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रोहतक में 11 केवी लाइन पर हाथ साफ, 3700 मीटर बिजली तार चोरी से निगम को भारी चपत

महम/रोहतक. जिले के महम क्षेत्र में बिजली निगम की 11 केवी लाइन से हजारों मीटर तार चोरी होने का मामला सामने आया है। इस घटना से बिजली निगम को करीब तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। मामले में थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली निगम की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी संजीत कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 मई की रात को सब स्टेशन से सूचना मिली थी कि 11 केवी बैंसी एपी लाइन में ब्रेकडाउन हो गया है। सूचना मिलते ही लाइन स्टाफ मौके पर पहुंचा और लाइन की जांच की गई। जांच के दौरान पता चला कि बैंसी से खरैंटी रोड की तरफ जाने वाली लाइन से एससीआर कंडक्टर चोरी कर लिया गया है। निगम के अनुसार मौके से करीब 3700 मीटर एससीआर कंडक्टर 50 एमएम2 गायब मिला। चोरी की घटना की सूचना तुरंत डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बिजली निगम ने अपनी शिकायत में बताया कि चोरी हुए तार की कीमत करीब 3 लाख 2 हजार 475 रुपये है। निगम ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और चोरी हुआ सामान बरामद करवाने की मांग की है। साथ ही निगम को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करवाने की भी अपील की गई है। शिकायत के आधार पर थाना लाखनमाजरा पुलिस ने बिजली अधिनियम की धारा 136 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।

Raja Shivaji बनी नोट छापने की मशीन, चौथे हफ्ते में भी नहीं थम रही कमाई

मुंबई  मराठी ऐतिहासिक एक्शन ड्रामा फिल्म 'राजा शिवाजी' की सफलता का सिलसिला जारी है. रितेश देशमुख द्वारा निर्देशित इस फिल्म ने सिनेमाघरों में चार हफ्ते पूरे कर लिए हैं और इस दौरान इसने न केवल धमाकेदार कमाई कर डाली है बल्कि कई बड़े रिकॉर्ड पर भी कब्जा कर लिया है. चलिए यहां जानते हैं इस फिल्म ने रिलीज के 28वें दिन  कितना कलेक्शन किया है? 'राजा शिवाजी' ने रिलीज के 28वें दिन कितनी की कमाई? मराठी सिनेमा की सभी फिल्मों को पछाड़कर नंबर 1 मूवी बन चुकी 'राजा शिवाजी' ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल  का परफॉर्म किय़ा है. तमाम सितारों से सजी इस मूवी की कहानी और कलाकारों की परफॉर्मेंस ने दर्शकों के दिलों को छुआ है इसी के चलते ये फिल्म चार हफ्तों से बॉक्स ऑफिस पर धुआंधार कमाई कर रही है. हालांकि इसके कलेक्शन में मंदी और तेजी भी देखी जाती रही. दिलचस्प बात ये है कि इस दौरान कई नई फिल्में भी रिलीज हुई लेकिन 'राजा शिवाजी' की बॉक्स ऑफिस पर हूकुमत बरकरार रही. जानकर हैरानी होगी कि इसने 28वें दिन भी कमाई में तेजी दिखाई है।      फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक 'राजा शिवाजी' ने रिलीज के 28वें दिन यानी चौथे गुरुवार 756 शो में 45 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है।      इसके साथ ही फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 110.80 करोड़ और नेट कलेक्शन अब तक 93.75 करोड़ हो गया है।  'राजा शिवाजी' ने 28 दिनों में वर्ल्डवाइड कितनी की कमाई? 'राजा शिवाजी' ने ओवरसीज में रिलीज के 28वें दिन 0.01 करोड़ का कलेक्शन किया है. जिससे इसकी कुल विदेशी कमाई 4.27 करोड़ रुपये हो गई है. इसके साथ ही फिल्म का 28 दिनों का वर्ल्डवाइड कलेक्शन अब 115.07 करोड़ हो गया है।  'राजा शिवाजी' स्टार कास्ट 'राजा शिवाजी' की कमाई की रफ्तार थम नहीं रही है. दिलचस्प बात ये है कि चौथे हफ्ते तक अमूमन फिल्में दम तोड़ती सी नजर आती हैं वहीं ये ऐतिहासिक ड्रामा अब भी पूरे जोश में दिख रही है और हर दिन अपने कुल कलेक्शन में इजाफा कर रही है. देखने वाली बात होगी की पांचवें वीकेंड पर ये कैसा परफॉ़र्म करती है. वहीं फिल्म की स्टार कास्ट की बात ककें तो 'राजा शिवाजी' में रितेश देशमुख के आलावा संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, जेनेलिया डिसूजा, भाग्यश्री, महेश मांजरेकर और विद्या बालन सहित कई कलाकारों ने अहम रोल प्ले किया हैं. फिल्म में सलमान खान का भी कैमियो है। 

कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, मुक्तसर में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का दावा

गिद्दड़बाहा. निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन जिन मतदाताओं ने अंगूठे का निशान लगाकर मतदान किया था, उनकी एक भी वोट मतगणना में दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि ऐसे मतों के गायब होने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना के दौरान ऐसे मतपत्रों को भी शामिल किया गया जिन पर न तो किसी अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही आवश्यक क्रम संख्या अंकित थी। पार्टी का दावा है कि जाली हस्ताक्षरों वाले मतपत्रों की गिनती कर चुनावी धांधली को अंजाम दिया गया है। मतगणना केंद्र के बाहर बैठे कांग्रेसी इन आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित वार्डों की दोबारा मतगणना कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्मतगणना नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर मौजूद नेताओं ने कहा कि बिना हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाले मतपत्रों को वैध मानकर गिनना चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। वीडियोग्राफी की समीक्षा की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कथित रूप से गायब मतों की जांच कराई जाए और पूरे मामले की वीडियोग्राफी की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि यह आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

नियद नेल्लानार 2.0 से बदलेगी बस्तर की तस्वीर, सुदूर इलाकों को 45 योजनाओं का सीधा लाभ

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ मुख्य सचिव विकासशील ने की समीक्षा रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी नियद नेल्ला नार योजना 2.0 के माध्यम से माओवादी प्रभावित और सुदूर अंचलों के ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू होने जा रहा है। इस नई कार्ययोजना के तहत वामपंथ उग्रवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ (संतृप्तिकरण) सुनिश्चित किया जाएगा।            आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई, जिसमें नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और सुघ्घर छत्तीसगढ़ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। नियद नेल्लानार 1.0 की सफलता के बाद अगला कदम             बैठक में बताया गया कि योजना के पहले चरण (1.0) के तहत बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जिले के सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में 25 हितग्राही मूलक और 14 सामुदायिक सुविधाएं पहुंचाई गई थीं। अब इसके दूसरे चरण (नियद नेल्ला नार 2.0) का दायरा बढ़ाते हुए 31 व्यक्तिगत हितग्राही मूलक योजनाएं, 14 सामुदायिक योजनाएं और 10 वांछित सेवाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी। गांव-गांव पहुंचेंगी ये प्रमुख 31 व्यक्तिगत योजनाएं           इस विशेष अभियान के तहत हर पात्र ग्रामीण का डेटा तैयार कर उन्हें योजनाओं से सीधे जोड़ा जाएगा। मनरेगा जॉब कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांगता पेंशन। प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड और मुफ्त राशन वितरण योजना, आयुष्मान कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण, जननी सुरक्षा योजना और मिशन इंद्रधनुष टीकाकरण, महिला एवं बाल विकास की प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना और महतारी वंदन योजना से जोडा जाएगा। इसी प्रकार पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्), मृदा स्वास्थ्य कार्ड और प्रधानमंत्री जनधन योजना, समग्र शिक्षा के तहत स्कूली बच्चों को निःशुल्क गणवेश व पाठ्यपुस्तकें और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड बनेंगे। श्रम कार्ड, वोटर आईडी, व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र सहित जाति, जन्म, निवास, मृत्यु और ई-डब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनेंगे। 14 सामुदायिक सुविधाओं से सुदृढ़ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर          सुदूर वनांचलों के विकास के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए गांवों में ये 14 सामुदायिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं, उचित मूल्य की राशन दुकानें, सड़क व मोबाइल कनेक्टिविटी, डाकघर, वन धन विकास केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र , पंचायत भवन, बैंक और ब्लॉक स्तर पर नए कॉलेजों की स्थापना की जाएगी।          इस सघन संतृप्तिकरण अभियान की रूपरेखा तय करने के लिए आयोजित इस बैठक मेंबैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचाा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय-सीमा के भीतर इन योजनाओं को धरातल पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए।

महिलाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका! आंगनबाड़ी भर्ती के ऑनलाइन फॉर्म शुरू

दुर्ग. आंगनबाड़ी केन्द्रों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए महिला उम्मीदवारों से 2 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेतु 1 और आंगनबाड़ी सहायिका के 3 रिक्त पदों पर भर्ती की जानी है। इसके तहत वार्ड क्रमांक 14 के अंतर्गत आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्र गौरैया पारा सिकोला भाठा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का 1 पद रिक्त है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी सहायिका के पदों के लिए वार्ड क्रमांक 47 के रायपुर नाका केन्द्र क्रमांक 1, वार्ड क्रमांक 11 के बुद्ध बिहार-ब (शंकर नगर पश्चिम) तथा वार्ड क्रमांक 57 के आजाद नगर-अ (उरला पश्चिम) आंगनबाड़ी केंद्र में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य आवश्यक शर्तें शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप होंगी।

कागज नहीं, अब प्लास्टिक के होंगे भारतीय नोट! जानिए RBI का पूरा प्लान

नई दिल्ली  भारतीय करेंसी नोट पर बड़ा अपडेट आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में करेंसी नोटों की लगातार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्लास्टिक या पॉलीमर नोट छापने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटना और मुंबई में हुई केंद्रीय बैंक की पिछली दो बोर्ड बैठकों में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई है। पॉलिमर नोटों की टिकाऊपन और कम उत्पादन लागत के कारण यह निर्णय लिया जा रहा है। ऐसी संभावना है कि आम जनता के लिए प्लास्टिक नोटों के इस्तेमाल का पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू किया जा सकता है। प्लास्टिक के नोट कागज के नोटों की जगह क्यों लाए जा रहे? इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण लागत और नोटों का टिकाऊपन है। RBI सूत्रों के अनुसार, पॉलिमर नोटों की उत्पादन लागत वर्तमान में चल रहे कागज के नोटों की तुलना में काफी कम है। इसके अलावा, भारत तकनीकी रूप से आधुनिक हो चुका है और देश के एटीएम को इन प्लास्टिक नोटों को आसानी से निकालने के लिए अपग्रेड किया जाएगा। पुराने और गंदे नोटों को नष्ट करने में क्या दिक्कतें आ रही हैं? कागजी नोट ज्यादा साल तक नहीं चल पाते हैं, जिससे वे मूल कागज और गंदे नोटों की तुलना में निम्न गुणवत्ता के होते हैं। आरबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में ही लगभग ₹23.8 अरब मूल्य के नोट नष्ट किए गए, जो पिछले वर्ष ₹21.24 अरब की तुलना में 12.3 प्रतिशत अधिक है। इनमें सबसे अधिक संख्या ₹500 और ₹100 के नोटो की थी। इतनी बड़ी मात्रा में करेंसी नोटों को नष्ट करना और नए नोट छापना सरकारी खर्च पर भारी बोझ डालता है। वित्त वर्ष 2024-25 में नोट छापने की लागत ₹6,372.8 करोड़ थी, जो पिछले वर्ष (₹5,101.4 करोड़) की तुलना में काफी अधिक है। प्लास्टिक नोटों की शुरुआत से इस खर्च में काफी कमी आएगी। डिजिटल पेमेंट के युग में भी कैश की मांग क्यों बढ़ी? देश में यूपीआई और डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन नकदी (कैश) की मांग में कोई बदलाव नहीं आया है। 15 मई तक, बाजार में कुल नकदी (सीआईसी) 11.5 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ₹42.86 लाख करोड़ के उच्च स्तर पर पहुंच गई। छोटे नोटों (10 और 20 रुपये) की मांग अधिक होने के बावजूद, कुल सीआईसी में उनकी हिस्सेदारी क्रमशः 0.7% और 0.8% है। सरकार ने सिक्कों को बढ़ावा देने का प्रयास किया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। 2012 का ट्रायल फेल, अब क्या नया बदलाव? भारत में प्लास्टिक नोटों पर चर्चा पहली बार नहीं हो रही है। 2012 में, तत्कालीन यूपीए सरकार ने पांच शहरों में परीक्षण के तौर पर 1 अरब प्लास्टिक के 10 रुपये के नोट जारी करने का फैसला किया था। हालांकि, एटीएम और बैंकों में तकनीकी समस्याओं के कारण परियोजना को रोक दिया गया था। हालांकि, पिछले एक दशक में तकनीक में काफी बदलाव आया है। रिपोर्ट्स का कहना है कि अब एटीएम इन टूल्स से आसानी से पुराने और पुराने तकनीकी छात्रों को आसानी से पहचाना जा सकता है। दुनिया में किन देशों में चलते हैं प्लास्टिक नोट? पॉलिमर या प्लास्टिक के नोट वर्तमान में लगभग 60 देशों में चल रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया 1988 में प्लास्टिक का 10 डॉलर का नोट जारी करने वाला पहला देश था। सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया, रोमानिया और कनाडा जैसे देशों ने भी बाद में इन्हें अपना लिया। वहीं, अमेरिकी डॉलर अभी भी कपास और लिनन के विशेष मिश्रण से बनाया जाता है।  

