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सीएम श्री स्कूलों में वर्षा जल संचयन योजना: हर साल 50 करोड़ लीटर पानी बचाने का लक्ष्य

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने जल संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 75 सीएम श्री स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को री-डिवेलप और आधुनिक बनाने का फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना के जरिए हर साल करीब 50 करोड़ लीटर वर्षा जल संरक्षित करने की क्षमता विकसित की जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने की बैठक इसे लेकर एक बैठक की है, जिसमें अधिकारियों ने परियोजना को लेकर डिटेल रिपोर्ट पेश की, जिसमें स्कूलों में मौजूद रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की वर्तमान स्थिति, उनकी कमियां और सुधार का एक्शन प्लान बताया। हर साल इतने पानी का होगा संरक्षण सीएम के मुताबिक, दिल्ली में औसतन 775 मिमी बारिश होती है और करीब 2500 वर्ग फुट की छत से हर साल करीब 2 लाख लीटर पानी संरक्षित कर सकते हैं। इसे एक पांच सदस्यीय परिवार की सालाना जरूरत पूरी करने में पर्याप्त माना गया है। साथ ही हर स्कूल में रूफटॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग मॉडल लगाया जाएगा। क्या है सरकार का दावा सरकार का दावा है कि केवल स्कूलों की छतों से ही हर साल करीब 13 करोड़ लीटर पानी संरक्षित किया जा सकता है। संगठन उन्होंने बताया कि स्कूलों में गैर सरकारी 'अहसास' के मॉडल को अपनाया जाएगा, जिसे वर्ष 2021 में दिल्ली जल बोर्ड ने मंजूरी दी थी। यह मॉडल कम लागत, कम जगह और लगभग शून्य रखरखाव वाला माना जाता है। इसके तहत छतों से आने वाले वर्षा जल को फिल्टर कर स्टोरेज और बोरवेल से जोड़ा जाएगा, जिससे भूजल रिचार्ज और सूखे बोरवेल को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।

