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सोना-चांदी के दाम गिरे: MCX पर सिल्वर क्रैश, गोल्ड भी नरम

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में बीते हफ्ते के चार कारोबारी दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिला. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खासतौर पर चांदी की कीमत जमकर टूटी. इस ताजा गिरावट के साथ अब 1 किलो चांदी की वायदा कीमत (1 Kg Silver Price) अपने हाई लेवल से 1.90 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है, जिसे इस कीमती धातु ने जनवरी महीने में छुआ था. वहीं बात सोने की करें, तो तमाम उतार-चढ़ाव के बाद ये पीली धातु भी मामूली गिरावट में रही है. चांदी की कीमत में इतनी गिरावट बीते सप्ताह के ज्यादातर कारोबारी दिनों में चांदी की कीमत में गिरावट ही देखने को मिली है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 3 जुलाई वाली चांदी का एमसीएक्स पर भाव (MCX Silver Price) 2537 रुपये प्रति किलोग्राम कम होकर 2,67,000 रुपये प्रति किलो पर आ गया. इस हिसाब से हफ्तेभर में गिरावट को देखें, तो इससे पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 1 किलो चांदी का भाव वायदा कारोबार में 2,71,846 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था और इसकी कीमत 4,846 रुपये प्रति किलो तक गिर गई है. न केवल वायदा कारोबार, बल्कि घरेलू मार्केट में भी चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेटेड रेट्स देखें, तो 1 किलोग्राम की चांदी बीते सप्ताह के 2,66,000 रुपये के मुकाबले ये गिरकर 2,63,350 रुपये पर आ गई. हाई से क्रैश दिख रही चांदी वहीं अगर चांदी के ताजा भाव की तुलना इसके लाइफ टाइम हाई लेवल से करें, तो पहले बता दें कि एमसीएक्स पर जनवरी 2026 में चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का ऐतिहासिक स्तर पार करने में कामयाब हुई थी और 4,57,328 रुपये के उच्चतम स्तर पर जा पहुंची थी, लेकिन यह लेवल छूने के बाद ये कीमती धातु लगातार क्रैश (Silver Price Crash From High) होती गई. फिलहाल की गिरावट के बाद अब चांदी हाई लेवल से 1,90,328 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है. Gold का दाम अब इतना एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में जहां तेज गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं सोने का भाव भी तमाम उतार-चढ़ाव के बाद मामूली गिरावट में रहा. MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो 22 मई को 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,61,320 रुपये था, जबकि बीते शुक्रवार को ये 1,61,049 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं 5 जून की एक्सपायरी वाला वायदा सोना अपने हाई लेवल 2,02,984 रुपये की तुलना में अब 41,935 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है. इसके अलावा घरेलू मार्केट में बात करें, तो आईबीजेए के मुताबिक 10 ग्राम सोने का भाव 1,58,117 रुपये से कम होकर 1,56,463 रुपये पर आ गया. यानी सोना घरेलू बाजार में 1654 रुपये सस्ता हो गया है.

भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई, 100 से ज्यादा अफसर सस्पेंड

