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निकाय चुनाव में धांधली का आरोप, पंजाब चुनाव आयोग पहुंचा भाजपा का डेलिगेशन

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में वीरवार को पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात कर पंजाब में जारी निकाय चुनावों के दौरान कथित बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन-सह-शिकायत पत्र सौंपा। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से सामने आए बूथ कैप्चरिंग, मतदाता सूचियों में हेरफेर, सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग तथा अन्य चुनावी अनियमितताओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की। पार्टी ने राज्य चुनाव आयोग से इन शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों एवं चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। ज्ञापन में उन प्रभावित क्षेत्रों में मतदान रद कर पुनर्मतदान करवाने की भी मांग की गई, जहां गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा पंजाब अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया को भय, दबाव और सत्ता के दुरुपयोग से मुक्त बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ढिल्लों के साथ प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, प्रदेश विधि प्रकोष्ठ संयोजक एनके वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता रणजीत गिल शामिल थे।

तूफान और बारिश से प्रभावित इलाकों में पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर, हालात का लिया जायजा

आंधी-पानी से हुए नुकसान का जायजा लेने मैदान में उतरे ऊर्जा मंत्री तोमर ग्वालियर गुरुवार रात आई आंधी और बारिश से उप नगर ग्वालियर में कई क्षेत्रों में वृक्ष गिरने से विद्युत लाइनों तथा खंभों के क्षतिग्रस्त होने से बिजली संबंधी गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। सूचना प्राप्त होते ही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने तत्काल ग्राउंड पर पहुँचकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा राहत एवं मरम्मत संबंधी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने देर रात 1 बजे 4 फीडरों पर विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया। मंत्री तोमर ने माँ वैष्णोंपुरम , चंदनपुरा, श्याम बाबा का मंदिर, राठौर चौक, गदाईपुरा पहुंचकर विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंधी-पानी के कारण जिन इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर विद्युत आपूर्ति बहाल करें। प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से संवाद करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिजली विभाग की टीमें पूरी तत्परता और तेजी से कार्य कर रही हैं। शीघ्र ही सभी क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।   

कोरबा में भ्रष्टाचार का VIDEO वायरल, रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी; SDM की बड़ी कार्रवाई

कोरबा. एक और पटवारी का किसान से रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ है, जिसके बाद एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया है. मामला कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के पसान तहसील के पिपरिया हल्के का मामला है. जानकारी के अनुसार, पिपरिया व सिर्री हल्के के पटवारी विनोद अग्रवाल ने जमीन का वन पट्टा ऑनलाइन करने के लिए 5 हजार और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार की रिश्वत मांगी थी. मजबूर किसान ने पटवारी को रिश्वत देने के साथ-साथ टेबल के नीचे नोट गिनते हुए उसका वीडियो भी बना लिया. वीडियो वायरल होने के बाद पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने पटवारील विनोद अग्रवाल को निलंबित कर दिया है. 

पंजाब में BJP को करारा झटका, दूसरे-तीसरे नंबर की बात दूर, ‘अन्य’ ने भी छोड़ा पीछे