CBI की बड़ी कार्रवाई, गिरिबाला सिंह और समर्थ को 5 दिन की रिमांड पर लेने की मांग

भोपाल. ट्विशा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को सीबीआई ने शुक्रवार को विशेष अदालत में पेश किया है। जहां एजेंसी ने दोनों आरोपियों से पूछताछ के लिए कोर्ट से 5 दिन की रिमांड मांगी है। शुक्रवार को सुबह सीबीआई की टीम दोनों आरोपियों को कोर्ट लेकर पहुंची है। जहां अभी ट्विशा शर्मा की मौत के मामले सुनवाई जारी है। सीबीआई ने 8 घंटे की पूछताछ गुरुवार को सीबीआई ने करीब आठ घंटे तक पूछताछ के बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। इससे पहले एजेंसी ने घटनास्थल की दोबारा जांच, मैपिंग और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की थी। मामले में समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। पुलिस ने उसे 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया था। 23 मई को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे सात दिन की रिमांड पर लिया गया था। बुधवार को अदालत ने उसे सीबीआई कस्टडी में भेज दिया। सीबीआई को मामले के कई अहम बिंदुओं पर अभी पूछताछ और साक्ष्य जुटाने हैं।

स्वच्छता अभियान में जीविका दीदियों का कमाल, बिहार ने हासिल किया बड़ा मुकाम

पटना. भारत सरकार की ओर से जारी “स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025” की रिपोर्ट में बिहार को पूर्वी भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। यह उपलब्धि ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत जनजागरूकता अभियान, अपशिष्ट प्रबंधन के लिए संचालित विविध योजनाओं के संचालन में जीविका दीदियों तथा ग्रामीण समुदाय की सक्रिय सहभागिता का परिणाम मानी जा रही है। सर्वेक्षण में यह पाया गया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण एवं उसके नियमित उपयोग को सुनिश्चित करने, घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था विकसित करने तथा कचरे के समुचित निपटान की दिशा में जीविका दीदियों ने प्रभावी कार्य किए हैं। जीविका दीदियों एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी ने स्वच्छता अभियान को व्यापक जन समर्थन प्रदान किया है। विदित हो कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग एवं जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट में बिहार को पूर्वी भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। पूर्वी क्षेत्र के राज्यों में बिहार प्रथम, ओडिशा द्वितीय, झारखंड तृतीय तथा पश्चिम बंगाल चौथे स्थान पर रहा। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर से कचरा उठाव, इसके निष्पादन एवं साफ-सफाई के लिए राज्य भर में वार्ड स्तर पर रखे गए एक लाख 30 हजार अधिक स्वच्छता कर्मियों, ग्राम पंचायत स्तर पर योगदान दे रहे आठ हजार से अधिक स्वच्छता पर्यवेक्षकों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 के अंतर्गत देशभर के 33 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 744 जिलों तथा 20,659 गांवों का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान 3.22 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तथा 1.03 लाख से अधिक सार्वजनिक संस्थानों एवं सामुदायिक परिसरों का आकलन किया गया। ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत प्रथम चरण शुभारंभ वर्ष 2014 से अब तक 1 करोड़ 50 लाख 54 हजार व्यक्तिगत शौचालायों एवं भूमिहीन परिवारों के लिए 9,431 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण हुआ है। लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान – द्वितीय चरण (2020- 21 से 2026-27) अंतर्गत राज्य के सभी वार्डों से घर-घर से ठोस अपशिष्ट का संग्रह किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के सभी वार्डों में प्रति वार्ड एक पैडल रिक्शा एवं ग्राम पंचायत स्तर पर एक ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। ठोस अपशिष्ट के समुचित निष्पादन के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर 7221 अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाई (डब्लूपीआई) का निर्माण किया गया है। प्लास्टिक अपशिष्टों के उचित निष्पादन के लिए प्रखंड / अनुमंडल स्तर पर 171 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई स्थापित किए गए हैं। तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 2,13,452 सामुदायिक सोक पिट, 83 344 जंक्शन चैंबर एवं 24,664 नाली निकासी बिंदु इत्यादि का निर्माण किया गया है। राज्य के सभी जिलों में 38 गोबरधन बायोगैस इकाई का निर्माण किया गया है।

हरियाणा में कृषि शिक्षा को बढ़ावा, महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में खुलेंगे 14 विज्ञान केंद्र