जयपुर  राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीधे तौर ये कह दिया है कि प्रदेश में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रहेगा। यहां अपराधियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश की कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों को बेहद सख्त संदेश दिया है। शनिवार को 'राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन' के अधिवेशन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश में अब न तो अपराध पनपेगा, न भ्रष्टाचारियों को पनाह मिलेगी और न ही कानून तोड़ने वालों को बख्शा जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'राजस्थान में यदि कोई अपराधी पैर पसारेगा, तो वह वापस नहीं जा पाएगा; उसे उसके सही मुकाम (जेल) तक पहुंचाया जाएगा।' भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' और बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ जनसेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न खाऊंगा, न खाने दूंगा’ के मूलमंत्र पर चलते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है। सीएम बोले: करप्शन में 100 अधिकारी हुए सस्पेंड सरकार ने अब तक भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए 103 अधिकारियों को निलंबित (सस्पेंड) किया है। 6 अफसरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। 11 भ्रष्ट अधिकारियों की आजीवन पेंशन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही रिश्वतखोरी, ट्रैप, पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के 108 मामलों में अभियोजन स्वीकृति दी गई है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत 37 अन्य मामलों में भी कठोर कार्रवाई अमल में लाई गई है।सीएम ने कर्मचारियों को नसीहत दी कि वे भ्रष्ट आचरण के दलदल से पूरी तरह दूर रहें। स्वच्छ सर्वेक्षण में 16 वें स्थान की तारीफ की नगरीय निकायों की भूमिका की सराहना करते हुए सीएम ने कहा कि पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण में जयपुर ग्रेटर को देश में 16वां स्थान मिला था। लेकिन अब हमें रुकना नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी शहरों को देश के सबसे स्वच्छ और सर्वश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी में लाना है। यह लक्ष्य नगरीय निकाय कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है, क्योंकि वे जनता और सरकार के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। किया 4 लाख नौकरियों का वादा इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं को संबल देते हुए प्रदेश में चार लाख सरकारी नौकरियां देने के अपनी सरकार के संकल्प को एक बार फिर दोहराया। खुशेंद्र तिवारी

गर्मी से राहत दिलाने वाला गुलाब-मिश्री शरबत: घर पर बनाएं नेचुरल कूल ड्रिंक

चिलचिलाती गर्मी और झुलसाती लू शरीर को बेहाल कर देती है. ऐसे मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना और पेट को ठंडक पहुंचाना सबसे जरूरी होता है. बाजार में मिलने वाले केमिकल्स और प्रिजर्वेटिव्स युक्त कोल्ड ड्रिंक्स कुछ देर के लिए तो राहत देते हैं लेकिन सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं. अगर आप इस गर्मी खुद को और अपने परिवार को एकदम तरोताजा रखना चाहते हैं, तो घर पर प्राकृतिक गुणों से भरपूर गुलाब और मिश्री का ठंडा-ठंडा शरबत बनाएं. आयुर्वेद में गुलाब और मिश्री दोनों की तासीर बेहद ठंडी मानी गई है जो न सिर्फ शरीर का तापमान सामान्य करती है बल्कि आपको दिनभर के लिए गजब की एनर्जी भी देती है. आइए जानते हैं इस रिफ्रेशिंग और खुशबूदार शरबत को बनाने की बेहद आसान रेसिपी. गुलाब और मिश्री के शरबत की रेसिपी ताजा लाल गुलाब की पंखुड़ियां: 1 कप (अच्छी तरह धुली हुई) धागे वाली मिश्री: 1/2 कप (पिसी हुई) ठंडा पानी: 3 से 4 गिलास नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच तुलसी या सब्जा के बीज: 1 छोटा चम्मच (पानी में भिगोए हुए) बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका गुलाब का पेस्ट बनाएं: सबसे पहले साफ की हुई गुलाब की पंखुड़ियों को मिक्सी के जार में थोड़ा सा पानी डालकर दरदरा या स्मूथ पीस लें. एक बड़े जग या बर्तन में ठंडा पानी लें और उसमें पिसी हुई धागे वाली मिश्री डालकर अच्छी तरह चम्मच से तब तक घोलें जब तक मिश्री पूरी तरह पानी में मिल न जाए. मिश्री चीनी का एक हेल्दी और ठंडा विकल्प है. अब इस मिश्री के पानी में पिसा हुआ गुलाब का पेस्ट और नींबू का रस मिलाएं. नींबू का रस डालने से गुलाब का रंग बहुत खूबसूरत निखर कर आता है और शरबत में एक बढ़िया खट्टा-मीठा ट्विस्ट मिलता है. अगर आप शरबत को और अधिक सेहतमंद और ठंडा बनाना चाहते हैं, तो इसमें पहले से भीगे हुए सब्जा मिला दें. यह पेट की गर्मी को शांत करने में बहुत मददगार होते हैं. तैयार शरबत को अच्छी तरह मिक्स करें और छलनी की मदद से गिलासों में छान लें. ऊपर से बर्फ के टुकड़े और कुछ ताजी गुलाब की पंखुड़ियां डालकर एकदम ठंडा-ठंडा सर्व करें.

