़ के सोमरू राम का बरसों का इंतजार खत्म सुशासन शिविर में 'एक ही दिन' में बना आधार कार्ड ​सुशासन तिहार बना राहत का माध्यम   ​रायपुर      छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए चलाया जा रहा 'सुशासन तिहार 2026' अभियान दूरस्थ वनांचल के ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद और खुशियां लेकर आ रहा है। इसकी एक बेहद सुखद तस्वीर नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र से सामने आई है, जहाँ ग्राम पीडियाकोट निवासी श्री सोमरू राम पोडियाम का बरसों से लंबित आधार कार्ड सुशासन शिविर की तत्परता से महज एक ही दिन में बनकर तैयार हो गया। ​संसाधनों की कमी और दूरी थी बाधा      ​पीडियाकोट जैसे अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले सोमरू राम आधार योजना की शुरुआत के बाद से ही अपना कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थे। लेकिन भौगोलिक कठिनाइयों, संसाधनों की कमी और जरूरी सुविधाओं के अभाव के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था। पहचान का यह महत्वपूर्ण दस्तावेज न होने की वजह से उन्हें सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ​शिविर में हुआ 'ऑन द स्पॉट' समाधान       ​सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर सोमरू राम के लिए वरदान साबित हुआ। शिविर में जैसे ही उनकी यह समस्या जिला प्रशासन के अधिकारियों के समक्ष आई, अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एक्शन लिया। शिविर स्थल पर ही उनके दस्तावेजीकरण और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी कर उनका आधार पंजीयन कराया गया। जो काम सालों से अटका था, वह प्रशासनिक मुस्तैदी से कुछ ही घंटों में पूरा हो गया। ​सोमरू राम के चेहरे पर लौटी मुस्कान       ​हाथ में अपना आधार कार्ड पाकर सोमरू राम के चेहरे पर वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी साफ झलक रही थी। भावुक होते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और नारायणपुर जिला प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। प्रशासन खुद हमारे पास आया और हमारी समस्या दूर कर दी। ​अबूझमाड़ के दुर्गम इलाकों तक पहुंच रहा सुशासन     ​अबूझमाड़ जैसे देश के सबसे कठिन और पहुंचविहीन क्षेत्रों में शामिल इलाके में इस तरह त्वरित रूप से नागरिक सेवाएं प्रदान करना 'सुशासन तिहार' की एक बड़ी सफलता है। नारायणपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाएं और बुनियादी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचें।

BCCI को नहीं माना गया सार्वजनिक संस्था, RTI कानून लागू नहीं होगा: CIC

 नई दिल्ली  केंद्रीय सूचना आयोग ने सोमवार को अपने एक फैसले में बताया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आईटीआई कानून-2005 के तहत सार्वजनिक संस्था नहीं है। आयोग ने अपने फैसले में ये भी कहा है कि भारतीय बोर्ड सरकार द्वारा न चलाया जाता है, न नियंत्रित किया जाता है और न ही उसे सरकार से कोई आर्थिक मदद मिलती है। सूचना आयोग पीआर रमेश ने अपने आदेश में कहा कि बीसीसीआई एक निजी संस्था है जो तमिलनाडु रजिस्ट्रेशन कानून के अंडर पंजीकृत है और वह आईटीआई कानून के तहत सेक्शन 2(एच) में परिभाषित सार्वजनिक संस्था की श्रेणी में नहीं आता है। 2018 से चल रहा है मुद्दा इस आदेश ने 2018 से चल रही न्यायिक लड़ाई पर विराम लगा दिया है। पूर्व सूचना आयोग एम श्रीधर आर्चायालू ने पहले बीसीसीआई को आईटीआई कानून में शामिल किया था और उसे निर्देश दिए थे कि वह लोक सूचना अधिकारी नियुक्त करे। बीसीसीआई ने इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों को ध्यान में रखते हुए मामले को वापस सीआईसी के पास भेजा था और नए सिरे से मामले को देख आदेश जारी करने को कहा था। मौजूदा सूजना अधिकारी रमेश ने कहा, "बीसीसीआई आरटीआई कानून-2005 के सेक्शन 2(एच) के तहत परिभाषित 'सार्वजनिक संस्था' की श्रेणी में नहीं आता है और इसलिए मौजूदा मामले में वह आयोग्य साबित होता है।" आयोग ने खंगाला हर एक पहेलू नए आदेश में सीआईसी ने साफ कर दिया है कि बीसीसीआई आरटीआई कानून-2005 के तहत सेक्शन 2 (एच) में संवैधानिक जरूरत को पूरा नहीं करता है। आदेश में कहा गया है कि भारतीय बोर्ड न ही देश के संविधान के द्वारा या उसके अंडर में बनाया गया है। न ही ये संसद या राज्य विधायिका में पास किए गए किसी कानून के तहत बना है। आयोग ने किसी भी फैसले पर पहुंचने से पहले बीसीसीआई के काम करने के तरीके, वित्तीय ढांचे और सरकार के साथ उसके संबंधों को परखा है। सरकार के नियंत्रण के सवाल पर सीआईसी ने कहा कि, भारतीय बोर्ड में सरकार का किसी तरह का कोई गहरा या व्यापक नियंत्रण नहीं है। आदेश में कहा गया है कि बीसीसीआई वित्तीय तौर पर आजाद है और अपना रेवेन्यू मीडिया राइट्स, स्पांसरशिप, ब्रॉडकास्टिंग डील्स, टिकट सेल्स से कमाती है।  

