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होर्मुज को लेकर भारत के लिए बड़ी खबर, 1 जून से नए रूट की संभावनाएं तेज

नई दिल्‍ली  भारत पिछले कुछ दशक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से गुजर रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी लंबे युद्ध ने तेल और गैस सहित तमाम सेक्‍टर पर जबरदस्‍त असर डाला है. चौतरफा मुश्किलों से घिरे भारत के लिए अगले महीने की शुरुआत से एक राहत भरी खबर आ रही है. भारत और खाड़ी देश ओमान के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौता 1 जून, 2026 से लागू हो जाएगा. इस समझौते की सबसे खास बात ये है कि ओमान होर्मुज के दायरे से बाहर है तो इस समझौते से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को क्‍या फायदा मिलने वाला है।  भारत और ओमान के बीच 18 दिसंबर, 2025 को कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) हुआ था, जो 1 जून से प्रभावी हो जाएगा. भारत ने पिछले कुछ समय से ओमान के अलावा कई देशों के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता किया है. जाहिर है कि इस समझौते से दोनों ही देशों को एक-दूसरे के बाजार में बिना टैरिफ चुकाए अपने सामान बेचने का मौका मिलेगा, लेकिन ओमान इस मामले में कुछ खास है. इसकी सबसे बड़ी वजह उसका होर्मुज के दायरे से बाहर होना. इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच बिना होर्मुज की बाधा के ही कारोबार किया जा सकता है।  एफटीए से क्‍या होगा फायदा इस मुक्‍त व्‍यापार समझौते में ओमान ने भारत के 98.08 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्‍म कर दिया है. इससे भारत का ओमान को किया जाने वाला 99.38 फीसदी एक्‍सपोर्ट पूरी तरह टैरिफ फ्री हो जाएगा. इसका मतलब है कि भारत का लगभग पूरा ही निर्यात टैरिफ फ्री हो जाएगा. भारत ने भी ओमान से आने वाले 77.79 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्‍म कर दी है, जो कुल आयात का 94.81 फीसदी होता है. भारत ने कुछ संवेदनशील सेक्‍टर जैसे डेयरी प्रोडक्‍ट, चॉकलेट और ज्‍वैलरी सेक्‍टर को इस एफटीए से बाहर रखा है।  भारत के किस सेक्‍टर को होगा फायदा     टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर, फुटवेयर     जेम्स एंड ज्वेलरी     इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल्स, प्लास्टिक, फर्नीचर     फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज     एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स (चावल, अनाज आदि)     भारतीय प्रोफेशनल्स की मोबिलिटी आसान होगी और IT, हेल्थकेयर, एजुकेशन, लॉजिस्टिक्स आदि में बेहतर एक्सेस मिलेगा.     ओमान में 100% FDI की सुविधा कई सेक्टरों में मिलेगी.     दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार अभी करीब 10.6 अरब डॉलर है, जबकि इस समझौते से यह बढ़कर 12.5 अरब डॉलर पहुंच सकता है. होर्मुज संकट में कैसे मददगार होर्मुज से आवाजाही पर असर की वजह से भारत का आयात काफी प्रभावित हो रहा है. अभी शिपिंग रूट बदलने पड़ रहे, जिससे इंश्‍योरेंस की कॉस्‍ट बढ़ रही है और आयात महंगा हो रहा है. ओमान के साथ समझौता होने से वहां के पोर्ट खासकर सलालाह और दुक्‍म को भारत अपने हब के रूप में इस्‍तेमाल कर सकता है. यह दोनों पोर्ट होर्मुज स्‍ट्रेट से बाहर हैं और हिंद महासागर के रास्‍ते सीधे जुड़े हुए हैं. भारत इन पोर्ट के जरिये खाड़ी देश, अफ्रीका और यूरोप को अपना सामान भेज भी सकता है और वहां से मंगवा भी सकता है।  कम हो जाएगी होर्मुज पर निर्भरता ट्रेड मार्केट एक्‍सपर्ट तो इस समझौते को ओमान ट्रेड कॉरिडोर भी कहने लगे हैं. उनका कहना है कि पेट्रोकेमिकल्‍स सहित तमाम सामान को ओमान के रास्‍ते डायवर्ट करके निर्यात अथवा आयात किया जा सकता है. इससे होर्मुज पर निर्भरता कम हो जाएगी और भारत को व्‍यापार का नया रास्‍ता मिलेगा. ओमान हमेशा से न्‍यूट्रल और मीडिएटर की भूमिका निभाता है. इस समझौते से उसका भारत के साथ संबंध तो बेहतर होगा ही, सामान के साथ व्‍यापार के नए कॉरिडोर को खोलने में भी मदद मिलेगी। 