दीपक हत्याकांड के आरोपी का हाफ एनकाउंटर: जहानाबाद पुलिस कार्रवाई में रावण घायल

 जहानाबाद बिहार के जहानाबाद में पुलिस ने कुख्यात किलर विक्कू सिंह उर्फ रावण का ऑपरेशन लंगड़ा के तहत हाफ एनकाउंटर कर दिया। दीपक हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त रावण के पैर में गोली लगी है। जिले के घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी नहर के समीप एसटीएफ और रावण के बीच मुठभेड़ हो गई। आरोपी ने झाड़ी में छिपाए गए हथियार से पुलिस पर गोली चला दी जो थानाध्यक्ष की गाड़ी में जा लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए आरोपी के पैर में गोली मार दी। जहानाबाद सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच उसका इलाज कराया जा रहा है। बीते पांच दिनों में बिहार पुलिस ने छह बदमाशों को लंगरा बना दिया है। एसपी अपराजिता लोहानी एनकाउंटर की पुष्टि करते हुए बताया कि ​जहानाबाद पुलिस ने भेलवार थाना इलाके में दीपक सिंह हत्याकांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी विक्कू सिंह उर्फ रावण को गिरफ्तार कर रिया था। गिरफ्तार विक्कू सिंह को लेकर पुलिस इस कांड में प्रयोग में लाये गये हथियार की बरामद के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के निकट नहर किनारे पहुंची थी। इसी दौरान अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिसमें थानाध्यक्ष बाल बाल बच गए। विक्कू सिंह की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में लग गई। उसके बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। पुलिस की गोली विक्कू सिंह के बायें पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। बिहार में पांच दिनों में पुलिस मुठभेड़ की छह घटनाओं ने अपराधियों में खौफ कायम किया है। मुठभेड़ की इन घटनाओं में पुलिस की गोली से पांच अपराधी लंगड़े हुए। खास बात है कि सभी अपराधी अलग-अलग मामलों में हत्या छिनतई और लूटकांड के आरोपित हैं। पांच दिनों की कार्रवाई 19 मई ,पटना -नीतीश कुमार : गोपालपुर में कैश वैन रोक कर 27 लाख रुपये की लूट में शामिल। लूट की राशि से आरोपित और सहयोगियों ने चार आईफोन खरीदे। 2022 में बाकरगंज में सोना लूट और 2023 में पत्रकार नगर में एक पुलिस के जवान पर गोली चलाने का आरोप।  18 मई : पटना : संदीप उर्फ बादल : अगमकुआं इलाके में शिक्षक से मोबाइल स्नैचिंग और फायरिंग। पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पूर्व में भी लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप।  18 मई : सीवान : अंकित सिंह : ज्वेलर्स दुकान में लूट का आरोपित। सघन वाहन जांच अभियान के दौरान भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में घायल। पुलिस के मुताबिक रसूलपुर, मांझी, रघुनाथपुर व जीरादेई थाना में लगभग आधा दर्जन सीएसपी एवं ज्वेलरी लूटकांड से संबंधित आपराधिक मामला दर्ज।  20 मई : समस्तीपुर : प्रिंस कुमार : सरायरंजन सहित लूट की कई घटनाओं में शामिल होने का आरोप। छिपाये गये हथियार की निशानदेही के दौरान पुलिस पर फायरिंग के दौरान जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से घायल। 21 मई : किशनगंज : पवन कुमार उर्फ चिंटू : अंतरराज्यीय लूट, छिनतई, चोरी जैसे आपराधिक गिरोह का सरगना। बाइक से भागने के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल। पटना, अररिया, मधुबनी आदि जिलों में लूट सहित अन्य आपराधिक घटनाओं का लगभग एक दर्जन कांडों में संलिप्तता का आपराधिक इतिहास।  22 मई : जहानाबाद में कुख्यात विक्कू सिंह उर्फ रावण का हाफ एनकाउंटर। रावण दीपक सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान उसने पुलिस पर गोली चला दी। आत्म रक्षा में पुलिस ने भी फायरिंग कर उसके बाएं पैर में गोली मार दी।

काउंसिल चुनाव के दौरान हंगामे पर बंटी रोमाणा के खिलाफ केस दर्ज

फरीदकोट फरीदकोट थाना सिटी पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा समेत अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। उन पर नगर काउंसिल चुनाव की प्रक्रिया के दौरान सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।   कार्रवाई रिटर्निंग ऑफिसर कम एसडीएम की शिकायत पर की गई। शिकायत में कहा गया कि 18 मई को नगर काउंसिल चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बंटी रोमाणा अपने समर्थकों के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंचे और कर्मचारियों व ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों से बहस करते हुए कथित तौर पर धमकियां दीं। दस मामले के बाद फरीदकोट में राजनीतिक माहौल फिर गर्मा गया है।  फरीदकोट में पहले से ही अकाली दल के जिला अध्यक्ष शहरी सतीश ग्रोवर की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। इस मामले में एक दिन पहले थाने समक्ष धरने में सुखबीर बादल भी पहुंचे थे। 

शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर: जुलाई–अगस्त 2026 में 3 राशियों की बदलेगी किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में न्याय और कर्म के देवता माने जाने वाले शनि देव जल्द ही बड़ा नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. साल 2026 के जुलाई महीने की शुरुआत में शनि देव रेवती नक्षत्र के दूसरे पद (चरण) में प्रवेश करेंगे. चूंकि रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं, जो शनि के परम मित्र माने जाते हैं, इसलिए शनि का यह गोचर बेहद प्रभावशाली रहने वाला है. शनि की यह नई स्थिति वैसे तो सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगी, लेकिन 3 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा. आइए जानते हैं कि जुलाई से अगस्त के बीच होने वाले इस गोचर से किन राशियों के अच्छे दिन शुरू होने वाले हैं. कब हो रहा है शनि का यह गोचर? ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्तमान में शनि देव मीन राशि और रेवती नक्षत्र में विराजमान हैं.  2 जुलाई 2026, गुरुवार को सुबह 08:22 बजे शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश कर जाएंगे और 20 अगस्त 2026 तक इसी स्थिति में रहेंगे. इसके बाद वे पुनः पहले पद में लौटेंगे.  इसी गोचर काल के दौरान 27 जुलाई को शनि वक्री भी होने वाले हैं, जिससे इसका प्रभाव और अधिक बढ़ जाएगा. इन 3 राशियों पर बरसेगी शनि देव की विशेष कृपा कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए शनि का यह गोचर नवम (भाग्य) भाव में होने जा रहा है. यहां से शनि की दृष्टि आपके लाभ, पराक्रम और छठे भाव पर रहेगी, जो आपके लिए बेहद शुभ संकेत है. आपके लिए आय के नए स्रोत खुलेंगे जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. पुराना अटका हुआ पैसा या निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है. 2. कन्या राशि कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, जो इस नक्षत्र के भी स्वामी हैं.  इसलिए शनि का यह गोचर आपके लिए बहुत खास रहने वाला है. शनि आपकी कुंडली के सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं, जहां वे दिग्बली होते हैं. नौकरीपेशा जातकों को करियर में नए और बेहतर अवसर मिलेंगे. विशेषकर सोशल मीडिया, इंटरनेट, कम्युनिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को जबरदस्त सफलता मिल सकती है. 3. कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि देव धन भाव (दूसरे भाव) में विराजमान रहकर आपके सुख, आठवें और लाभ भाव पर दृष्टि डालेंगे. इस दौरान गुरु बृहस्पति की दृष्टि भी शनि पर रहेगी, जिससे नकारात्मक प्रभावों में कमी आएगी. इस अवधि में वाहन, मकान या कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने का आपका सपना पूरा हो सकता है. आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को बैंक लोन आसानी से मिल जाएगा .

समय रैना और सुनील पाल विवाद बढ़ा: कॉमेडी शो रोस्ट पर फिर छिड़ी बयानबाजी

समय रैना और सुनील पाल के बीच की खटपट बंद होने का नाम नहीं ले रही है. जबसे कपिल शर्मा के शो पर समय ने कॉमेडियन को रोस्ट किया है, तबसे सुनील पाल लगातार स्टैंडअप कॉमेडियन को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं. उन्हें शो पर हुई अपनी बेइज्जती का दुख है, जिसे वो पिछले कुछ हफ्तों में कई सारे इंटरव्यू में भी जाहिर कर चुके हैं. सुनील पाल बीते दिन एक फिल्म के प्रीमियर पर पहुंचे थे, जहां उनकी पैपराजी से मुलाकात हुई. वहां भी उन्होंने समय रैना और उनके कॉमेडी शो पर तंज कसा. सुनील पाल ने समय को चैलेंज किया कि वो अपने शो में अपने माता-पिता को बतौर जज बिठाएं और उनके सामने कॉमेडी करें, तब वो मानेंगे कि समय एक अच्छे कॉमेडियन हैं. सुनील पाल ने दिया चैलेंज उन्होंने कहा- मैं चाहता हूं कि समय रैना अपने शो में खुद के माता-पिता को जज बनाकर बिठाए. जब पैप्स ने पूछा कि क्या सुनील पाल समय के शो में जाना पसंद करेंगे? तो इसपर वो बोले, 'मैं तो नहीं जा सकता क्योंकि वो इतना बड़ा शो है जो मेरे लायक नहीं है. मैं तो छोटा आर्टिस्ट हूं. मगर जब भी समय अपना शो बनाएं, तो उधर जैसे कपिल शर्मा के शो पर सिद्धू और अर्चना हैं. वैसे ही सीजन 2 जब आए, तो दो जज लेकर आए, जो उन्हीं के माता-पिता हों. उनके सामने कॉमेडी करे, तब मैं मानूंगा कि समय है तो रैना है.' पैप्स ने आगे सुनील पाल से पूछा कि क्या उनकी समय से दोस्ती हो गई? तो उन्होंने जवाब दिया- देखिए, दुश्मनी किसी से भी नहीं है. सबके साथ मिलना-जुलना है, बस विचारों का आदान-प्रदान थोड़ा कम है. सुनील पाल से अंत में जब सलमान खान और पैपराजी के बीच हुए विवाद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने उसपर कोई कमेंट करने के बदले खुद का दर्द बयां किया. सुनील पाल ने कहा- सलमान खान ही नहीं, बल्कि दुनिया का हर खान-हर समाज इस बात को मानेगा कि जो आज मेरे खिलाफ एक साजिश रची गई. मुझे नीचा दिखाया गया है, बदनाम किया है, एक दिन याद रखना यही इंसान सबको सही लगेगा.