चंडीगढ़  पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. पार्टी को उम्मीद थी कि नया चेहरा संगठन में नई ऊर्जा भरेगा और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा. लेकिन राजनीति में टाइमिंग कभी-कभी सबसे बड़ा संदेश बन जाती है. अध्यक्ष पद संभालने के महज 24 घंटे के भीतर नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने भाजपा की उम्मीदों पर ठंडा पानी डाल दिया. पार्टी सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई. हालत इतनी खराब रही कि भाजपा न सिर्फ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल से पीछे रही, बल्कि ‘अन्य’ उम्मीदवारों से भी पिछड़ गई. यह नतीजा साफ संकेत देता है कि पंजाब में भाजपा अभी भी जमीन तलाश रही है. किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी, स्थानीय नेतृत्व की कमजोरी और क्षेत्रीय राजनीति की समझ की कमी पार्टी को लगातार भारी पड़ रही है. केवल सिंह ढिल्लों के सामने अब सिर्फ संगठन चलाने की नहीं, बल्कि पार्टी को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने की चुनौती भी है।  नगर निकाय चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए सिर्फ हार नहीं, बल्कि चेतावनी की घंटी हैं. पंजाब जैसे राज्य में जहां क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श पर भारी पड़ते हैं, वहां भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार नहीं बना पाई है. आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसका संगठन गांव से शहर तक सक्रिय है. कांग्रेस अपनी पारंपरिक ताकत बचाने में सफल रही और अकाली दल भी भाजपा से आगे निकल गया. ऐसे में भाजपा के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ चेहरा बदलने से हालात बदल जाएंगे? केवल सिंह ढिल्लों को अब बूथ स्तर से लेकर किसान और सिख समुदाय तक भरोसा बहाल करना होगा. वरना 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी और मुश्किल में फंस सकती है।  नया अध्यक्ष और तुरंत झटका: 2027 चुनाव की चुनौती     पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति का मौजूदा मूड साफ कर दिया है. आम आदमी पार्टी ने 630 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा. कांग्रेस 215 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. शिरोमणि अकाली दल को 175 सीटें मिलीं. भाजपा सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने 214 सीटें जीत लीं. यह आंकड़ा भाजपा के लिए सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है. इसका मतलब है कि जनता स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी भाजपा से ज्यादा भरोसा कर रही है.     राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अभी भी पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को पूरी तरह समझ नहीं पाई है. राज्य में किसान आंदोलन का असर खत्म नहीं हुआ है. ग्रामीण इलाकों में भाजपा को लेकर नाराजगी अब भी दिखती है. इसके अलावा भाजपा के पास ऐसा बड़ा स्थानीय चेहरा भी नहीं है जो पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती दे सके. केवल सिंह ढिल्लों के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती होगी।  नया अध्यक्ष, लेकिन पुरानी मुश्किलें बरकरार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी अब पंजाब में नई शुरुआत चाहती है. लेकिन संगठनात्मक बदलाव का असर तुरंत चुनावी नतीजों में नहीं दिखा. ढिल्लों को ऐसे समय कमान मिली है जब पार्टी लगातार कमजोर स्थिति में दिखाई दे रही है. उन्हें कार्यकर्ताओं में भरोसा लौटाने के साथ-साथ सिख समुदाय के बीच भी स्वीकार्यता बढ़ानी होगी।  AAP ने क्यों मारी बाजी? आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क और भगवंत मान सरकार की योजनाओं को बड़ा कारण माना जा रहा है. पार्टी ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखी. मुफ्त बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों ने AAP को फायदा पहुंचाया. यही वजह है कि नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने एकतरफा बढ़त बना ली।  BJP की आगे की राह आसान नहीं भाजपा के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती खुद को चौथे स्थान से ऊपर लाना है. पार्टी को सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति से आगे बढ़कर स्थानीय मुद्दों पर काम करना होगा. किसानों, बेरोजगारी, व्यापार और नशे जैसे मुद्दों पर ठोस रणनीति बनानी पड़ेगी. अगर भाजपा आने वाले समय में अकाली दल के साथ तालमेल बनाती है तो उसे कुछ फायदा मिल सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति मुश्किल दिखाई दे रही है।  केवल सिंह ढिल्लों के अध्यक्ष बनने के बावजूद BJP को इतना बड़ा झटका क्यों लगा? संगठन में बदलाव चुनावी सफलता की गारंटी नहीं होता. पंजाब में भाजपा की सबसे बड़ी समस्या कमजोर जनाधार और स्थानीय मुद्दों से दूरी है. किसान आंदोलन के बाद पार्टी की छवि प्रभावित हुई. केवल सिंह ढिल्लों को संगठन संभालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला. ऐसे में चुनावी नतीजों पर तत्काल असर दिखना मुश्किल था।  क्या ये नतीजे 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत हैं? नगर निकाय चुनाव को पूरी तरह विधानसभा चुनाव का ट्रेलर नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह राजनीतिक माहौल जरूर दिखाता है. AAP की मजबूत स्थिति और भाजपा की कमजोरी साफ दिखाई दे रही है. अगर भाजपा अगले दो साल में संगठन और जनाधार मजबूत नहीं करती तो 2027 में भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  पंजाब में BJP अपनी स्थिति कैसे सुधार सकती है? भाजपा को पंजाब में स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करना होगा. किसान, युवा और व्यापारियों से जुड़ाव बढ़ाना जरूरी है. पार्टी को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय राज्य के खास मुद्दों पर फोकस करना होगा. सिख समुदाय के साथ संवाद बढ़ाना और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करना भी बेहद अहम होगा। 