जनता दर्शन में योगी का सख्त संदेश, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में ‘जनता दर्शन’ किया। प्रदेश के तमाम जिलों से आए फरियादियों से मिले और हर किसी की समस्या सुनी। इस दौरान सीएम योगी की प्रशंसक महिला बिहार से आई थीं। मुख्यमंत्री सभी की समस्या सुनते हुए उनके पास भी पहुंचे। पूछा कि कहां से आई हैं, आपको क्या परेशानी है। इस पर महिला ने कहा- महाराज जी, प्रणाम। हम बिहार से आइल बानी। हमके कवनो दिक्कत नाही बा। बस आपके दर्शन करेके रहल, त आ गइलीं। इस पर सीएम योगी ने उनका अभिवादन किया, फिर कहा कि गर्मी बहुत पड़ रही है। इस भीषण गर्मी में अकारण घर से न निकलें और परिवार के सभी लोगों का भी विशेष ध्यान रखें। जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सभी से कहा कि जनसेवा, सुरक्षा और सुशासन सरकार का संकल्प है। आपकी हर उचित समस्या का समाधान होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर समस्याओं के निस्तारण का भी निर्देश दिया। सीएम न सभी के प्रार्थना पत्र लेने के बाद जिलों के अधिकारियों को प्रकरण की जांच कराकर पीड़ितों को न्याय दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीएम और एसपी स्वयं मामलों पर नजर रखें और पीड़ितों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। जरूरतमंद की हर समस्या का समाधान हमारी प्राथमिकता: योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि पूरी तत्परता व संवेदनशीलता से सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सभी को न्याय मिले। हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो, जमीन कब्जाने वाले भू माफिया व दबंगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में शीघ्रता से निस्तारण के निर्देश दिए। गोरखपुर में लगा था दो दिन का जनता दर्शन इससे पहले गोरखपुर में सीएम योगी ने दो दिन गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किए थे। इस दौरान 150 से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में खिलाड़ियों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के बगल में विश्वस्तरीय खेल संकुल (स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स) बनाया जाएगा। 393 करोड़ की लागत से बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में वाराणसी फोरलेन पर ताल नदोर में करीब 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमिपूजन एवं शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां 46 एकड़ में 30 हजार दर्शक क्षमता का इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम तो बनेगा ही, इसके बगल में आरक्षित की गई 60 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी बनाएंगे।

