samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं

तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री, महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  तेंदूपत्ता संग्राहकों से किया आत्मीय संवाद, सुनी समस्याएं चरण पादुका वितरण कर संग्राहकों का बढ़ाया उत्साह: राशन, पेयजल, शिक्षा और महतारी वंदन योजना की ली जानकारी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर प्रवास के दौरान रामानुजनगर प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्रहण फड़ पटना का निरीक्षण कर तेंदूपत्ता संग्राहकों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यों का जायजा लेते हुए संग्राहकों की समस्याओं, आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली तथा वनाधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन पर तेंदूपत्ता संग्राहकों ने आत्मीय स्वागत करते हुए तेंदूपत्ता और तेंदू फलों से निर्मित विशेष माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक भूलन सिंह मरावी तथा वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा का भी सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्राहकों के श्रम और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनके जीवन में समृद्धि लाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महुआ पेड़ की छांव में चौपाल लगाकर  संग्राहकों से सीधा संवाद किया और कहा कि सरकार स्वयं लोगों का हालचाल जानने गांव-गांव पहुंच रही है। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था, पेयजल उपलब्धता, जल जीवन मिशन की प्रगति, राजस्व प्रकरणों, शिक्षा व्यवस्था तथा महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्ति की जानकारी ली।  मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि के उपयोग के बारे में चर्चा करते हुए परिवार की आर्थिक मजबूती और बच्चों की जरूरतों में उसके सकारात्मक उपयोग की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय और कार्य परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वनाधारित आजीविका से जुड़े लोगों के हितों के संरक्षण और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है। फड़ पटना में 50 मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य तय किया गया था, जबकि 21 मई 2026 तक लक्ष्य से अधिक 66.640 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है। इस कार्य से कुल 108 संग्राहक सक्रिय रूप से जुड़े हैं, जो क्षेत्र की वनाधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मुरली मनोहर सोनी, भीमसेन अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।

ट्विशा केस में सरकार सख्त, नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम; CM से मिले मृतका के पिता

भोपाल मध्यप्रदेश में भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी. परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था।  गिरबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने की तैयारी अब इसको लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है. कंज्यूमर फोरम  खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है. इसलिए खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें. यहां ‎गंभीर मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है. ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार  शुरू कर दिया है।  पति समर्थ अब भी फरार बता दें कि ‎ट्विशा केस में बेटे समर्थ के साथ आरोपी गिरबाला इस समय ‎अग्रिम जमानत पर है जबकि समर्थ  ट्विशा की मौत के बाद से फरार है.पुलिस ने समर्थ को पकड़ने के लिए 10 हजार का इनाम रखा था जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार कर दिया गया है।  ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ लेता नजर आ रहा है. हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को और पेचीदा बना दिया है तथा कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लेकर आते दिखाई देते हैं।  एक घंटे तक छत पर क्या हुआ? सीसीटीवी में दर्ज यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुका है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के अनुसार, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य अवस्था में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत गंभीर नजर आई. वह छत पर जिमनास्टिक बेल्ट से लटकी पाई गई थी. यही वजह है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।   नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम, आरोपी पति पर 30 हजार का ऐलान ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।  भोपाल की अदालत ने  रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने पुलिस को ट्विशा के शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया कि परिवार की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम और शव संरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसमें अदालत ने आंशिक राहत दी. इस बीच ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।  आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम घोषित भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है. पति पर ट्विशा की मौत के लिए परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है और लगातार तलाश जारी है।  सास गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने लिखा पत्र ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने के लिए राज्यपाल को ट्विशा के परिवार ने पत्र लिखा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है. अभी गिरीबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं. डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है. कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में हटाने का प्रावधान है।  मां ने फोन पर सुनी थी एक आवाज इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस एक घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक शिक्षित युवती की जान ले ली. वीडियो में साफ दिखता है कि छत पर जाते समय ट्विशा सामान्य थीं और उनके हाथ में हेडफोन था. छत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया. मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्विशा ने ससुराल में कथित प्रताड़ना की बात बताई. इसी दौरान फोन पर किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. मां का मानना है कि वह आवाज संभवतः समर्थ की हो सकती है।  ससुराल का टॉर्चर और ट्विशा की संदिग्ध मौत बता दें कि गिरबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बीते कई दिनों से चर्चा में है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ पर गंभीर आरोप लगे हैं। 

