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मुफ्त राशन योजना के दुरुपयोग पर प्रशासन सख्त, जगदलपुर में हुई छंटनी

जगदलपुर. नगर निगम क्षेत्र में मुफ्त राशन योजना का गलत लाभ लेने वाले अपात्र हितग्राहियों पर खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान ऐसे सैकड़ों लोग सामने आए, जिनके बैंक खातों में लाखों रुपए जमा हैं और कई के नाम पर कृषि भूमि भी दर्ज है। इसके बावजूद वे वर्षों से मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। खाद्य विभाग ने 48 वार्डों में अभियान चलाकर 800 से ज्यादा नाम बीपीएल सूची से हटाए हैं। कार्रवाई के बाद राशन दुकानों के बाहर अपात्र हितग्राहियों की सूची भी चस्पा की गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गरीबों के हिस्से का राशन लंबे समय से खुले बाजार में बेचा जा रहा था। जांच में कुछ लोगों के जनप्रतिनिधियों की मदद से राशन कार्ड बनवाने की बात भी सामने आई है। अब विभाग पात्र हितग्राहियों का दोबारा सत्यापन कर रहा है।

पाकिस्तान में मारा गया पुलवामा साजिश का बड़ा चेहरा, अज्ञात हमलावरों ने बरसाई गोलियां

श्रीनगर  पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान का खात्मा कर दिया गया है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुजफ्फराबाद में एक अज्ञात हमलावर ने उसे गोलियों से भूनकर खत्म कर दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हमजा बुरहान 2019 में कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में एक था। यह शख्स खुद को एक शिक्षक बताता था। वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर पाकिस्तान में छिपता फिर रहा था। इस घटनाक्रम से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अरजुमंद गलजार डार उर्फ हमजा बुरहान प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल बद्र (Al-Badr) का प्रमुख कमांडर था।हजमा बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला था। वह 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था। इसके बाद वह स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, आतंकी फंडिंग जुटाने और घुसपैठ नेटवर्क को संचालित करने में सक्रिय हो गया। UAPA कानून के तहत आतंकवादी घोषित 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। इस बर्बर हमले की साजिश में बड़ी भूमिका होने के कारण, भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे यूएपीए (UAPA) कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया था। मंत्रालय के अनुसार हमजा बुरहान पुलवामा और दक्षिण कश्मीर में आतंक फैलाने, युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती कराने और आतंकवाद के लिए आर्थिक सहायता जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था लेकिन अब उसका खात्मा हो चुका है। पहलगाम हमले में भी था शामिल बता दें कि पुलवामा की घटना भारत में सुरक्षाकर्मियों पर किया गया अब तक का सबसे घातक हमला था, जिसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने अंजाम दिया था। 14 फरवरी, 2019 को जैश के एक आतंकवादी ने लेथपोरा में CRPF के काफिले में विस्फोटकों से भरी एक कार से टक्कर मार दी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना की जंच कर रही भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)ने हमजा बुरहान का नाम पुलवामा हमले की साजिश रचने और आतंकवादियों को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद पहुंचाने वाले मुख्य किरदारों में शामिल किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह सिर्फ पुलवामा ही नहीं बल्कि कश्मीर घाटी के पहलगाम और अन्य क्षेत्रों में हुए बड़े आतंकी हमलों को सीमा पार से सीधे निर्देशित कर रहा था। पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में हुआ था, जिसमें CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद भारत ने बालाकोट एयरस्ट्राइक कर आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था। हमजा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था 2017 में पुलवामा से पाकिस्तान चला गया था हमजा बुरहान पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल था. वह खुद को पाकिस्तान में टीचर बताता था. साथ ही 2019 के बाद से कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था. वह पीओके के इलाके में कई आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग दे रहा था. साथ ही बॉर्डर इलाके में वह आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद करता था।  हमजा बुरहान का पूरा नाम अरजुमंद गुलजार डार है. इसे हमजा बुरहान के नाम से भी जाना जाता है अपने सर्किल में ये आतंकी 'डॉक्टर' के नाम से भी जाना जाता है।  27 साल का हमजा बुरहान पुलवामा के रत्नीपोरा का रहने वाला है. हमजा 2017 में पाकिस्तान गया और वहां जाकर आतंकवादी संगठन 'अल बद्र' में शामिल हो गया. 'अल बद्र' को भारत में एक आतंकवादी संगठन के तौर पर लिस्ट किया गया है. हमजा 'अल बद्र' के कमांडर के तौर पर काम कर रहा था।  ये शख्स पुलवामा में 'ओवर ग्राउंड वर्कर्स' से विस्फोटक बरामद होने के मामलों में, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF पर ग्रेनेड हमले में और युवाओं को आतंकवादी संगठन 'अल बद्र' में शामिल होने के लिए उकसाने के मामलों में शामिल पाया गया है।  ISI ने मुहैया कराया था ऑफिस और सिक्योरिटी आतंकी हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर न सिर्फ पुलवामा के अलावा दूसरे आतंकी हमले में शामिल था बल्कि वह युवाओं को बरगलाकर उन्हें कट्टरपंथ के रास्ते पर ले जाता था. इस काम के लिए ISI ने उसे एक ऑफिस मुहैया कराया था. और इसकी सुरक्षा में 24 घंटे AK-47 के साथ गनर तैनात रहते थे।  आतंकी गतिविधियों का अड्डा मुजफ्फराबाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में स्थित मुजफ्फराबाद भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों का अड्डा है. यहां कई तंजीमों के लोग रहते हैं और उसी की आड़ में भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं. आतंकी हमजा बुरहान इसी काम में शामिल था और वह लो प्रोफाइल रहता था।  पुलवामा हमला और भारत का ऑपरेशन बालाकोट  14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3:15 बजे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक भयानक आतंकी हमला हुआ.  पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और स्थानीय कश्मीरी युवक आदिल अहमद डार ने 300-350 किलो IED से भरी SUV को CRPF के काफिले की एक बस में घुसा दिया. इसमें 40 CRPF जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए. यह 1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमला था. जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।  हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर सर्जिकल एयर स्ट्राइक किया. इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए।    उसकी हत्या ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कई लोगों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हमजा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। बता दें कि हाल के सालों में कई आतंकियों को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया है या तो गैंगवार में उनकी मौत हुई है। PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बताया जा रहा है कि वह पिछले कई सालों से PoK में एक स्कूल टीचर का फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। वहीं आतंकी ट्रेनिंग कैंप और घुसपैठ के नेटवर्क को चला रहा था। वैसै वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का रहने वाला … Read more