करनाल. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश आज बागवानी क्षेत्र में देश के लिए एक माडल के रूप में उभर रहा है। महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय में अब पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, पौध कीट नियंत्रण और रोगों के नए विषयों पर भी मास्टर डिग्री और पीएचडी की शुरुआत की जाएगी। वर्तमान में विश्वविद्यालय की ओर से केवल फलों, सब्जियों और पुष्प उत्पादन में ही उच्च शिक्षा प्रदान की जा रही है। सरकार की ओर से 14 बागवानी विज्ञान केंद्र महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को समर्पित किए जा रहे हैं, जो किसानों तक नवीनतम तकनीक, वैज्ञानिक परामर्श और गुणवत्तायुक्त पौध पहुंचाने में एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। वह वीरवार को सीएसएसआरआइ में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय व लेफ्टिनेंट अमित मेमोरियल फाउंडेशन के सौजन्य से चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। सम्मेलन 'अमृतकाल में बागवानी फसलों के लिए गुणवत्ता युक्त बीज एवं रोपण सामग्री का रणनीतिक प्रतिमान' विषय पर आधारित रहा। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम शुरू किया। शहीद लेफ्टिनेंट अमित के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और देश भर से आए बागवानी विज्ञानियों और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चालू वित्त वर्ष के बजट प्रविधानों और आगामी योजनाओं का खाका खींचा। स्मार्ट बागवानी से एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीन हाउस और वर्टिकल फार्मिंग के तहत 1,000 एकड़ क्षेत्र को लाया जाएगा। प्रदेश में ग्रामीण हाट मंडियां बनेंगी, जिन्हें एफपीओ के पैक हाउस से जोड़ा जाएगा। पहली मंडी का उद्घाटन 23 दिसम्बर किसान दिवस को होगा। वर्ष 2026-27 से बागवानी फसलों के पंजीकरण के लिए यह पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इसके साथ ही एक कोल्ड चेन नीति लागू की जाएगी। हरियाणा आलू बीज अधिनियम मुख्यमंत्री ने कहा कि टिश्यू कल्चर से आलू बीज शृंखला के प्रमाणीकरण के लिए यह कानून लाया जाएगा, इससे प्रतिवर्ष 7.5 लाख क्विंटल उच्च गुणवत्ता युक्त बीज आलू उत्पादन होगा। अंबाला के चाणसौली में एमएचयू से संबंद्ध रीजनल रिसर्च सेंटर स्थापित होगा। मशरूम उत्पादन में अग्रणी जिलों (सोनीपत, पानीपत, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र) के लिए विशेष कार्यक्रम चलेंगे। नकली बीज-खाद पर पांच साल की सजा मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को धोखाधड़ी से बचाने के लिए सरकार ने नया कानून बनाया है। नकली खाद, बीज या कीटनाशक बेचने वालों को पांच साल की सजा का प्रविधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बदलते दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मेसी सेंसर टेक्नोलाजी, बायो-टेक्नोलाजी