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नकली नोटों के बड़े रैकेट पर पुलिस का शिकंजा, पटियाला से 5.50 लाख की फेक करेंसी जब्त

पटियाला पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई गई मुहिम के दौरान नकली भारतीय करेंसी नोटों (एफआईसीएन) के प्रचलन को करारा झटका देते हुए काउंटर इंटेलिजेंस पटियाला ने जाली करेंसी मॉड्यूल में शामिल चार व्यक्तियों को 5.50 लाख रुपये की नकली करेंसी सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक पंजाब गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान नाजर खान निवासी गांव झुनीर मलेरकोटला, राज मोहम्मद निवासी धूरी संगरूर, मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह निवासी गांव मलिकपुर जींद हरियाणा और आसिफ अली निवासी मलेरकोटला के रूप में हुई है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि बरामद की गई नकली भारतीय करेंसी में सभी 500 रुपये के नोट हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किया गया राज मोहम्मद आपराधिक पृष्ठभूमि वाला आरोपी है और उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट से संबंधित एक एफआईआर दर्ज है। डीजीपी ने कहा कि इस नेटवर्क को लेकर जांच की जा रही है।  इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए एआईजी सीआई पटियाला डॉ. सिमरत कौर ने बताया कि सीआई यूनिट मलेरकोटला की टीम द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों नाजर खान और राज मोहम्मद को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 4 लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी के नोट बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आगे की जांच के दौरान दो अन्य आरोपियों मुख्तियार सिंह उर्फ गुरजीत सिंह और आसिफ अली  भी गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से 1.5 लाख रुपये के अन्य नकली भारतीय करेंसी नोट बरामद किए गए हैं। एआईजी ने कहा कि आगे की जांच के दौरान आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। 

इकबाल हॉस्टल में बम मिलने से दहशत, पटना यूनिवर्सिटी के छात्रावासों में सर्च ऑपरेशन जारी

पटना. राजधानी स्थित पटना विश्वविद्यालय में सोमवार देर रात बड़ी घटना पुलिस की सतर्कता से टल गई। विश्वविद्यालय के चर्चित इकबाल हॉस्टल से पुलिस ने दो जिंदा सुतली बम बरामद किए हैं। समय रहते कार्रवाई करते हुए बम स्क्वॉड ने दोनों बमों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस ने पीरबहोर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बम किसने और किस मकसद से हॉस्टल परिसर में छिपाकर रखा था। पूर्व की घटनाओं को लेकर पु‍लिस सतर्क है।    बमबाजी की आशंका पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार पीरबहोर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है और आपसी रंजिश में हिंसक झड़प या बमबाजी की घटना हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट मोड में आ गई। इसके बाद देर रात इकबाल हॉस्टल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान हॉस्टल की आवासीय इमारत के पीछे स्थित एक पुराने भवन में प्लास्टिक में लपेटकर छिपाए गए दो जिंदा सुतली बम बरामद हुए। कई छात्रावासों में चला सर्च ऑपरेशन घटना के बाद टाउन डीएसपी-1 राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने विश्वविद्यालय के अन्य छात्रावासों- जैक्सन, कैवेंडिश, मिंटो और नदवी हॉस्टल- में भी तलाशी अभियान चलाया। हालांकि अन्य जगहों से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने एहतियातन विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों की सुरक्षा बढ़ा दी है। कैंपस में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पहले भी हो चुकी हैं बमबाजी की घटनाएं पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में इससे पहले भी कई बार हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी वर्ष जनवरी में हथुआ हॉस्टल से करीब 40 सुतली बम बरामद किए गए थे। वहीं वर्ष 2022 में पटेल छात्रावास से बम बनाने की सामग्री मिली थी। साल 2023 में भी विभिन्न हॉस्टलों के छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें बमबाजी की घटनाएं सामने आई थीं। उस मामले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और विश्वविद्यालय परिसर में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत पूछे जाने पर पटना विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. सूरज देव सिंह ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक लिखित जानकारी कॉलेज से नहीं दी गई है। पुलिस के स्तर पर जांच चल रही है।

