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श्रम एवं उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल

भोपाल  मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वल्लभ भवन स्थित कक्ष क्रमांक एफ-326 में “श्रम साथी कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, भोपाल के प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि श्रम कानूनों की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचना आवश्यक है। उच्च शिक्षा विभाग और श्रम विभाग मिलकर विद्यार्थियों के माध्यम से उद्यमियों, दुकानदारों तथा आम नागरिकों को श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है। श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक हितों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए श्रम स्टार रेटिंग योजना प्रारंभ की है और इस अभिनव पहल को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत उद्यमी एवं दुकानदार अपने पंजीयन क्रमांक के माध्यम से ऑनलाइन लिंक पर 10 प्रश्नों के उत्तर देकर स्टार रेटिंग प्राप्त कर सकेंगे। यह रेटिंग श्रम कानूनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। विद्यार्थियों को पहचान पत्र प्रदान करेगा श्रम विभाग कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों ने “श्रम साथी” के रूप में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह दिखाया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर उद्यमियों और दुकानदारों को श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से जुड़े विद्यार्थियों को श्रम विभाग के लोगोयुक्त टी-शर्ट, श्रम साथी पहचान पत्र तथा संबंधित महाविद्यालय के नाम आधिकारिक पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से जनजागरूकता अभियान चला सकें। कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने एवं रेटिंग प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिसमें अभियान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां साझा की जाएंगी।  

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं

गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबकी समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता, पारदर्शिता और संवेदनशील ढंग से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए शीघ्रता से समस्या समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी त्वरित सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए कई लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि पैसे के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।  सीएम योगी ने की गोसेवा, गोवंश को खिलाया गुड़ गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया। उन्होंने गोशाला के कार्यकर्ताओं को भीषण गर्मी को देखते गोवंश की देखभाल के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री ने परिजनों के साथ आए बच्चों से बात की। उन्हें दुलारा-पुचकारा, आशीर्वाद के साथ चॉकलेट्स भी दीं।

झारखंड: शिक्षकों के हित में हाईकोर्ट का अहम फैसला, सरकार को समयसीमा में निर्णय का निर्देश

रांची झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश में राज्य के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक शिक्षकों को एमएसीपी योजना का लाभ दिए जाने के मामले में सरकार को 16 सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। एकल पीठ ने जामताड़ा जिले के 84 शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स और शिवम पाठक ने अदालत को बताया कि राज्य के अन्य स्कूलों (जैसे अल्पसंख्यक स्कूल, आवासीय विद्यालय) तथा बिहार राज्य के शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ पहले से दिया जा रहा है, जबकि प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। याचिका में राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे इन शिक्षकों को भी एमएसीपी का लाभ दें। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि सरकार ने सात अगस्त 2024 को झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ को पत्र लिखकर एमएसीपी की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को यह लाभ मिल रहा है और सरकार ने इस विषय पर विचार-विमर्श शुरू भी कर दिया है, इसलिए यह आवश्यक है कि प्राथमिक शिक्षकों के संबंध में भी जल्द से जल्द फैसला लिया जाए। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सरकार इस मामले में अंतिम निर्णय लें। पूरी प्रक्रिया इस आदेश की प्रति प्राप्त होने की तिथि से 16 सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। अदालत ने याचिका निष्पादित कर दी। 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पूर्वी सिंहभूम जिले के 80 प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों की याचिका को स्वीकार करते हुए उन्हें 16,290 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता मैट्रिक और इंटरमीडिएट प्रशिक्षित शिक्षक हैं, जिन्होंने वर्ष 2006 से पहले सेवा में आए थे। उनकी मांग थी कि छठें वेतन आयोग की संस्तुतियों के तहत जारी वित्त विभाग के प्रस्ताव के अनुसार उनका प्रारंभिक वेतन एक जनवरी 2006 से 16,290 रुपये निर्धारित किया जाए। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि यह वेतनमान केवल झारखंड सचिवालय के सहायकों पर लागू होता है। अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला पूर्व में एक मामले में कोर्ट के निर्णय (27 नवंबर 2025) से पूरी तरह आच्छादित है। अदालत ने शिक्षकों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए विभाग के 10 जून 2024 के सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने राज्य को निर्देश दिया कि वह इन याचिकाकर्ताओं को वही, लाभ प्रदान करे जो पिछले मामले के याचिकाकर्ताओं को दिए गए थे। सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पिछले संबंधित मामले के निर्णय के खिलाफ सरकार ने खंडपीठ में अपील दायर कर दी है। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि अपील के आदेश से शिक्षकों न्यूनतम वेतनमान प्रभावित होगा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिजीत कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट सेक्टर में बूम, 2026 तक 1.25 लाख करोड़ निवेश का अनुमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा है कि 2023 से बाजार में आई तेजी के बाद प्रदेश का रियल एस्टेट सेक्टर अब आगे बढ़ रहा है। एनसीआर क्षेत्रों में प्रापर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी और निवेशकों का नया भरोसा देखने को मिला है। यूपी रेरा देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट इकोसिस्टम की निगरानी कर रहा है, जहां 3000 से ज्यादा प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हैं और हर साल निवेश लगातार बढ़ रहा है। इंडियन चैंबर आफ कामर्स (आइसीसी) की ओर से गुरुवार को होटल ताज में आयोजित आइसीसी यूपी रियल एस्टेट समिट 2026 में यूपी रेरा अध्यक्ष ने कहा, 2025 में ही प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन 3000 और निवेश 85,000 करोड़ रुपये तक पहुंचा है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, प्रदेश अब इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार, सरकारी नीतियों, संस्थागत निवेश और बढ़ती शहरी आकांक्षाओं की वजह से एक मल्टी-सिटी ग्रोथ माडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। जमीन से जुड़ी हर प्रकार की समस्या का निस्तारण सरकार अति शीघ्र करेगी। आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने कहा, रियल एस्टेट और हाउसिंग किसी भी राज्य के आर्थिक विकास के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक है। आज यूपी के कई क्षेत्रों में यह बदलाव साफ दिखाई दे रहा है। बीते वर्षों में नीति सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार, एयरपोर्ट विकास और रेरा जैसी संस्थाओं की मजबूत भूमिका ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। आइसीसी के डायरेक्टर जनरल राजीव कुमार सिंह ने कहा, यूपी में विकास केवल एनसीआर तक सीमित नहीं रहा।  