और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को अपनाने तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने पर बल दिया। कृषि विज्ञानियों व प्रगतिशील किसानों का सम्मान 1. लाइफ टाइम रिकग्निशन अवार्ड-2026- प्रो. इंद्र मणि मिश्रा कुलपति, वीएनएमकेवी परभणी, महाराष्ट्र 2. अमित कृषि ऋषि पुरस्कार-2026: प्रो. वी प्रवीन राव कुलपति, कावेरी विश्वविद्यालय, तेलंगाना 3. अमित प्रबुद्ध मनीषी पुरस्कार-2026: डा. संजय कुमार चेयरमैन, एएसआरबी उद्यान रत्न पुरस्कार-2026 1. नितिन ललित : इनोवेटिव सजावटी बागवानी उद्यमी, करनाल 2. नवीन कुमार, प्रगतिशील सब्जी उत्पादक, दलवा, झज्जर 3. वीरेंद्र बाजवान, इनोवेटिव मशरूम उत्पादक, बाजवान, बडियाल, पंचकूला 4. कुलदीप आर्य प्रगतिशील फल एवं सब्जी उत्पादक, नारनौद, हांसी

विरोधियों की साजिश नाकाम! हमले के बावजूद चुनाव जीते जगदेव जग्गा

लुधियाना. निकाय चुनाव के नतीजों में रायकोट का वार्ड नंबर चार पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बना रहा। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर हुए कातिलाना हमले के कारण यह वार्ड लगातार सुर्खियों में था। अब मतगणना पूरी होने के बाद जनता ने अपने मतदान के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है। वार्ड नंबर चार से जगदेव सिंह जग्गा ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। मतगणना के अनुसार जगदेव सिंह जग्गा को कुल 825 मत प्राप्त हुए। वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 374 मत मिले। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार को केवल 19 मतों से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 14 मत अमान्य घोषित किए गए। चुनाव परिणाम सामने आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जीत की घोषणा होते ही क्षेत्र में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर लोगों ने ढोल की थाप पर जश्न भी मनाया। चुनाव के दिन हुआ था हमला गौरतलब है कि चुनाव के दिन जगदेव सिंह जग्गा पर कातिलाना हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था और वार्ड नंबर चार राज्यभर में चर्चा का केंद्र बन गया था। जगदेव को मिला लोगों का समर्थन स्थानीय लोगों का कहना है कि हमले की घटना के बाद क्षेत्र में जगदेव सिंह जग्गा के प्रति सहानुभूति की लहर देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला माना और मतदान के दिन बड़ी संख्या में घरों से निकलकर वोट डाले। राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि इस घटना का असर चुनावी नतीजों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वार्ड नंबर चार में मिली इस बड़ी जीत को केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। परिणामों ने यह भी दिखाया कि क्षेत्र के मतदाताओं ने वोट के माध्यम से मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है।