Illegal Mining के खिलाफ पंजाब पुलिस का अभियान तेज, कई जगहों पर कार्रवाई

हाजीपुर. हाजीपुर पुलिस द्वारा इलाके में अवैध माइनिंग (खनन) करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किए जाने का समाचार प्राप्त हुआ है। इस संबंध में जानकारी देते हुए हाजीपुर थाने की एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अमरजीत कौर ने बताया कि मुकेरियां के माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह द्वारा पुलिस को एक एंडोर्समेंट शुदा शिकायत दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद हाजीपुर पुलिस के ए.एस.आई. रविंदर सिंह ने अपनी पुलिस पार्टी के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस की जांच के दौरान गांव निक्कूचक की जमीन में टिपर और पोकलेन मशीन की मदद से नाजायज (अवैध) तौर पर माइनिंग होती पाई गई। माइनिंग इंस्पेक्टर हरदीप सिंह की शिकायत और मौके के हालात को देखते हुए हाजीपुर पुलिस स्टेशन में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की अगली कार्रवाई और उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

भंडारा खाकर लौट रहे लोगों पर गिरी बिजली, अनूपपुर में दो की मौत और एक घायल

अनूपपुर. धार्मिक नगरी अमरकंटक नगर क्षेत्र में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक दो बराती क्षेत्र में शाम लगभग 4 बजे तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार वर्षा के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक और एक युवती की मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस जाने से मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य किशोरी घायल हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार बराती में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर तीनों अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से 18 वर्षीय हर्ष टांडिया और 17 वर्षीय आरती वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। 17 वर्षीय राधा भी बिजली की चपेट में आकर घायल हो गई। डॉक्टरों ने दोनों को किया मृत घोषित घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सहायता से तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा को मृत घोषित कर दिया। घायल राधा का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

घर पर बनाएं देसी उबटन: बेसन, चंदन और केसर से पाएं ग्लोइंग स्किन

 हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ,  चमकदार और बेदाग दिखे. इसके लिए लोग कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे भी बेहद असरदार साबित होते हैं. उन्हीं में से एक है उबटन, जिसका इस्तेमाल पुराने समय से ही चेहरे की देखभाल के लिए किया जाता रहा है. अगर आप भी नेचुरल तरीके से अपनी स्किन में निखार लाना चाहते हैं तो घर पर आसानी से बनने वाला यह देसी उबटन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. यह उबटन न सिर्फ आपकी डेड स्किन में मदद करता है, बल्कि चेहरे को गहराई से साफ करके उसे सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में भी मदद करता है. आइए जानते हैं कि घर पर देसी उबटन कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 2 चम्‍मच बेसन 1 चम्मच चंदन पाउडर 1 चम्मच केसर पाउडर 2 चम्‍मच चावल का आटा 1 चम्‍मच मसूर दाल का पाउडर देसी उबटन कैसे बनाएं ? इस देसी उबटन को बनाने के लिए एक बाउल में सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें गुलाब जल डालकर एक स्मूथ पेस्ट बना लें. इसके बाद चेहरे को साफ पानी से धोकर उबटन को पूरे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें. जब उबटन सूख जाए तो हल्के हाथों से रगड़ते हुए ठंडे पानी से चेहरा धो लें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस उबटन को इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार करें. देसी चीजों से बना यह उबटन स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इनके रेगुलर इस्‍तेमाल से त्‍वचा साफ, ग्‍लोइंग और हेल्‍दी बनती है. इस उबटन में मौजूद बेसन, चंदन, केसर, चावल का आटा और मसूर दाल डेड स्किन को हटाकर चेहरे को सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाते हैं. इन बातों का रखें ध्यान कभी भी उबटन लगाने के बाद चेहरे को जोर-जोर से न रगड़ें. उबटन का इस्तेमाल करने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लें. अगर किसी भी तरह की एलर्जी, खुजली या जलन महसूस हो तो इसे चेहरे पर लगाने से बचें.  