दो केंद्रीय मंत्रियों को प्रदेश की कमान मिलने से बढ़ी अटकलें, मोदी सरकार में बदलाव के संकेत?

नई दिल्ली बीजेपी ने एक बार फिर चौंकाते हुए केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्‍होत्रा को प्रदेश की कमान सौंप दी है. उन्‍हें द‍िल्‍ली प्रदेश अध्‍यक्ष बनाया गया है. दिल्ली से पहले बीजेपी ने यूपी में भी भाजपा ने यही फॉर्मूला अपनाते हुए केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी सौंपी थी. यानी अब दो-दो केंद्रीय मंत्री सीधे राज्यों में संगठन की कमान संभाल रहे हैं. इस बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा है क‍ि क्या अब मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा. क्‍योंक‍ि बीजेपी ‘एक व्यक्ति, एक पद’के सिद्धांत को मानतीहै. ऐसे में मंत्रियों को संगठन में भेजे जाने का सीधा मतलब है कि केंद्रीय कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण कुर्सियां खाली होने वाली हैं।  हर्ष मल्होत्रा पूर्वी दिल्ली से सांसद हैं और मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं. दिल्ली में अगले कुछ समय में होने वाले एमसीडी चुनाव को देखते हुए उनकी न‍ियुक्‍त‍ि काफी मायने रखती है. द‍िल्‍ली में बीजेपी को एक ऐसे जमीन से जुड़े पंजाबी और वैश्य चेहरे की जरूरत थी, जिसकी प्रशासनिक पकड़ मजबूत हो. केंद्रीय मंत्री को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की सत्ता पर काबिज होने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ने वाली. इसके साथ ही बीजेपी ने पंजाबी चेहरे को मौका देकर पंजाब में भी पैठ बनाने की कोश‍िश की है।  ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का सिद्धांत बीजेपी की कार्यशैली दूसरी पार्टियों से थोड़ी अलग है. बीजेपी ‘एक व्यक्ति, एक पद’ का नियम बेहद कड़ाई से लागू करती है. पार्टी का इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी नेता को संगठन से सरकार में या सरकार से संगठन में लाया गया है, उसने बड़े बदलावों का मार्ग प्रशस्त किया है।  जेपी नड्डा का उदाहरण जब जेपी नड्डा को मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, तो उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से दूरी बनाई और पार्टी ने सांगठनिक निरंतरता के लिए नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना. ठीक यही नियम अब राज्यों के स्तर पर भी लागू होने जा रहा है।  उत्तर प्रदेश में पंकज चौधरी कुछ समय पहले देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को यूपी भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया था. तब भी यह सवाल उठा था कि क्या वे दोनों पद संभालेंगे? भाजपा की नीति के अनुसार, जब कोई मंत्री संगठन के पूर्णकालिक काम में उतरता है, तो उसे सरकारी जिम्मेदारी से मुक्त किया जाता है ताकि वह शत-प्रतिशत समय संगठन को दे सके।  अब हर्ष मल्‍होत्रा अब यही इतिहास दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा के साथ दोहराया जा रहा है. हर्ष मल्होत्रा और पंकज चौधरी दोनों केंद्रीय मंत्रालयों में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. चूंकि दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में संगठन का काम 24 घंटे और 365 दिन का होता है, इसलिए इन दोनों मंत्रियों का कैबिनेट से बाहर होना तय माना जा रहा है. यह कदम ही इस बात का सबसे बड़ा संकेत है कि मोदी कैबिनेट में जल्द ही नए चेहरों की एंट्री होने वाली है।  जब-जब संगठन बदला, तब-तब बदली कैबिनेट यदि हम मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के इतिहास और उससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी के दौर के इतिहास पर नजर डालें, तो काफी कुछ क्‍ल‍ियर हो जाता है।      साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तब राजनाथ सिंह सरकार में गृहमंत्री बने. ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के तहत राजनाथ सिंह ने अध्यक्ष पद छोड़ा और अमित शाह को संगठन की कमान मिली. इसके बाद संगठन का पूरी तरह कायाकल्प हुआ और कैबिनेट का भी विस्तार हुआ।      जुलाई 2021 में मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का सबसे बड़ा कैबिनेट फेरबदल किया था. उस समय रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, डॉ. हर्षवर्धन और रमेश पोखरियाल निशंक जैसे 12 बड़े मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई थी. इनमें से कई नेताओं को बाद में संगठन के काम में लगाया गया था, जबकि भूपेंद्र यादव, अश्विनी वैष्णव और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे नए चेहरों को कैबिनेट में एंट्री मिली थी।      अटल जी के समय भी कुशाभाऊ ठाकरे और जन कृष्णमूर्ती जैसे संगठन के दिग्गजों को सरकार के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए इस्तेमाल किया गया था. प्रमोद महाजन और वेंकैया नायडू जैसे नेताओं को कई बार संगठन से सरकार और सरकार से संगठन में भेजा गया।   

JPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अपडेट, जून में आएगा प्रीलिम्स रिजल्ट और अगस्त में मेन्स एग्जाम

रांची. झारखंड लोक सेवा आयोग जून माह के पहले या दूसरे सप्ताह में सिविल सेवा संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर सकता है। अगस्त माह में इसकी मुख्य परीक्षा आयोजित किए जाने की तैयारी है। आयाेग ने 19 अप्रैल को संपन्न प्रारंभिक परीक्षा में दोनों पत्रों में पूछे गए प्रश्नों का अंतिम मॉडल उत्तर जारी कर दिया है। इसके आधार पर ही प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया जाएगा। आयोग ने सामान्य अध्ययन (प्रथम पत्र) एवं सामान्य अध्ययन (द्वितीय पत्र) दोनों का मॉडल उत्तर जारी किया है। पूर्व में जारी मॉडल उत्तर में अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बाद आयोग ने पहले प्रश्नपत्र में आयोग ने दो प्रश्नों को ड्राप किया है। वहीं, एक प्रश्न में दो विकल्प सही पाए गए हैं। इनमें सभी अभ्यर्थियों को समान अंक दिए जाएंगे। दूसरे प्रश्नपत्र में इस तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। इससे पहले आयोग ने दोनों प्रश्न पत्रों का मॉडल उत्तर जारी करते हुए उनपर अभ्यर्थियों से 20 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी थीं। निर्धारित तिथि तक अभ्यर्थियों से प्राप्त आपत्तियों पर आयोग द्वारा विषय-विशेषज्ञों के समीक्षा के बाद अंतिम माडल उत्तर प्रकाशित किया गया। प्रारंभिक परीक्षा के माध्यम से कुल विज्ञापित पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों का चयन मेधा सूची के आधार पर मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए किया जाएगा। यह मेधा सूची दोनों पत्रों के प्राप्तांकों के योग के आधार पर तय की जाएगी। हालांकि प्रारंभिक परीक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए आवश्यक अंक 32 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत निर्धारित है। अंतिम परिणाम मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार के अंकों के आधार पर किया जाएगा।