प्रदेश में मनाया जायेगा गंगा दशहरे का पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में 25 और 26 मई को विभिन्न आयोजनों में होंगे शामिल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गंगा दशहरा के अवसर पर 25 और 26 मई को उज्जैन में क्षिप्रा तट पर आयोजित परिक्रमा, चुनरी अर्पण, पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और जल संरक्षण के संदेश से जुड़े विविध आयोजन किए जायेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर 25 मई को प्रदेशभर में वृहद कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभात फेरियां, नदी एवं जलाशय परिक्रमा, साइकिल रैली, चुनरी अर्पण-पूजन तथा जल और नदियों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जायेंगीं। भारत भवन, भोपाल में ‘सदानीरा’ का आयोजन 27 मई से 2 जून 2026 तक किया जायेगा। कार्यक्रम में जल, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े विविध आयामों को प्रस्तुत किया जायेगा। युवाओं एवं आमजन को जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संगोष्ठी, सेमीनार और व्याख्यान भी आयोजित किए जायेंगे। कार्यक्रम जिला मुख्यालयों के साथ प्रमुख नदियों, जलाशयों और जल स्रोतों के किनारे भी आयोजित होंगे। राज्य शासन द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में गंगा दशमी पर्व पर 25 मई को संपूर्ण प्रदेश में गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किये जायें। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित करना है।  

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से किया संवाद

रायपु मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विकासखंड भाटापारा स्थित ग्राम करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम करहीबाजार में सर्व समाज हेतु 25 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक भवन निर्माण तथा सुकालू के घर से सिद्ध बाबा मार्ग तक 25 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड निर्माण कार्य की घोषणा की। उन्होंने करहीबाजार एवं कोदवा के हायर सेकेंडरी स्कूलों में भवन निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ग्राम विटकुली में 20 लाख रुपये की लागत से मांगलिक भवन निर्माण तथा ग्राम पंचायत कोठमी, मोपका, कोनी, बोरसी, कोदवा, पाटन एवं रामपुर में 10-10 लाख रुपये की लागत से सी.सी. रोड निर्माण कार्यों की घोषणा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माँ महामाया मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचकर धात्री माताओं को किट वितरित की और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए हितग्राहीमूलक स्टॉलों का अवलोकन कर योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उनके अनुरोध पर फुटबॉल को किक लगाई। उन्होंने “हम होंगे कामयाब 2.0” पोर्टल का शुभारंभ भी किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवजात बच्चों को अन्नप्राशन कराया तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हेलमेट वितरित किए। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही  राजकुमारी के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने भगवान  गणेश की प्रतिमा भेंट की और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने “मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0” के अंतर्गत सोखता पिट निर्माण में श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने जल संचयन के क्षेत्र में कार्य कर रही जल संचयन दीदी  बेबी सेन एवं  अम्बे मानिकपुरी से बातचीत कर उनके प्रयासों की सराहना की। समाधान शिविर में हितग्राहियों ने शासन की योजनाओं से मिले लाभ साझा किए।  नंद कुमार ध्रुव ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान मोटराइज्ड वाहन संबंधी समस्या के निराकरण हेतु दिए गए आवेदन का त्वरित समाधान हुआ, जिसके लिए उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार जताया।  दिलीप कुमार वर्मा ने बताया कि स्वामित्व पट्टा योजना के तहत भूमि मिलने से उन्हें आवास निर्माण में सुविधा मिली है।  अनीता निषाद ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें कच्चे मकान के कारण कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित आवास प्राप्त हुआ है। वहीं  पिंकी बंजारे ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।

