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मध्यप्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’, मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- प्रयास ला रहे रंग

मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास हो रहे फलीभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दुग्ध उत्पादकों को गत वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक हुआ भुगतान प्रतिदिन हो रहा 9.67 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन 11 प्रतिशत हुई वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन और डेयरी विभाग के कार्यों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास फलीभूत होने लगे हैं। समन्वित प्रयासों से मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन बढ़ाते हुए लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। प्रदेश में प्रतिदिन 9.67 लाख किलोग्राम औसत दुग्ध  संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है।  यह गत वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है। इस उपलब्धि को निरंतर बढ़ाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में पशुपालन विभाग  की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में बताया गया कि गत छह माह में 11 लाख किलोग्राम से अधिक औसत प्रतिदिन दुग्ध संकलन हुआ है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया है। पशुपालन और डेयरी विकास राज्य मंत्री  (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनू योजना, आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम, मवेशियों के स्वास्थ्य की बेहतर देखरेख,चारा उत्पादन और उपलब्धता,पशु पोषण,स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना, क्षीरधारा ग्राम योजना,ब्रीडर एसोसिएशन,दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान, गोरस ण्ेप, राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यों और एनडीडीबी द्वारा दिए जा रहे सहयोग की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की।   दुग्ध उत्पादन में नम्बर वन बनाना है प्रदेश को मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे क्रम पर है। हमारा लक्ष्य प्रथम क्रम पर आने का है। इस दिशा में प्रारंभ किए गए प्रयास सफल हो रहे हैं। प्रदेश में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है।  ग्वालियर डेयरी प्लांट के आधुनिकीकरण, शिवपुरी डेयरी प्लांट को पुनर्जीवन देने, इंदौर में 3 लाख लीटर रोजाना क्षमता वाले मिल्क पाउडर प्लांट की शुरूआत जैसे ठोस कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि  निश्चित ही इन प्रयासों से प्रदेश को दुग्ध उत्पादन और विक्रय के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहयोग मिला है। ये प्रयास जारी रहना चाहिए। बीते वर्ष दुग्ध उत्पादकों को किया 1609 करोड़ रूपये का भुगतान प्रदेश में श्वेत क्रांति लाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान (गत वर्ष से 15 प्रतिशत अधिक) में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई प्रणाली से विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। किसानों की आय बढ़ने से उनके जीवन में समृद्धि आ रही है। सांची ब्रांड को सुदृढ़ करने में मिली कामयाबी बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में विपणन और ब्रांड सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत सांची ब्रांड को लोकप्रिय बनाते हुए विभिन्न उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में भी सफलता मिली है। मूल्यसंवर्धित उत्पादों में घी की बिक्री 17प्रतिशत बढ़ी है। पनीर, दही, छाछ और फ्लेवर्ड दूध की बिक्री में भी वृद्धि दर्ज हुई है। बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के प्रयास भी किए गए। बैठक में प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।      

ED का ताबड़तोड़ छापा, पूर्व DCP के घर में जबरन दाखिल हुए अधिकारी

 कोलकाता पश्चिम बंगाल में कथित रंगदारी रैकेट की जांच को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. मुर्शिदाबाद ज़िले के कांडी शहर में कोलकाता पुलिस के पूर्व डिप्टी कमिश्नर (DC) और कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) शांतनु सिन्हा विश्वास के आलीशान पैतृक आवास पर ईडी की टीम ने ताला तोड़कर धावा बोला. यह घर कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित है और पिछले एक हफ्ते से पूरी तरह बंद पड़ा था।  शांतनु सिन्हा विश्वास कोलकाता के कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) रह चुके हैं और फिलहाल ज़मीन से जुड़े एक वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में ED की हिरासत में हैं।  शांतनु सिन्हा विश्वास का कांडी में एक आलीशान घर है जो कांडी नगर पालिका के वार्ड नंबर 8 में स्थित है. यह घर पिछले सात दिनों से बंद पड़ा है. शांतनु सिन्हा विश्वास की बहन, गौरी सिन्हा विश्वास, फिलहाल कांडी नगर पालिका की उपाध्यक्ष हैं. छापेमारी के दौरान वह भी घर पर मौजूद नहीं थी. चूंकि घर बंद था, इसलिए ED के अधिकारियों ने घर के बाहर से ही अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी और स्थानीय लोगों से बातचीत की और इसके बाद ताला तोड़कर घर में घुसे।  सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित तौर पर ‘सोना पप्पू’ नाम से जुड़े उगाही नेटवर्क और शांतनु सिन्हा बिस्वास से संबंधित जांच के तहत की जा रही है. जानकारी के अनुसार, ED की टीमों ने सुबह करीब 6 बजे एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी।  कोलकाता के रॉय स्ट्रीट स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर छापेमारी की गई. इसके अलावा कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी पहुंची. एजेंसी कथित उगाही, अवैध लेनदेन और पुलिस अधिकारियों से जुड़े संभावित आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है।  हालांकि ED की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्रवाई का फोकस कथित जबरन वसूली गिरोह और उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन पर है. जांच एजेंसी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूत जुटाने में लगी हुई है।  बंगाल में एक साथ कई जगहों पर हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। 