वोटर लिस्ट में बड़ा फेरबदल: SIR से लाखों नाम होंगे वेरिफाई, 3 महीने में आएगी फाइनल लिस्ट

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे फेज का काम शुरू कर दिया है। वोटर ल‍िस्‍ट को अपडेट करने के ल‍िए बूथ लेवल पर वोटरों के वेर‍िफ‍िकेशन की प्रक्र‍िया शुरू कर दी गई है। वोटरों की डिटेल्‍स, प्रूफ करने वाले कागज और वोटर कार्ड जांचने का काम महीनेभर चलेगा। उसके हफ्तेभर बाद वोटर ल‍िस्‍ट का ड्राफ्ट जारी क‍िया जाएगा। यह कच्‍चा ल‍िस्‍ट होगा, इसमें फेरबदल हो सकेगा। जो लोग वोटर वेर‍िफ‍िकेशन में गलती से छूट जाएंगे, उन्‍हें ड्राफ्ट ल‍िस्‍ट से पता चल जाएगा और फ‍िर इसमें अपना नाम जुड़वाने के ल‍िए अपील कर सकेंगे। या फ‍िर कागज सही होने के बावजूद ज‍िन्‍हें वेर‍िफाई नहीं क‍िया जाएगा, वे लोग कंपलेन कर सकेंगे, प्रूफ दे सकेंगे। वोटरों को इसके ल‍िए एक महीने का समय दिया गया है। ऐसे ज‍ितने भी अपील होंगे, क्‍लेम होंगे, सबको दुबारा वेरिफाई क‍िया जाएगा और इसे एक महीने में कर ल‍िया जाएगा। यानी क्‍लेम‍ करने के ल‍िए वोटरों को एक महीने का समय और फ‍िर एक महीना कर्मचार‍ियों को द‍िया जाएगा दुबारा व‍ेर‍िफाई करने के ल‍िए। इसके बाद वोटरों की फाइनल ल‍िस्‍ट जारी कर दी जाएगी। यानी हर राज्‍य में तीन महीना और एक हफ्ता लग जाएगा। क‍िस राज्‍य में कब SIR, कब आएगी नई वोटर ल‍िस्‍ट ? 19 राज्‍यों और केंद्र शास‍ित प्रदेशों में 37.74 करोड़ वोटरों की गहन जांच और सत्‍यापन का काम द‍िसंबर में जाकर खत्‍म होगा। इन सभी राज्‍यों में एकसाथ SIR नहीं होगा, ग्रुप में होगा। 30 मई से ओडिशा और उत्‍तर पूर्व के तीन राज्‍यों स‍िक्किम, मण‍िपुर, म‍िजोरम में SIR शुरू हो चुका है और वहां 6 सितंबर को फाइनल ल‍िस्‍ट आ जाएगी। उत्‍तराखंड में 8 जून को SIR शुरू होगा, 15 स‍ितंबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट आएगी। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हर‍ियाणा और चंडीगढ़ में 15 जून से शुरू होगा, फाइनल ल‍िस्‍ट आएगी 22 स‍ितंबर को। 25 जून से पंजाब और तंलंगाना में होगा, ल‍िस्‍ट आएगी 1 अक्‍टूबर को। द‍िल्‍ली, महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, झारखंड और मेघालय में 30 जून से SIR होगा, 7 अक्‍टूबर को फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट आ जाएगी। नागालैंड में 16 अगस्‍त से, त्रिपुरा में 15 स‍ितंबर से SIR होगा। ल‍िस्‍ट आएगी 22 नवंबर और 23 द‍िसंबर को। SIR क्‍या होता है, क्‍यों जरूरी है? सभी लोगों का नाम वोटर ल‍िस्‍ट में होना चाह‍िए और कोई भी छूटना नहीं चाह‍िए। बशर्ते वह सही हो। बस यहीं शुरू हो जाती है स्‍क्रूटनी की ड्यूटी। पात्रता है क‍ि आप वोटर हों। क्‍या सभी लोग वोटर हैं? नहीं। भारत के नागर‍िक हों और कम से कम 18 साल के हों। 