मंत्री कपिल मिश्रा का बड़ा ऐलान, दिल्ली में किन जानवरों की नहीं होगी कुर्बानी

नई दिल्ली बकरीद के मद्देनजर दिल्ली के विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने पशु कल्याण संबंधी कानूनों के सख्त पालन के सख्त निर्देश दिए हैं। कपिल मिश्रा ने गाय, बछड़े, ऊँट और अन्य प्रतिबंधित पशुओं की हत्या या कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करने का निर्देश जारी किया है। बकरीद पर नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश देते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और पशुओं की खरीद-बिक्री को गैरकानूनी है, ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि अवैध पशु परिवहन, अवैध कुर्बानी और पशु क्रूरता के मामलों में आपराधिक कार्रवाई और विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। इन जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध कपिल मिश्रा ने निर्देश जारी करते हुए प्रतिबंधित जानवरों की लिस्ट भी बताई और कहा कि इन जानवरों की कुर्बानी नहीं की जा सकती है। कपिल मिश्रा ने कहा बकरीद पर गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट की कुर्बानी पूरी तरह गैर कानूनी है, ऐसा करने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों सड़कों गलियों में भी कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस दौरान वैध स्थलों पर ही कुर्बानी की इजाजत है। अवैध खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक जगहों पर अवैध रूप से जानवरों की खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध है। इसका उल्लंघन करने और करने की कोशिश करने पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी करने के बाद नालियों और सड़कों पर कचरा फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने कहा कि इस दौरान सीवर में वेस्ट और खून को बहाने पर भी रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल वैध स्थलों पर ही की जाएगी। मिश्रा ने कहा कि कानून का पालन ना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बकरीद पर कुर्बानी को लेकर गाइडलाइन जारी करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि इन गाइडलाइंस की अवहेलना करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने आम लोगों से अपील की है कि अगर वो किसी तरह से इस गाइडलाइन का उल्लंघन देखते हैं तो पुलिस को सूचित करें, आरोपियों पर कार्रवई की जाएगी।

अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की अफवाहें फिर चर्चा में, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