हरियाणा के युवा इनोवेटर की चर्चा, शहद के सिरके ने CM सैनी को भी किया प्रभावित

झज्जर. विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर बीते बुधवार को पंचकूला में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उस समय बेहद दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जब सूबे के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर के प्रगतिशील मधुमक्खी पालक विनय फोगाट के स्टाल पर पहुंचे। वहां प्रदर्शित अनूठे उत्पादों को देखकर मुख्यमंत्री भी हैरान रह गए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, शहद का सिरका… यह तो मैंने पहले कभी सुना ही नहीं! कन्वेंशन सेंटर, रेड बिशप, सेक्टर-1 में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को विनय फोगाट द्वारा तैयार किया गया ''शहद का सिरका'' (हनी विनेगर) और ''बी प्रोबायोटिक'' इतना पसंद आया कि वे इसे विशेष रूप से अपने साथ लेकर गए। क्या खास है शहद के सिरके और बी प्रोबायोटिक में? प्रदर्शनी से वापिस लौटे विनय फोगाट ने बातचीत के दौरान उत्पादों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शहद का सिरका (हनी विनेगर): यह आम सिरके की तरह तीखा नहीं होता। इसे शुद्ध शहद को लंबे समय तक प्राकृतिक रूप से फरमेंट (किण्वित) करके तैयार किया जाता है। यह पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन नियंत्रित करने और शरीर को डिटाक्सिफाई करने में बेहद असरदार माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट्स होते हैं। बी प्रोबायोटिक: यह मधुमक्खियों के प्राकृतिक स्लाइवा (लार) और शहद के कॉम्बिनेशन से तैयार ऐसा अनूठा उत्पाद है, जो पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने में गेम-चेंजर साबित हो रहा है। 5 राज्यों का सफर और 18 तरह का शहद  दरअसल, झज्जर जिले के मलिकपुर गांव के रहने वाले शहद उत्पादक विनय फोगाट आज क्षेत्र के किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुके हैं। उनके पास मौजूदा समय में करीब 1,100 मधुमक्खी कालोनियां हैं, जिनसे वे सालाना लगभग 38 से 40 टन शहद का रिकार्ड उत्पादन करते हैं। विनय फोगाट ने बताया कि वे केवल एक या दो नहीं, बल्कि 18 अलग-अलग तरह के शहद और उत्पाद तैयार करते हैं। इसके लिए वे मौसम और फूलों के खिलने के चक्र के हिसाब से अपने बी-फार्म को हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश के इलाकों में शिफ्ट करते हैं। उनके पिटारे में सरसों, नीम, शीशम, कीकर, हिमाचल व कश्मीर का पहाड़ी शहद, कश्मीर का एकेशिया, सूरजमुखी, सौंफ और जामुन का शहद प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा वे शहद से गुलकंद, हनी अर्क, बी प्रोपोलिस टिंक्चर और घुटनों के दर्द की विशेष जेल भी तैयार करते हैं। फसलों की सच्ची मित्र हैं मधुमक्खियां स्टाल के दौरे के दौरान विनय फोगाट ने मुख्यमंत्री के सामने किसानों से रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने की पुरजोर अपील की। उन्होंने कहा केमिकल और पेस्टीसाइड्स के अंधाधुंध इस्तेमाल से हमारी सबसे अच्छी मित्र कीट मधुमक्खियां बहुत तेजी से मर रही हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जहां भी मधुमक्खी के बाक्स रखे जाते हैं, उसके 3 से 4 किलोमीटर के दायरे में क्रास-पालिनेशन (परागण) के जरिए फसलों की पैदावार ढाई से तीन क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक बढ़ जाती है। वैज्ञानिक तथ्य साझा करते हुए बताया कि मधुमक्खियों के पॉलिनेशन से तिलहनी फसलों में तेल के भीतर सल्फर कंटेंट 10 से 15% तक बढ़ जाता है। साथ ही, मधुमक्खियां अपने स्लाइवा (लार) से फूलों के अंदर जो यीस्ट छोड़ती हैं, उससे फसलों में प्राकृतिक मिनरल्स की मात्रा में भारी इजाफा होता है।