बच्चों और युवाओं में कौशल, रचनात्मकता एवं आत्मविश्वास विकसित करने की अनूठी पहल

  भोपाल स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू), भोपाल द्वारा आयोजित “समर कार्निवाल 2026” का आयोजन उत्साह और ऊर्जा के साथ निरंतर जारी है। बच्चों एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और व्यवहारिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस समर कार्निवाल में बड़ी संख्या में प्रतिभागी उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्निवालके अंतर्गत प्रतिभागियों को स्पोर्ट्स, फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट, स्टेज एंकरिंग, कटिंग एंड स्टिचिंग, मैक्रमे एवं क्रोशे वर्क, कुकिंग एंड बेकिंग, डांस तथा फ्यूचर रेडी एआई बूटकैंप विभिन्न आधुनिक एवं रचनात्मक जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।  “क्रिकेट एवं फुटबॉल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम” के अंतर्गत बच्चों को खेल की बुनियादी तकनीकों, बैटिंग, बॉलिंग, फिटनेस, टीमवर्क एवं मैच प्रैक्टिस की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का महत्व भी समझाया जा रहा है। वहीं “डांस कोर्स” में सेमी-क्लासिकल एवं बॉलीवुड डांस के माध्यम से प्रतिभागियों को ताल, लय, बॉडी मूवमेंट, मंच प्रस्तुति एवं अभिव्यक्ति की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। डांस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और स्टेज प्रेजेंस विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। “कुकिंग एंड बेकिंग कोर्स” में प्रतिभागियों को फूड प्रेजेंटेशन, पिज्जा, सैंडविच, स्मूदी, वाफल्स एवं सलाद जैसी डिशेज तैयार करना सिखाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें बेसिक किचन मैनेजमेंट, साफ-सफाई और फूड क्रिएटिविटी के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। समर कार्निवाल का प्रमुख आकर्षण “फ्यूचर रेडी एआई बूटकैंप” भी बना हुआ है, जिसमें प्रतिभागी चैटजीपीटी, कैनवा एआई एवं अन्य आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के माध्यम से डिजिटल क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी आधारित स्किल्स सीख रहे हैं। इस प्रशिक्षण के दौरान बच्चों और युवाओं को एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार हो सकें। इसके अतिरिक्त फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट गतिविधियों के अंतर्गत प्रतिभागियों को क्ले मॉडलिंग, ड्रॉइंग, मधुबनी पेंटिंग एवं अन्य क्राफ्ट वर्क सिखाए जा रहे हैं। वहीं स्टेज एंकरिंग गतिविधि में प्रतिभागियों को मंच संचालन, संवाद शैली, बॉडी लैंग्वेज एवं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने की कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक कौशल, तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समर कार्निवाल बच्चों और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । एसजीएसयू के कुलपति डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने बताया कि समर कार्निवाल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल एवं रचनात्मक शिक्षा से जोड़ना है,आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में स्किल आधारित शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इसी दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा यह अभिनव पहल की गई है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. टीना तिवारी द्वारा किया जा रहा है,उन्होंने बताया कि समर कार्निवाल के माध्यम से एसजीएसयू बच्चों और युवाओं को नई स्किल्स सीखने, रचनात्मकता विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।

दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों में बढ़ेंगी सुविधाएं, पर्यटकों को मिलेगा डिजिटल सपोर्ट