अजय राय के कथित अपशब्दों पर सियासत तेज, बोले- बयान को गलत तरीके से पेश किया गया

महोबा/वाराणसी उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने महोबा दौरे पर एक गैंगरेप पीड़िता से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद जब वह वापस जाने के लिए अपनी कार में सवार हो रहे थे, तभी अपने एक कार्यकर्ता से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बेहद अभद्र और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया. यह पूरी बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और गाली देते हुए अजय राय का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. हालांकि, अजय राय का कहना है कि ये वीडियो फेक और एडिटेड है।  भाजपा नेताओं का कांग्रेस पर तीखा हमला वीडियो वायरल होते ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने अजय राय और कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर लिखा कि कुछ दिन पहले जब अजय राय अस्वस्थ थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी, लेकिन आज वह अमर्यादित भाषा इस्तेमाल करते कैमरे में कैद हुए. यही कांग्रेस का स्तर है, जो शिष्टाचार का जवाब अभद्रता से देती है. बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने भी इसे लगातार हार की कुंठा बताया।  अजय राय ने वीडियो को बताया एआई जेनरेटेड इस पूरे सियासी बवाल और वायरल वीडियो पर जब आज तक की टीम ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय से बात की, तो उन्होंने अपनी सफाई पेश की. अजय राय ने बताया कि उनके वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और इसे एआई (AI) की मदद से जेनरेट किया गया है. इसके बाद उन्होंने कॉल काट दिया।  अजय राय के पुराने विवादित बयान पीएम और गृहमंत्री पर टिप्पणी: राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए मोदी-शाह को गद्दार करार दिया था।  लटके-झटके वाला बयान: अमेठी दौरे के समय केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर अमर्यादित टिप्पणी की थी।  जमीन में गाड़ने की धमकी: 2022 के चुनाव में मोदी-योगी को जमीन में गाड़ने की धमकी दी थी, जिसपर राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था।  राफेल पर तंज: खिलौने वाले विमान पर नींबू-मिर्च बांधकर प्रदर्शन किया था। 