ईंधन बचत और सादगी को बढ़ावा, हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कार्यवाही

जयपुर बढ़ती ईंधन खपत को कम करने और सादगी उपायों को बढ़ावा देने की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने घोषणा की है कि 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में न्यायिक कार्यवाही मुख्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित की जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल की ओर से नोटिस जारी इस संबंध में रजिस्ट्रार जनरल की ओर से आधिकारिक नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया है कि यह निर्णय भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की अदालतों और संस्थानों को ईंधन संरक्षण, अनावश्यक यात्राओं में कमी और प्रशासनिक सादगी अपनाने के निर्देश दिए थे। बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद लिया गया निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट ने इस पहल को लागू करने से पहले जोधपुर और जयपुर की बार एसोसिएशनों से चर्चा भी की। विचार-विमर्श के बाद अदालतों में वर्चुअल सुनवाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया, ताकि अधिवक्ताओं, पक्षकारों और संबंधित लोगों को बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सके। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे पक्षकार नोटिस के अनुसार अदालतों की कार्यवाही संबंधित कोर्ट रूम से ही संचालित होगी, लेकिन अधिवक्ताओं और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। हाईकोर्ट ने यह भी अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वाहन साझा (कार पूलिंग) जैसी व्यवस्थाओं को अपनाया जाए, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित हो सके। फिजिकल हियरिंग पर कोई रोक नहीं हालांकि हाईकोर्ट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल हियरिंग पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। जो अधिवक्ता या पक्षकार व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर सुनवाई में भाग लेना चाहते हैं, वे पहले की तरह न्यायालय में उपस्थित हो सकेंगे। सभी संबंधित संस्थाओं को भेजा गया आदेश हाईकोर्ट प्रशासन ने इस आदेश की प्रतियां सुप्रीम कोर्ट, राजस्थान सरकार, बार काउंसिल ऑफ राजस्थान, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और राज्य के न्यायिक अधिकारियों को भी भेज दी हैं। डिजिटल सुनवाई और ईंधन बचत की दिशा में राजस्थान हाईकोर्ट की यह पहल न्यायिक प्रणाली को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

RPSC SI भर्ती 2021 विवाद: पुनर्परीक्षा पर हाईकोर्ट की सुनवाई, नया मोड़ आया

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में आज एसआई भर्ती 2021 को लेकर सुनवाई हुई, जिसमें अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी. कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को भर्ती में आवेदन करने के लिए प्रोविजनल अनुमति प्रदान की है. दोबारा होगी एसआई भर्ती परीक्षा हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) रद्द की गई एसआई भर्ती 2021 का पुनः आयोजन करवा रहा है.  हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्परीक्षा में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में शामिल हुए थे. 3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा एसआई भर्ती 2021 के लिए लगभग 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, लेकिन सितंबर 2021 में आयोजित परीक्षा में केवल 3,83,097 अभ्यर्थी ही दोनों पेपर में शामिल हुए थे. आयोग पुनर्परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल करने पर कायम है. हाई कोर्ट में दायर की याचिका इस निर्णय का अन्य अभ्यर्थियों द्वारा विरोध किया गया, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोरोना महामारी और अन्य कारणों से जो अभ्यर्थी उस समय परीक्षा में शामिल नहीं हो सके, उन्हें भी एक और अवसर दिया जाना चाहिए. याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट हरेंद्र नील, रवींद्र सैनी और निखिल कुमावत ने पैरवी की.

कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को भारत ने UN में घेरा, सुनाई खरी-खरी

 नई दिल्ली भारत ने बुधवार को यूनाइटेड नेशन्स सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "नरसंहार के कृत्यों का 'लंबे वक्त से दागदार' रिकॉर्ड एक ऐसा पैटर्न दिखाता है, जिसमें पाकिस्तान अपनी सीमाओं के अंदर और बाहर हिंसा के ज़रिए अपनी अंदरूनी नाकामियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश करता है." भारत का यह बयान सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा पर UN सुरक्षा परिषद की सालाना खुली बहस के दौरान आया।  UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश परवथनेनी ने ये टिप्पणियां तब कीं, जब पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया। हरीश ने कहा, "यह विडंबना है कि पाकिस्तानने ऐसे मुद्दों का जिक्र करना चुना है, जो पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है।  'पवित्र महीने में…' इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हमलों का जिक्र करते हुए भारतीय प्रतिनिधि परवथनेनी ने कहा, "दुनिया यह नहीं भूली है कि इसी साल मार्च में रमजान के पवित्र महीने के वक्त पाकिस्तान ने काबुल में 'उम्मीद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' पर एक बर्बर हवाई हमला किया था।  अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “हिंसा की इस कायरतापूर्ण और अमानवीय हरकत में 269 नागरिकों की जान चली गई और 122 अन्य घायल हो गए. यह घटना एक ऐसी जगह पर हुई, जिसे किसी भी तरह से मिलिट्री टारगेट के तौर पर सही नहीं ठहराया जा सकता.” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का यह रवैया 'दोहरे मापदंड' वाला है कि वह एक तरफ तो अंतरराष्ट्रीय कानून के ऊंचे सिद्धांतों की बात करता है और दूसरी तरफ अंधेरे की आड़ में बेकसूर नागरिकों को निशाना बनाता है।  UNAMA के मुताबिक,प ये हवाई हमले शाम की तरावीह की नमाज खत्म होने के वक्त हुए, जब कई मरीज मस्जिद से बाहर निकल रहे थे. परवथानेनी ने UNAMA के उस आकलन का भी जिक्र किया, जिसके मुताबिक अफगान नागरिकों के खिलाफ सीमा पार से की गई सशस्त्र हिंसा की वजह से 94 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए।  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से इस तरह की हरकतें किसी ऐसे देश के लिए हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए, जो अपने ही लोगों पर बम बरसाता है और सुनियोजित तरीके से नरसंहार करता है।  राजदूत हरीश ने यह भी कहा कि 1971 में 'ऑपरेशन सर्चलाइट' के दौरान पाकिस्तान ने अपनी ही सेना द्वारा चार लाख महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से सामूहिक बलात्कार और नरसंहार का अभियान चलाया था. इस बहस में भारत का हस्तक्षेप इन्हीं आरोपों पर केंद्रित रहा, क्योंकि उसने पाकिस्तान की उस कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें पाकिस्तान ने इस मामले को अपना 'आंतरिक मामला' बताया था। 

