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तंबाकू सेवन घटा, लेकिन बढ़ा अल्कोहल का चलन; बिहार के स्वास्थ्य सर्वे ने दिखाई नई तस्वीर

पटना शराबबंदी वाले राज्य बिहार में शराब पीने वाले पुरुषों की संख्या बढ़ गई है। ये चौंकाने वाला खुलासा एक सर्वे में हुआ है। सर्वे में यह भी पता चला है कि बिहार में तंबाकू से भी ज्यादा पुरुष अल्कोहल ले रहे हैं। नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस), 2024 – 25 की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में तंबाकू सेवन करने वालों की संख्या में कमी हुई जबकि अल्कोहल का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 15 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में तंबाकू सेवन में एक प्रतिशत की कमी आई है। पहले 5 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू सेवन करती थी जो कि अब कम होकर चार प्रतिशत हो गई है। वहीं, 48.9 प्रतिशत पुरुषों की जगह अब 45.8 प्रतिशत पुरुष तंबाकू सेवन कर रहे हैं। जबकि, अल्कोहल का सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या 15.4 प्रतिशत से बढ़कर 16.5 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, महिलाओं में अल्कोहल सेवन का प्रतिशत पूर्ववत 0.4 प्रतिशत स्थिर है। सात फीसदी से अधिक ग्रामीण मधुमेह की चपेट में सर्वे में पता चला है कि महिला एवं पुरुषों को मिलाकर बिहार के ग्रामीण इलाकों में सात फीसदी से अधिक मधुमेह से पीड़ित हैं। बात मधुमेह की करें तो राज्य स्तर पर महिलाओं के मुकाबले पुरुष मधुमेह से अधिक पीड़ित हैं। हालांकि, पिछले स्वास्थ्य सर्वेक्षण के मुकाबले में मधुमेह की समस्या में कमी दर्ज की गई है। नेशनल फैमली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस), 2024 – 25 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में संस्थागत प्रसव, स्तनपान सहित अन्य मानकों में सुधार दर्ज किया गया है। एनएफएचएस की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 15 साल एवं उससे अधिक उम्र की महिलाओं में 6.2 प्रतिशत और पुरुष 8 प्रतिशत पुरुषों में 140 से 160 मिलीग्राम तक मधुमेह की शिकायत पाई गई है। जबकि, शहरी क्षेत्रों में समान रूप से 7.3 प्रतिशत महिलाएं और इतने ही पुरुष मधुमेह से पीड़ित हैं। वहीं, राज्य स्तर पर जहां 7.9 प्रतिशत पुरुष मधुमेह से पीड़ित हैं तो वहीं 6.3 महिलाएं मधुमेह से पीड़ित हैं। राज्य स्तर पर पिछले सर्वेक्षण में पुरुषों में मधुमेह 8.3 प्रतिशत तो 6.4 प्रतिशत महिलाओं में मधुमेह पाया गया था। राज्य में संस्थागत प्रसव 76.2% से बढ़कर 81.1 फीसदी एनएफएचएस की नई रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में संस्थागत प्रसव 76.2% से बढ़कर 81.1% हो गई है। शहरी क्षेत्रों में 89.9% तो ग्रामीण क्षेत्रों में 80.2 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हो रहा है। इनमें सरकारी अस्पतालों में 57.5% हो रहे हैं। प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी 84% प्रसव में मौजूद रहते हैं। वहीं, ऑपरेशन से प्रसव में बढ़ोतरी हुई है। यह 9.7% से बढ़कर 13.2% हो गई है। ऑपरेशन से प्रसव निजी क्षेत्र में बढ़ने (39.6% से बढ़कर 49.3% ) का संकेत रिपोर्ट में है जबकि सरकारी अस्पतालों में कम (3.6% से कम होकर 2.7 %) हुआ है बच्चों के स्वास्थ्य में गुणात्मक परिवर्तन की दृष्टि से राज्य में स्तनपान में बढ़ोतरी हुई है। तीन साल तक के बच्चों में जन्म के पहले एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने वाली महिलाओं की संख्या 31.1% से बढ़कर 51.9% हो गई है। इसी प्रकार, राज्य में 98% लोगों के घरों में बिजली की उपलब्धता, 99.8% लोगों के घरों में पेयजल की उपलब्धता हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में 27.1 फीसदी महिलाएं कम वजन की शिकार बिहार के ग्रामीण इलाकों में 27.1 फीसदी महिलाएं कम वजन की शिकार हैं। सूबे में चार से एक व्यक्ति दुबलेपन का शिकार है। रिपोर्ट बताती है कि जहां ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अंडर वेट हैं, वहीं शहरी क्षेत्र में 30 फीसदी महिलाएं और 29.9 फीसदी पुरुष मोटापे के शिकार हैं। इसके अलावा बिहार में चार में से एक व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स मानक से कम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से ग्रामीण क्षेत्र लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। वेलनेस सेंटर पर मरीजों के जाने से उनका इलाज हो रहा है। बिहार में 12 हजार वेलेनस सेंटर चलते हैं। मुजफ्फरपुर में 619 वेलेनस सेंटर चल रहे हैं। वेलेनस सेंटर के संचालन की निगरानी स्वास्थ्य विभाग की सहयोगी संस्था जपाइयो कर रही है।

12 अगस्त का सूर्य ग्रहण: इन 4 राशियों पर टूटेगा असर!

 साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है. विज्ञान और ज्योतिष दोनों ही दृष्टिकोण से यह एक बेहद महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है. जब ब्रह्मांड में चक्कर लगाते-लगाते चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के ठीक बीच में आ जाता है, तो वह सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है. इस स्थिति में चंद्रमा की परछाई पृथ्वी पर पड़ती है, जिसे हम सूर्य ग्रहण कहते हैं. यह घटना हमेशा अमावस्या के दिन ही घटित होती है. यह सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, आइसलैंड, ग्रीनलैंड और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. भारत में यह ग्रहण न दिखने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. लेकिन ज्योतिषीय दृष्टिकोण से ब्रह्मांड में होने वाली इस बड़ी हलचल का असर सभी 12 राशियों पर जरूर पड़ेगा. किस राशि में लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण? यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से कर्क राशि में लगने जा रहा है. इस कारण चार विशेष राशियों मेष, कर्क, तुला और मकर के जातकों को इस अवधि में बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि उन्हें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान मेष राशि (Aries) मेष राशि वाले जातकों के लिए यह ग्रहण पारिवारिक मोर्चे पर परेशानियां लेकर आ सकता है. घर में बेवजह की कलह या माताजी के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं काफी बढ़ सकती हैं. यदि आप संपत्ति या भूमि से जुड़े किसी विवाद में उलझे हैं, तो इस समय बहुत सावधानी से कदम बढ़ाएं. अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और किसी भी विकट परिस्थिति में धैर्य से काम लें. कर्क राशि (Cancer) चूंकि यह सूर्य ग्रहण इसी राशि में लगने जा रहा है, इसलिए कर्क राशि के जातकों को सबसे अधिक संभलकर रहने की आवश्यकता है. इस दौरान आपको मानसिक तनाव, भ्रम और आर्थिक हानि का सामना करना पड़ सकता है. सेहत के मामले में लापरवाही बिल्कुल न बरतें, अन्यथा गंभीर बीमारियाँ या दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहेगी. करियर और पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर और पूरे आत्मविश्वास के साथ लें. तुला राशि (Libra) तुला राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से सतर्क रहना होगा. इस अवधि में नौकरी छूटने की प्रबल संभावना बन रही है या फिर ऑफिस में किसी बात को लेकर अपमान का सामना करना पड़ सकता है. पैसों के लेनदेन और किसी भी तरह के निवेश से अभी दूर रहें, अन्यथा भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि वाले जातकों के निजी और व्यावसायिक जीवन पर इस ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. वैवाहिक जीवन में तनाव और जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ने की आशंका है. इसके साथ ही, यदि आप पार्टनरशिप (साझेदारी) में कोई व्यापार कर रहे हैं, तो इस दौरान बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है. ऐसे में धैर्य और शांति बनाए रखना ही एकमात्र बचाव है. इन राशियों के लिए वरदान साबित होगा यह ग्रहण यह सूर्य ग्रहण हर राशि के लिए मुश्किलें खड़ी नहीं करेगा. ज्योतिषीय आकलन के अनुसार, मिथुन, कन्या और मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण भाग्य के बंद दरवाजे खोलने वाला साबित हो सकता है. इन राशि के लोगों को करियर में बेहतरीन सुनहरे अवसर, व्यापार में मनमुताबिक वृद्धि, लंबे समय से फंसे हुए धन की वापसी और कार्यस्थल पर उच्च पद-प्रतिष्ठा व सम्मान मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं.