18 साल के होते ही आप खुद अप्‍लाई कर वोटर कार्ड बनवा सकते हैं। बस नागर‍िकता प्रूफ करने वाले मान्‍य कागज जमा करने होते हैं। फि‍र अलग से इतने बड़े स्‍तर पर अभियान क्‍यों? आप जहां के वोटर होते हैं उसी लोकेशन पर हमेशा नहीं रहते। आप जब दूसरी जगह श‍िफ्ट हो जाते हैं तो वहां के वोटर बन जाते हैं, वहां के वोटर ल‍िस्‍ट में आपका नाम जुड़ जाता है। पर कानून और न‍ियम होने के बावजूद अक्‍सर होता है क‍ि पुराने ल‍िस्‍ट में भी आपका नाम पड़ा रह जाए। बच्‍चे बड़े होते हैं, वोटर बनते हैं, और वोटर ल‍िस्‍ट में नए नाम जुड़ते चले जाते हैं। पर बुजुर्ग वोटर जब गुजर जाते हैं, या जो लोग असमय चले जाते हैं, उनका नाम भी वोटर ल‍िस्‍ट में पड़ा रह जाता है। ये तो हुए वाज‍िब और व्‍यावहार‍िक कारण। कई लोग जानबूझकर अलग-अलग जगहों के लिए वोटर कार्ड बनवा लेते हैं। क‍िसी पार्टी, नेता को वोट देकर ज‍िताने के चक्‍कर में या आइडेंटिटी कार्ड के ल‍िए। अलग-अलग आइडेंटिटी से सरकारी योजनाओं का ज्‍यादा फायदा लेने के लिए भी ऐसा क‍िया जाता है। एक और बड़ा मामला है, नागर‍िक नहीं हो और वोटर कार्ड बनवा ल‍िया हो। अभी सबसे बड़ा व‍िवाद का प्‍वाइंट यही है। एक से ज्‍यादा वोटर कार्ड और ब‍िना नागर‍िकता के वोटर कार्ड, दोनों कानूनन जुर्म हैं और ये डुप्लिकेट कार्ड की कैटेगरी मे आते हैं। ऐसा भी होता है क‍ि आपने वोटर कार्ड तो बनवा ल‍िया, पर क‍िसी कारण से उस क्षेत्र के वोटर ल‍िस्‍ट में आपका नाम नहीं जुड़ा हो। इस तरह चार कैटेगरी- ऐबसेंट, श‍िफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट के डेटा को अपडेट करना जरूरी हो जाता है और इसी एक्‍सरसाइज को SIR कहते हैं, स्‍पेशल इंटेंसिव र‍िवीजन सुप्रीम कोर्ट ने क्‍यों कहा क‍ि SIR सही है? संव‍िधान और चुनाव से जुड़े कानून चुनाव आयोग को SIR कराने का अध‍िकार देते हैं। क‍िसी क्षेत्र में वोटरोंं का बदलना बहुत सामान्‍य है और यह चुनाव आयोग की ड्यूटी है क‍ि सही वोटरों की पहचान सुन‍िश्‍च‍ित करे। इसके ल‍िए SIR की जो प्रक्र‍िया आयोग ने अपनाई, उस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगा दी है। चुनाव आयोग ने SIR को जरूरी बताते हुए कहा था क‍ि पिछले 20 वर्षों में तेजी से हुए शहरीकरण और पलायन के कारण वोटर ल‍िस्‍ट में बड़े पैमाने पर नाम जोड़े गए, हटाए गए। एक वोटर का नाम एक से ज्‍यादा ल‍िस्‍ट में आने, दो वोटर कार्ड होने जैसी गड़बड़‍ियां बढ़ गई थी। हालांक‍ि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है क‍ि वोटर ल‍िस्‍ट से नाम कटने या नाम नहीं जुड़ने का यह मतलब नहीं क‍ि वह नागर‍िक नहीं है। चुनाव आयोग क‍िसी को नागर‍िक होने या न होने का सर्टिफ‍िकेट नहीं देता। SIR का इंपैक्‍ट स‍िर्फ वोटर ल‍िस्‍ट तक ही रहेगा। ज‍िनका नाम ल‍िस्‍ट से बाहर हुआ है, उसे आयोग अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दे और सही साबित होने पर उसे दोबारा शाम‍िल करना सुन‍िश्चित करे। बिहार में हुए SIR के ख‍िलाफ दायर केस में सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। इससे मौजूदा SIR की प्रक्रि‍या और चुनाव आयोग को बल म‍िला है। जहां SIR, वहां कब हैं चुनाव? 2027 में 7 राज्‍यों में व‍िधानसभा चुनाव होंगे। पंजाब, उत्‍तराखंड, गोवा, मण‍िपुर में मार्च से पहले चुनाव होंगे, मई से पहले उत्‍तर प्रदेश में और द‍िसंबर से पहले गुजरात और ह‍िमाचल प्रदेश में। उत्‍तर प्रदेश में SIR हो चुका है, फाइनल वोटर ल‍िस्‍ट अप्रैल में आ चुकी है। पंजाब, उत्‍तराखंड, मण‍िपुर में इसी फेज में SIR है। ह‍िमाचल प्रदेश में SIR बाकी है और अभी वाले शेड्यूल में नहीं है। वहां फरवरी 2027 में जनगणना पूरी … Read more

