अमूमन हम सब फ्रिज को सही दिशा में रखने के वास्तु नियमों के बारे में जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्रिज के अंदर की व्यवस्था भी आपके घर की सुख-समृद्धि को प्रभावित करती है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, फ्रिज के भीतर अलग-अलग शेल्फ पर चीजों को सही ढंग से न रखने पर ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है. चूंकि फ्रिज में जल और अग्नि दोनों के तत्व होते हैं, इसलिए इसके अंदर की आंतरिक दिशाओं और शेल्फ का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार फ्रिज के किस शेल्फ पर क्या रखना सबसे शुभ माना जाता है. 1. सबसे ऊपरी हिस्से में क्या रखें फ्रिज का सबसे ऊपरी हिस्सा (फ्रीजर के ठीक नीचे वाला शेल्फ) सबसे ठंडा और ऊंचाई पर होता है. वास्तु में ऊंचाई को गरिमा और पवित्रता से जोड़ा जाता है. क्या रखें: यहां दूध, दही, पनीर, मक्खन और शुद्ध घी (यदि फ्रिज में रखते हों) जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स रखने चाहिए. दूध को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है, इसे हमेशा ऊंचे और साफ शेल्फ पर ही स्थान दें. वास्तु नियम: इस शेल्फ पर कभी भी बचा हुआ बासी खाना या मांसाहारी चीजें न रखें. 2. बीच के शेल्फ फ्रिज का बीच का हिस्सा घर के मध्य भाग (ब्रह्मस्थान) की तरह संतुलन का प्रतीक होता है. क्या रखें: यहाँ आप रात का बचा हुआ पका हुआ भोजन (ढककर), गूंथा हुआ आटा, दालें या बची हुई मिठाइयां रख सकते हैं. वास्तु नियम: ध्यान रखें कि पका हुआ भोजन कभी भी खुला न छूटे. वास्तु के अनुसार, भोजन को खुला छोड़ने से उसमें नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है, जो सेहत पर असर डालती है. साथ ही, बासी भोजन को 24 घंटे से ज्यादा फ्रिज में न रखें, क्योंकि यह राहु के प्रभाव को बढ़ाता है. 3. सबसे निचला शेल्फ या बास्केट फ्रिज का सबसे निचला हिस्सा जमीन यानी पृथ्वी तत्व से जुड़ा माना जाता है. क्या रखें: प्रकृति से मिलने वाली चीजें जैसे ताजी हरी सब्जियां, जड़ वाली सब्जियां (गाजर, मूली) और फल हमेशा इसी हिस्से में रखने चाहिए. पृथ्वी तत्व इन चीजों की प्राकृतिक सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखता है. वास्तु नियम: इस बास्केट में कभी भी सड़ रहे फल या गल चुकी सब्जियां जमा न होने दें. सूखी हुई धनिया पत्ती या सड़े हुए नींबू तुरंत फेंक दें, वरना यह घर में बुध और राहु का दोष पैदा करता है, जिससे बरकत रुकती है. 4. फ्रिज का दरवाजा (Refrigerator Door): फ्रिज के दरवाजे में वेंटिलेशन और तापमान में थोड़ा बदलाव होता रहता है, इसलिए यहाँ केवल वही चीजें रखें जो जल्दी खराब नहीं होतीं. क्या रखें: पानी की बोतलें, जूस, नींबू, अदरक, सॉस और अचार जैसी चीजें दरवाजे की शेल्फ में रखें. वास्तु नियम: पानी की बोतलों को हमेशा साफ रखें. अगर आप फ्रिज में सॉस या अचार की बोतलें रख रहे हैं, तो ध्यान दें कि उनकी एक्सपायरी डेट न निकल चुकी हो. बंद या खराब हो चुकी चीजें दरवाजे पर रखने से घर के मुख्य सदस्यों के कामों में रुकावटें आती हैं. फ्रिज के अंदर की एनर्जी को पॉजिटिव रखने के नियम कांच के बर्तनों का इस्तेमाल: प्लास्टिक के डिब्बों की जगह फ्रिज के अंदर खाना रखने के लिए कांच (Glass) या स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करें. वास्तु में कांच को राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को सोखने वाला माना गया है. 80-20 का नियम: फ्रिज को कभी भी ऊपर तक खचाखच न भरें. अंदर कम से कम 20% जगह हवा के सर्कुलेशन और ऊर्जा के प्रवाह के लिए खाली छोड़नी चाहिए. ठूंस-ठूंस कर भरा फ्रिज मानसिक तनाव और भारीपन का कारण बनता