बिहार सरकार की नई टोल पॉलिसी तैयार, अब स्टेट हाईवे और पुलों पर बढ़ेगा टोल

पटना  बिहार में गाड़ी चलाना आपके लिए और महंगा होने जा रहा है। यूं समझिए कि पेट्रोल-डीजल के बाद अब बिहार में सरकार आपकी जेब का बोझ बढ़ाने जा रही है। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार नई टोल नीति पर काम शुरू कर चुकी है। इसके लागू होने के बाद अब बिहार में आपको और टोल टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए पथ निर्माण विभाग के अफसरों से लेकर कर्मचारियों तक को काम पर लगा दिया गया है। बिहार में टोल टैक्स होगा महंगा बिहार की सम्राट सरकार की नई टोल नीति लाने का मकसद राजस्व बढ़ाना है। इस राजस्व का इस्तेमाल सड़कों और पुलों के रखरखाव पर किया जाएगा। इसको लेकर अफसरों को नई नीति तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं और वो इस पर काम भी कर रहे हैं। पुल के लिए भी टोल टैक्स इसमें एक और भी बड़ी बात है। वो ये कि अब बिहार में पुल पार करने पर भी टैक्स लगेगा। एक न्यूज पोर्टल के मुताबिक जो प्रस्ताव रखा गया है उसके अनुसार पुल की एक किलोमीटर की लंबाई को साधारण सड़क के 10 किलोमीटर के बराबर माना जाएगा। ऐसे में सड़कों के मुकाबले पुल पर लगने वाला टोल टैक्स जाहिर तौर पर ज्यादा होगा। ऐसे समझिए कि आप जितना टोल सड़क पर 10 किमी गाड़ी चलाने के लिए देंगे, उतना पुल पर सिर्फ एक किलोमीटर का लग जाएगा। यही नहीं पुल तक पहुंचने के लिए अप्रोच रोड पर भी अलग टोल की दरें तय की जा रही हैं।     बिहार में जल्द आ सकती है नई टोल टैक्स पॉलिसी     इसके तहत पुलों के लिए भी लगेगा टोल टैक्स     स्टेट हाईवे पर भी वसूला जाएगा टोल     पथ निर्माण विभाग इसके लिए काम पर लगा सरकार क्यों बढ़ा रही टोल टैक्स पथ निर्माण विभाग के अनुसार बिहार में बड़े पुलों और स्टेट हाईवे के नेटवर्क को मेंटेन रखने के लिए मोटे बजट की जरूरत होती है। बिहार में टोल टैक्स को लेकर इस नई टोल नीति के बाद जो पैसा आएगा उससे पुलों और सड़कों की मरम्मत से लेकर सुरक्षा तक तय की जाएगी। हालांकि अभी प्रस्ताव पर सोच-विचार चल रहा है। ड्राफ्टिंग को पूरा होने में समय लगेगा। माना जा रहा है कि एक महीने के अंदर ही ये लागू किया जा सकता है। बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क (दर निर्धारण एवं संग्रह) अभी प्रक्रिया में है। लागू होने पर टोल वसूली के लिए एजेंसियों को चुना जाएगा।    

ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निपटारा, सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

सुशासन तिहार शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का भरोसा, 400 से अधिक आवेदन प्राप्त, कई समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान हितग्राहियों को मिली विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ रायपुर दंतेवाड़ा जिले के ग्राम पंचायत मटेनार में सुशासन तिहार के तहत 12 ग्राम पंचायतों का संयुक्त शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में 400 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की गई। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कमला विनय नाग, जनपद सदस्य श्रीमती संतनी ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, सरपंच, उपसरपंच, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ दिया गया। कृषि विभाग द्वारा 11 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। वहीं 6 हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा शिविर में आधार कार्ड सुधार, नए आधार कार्ड निर्माण, महतारी वंदन योजना के लिए आधार लिंकिंग, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी पूरी की गई। ग्रामीणों ने शिविर में त्वरित समाधान और एक ही जगह पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रहे हैं, क्योंकि अब उन्हें छोटे-छोटे कार्यों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। सुशासन तिहार के तहत आयोजित ये शिविर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रहे हैं।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा एक्शन, भागलपुर-बांका के कोचिंग संस्थानों की होगी निगरानी