तबादला घोटाले पर गिरी गाज: व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अफसर निलंबित, जांच शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. विभाग के प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा और प्रधान सहायक इमरान अहमद पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है. इस कदम को राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. ट्रांसफर के नाम पर करते थे धन उगाही जानकारी के अनुसार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन के आदेश जारी किए हैं. वहीं निदेशक प्रशिक्षण अभिषेक सिंह ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कराया. विभागीय सूत्रों के मुताबिक सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा पर कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और अपने पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. आरोप है कि स्थानांतरण सत्र के दौरान विभाग में तबादलों के नाम पर धन उगाही का खेल चल रहा था और इसमें उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. बताया जा रहा है कि तबादले कराने के लिए संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से मोटी रकम वसूली जाती थी. सूत्रों का दावा है कि स्थानांतरण कराने के बदले करीब 10 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था. वहीं प्रधान सहायक इमरान अहमद के खिलाफ भी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं. उन पर भ्रष्टाचार, कर्मचारियों के उत्पीड़न और धार्मिक आधार पर भेदभाव करने के आरोप लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, विभागीय जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि वह कुछ लोगों के साथ मिलकर एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे. ऐसे करते थे उगाही आरोप है कि अलग-अलग नामों से विभाग में शिकायतें दर्ज कराई जाती थीं और बाद में उन्हीं शिकायतों के निस्तारण या कार्रवाई रोकने के नाम पर संबंधित कर्मचारियों से धन की मांग की जाती थी. इस तरह विभाग में भय और दबाव का माहौल बनाकर कथित रूप से धन उगाही की जाती थी. सरकारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान सहायक निदेशक धीरेन्द्र कुमार झा को देवीपाटन मंडल से संबद्ध किया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. इस कार्रवाई के बाद व्यावसायिक शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है. विभाग के कर्मचारियों के बीच इस मामले की व्यापक चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है. अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