नई दिल्ली  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) अब पर्यटकों की सुविधाआें पर अधिक ध्यान दे रहा है । इसके तहत जहां स्मारकों में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं, वही आने वाले समय में स्मारकों में वाई-फाई की सुविधा भी शुरू किए जाने की योजना है। छायादार वृक्षों के नीचे व छाया वाले अन्य स्थानों पर बेंच लगाए जा रहे हैं। स्मारकों में पर्याप्त पीने के ठंडे पानी के साथ-साथ बेहतर शौचालय की व्यवस्था पर भी काम किया गया है और इन्हें अपग्रेड भी किया जा रहा है। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा इससे पर्यटकों के सामने मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर समस्या नहीं होगी। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा 11 टिकट वाले 11 स्मारकों में की जा रही है। इन्हें स्मारक के प्रवेश द्वार के पास लगाया गया है। जिन में एक बार में एक से अधिक लोग अपना मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। इनमें लाल किले में सबसे ज्यादा 8 चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। इन्हें चारों संग्रहालयों के प्रवेश और बाहर निकलने वाले गेट के पास लगाया गया है। कुतुब मीनार, पुराना किला और हुमायूं के मकबरे में तीन-तीन चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। फिरोजशाह कोटला, सफदरजंग मकबरा और हाैज खास में दो-दो प्वाइंट लगाए गए हैं। इन जगहों पर मिलेंगी सुविधाएं हौज खास चिल्ड्रन म्यूजियम, दिल्ली मंडल कार्यालय और तिलक मार्ग पर धरोहर भवन में एक-एक चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा दी गई है। खान ए खाना, सुल्तान गारी, तुगलकाबाद किला में भी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह लाल किला, कुतुब मीनार हुमायूं का मकबरा में वाई -फाई की सुविधा शुरू करने की भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की योजना है। हालांकि लाल किले में पूर्व में वाई-फाई की सुविधा शुरू की जा चुकी है। मगर वह सफल नहीं रह सकी थी। इसलिए अब व्यवस्थित तरीके से इसे शुरू किया जाने की योजना पर काम हो रहा है। सभी स्मारकों में पीने के पर्याप्त ठंडे पानी के उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। एएसअइ की तरफ से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी समय-समय पर पेयजल स्थित का निरीक्षण करते रहेंगे, ताकि पानी खत्म ना हो पाए। जिससे इस भीषण गर्मी में पर्यटकों को परेशानी से बचाया जा सके।  

भीषण गर्मी से बचें, गुरदासपुर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को किया सतर्क

गुरदासपुर. जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीट वेव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग गुरदासपुर ने एडवाइजरी जारी की है। सिविल सर्जन डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने और शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब मैदानी इलाकों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाता है, तो उसे हीट वेव माना जाता है। अत्यधिक गर्मी शरीर के तापमान नियंत्रित करने वाले सिस्टम को प्रभावित करती है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इन लोगों को हीट स्ट्रोक का ज्यादा खतरा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नवजात शिशु, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, मजदूर, मोटापे से ग्रस्त लोग, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति तथा दिल, किडनी, लिवर या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हीट स्ट्रोक के अधिक खतरे में रहते हैं। हीट स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें – सुबह और शाम के समय ही बाहर की गतिविधियां करें। हर आधे घंटे में पानी पीते रहें, चाहे प्यास न लगे। हल्के रंग और सूती कपड़े पहनें। धूप में निकलते समय सिर को टोपी, छाता, गमछा या स्कार्फ से ढकें। बाहर जाते समय हमेशा जूते या चप्पल पहनें। धूप में काम करने वाले लोग समय-समय पर छांव में आराम करें। अपने साथ हमेशा पानी रखें। तरबूज, खीरा, संतरा, अंगूर और टमाटर जैसे पानी से भरपूर फल व सब्जियां खाएं। नींबू पानी, लस्सी और नारियल पानी जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करें। सनस्क्रीन और धूप का चश्मा इस्तेमाल करें। कम मात्रा में लेकिन बार-बार भोजन करें। ठंडे पानी से नहाएं और शरीर को ठंडा रखें। क्या न करें दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें। शराब, चाय, कॉफी और ज्यादा मीठे या कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का सेवन न करें। तला-भुना और बासी भोजन खाने से बचें। बच्चों और पालतू जानवरों को बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें। तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत कब पड़ती है स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यदि तेज सिरदर्द, चक्कर आना, बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत, तेज धड़कन, उल्टी, शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक होना, मांसपेशियों में ऐंठन या मानसिक संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गुरप्रीत कौर ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से संबंधित दवाओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वहीं डॉ. महेश कुमार प्रभाकर ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं, अमृत भारत योजना से बदलेगी तस्वीर