उत्तर भारत की गर्मी से पहाड़ों की ओर उमड़ी भीड़, जोशीमठ में लगा लंबा ट्रैफिक जाम

जोशीमठ उत्तर भारत में लगातार बढ़ते तापमान और छुट्टियों के सीजन के चलते पहाड़ों पर भीड़ कम नहीं हो रही है. वहीं चारधाम यात्राएं भी जारी हैं, जिसके कारण प्रमुख रास्तों पर जाम लगना आम होता जा रहा है. शुक्रवार को जोशीमठ जिले में फिर से भयंकर जाम लगने की बात सामने आई है. ये जाम 7 किलोमीटर तक लंबा रहा, जिसके कारण यात्रा पर श्रद्धालुओं को अधिक समय जाम में फंसे रहना पड़ रहा है. ये सिलसिला देर रात तक रहता है।  जानकारी के मुताबिक, जोशीमठ में एक बार फिर से भयंकर जाम लग गया है. मारवाड़ी से टीसीपी जोशीमठ तक गाड़ियों की लंबी लाइन 6 से 7 किलोमीटर तक पहुंच गई और  पूरी कतार लगातार बढ़ती ही जा रही है. इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही, एक तरफ की गाड़ियों को छोड़ा जा रहा है लेकिन आधा घंटे के अंतराल में ही यहां 6 से 7 किलोमीटर की लंबी गाड़ियों की कतार देखने को मिल रही है, जो कि हर किसी के लिए मुसीबत बन रही है. ऐसे में चार धाम यात्रियों को भी अधिक से अधिक टाइम जाम में फंसे रहना पड़ रहा है. हालांकि एक साइड की गाड़ियां पूरी होने के बाद दूसरी साइड की गाड़ियां छोड़ी जाएंगी लेकिन यह सिलसिला रोजाना देर रात तक देखने को मिल रहा है।  असल में जोशीमठ के जीरो बेंड से लेकर मारवाड़ी तक सड़क कई जगहों पर बहुत संकरी हो गई है. सड़क संकरी होने के कारण लगातार जाम लग रहा है. इस समय बद्रीनाथ धाम से लौटने वाली गाड़ियों को निकाला जा रहा है, जिसकी वजह से बद्रीनाथ धाम जाने वाली गाड़ियों की लंबी कतार मारवाड़ी से टीसीपी जोशीमठ 6-7 किलोमीटर तक फैल गई है।  पिछले 2 साल से सड़क चौड़ीकरण का काम नहीं हुआ है. अब यही जाम यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किल बन गया है. अभी तो सिर्फ बद्रीनाथ वाले यात्री आ रहे हैं लेकिन दो दिन बाद हेमकुंड साहिब की यात्रा भी शुरू हो जाएगी. जून महीना मुख्य सीजन का होता है, जब बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में सबसे ज्यादा भीड़ होती है. अगर ऐसे ही लगातार जाम लगा रहा तो यात्रा कैसे सुचारू चलेगी? कहीं न कहीं अब इस समस्या का जल्दी समाधान निकालना बहुत जरूरी है. वरना अब रोजाना जाम यात्रियों. के लिए मुश्किल खड़ी कर रहा है। 

हादसा, पंचर या मेडिकल इमरजेंसी… हाईवे पर हर परेशानी का भरोसेमंद साथी है 1033

रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर संजीवनी बना डायल 1033 कल्पना कीजिए, आप एक खूबसूरत सफर पर हैं। खुली सड़क, रफ्तार पकड़ती गाड़ी और सुहाना मौसम—सब कुछ शानदार चल रहा है। लेकिन अचानक अगले ही मोड़ पर कोई हादसा हो जाए, तो पलभर में खुशियां मातम में बदल सकती हैं। ऐसे सुनसान हाईवे पर, जहां दूर-दूर तक कोई मदद नजर नहीं आती, वहां मोबाइल स्क्रीन पर चमकता एक नंबर उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बनकर सामने आता है—1033। आज राष्ट्रीय राजमार्गों पर यह नंबर लाखों यात्रियों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। संकट की घड़ी में फरिश्ता बनती है एक कॉल हाइवे दुर्घटना के बाद का पहला घंटा चिकित्सा विज्ञान में “गोल्डन ऑवर” कहलाता है। इस दौरान घायल को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। डायल 1033 इसी गोल्डन ऑवर का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है। जैसे ही कोई व्यक्ति 1033 पर कॉल करता है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय हो जाता है। जीपीएस तकनीक के जरिए हादसे की लोकेशन ट्रेस की जाती है और कुछ ही मिनटों में एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और जरूरत पड़ने पर क्रेन मौके पर पहुंच जाती है। घायलों को नजदीकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने के साथ-साथ रास्ता भी साफ कराया जाता है। “7 से 10 मिनट में पहुंच गई एम्बुलेंस” रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हादसे का शिकार हुए श्री नितिन वर्मा बताते हैं, “दोपहर करीब 2 बजे मेरी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। मोबाइल नेटवर्क भी कमजोर था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं कहां हूं। मैंने 1033 पर कॉल किया और महज 7 से 10 मिनट में एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। मेरे लिए वह नंबर किसी संजीवनी से कम नहीं था।” सिर्फ एक्सीडेंट नहीं, हर परेशानी का साथी है 1033 अक्सर लोग समझते हैं कि 1033 सिर्फ सड़क हादसों में मदद करता है, जबकि यह हाइवे पर हर तरह की परेशानी में आपका भरोसेमंद साथी है। अगर रात में गाड़ी पंचर हो जाए, इंजन खराब हो जाए, सड़क पर पेड़ या मलबा गिर जाए, मवेशी आ जाएं, किसी सहयात्री की तबीयत बिगड़ जाए, टोल या फास्टैग संबंधी समस्या हो या हाइवे पर असुरक्षा महसूस हो—हर स्थिति में 1033 मदद के लिए उपलब्ध है। रात के सन्नाटे में 1033 बना सहारा ट्रक ड्राइवर श्री गुरदीप सिंह बताते हैं, “रात करीब 9:45 बजे रायपुर से बिलासपुर जाते समय ट्रक का टायर फट गया। सुनसान हाईवे पर भारी वाहन के साथ फंस जाना बहुत मुश्किल स्थिति थी। मैंने 1033 पर कॉल किया। कुछ ही देर में हाईवे पेट्रोलिंग टीम पहुंच गई। उन्होंने तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा भी सुनिश्चित की।” जब जाम हो गया चक्का, पेट्रोलिंग टीम ने बढ़ाया हाथ बिलासपुर-नागपुर रूट पर सफर कर रहे श्री एस.पी. चौबे ने बताया कि उनकी कार पंचर होने के बाद स्टेपनी बदलने के दौरान पहिया जाम हो गया था। काफी कोशिशों के बावजूद चक्का नहीं खुल रहा था। तभी वहां से गुजर रही 1033 की रूट पेट्रोलिंग टीम रुकी और अपने हैवी टूल्स की मदद से चक्का खोलकर टायर बदला। टीम की तत्परता और मदद ने यात्रियों का दिल जीत लिया। मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा बिलासपुर से महासमुंद जा रहे एक भारी ट्रेलर का ब्रेक अचानक जाम हो गया। बीच हाइवे पर इतने बड़े वाहन का रुकना बड़ा खतरा बन सकता था। सूचना मिलते ही 1033 टीम मौके पर पहुंची और ट्रेलर के पीछे से आने वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए सेफ्टी कोन और चेवरॉन बोर्ड लगाए। टीम की मुस्तैदी से न केवल ट्रैफिक व्यवस्थित रहा, बल्कि एक बड़ा हादसा भी टल गया। 24 घंटे उपलब्ध, हर भाषा में मदद 1033 की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और उपलब्धता है। यह सेवा 24×7 सक्रिय रहती है। हिंदी, अंग्रेजी समेत कई स्थानीय भाषाओं में सहायता उपलब्ध है। सबसे अहम बात यह कि यह टोल-फ्री सेवा है, इसलिए मोबाइल में बैलेंस न होने पर भी कॉल किया जा सकता है। आज जब देश के हाईवे आधुनिक और हाई-स्पीड हो रहे हैं, तब सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। ऐसे में हर यात्री को अपने मोबाइल में 1033 जरूर सेव रखना चाहिए। क्योंकि मुश्किल की घड़ी में यही चार अंक जिंदगी की रफ्तार को थमने नहीं देते।

