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गर्मी में भी नहीं फटेंगे होंठ: अपनाएं ये 4 आसान घरेलू उपाय

 अक्सर लोग सोचते हैं कि होंठ फटने की समस्या सिर्फ सर्दियों के मौसम में होती है लेकिन ऐसा नहीं है. मई-जून की इस चिलचिलाती गर्मी, तेज धूप और धूल-भरी गर्म हवाओं के कारण होंठों की नाजुक त्वचा अपनी नमी खो देती है. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होने से होंठ न सिर्फ फटने और बेजान होने लगते हैं, बल्कि कई बार धूप के संपर्क में आने से इनका रंग भी काला पड़ने लगता है. अगर आप भी फटे और रूखे होंठों से परेशान हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. यहां हम आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स बता रहे हैं जिनकी मदद से आप गर्मी में भी अपने होंठ को एकदम सॉफ्ट, हाइड्रेटेड और नेचुरल गुलाबी रख सकते हैं. 1. हाइड्रेशन है बेहद जरूरी पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होंठ फटने के सबसे बड़े कारणों में से एक है. शरीर में पानी की कमी होने पर होंठों की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है जिससे वो रूखे और पपड़ीदार होकर फटने लगते हैं. इसलिए आपको हमेशा हाइड्रेट रहना चाहिए और रोजाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए. 2. मलाई और हल्दी का इस्तेमाल रात को सोने से पहले होंठों पर ताजी दूध की मलाई में एक चुटकी हल्दी मिलाकर लगाएं. मलाई में मौजूद फैटी एसिड्स होंठों को डीप मॉइश्चराइज करते हैं और हल्दी अपने एंटी-बैक्टीरियल गुणों से फटी हुई त्वचा को तेजी से ठीक करती है. सुबह उठते ही आपको लिप्स एकदम सॉफ्ट मिलेंगे. 3. चीनी और शहद का स्क्रब अगर होंठों पर पपड़ी जम रही है तो आधा चम्मच शहद में थोड़ी सी पिसी हुई चीनी मिलाकर उंगली से होंठों पर 2 मिनट के लिए हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में स्क्रब करें. यह ट्रिक डेड स्किन को तुरंत हटाकर ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है जिससे होंठों का नेचुरल गुलाबीपन वापस आ जाता है. 4. नारियल तेल और चुकंदर अगर आपके होंठ ड्राई होने के साथ ही बहुत काले भी हो गए हैं तो बाजार के केमिकल वाले लिप बाम की जगह नारियल तेल में चुकंदर का रस मिलाकर एक छोटी डिब्बी में रख लें. दिन में जब भी होंठ सूखे लगें तो इसे लगाएं. नारियल तेल होंठों की नमी को लॉक करेगा और चुकंदर का रस आपके लिप्स को बिना किसी नुकसान के खूबसूरत गुलाबी रंग देगा.