भोपाल  रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित करने हेतु संचालित “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल स्थित अशोकनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य डीआरएम  पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में तेजी से प्रगति पर है। लगभग 24.10 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करने के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। अशोकनगर स्टेशन एनएसजी-5 श्रेणी का महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया (परिसंचरण क्षेत्र) में सुधार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा चुका है। साथ ही बीना छोर पर प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 का चौड़ीकरण भी किया गया है। यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 पर कवर ओवर शेड की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 की सतह में सुधार कार्य भी किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। स्टेशन भवन के अग्रभाग, शौचालयों में सुधार, आंतरिक भाग एवं प्रतीक्षालयों का आधुनिकीकरण किया गया है।  इसके साथ ही द्वितीय प्रवेश द्वार के विकास का कार्य एवं यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य दूसरे फेज में किया जा रहा है, जिससे प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होगा। इस कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।   भोपाल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर स्टेशन का पुनर्विकास पूर्ण होने के बाद यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं एवं बेहतर अधोसंरचना का नया उदाहरण बनेगा। जन सम्पर्क अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल

साल में दूसरी बार भारत आएंगे व्लादिमीर पुतिन, BRICS समिट में दुनिया की नजरें

 नई दिल्ली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे। यह सम्मेलन 12-13 सितंबर को आयोजित होगा। क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि कर दी है। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पिछले साल दिसंबर में 23वें भारत-रूस एनुअल समिट में हिस्सा लेने के लिए यहां आए थे। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत में थे। ब्रिक्स नेताओं की बैठक पिछले साल जुलाई में ब्राजील के रियो डि जनेरियो में हुई थी। यह ब्रिक्स का 17वां शिखर सम्मेलन था, जिसका विषय था-‘अधिक समावेशी और सतत शासन के लिए वैश्विक दक्षिण सहयोग को सशक्त बनाना।’ भारत के लिए रूस अहम क्यों भारत का रूस संबंध विदेश नीति के लिए काफी अहम है। खासतौर पर पिछले कई दशकों से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और ऊर्जा संबंध काफी करीबी रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ अरसे में भारत, अमेरिका के नजदीक आया है। इसके बावजूद, भारत अभी भी रूस को अपनी दीर्घकालीन रणनीतिक हितों की सुरक्षा में अहम सहयोगी मानता है। भारत के लिए रूस इसलिए भी अहम है क्योंकि, देश के डिफेंस स्ट्रक्चर में यह एक बड़ी भूमिका निभाता है। भारतीय सशस्त्र बलों के सैन्य हार्डवेयर का एक बड़ा हिस्सा रूसी मूल का है। इसमें एस-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम, सुखोई लड़ाकू विमान और संयुक्त रूप से विकसित ब्रह्मोस मिसाइल शामिल हैं। दशकों में, मॉस्को भारत का सबसे भरोसेमंद सप्लायर बनकर उभरा है जो उन्नत सैन्य उपकरण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रणनीतिक रक्षा सहयोग प्रदान करता है। तेल संकट में भी बड़ा मददगार एक जो सबसे अहम बात है, वह यह है कि मौजूदा हालात को देखते हुए रूस भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी तेजी से महत्वपूर्ण हो गया है। यूक्रेन संघर्ष के बाद मॉस्को पर पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते, भारत ने रियायती रूसी कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ा दिया। इस कदम ने नई दिल्ली को वैश्विक ऊर्जा मूल्य झटकों से बचाने, घरेलू ईंधन की कीमतों को स्थिर करने और आर्थिक अनिश्चितता के समय मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद की। चीन के खिलाफ भी आएगा काम रक्षा और ऊर्जा के अलावा, इस संबंध का जियो-पॉलिटिकल महत्व भी काफी है। रूस के साथ भारत की घनिष्ठ भागीदारी तेजी से ध्रुवीकृत हो रहे वैश्विक क्रम में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। मॉस्को के साथ मजबूत संबंध बनाए रखकर, नई दिल्ली यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि रूस की चीन के साथ बढ़ती साझेदारी सीधे भारतीय हितों के खिलाफ एक गठबंधन में न बदल जाए। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कई संवेदनशील मुद्दों पर लगातार भारत का समर्थन भी किया है, जिससे नई दिल्ली को वीटो रखने वाली वैश्विक शक्ति का समर्थन मिलता है। ब्रिक्स क्या है ब्रिक्स एक प्रभावशाली संगठन है, जिसे मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर बनाया था। इसका मकसद पश्चिमी देशों के पारंपरिक भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभुत्व को चुनौती देना था। यह संगठन विश्व की जनसंख्या और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का एक विशाल हिस्सा प्रतिनिधित्व करता है। इसका ध्यान अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय प्रणालियों में सुधार करने और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है।