काम में बेवजह देरी करने वाली एजेंसियों पर होगी सख्त कार्रवाई

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं          समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4G स्टेशन DVN मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला) साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश           मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (Photo Geo-tag) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।          इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

योगी सरकार की होमस्टे नीति से यूपी पर्यटन को नई उड़ान, गांव-शहर में बढ़ रहा आकर्षण

योगी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट, होमस्टे नीति से यूपी में बदल रहा पर्यटन का स्वरूप किफायती होमस्टे और फार्मस्टे के लिए आए 3 हजार से ज्यादा आवेदन, 900 रजिस्टर्ड बड़े शहरों के साथ बुंदेलखंड, झांसी, बांदा जैसे जिले भी बन रहे पर्यटन का हब पर्यटकों को सस्ते में रुकने की व्यवस्था के साथ, स्थानीय लोगों को मिल रहा रोजगार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प, मथुरा-वृंदावन समेत अन्य जिलों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड आमद से राज्य में सस्ते दरों पर ठहरने की अच्छी व्यवस्था की मांग बढ़ी है। इसे योगी सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति से साकार किया जा रहा है। इसके जरिए पर्यटकों को महंगे होटलों की जगह कम दाम पर ठहरने की जगह का विकल्प मिल रहा है, साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी खुल रहे हैं। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे नीति लागू होने के बाद से यूपी में होमस्टे और फार्मस्टे तेजी से बढ़ रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेशभर से 3000 से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं, जबकि करीब 900 होमस्टे और फार्मस्टे रजिस्टर्ड हो चुके हैं। वर्ष 2026 की शुरुआत से आवेदनों की संख्या में भी तेजी आई है, जो यह दिखाता है कि लोग अब पर्यटन से जुड़े कारोबार को लेकर ज्यादा भरोसा और रुचि दिखा रहे हैं। बुंदेलखंड समेत तमाम जिलों में होमस्टे मॉडल का विस्तार पर्यटन विभाग के मुताबिक वाराणसी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज और लखनऊ में होमस्टे और फार्मस्टे शहरी श्रेणी में आगे चल रहे हैं। वहीं अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण होमस्टे मॉडल में सबसे ज्यादा तेजी अब बुंदेलखंड क्षेत्र में देखने को मिल रही है। बांदा, हमीरपुर, महोबा और झांसी जैसे जिले नए पर्यटन केंद्र बनकर उभर रहे हैं।  इसके अलावा बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत और लखीमपुर भी तेजी से ग्रामीण पर्यटन स्थलों के रूप में पहचान बना रहे हैं। मथुरा-वृंदावन और आगरा के ग्रामीण इलाकों में भी होमस्टे और फार्मस्टे को लेकर यात्रियों और स्थानीय लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। पर्यटक और श्रद्धालु ठहरने की किफायती व्यवस्था मिलने के बाद ग्रामीण परिवेश की तरफ भी रुख कर रहे हैं। रोजगार मिला और पलायन रोकने का प्रयास अधिकारियों का कहना है कि यह नीति छोटे जिलों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और छोटे कारोबार को भी बढ़ावा दे रही है। कई परिवार अब अपने खाली कमरों को आय के साधन में बदल रहे हैं, जिससे उन्हें काम के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ रहा। यह मॉडल रिटायर्ड लोगों, बुजुर्ग