अब यूनिफॉर्म में नजर आएंगे विश्वविद्यालय और कॉलेज छात्र, यूपी में नया नियम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और राज्य विश्वविद्यालयों की चांसलर आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों (कॉलेजों) में विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं. बुधवार को राजभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से संबद्ध शासकीय और वित्तपोषित महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने यह बड़ा फैसला सुनाया।  क्यों और कैसे लागू होगा यह नियम? एकरूपता लाना है मकसद वर्तमान में यूपी के कुछ महिला कॉलेजों और सेल्फ-फाइनेंस पाठ्यक्रमों में तो ड्रेस कोड लागू है, लेकिन अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र सामान्य कपड़ों में आते हैं. अब नए आदेश के तहत सभी संस्थान अपने स्तर पर मनपसंद रंग और डिजाइन तय कर यूनिफॉर्म लागू करेंगे, जिससे पूरे कैंपस में एकरूपता बनी रहे।  शिक्षकों की गरिमा पर कड़ा रुख बैठक के दौरान हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय के जूलोजी विभाग में एक शिक्षक द्वारा छात्रा को परेशान करने और पेपर लीक करने के कथित मामले पर राज्यपाल ने सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने दो टूक कहा कि शिक्षक ऐसा कोई काम न करें जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे. सभी शिक्षकों को समय पर कक्षाएं लेने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।  रोजगार परक और वोकेशनल कोर्स पर जोर छात्राओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्यपाल ने कॉलेजों को शॉर्ट-टर्म वोकेशनल कोर्स शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इनमें प्रमुख रूप से- जीएसटी (GST) और अकाउंटेंसी ब्यूटीशियन और मेहंदी कोर्स बिंदी निर्माण मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाना बनाना छात्रों की समस्याओं के लिए कमेटी सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज में एक विशेष समिति (कमेटी) बनाई जाएगी, जहां छात्र-छात्राएं बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें और समस्याएं खुलकर साझा कर सकेंगे. इसके अलावा दुर्लभ पुस्तकों के डिजिटलाइजेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे इन्फ्लिबनेट) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।  जल्द तैयार करेंगे खाका राज्यपाल के इस निर्देश के बाद, अब उत्तर प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थान अपने स्तर पर यूनिफॉर्म के रंग, पैटर्न और इसे लागू करने की समय-सीमा का खाका तैयार करेंगे। 