गूगल इवेंट में iPhone का इस्तेमाल वायरल, ‘Gemini Spark’ फीचर भी पेश

गूगल का एनुअल डेवलपर कॉन्फ्रेंस Google I/O 2026 की शुरुआत हो चुकी है. इस इवेंट के दौरान कंपनी AI एजेंट, यूट्यूब न्यू फीचर, जीमेल न्यू फीचर्स और AI वीडियो मेकर आदि का ऐलान किया है. लेकिन लाइव इवेंट के दौरान कंपनी ने डेमो के लिए iPhone का यूज किया है, जो मूमेंट इंटरनेट वायरल हो चुका है. गूगल इवेंट के दौरान जब न्यू पर्सनल एआई एजेंट जेमिनाई स्पार्क के बारे में बताया जा रहा था. तब डेमो के दौरान ऐपल का लेटेस्ट हैंडसेट iPhone 17 Pro का यूज किया गया है, जबकि गूगल के पास खुद का फ्लैगशिप हैंडसेट है. देखने में यह मामूली गलती लगती है, लेकिन इंटरनेट पर यह मूमेंट तेजी से वायरल हुआ. गूगल खुद कई बार पिक्सल हैंडसेट को लेकर दावे कर चुका है कि उसको AI युग के लिए तैयार किया है. कंपनी कुछ साल साल से लगातार अपने पिक्सल हैंडसेट को AI फीचर्स के साथ लोडेड करके दे रहा है. iPhone 17 Pro पर किया गया लाइव डेमो कुछ घंटों के अंदर iPhone 17 Pro पर किया गया लाइव डेमो का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया. लाखों लोगों ने देखा. कई यूजर्स ने कहा कि इसके लिए कंपनी खुद का पिक्सल 10 सीरीज का यूज कर सकती थी. आईफोन के लिए AI गूगल पहले ही जानकारी शेयर कर चुका है कि वह अपने Gemini का अलग वर्जन तैयार कर रहा है. यह वर्जन सीरी के साथ काम करेगा, हालांकि यह कब तक लॉन्च होगा, उसकी कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं दी है. गूगल जेमिनाई स्पार्क क्या है? गूगल इवेंट के दौरान बताया गया है कि जेमिनाई स्पार्क एक पर्सनल AI एजेंट है. यह जेमिनाई ऐप के अंदर मिेगा, जो यूजर्स के प्रॉम्प्ट पर काम करेगा. यह लॉन्ग और मुश्किल टास्क को बैकग्राउंडम में कंप्लीट करता है और यूजर्स को बेहतर एक्सपीरियंस मिलेगा. इसको Gmail, Docs और दूसरे Google Workspace ऐप्स के साथ इंटीग्रेट किया है. इसको पहले अमेरिकी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा.

सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी पर फरीदकोट में हंगामा, नामांकन विवाद ने बढ़ाया सियासी तापमान

फरीदकोट. नगर कौंसिल चुनाव के दौरान नामांकन रद होने के मामले को लेकर फरीदकोट में बुधवार रात को राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया। शिरोमणि अकाली दल द्वारा वीरवार को शहर बंद का आह्वान किया गया, जिसे व्यापारियों और आम लोगों का व्यापक समर्थन मिला। शहर के कई बाजारों में दुकानें बंद हैं और अकाली कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गुरुद्वारा खालसा दीवान में एकत्रित हुए हैं। यहां से कार्यकर्ताओं ने थाना सिटी फरीदकोट के घेराव की तैयारी शुरू कर दी। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के भी दोपहर फरीदकोट पहुंचने की सूचना है, जिससे माहौल और अधिक गरमा सकता है। दरअसल, बुधवार देर रात शिरोमणि अकाली दल के जिला शहरी प्रधान सतीश ग्रोवर को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी रोष फैल गया। गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर जमा होने लगे और सतीश ग्रोवर की रिहाई की मांग उठाने लगे। कई स्थानों पर पुलिस और अकाली कार्यकर्ता आमने-सामने डटे दिखाई दिए। नामांकन रद होने से पैदा हुआ विवाद उल्लेखनीय है कि नगर कौंसिल चुनाव के नामांकन रद होने के मामले को लेकर गत दिनों भी भारी हंगामा हुआ था। बुधवार को यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब विधायक गुरदित सिंह सेखों और शिअद उपाध्यक्ष परमबंस सिंह रोमाणा ने अलग-अलग प्रेस वार्ताएं कर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक गुरदित सिंह सेखों ने प्रेस वार्ता में कहा कि चुनाव पूरी अनुशासन व्यवस्था के साथ करवाए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं द्वारा अधिकारियों पर दबाव बनाने और गुंडागर्दी करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जिन प्रत्याशियों के नामांकन रद हुए हैं, उन्होंने सरकारी करों की चोरी की थी और किसी भी वैध नामांकन को रद नहीं किया गया। विधायक ने यह भी कहा कि कुछ नेताओं ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को धमकियां दी हैं, जिसकी शिकायत चुनाव आयोग को भी भेजी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव प्रक्रिया में खलल डालने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। रोमाणा ने सत्ता पक्ष पर किया पलटवार दूसरी ओर परमबंस सिंह रोमाणा ने देर शाम प्रेस वार्ता कर सत्ता पक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों के प्रत्याशियों के नामांकन कथित रूप से सत्ताधारी नेताओं के दबाव में रद करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने कहा कि वकीलों की मदद और कानूनी दलीलों के आधार पर उनके प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार करवाए गए। रोमाणा ने कहा कि अब सत्ता पक्ष प्रशासन पर दबाव बनाकर उन पर सरकारी काम में बाधा डालने के मामले दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यदि उन पर मामले दर्ज भी किए जाते हैं तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे और अपने कार्यकर्ताओं के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