बासमंडी उपकेंद्र ठप, नटखेड़ा में केबल में लगी आग; कई इलाकों में घंटों गुल रही बिजली

लखनऊ यूपी के लखनऊ में बासमंडी स्थित जीटीआई उपकेंद्र शनिवार शाम सात बजे ठप हो गया। इससे गणेशगंज, पान दरीबा और लालकुआं जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई। शाम के वक्त बिजली न आने से करीब 40 हजार आबादी को पानी का संकट खड़ा हो गया। वहीं बाजारों में अंधेरा छा गया और कई व्यापारियों को समय से पहले अपनी दुकानें बंद करनी पड़ीं। लगभग सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 8:15 बजे बिजली बहाल हो सकी। लखनऊ में लोग एक बार फिर बिजली-पानी के लिए परेशान हो गए। वहीं आलमबाग के नटखेड़ा रोड पर स्थिति और भी भयावह हो गई जब एक बिजली बॉक्स के केबल में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देख इलाके में हड़कंप मच गया। व्यापारियों की सजगता से चंदरनगर उपकेंद्र को सूचना देकर बिजली कटवाई गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस दौरान कुटिया वाली गली और गोविंद गली सहित पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा गया। शाम के वक्त बिजली न आने से घरों में पानी भी नहीं आया। वहीं कर्मचारियों ने फाल्ट को दुरुस्त कर रात 08 बजे बिजली चालू की। नटखेड़ा रोड युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनीष अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में आये दिन बिजली संकट बना रहता है। इसके अलावा जानकीपुरम जोन के अहिबरनपुर, प्रियदर्शनी और आईटीआई उपकेंद्रों की अंडरग्राउंड केबल फाल्ट हो गया। वहीं विद्युत विभाग के मुताबिक नबीकोट नंदना ट्रांसमिशन से प्रियदर्शनी उपकेंद्र, इंदिरानगर ट्रांसमिशन से आईटीआई उपकेंद्र व नबीकोट नंदना ट्रांसमिशन से अहिबरनपुर उपकेंद्र केबल फाल्ट हो गया। कर्मचारियों ने आनन-फानन में मोर्चा संभाला और लोड को दूसरे फीडरों पर शिफ्ट कर वैकल्पिक स्रोतों से बिजली चालू करने की कोशिश की। हालांकि, लोड अधिक होने के कारण कई इलाकों में लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक शनिवार रात तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका। 1912 की शिकायतों का फर्जी निस्तारण न हो: एमडी मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने शनिवार को कस्टमर केयर सेंटर 1912 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्युत आपूर्ति और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण की मौजूदा प्रक्रिया की समीक्षा की। एमडी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों का समाधान तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। किसी भी हाल में फर्जी निस्तारण न किया जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। फीडबैक लेने और समस्याओं के समाधान के बाद उपभोक्ताओं को धन्यवाद संदेश या ट्वीट करने पर विशेष जोर दिया।

‘हर घर एक रविवार, गंदगी पर प्रहार’ अभियान में उमड़ी जनभागीदारी, 50 हजार लोगों ने दिखाई रुचि

लखनऊ यूपी की रामनगर अयोध्या में नगर निगम अयोध्या की ओर से चलाए जा रहे हर घर एक रविवार, गंदगी पर प्रहार अभियान का रविवार को चलाया गया। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी रविवार की सुबह सात बजे लता चौक अयोध्या धाम के पास सफाई अभियान में भाग लेते हुए सड़क पर झाड़ू लगाई। नगर में जगह-जगह सफाई अभियान चलाया गया। इस मौके पर मेयर गिरीशपति त्रिपाठी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अयोध्या पूरा महानगर आज स्वच्छता के लिए सड़कों पर उतर आया है। घर से बाहर अपने निकला है, गलियों को साफ कर रहा है, सार्वजनिक जगहों को साफ कर रहा है। 50 हजार से ज्यादा स्वीकृति पत्र मेरे पास ऑनलाइन आए हैं जो अयोध्या की सफाई में अपना योगदान करना चाहते हैं। 400 से ज्यादा स्थलों सामूहिक तौर पर लोग निकले हुए हैं। अयोध्या नगर का जन सामान्य से लेकर विशिष्ट वर्ग तक, चाहे डॉक्टर हों, इंजीनियर हों, वकील हों, अध्यापक हों या व्यवसायी हों सभी लोग आज अयोध्या की सड़कों पर हैं। सभी अयोध्या को स्वच्छ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी नगर की स्वच्छता के लिए एक साथ पूरे महानगर के लोग एक साथ सामूहिक संकल्प शक्ति के साथ एक साथ सामूहिक अभियान चलाएं ये दुनिया में अपने आप में अद्भुत अभियान है। मैं पूरे महानगर का, नगर निगम की टीम का, हमारे पार्षद गणों का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने अभियान में मदद की। आज पूरी दुनिया अयोध्या की स्वच्छता को देख रही है। स्वच्छ शहरों की लिस्ट में रैंकिंग पर मेयर ने कहा कि अभी हमारी 28वीं रैंकिंग है। उम्मीद है कि इस बार हम रैंकिग अच्छी करेंगे। इस अभियान से पहले अयोध्या नगर निगम के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने रायबरेली रोड स्थित गुरुनानक एकेडमी से नाका हनुमानगढ़ी होते हुए रामनगर तक पदयात्रा निकाली थी। उन्होंने आमजन से नगर निगम क्षेत्र में चलाए जाने वाले स्वच्छता के महाअभियान ‘एक रविवार, हर परिवार, करे गंदगी पर वार’ में सहभागिता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि सफाई के मामले में नगर को देश के टॉप- 10 महानगरों में लाने के लिए जन-जन की भागीदारी आवश्यक है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि 31 मई को अपने घरों के आसपास महज आधा घंटा सफाई करने से नगर साफ-सुथरा तो होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 जारी है। जनता को जोड़ने के लिए, 15-दिवसीय एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसका समापन आज हो रहा है। लोगों से अपील है कि जहां भी हों वहां साफ-सुथरा रखें।