सर्च ऑपरेशन के दौरान फायरिंग, जंगल में घंटों चली मुठभेड़

चाईबासा चाईबासा के चक्रधरपुर अनुमंडल स्थित पोड़ाहाट जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह मुठभेड़ केड़ाबीर इलाके के पास उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल जंगल में सर्च अभियान चला रहे थे। सुबह छह बजे शुरू हुई ताबड़तोड़ फायरिंग जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम पिछले दो दिनों से सोनुवा और गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में अभियान चला रही थी। मंगलवार तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। घंटों चली गोलीबारी मुठभेड़ काफी देर तक रुक-रुक कर चलती रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान भी बरामद किए गए हैं। एसपी ने की मुठभेड़ की पुष्टि अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और जंगल में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मुठभेड़ के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मिसिर बेसरा गिरोह की सक्रियता की आशंका पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली सक्रिय हैं। हाल के दिनों में गोइलकेरा क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इन इलाकों में नक्सल गतिविधियां बढ़ने की आशंका थी। गौरतलब है कि 29 अप्रैल को सुरक्षाबलों ने एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।  

90s स्टार राहुल रॉय फिर सुर्खियों में, ‘लाफ्टर शेफ’ के सेट पर दिखे खुश

90s स्टार राहुल रॉय कुछ महीने पहले सोशल मीडिया पर अचानक ट्रेंड में थे. उनकी एक इंफ्लुएंसर संग रोमांटिक रील वायरल हुई थी, जिसपर काफी सवाल खड़े हुए. राहुल को इस तरह छोटे-मोटे काम करता देख लोग उन्हें ट्रोल करने लगे थे. मगर जब एक्टर ने इसके पीछे छिपी अपनी मजबूरी बताई, तो सब हैरान थे. राहुल ने इंस्टाग्राम के जरिए नोट शेयर करते हुए बताया था कि ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें काम की जरूरत है. उन्हें काफी सारा पैसा चुकाना है, जिसके बदले उन्हें काम मिलना जरूरी है. ऐसे में उनका मजाक उड़ाने से बेहरत, लोग उन्हें काम ढूंढने में मदद करें. अब लगता है कि कुछ लोगों ने राहुल की पुकार सुन ली है. लाफ्टर शेफ में आए राहुल रॉय राहुल रॉय बीते दिन कलर्स टीवी के शो लाफ्टर शेफ के सेट पर नजर आए, जहां उनके साथ एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी थे. तीनों एक साथ पैप्स के सामने आए और उनके कैमरा पर पोज भी दिए. इस दौरान राहुल रॉय काफी खुश दिखे. उन्होंने पैप्स संग थोड़ा हंसी-मजाक भी किया. आगे राहुल रॉय को अली और सिंगर राहुल वैद्य सपोर्ट करते हुए सेट के अंदर ले गए. 'आशिकी स्टार' का ये अंदाज देखकर शायद उनके फैंस को बड़ी राहत मिलने वाली है. आखिरकार उन्हें काफी समय बाद टीवी पर आने का मौका मिला है, जो एक्टर को एक बार फिर लोगों की नजरों में लेकर आएगा. क्या पता इसके बाद राहुल रॉय को थोड़ा और काम मिलने लगे और उनकी जरूरतें पूरी हो सकें. 90s के स्टार रहे राहुल रॉय राहुल रॉय 90s के दौरान एक वक्त तक सलमान-शाहरुख और आमिर खान जैसा स्टारडम एंजॉय करते थे. महेश भट्ट की फिल्म आशिकी ने उन्हें रातोंरात बॉलीवुड का सितारा बना दिया था. राहुल ने अपनी पहली फिल्म की सक्सेस के बाद एक साथ कई फिल्में साइन कर ली थीं. उस दौर में उनकी अधिकतर फिल्में हिट रहीं. लेकिन फिर उनके करियर की गाड़ी सक्सेस की पटरी से उतर गई. एक्टर को ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके कारण वो फिल्मों से दूर हुए और आज उनका स्टारडम धूमिल हो गया.