अचानक बाजार में बड़ी गिरावट, Sensex 1100 अंक टूटा; निवेशकों के डूबे लाखों करोड़

मुंबई  बाजार बंद के दौरान,शुक्रवार को अचानक स्‍टॉक मार्केट में भारी गिरावट आई. सेंसेक्‍स-निफ्टी सभी इंडेक्‍स दबाव में रहे. दोपहर 3 बजे निफ्टी करीब 400 अंक टूटकर 23,500 पर पहुंच गया. वहीं सेंसेक्‍स 1150 अंक टूटकर 74,800 के ऊपर था. सबसे ज्‍यादा दबाव मिडकैप और स्‍मॉलकैप में दिखाई दिया, जहां सबसे ज्‍यादा मुनाफावसूली हुई।  BSE टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 4 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे थे, बाकी सभी 26 शेयर बिखर गए हैं. सबसे ज्‍यादा गिरावट इंडिगो, टाटा स्‍टील और पावरग्रिड जैसे शेयरों में आई है।  हालांकि कारोबार बंद होने तक, निफ्टी 360 अंक या 1.50 फीसदी गिरकर 23,547 पर था और सेंसेक्‍स 1092 अंक या 1.45 फीसदी गिरकर 74775 पर था. बैंक निफ्टी में भी 600 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट आई।  5.56 लाख करोड़ का नुकसान बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देखें तो बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 470.75 लाख करोड़ रुपये था, जो आज 5.56 लाख करोड़ रुपये गिरकर 45.19 लाख करोड़ रुपये पर आ गया. इसका मतलब है कि निवेशकों की वैल्‍यूवेशन 5.56 लाख करोड़ कम हुई है।  क्‍यों गिरा शेयर बाजार?  अमेरिका ईरान जंग: अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है. रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान गुरुवार को अपने युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज से होकर गुजरने वाले जहाजों पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के लिए एक समझौते पर पहुंच गए हैं, हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं किया है, और ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है कि इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।  वीआईएक्‍स में तेजी: इंडिया VIX में तगड़ी बढ़ोतरी हो गई है, जो 6% बढ़कर 15.91 पर पहुंच गया है. यह एक बड़े गिरावट का संकेत देता है।  FII की सेलिंग: भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं. सबसे जयादा बिकवाली साल 2026 में देखी जा रही है, जो अभी तक 2.20 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की है. बुधवार को 1040 करोड़ रुपये के शेयर बेचे गए थे।  मुनाफावसूली: सबसे बड़ा कारण दो दिनों की छुट्टी के कारण बाजार में अचानक से मुनाफावसूली मानी जा रही है. ग्‍लोबल इम्‍पैक्‍ट के कारण गिरावट के साथ ज्‍यादातर सेक्‍टर में बिकवाली देखने को मिली. ऑटो से लेकर फाइनेंशियल, मेटल, ऑयल एंड गैस सेक्‍टर में 2 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट रही. हालांकि, आईटी और कंज्‍यूमर गूड्स ने थोड़ा सपोर्ट देने का प्रयास किया, लेकिन यह बड़ी गिरावट को रोकने में नाकाम रहे।  मानसून देरी से आने का अनुमान  बाजार में गिरावट की एक और बड़ी वजह मानी जा रही है, वह मानसून के देरी से आने का अनुमान है. देश के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी की लहरें जारी रहने के बावजूद, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूर्वानुमान को दीर्घकालिक औसत के 92% से घटाकर 90% कर दिया, जो इस बात का संकेत है कि जून से सितंबर के दौरान भारत में सामान्य से कम वर्षा होने का खतरा है।  हैवीवेट शेयरों में बड़ी गिरावट मार्केट में हैबीवेटज रखने वाले स्‍टॉक रिलायंस के शेयरों में करीब 2 फीसदी की गिरावट रही. टीसीएस में भी 1 फीसदी से ज्‍यादा गिरावट रही. बजाज फाइनेंस के शेयर 2.45 फीसदी, सन फार्मा के शेयर 2 फीसदी और पावरग्रिड के शेयर 4 फीसदी तक गिरे, जिसने सेंसेक्‍स को बड़ी गिरावट में बड़ा योगदान दिया। 