दंपतियों, महिलाओं द्वारा संचालित परिवारों और खाली घरों वाले परिवारों के लिए अतिरिक्त कमाई का अच्छा जरिया बनता जा रहा है। पर्यटन का लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन की असली ताकत तब दिखती है, जब उसका लाभ सीधे गांवों और स्थानीय परिवारों तक पहुंचे। होमस्टे और फार्मस्टे मॉडल न केवल पर्यटकों को उत्तर प्रदेश की वास्तविक संस्कृति, स्थानीय खान-पान, परंपराओं और ग्रामीण जीवन से जोड़ रहे हैं, बल्कि खाली घरों को आय के साधन में बदलकर गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार कर रहे हैं। इससे युवाओं में अपने ही जिले में पर्यटन आधारित कारोबार को लेकर रुचि बढ़ रही है। हमारी कोशिश है कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े शहरों और होटलों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। कैसे कराएं पंजीकरण बीएंडबी एवं होम स्टे नीति के अंतर्गत इकाइयों का पंजीकरण एक सरल और पारदर्शी ऑनलाइन प्रक्रिया है। नई और पहले से संचालित दोनों प्रकार की इकाइयां निर्धारित पोर्टल पर जाकर आसानी से पंजीकरण करा सकती हैं। इससे पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में आपकी इकाई शामिल हो जाती है और नीति के सभी लाभ प्राप्त होते हैं। पंजीकरण के लिए आधिकारिक पोर्टल https://up-tourismportal.in/application/bnb/login है। नीति के अंतर्गत पात्र इकाइयां: शहरी होमस्टे ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो एवं उसके पास अपने प्रयोग के बाद अतिरिक्त कमरे उपलब्ध हो, जिन्हें यह पर्यटकों को आवास के लिए उपलब्ध कराना चाहे। ऐसे कमरों की संख्या अधिकतम 6 हो सकती है और कुल 12 बेड की व्यवस्था किसी एक आवासीय इकाई में हो सकती है। बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) के लिए नियम पर्यटन विभाग द्वारा बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) इकाइयों से जुड़ी व्यवस्था को भी स्पष्ट किया गया है। ऐसे आवासीय भवन जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास न करता हो एवं उसके पास 01 से 06 तक कमरे उपलब्ध हो, जिन्हें वह पर्यटकों को आवास के लिए उपलब्ध कराना चाहे। ऐसे कमरों की संख्या अधिकतम 06 (कुल 12 बेड) हो सकती है। बीएंडबी इकाई में एक केयरटेकर रखना अनिवार्य होगा, जो इकाई के रखरखाव एवं संचालन का कार्य करेगा। ग्रामीण होमस्टे के लिए नियम ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे आवासीय भवन, जिनमें भूस्वामी स्वयं निवास करता हो एवं उसके पास अपने प्रयोग के बाद कुछ कक्ष उपलब्ध हों, जिन्हें वह पर्यटकों को आवास के लिए उपलब्ध कराना चाहे, ऐसे कक्षों की संख्या 06 (कुल 12 बेड) तक हो सकती है। पर्यटन विभाग के जरिए प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार भी बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई तरह के फायदे भी मिल रहे है। इससे घर बैठे लोगों को आय का एक अतिरिक्त जरिया मिल रहा है। इस नीति के तहत बिजली बिल, जल कर, गृह कर और सीवर कर का भुगतान आवासीय दरों पर करना होता है। प्रधानमंत्री मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत छत पर सौर पैनल लगाने के लिए सौर ऊर्जा सब्सिडी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही पर्यटन विभाग के मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान द्वारा आठ सहायक कर्मचारियों को निःशुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इकाई का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