“लोग क्या कहेंगे” छोड़ो! असली जिंदगी तब शुरू होगी

संदीप माहेशवरी के मुताबिक हम एक ऐसे समाज में खुद को कैद नहीं करना चाहिए  जहां हमारी खुशियों का रिमोट कंट्रोल दूसरों के हाथों में है.  कोई हमारे बारे में क्या सोचता है, समाज में हमारी प्रतिष्ठा (Status) क्या है और लोग हमारी पोस्ट पर कितने लाइक्स दे रहे हैं. इसी अंधी दौड़ ने आज के युवाओं और प्रोफेशनल्स की मानसिक शांति को छीन लिया है.  दूसरों को प्रभावित (Impress) करने की चाहत में लोग अक्सर अपनी असलियत को छिपाने लगते हैं और एक नकली मुखौटा ओढ़ लेते हैं. इस दिखावे की संस्कृति का सबसे बुरा असर हमारे फैसलों और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.  सिर्फ लोगों की वाह-वाही लूटने के लिए महंगे फोन, आलीशान शादियां या महंगी गाड़ियों के लिए कर्ज (Loan) लेना आज आम हो चुका है.  लेकिन सच तो यह है कि जिन लोगों को दिखाने के लिए आप कर्ज के दलदल में धंस रहे हैं, उन्हें आपकी दिक्कतों से कोई फर्क नहीं पड़ता.  जब महीने के आखिर में मानसिक तनाव और ईएमआई (EMI) का बोझ बढ़ता है, तब इंसान को समझ आता है कि उसने दूसरों के चक्कर में अपनी ही जिंदगी को मुश्किल बना लिया है. खुद के लिए जिएं, दूसरों के लिए नहीं जीवन में सच्ची सफलता और मानसिक सुकून तब मिलता है जब आप दूसरों की नजरों में उठने के बजाय खुद की नजरों में उठते हैं.  समाज की परवाह किए बिना अपनी आर्थिक सीमा (Financial Budget) में रहना और अपने करियर व गोल्स (Goals) पर फोकस करना ही असली समझदारी है. जिस दिन आप लोग क्या कहेंगे के इस सबसे बड़े मानसिक रोग से मुक्त हो जाएंगे, उस दिन आप खुलकर जीना शुरू कर देंगे. दूसरों की नकली दुनिया की तुलना अपने असली जीवन से करना बंद करें.  खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दें, क्योंकि जब आप अंदर से मजबूत और आर्थिक रूप से सुरक्षित होंगे, तो समाज में आपकी असली वैल्यू अपने आप बढ़ जाएगी.

भारतमाला रोड पर रफ्तार का कहर, 7 बैल चपेट में आए; रायगढ़ में 5 ने मौके पर दम तोड़ा

रायगढ़/धरमजयगढ़. धरमजयगढ़ क्षेत्र में भारतमाला सड़क पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में सात बैल तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आ गए। हादसे में पांच बैलों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना रैरुमा से कुछ दूरी पर स्थित काजूबाड़ी के पास की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात भारतमाला सड़क पर गुजर रहे एक अज्ञात भारी वाहन ने सड़क पर मौजूद बैलों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पांच बैलों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो बैलों के पैर टूटने की सूचना है। हादसे के बाद सड़क पर बैलों के शव बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।घटना के दौरान एक एर्टिगा कार भी हादसे की चपेट में आ गई, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। हालांकि कार सवार लोगों को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया।हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि भारतमाला सड़क पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रही है, लेकिन इस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दुर्घटना किस वाहन से हुई। मामले की जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार वाहन की जानकारी सामने आ सकेगी।

रतलाम में नाबालिग से ब्लैकमेलिंग का मामला, सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद दरगाह में निकाह

ढोढर/रतलाम. इंटरनेट मीडिया से हुई दोस्ती के बाद 17 वर्षीय किशोरी को धमकाकर निकाह कराने और बाद में पीछा कर धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित युवक ढोढर निवासी ईरशाद शेख के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशोरी ने अपने माता-पिता के साथ चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि अक्टूबर 2024 में उसकी पहचान ईरशाद शेख से इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच पहले इंस्टाग्राम पर चैटिंग होती रही, बाद में मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। दोनों ने साथ में कुछ फोटो भी खिंचवाए थे। बातचीत के दौरान ईरशाद ने उससे प्रेम और निकाह करने की बात कही थी। दरगाह पर ईरशाद ने निकाह करने का दबाव बनाया 2 अप्रैल को वह कालूखेड़ा फंटे से बस द्वारा जावरा कोचिंग जाने निकली थी। ईरशाद अपने परिचित राजा के साथ कार से पीछा करते हुए जावरा बस स्टैंड पहुंच गया। वहां दोनों ने किशोरी को ज्यूस पिलाने की बात कही। ज्यूस पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे, जिसके बाद दोनों उसे कार में बैठाकर बड़ावदा स्थित बाबा फरीद दरगाह ले गए। दरगाह पर ईरशाद ने निकाह करने का दबाव बनाया। मना करने पर ईरशाद ने साथ में खिंचवाए फोटो बहुप्रसारित करने की धमकी दी। डर के कारण किशोरी ने निकाह के लिए सहमति दे दी, जिसके बाद वहां मौजूद काजी द्वारा निकाह कराया गया। बाद में दोनों उसे वापस जावरा छोड़ गए, जहां से वह बस द्वारा घर पहुंची। हाथ पकड़कर जान से मारने की धमकी दी 16 मई को जब वह जिम जाने के लिए बस से जावरा जा रही थी, तब ईरशाद फिर उसका पीछा करते हुए जिम तक पहुंच गया और साथ चलने के लिए कहा। मना करने पर उसका हाथ पकड़कर जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया। पीड़िता ने बताया कि लगातार डर के कारण वह अब तक चुप रही, लेकिन 29 मई को हिम्मत जुटाकर उसने पूरी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी।