87 रन की जीत या 11 ओवर में चेज! जानिए SRH कैसे छीन सकती है नंबर-1 पोजिशन

 हैदराबाद आईपीएल 2026 की लीग स्टेज बस खत्म होने ही वाली है और जल्द ही प्लेऑफ राउंड शुरू हो जाएगा. हालांकि प्लेऑफ की चारों टीम अभी तय नहीं हो सकी हैं क्योंकि चौथे स्थान के लिए कई टीमों के बीच मशक्कत अभी भी जारी है. मगर उससे पहले ही ये फैसला होने जा रहा है कि पहले और दूसरे स्थान पर कौन रहेगा. इसका फैसला होगा सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच आज यानि शुक्रवार 22 मई को होने वाले मुकाबले से. शुक्रवार को हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में इस सीजन का 67वां मैच खेला जाएगा. हैदराबाद और बेंगलुरु पहले ही प्लेऑफ में जगह पक्की कर चुकी हैं और अब उनके सामने टॉप-2 में जगह बनाने की चुनौती है. दोनों में से कोई एक ही टीम ये जगह ले पाएगी क्योंकि एक स्पॉट पर गुजरात टाइटंस ने अपना नाम लिख लिया है. शुभमन गिल की कप्तानी वाली गुजरात ने चेन्नई सुपर किंग्स को 89 रन से हराकर अपनी जगह पर मुहर लगाई. SRH और RCB का मौजूदा हाल अब सवाल ये है कि बेंगलुरु और हैदराबाद में से कौन बचा हुआ स्थान हासिल करेगा? फिलहाल पॉइंट्स टेबल बताती है कि पहले स्थान पर तो मौजूदा चैंपियन RCB ही है, जिसके 18 पॉइंट्स हैं और नेट रनरेट 1.065 है. वहीं मेजबान SRH के फिलहाल 16 पॉइंट्स हैं और रनरेट 0.350 है. ऐसे में अभी तो बेंगलुरु ही आगे है लेकिन इस मैच से स्थिति पूरी तरह बदल सकती है और हैदराबाद पहला स्थान हासिल कर सकती है. मगर ये होगा कैसे? सबसे पहली बात तो यही है कि सनराइजर्स को ये मैच जीतना ही होगा, जिससे उसके 18 पॉइंट हो जाएंगे. मगर बात सिर्फ जीतने से नहीं बनेगी क्योंकि 18 पॉइंट्स पर तीनों टीम बराबरी पर आ जाएंगी और ऐसे में फैसला नेट रनरेट से होगा. इसलिए हैदराबाद को उतनी ही बड़ी जीत चाहिए, जितनी गुजरात ने हासिल की. नेट रनरेट का गणित बताता है कि पहले बैटिंग करने की स्थिति में सनराइजर्स को हर हाल में 87 रन से 89 रन के बीच के अंतर से जीत चाहिए, जिससे वो RCB के नेट रनरेट को पीछे छोड़ सकती है. अगर SRH हार गई या कम अंतर से जीती तो बेंगलुरु पहले स्थान पर ही रहेगी. कैसा है SRH के लिए नेट रनरेट का गणित? माना SRH ने 180 रन बनाए तो उसे कम से कम 87 रन के अंतर से जीतना होगा. अगर टीम 200 रन बनाती है तो भी इतना ही अंतर चाहिए, जिससे वो RCB से आगे निकल जाए. अगर 220 रन बनते हैं तो 88 रन के अंतर से जीतने पर ही बात बनेगी. अगर SRH के बल्लेबाज टीम को 240 रन तक ले जाते हैं तो उसके गेंदबाजों को 89 रन से जीत दिलानी पड़ेगी. अब अगर टीम पहले बॉलिंग करती है तो उसे कोई भी लक्ष्य 11 से 11.1 ओवर के बीच हासिल करना होगा. माना SRH को 121 रन, 141 या 161 रन का लक्ष्य मिलता है तो उसे ये 11.1 ओवर में हासिल करना होगा. वहीं अगर लक्ष्य 181 का है तो 11 ओवर में जीतना होगा. अगर इससे भी ज्यादा लक्ष्य मिला तो 11 ओवर से भी कम में उसे जीतना होगा.  

सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निवेशकों को सौंपेंगे आवंटन पत्र सीएम के सरकारी आवास पर आयोजित होगा विशेष कार्यक्रम, 17 निवेशकों को मिलेगा औद्योगिक आवंटन निवेश और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, दो निवेश परियोजनाओं का भी होगा उद्घाटन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार 22 मई को मुख्यमंत्री राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर निवेशकों को एक विशेष कार्यक्रम में आवंटन पत्र वितरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 17 निवेशकों को औद्योगिक आवंटन पत्र प्रदान करेंगे, जिससे प्रदेश में नए निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। सायंकाल होने वाले इस कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता भी उपस्थित रहेंगे और निवेशकों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान सीईएससी ग्रीन्स और आईबी सोलर की दो निवेश परियोजनाओं का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ संवाद कर उन्हें प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक संभावनाओं और सरकार की योजनाओं से भी अवगत कराएंगे। अंत में सभी प्रतिभागियों के साथ ग्रुप फोटो का भी कार्यक्रम निर्धारित है। उल्लेखनीय है कि योगी सरकार की निवेशक अनुकूल नीतियों, बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज प्रशासनिक फैसलों के कारण उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार का फोकस प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर भी है।

सीमा पार कर भारत पहुंचे दो पाकिस्तानी नागरिक पकड़े गए, वाहन भी जब्त

अमृतसर अमृतसर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से एक कार भी बरामद की गई है। सुरक्षा एजेंसियां दोनों से गहन पूछताछ कर रही हैं।  जानकारी के अनुसार पकड़े गए दोनों व्यक्ति पाकिस्तान के कसूर क्षेत्र में अलग-अलग दुकानों पर सामान सप्लाई करने का काम करते थे। इसी दौरान वे अपनी निजी कार में सीमा पार करते हुए भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए, जहां बीएसएफ जवानों ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान मोहम्मद सलीम पुत्र नजीर अहमद (60) निवासी नास्टर कॉलोनी, फिरोजपुर रोड, लाहौर तथा आमिर नवाज पुत्र मोहम्मद नवाज (40) निवासी जसहीन टाउन, गज्जी रोड, लाहौर के रूप में हुई है। बीएसएफ अधिकारियों ने इस संबंध में जीरो लाइन पर पाकिस्तानी रेंजर्स को भी सूचना दे दी है। फिलहाल अमृतसर सेक्टर में बीएसएफ और अन्य जांच एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों व्यक्ति गलती से भारतीय सीमा में दाखिल हुए या इसके पीछे कोई अन्य साजिश या मकसद है। 