लू का ऑरेंज अलर्ट जारी, 25 मई तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

 चंडीगड़ हरियाणा में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को भी प्रदेश के कई जिलों में तेज लू और झुलसाने वाली गर्मी ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिला और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पांच जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान रोहतक में 46.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। इसके अलावा सिरसा में 46.4 डिग्री, फरीदाबाद में 46 डिग्री, हिसार में 45.3 डिग्री, जींद में 45.2 डिग्री और नारनौल में 45 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लू चलने की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने हरियाणा में 25 मई तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके लिए पूरे राज्य में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। रोहतक और सिरसा में लू की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि अगले पांच से छह दिनों तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि बाकी जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 45 डिग्री के बीच बना रहेगा। वहीं भिवानी में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। तेज गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करें, ताकि तेज धूप का असर कम हो सके। 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और सिर ढक कर बाहर निकलने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर भारत समेत हरियाणा में फिलहाल गर्मी का दौर जारी रहेगा और 25 मई से पहले राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

मुख्यमंत्री सैनी का सख्त एक्शन, CM विंडो मामलों में ढिलाई बरतने वाले अफसरों पर होगी FIR

चंडीगढ़. सीएम विंडो पर मिली शिकायतों की सुनवाई में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने तीखे तेवर दिखाए हैं। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने हिसार के गावड़ में बैकवर्ड चौपाल की राशि के गबन के आरोपित तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ), कनिष्ठ अभियंता व ग्राम सचिव के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने के निर्देश दिए। भिवानी जिले के झुंपा खुर्द के व्यक्ति की शिकायत पर पेमेंट में देरी के लिए जिम्मेदार संबंधित आरटीए से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सीएम विंडो पर आई शिकायतों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता से जुड़ी समस्याओं के समाधान में लापरवाही न बरतें। इस बैठक में सभी जिलों के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मंडल आयुक्त आनलाइन जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने जींद में दुर्घटना के समय की मोटर साइकिल बदलने तथा कुरुक्षेत्र में समय पर चालान प्रस्तुत न करने पर कोताही बरतने वाले पुलिस के दो सहायक उप निरीक्षक (एएसआइ) को निलंबित करने निर्देश दिए। करनाल में 100 गज के प्लाटों को नापने का काम समय पर नहीं करने पर नायब तहसीलदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और जींद के बडौद निवासी जरनैल की शिकायत पर पशु बीमा के क्लेम में देरी के लिए विभागीय जांच की जाएगी। कैथल के टीक गांव निवासी पूजा की शिकायत है कि धान की अदायगी नहीं की गई। इसके लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। पलवल के लालपुर कदीम के व्यक्ति की शिकायत के संबंध में कार्यालय का रिकार्ड खुर्द बुर्द करने के मामले में दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर समाधान, सीएम विंडो और उनके समक्ष आने वाली शिकायतों की वे स्वयं मानिटरिंग करेंगे। अधिकारी तीनों तरह की शिकायतों के सही समाधान सुनिश्चित करें। हर शुक्रवार को स्पेशल सीएम विंडो के मामलों की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, सुधीर राजपाल, डा. वी राजा शेखर, एके सिंह, जी अनुपमा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, विशेष कार्यकारी अधिकारी विवेक कालिया और राकेश संधू ने भी अपनी बात रखी। हाउसिंग बोर्ड के अलाटियों को 10 जून को होगा भुगतान हाउसिंग बोर्ड की समस्याओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जनता के बकाया पैसे का भुगतान 10 जून को बटन दबाकर किया जाएगा। इसके लिए अधिकारी पूरी तैयारी करें। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने तथा जल्द एटीआर अपलोड करने के निर्देश भी दिए, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारी समाधान शिविरों में शिकायतों की औचक जांच करेंगे, जिससे लोगों को संतुष्ट किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके समक्ष यह शिकायत नहीं आनी चाहिए कि किसी व्यक्ति की समस्या सुनी ही नहीं गई।