भागलपुर. प्रमंडल के 496 कोचिंग सेंटर पर अब जिला स्तर से निगरानी होगी। इसे लेकर जल्द ही पूरे राज्य में बिहार राज्य कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026’ को लागू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसे सार्वजनिक सुझाव के लिए विभागीय वेबसाइट पर जारी किया गया है। शिक्षा विभाग के सर्वे के अनुसार, भागलपुर में 295 और बांका में 201 कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। उनमें भागलपुर में लगभग 32,399 और बांका में 25733 बच्चे पढ़ रहे हैं। जिला शिक्षा विभाग से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित कानून के तहत राज्य स्तर पर 13 सदस्यीय प्राधिकरण गठित होगा। इसके पदेन अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव होंगे। इसके अलावा अन्य पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वहीं, जिले में 6 सदस्यीय टीम होगी। उन्होंने बताया कि यह समिति जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और छात्र हितों की निगरानी करेगी। कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से निर्धारित मानकों का पालन करना होगा। बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। रैंडम जांच में कई कोचिंग में मिली थी अनियमितता 2023 में पूर्व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के कार्यकाल में जिले में बड़े स्तर पर कोचिंग संस्थानों की रैंडम जांच कराई गई थी। उस समय 50 से अधिक कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच में बिना निबंधन संचालन, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था की कमी, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होना, शिक्षकों और फीस संबंधी जानकारी प्रदर्शित नहीं करना जैसी कई अनियमितताएं सामने आई थीं। कुछ संस्थानों में सीसीटीवी और उपस्थिति पंजी भी नहीं मिली थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा लगभग आधा दर्जन कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई भी की गई थी तथा कई संचालकों को नोटिस जारी कर सुधार का निर्देश दिया गया था। पूर्वी बिहार व कोसी सीमांचल के 3803 कोचिंग सेंटर पर कसेगा शिकंजा पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल के 13 जिलों में कुल 3803 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। वहां करीब 1.88 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। भागलपुर प्रमंडल के भागलपुर में 295, बांका के अलावा जमुई में 238 और मुंगेर में 90 कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। इनमें जमुई में 21,764 और मुंगेर में 7,022 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, कोसी क्षेत्र के खगड़िया में 145, मधेपुरा में 233, सहरसा में 522 और सुपौल में 395 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में सहरसा में 26,014, मधेपुरा में 24,884, सुपौल में 6,779 और खगड़िया में 14,937 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। वहीं, सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया में 598, कटिहार में 577, अररिया में 266 और किशनगंज में 243 कोचिंग संस्थान संचालित हैं। इन जिलों में पूर्णिया में 9,585, कटिहार में 21,840, अररिया में 15,823 और किशनगंज में 10,924 छात्र-छात्राएं कोचिंग में पढ़ाई कर रहे हैं।

MS Dhoni ने NSG कमांडोज के साथ की शूटिंग प्रैक्टिस, IPL 2026 में वापसी को लेकर बढ़ी उम्मीदें

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में अब तक एक भी मैच नहीं खेलने वाले धोनी ने चेन्नई स्थित NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) रीजनल हब का दौरा किया, जहां उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला. एमएस धोनी ने जवानों के साथ समय बिताया, शूटिंग प्रैक्टिस की और फिटनेस को लेकर ऐसा मजेदार सवाल पूछा, जिसने वहां मौजूद हर किसी के चेहरे पर मुस्कान ला दी. धोनी ने खुद की ओर इशारा करते हुए कमांडोज से कहा, 'फिट लग रहा हूं ना.' यह सुनते ही वहां मौजूद जवान हंस पड़े, जबकि सोशल मीडिया पर यह मोमेंट तेजी से वायरल हो गया. ब्लैक टी-शर्ट और डेनिम में नजर आए एमएस धोनी ने NSG जवानों के साथ फिटनेस, ट्रेनिंग और शूटिंग तकनीकों पर बातचीत की. उन्होंने हथियारों के साथ शूटिंग ड्रिल्स में भी हिस्सा लिया और कमांडो अधिकारियों के साथ काफी समय बिताया. एमएस धोनी का भारतीय सेना से जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है. उन्हें 2011 में प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक दी गई थी. इसके बाद वह कई सैन्य ट्रेनिंग कार्यक्रमों और जम्मू-कश्मीर में आर्मी अटैचमेंट का हिस्सा भी रह चुके हैं. एमएस धोनी का यह दौरा ऐसे समय सामने आया है जब पूरा क्रिकेट जगत सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है- क्या धोनी सोमवार (18 मई) को चेपॉक में खेलेंगे? चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का आईपीएल 2026 में आखिरी होम मैच सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ है और माहौल पूरी तरह भावुक हो चुका है. फैन्स को उम्मीद है कि शायद 'थाला' एक बार फिर पीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेंगे. धोनी क्यों नहीं खेल पा रहे? एमएस धोनी आईपीएल 2026 में अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं. सीजन शुरू होने से पहले उन्हें काफ स्ट्रेन हुआ था, जिसके कारण शुरुआत में कहा गया कि वह पहले दो हफ्ते मिस करेंगे. लेकिन चोट इतनी गंभीर साबित हुई कि वह अब तक वापसी नहीं कर सके. हालांकि हाल के दिनों में उनकी ट्रेनिंग और टीम के साथ मौजूदगी ने वापसी की उम्मीदों को फिर जिंदा कर दिया है. इसी बीच एमएस धोनी का पांच साल पुराना बयान अब चर्चा में आ गया है. 2021 में सीएसके के टाइटल सेलिब्रेशन के दौरान उन्होंने कहा था, 'मेरा आखिरी T20 चेन्नई में होगा.' अब जब आईपीएल 2026 में सीएसके अपना आखिरी होम मैच खेलने जा रही है, तो फैन्स इस मुकाबले को धोनी के संभावित विदाई मैच की तरह देख रहे हैं.

दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर संयुक्त मॉक ड्रिल, CISF-NSG समेत कई एजेंसियां रहीं शामिल

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सोमवार को संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें कई खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। इस तरह के अभ्यास के आयोजन का मुख्य मकसद यह था कि किसी भी संकट की स्थिति का सामना कैसे किया जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा होती है, तो उससे प्रभावी तरीके से निपटकर यात्रियों के लिए सुरक्षित माहौल कैसे सुनिश्चित किया जाए। इन्हीं सभी परिस्थितियों की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से एयरपोर्ट पर आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक ड्रिल का आयोजन डीआईजी, सीएसओ और एएसजी की देखरेख में किया गया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस अभ्यास में दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ, एनएसजी, बीडीडीएस, डीएफएस, डीआईएलएल, बीसीएएस और एएआई जैसी खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। सभी एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न हो। सफल मॉक ड्रिल, तैयारियों का हुआ परीक्षण अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई। पूरा अभ्यास निर्धारित रूपरेखा के अनुरूप संपन्न हुआ। अभ्यास समाप्त होने के बाद इसे सफल बताया गया। इस अभ्यास का मकसद यह भी था कि यह आकलन किया जा सके कि मौजूदा समय में ये एजेंसियां कितनी कारगर हैं और क्या वे किसी भी संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इन्हीं पहलुओं का परीक्षण करने के लिए इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। परखी गई क्षमता बता दें कि दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं। इनका मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन करना होता है, ताकि भविष्य में किसी भी संकट की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इस तरह के अभ्यासों से वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की कार्यकुशलता का भी आकलन हो जाता है। साथ ही यह भी पता चलता है कि किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