RS चुनाव बना सियासी रण: JMM-कांग्रेस में खींचतान, BJP की भी एंट्री से मुकाबला दिलचस्प

 धनबाद Jharkhand Rajya Sabha Election झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाला चुनाव इस बार राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। एक जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन उससे ठीक पहले सत्ताधारी महागठबंधन के भीतर उम्मीदवारों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। JMM, Congress, RJD & CPI ML माले के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इसी बीच भाकपा माले ने भी खुलकर राज्यसभा की एक सीट पर अपना दावा पेश कर दिया है। इससे महागठबंधन के भीतर राजनीतिक समीकरण और जटिल हो गए हैं। महागठबंधन के सामने माले की नई चुनौती भाकपा माले ने राज्यसभा चुनाव में पूर्व विधायक विनोद सिंह को उम्मीदवार बनाने की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि 2024 के विधानसभा चुनाव में उसने महागठबंधन का मजबूत सहयोगी बनकर भूमिका निभाई थी और सरकार गठन में भी समर्थन दिया था। माले के प्रदेश सचिव मनोज भक्त और विधायक अरूप चटर्जी ने स्पष्ट किया है कि पार्टी ने सत्ता में भागीदारी नहीं मांगी थी, लेकिन अब राज्यसभा में प्रतिनिधित्व चाहती है। माले के दो विधायक हैं और पार्टी इसे अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के रूप में देख रही है। ऐसे में गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव बढ़ गया है। झामुमो में अंजनी सोरेन सबसे आगे, परिवार से ही होगा एक उम्मीदवार राज्यसभा की दोनों सीटों पर झामुमो की नजर है, हालांकि कांग्रेस भी एक सीट की दावेदार बनी हुई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन अंजनी सोरेन का नाम सबसे आगे चल रहा है। झामुमो के भीतर यह तर्क दिया जा रहा है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से रिक्त हुई सीट पर उनके परिवार के किसी सदस्य को भेजा जाना चाहिए। अंजनी सोरेन लंबे समय तक ओडिशा की राजनीति में सक्रिय रही हैं। हालांकि पार्टी के भीतर कल्पना सोरेन और लता सोरेन के नामों पर भी चर्चा जारी है। कल्पना सोरेन को प्रभावी वक्ता माना जाता है, लेकिन पार्टी का एक वर्ग उन्हें राज्य की राजनीति से दूर भेजने के पक्ष में नहीं है। नाथवाणी की सक्रियता और कांग्रेस की दावेदारी ने बढ़ाई सियासी हलचल राज्यसभा चुनाव को लेकर उद्योगपति परिमल नाथवाणी का नाम भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि वह एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा जाने के प्रयास में हैं और झामुमो नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस भी गठबंधन धर्म का हवाला देकर एक सीट की मांग पर अड़ी हुई है। यदि कांग्रेस को एक सीट मिलती है तो झामुमो के हिस्से में केवल एक सीट आएगी। ऐसे में उम्मीदवार चयन और सहयोगी दलों की संतुष्टि, दोनों ही सत्ताधारी गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद ही सामने आएगा। भाजपा बहुमत से दूर, फिर भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी विपक्षी NDA के पास फिलहाल 24 विधायक हैं, जबकि एक सीट जीतने के लिए 28 मतों की जरूरत है। इसके बावजूद BJP चुनावी मुकाबले से पीछे हटने के मूड में नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और धनबाद के उद्योगपति नंदलाल अग्रवाल के नाम संभावित उम्मीदवारों के रूप में चर्चा में हैं। धनबाद के नंदलाल अग्रवाल उर्फ नंदू अग्रवाल बड़े उद्योगपति हैं। वह चुनाव को मैनेज करने की क्षमता रखते हैं। भाजपा को उम्मीद है कि राजनीतिक परिस्थितियां उसके पक्ष में बन सकती हैं। वहीं जेएलकेएम विधायक जयराम महतो का एक वोट भी दूसरी सीट के समीकरण में अहम माना जा रहा है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग, रणनीतिक समर्थन और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरण राज्यसभा चुनाव को रोमांचक बना सकते हैं। फिलहाल संख्या बल महागठबंधन के पक्ष में है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और सीट बंटवारे पर मचा घमासान चुनाव को पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बना चुका है। राज्यसभा चुनाव में पैसे का भी जमकर खेल होता है। झामुमो गठबंधन इसे लेकर अभी से आशंकित है।