गुरिंदरवीर के रिकॉर्ड की PM मोदी ने की तारीफ, ‘मन की बात’ में जानना चाहा जीत का मंत्र

जालंधर. पंजाब के जालंधर के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने अपनी रफ्तार से देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में रांची में आयोजित राष्ट्रीय फेडरेशन कप एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गुरिंदरवीर सिंह ने 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गुरिंदरवीर सिंह की खुलकर सराहना की और उनसे सीधे बातचीत कर उनके संघर्ष और सफलता की कहानी देशवासियों तक पहुंचाई। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि रांची में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे, लेकिन पुरुष 100 मीटर दौड़ में दो दिनों के भीतर तीन बार रिकॉर्ड टूटना पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इसी उपलब्धि के कारण गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। भारतीय नौसेना में ऑफिसर हैं गुरविंदर बातचीत के दौरान गुरिंदरवीर सिंह ने बताया कि वह भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हैं और उनका सपना ट्रैक पर भी देश का नाम रोशन करना तथा वर्दी में भी राष्ट्र सेवा करना है। उन्होंने बताया कि उनके पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब वह उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करते थे, तभी उनके मन में भी खिलाड़ी बनने का सपना जागा। गुरिंदरवीर ने प्रधानमंत्री को बताया कि एक समय ऐसा भी था जब लोगों ने उन्हें कहा कि 100 मीटर दौड़ भारतीय खिलाड़ियों के लिए उपयुक्त स्पर्धा नहीं है। कई लोगों का मानना था कि भारतीय धावक इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। लेकिन उनके पिता ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने और असंभव को संभव करने की प्रेरणा दी। यही विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। संघर्ष व अनुशासन को बताया सफलता का राज प्रधानमंत्री ने जब उनसे सफलता का राज पूछा तो गुरिंदरवीर ने कहा कि संघर्ष, अनुशासन, परिवार का सहयोग और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। हार और चोट के दौर में भी परिवार ने उनका मनोबल नहीं टूटने दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दोनों खिलाड़ियों की खेल भावना की भी सराहना की। गुरिंदरवीर ने बताया कि मैदान के बाहर वह और अनिमेष अच्छे मित्र हैं, लेकिन प्रतियोगिता के दौरान दोनों एक-दूसरे को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय दौड़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के अंत में गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करेंगे। ‘मन की बात’ में मिली इस विशेष पहचान के बाद पंजाब ही नहीं, पूरे देश के खेल प्रेमियों में गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को लेकर गर्व का माहौल है। साथियो, एक स्पर्धा जिसकी पूरे देश में सबसे अधिक चर्चा हुई, वह थी 100 मीटर दौड़। महज दो दिनों के भीतर पुरुष 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। यह उपलब्धि हासिल करने वाले दो खिलाड़ी हैं—गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर। मैंने