बोधगया से दिल्ली तक हाई-लेवल मीटिंग्स, PM मोदी के आमंत्रण पर कल भारत आएंगे म्यांमार राष्ट्रपति

बोधगया. भारत और म्यांमार के संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए म्यांमार यूनियन रिपब्लिक के राष्ट्रपति मिन आंग हाइंग 30 मई से 3 जून तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर हो रहे इस दौरे को दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा, जिसमें कई कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत से जुड़े प्रमुख व्यवसायी शामिल रहेंगे। मिली जानकारी के अनुसार, अपनी वर्तमान भूमिका में यह उनका पहला आधिकारिक भारत दौरा होगा। दौरे के कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई को विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर बोधगया पहुंचेंगे। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राष्ट्रपति यहां विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इसके बाद 1 जून को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेताओं के बीच भारत-म्यांमार संबंधों, क्षेत्रीय सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होने की संभावना है। राष्ट्रपति एक बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे, जहां दोनों देशों के उद्योग और निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा। अपने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 2 जून को मुंबई भी जाएंगे, जहां वे उद्योग एवं व्यापार से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ विभिन्न संस्थानों का दौरा करेंगे। भारत सरकार के अनुसार म्यांमार, भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट', 'एक्ट ईस्ट' और महासागर नीति का महत्वपूर्ण साझेदार देश है। ऐसे में इस उच्चस्तरीय दौरे से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। म्यांमार राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व काउंसलेट जेनरल ने किया एयरपोर्ट का निरीक्षण म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के प्रस्तावित बोधगया दौरे को लेकर गया जी एयरपोर्ट पर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। म्यांमार के काउंसलेट जेनरल तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को गया जी एयरपोर्ट पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था, वीवीआईपी प्रोटोकॉल एवं विशेष विमान के लैंडिंग संबंधी अनुमति और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पहुंचे थे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। म्यांमार के राष्ट्रपति शनिवार को विशेष विमान से सुबह 9:10 बजे सीधे गया जी एयरपोर्ट पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के तहत वे दोपहर 3: 45 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। गया जी एयरपोर्ट पर जिलाधिकारी व एसएसपी ने की बैठक म्यांमार के महामहिम राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग के प्रस्तावित बोधगया दौरे को लेकर गया जी जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर गुरुवार को गया जी एयरपोर्ट परिसर में जिलाधिकारी शशांक शुभंकर व एसएसपी सुशील कुमार की अध्यक्षता में एडवांस सिक्योरिटी लाइजनिंग (एएसएल) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक अवधेश कुमार, पुलिस प्रशासन, विशेष सुरक्षा एजेंसियों तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक की सुरक्षा व्यवस्था, वीवीआईपी मूवमेंट, रूट चार्ट, एयरपोर्ट सिक्योरिटी, ट्रैफिक कंट्रोल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। डीएम शशांक शुभंकर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एयरपोर्ट परिसर से लेकर शहर के प्रमुख मार्गों और बोधगया तक विशेष निगरानी रखने, संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने तथा सभी व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया।