अक्षरधाम और ताज के बाद टिफनी ट्रंप जैसलमेर में, सूर्यागढ़ होटल में ठहराव और हाई अलर्ट सुरक्षा

 जैसलमेर दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर और आगरा में ताज महल का दीदार करने के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप (Tiffany Trump) आज (रविवार) राजपूताना शान का अनुभव करने राजस्थान के जैसलमेर (Jaisalmer) पहुंच गई हैं. करीब 11 बजे जैसलमेर एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त उनके पति माइकल बलोस (Michael Boulos) ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन भी किया है. इस दौरान एयरपोर्ट को भारी पुलिस फोर्स के साथ-साथ एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती भी देखी गई. लक्जरी सूर्यागढ़ होटल में ठहरेंगी टिफनी सूत्रों के मुताबिक, टिफनी ट्रंप और उनके पति का जैसलमेर के मशहूर और बेहद आलीशान सूर्यागढ़ होटल (Suryagarh Hotel) में रुकने का कार्यक्रम है. अपने दो दिवसीय इस निजी दौरे में टिफनी ट्रंप मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी संस्कृति का करीब से अनुभव करेंगी. उनका संभावित कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले वे विश्व प्रसिद्ध सोनार किला (Jaisalmer Fort) देखने जाएंगे. उसके बाद नक्काशीदार पटवों की हवेली और ऐतिहासिक गड़ीसर लेक घूमने जाएंगी. शाम के समय वह सम (Sam Sand Dunes) के रेतीले धोरों में मरुस्थलीय सौंदर्य और राजस्थानी लोक संस्कृति का आनंद लेंगी. वह सोमवार को अपना जैसलमेर दौरा पूरा कर यहां से प्रस्थान करेंगी. भारत-पाक सीमा का हाई-अलर्ट चूंकि जैसलमेर एक संवेदनशील सीमावर्ती जिला (Border District) है और यहां से भारत-पाकिस्तान की सीमा सटी हुई है, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी के दौरे को लेकर सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उन्हें स्टेट गेस्ट (State Guest) का दर्जा दिया गया है. खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस लगातार समन्वय कर रही हैं. पर्यटन स्थलों से लेकर उनके होटल तक के रूट पर ट्रैफिक रेगुलेशन और कड़े सुरक्षा घेरे की व्यवस्था की गई है. ट्रंप परिवार का जैसलमेर से पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप परिवार का कोई सदस्य मरुधरा की धरती पर कदम रख रहा है. इससे पहले नवंबर 2018 में डोनाल्ड ट्रंप की बड़ी बेटी इवांका ट्रंप के पति और तत्कालीन व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर (Jared Kushner) भी जैसलमेर आ चुके हैं. वह इसी सूर्यागढ़ होटल में एक हाई-प्रोफाइल शादी में शामिल होने पहुंचे थे, तब भी अमेरिका और राजस्थान पुलिस ने मिलकर अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की थी.      दिल्ली और आगरा में बिताए यादगार पल जैसलमेर पहुंचने से पहले टिफनी और माइकल बलोस ने अपनी भारत यात्रा की शुरुआत नई दिल्ली से की थी. शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर (Akshardham Temple) के दर्शन किए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर मंदिर की भव्यता की तस्वीरें भी साझा कीं. इसके बाद शनिवार को इस जोड़े ने आगरा पहुंचकर ताज महल का दीदार किया और यूनेस्को विश्व धरोहर के सामने तस्वीरें खिंचवाईं.