सोचा कि इस बार ‘मन की बात’ में इन दोनों खिलाड़ियों से बातचीत की जाए, ताकि देशवासी इनके संघर्ष और सफलता की कहानी सुन सकें। प्रधानमंत्री: अनिमेष जी नमस्कार। गुरिंदरवीर जी, आपको भी नमस्कार, सत श्री अकाल। अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। प्रधानमंत्री: आप दोनों ने अद्भुत उपलब्धि हासिल की है। संगीत में तो जुगलबंदी के बारे में सुना था, लेकिन खेल में इस तरह की सकारात्मक प्रतिस्पर्धा कम ही देखने को मिलती है। आप दोनों ने एक-दूसरे को चुनौती दी और फिर उससे आगे निकलने का प्रयास किया। मैं चाहता हूं कि ‘मन की बात’ के श्रोता आपके बारे में अधिक जानें। पहले अनिमेष जी, आप अपने बारे में बताइए। अनिमेष कुजूर: सर, मेरा नाम अनिमेष कुजूर है। मैं 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हूं। मेरा संबंध छत्तीसगढ़ से है और वर्तमान में मैं ओडिशा की ओर से खेलता हूं। पिछले वर्ष मैं एशियाई प्रतियोगिता और विश्व विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतकर लौटा था। मैंने वर्ष 2021 में एथलेटिक्स की शुरुआत की। उससे पहले मैं सैनिक विद्यालय, अंबिकापुर में पढ़ता था और फुटबॉल खेलता था। कोविड काल के दौरान मेरे माता-पिता मुझे बाहर जाकर दौड़ने और खेलने की अनुमति देते थे। बाद में मेरे मित्रों ने मुझे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मुझे यह भी नहीं पता था कि वहां से राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन होगा। वहीं से मेरा चयन हुआ और आज मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। प्रधानमंत्री: बहुत अच्छा। अब गुरिंदरवीर जी, आप अपनी कहानी बताइए। गुरिंदरवीर सिंह: नमस्कार सर। मेरा नाम गुरिंदरवीर सिंह है। मैं भारतीय नौसेना में पेटी ऑफिसर हूं और हाल ही में मैंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। मैं पहला भारतीय हूं जिसने 10.1 सेकंड की बाधा को पार किया है। मेरा प्रयास है कि मैं ट्रैक पर भी और वर्दी में भी देश की सेवा करूं। मेरे पिता और दादा दोनों खिलाड़ी रहे हैं। बचपन में जब भी घर की सफाई होती थी, मैं उनके पदक और ट्रॉफियां साफ करता था। उन्हें देखकर मेरे मन में जिज्ञासा पैदा होती थी कि ये सम्मान कैसे मिले। तब मेरे पिता मुझे अपनी खेल यात्राओं की कहानियां सुनाते थे। वहीं से मेरे भीतर भी खिलाड़ी बनने का सपना पैदा हुआ। वे सुबह दौड़ने जाते थे, तो मैं भी उनके साथ जाने लगा। उन्होंने जो कुछ खेलों से सीखा था, वह मुझे सिखाना शुरू किया। इसी दौरान मैंने उसेन बोल्ट को विश्व रिकॉर्ड बनाते देखा। तब मैंने अपनी मां से मजाक में कहा था कि आज आप मुझे टेलीविजन देखने नहीं दे रहीं, लेकिन एक दिन ऐसा आएगा जब आप मुझे टेलीविजन पर खोजेंगी। आज जब मेरी मां मुझे दौड़ते हुए देखती हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है। हम एक मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। मेरे पिता वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उन्हें खेल छोड़ना पड़ा। उनका अधूरा सपना उन्होंने मेरे भीतर देखा। वे हमेशा कहते थे कि सपने केवल देखने से पूरे नहीं होते, उनके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वे मुझे मिल्खा … Read more