‘धुरंधर 2’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाल, 73वें दिन भी जारी है रिकॉर्डतोड़ कमाई

 रणवीर सिंह की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘धुरंधर 2’ लंबे समय बाद भी बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए हुए है. रिलीज के कई सप्ताह गुजर जाने के बावजूद फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नजर आ रही है. यही वजह है कि फिल्म लगातार नए रिकॉर्ड अपने नाम करती जा रही है. 73वें दिन भी जारी रही कमाई Sacnilk के ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के 73वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाए रखी. सीमित शोज मिलने के बावजूद दर्शकों का रिस्पॉन्स सकारात्मक रहा. यही कारण है कि फिल्म की कुल कमाई लगातार बढ़ती जा रही है. फिल्म का नेट कलेक्शन अब 1100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. कई भाषाओं में मिला शानदार रिस्पॉन्स ‘धुरंधर 2’ को हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया गया था. फिल्म को लगभग सभी भाषाओं में अच्छा समर्थन मिला. हिंदी संस्करण ने सबसे अधिक कमाई की, जबकि दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी फिल्म ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया. मल्टी-लैंग्वेज रिलीज का फायदा फिल्म को साफ तौर पर मिलता दिखाई दिया. दुनियाभर में भी दिखा फिल्म का दबदबा घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी फिल्म ने शानदार कारोबार किया. विदेशों में फिल्म को अच्छी ओपनिंग मिली और समय के साथ इसकी कमाई में लगातार इजाफा होता गया. वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में भी फिल्म ने कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और यह साल की सबसे सफल फिल्मों में शामिल हो चुकी है. दमदार स्टारकास्ट और निर्देशन बना ताकत फिल्म का निर्देशन आदित्य धर ने किया है, जिन्होंने इससे पहले कई चर्चित प्रोजेक्ट्स पर काम किया है. फिल्म में रणवीर सिंह के साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन और राकेश बेदी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए. दर्शकों ने फिल्म की कहानी, एक्शन और कलाकारों के प्रदर्शन को खूब सराहा है. फिल्म की लगातार सफलता यह साबित करती है कि मजबूत कंटेंट और शानदार प्रस्तुति दर्शकों को लंबे समय तक सिनेमाघरों से जोड़े रख सकती है.

आधार कार्ड की ये गलती बन सकती है बड़ी परेशानी!