मशहूर सिंगर और कम्पोजर अनिरुद्ध रविचंदर एक बार फिर अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं. अनिरुद्ध रविचंदर और काव्या मारन की शादी की चर्चा हो रही है. काव्या और अनिरुद्ध की शादी की बात सुनकर इनके फैन्स के बीच खुशनुमा माहौल है, जानते हैं कि इस खबर में कितनी सच्चाई है. दूल्हा बनेंगे अनिरुद्ध? आईपीएल टीम सनराइज हैदराबाद की सीईओ और को-ओनर काव्या मारन और कम्पोजर अनिरुद्ध रविचंदर की वेडिंग का बज बना हुआ है. कई फैन पेज पर दावा किया जा रहा है कि काव्या और अनिरुद्ध जल्द ही शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. हो सकता है कि इस साल के अंत तक दोनों शादी के बंधन में बंध जाएं. फिल्मीबीट की रिपोर्ट के मुताबिक, काव्या और अनिरुद्ध के पेरेंट्स अपने बच्चों की शादी के लिए राजी हो चुके हैं. शादी स्पेन में होगी और इसके बाद चेन्नई में एक ग्रैंड रिसेप्शन रखा जाएगा.   एक ओर जहां फैन्स के बीच काव्या और अनिरुद्ध की शादी की चर्चा है. वहीं अब तक दोनों की ओर से इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है. ना ही शादी के लिए हांमी भरी गई है और ना ही इससे इनकार किया गया है. हालांकि, ये पहला मौका नहीं है जब काव्या और सिंगर की शादी की चर्चा हो रही है. इससे पहले भी कई बार दोनों की वेडिंग न्यूज की अफवाह उड़ी थी. वेडिंग न्यूज पर रिएक्ट करते हुए सिंगर ने फैन्स से गुजारिश की थी कि अफवाहों पर यकीन ना करें. काव्या और अनिरुद्ध की पर्सनल लाइफ पर भी नजर डाल लेते हैं. चेन्नई में जन्मीं काव्या मारन भारत के बड़े बिजनेस परिवार 'मारन परिवार' से आती हैं. काव्या के पिता कलानिधि मारन सन ग्रुप के चेयरमैन हैं और मां कावेरी मारन सन टीवी नेटवर्क की सीईओ हैं. काव्या के चाचा दयानिधि मारन का राजनीति में दबदबा है. वो मीडिया, टीवी नेटवर्क और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अभी खास पहचान बनाए हुए हैं. यूके से एमबीए की पढ़ाई करने वाली काव्या 2018 से सनराइज हैदराबाद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. दूसरी अनिरुद्ध रविचंद्र तमिल और तेलुगु फिल्मों की दुनिया का बड़ा नाम हैं. वो एक म्यूजिक कंपोजर हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में कई हिट फिल्मों के लिए म्यूजिक दिया है. वो फिल्मफेयर अवॉर्ड साउथ और 10 सिम्मा अवॉर्ड्स जीत चुके हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ का जलवा, उसूर ब्लॉक ने हासिल किया दूसरा स्थान

नीति आयोग की रिपोर्ट: देश में चमका छत्तीसगढ़ का उसूर ब्लॉक, मिला दूसरा स्थान वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बीजापुरवासियों को बधाई, मुख्यमंत्री साय बोले – यह सुशासन का प्रमाण रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के 'सुशासन' और जन- कल्याणकारी नीतियों का असर अब राज्य के सबसे दूरस्थ अंचलों में दिखने लगा है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले से एक गौरवशाली खबर सामने आई है। नीति आयोग द्वारा जारी देश के आकांक्षी ब्लॉकों की 'चैंपियंस ऑफ द क्वार्टर' (अक्टूबर- दिसंबर 2025) की रिपोर्ट में बीजापुर के उसूर ब्लॉक ने सेंट्रल जोन में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई, कहा – यह जनता के भरोसे की जीत है           मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर उसूर ब्लॉक और बीजापुर जिले के नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा, "उसूर ब्लॉक का राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करना हमारे सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष प्रमाण है। बस्तर के सुदूर गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उसूर ने कठिन परिस्थितियों में जो कर दिखाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है। यह सफलता जमीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन बहनों, एएनएम और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम है। हमारा लक्ष्य अब देश में प्रथम स्थान हासिल करना है।" मंत्री कश्यप ने जताया हर्ष, बढ़ाया हौसला           वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में उसूर ब्लॉक की यह राष्ट्रीय सफलता बेहद गौरवशाली है। उन्होंने कहा, "यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारी सरकार की नीतियां प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पूरी प्रामाणिकता के साथ पहुंच रही हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य कर्मियों और जिला प्रशासन ने जो समर्पण दिखाया है, वह सराहनीय है। हमारा संकल्प बस्तर के हर गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।"         मंत्री कश्यप कहा कि कभी बुनियादी सुविधाओं से दूर माना जाने वाला उसूर ब्लॉक आज देश के लिए विकास का मॉडल बन गया है। इस सफलता का श्रेय जमीनी डॉक्टरों, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन बहनों की दिन-रात की मेहनत को जाता है। विकास की नई इबारत: कड़े मानकों पर खरा उतरा उसूर            नीति आयोग ने स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन किया था, जिसमें उसूर ब्लॉक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया: 1. संचारी रोगों पर नियंत्रण: मलेरिया, डेंगी और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सुदूर गांवों तक प्रभावी अभियान चलाया गया। 2. सुरक्षित मातृत्व: संस्थागत प्रसव की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में भारी कमी आई। 3. सशक्त टीकाकरण कवच: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ एचपीवी टीकाकरण को जमीनी स्तर पर सफल बनाया गया। 4. गंभीर बीमारियों की जांच: बीपी, शुगर और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की मुफ्त जांच व उपचार की सुविधा गांव-गांव तक पहुंचाई गई। अगला संकल्प: देश में हासिल करना है प्रथम स्थान              कलेक्टर विश्वदीप और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गौरव पूरे जिले के लिए बड़ी प्रेरणा है। शासन और प्रशासन का अगला लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और निखारते हुए आगामी तिमाहियों में देश में पहला स्थान हासिल करना है, जिसके लिए काम तेज कर दिया गया है।