सोशल मीडिया पर जातीय तनाव फैलाने का आरोप, यूट्यूबर मनीष पटेल की बेल चौथी बार रिजेक्ट

रीवा. आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में गिरफ्तार यूट्यूबर मनीष पटेल की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अदालतों से राहत मिलने की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। बीते कुछ दिनों में उनकी जमानत याचिका लगातार चार बार खारिज हो चुकी है। जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट तक किसी भी अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, इस मामले ने अब कानूनी दायरे से निकलकर सामाजिक और जातीय बहस का रूप ले लिया है। रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर समर्थन और विरोध के बीच माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। लगातार चार बार खारिज हुई जमानत याचिका मनीष पटेल के खिलाफ दर्ज मामले को अदालतों ने गंभीर मानते हुए अब तक कोई राहत नहीं दी है। जानकारी के अनुसार 28 मई को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पन्ना नागेश की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद 30 मई को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश आर.के. शर्मा की अदालत ने भी याचिका निरस्त कर दी। इससे पहले जिला न्यायालय और हाईकोर्ट भी मनीष पटेल को जमानत देने से इनकार कर चुके हैं। इस तरह अब तक चार अलग-अलग स्तरों पर उनकी जमानत याचिका अस्वीकार हो चुकी है। कानूनी जानकारों के अनुसार अब निर्धारित अवधि तक हाईकोर्ट में दोबारा जमानत याचिका दाखिल करने का रास्ता भी सीमित हो गया है। गिरफ्तारी के बाद दो धड़ों में बंटा समाज मनीष पटेल की गिरफ्तारी के बाद विंध्य क्षेत्र में सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। इंटरनेट मीडिया पर उनके समर्थक और विरोधी लगातार अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। कुछ संगठन उनके समर्थन में खुलकर सामने आए हैं, जबकि कई समूह गिरफ्तारी को उचित कार्रवाई बता रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कुछ संगठनों द्वारा भी मनीष पटेल के समर्थन में रीवा पहुंचने की घोषणाएं सोशल मीडिया पर की गई हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पुलिस और जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। व्हाट्सएप ग्रुपों में फैल रहा जातीय तनाव पुलिस के अनुसार आरोपी के समर्थन में बनाए गए कुछ सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में जाति विशेष को लेकर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां साझा की जा रही हैं। इन संदेशों में सामाजिक बहिष्कार, धार्मिक गतिविधियों से दूरी बनाने और व्यापारिक संबंध समाप्त करने जैसी बातें लिखी जा रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ संदेशों में लोगों से एक विशेष समुदाय के नेताओं को वोट न देने, धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल न करने, व्यापारिक संबंध खत्म करने और सामाजिक व्यवहार में दूरी बनाने जैसी अपीलें की जा रही हैं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की सामग्री सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है और कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है। भड़काऊ पोस्ट से बचें रीवा पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जाति, धर्म या समुदाय के खिलाफ घृणा फैलाने वाली सामग्री साझा न करें। साथ ही बिना सत्यापन के किसी भी पोस्ट, वीडियो या संदेश को आगे बढ़ाने से बचें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे संदेशों, वीडियो और टिप्पणियों की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति सांप्रदायिक या सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा- माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई रीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने स्पष्ट कहा है कि पुलिस फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और एक्स सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या भड़काऊ जानकारी साझा न करें। एसपी के अनुसार सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावे, पुराने वीडियो और संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत की गई तस्वीरों का उपयोग अक्सर लोगों को भड़काने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अमृता पटेल ने लगाए धमकियों के आरोप इस बीच मनीष पटेल के साथ वीडियो बनाने वाली अमृता पटेल भी चर्चा में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। अमृता का आरोप है कि उन्हें इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर अपमानजनक संदेश भेजे जा रहे हैं और जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे संदेशों और पोस्ट के स्क्रीनशॉट मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि धमकियां देने वाले लोग कौन हैं। दूसरी ओर रीवा पुलिस का कहना है कि अब तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायत मिलती है तो नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया की लड़ाई से बढ़ी प्रशासन की चुनौती पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली भड़काऊ सामग्री किस तेजी से सामाजिक तनाव का कारण बन सकती है। मनीष पटेल का मामला अब केवल एक आपराधिक प्रकरण नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक विमर्श और डिजिटल जिम्मेदारी का विषय भी बन चुका है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सोशल मीडिया पर फैल रहे भड़काऊ संदेशों पर नियंत्रण रखना है। आने वाले दिनों में अदालत की अगली सुनवाई और पुलिस की जांच इस मामले की दिशा तय करेगी, लेकिन इतना तय है कि रीवा और विंध्य क्षेत्र की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

कमिश्नरेट लागू होते ही पहली जिला बदर कार्रवाई, कुख्यात बदमाश पर पुलिस का शिकंजा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पहली बार जिला बदर की कार्रवाई की गई है. गुढ़ियारी इलाके के आदतन बदमाश अविनाश कोसले उर्फ मनिया को रायपुर समेत 6 जिलों की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है. सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना वह 30 अगस्त तक इन जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा. पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर की अनुशंसा पर यह कार्रवाई की गई है. जानकारी के मुताबिक, विकास नगर निवासी अविनाश कोसले के खिलाफ 12 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं. हत्या के प्रयास और चाकूबाजी जैसे गंभीर मामलों में वह जेल भी काट चुका है. लेकिन लगातार कार्रवाई के बावजूद उसके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ, जिसके कारण अब जिला बदर की कार्रवाई की गई. पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने आदेश जारी कर अविनाश को 29 मई की शाम 5 बजे से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की सीमा से बाहर रहने के निर्देश दिए हैं.  पुलिस ने सुनवाई के बाद उसके खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी किया. कमिश्नरेट पुलिस का यह पहला जिला बदर आदेश है. पुलिस अब शहर के अन्य आदतन अपराधियों के खिलाफ लगातार शिकंजा कसने वाली है. इसके लिए कई मामलों में प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है.