अनाजों के भंडारण में क्षति कम करने भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण की पहल

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खाद्य विभाग अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उपभोक्ता हित में कार्य करे। खाद्य विभाग ने अनेक नवाचार किए हैं जिनका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है। नवाचारों और उपभोक्ता हित का कार्य निरंतर किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य विभाग ने उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण मार्ट के रूप में उन्नयन किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर राशन प्रदाय और वितरण की सूचना देने का प्रावधान किया गया है। यह नवाचार उपभोक्ताओं के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता के रूट ऑप्टिमाइजेशन के कार्य से परिवहन लागत में सरकार को 42 लाख रुपए प्रति माह की बचत हुई। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग व्यवस्था की गई। इसी तरह सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने सभी स्तरों पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गोदाम में स्कंध के भंडारण की क्षति को कम करने के लिए वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अमले को भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाने की पहल की भी प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निगम कर्मियों के कौशल उन्नयन की गतिविधियां जारी रखी जाएं।इसी तरह उपार्जन, मिलिंग और परिवहन के लिए उपयोग में लिए जा रहे वाहनों का यूलिप (ULIP) सॉफ्टवेयर से सत्यापन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन के लिए जूट कमिश्नर से खाली बारदाने क्रय करने के लिए सीसी लिमिट से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश, उड़ीसा और पंजाब के पश्चात तीसरा प्रांत है। इस प्रणाली से 18 करोड़ रुपए की ब्याज राशि की बचत करने में सफलता मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन कार्य की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ऐसा मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए जिससे गेहूं की जींस की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग आदि के कार्य लघु मध्यम और सूक्ष्म विभाग के सहयोग से किए जा सकें। इस कार्य में स्व-सहायता समूह की भूमिका भी हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शहरी गैस वितरण, नेटवर्क विकास और विस्तार नीति 2025 लागू करने, पीडीएस के हितग्राहियों का ई-केवाईसी किए जाने के कार्य और उपभोक्ता हित में किए गए अन्य प्रयासों की जानकारी भी प्रदान की गई। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।