पुलवामा आतंकी हमजा बुरहान से परिवार भी था परेशान, पिता ने सुनाई दर्दभरी कहानी

श्रीनगर पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा हो गया. 6 साल की देरी ही सही, मगर उसका मास्टरमाइंड मारा गया. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान का धुरंधर स्टाइल में मर्डर हो गया. आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी. यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. आतंकी हमजा बुरहान की मौत पर उसके पिता की प्रतिक्रिया आई है. अल-बदर आतंकी हमजा बुरहान के पिता ने कहा कि उसने आतंक का रास्ता चुना था. इसलिए उसकी मौत ठीक हुई।  जी हां, अल-बदर आतंकी संगठन से जुड़े हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके पिता ने बड़ा बयान दिया है. आतंकी के पिता ने कहा कि परिवार ने उसकी वजह से काफी परेशानियां झेली हैं. पिता के मुताबिक, ‘हमजा पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान गया था और MBBS करने की बात कही थी, लेकिन वहां जाकर उसने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया.’ उन्होंने कहा, ‘हमने उसकी वजह से बहुत दुख झेला, अच्छा हुआ वह मारा गया।  आतंकी हमजा कौन था, कहां था? दरअसल, हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों से जोड़ा जाता रहा है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं. 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया था और कहा था, ‘अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर खारबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी था. वह अल-बद्र आतंकी संगठन का सहयोगी सदस्य था, जिसे यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया गया.’ उसकी उम्र महज 23-24 साल थी।  पुलवामा में ही पैदा हुआ था आतंकी हमजा आतंकी हमजा को डॉक्टर भी कहा जाता था. वह पुलवामा के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था. वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा यानी एमबीबीएस के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया. अल-बद्र में शामिल होने के बाद वह कश्मीर लौटा. उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था. उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था।  कश्मीर में कैसे खड़ा किया था आतंकी नेटवर्क कश्मीर में रहने के दौरान उसने पुलवामा से शोपियां तक अपना नेटवर्क फैलाया. उसकी मौत को पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह उन प्रमुख लोगों में से था जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के लिए काम करते थे. पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक हमलों में से एक था. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला किया गया था. लेथपोरा क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन के साथ बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।  पुलवामा अटैक का बदला यह हमला जैश-ए-मोहम्मद ने किया था और हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी. इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांचों को लेकर भी खामोशी बरकरार रखी है।  लश्कर-जैश में खलबली बीते दो वर्षों में धुरंधर स्टाइल मर्डर से पाकिस्तान में हड़कंप है. कुछ सालों से ऐसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी होती देखी गई है. पाकिस्तान के शीर्ष आतंकियों और नेताओं को अज्ञाक द्वारा निशाना बनाए जाने से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को दोबारा संगठित होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इन दोनों आतंकी गुटों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. अपनी कारनामों को ये लोग अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. ऐसी हत्याओं ने इनके मनोबल को काफी तोड़ा है और इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या भी घटी है। 

लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।