कई लोगों को अपने आधार कार्ड की याद तभी आती है, जब बैंक में KYC करवानी हो, नया अकाउंट खोलना हो, मोबाइल नंबर अपडेट करना हो या किसी सरकारी योजना का फायदा लेना हो. लेकिन यहीं एक बड़ी समस्या छिपी होती है. कई आधार कार्ड में छोटी-छोटी गलतियां सालों तक नजर ही नहीं आतीं. रोजमर्रा के काम तो चलते रहते हैं, लेकिन जैसे ही दोबारा KYC वेरिफिकेशन या किसी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच होती है, यही मामूली गलती अचानक बड़ी परेशानी बन सकती है. अगर आपके आधार कार्ड में दर्ज जानकारी और बैंक के रिकॉर्ड में मौजूद डिटेल्स मेल नहीं खाते हैं, तो आगे चलकर परेशानी हो सकती है. इसलिए समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लेना बेहतर रहता है. नाम का मेल न होना बढ़ा सकता है मुश्किलें आधार और बैंक खाते में नाम का मेल न होना सबसे आम समस्याओं में से एक है. अगर आपके आधार कार्ड पर लिखा नाम बैंक रिकॉर्ड में दर्ज नाम से अलग है, तो KYC या अकाउंट वेरिफिकेशन के दौरान परेशानी आ सकती है. कई बार यह अंतर बहुत छोटा होता है, जैसे नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती, मिडिल नेम का छूट जाना, कहीं पूरे नाम की जगह सिर्फ इनिशियल्स का इस्तेमाल होना या फिर सरनेम अलग तरीके से दर्ज होना. आमतौर पर लोग इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते, लेकिन KYC जांच के दौरान यही वजह रुकावट बन सकती है. आधार से जुड़ा पुराना नंबर कर सकता है जरूरी कामों में रुकावट आजकल आधार से जुड़ी ज्यादातर सेवाएं OTP के जरिए ही पूरी होती हैं. चाहे आधार डाउनलोड करना हो, डिटेल्स अपडेट करनी हो, e-KYC करवानी हो या फिर अपनी पहचान वेरिफाई करनी हो, हर जगह OTP उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है जो आधार से लिंक होता है. समस्या तब आती है जब लोग अपना मोबाइल नंबर बदल तो लेते हैं, लेकिन उसे आधार में अपडेट करना भूल जाते हैं. शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल लगता है, लेकिन जैसे ही किसी जरूरी काम के लिए OTP की जरूरत पड़ती है, पता चलता है कि OTP उस पुराने नंबर पर जा रहा है जो अब उनके पास है ही नहीं. डेट ऑफ बर्थ, जेंडर समेत इन डिटेल्स को जरूर चेक करें अगर आपके आधार कार्ड में डेट ऑफ बर्थ गलत है, तो आगे चलकर यह छोटी सी गलती बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है. खासकर तब, जब आपके आधार की जानकारी PAN कार्ड, बैंक खाते, बीमा पॉलिसी या इनवेस्टमेंट से जुड़े डॉक्यूमेंट्स से मैच न करे. ऐसे सिचुएशन में वेरिफिकेशन का प्रोसेस अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है. सिर्फ डेट ऑफ बर्थ ही नहीं, जेंडर या अन्य पर्सनल डिटेल्स में हुई गलती भी मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