ईस्ट बंगाल का ऐतिहासिक कमाल, 22 साल बाद ट्रॉफी उठाकर रचा इतिहास

 कोलकाता  ईस्ट बंगाल एफसी बृहस्पतिवार को यहां पहली बार इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) फुटबॉल चैंपियन बना। इसके साथ ही देश की इस शीर्ष टियर प्रतियोगिता में उसका 22 साल से चला आ रहा खिताब का सूखा खत्म हो गया। खिताब के लिए शीर्ष पांच टीम के बीच हुए रोमांचक मुकाबले के बीच ईस्ट बंगाल ने बाजी मारी।ईस्ट बंगाल ने किशोर भारती क्रीड़ांगन में इंटर काशी पर कड़े मुकाबले में 2-1 की जीत के साथ खिताब अपने नाम किया।वहीं मोहन बागान ने युवा भारती क्रीड़ांगन में स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली को 2-1 से हराया। ईस्ट बंगाल के अलावा मोहन बागान, मुंबई सिटी एफसी, पंजाब सिटी और बेंगलुरु एफसी अंतिम दौर के मुकाबलों से पहले खिताब के दावेदारों में शामिल थे।मुंबई एफसी ने पंजाब एफसी को 2-0 से हराया जबकि ओडिशा एफसी और जमशेदपुर एफसी के बीच मुकाबला गोल रहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ।हालाकि ईस्ट बंगाल को आखिरी मिनट तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी। अल्फ्रेड के शानदार गोल ने 15वें मिनट में इंटर काशी को बढ़त दिला दी। मध्यांतर से पहले बराबरी करने के कई मौके गंवाने के बाद ईस्ट बंगाल ने 50वें मिनट में स्ट्राइकर यूसुफ एजेजारी के गोल से बराबरी हासिल की। यूसुफ एजेजारी गोल्डन बूट के विजेता भी हैं। उन्होंने 13 मैच में 11 गोल करके लीग के सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के तौर पर अपनी जगह बनाई। मुकाबले की शुरुआत ईस्ट बंगाल के लिए खराब रही. इंटर काशी ने 15वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. अल्फ्रेड ने शानदार फर्स्ट-टाइम फिनिश के जरिए गेंद को गोल में पहुंचाकर ईस्ट बंगाल को दबाव में डाल दिया. पहले हाफ में ईस्ट बंगाल ने बराबरी के कई मौके बनाए, लेकिन टीम गोल नहीं कर सकी।  दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने जोरदार वापसी की. 50वें मिनट में स्टार स्ट्राइकर यूसेफ एजेज्जारी ने बराबरी का गोल दागा. स्पेन में जन्मे और मोरक्को की युवा टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके 33 वर्षीय एजेज्जारी ने मैच में पहले गंवाए मौकों की भरपाई शानदार अंदाज में की।  एजेज्जारी ने इस सीजन 13 मैचों में 11 गोल दागे और गोल्डन बूट भी अपने नाम किया. इसके बाद 73वें मिनट में मोहम्मद राशिद ने ईस्ट बंगाल के लिए विजयी गोल दागकर मैच पूरी तरह पलट दिया. राशिद के गोल के साथ ही स्टेडियम में मौजूद लाल-होलुद फैंस जश्न में डूब गए।  ईस्ट बंगाल ने इससे पहले 2003-04 सीजन में तत्कालीन नेशनल फुटबॉल लीग का खिताब जीता था. उस समय टीम के कोच दिवंगत सुभाष भौमिक थे. अब 22 साल बाद क्लब ने फिर देश की सबसे बड़ी लीग ट्रॉफी अपने नाम कर ली।  इस बार ISL का फॉर्मेट भी बदला हुआ था. प्रशासनिक और संरचनात्मक बदलावों के कारण टूर्नामेंट को सिंगल-लेग राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया. सभी टीमों ने 13-13 मैच खेले और कोई प्लेऑफ नहीं हुआ. ऐसे में लीग टेबल में शीर्ष पर रहने वाली टीम को सीधे चैम्प‍ियन  घोषित किया गया।  ईस्ट बंगाल ने पूरे सीजन में लगातार दमदार प्रदर्शन किया और आखिरकार ट्रॉफी जीतकर अपने करोड़ों समर्थकों का इंतजार खत्म कर दिया।  मोहम्मद राशिद ने 73वें मिनट में ईस्ट बंगाल के लिए दूसरा गोल किया और कोलकाता के इस दिग्गज क्लब ने शानदार अंदाज में मैच का पासा पलटते हुए खिताब जीता। ईस्ट बंगाल ने पिछली बार 2003-04 सत्र में तत्कालीन राष्ट्रीय फुटबॉल लीग के दौरान स्वर्गीय सुभाष भौमिक के मार्गदर्शन में शीर्ष स्तर की घरेलू लीग का खिताब जीता था।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी

पीएम मोदी के नेतृत्व में बना स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम: मुख्यमंत्री 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के विजेताओं को पुरस्कृत किया सीएम योगी ने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए तत्परता से खड़ी है सरकार: सीएम योगी स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का परिणाम है रामगढ़ताल: सीएम योगी गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश और सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 11-12 वर्षों में स्पोर्ट्स का शानदार ईको सिस्टम विकसित हुआ है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व प्रोत्साहन के लिए सरकार पूरी तत्परता से खड़ी है। स्पोर्ट्स क्षेत्र में विकसित हुए बेहतरीन ईको सिस्टम का ही परिणाम रामगढ़ झील (रामगढ़ताल) भी है। 2017 के पहले जो रामगढ़ताल क्षेत्र गंदगी व अपराध का गढ़ था, वहां आज रोइंग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए राष्ट्रीय महिला टीम के प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन संभव हुआ है।  सीएम योगी गुरुवार को रामगढ़ताल में रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया की तरफ से आयोजित 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। 20 राज्यों से आए रोइंग खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस प्रतियोगिता के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ऊर्जा व शक्ति का सही दिशा में सकारात्मक उपयोग करने वाले देश का भविष्य उज्ज्वल होता है। खिलाड़ी हमेशा सकारात्मक सोच और टीम भावना के साथ कार्य करता है। वह नशा व नकारात्मकता से दूर रहकर स्व अनुशासन के साथ समाज को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ता है।  ‘चरैवेति-चरैवेति’ ही जीवन का मंत्र सीएम योगी ने कहा, मुकाबले के दौरान ताल में खिलाड़ियों के सामने तेज हवाओं को देखकर मेरे मन में महान साहित्यकार सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां याद आ गईं- ‘लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।’ यह जीवन का सच है कि जो डर गया, वह मर गया। जो भाग गया उसको समाज, देश और ईश्वर भी कभी माफ नहीं करते। इसीलिए, जीवन का एक ही मंत्र है और वह है- ‘चरैवेति-चरैवेति’, यानी चलते रहो-चलते रहो। सम और विषम परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए अपने आप को तैयार करते रहो। भारतीय मनीषा ने भी सदैव यही प्रेरणा दी है।  हर गांव में विकसित हो रहे खेल के मैदान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले खेल सुविधाओं का नितांत अभाव था, वहां आज हर गांव में खेल के मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जिला स्तर पर स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। गांव-गांव में प्रतियोगिताएं हो रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में खेलो इंडिया खेलो, फिट इंडिया मूवमेंट, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता तथा ग्रामीण लीग प्रतियोगिता के माध्यम से खेल गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ी है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। गोरखपुर में भी विगत दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।  पदक विजेता 534 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से मिली नौकरी सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों में कोई खेल नीति नहीं थी। हमारी सरकार ने खेल नीति विकसित की। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को नौकरी की गारंटी दी। ओलंपिक, एशियाड, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप आदि में पदक विजेता 534 खिलाड़ियों की पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों में सीधी भर्ती की गई है। 500 और खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के जरिये नौकरी देने का कार्य शुरू किया जा रहा है।  रोइंग खिलाड़ियों ने आगे बढ़ाया ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन सीएम योगी ने कहा कि 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में 20 राज्यों के लगभग 300 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग कर पीएम मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ विजन को आगे बढ़ाया है। भारत में रोइंग प्रतिस्पर्धाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। प्रदेश सरकार द्वारा रामगढ़ताल के समीप एक वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया गया है। वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए जरूरी स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स, मेंटल फिटनेस एवं आधुनिक प्रशिक्षण जैसी तमाम सुविधाएं देश में उपलब्ध हो रही हैं। आने वाले समय में रामगढ़ताल में रोइंग, कयाकिंग, कैनोइंग एवं जल क्रीडा से संबंधित अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। वर्ष 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में होंगे। उसमें महिला टीम के प्रशिक्षण हेतु रामगढ़ताल को चुना गया है। प्रशासन खिलाड़ियों के प्रशिक्षण हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करे। अच्छे कोच व विशेषज्ञों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि सुगमतापूर्वक प्रशिक्षण संचालित हो सके।  यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की समृद्ध संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं बहुत समृद्ध हैं। प्रदेश में गंगा, यमुना, सरयू, गंडक, राप्ती जैसी पावन नदियां विद्यमान हैं, जहां वाटर स्पोर्ट्स को आगे बढ़ाया जा सकता है। बलिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, मिर्जापुर, कानपुर जैसे शहरों में वाटर स्पोर्ट्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में आधुनिक ईको सिस्टम उपलब्ध है। सीएम योगी ने बढ़ाया रोइंग खिलाड़ियों का उत्साह मुख्यमंत्री ने जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप के दो फाइनल मुकाबलों (दो किमी बालिका डबल स्कल और दो किमी बालक क्वाड्रपल स्कल) का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने ताली बजाकर खिलाड़ियों के जुनून की सराहना की। इसके पहले कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर रोइंग फेडरेशन/एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सीएम योगी का स्वागत किया।  सीएम योगी के नेतृत्व में खेल व खिलाड़ियों को भरपूर प्रोत्साहन: खेल मंत्री समारोह में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में विकास का उदाहरण पेश कर रहा है। खेल व खिलाड़ियों के लिए हर तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर और भरपूर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गोरखपुर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है। गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का शिलान्यास हो चुका है तो यहां का रामगढ़ताल रोइंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी तैयार हो चुका है। सपा सरकार में जिस रामगढ़ताल की पहचान गंदगी और अपराध से जुड़ी हुई थी, जहां गोलियां चलती थीं, वहां अब सीएम योगी के विजन से राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं … Read more