सिद्धारमैया युग का अंत, अब डीके शिवकुमार संभालेंगे कर्नाटक की कमान

 नई दिल्ली  सालों की राजनीतिक जोड़-तोड़ और सिद्दरमैया के साथ जबरदस्त सत्ता की खींचतान के बाद डीके शिवकुमार आखिरकार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने का अपना बरसों पुराना सपना पूरा करने जा रहे हैं। वह 3 जून को दोपहर 3.30 बजे लोक भवन के ग्लास हाउस में राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। पार्टी सदस्यों ने बताया कि यह तारीख शिवकुमार के निजी ज्योतिषी बेलूर द्वारकानाथ से सलाह-मशविरा करने के बाद तय की गई। शाम 4 बजे का निकला शुभ मुहूर्त ज्योतिष में गहरा विश्वास रखने वाले शिवकुमार को सलाह दी गई थी कि वह उस दिन शाम करीब 4.05 बजे शुरू होने वाले शुभ मुहूर्त में शपथ लें। इस समय को इसलिए भी चुना गया है ताकि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और एआईसीसी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस मौके पर मौजूद रह सकें। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, जब नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हुई तो बातचीत के आखिरी दौर में प्रियंका ने अहम भूमिका निभाई। इस मौके की राजनीतिक अहमियत के बावजूद कांग्रेस ने कोई भव्य समारोह न करने का फैसला किया है। सादा समारोह रखने का क्यों लिया गया फैसला? राज्य कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जीसी चंद्रशेखर ने कहा, “हमने शुरू में इस कार्यक्रम को विधान सौध की भव्य सीढ़ियों पर आयोजित करने की योजना बनाई थी, जिसमें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 15,000 से 20,000 लोग शामिल होते लेकिन महंगाई और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए हमने ऐसा न करने का फैसला किया।” उन्होंने आगे कहा, “शिवकुमार ने भी इस बात पर जोर दिया कि यह एक सादा कार्यक्रम होना चाहिए, जो जनसेवा के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता हो। चूंकि ये काम-काज वाला दिन है, इसलिए हम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा से भी बचना चाहते थे।” डीके शिवकुमार को चुना गया विधायक दल का नेता शनिवार को विधान सौध में हुई एक बैठक में शिवकुमार को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया। अब सबका ध्यान कैबिनेट गठन पर है। सीएलपी नेता के तौर पर शिवकुमार का चुनाव 17 सालों में नेतृत्व में आया पहला बदलाव है। इस पूरी अवधि में यह पद सिद्दरमैया के पास था। सीएलपी की बैठक में सिद्दरमैया ने खुद शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जबकि पूर्व गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से इसे मंजूरी दे दी। बाद में कांग्रेस के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने इसकी औपचारिक घोषणा की। बैठक के तुरंत बाद शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और औपचारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया। कैबिनेट गठन पर सभी का ध्यान अब सभी का ध्यान कैबिनेट गठन पर है। अगर मंगलवार से पहले बातचीत पूरी हो जाती है तो शिवकुमार के साथ कई मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है। चंद्रशेखर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे कार्यक्रम स्थल पर न जाएं और उन्हें भरोसा दिलाया कि शिवकुमार कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनता से मिलने के लिए जिलों का दौरा करेंगे। सिद्दरमैया के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग गुटों को साथ लेते हुए जाति, समुदाय और क्षेत्रीय हितों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि 'अहिंदा' सामाजिक गठबंधन फॉर्मूले के तहत कई उपमुख्यमंत्री बनाने की योजना पर फिर से विचार किया जा रहा है, क्योंकि इस पद के लिए दावेदारों की संख्या बहुत ज्यादा है। नई कैबिनेट में अहम मंत्रालयों को लेकर भी चर्चा चल रही है, जिसमें सिद्दरमैया के बेटे यतींद्र को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि निवर्तमान मुख्यमंत्री अपने बेटे को कैबिनेट में शामिल करने के पक्ष में नहीं हैं।

‘भारत एक शक्तिशाली देश है’ अमेरिकी रक्षा मंत्री ने की भारतीय सेना के आधुनिकीकरण की सराहना