इटली में धमाका: सिनर ने जीता पहला इटालियन ओपन, जोकोविच का रिकॉर्ड भी तोड़ा

 नई दिल्ली इटालियन टेनिस स्टार जैनिक सिनर लगातार नई ऊंचाइयां छू रहे हैं. हाल ही में उन्होंने अपना पहला इटालियन ओपन खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. रविवार (18 मई) को उन्होंने रोम में नार्वे के कैस्पर रूड को 6-4, 6-4 से हराकर अपना लगातार छठा ATP मास्टर्स 1000 खिताब जीता. एक घंटे 44 मिनट में मिली इस शानदार जीत के साथ, दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी सिनर सर्बिया के दिग्गज खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के बाद दूसरे ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने 'करियर गोल्डन मास्टर्स' पूरा किया है. अब उन्होंने सभी 9 ATP मास्टर्स 1000 खिताब जीत लिए हैं. जोकोविच ने 2018 में सिनसिनाटी जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी. सिनर ने जोकोविच का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा इस ऐतिहासिक जीत के साथ सिनर 'करियर गोल्डन मास्टर्स' पूरा करने वाला सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए. उन्होंने 24 साल 274 दिन की उम्र में यह शानदार उपलब्धि हासिल की. इससे पहले ये रिकॉर्ड नोवाक ​​जोकोविच के नाम था, जिन्होंने 2018 में 31 साल 92 दिन की उम्र में यह मील का पत्थर हासिल किया था. करियर गोल्डन मास्टर्स क्या है? 'करियर गोल्डन मास्टर्स' का मतलब नौ ATP मास्टर्स 1000 खिताब जीतना होता है. ये एक बहुत ही दुर्लभ उपलब्धि है, और अब तक जोकोविच और सिनर के अलावा कोई भी इसे हासिल नहीं कर पाया है. रोजर फेडरर सात खिताब जीतकर इसके काफी करीब पहुंच गए थे, लेकिन दो खिताब उनकी पहुंच से बाहर रह गए. नौ ATP मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट इंडियन वेल्स ओपन, मियामी ओपन, मोंटे-कार्लो मास्टर्स, मैड्रिड ओपन, इटैलियन ओपन, कनाडा मास्टर्स, सिनसिनाटी ओपन, शंघाई मास्टर्स और पेरिस ओपन. सिनर ने 50 साल का सूखा किया खत्म इसके अलावा 24 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने यह खिताब जीतकर 50 साल के सूखे को खत्म किया. क्योंकि 1976 में एड्रियानो पनाटा के खिताब जीतने के बाद से किसी भी घरेलू खिलाड़ी ने यह ट्रॉफी नहीं जीती थी. कुल मिलाकर, वह निकोला पिएत्रांगेली (1957, 1961), इमानुएल सेर्टोरियो (1933), जियोवानी पामिएरी (1934) और एड्रियानो पनाटा (1976) के बाद यह प्रतियोगिता जीतने वाले पांचवें इतालवी खिलाड़ी हैं. सिनर ने मैच के बाद में कहा, 'मुझे लगता है कि इस साल इटैलियन खिलाड़ी के जीतने के 50 साल पूरे हुए हैं, और मैं सचमुच बहुत खुश हूं.' उन्होंने आगे कहा, 'दोनों तरफ काफी तनाव था, हम दोनों की तरफ से टेनिस का खेल एकदम परफेक्ट नहीं था, लेकिन मैं फिर भी बहुत खुश हूं. पिछले ढाई महीने मेरे लिए अविश्वसनीय रहे हैं. मैं हर बार खुद को बेहतरीन स्थिति में रखने की कोशिश करता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता हूं. हर दिन आसान नहीं होता, लेकिन मैं सचमुच बहुत खुश हूं.' सिनर को कितनी प्राइज मनी मिलेगी? इटालियन ओपन में हर राउंड के लिए एक बड़ा प्राइज पूल रखा गया था, क्योंकि यह प्रमुख टूर्नामेंटों में से एक है. विजेता को €1,007,165 मिलेंगे, जो लगभग ₹11.22 करोड़ के बराबर है. तो, सिनर को टूर्नामेंट जीतने के लिए ₹11 करोड़ मिलेंगे. नीचे टूर्नामेंट के हर राउंड के लिए प्राइज मनी का ब्योरा दिया गया है. चैम्पियन: €1,007,165 (11 करोड़ रुपये) फाइनलिस्ट: €535,585 (5 करोड़ रुपये) सेमी-फाइनलिस्ट: €297,550 (3 करोड़ रुपये) क्वार्टर-फाइनल: €169,375 (1,89,58,990 रुपये) चौथा राउंड: €92,470 (1,03,50,629 रुपये) तीसरा राउंड: €54,110 (60,56,802 रुपये) दूसरा राउंड: €31,585 (35,35,466 रुपये) पहला राउंड: €21,285 (23,82,983 रुपये) सिनर की नजर अब फ्रेंच ओपन पर सिनर इस खेल में अपना दबदबा बनाए हुए हैं, और हाल के समय में ज्यादातर ग्रैंड स्लैम में स्पेनिश स्टार कार्लोस अल्काराज के साथ उनकी प्रतिद्वंद्विता देखने को मिली है. अब सिनर की नजरें फ्रेंच ओपन पर होंगी, जो 27 मई से शुरू होगा.