45°C गर्मी में फोन खतरे में! ये गलती मत करना

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी लोगों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के लिए भी चुनौती बन गई है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के बाद स्मार्टफोन यूजर्स को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. फोन का जरूरत से ज्यादा गर्म होना, चार्जिंग का अचानक रुक जाना, बैटरी का तेजी से खत्म होना और कैमरा ऐप का अपने आप बंद हो जाना जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं. कई लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार ओवरहीटिंग स्मार्टफोन के कई अहम पार्ट्स को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है. गर्मी में फोन क्यों करने लगता है धीमा काम? जब स्मार्टफोन का तापमान लगातार बढ़ता है तो उसका सिस्टम खुद को सुरक्षित रखने के लिए प्रदर्शन कम कर देता है. तकनीकी भाषा में इसे थर्मल थ्रॉटलिंग कहा जाता है. इस स्थिति में प्रॉसेसर अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं करता, जिससे फोन की स्पीड कम हो जाती है. ऐप्स धीरे खुलते हैं, गेमिंग का अनुभव खराब होता है और कई बार फोन हैंग भी होने लगता है. विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक अत्यधिक तापमान में रहने से बैटरी की हेल्थ तेजी से गिर सकती है, जिसका असर फोन की कुल लाइफ पर पड़ता है. धूप से आने के तुरंत बाद चार्जिंग करना पड़ सकता है भारी कई लोग बाहर से लौटते ही फोन को चार्जर से जोड़ देते हैं. यही आदत कई बार सबसे बड़ी गलती साबित होती है. यदि फोन पहले से गर्म है और उसी समय चार्जिंग शुरू कर दी जाए तो बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. चार्जिंग के दौरान भी बैटरी गर्म होती है. ऐसे में पहले से गर्म डिवाइस में तापमान और बढ़ सकता है. यही वजह है कि कई स्मार्टफोन सुरक्षा कारणों से गर्म होने पर चार्जिंग स्पीड कम कर देते हैं या चार्जिंग अस्थायी रूप से रोक देते हैं. कार में फोन छोड़ना बन सकता है महंगा सौदा गर्मी के मौसम में बंद कार के अंदर का तापमान बाहर की तुलना में काफी ज्यादा हो सकता है. ऐसे माहौल में स्मार्टफोन छोड़ना जोखिम भरा साबित हो सकता है. अत्यधिक तापमान बैटरी को फुला सकता है, डिस्प्ले पर दाग या लाइनें ला सकता है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है. कई मामलों में फोन अचानक बंद हो जाता है या दोबारा चालू होने में समस्या आने लगती है. इसलिए वाहन पार्क करते समय स्मार्टफोन को हमेशा अपने साथ रखना बेहतर विकल्प है. फोन गर्म हो जाए तो क्या करें? अगर आपका स्मार्टफोन जरूरत से ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है तो सबसे पहले उसे सीधी धूप से हटाएं. चार्जिंग बंद करें और कैमरा, वीडियो रिकॉर्डिंग या भारी ऐप्स का इस्तेमाल कुछ समय के लिए रोक दें. फोन का कवर हटाने से भी गर्मी तेजी से बाहर निकलने में मदद मिलती है. हालांकि एक गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. कई लोग फोन को ठंडा करने के लिए फ्रिज में रख देते हैं या बर्फ के संपर्क में ले आते हैं. अचानक तापमान बदलने से फोन के अंदर नमी बन सकती है, जो सर्किट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है. ये छोटे बदलाव भी बचा सकते हैं आपका स्मार्टफोन गर्मी के मौसम में बैटरी सेवर मोड का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इससे बैकग्राउंड में चल रही कई प्रक्रियाएं सीमित हो जाती हैं. डार्क मोड भी बैटरी की खपत कम करने में मदद करता है, जिससे फोन अपेक्षाकृत कम गर्म होता है. इसके अलावा जहां 5जी नेटवर्क कमजोर हो, वहां 5जी बंद करके 4जी का इस्तेमाल करना बेहतर हो सकता है. कमजोर सिग्नल वाले क्षेत्रों में फोन लगातार नेटवर्क खोजता रहता है, जिससे बैटरी और प्रॉसेसर दोनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. सिर्फ बैटरी नहीं, पूरे फोन की उम्र पर पड़ता है असर लगातार ओवरहीटिंग का प्रभाव केवल बैटरी तक सीमित नहीं रहता. समय के साथ प्रोसेसर की क्षमता प्रभावित हो सकती है, डिस्प्ले की गुणवत्ता खराब हो सकती है और कैमरा सेंसर की कार्यक्षमता भी कम हो सकती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ गर्मियों में स्मार्टफोन को सामान्य तापमान पर रखने और उपयोग के दौरान सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

झपटमारी पर फास्ट ट्रैक एक्शन: रंगेहाथ पकड़ा आरोपी, 14 दिन में चार्जशीट और त्वरित सजा