मैपकॉस्ट में हुई दो दिवसीय

भोपाल  मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) भोपाल के अंतर्गत संचालित “सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग” में दो दिवसीय “एयरोमॉडेलिंग : डिजाइन, बिल्ड एंड फ्लाई” कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों से आए लगभग 32 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विमान मॉडल के डिजाइन, निर्माण और उड़ान से जुड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यवहारिक एवं गतिविधि आधारित तरीके से समझा। विद्यार्थियों ने विभिन्न एयरोमॉडल तैयार किए और उनके उड़ान परीक्षण भी किए। इससे विद्यार्थियों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि और अधिक विकसित हुई। मैपकॉस्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें जिज्ञासु बनने, प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने और रचनात्मक चिंतन अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सीखने की प्रक्रिया केवल व्यक्तिगत विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने ज्ञान एवं अनुभवों के माध्यम से एक-दूसरे की सहायता करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और टीमवर्क की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक एवं उसके विभिन्न भागों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें आधुनिक एयरोस्पेस तकनीकों से परिचित कराया गया। प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को एयरोडायनामिक्स, संतुलन, नियंत्रण एवं उड़ान के मूलभूत सिद्धांत सरल और रोचक गतिविधियों के माध्यम से समझाए। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता एवं वैज्ञानिक सोच का विकास करना था। समापन अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मैपकॉस्ट के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे और संयुक्त परियोजना संचालक डॉ. मनोज राठौर उपस्थित रहे।  

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रो क्षेत्र को नई सड़कों की सौगात, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