Apple का बड़ा दावा: ऐप स्टोर पर 18 हजार करोड़ रुपये की फ्रॉड डील्स ब्लॉक

ऐपल ने एक बड़ा दावा किया है और बताया है कि उसने बीते एक साल में करोड़ों रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन को ब्लॉक किया है और लोगों की मेहनत की कमाई को ठगे जाने से बचाया है. ये जानकारी ऐपल न्यूजरूम पर शेयर की है. ऐप स्टोर ने ट्रांजैक्शन में 2.22 बिलियन डॉलर (करीब 18 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा की धोखाधड़ी को रोका है. कंपनी ने बीते छह साल में 11.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड को रोकने में सफलता हासिल की है. हर सप्ताह करोड़ों विजिटर्स आते हैं ऐपल ने बताया है कि 175 देशों के ऐप स्टोर पर हर सप्ताह करीब 85 करोड़ से ज्यादा विजिटर्स आते हैं. लोगों की सुरक्षा के लिए ऐपल का कहना है कि वह स्कैम, खतरनाक ऐप्स, फर्जी रिव्यू और पेमेंट फ्रॉड पकड़ने के लिए रिव्यू टीम और एडवांस मशीन लर्निंग सिस्टम का यूज करते हैं. 2025 में आए 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन ने बताया ह कि ऐप रिव्यू टीम ने साल 2025 में 91 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन प्रोसेस किए और 3 लाख नए डेवलपर्स को ऑनबोर्ड किया है. फिर ऐप स्टोर गाइडलाइन्स का उल्लंघन करने पर करीब 20 लाख से ज्यादा ऐप सबमिशन रिजेक्ट किए हैं. इनमें 12 नए ऐप्स और 8 लाख ऐप अपडेट भी शामिल रहे हैं. रिव्यू टीम में इंसान और AI करते हैं काम कंपनी ने आगे बताया है कि उनके रिव्यू टीम में इंसानों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) बेस्ड सिस्टम भी काम करता है. ये सिस्टम फास्ट तरीके से खतरनाक ऐप्स की पहचान करता है और फिर उनको ब्लॉक करने में मदद करता है. कई ऐप ने बाद में बदला अपना नेचर ऐपल ने रिपोर्ट में बताया है कि 59 हजार ऐसे ऐप्स भी रिमूव किए जा चुके हैं, जो शुरुआत में गेम या सामान्य यूटिलिटी के रूप में मंजूर किए थे. बाद में उनको फ्रॉड प्लेटफॉर्म में बदल दिया गया.   लाखों अकाउंट्स को किया जा चुका है बंद अमेरिका कंपनी ने बताया है कि कई साइबर ठग बॉट नेटवर्क और फर्जी अकाउंट की मदद से ऐप रैंकिंग में हेरफेर, स्पैम और नकली रिव्यू पोस्ट करने की कोशिश करते हैं. इसको लेकर कंपनी बता चुकी है कि वह साल 2025 में 1.1 बिलियन फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिश को ब्लॉक कर चुकी है. बच्चों की सेफ्टी वाले नियम तोड़े गए Apple ने ये भी बताया है कि बच्चों की सेफ्टी के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ने पर Kids कैटेगरी के 5 हजार से ज्यादा ऐप्स को रिजेक्ट किया जा चुका है. पहले ऐप्स ने स्क्रीन टाइम और आस्क टू बाय जैसे पैरेंटल कंट्रोल फीचर्स का भी जिक्र किया, फिर इनकी मदद से माता-पिता बच्चों की ऐप एक्टिविटी और शॉपिंग पर नजर रखते हैं.