नई दिल्ली  शाहबाद डेयरी में 1 मई की रात पीड़ित ने पर्स छीनते हुए झपटमार को रंगेहाथ पकड़ा। पुलिस ने तेजी से जांच कर 6 मई को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने तारीख पर तारीख वाले फिल्मी जुमले को दरकिनार करते हुए रोजाना सुनवाई की और 16 मई को फैसला सुना दिया। पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश महज दो हफ्ते में आरोपी दोषी करार दिया गया, जो दिल्ली पुलिस के लिए एक नजीर बन गई। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने सभी जिलों को ऐसे ही स्पीडी इन्वेस्टिगेशन, स्पीडी ट्रायल और स्पीडी जस्टिस पर काम करने के निर्देश दे दिए, जिस पर अमल होने लगा है। दो हफ्ते में चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया पुलिस अफसरों के मुताबिक, रंगेहाथ पकड़े गए आरोपियों के अलावा जिन केसों में संभव हो सके उनमें एक से लेकर दो हफ्ते के भीतर चार्जशीट दाखिल करने को कहा गया है। इसके बाद प्रॉसिक्यूशन (सरकारी वकील) के साथ तालमेल कर फास्ट ट्रैक सुनवाई सुनिश्चित करने और जल्द से जल्द दोषी साबित करने पर जोर दिया गया है। ज्यादातर केसों में आरोपी को मिल जाती है जमानत दरअसल सात साल से कम सजा वाले अधिकतर केसों में आरोपी को जमानत मिल जाती है। ऐसे में जांच अधिकारी के सामने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की समयसीमा का बंधन नहीं रहता है। अफसर कहते हैं कि इसके बाद कोर्ट में भी ऐसे केसों की सुनवाई कई साल तक चलती है। इससे शिकायतकर्ता या गवाह के मुकरने या बयानों में विरोधाभास होने से आरोपी को सजा नहीं हो पाती है। जल्द सजा करवाने पर दिया जा रहा जोर तेजी से जांच, तुरंत चार्जशीट दाखिल करने और सुनवाई होने से मुकरने या बयानों में विरोधाभास की गुंजाइश कम रहती है, जिससे सजा की दर में भी इजाफा होगा। इसलिए झपटमारी, चोरी या अन्य छोटे अपराधों में आरोपी के मौके या तुरंत बाद रंगेहाथ पकड़े जाने पर दो हफ्तों में चार्जशीट करने और जल्द सजा करवाने पर जोर है। सभी जिलों में शुरू हुआ एक्शन पुलिस अफसरों ने बताया कि सभी जिलों ने ऐसे मामलों में अमल करना शुरू कर दिया है। सिर्फ छोटे अपराध ही नहीं बल्कि गंभीर अपराधों में भी अगर संभव हो सकता है तो उनमें भी जल्द जांच कर आरोप पत्र दाखिल करने और सजा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। क्या है 'ताबड़तोड़ न्याय' का मकसद अगर किसी केस में आरोपी को कोर्ट बरी कर देता है तो जिलों के डीसीपी से खुद फैसले की समीक्षा करने को कहा गया है, ताकि अगर कोई कमी रह गई हो तो उसे आगे के केसों में ना दोहराई जाए। 'ताबड़तोड़ न्याय' का मकसद आरोपी को कोर्ट से सजा दिलवाना भी है। इन केसों में हुआ ताबड़तोड़ इंसाफ 14 मई: टैक्सी ड्राइवर का पर्स छीनने वाले को सिपाही ने पीछा कर रंगेहाथ पकड़ा था। आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने चार दिन में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। स्पीडी ट्रायल के तहत 26 मई को आरोपी को दोषी करार दिया। 16 मईः पालम गांव में 80 हजार कैश-जूलरी की चोरी हुई। पुलिस ने चार घंटे में आरोपी को अरेस्ट किया। 10 दिन की सुनवाई के बाद 26 मई को अदालत ने पेश साक्ष्यों और गवाह के बयान पर आरोपी को दोषी ठहरा दिया। 3 फरवरी: आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पर 5200 रुपये निकालकर आरोपी फरार हो गया। लूट का केस दर्ज कर पहाड़गंज पुलिस ने आरोपी को पकड़ा। 23 मार्च को चार्जशीट पेश की और 23 मई को दोषी करार दिया गया।  