उड़ान से पहले IndiGo प्लेन में धुआं फैलने से हड़कंप, एयरपोर्ट स्टाफ ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली बेंगलुरु हवाई अड्डे पर IndiGo की एक फ्लाइट को आपातकालीन स्थिति में खाली कराया गया है, क्योंकि प्लेन से धुआं निकलता दिखाई दिया। इंडिगो की यह फ्लाइट 6E 6017, बेंगलुरु से चेन्नई जा रही थी और उड़ान भरने के लिए रनवे की ओर बढ़ रही थी। तभी प्लेन से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। इस घटना के होते ही प्लेन से सभी यात्री और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। लेकिन अभी इस घटना के पीछे की वजह पता नहीं चली है। सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया बाहर IndiGo ने एक बयान में कहा, 'सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, तुरंत लोगों को बाहर निकाला गया और सभी संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।' इंडिगो ने बताया, 'सभी यात्री और क्रू सुरक्षित हैं और उन्हें टर्मिनल पर ले जाया गया है, जहां हमारी टीमें उनकी देखभाल कर रही हैं ताकि उनकी भलाई सुनिश्चित की जा सके।' एयरलाइन ने बताया कि इस फ्लाइट को ऑपरेट करने के लिए दूसरा विमान उपलब्ध कराया गया है। इंतजार के दौरान यात्रियों को जलपान कराया जा रहा है।

कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य

योगी सरकार के विजन को गति देंगे टाटा टेक्नोलॉजीज और डेलॉयट, यूपी के युवाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर यूपी को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य आईटीआई संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदलेगा टाटा टेक्नोलॉजीज, डेलॉयट तैयार करेगा भविष्य की स्किल रणनीति पीपीपी मॉडल के माध्यम से कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए योगी सरकार लगातार कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा को नए आयाम दे रही है। इसी क्रम में सोमवार को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में वैश्विक परामर्शदाता कंपनी डेलॉयट और तकनीकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा टेक्नोलॉजी ने प्रदेश के युवाओं के लिए तैयार किए जा रहे भावी रोडमैप और योजनाओं का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। आधुनिक तकनीक से लैस होंगे यूपी के आईटीआई बैठक में टाटा टेक्नोलॉजीज के प्रतिनिधियों ने प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के आधुनिकीकरण और उन्हें ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (सीओई) के रूप में विकसित किए जाने की प्रगति साझा की। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि आधुनिक मशीनों, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, ऑटोमेशन और इंडस्ट्री 4.0 आधारित तकनीकों के जरिए युवाओं को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार प्राप्त कर सकें। डेलॉयट तैयार करेगा भविष्य की स्किल रणनीति वहीं डेलॉयट के विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा की रणनीतिक भूमिका पर प्रस्तुतीकरण दिया। डेलॉयट ने भविष्य के रोजगार रुझानों (फ्यूचर जॉब ट्रेंड्स), उद्योगों की मांग और निवेश आधारित रोजगार सृजन मॉडल का विश्लेषण करते हुए सुझाव दिया कि स्किल डेवलपमेंट योजनाओं को सीधे औद्योगिक निवेश और नई तकनीकों से जोड़ा जाए, जिससे युवाओं को अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। योगी सरकार का फोकस- हुनरमंद और आत्मनिर्भर युवा बैठक के दौरान मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को आर्थिक महाशक्ति बनाने के लिए वैश्विक संस्थाओं की विशेषज्ञता का पूरा लाभ उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टाटा टेक्नोलॉजीज और डेलॉयट जैसी संस्थाओं का सहयोग प्रदेश के युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों संस्थाओं द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजनाओं और सुझावों को तेजी से धरातल पर लागू किया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश का हर युवा आधुनिक कौशल से लैस होकर आत्मनिर्भर बन सके और राज्य की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा सके। पीपीपी मॉडल से कौशल विकास को मिलेगी नई दिशा बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को केवल डिग्रीधारी नहीं बल्कि इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल बनाना है, जिससे उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी स्किल कैपिटल के रूप में उभर सके।