बिहार: मंदिर से चोरी हुई मूर्तियां रहस्यमय तरीके से सड़क किनारे मिलीं

पटना  बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी से आस्था से जुड़ी एक अनोखी खबर सामने आई है। दो महीने पहले छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से करीब 6 करोड़ रुपये मूल्य की अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। अब ये मूर्तियां रहस्यमय तरीके से करीब 67 दिन बाद वापस मिल गई हैं। इन मूर्तियों को खोजने में पुलिस नाकाम रही थी। सोमवार की रात अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां सड़क किनारे कपड़े में लपेटकर लावारिस हालत में छोड़ गया। ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार और चोरों पर दैवीय भय का असर मान रहे हैं। 16 मार्च को चोरी हुई थीं राम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां मिली जानकारी के मुताबिक, मसौढ़ी के छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से बीते 16 मार्च की रात करीब 100 साल पुरानी भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इसके साथ ही चांदी के दो मुकुट भी गायब कर दिए गए थे। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। चोरी को लेकर मसौढ़ी थाना में मामला दर्ज कराया गया था। तीन गांव के बाहर सड़क किनारे छोड़ी गईं मूर्तियां चांदी के मुकुट पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी और जांच की, लेकिन दो महीने तक मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच छाता गांव, शाहाबाद और लखनौर गांव के सीमावर्ती इलाके में सड़क किनारे कपड़े में लिपटी हालत में तीनों मूर्तियां और चांदी के मुकुट बरामद हुए। भगवान के डर से मूर्तियां छोड़ गए चोर: ग्रामीण मूर्तियों के मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में खुशी और भक्ति का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि 'भगवान की महिमा ऐसी है कि चोर भी डर गए और मूर्तियां छोड़कर भाग निकले।' मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती मूर्तियां मिलने की खबर पाते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जरूरी कागजी कार्रवाई कर मूर्तियां मंदिर प्रबंधन समिति को सौंप दी। मूर्तियां चोरी होने के बाद पुलिस लगातार जहानाबाद, मसौढ़ी सहित अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी। इस वजह से चोर मूर्तियों को बाजार में खपा नहीं पाए और पकड़े जाने के डर से मूर्तियां रखकर भाग गए। ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली शोभायात्रा, फूल बरसाकर लोगों ने किया स्वागत इसके बाद ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की भव्य शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया और पूरे विधि-विधान के साथ छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर में पुनः स्थापना की गई। मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'सियावर रामचंद्र की जय' के नारों से गूंज उठा।  

BPSC परीक्षा नियमों में बदलाव, अब अनिवार्य होगा ‘विकल्प E’ और मिलेगा अतिरिक्त समय