नवांशहर में ध्वनि प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, दो महीने तक नहीं बजेंगे DJ और लाउड स्पीकर

नवांशहर. जिलाधीश गुलप्रीत सिंह औलख ने इंडियन सिविल प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के सेक्शन 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, किसी भी बिल्डिंग, पब्लिक जगहों, खुली जगहों, पंडालों वगैरह में, किसी भी एनजीओ, प्राइवेट सोशल, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा संस्थानों, कमर्शियल संस्थानों, संगठनों आदि द्वारा, अलग-अलग प्रोग्रामों के मौके पर किसी भी व्यक्ति द्वारा लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर और मैरिज पैलेस, क्लब, होटल और खुली जगहों वगैरह में, शादी समारोह, खुशी के मौकों पर किसी भी समय डीजे, आर्केस्ट्रा, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट आदि के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। दिन हो या रात संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति के बिना पंजाब इंस्ट्रूमेंट्स (कंट्रोल आफ नाइज़) एक्ट, 1956 में वर्णित शर्तों के तहत संचालित नहीं किया जाएगा और लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद, वे एक अंडरटेकिंग देंगे कि ध्वनि का स्तर 10 डीबी (ए) से अधिक नहीं होगा। इसके साथ ही, संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार परीक्षा के दिनों से 15 दिन पहले किसी भी लाउडस्पीकर आदि के लिए कोई अनुमति न दी जाए। जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर पर बैन आदेशों में यह भी कहा गया है कि शहीद भगत सिंह नगर जिले की सीमा के भीतर लाउडस्पीकर और किसी भी अन्य संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन की अनुमति प्राप्त करने के बावजूद, सांस्कृतिक और धार्मिक अवसरों को छोड़कर, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी इमारत और स्थान पर उपरोक्त ध्वनि और संगीत वाद्ययंत्र आदि के संचालन, वादन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्राइवेट साउंड सिस्टम और साउंड पैदा करने वाले डिवाइस का साउंड लेवल 5 डीबी (ए) से ज़्यादा नहीं होगा। आर्डर में यह भी कहा गया है कि अगर उनके सब-डिवीजन में किसी की तरफ से शहीद भगत सिंह नगर के सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट के पास नाइज़ पाल्यूशन से जुड़ी कोई शिकायत आती है, तो संबंधित सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट, संबंधित डिप्टी सुपरिटेंडेंट आफ़ पुलिस और एनवायरनमेंटल इंजीनियर, पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, होशियारपुर के साथ मिलकर मौके पर जाकर मिली। शिकायत के बारे में ज़रूरी जांच करेंगे और अगर शिकायत सही पाई जाती है, तो माननीय कोर्ट और बताए गए एक्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, शिकायत में बताए गए किसी भी तरह के साउंड, म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट जिससे नाइज पाल्यूशन हो रहा है, उसे हटाकर अपने कब्ज़े में ले लेंगे और बताए गए एक्ट और इस आर्डर का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ अपने लेवल पर कानूनी कार्रवाई करके शिकायत का निपटारा करेंगे। जिलाधीश ने यह भी कहा है कि संबंधित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट से परमिशन लेने के बाद, जिन जगहों पर ये लोग इस्तेमाल करेंगे, वहां लाउडस्पीकर, आडियो, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट वगैरह की आवाज़ प्रोग्राम की जगह, धार्मिक जगह और बिल्डिंग वगैरह की बाउंड्री के अंदर होनी चाहिए, जो भारत सरकार द्वारा ‘नाइज़ पाल्यूशन (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) रूल्स, 2000’ के तहत जारी नोटिफिकेशन डेट 14.02.2000 में बताए गए साउंड स्टैंडर्ड (संबंधित जगह के साउंड स्टैंडर्ड) से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। यह आर्डर 21 मई से 20 जुलाई तक लागू रहेगा।