महिला वित्त एवं विकास निगम की 80वीं संचालक मंडल की बैठक में हुए बड़े फैसले

भोपाल  महिला सशक्तिकरण की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए महिला वित्त एवं विकास निगम को नई कार्य संस्कृति और परिणामोन्मुखी भूमिका में लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। महिला-बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंत्रालय में मध्यप्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम की 80वीं संचालक मंडल समिति की बैठक हुई। बैठक में जिसमें निगम की कार्यप्रणाली, लंबित प्रस्तावों, महिला रोजगार, कौशल विकास और संस्थागत सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मंत्री सुभूरिया ने स्पष्ट कहा कि महिला-बाल विकास विभाग का मूल उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि महिलाओं का वास्तविक आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण है। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला वित्त एवं विकास निगम को प्रदेश की महिला वर्क-फोर्स तैयार करने वाली प्रमुख संस्था के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए निगम एक व्यापक ऑनलाइन पोर्टल तैयार करेगा, जिसमें महिलाओं की कौशल दक्षता का परीक्षण कर उन्हें कुशल, अर्द्ध-कुशल और अकुशल श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। मंत्री सुभूरिया ने कहा कि अकुशल एवं अर्द्ध-कुशल महिलाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर विभिन्न विभागों, उद्योगों और संस्थानों की मांग के अनुरूप रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि निगम महिला श्रमिकों, कारीगरों और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित महिलाओं का “रिसोर्स पूल” विकसित करे, जिससे प्रदेश के विभागों और संस्थाओं को आवश्यकता अनुसार प्रशिक्षित महिला वर्क-फोर्स उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में यह भी तय किया गया कि महिला वित्त एवं विकास निगम अब केवल वित्तीय गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कौशल विकास, बाज़ार संपर्क, तकनीकी प्रशिक्षण और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा। मंत्री सुभूरिया ने अन्य राज्यों में महिला वित्त विकास निगमों की कार्यपद्धति का अध्ययन कर बेहतर मॉडल अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में निगम के सुदृढ़ीकरण को लेकर पूर्व में प्रस्तावित “चैनल पार्टनर” व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मंत्री सुभूरिया ने स्पष्ट किया कि निगम को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाते हुए केवल गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण संस्थानों और विशेषज्ञ एजेंसियों को ही जोड़ा जाए। कौशल विकास और फाइनेंशियल लिटरेसी कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हाई-क्वालिटी संस्थानों के एम्पैनलमेंट पर जोर दिया गया। बैठक में IPE Global Limited के साथ हुए महत्वपूर्ण एमओयू की भी समीक्षा की गई। “देवी अहिल्याबाई नारी सशक्तिकरण मिशन” के तहत यह पहल प्रदेश की युवा महिलाओं को वेतन आधारित रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 1.6 लाख महिलाओं को रोजगार से जोड़ना, 50 हजार महिलाओं को बाज़ार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देना तथा 500 से अधिक कंपनियों में जेंडर डाइवर्सिटी प्रथाओं को बढ़ावा देना है। मंत्री सुभूरिया ने निगम के प्रशासनिक ढांचे में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए भी सख्त निर्देश दिए। संचालक मंडल ने निर्णय लिया कि निगम के ऐसे कर्मचारी जो अन्यत्र अटैच हैं, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं तथा एक माह के भीतर मूल पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में उनकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में महिला बाल विकास, सचिव श्रीमती जी.वी. रश्मि, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती निधि निवेदिता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

पाटीदार के तूफानी 93 रन से बना बड़ा स्कोर, गुजरात को मिला प्लेऑफ का सबसे बड़ा टारगेट