रोहतक में 11 केवी लाइन पर हाथ साफ, 3700 मीटर बिजली तार चोरी से निगम को भारी चपत

महम/रोहतक. जिले के महम क्षेत्र में बिजली निगम की 11 केवी लाइन से हजारों मीटर तार चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना से बिजली निगम को करीब तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली निगम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी संजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मई की रात को सब स्टेशन से सूचना मिली थी कि 11 केवी बैंसी एपी लाइन में ब्रेकडाउन हो गया है। सूचना मिलते ही लाइन स्टाफ मौके पर पहुंचा और लाइन की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि बैंसी से खरैंटी रोड की तरफ जाने वाली लाइन से एससीआर कंडक्टर चोरी कर लिया गया है। निगम के अनुसार मौके से करीब 3700 मीटर एससीआर कंडक्टर 50 एमएम2 गायब मिला। चोरी की घटना की सूचना तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बिजली निगम ने अपनी शिकायत में बताया कि चोरी हुए तार की कीमत करीब 3 लाख 2 हजार 475 रुपये है। निगम ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुआ सामान बरामद करवाने की मांग की है। साथ ही निगम को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करवाने की भी अपील की गई है। शिकायत के आधार पर थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

Raja Shivaji बनी नोट छापने की मशीन, चौथे हफ्ते में भी नहीं थम रही कमाई

मुंबई  मराठी ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा फिल्म 'राजा शिवाजी' की सफलता का सिलसिला जारी है. रितेश देशमुख द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने सिनेमाघरों में चार हफ्ते पूरे कर लिए हैं और इस दौरान इसने न केवल धमाकेदार कमाई कर डाली है बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड पर भी कब्जा कर लिया है. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के 28वें दिन  कितना कलेक्शन किया है? 'राजा शिवाजी' ने रिलीज के 28वें दिन कितनी की कमाई? मराठी सिनेमा की सभी फिल्मों को पछाड़कर नंबर 1 मूवी बन चुकी 'राजा शिवाजी' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल  का परफॉर्म किय़ा है. तमाम सितारों से सजी इस मूवी की कहानी और कलाकारों की परफॉर्मेंस ने दर्शकों के दिलों को छुआ है इसी के चलते ये फिल्म चार हफ्तों से बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई कर रही है. हालांकि इसके कलेक्शन में मंदी और तेजी भी देखी जाती रही. दिलचस्प बात ये है कि इस दौरान कई नई फिल्में भी रिलीज हुई लेकिन 'राजा शिवाजी' की बॉक्स ऑफिस पर हूकुमत बरकरार रही. जानकर हैरानी होगी कि इसने 28वें दिन भी कमाई में तेजी दिखाई है।      फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक 'राजा शिवाजी' ने रिलीज के 28वें दिन यानी चौथे गुरुवार 756 शो में 45 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है।      इसके साथ ही फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 110.80 करोड़ और नेट कलेक्शन अब तक 93.75 करोड़ हो गया है।  'राजा शिवाजी' ने 28 दिनों में वर्ल्डवाइड कितनी की कमाई? 'राजा शिवाजी' ने ओवरसीज में रिलीज के 28वें दिन 0.01 करोड़ का कलेक्शन किया है. जिससे इसकी कुल विदेशी कमाई 4.27 करोड़ रुपये हो गई है. इसके साथ ही फिल्म का 28 दिनों का वर्ल्डवाइड कलेक्शन अब 115.07 करोड़ हो गया है।  'राजा शिवाजी' स्टार कास्ट 'राजा शिवाजी' की कमाई की रफ्तार थम नहीं रही है. दिलचस्प बात ये है कि चौथे हफ्ते तक अमूमन फिल्में दम तोड़ती सी नजर आती हैं वहीं ये ऐतिहासिक ड्रामा अब भी पूरे जोश में दिख रही है और हर दिन अपने कुल कलेक्शन में इजाफा कर रही है. देखने वाली बात होगी की पांचवें वीकेंड पर ये कैसा परफॉ़र्म करती है. वहीं फिल्म की स्टार कास्ट की बात ककें तो 'राजा शिवाजी' में रितेश देशमुख के आलावा संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, जेनेलिया डिसूजा, भाग्यश्री, महेश मांजरेकर और विद्या बालन सहित कई कलाकारों ने अहम रोल प्ले किया हैं. फिल्म में सलमान खान का भी कैमियो है।