भोपाल और इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र नई सड़कों से होगा समृद्ध : मुख्यमंत्री डॉ.यादव सिंहस्थ के पहले सड़कों के निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश रिंग रोड्स निर्माण के कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में तेजी से निर्मित हो रही सड़कें नागरिकों को विकास का पूरा लाभ दिलवाने में सहयोगी हैं। इनसे 2 मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों भोपाल और इंदौर-उज्जैन की अर्थव्यवस्था को प्रत्यक्ष लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। भविष्य में जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों से लाभान्वित होंगे। इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन, उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाई वे फोर लेन, इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे फोर लेन बन जाने से यह सम्पूर्ण क्षेत्र विकास के नए आयामों को स्पर्श करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुरुवार को मंत्रालय में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ : 2028 के कुछ माह पूर्व ही सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अमूल्य जिंदगियां बचाने के प्रयास सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़कों के निर्माण, नवाचारों के उपयोग और विभिन्न विधियों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में मिली सफलता सराहनीय है। लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के सहयोग से किसान कल्याण वर्ष में गांव से शहरों तक सब्जियां और फल लेकर आने वाले कृषकों को हेलमेट वितरण के कार्य में भी शामिल हो जिससे सड़कों पर दो पहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। प्रदेश में मूल्यवान जिंदगियां बचाने के लिए लोक निर्माण और अन्य विभाग मिलकर कार्य करें। दुर्घटना की आशंका वाले मार्गों को चिन्हित कर निकट ही प्राथमिक उपचार केंद्र भी संचालित किए जाएं। यह कार्य विभागीय समन्वय से किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 481 ब्लैक स्पॉटस चिन्हित हैं। दुर्घटनाओं में कमी लाने की दृष्टि से लोक निर्माण विभाग ने निरंतर कार्य किया है। ब्लैक स्पॉटस का समाधान करते हुए रोड सेफ्टी के अंतर्गत स्कूल जोन में वाहनों की गति सीमित करने, विशेष चेतावनी संकेत लगाने, वाहनों की आवाजाही को स्पष्ट दिशा संकेतक देने, लेन अनुशासन मार्किंग, रोड मार्किंग जैसे उपाय किए गए। निर्माण कार्यों की मंजूरी में भी नवाचार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की स्वीकृति की प्रक्रिया में किए गए नवाचार की जानकारी प्राप्त की। कार्य स्वीकृति से पूर्व संबंधित मुख्य अभियंता द्वारा तकनीकी उपयुक्तता और आवश्यकता का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। इसी तरह परियोजना की वास्तविक आवश्यकता, यातायात घनत्व, भविष्य की मांग और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के स्थल विश्लेषण, पीएम गति शक्ति पोर्टल से मार्ग अलाइनमेंट, मल्टी- मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर समन्वय और इंटर कनेक्टिविटी का परीक्षण, जीआईएस आधारित प्लानिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया अपनाने और नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग और अलाइमेंट परीक्षण के कार्य मुख्य अभियंता स्तर से अनिवार्य किए जाने से अच्छे परिणाम मिले हैं। पुल- पुलियों के सुधार, बसाहट की जगहों पर वीसी मार्ग के निर्माण और कार्यपालन यंत्री द्वारा स्थल निरीक्षण को भी अनिवार्य किया गया है। रिंग रोड्स के निर्माण के कार्यों में तेजी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के बड़े नगरों में निर्मित किए जा रहे रिंग रोड्स के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल पश्चिमी बायपास जिसकी लंबाई 35.6 किमी है आगामी ढाई वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन का रिंग रोड आगामी डेढ़ वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। प्रदेश के अन्य मध्यम छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नये रिंग रोड के निर्माण की पहल की गई है। नगर निगम और अन्य एजेंसियों से समन्वय कर विद्यमान बायपास को रिंग रोड में परिवर्तित करने की योजना पर कार्य हो रहा है।  रेल्वे ओवर ब्रिज और एलिवेटेड कॉरिडोर रेल्वे ओवर ब्रिज के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। भारत सरकार की पहल के अंतर्गत असुरक्षित रेल्वे क्रांसिंग को समाप्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग रेल्वे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज का निर्माण कर रहा है। इससे यातायात जाम और दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ समय की बचत करने में भी मदद मिलेगी। प्रदेश में पीडब्ल्यूडी सड़कों पर 105 आरओबी बनाए गए हैं। सड़क विकास निगम के अंतर्गत 16 और एनएचएआई के अंतर्गत 25 आरओबी एवं आरयूबी मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में एलिवेटेड कॉरिडोर के माध्यम से शहरी कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। जबलपुर में यह कार्य पूरा हो चुका है। ग्वालियर और भोपाल में तीन चौथाई कार्य पूर्ण हो चुका है। इंदौर और उज्जैन में कॉरिडोर के कार्य प्रारंभ हुए हैं। प्रगति पथ प्रदेश की तीव्र प्रगति में होंगे सहायक प्रदेश में छह प्रगति पथ निर्माणाधीन हैं। इनमें नर्मदा प्रगति पथ और मालवा-निमाड़ विकास पथ के कार्य क्रमश: 68 और 92 प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं। मध्यभारत विकास पथ का कार्य 61 प्रतिशत, बुंदेलखण्ड विकास पथ का कार्य 33 प्रतिशत पूर्ण हुआ है। विंध्य एक्सप्रेस-वे का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। अटल प्रगति पथ के निर्माण के लिए आवश्यक प्रकिया प्रचलन में है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि  केपेसिटी बिल्डिंग सहित विभिन्न एप का प्रयोग और नए मार्गों के लिए कृषक पथ, आस्था पथ, विकास पथ जैसे अभिनव नामकरण किए जा रहे हैं। प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखवीर सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कार्यों की प्रगति से अवगत करवाया। विशेष रूप से इंदौर- उज्जैन स्टेट हाईवे 59 के 6लेन बनने और उज्जैन- जावरा हाईवे 4 लेन और इंदौर-उज्जैन हाइवे फोरलेन, वेस्टर्न भोपाल बायपास, स्टेट हाइवे 67 के नर्मदापुरम- टिमरनी खंड और सिवनी मालवा बायपास टू लेन, सागर- दमोह फोर लेन और बड़वाह- धामनोद फोर लेन सड़क परियोजनाओं की जानकारी दी गई। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।  