धर्मशाला   रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मंगलवार को आईपीएल 2026 का पहला क्वालीफायर खेला जा रहा है। आरसीबी ने धर्मशाला के मैदान पर जीटी के सामाने 255 रनों का ऐतिहासिक टारगेट रखा है। आरसीबी ने टॉस गंवाने के बाद निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाए। यह आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है। कप्तान रजत पाटीदार ने नाबाद 93 रनों की तूफानी पारी खेली। उन्होंने 33 गेंदों का सामना करने के बाद पांच चौके और 9 छक्के मारे। आरसीबी की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। वेंकटेश अय्यर ने कुछ अच्छे शॉट लगाए लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्होंने 7 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन बटोरे। उन्हें कगिसो रबाडा ने दूसरे ओवर में आउट किया। वेंकटेश ने विराट कोहली के साथ 21 रनों की साझेदारी की। इसके बाद, कोहली ने देवदत्त पडिक्कल के सात मोर्चा संभाला। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की पार्टनरशिप की। कोहली और पडिक्कल को जेसन होल्डर ने नौवें ओवर में पवेलियन की राह दिखाई। कोहली ने 25 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के के दम पर 43 रन जोड़े। पडिक्कल ने 19 गेंदों में 30 रन बनाए। उनके बल्ले से पांच चौके आए। कप्तान रजत पाटीदार और क्रुणाल पांड्या ने चौथे विकेट के लिए 95 रनों की पार्टनरशिप की और आरसीबी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रबाडा ने 17वें ओवर में क्रुणाल को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने 28 गेंदों में 23 रनों की पारी खेली, जिसें पांच चौके और दो सिक्स हैं। प्रसिद्ध कृष्णा ने 18वें ओवर में टिम डेविड (5 गेंदों में 4) का शिकार किया। पाटीदार ने जितेश शर्मा के साथ छठे विकेट के लिए 40 रनों की अटूट पार्टनरशिप की। जितेश ने 5 गेंदों में नाबाद 15 रन बनाए। गुजरात ने मैच के लिए एक बदलाव किया। अरशद खान की जगह कुलवंत खेजरोलिया को मौका मिला है। आज आरसीबी और जीटी में से जो भी जीतेगा, उसका फाइनल का टिकट कंफर्म हो जाएगा। क्वालीफायर-1 हारने वाली टीम को दूसरा क्वालीफायर खेलने का मौका मिलेगा। बेंगलुरु और गुजरात ने 18-18 अंक जुटाकर लीग चरण का समापन किया। हालांकि, डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी बेहतर नेट रनरेट के कारण टेबल टॉपर रही जबकि जीटी ने दूसरे नंबर पर फिनिश किया। दोनों टीमें मौजूदा सीजन में तीसरी बार आमाने-सामने हैं। RCB: 254/5 (20 ओवर) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की प्लेइंग XI: वेंकटेश अय्यर, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जैकब डफी, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम दार। गुजरात टाइटंस की प्लेइंग XI: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा।