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन सम्पन्न विभिन्न परियोजनों के निर्माण कार्य हेतु लगभग 45 करोड़ की मिली प्रशासकीय स्वीकृति   जी.एस.टी. भुगतान प्रणाली में एकरूपता, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती तथा राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता के प्रस्तावों का भी किया अनुमोदन रायपुर  अध्यक्ष अनुराग सिंह देव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का 86वाँ मंडल सम्मेलन आज दिनांक 20 मई 2026 को मंडल मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश में आवासीय एवं अधोसंरचना विकास से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार कर स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव  ने बताया कि सम्मेलन में दीनदयाल आवास कॉलोनी, कोहका, तिल्दा, जिला रायपुर में व्यवसायिक सह आवासीय प्रकोष्ठ भवनों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 76 आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों का निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित परियोजना लागत लगभग 10.37 करोड़ रुपये है। स्ववित्तीय अटल विहार योजनांतर्गत गिनाबहार, जिला जशपुर में 06 एम.आई.जी., 64 एल.आई.जी. एवं 27 ई.डब्ल्यू.एस. सहित कुल 97 आवासीय भवनों के निर्माण कार्य तथा 7 एकड़ भूमि के विकास कार्य हेतु प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 17.51 करोड़ रुपये है। इसी प्रकार स्ववित्तीय योजनांतर्गत सारधा (लोरमी), जिला मुंगेली में 200 ई.डब्ल्यू.एस. भवनों के निर्माण एवं 5 एकड़ भूमि के बाह्य विकास कार्य हेतु भी स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 16.94 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त निर्माण कार्यों में जीएसटी भुगतान प्रणाली (GST Payment System) एवं रॉयल्टी क्लीयरेंस प्रमाण पत्र (Royalty Clearance Certificate) संबंधी वर्तमान व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने हेतु एक समान मानक प्रक्रिया लागू करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सीधी भर्ती में दिव्यांगजनों के आरक्षण हेतु पदों के चिन्हांकन को समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 25 फरवरी 2026 के अनुसार मंडल में यथावत लागू किए जाने का निर्णय भी लिया गया।  मंडल के अधिकारियों/कर्मचारियों को राज्य शासन के कर्मचारियों के अनुरुप पुनरीक्षित मॅहगाई भत्ता की दरें स्वीकृत की गई। साथ ही क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव हेतु लाइसेंस आधार पर पी.पी.पी. मोड के अंतर्गत एजेंसी नियुक्त करने के लिए प्रस्तुत निविदा प्रपत्र एवं लाइसेंस अनुबंध प्रारूप का अनुमोदन भी किया गया है। मंडल सम्मेलन में माननीय सदस्यों को यह भी अवगत कराया गया कि बोर्ड द्वारा इस वर्ष 2026 के प्रथम 04 माह में लगभग मूल्य 317 करोड़ की 1647 संपत्तियों का विक्रय किया गया।  86वें मंडल सम्मेलन में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण (भा.प्र.से.), आवास एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव डी.एस. भारद्वाज, लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधि जी.आर. रावटे, वित्त विभाग के प्रतिनिधि निखिल अग्रवाल, हुडको के प्रतिनिधि हितेश बरोट सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। ।