भोजशाला में अखंड पूजा और महाआरती, 721 साल बाद दिखा ऐतिहासिक नजारा

धार  भोजशाला को लेकर आए हाई कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद शुक्रवार को पहली बार मां वाग्देवी की महाआरती और विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा। 721 सालों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार के दिन भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंज उठेगा। पूरे धार अंचल में इसे लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। हिंदू पक्ष को हाई कोर्ट से 721 सालों के बाद निर्बाध पूजा-अर्चना का अधिकार मिलने पर यह पहला शुक्रवार बेहद ऐतिहासिक माना जा रहा है। शहर में लोग एक-दूसरे को महाआरती में शामिल होने के निमंत्रण दे रहे हैं और धार्मिक उत्साह चरम पर है। सुबह महाआरती, दोपहर में निकलेगा श्रद्धालुओं का जत्था निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हिंदू पक्ष सुबह 9 बजे भोजशाला में महाआरती करेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे भोजशाला मुक्ति यज्ञ आंदोलन के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा कि वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह पहला मौका है, जब शुक्रवार को महाआरती आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिसर में मां वाग्देवी का प्रतीकात्मक स्वरूप और अखंड ज्योति विराजित है तथा नियमित पूजा-अर्चना पूर्व की तरह जारी रहेगी। सुबह होगी महाआरती निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, हिंदू पक्ष सुबह नौ बजे भोजशाला में महाआरती करेगा, जबकि दोपहर 12 बजे बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योति मंदिर से भोजशाला दर्शन के लिए रवाना होंगे। बता दें कि 721 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद यह पहला अवसर होगा, जब शुक्रवार को भोजशाला परिसर मां वाग्देवी के जयकारों से गूंजेगा। अब तक प्रत्येक शुक्रवार को यहां मुस्लिम पक्ष को नमाज की अनुमति थी। मुस्लिम पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट इधर, हाई कोर्ट के निर्णय को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई होने की संभावना है। प्रशासन अलर्ट, 1500 से ज्यादा जवान तैनात वहीं, धार में जिला व पुलिस प्रशासन ने शहर में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था कर ली है। आसपास के शहरों से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। धार के एसपी सचिन शर्मा का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करवाया जाएगा। शहर में 1500 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। कमाल मौलाना का उर्स, लंगर की भी रहेगी व्यवस्था भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन होगा। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों के अनुसार, उर्स को लेकर प्रशासन को पूर्व में सूचना दे दी गई है। सोसायटी की ओर से दरगाह परिसर में जियारत के साथ लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी। मस्जिद पक्ष पहुंचा सुप्रीम कोर्ट इधर, हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के सदर अब्दुल समद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में शुक्रवार दोपहर से पहले सुनवाई की संभावना है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोर्ट के फैसले का पालन किया जाएगा और शुक्रवार को समाजजन अपने-अपने मोहल्लों की मस्जिदों तथा घरों में नमाज अदा करेंगे। विरोध स्वरूप कुछ स्थानों पर दुकानें बंद रखने और काली पट्टी बांधने की बात भी कही गई है। उर्स और लंगर की भी तैयारी भोजशाला परिसर से सटे कमाल मौलाना दरगाह क्षेत्र में शुक्रवार को उर्स का आयोजन भी होगा। सोसायटी पदाधिकारियों के अनुसार दरगाह परिसर में जियारत और लंगर की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को पहले ही इसकी सूचना दे दी गई थी। धार बना छावनी, 1500 जवान तैनात स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए धार पुलिस और जिला प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आसपास के जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। सचिन शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन कराया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। महासत्याग्रह के बाद मना महाविजय महोत्सव हाई कोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला समर्थकों ने परिसर के बाहर महासत्याग्रह और “महाविजय महोत्सव” भी मनाया। देर रात तक आतिशबाजी और धार्मिक आयोजन चलते रहे।