OBC भर्ती को लेकर हाईकोर्ट सख्त, आरक्षण सीमा से अधिक नियुक्तियों पर उठाए सवाल

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना कानूनी रूप से गलत है। जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार की मेरिट लिस्ट की समीक्षा कर 90 दिनों के भीतर दोबारा मेरिट लिस्ट तैयार करने कहा है। दरअसल, उमेश कुमार श्रीवास व अन्य ने इस मामले में याचिका दायर की थी, याचिका में कहा गया कि लोक शिक्षण संचनालय ने बीते 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओं ने भी मेरिट सूची में अपना स्थान बनाया था। लेकिन जब चयन समिति ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की तो ओबीसी केटेगरी के पदों पर 7 प्रतिशत की तय सीमा से कहीं ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को चुन लिया गया, जिससे सामान्य ओबीसी उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह गलत है। इस प्रक्रिया से सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को समान अवसर प्राप्त नहीं होता है।

धोखा मिलने पर क्या करें? चाणक्य नीति से सीखें असली जवाब

क्या आपने कभी सोचा है… कि जो इंसान कभी आपके सबसे करीब था, जिसके साथ आपने एक थाली में खाना खाया, जिसके साथ हंसे, जिसके कंधे पर रोए, जिसके सामने अपने सबसे बड़े सपने रखे… वही एक दिन आपको धोखा दे देगा? ऐसा छुरा… जो दिखता नहीं, लेकिन सबसे गहरा वार करता है. तब आप क्या करते हैं? माफ कर देते हैं? भूल जाते हैं? आगे बढ़ जाते हैं? रुकिए… यहीं 99% लोग सबसे बड़ी गलती कर देते हैं. अगर आपने धोखेबाज को माफ कर दिया, भूल गए और आगे बढ़ गए, तो आप वही कर रहे हैं, जो आपको बार-बार कमजोर बनाएगा. क्योंकि आचार्य चाणक्य ने हजारों साल पहले कहा था कि, 'शत्रु को माफ करना, उसे दूसरा मौका देना है, खुद को कमजोर साबित करना है.' चाणक्य की असली सोच चाणक्य क्रूर नहीं थे, लेकिन वह सच्चाई को बहुत गहराई से समझते थे. उन्होंने देखा था कि कैसे एक राजा चापलूसी में अंधा हो जाता है, कैसे एक सच्चा इंसान सिर्फ इसलिए हार जाता है क्योंकि उसने अपने दुश्मन को पहचाना नहीं. और उन्होंने खुद अपमान सहा… मगध के दरबार में, सबके सामने. उस दिन उन्होंने कसम खाई कि और फिर सिर्फ बदला नहीं लिया बल्कि पूरा साम्राज्य बदल दिया. मौन और अदृश्यता जब कोई आपको चोट पहुंचाता है, तो उस समय तुरंत जवाब देने का मन करता है. लेकिन, यही आपकी सबसे बड़ी गलती होती है. क्योंकि जब आप गुस्सा दिखाते हैं तो आप अपनी कमजोरी दिखाते हैं. ऐसे में चाणक्य कहते हैं कि, 'जो अपने मन में छिपी बात सबको बताता है, वहीं दूसरों का खिलौना बनता है.' इसलिए चुप रहो लेकिन कमजोर बनकर नहीं बल्कि रणनीति के साथ. ऐसे रहो जैसे कुछ पता ही नहीं और अंदर ही अंदर खुद को तैयार करते रहो. ताकी समय आने पर दुश्मन को जवाब दिया जा सके. सूचना और गुप्तचर दुश्मन को हराने से पहले, उसके बारे में जानना जरूरी होता है. कौन क्या सोच रहा है? कौन आपके खिलाफ है? किसकी क्या कमजोरी है? जो इंसान कम बोलता है और ज्यादा सुनता है, वही सबसे ताकतवर होता है. याद रखो कि हर इंसान की कोई ना कोई कमजोरी होती है और वही उसकी हार का कारण बनती है. धैर्य और सही समय सबसे कठिन लेकिन सबसे ताकतवर चाल. हर चीज का एक सही समय होता है. अगर आप जल्दबाजी में वार करते हैं तो आप खुद हार जाते हैं. लेकिन अगर आप इंतजार करते हैं, तैयारी करते हैं. सही समय पर एक ही वार करते हैं तो वही वार खेल खत्म कर देता है. अंतिम बात चाणक्य का लक्ष्य सिर्फ दुश्मन को हराना नहीं बल्कि खुद को मजबूत बनाना था, ताकि दुश्मन वार करने से पहले ही डर जाए. और ये तब होगा जब आप अपने गुस्से, डर और अधीरता पर काबू पा लेंगे.