नई दिल्ली  अमेरिका ने भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति का लोहा मानते हुए उसे शक्तिशाली देश बताया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, भारत अपने भारी रक्षा उद्योग और सैन्य तंत्र का तेजी से विकास कर अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। सेना का आधुनिकीकरण कर उसे लंबी और सफल सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार कर रहा है। हेगसेथ ने यह बात रक्षा और कूटनीतिक मामलों के महत्वपूर्ण वार्षिक कार्यक्रम शांग्रीला डायलाग में कही है। इस वर्ष कार्यक्रम में विश्व के 44 प्रमुख देशों के नेता, सैन्य विशेषज्ञ, कूटनीतिज्ञ और अन्य प्रमुख हस्तियां शिरकत कर रही हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा, भारत शक्तिशाली देश है और वह अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है। ऐसा कर वह हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन कायम कर रहा है। भारत रक्षा उत्पादन में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है, हम भी उसके साथ मिलकर रक्षा उत्पादन करने के लिए संकल्पित हैं। हेगसेथ ने क्या कहा? हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका अपने रक्षा उत्पादन का फलक बढ़ा रहा है और उसे विश्व के कई देशों तक फैला रहा है। वहां पर वह उन देशों के साथ मिलकर रक्षा उत्पादन करेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा- उनके जापान, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से मजबूत रक्षा संबंध हैं। कार्यक्रम में हेगसेथ ने कहा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र विश्व का सबसे ज्यादा महत्व और उथल-पुथल वाला इलाका है। इसलिए अमेरिका का क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान है। लेकिन क्षेत्रीय देश अपने रक्षा खर्च को लेकर गंभीर नहीं हैं। ऐसे देशों को अपना रक्षा खर्च बढ़ाकर समानुपातिक होना चाहिए। कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल में चीन के साथ अमेरिका के संबंध बेहतर हुए हैं। लेकिन अपनी और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के साथ हम कोई समझौता नहीं करेंगे। हेगसेथ ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे युद्ध और तनाव से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी गतिविधियां कम हुई हैं। लेकिन यह स्थिति अस्थायी है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र अमेरिका की दीर्घ अवधि की रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है।

‘हम इसका ख्याल रखेंगे’ अस्पताल CEO को ममता की कथित चेतावनी वायरल, भाजपा ने घेरा

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में राजनीति तेज होती जा रही है। अभिषेक को कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराए जाने के दौरान ममता बनर्जी का हॉस्पिटल सीईओ को धमकाते हुए एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है। इस क्लिप के वायरल होते ही राजनीति तेज हो गई है। वायरल रिकॉर्डिंग में, ममता बनर्जी कथित तौर पर बेले व्यू अस्पताल के सीईओ प्रदीप टंडन पर जमकर बरस रही हैं,उन पर गलत काम करने का आरोप लगा रही हैं और उन्हें अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रही हैं। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में अभिषेक पर हुए हमले के बाद उन्हें बेले व्यू हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। ममता का आरोप है कि हॉस्पिटल ने अभिषेक की चोटों को कम करके दिखाया। इतना ही नहीं सरकार के निर्देश पर उन्होंने अभिषेक बनर्जी को भर्ती करने से भी इनकार कर दिया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक वायरल ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “माफ कीजिए मिस्टर टंडन, आपने गलत काम किया है।” ममता बनर्जी आगे कहती हैं, "याद रखिए कि हमने आपकी कितनी मदद की है। भगवान आपको माफ नहीं करेंगे। आप लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आपको शर्म आनी चाहिए। हर कोई आपके अहंकार को याद रखेगा। आप अस्पताल चला रहे हैं और भाजपा सत्ता में है। कल, अगर केंद्र सरकार नहीं रही, तो हम इसका ख्याल रखेंगे।" गौरतलब है कि ममता बनर्जी का यह वीडियो ऐसे समय में लीक हुआ है, जब बंगाल के भाईपो (बंगाली में भतीजा) पर सोनारपुर में हमला हुआ था। चुनावी हिंसा में मारे गए तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार वालों से मिलने के लिए पहुंचे अभिषेक के सामने लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाए। इसके बाद उन पर अंडे और पत्थर फेंके गए। सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में ही अभिषेक के साथ मारपीट कर दी गई। इतना ही नहीं उनकी शर्ट को भी फाड़ डाला गया। सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़े कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें अभिषेक के सुरक्षाकर्मी उन्हें हेलमेट पहनाकर सुरक्षित निकालते हुए दिख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अभिषेक बनर्जी ने हमले का आरोप भारतीय जनता पार्टी के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा, "यह सब भाजपा की किया हआ है। यह इनका लोकतंत्र है। अभी सत्ता में आए 6 महीने नहीं हुए हैं। यह कानून व्यवस्था है। मेरी सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने घटनाक्रम से पहले ही अपने अधिकारियों को सूचित कर दिया था लेकिन इसके बाद भी कोई अतिरिक्त फोर्स नहीं भेजी गई।" इस घटना के बाद अभिषेक कार्यकर्ता के घर गए और फिर वहां से उन्हें कोलकाता के अपोलो हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से उन्हें बैले व्यू हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया गया। यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सामने आईं और उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और एक पुलिस अधिकारी ने अस्पताल को फोन करके अभिषेक को जल्द से जल्द डिस्चार्ज करने के लिए दबाव डाला है। ममता ने कहा कि अभिषेक की चोटें गंभीर हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्हें भर्ती नहीं करने दिया गया। बता दें, इस मामले में बंगाल पुलिस ने अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक घटना के दौरान के वीडियो और लोगों से पूछताछ के आधार पर 5 संदिग्ध लोगों को अभिषेक बनर्जी पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है।