2 जून से खुल जाएगी किस्मत! गुरु का बड़ा गोचर

 ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति (गुरु) को सुख, समृद्धि, ज्ञान, विवाह और भाग्य का कारक माना गया है. जून के महीने की शुरुआत में ही ज्योतिष जगत की एक बहुत बड़ी और शुभ घटना घटित होने जा रही है. 2 जून को देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर करने जा रहे हैं. ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, जब गुरु अपनी उच्च राशि में आते हैं, तो वे अत्यंत बलवान हो जाते हैं. केंद्र भावों की विशेष स्थिति के कारण गुरु का यह गोचर हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण करेगा. वैदिक ज्योतिष में पंच महापुरुष योगों में से एक 'हंस योग' को सबसे पवित्र और भाग्यशाली माना गया है, जो जातकों के जीवन में अचानक तरक्की, अटके कामों में गति और बंपर धन लाभ लेकर आता है. मिथुन राशि (Gemini)- व्यापार, नई पार्टनरशिप और धन लाभ व्यापार जगत से जुड़े लोगों के लिए 2 जून के बाद का समय बंपर मुनाफा देने वाला साबित होगा. बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. नौकरीपेशा लोगों को नई और बेहतर नौकरियों के ऑफर मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. कन्या राशि (Virgo)- शिक्षा, संतान और भाग्य का साथ छात्रों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है, उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के रास्ते खुलेंगे. संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपके बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी. धनु राशि (Sagittarius)- मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर यह राजयोग आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी करेगा. समाज और कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा. यदि आप लंबे समय से किसी बड़े पद, इंक्रीमेंट या प्रमोशन का इंतजार कर रहे थे, तो जून की शुरुआत में आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. मीन राशि (Pisces)- सुख-साधन, संपत्ति और मांगलिक कार्य मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं होगा. भूमि, भवन या नया वाहन खरीदने के प्रबल योग बनेंगे. पैतृक संपत्ति से जुड़े पुराने विवाद सुलझ जाएंगे और घर-परिवार में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है. देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के उपाय – गुरुवार को पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन मंदिर में चने की दाल, पीले वस्त्र, केला या केसर का दान करें. – मंत्र जाप: नियमित रूप से बृहस्पति देव के बीज मंत्र 'ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः' का जाप करें. – बुजुर्गों का आशीर्वाद: घर के बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता और अपने गुरुओं (शिक्षकों) का सम्मान करें और सुबह उठकर उनके चरण स्पर्श करें. – हल्दी का तिलक: प्रतिदिन सुबह स्नान करने के बाद अपने माथे और नाभि पर हल्दी या केसर का तिलक लगाएं.

चतरा में सनसनीखेज मामला, बक्शा डैम में सिर फेंकने के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

 चतरा इटखोरी थाना क्षेत्र के बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के तीन कटे हुए सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चंद घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर गांव निवासी मोहम्मद इस्लाम और मोहम्मद इकराम के रूप में हुई है। पुलिस ने जब एक आरोपी के घर पर छापेमारी की तो वहाँ से एक फ्रिज बरामद हुआ। जिसके भीतर भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस छुपाकर रखा गया था। पुलिस ने मांस सहित फ्रिज को जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि त्योहार के मौके पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी गई थी। कुर्बानी की बात गांव में फैल जाने और पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से कटे हुए सिरों को बक्शा डैम में फेंक दिया था। बता दें कि रविवार को बक्शा डैम में प्रतिबंधित पशु के सिर तैरते मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। घटना से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने नगवां चौक के पास इटखोरी-चतरा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। जिससे वाहनों का आवागमन ठप हो गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। डीएसपी ने आक्रोशित ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए और सड़क से जाम हटाया। जाम हटने के तुरंत बाद एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित छापेमारी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। इस त्वरित गिरफ्तारी के बाद इलाके में तनाव कम हुआ है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।