प्रार्थना नहीं होने पर विवाद, कटिहार के स्कूल में ‘वंदे मातरम्’ गाने पर हंगामा

बरारी/कटिहार. बिहार के कटिहार जिले में बरारी स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय सह उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मौलानाचक गुरमेला में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को चेतना सत्र के दौरान राष्ट्रीय गीत के गायन का विरोध और शिक्षकों के बीच मारपीट की घटना के बाद सोमवार को भी विद्यालय खुलने पर चेतना सत्र आयोजित नहीं हो सका। बिना प्रार्थना के ही कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे अन्य शिक्षकों में आक्रोश है। मामले में आरोप है कि बीते शनिवार को शिक्षक फरहन अंजुम ने चेतना सत्र के दौरान वंदे मातरम् के गायन का विरोध किया। जब अन्य शिक्षकों ने इसे सरकारी निर्देशों का पालन करने की बात कही तो स्थिति विवाद में बदल गई। हाथापाई और गाली-गलौज का आरोप आरोप है कि इस दौरान शिक्षक अबू तालिब ने अन्य शिक्षकों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। इतना ही नहीं उन्होंने कथित तौर पर माहौल बिगाड़ने की धमकी भी दी। स्थिति तब और बिगड़ गई, जब दोनों शिक्षकों ने समर्थन में विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक को बुला लिया। इससे विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और माहौल कुछ समय के लिए अराजक हो गया था। घटना के बाद विद्यालय के शिक्षक पियूष कुमार राणा, अमित कुमार, चांदनी कुमारी, नेहा कुमारी, अमित आनंद और अश्विनी कुमार ने बीआरसी पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में फरहन अंजूम पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के विरोध और अबू तालिब पर गाली-गलौज, हाथापाई तथा दंगा भड़काने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। बताया यह भी जा रहा है कि पूरी घटना विद्यालय के सीसीटीवी में कैद है। जांच के लिए नहीं पहुंचा कोई अधिकारी  इधर, मामले सामने आने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार सिंह ने शनिवार को ही दोनों आरोपित शिक्षकों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। सोमवार को बीडीओ धीरेंद्र कुमार धीरज ने विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य अनारूल हक के हस्तक्षेप को लेकर जवाब तलब किया है। हालांकि, इतनी बड़ी घटना के बावजूद सोमवार तक कोई भी वरीय अधिकारी विद्यालय में जांच के लिए नहीं पहुंचे। इससे शिक्षकों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इसका सीधा असर विद्यालय के पठन-पाठन सहित सामाजिक वातावरण पर भी पड़ता नजर आ रहा है। वंदे मातरम् का विरोध करना अनुशासनहीनता – वंदे मातरम् गायन का विरोध करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। स्पष्टीकरण के जवाब मिलने के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। प्रार्थना नहीं होने की बात की जानकारी नहीं है। इसे लेकर जांच की जाएगी। – राजकुमार सिंह, बीईओ, बरारी-कटिहार

नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहेगी पुस्तक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के साथ कार्य करने के अनेक अनुभव लाखों कार्यकर्ताओं के पास हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का लगभग 35 वर्षों का लंबा साथ विशेष महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने युवा मोर्चा के अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी के दायित्व, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक अपनापन में साझा किया है। यह केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की शैली को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक ''अपनापन''नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगी। सभी कार्यकर्ता और युवा यह पुस्तक पढ़ें और उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘'अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव'' के नई दिल्ली में हुए लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में व्यक्त किए। पूर्व प्रधानमंत्री  देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के साथ व्यतीत गए समय और उस काल के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री  एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  एम. वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रीगण, अनेक प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पत्रकार, समाजधर्मी और लेखक उपस्थित थे।  

ब्रह्मपुरी में प्रशासन का सख्त एक्शन: पीले पंजे से हटाए गए अवैध कब्जे, सिंहस्थ को लेकर बढ़ी सख्ती

खंडवा आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह नगर परिषद, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शासकीय जमीन पर बने बड़े अतिक्रमणों को बुलडोजर से हटाया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, आईकार्ड व्यवस्था तथा अन्य विकास कार्यों हेतु जमीन खाली कराई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई स्थायी निर्माणों और बाउंड्रीवाल को हटाया गया। सिंहस्थ की तैयारियां और कलेक्टर के निर्देश कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में विकास कार्यों की तैयारी तेज कर दी गई है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर वहां पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण वाले क्षेत्रों को समतल किया जा रहा है और वास्तविक विस्थापितों के पुनर्वास की कार्रवाई भी शीघ्र की जाएगी। धर्मशालाओं और गौशाला पर चला बुलडोजर सीएमओ मोनिका पारधी ने बताया कि मंगलवार को पागलदास बाबा गौशाला और दिनेश दयाराम लोवंशी धर्मशाला की बाउंड्रीवाल को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अलावा लोवंशी धर्मशाला, राजपूत धर्मशाला और सोनी धर्मशाला को भी नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वार्ड क्रमांक-7 ब्रह्मपुरी क्षेत्र में अवैध पक्के और कच्चे निर्माण तथा दुकानों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। हटाए गए स्थानों का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कुछ अतिक्रमण हटाए गए हैं और आने वाले दिनों में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।