पटना  तीन जून को आयोजित 33वीं बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पांचवें विकल्प की व्यवस्था लागू होगी। बीपीएससी की यह पहली परीक्षा होगी, जो परिवर्तित उत्तर प्रणाली के साथ आयोजित होगी। साथ ही इस परीक्षा के लिए क्षतिपूरक (अतिरिक्त) समय देने का निर्णय लिया है। 33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा की प्रथम पाली (सामान्य अध्ययन) के लिए 10 मिनट अतिरिक्त देते हुए नया समय 10:00 से 11:40 बजे निर्धारित किया गया है। द्वितीय पाली (विधि विषय) के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय बढ़ाकर इसे 02:00 से 04:15 बजे तक कर दिया गया है। उत्तर नहीं देने पर विकल्प ई का चयन करें नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र में चार के बजाय पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी, ई) दिए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव विकल्प ई को लेकर है, जिसका अर्थ प्रयास नहीं किया गया होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ई का चयन करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी विकल्प (ए से ई तक) को खाली छोड़ देता है, तो उस स्थिति में एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अतिरिक्त समय केवल इसी परीक्षा के लिए मान्य है। इसे भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए आधार न माना जाए।

दिल्ली रोड चौड़ीकरण के लिए 70 भवनों का अधिग्रहण, 56 करोड़ मुआवजा जारी

मेरठ शहर में दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप से ट्रांसपोर्ट नगर के गेट तक रैपिड रेल काॅरिडोर के कारण जाम की समस्या बनी है। इसके समाधान के लिए सड़क को दोनों ओर तीन-तीन मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस चौड़ीकरण के लिए जिला प्रशासन ने 70 भवनों और भूखंडों से भूमि का अधिग्रहण किया है। भूमि मालिकों को मुआवजा भुगतान के साथ ही अधिग्रहण का यह कार्य अब पूरा कर लिया गया है। जिसके बाद लोगों ने खुद ही भवनों के उस हिस्से को हटाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन जल्द अधिग्रहीत की गई भूमि को एनसीआरटीसी को सौंप देगा। दिल्ली रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्त किया निर्माण नमो भारत (Namo Bharat) और मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) रेल काॅरिडोर दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप के पास भूमिगत हो रहा है। सड़क के बीचोबीच कारिडोर निर्माण के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण यहां जाम की समस्या बन गई है। जिससे शहर की जनता के साथ साथ यहां से गुजरने वाले लोग लंबे समय से परेशान हैं। इसके समाधान के लिए एनसीआरटीसी ने सड़क के दोनों ओर नालों को तीन-तीन मीटर पीछे स्थानांतरित करके सड़क का चौड़ीकरण करने की तैयारी की है। इस चौड़ीकरण के लिए दोनो और 70 दुकानों, भवनों और भूखंडों से जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जिला प्रशासन ने अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करके भूमि मालिकों के खातों में मुआवजा राशि भेज दी है। 67 भूमि मालिकों को मिले 56 करोड़ तीन भूखंडों पर विवाद सामने आया है। इनमें से ली जाने वाली भूमि की राशि को जिला प्रशासन कोर्ट में जमा कराएगा। अन्य 67 भूमि मालिकों को 56 करोड़ से ज्यादा राशि का भुगतान किया जा चुका है। भुगतान मिलने के बाद भूमि मालिकों ने इस हिस्से में हुए निर्माण को हटाना भी शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि निर्माण हटने के बाद इस जमीन को अब एनसीआरटीसी को सौंप दिया जाएगा, जिसपर वह निर्माण शुरू करेगी। छूटे खसरों से होगी सीधी खरीद बीएसएनएल कार्यालय वाली साइड में चार खसरों की भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सका है। एनसीआरटीसी के प्रस्ताव में यह खसरा संख्या छूट गए थे। अब इन खसरों की जमीन की सीधी खरीद करने का दावा किया जा रहा है। चौड़ीकरण को लेकर खास तथ्य 800 मीटर लंबाई में दोनों ओर चौड़ी होगी सड़क 03 मीटर दोनों ओर होना है सड़क का चौड़ीकरण 70 दुकानों और भवनों की जमीन का हुआ अधिग्रहण 56 करोड़ रुपये बंट गया मुआवजा इन्होंने कहा…     दिल्ली रोड के जाम के समाधान के लिए भूमि अधिग्रहण कर लिया गया है। इस भूमि को जल्द एनसीआरटीसी को सौंपकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण कराया जाएगा।     -डा. वीके सिंह, जिलाधिकारी।