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भीषण गर्मी पर पीएम मोदी की अपील: पानी पिएं, धूप से बचें और देसी शीतल पेयों को अपनाएं

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मन की बात रेडियो कार्यक्रम में देश के सामने अपनी बातों को रखा। पीएम मोदी ने शुरुआत 134वें एपिसोड की शुरुआत हाल ही में हुए नेशनल एथलेटिक्स फेडरेशन कॉम्पटीशन से किया। उन्होंने इस दौरान एथलीट गुरिंदरवीर सिंह, अनिमेष कुजूर से बात की। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही झारखंड के रांची में हुए सीनियर एथलेटिक्स कॉम्पटीशन में करीब 800 एथलीट्स ने हिस्सा लिया। इसमें कुल मिलाकर चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। पीएम ने कहा कि वह इन सभी एथलीट्स को इसके लिए बधाई देना चाहते हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री ने दोनों एथलीट्स से बात की और उनकी जर्नी के बारे में जाना। पीएम ने गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर का जिक्र करते हुए कहा कि हमने संगीत में जुगलबंदी देखी है कि एक चुनौती दे और दूसरी उठा ले। फिर तीसरी बार कर ले। लेकिन अनिमेष कजूर और गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स के क्षेत्र में ऐसा करके देश का नाम रोशन किया है। गर्मी को लेकर पीएम की देशवासियों से अपील प्रधानमंत्री मोदी ने देश में पड़ रही भीषण गर्मी को लेकर भी देश वासियों के सामने अपनी पुरानी अपील को दोहराया। उन्होंने कहा, "मेरे प्यारे देशवासियों, इस समय देश के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में मौसम में सभी को अपना ध्यान रखने की जरूरत है। पानी पीते रहिए। धूप में अगर निकलना ही पड़े तो थोड़ा संभल कर निकलिए। सरकार ने देश भर के लिए जो गाइडलाइंस दी हैं। उनको भूलिएगा नहीं। पीएम मोदी ने कहा, साथियों हमारे यहां गर्मी से लड़ने का तरीका कई बार हमारी रसोइयों में भी मिल जाता है। आपने देखा होगा जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है। वैसे-वैसे घर की रसोई का स्वाद बदल जाता है। रसोई का प्रकार भी बदल जाता है। कहीं मटके का पानी निकल आता है, कहीं दही जमने लगता है, तो कहीं आम उबलने लगता है और फिर शुरू होता है देशी पेय का दौर… देशी पेय से आप सभी भी परिचित होंगे। उत्तर भारत में आप जाएंगे तो आपको आम पन्न मिलेगा। कच्चे आम का स्वाद और गर्मी से राहत। पंजाब और हरियाणा में लस्सी मिल जाएगी। बड़े गिलास वाली लस्सी। राजस्थान और गुजरात में छाछ। बिहार झारखंड में सत्तू का शरबत, उसकी तो बात कही क्या है। पेट भी भरे और ताकत भी दे। इसके बाद पीएम मोदी ने देश के अन्य हिस्सों के प्रमुख शीतल पेय पदार्थों का जिक्र करते हुए उन्हें भारत की एकता का परिचायक बताया। आमों की तमाम किस्मों की दी जानकारी प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में देश में पैदा होने वाली तमाम आम की किस्मों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "साथियों, गर्मी आते ही एक और चर्चा घर में शुरू हो जाती है और वह है आम की। आम, चर्चा का विषय होता ह। भारत में शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जहां गर्मियों में आम की बात न होती हो। हर इलाके में अपना आम और उसका अपना स्वाद होता है। अपनी खुशबू होती है। महाराष्ट्र के कोंकण में हापुस, अलफांसो, गुजरात का केसर, यह तो आमरस की जान है। उत्तर प्रदेश का दशहरी और मेरी काशी का लंगड़ा। वैसे, लंगडा आम की खास बात यह होती है कि वह पकने के बाद भी हरे रंग का ही रहता है। बिहार का जर्दालू जिसकी खुशबू दूर से पहचान में जा जाती है। चौसा और मालदा हर नाम के साथ लोगों की यादें जुड़ी हुई हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापरी, नीलम, मलगोवा, बंगाल का हिमसागर, ओडिशा और आंध्र प्रदेश का सुवर्णरेखा का भी जिक्र किया। नीदरलैंड्स से ताई तांबे की ऐतिहासिक प्लेट्स की बात प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यक्रम हालिया नार्डिक देशों की यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, "प्यारे देशवासियों बीते दिनों मुझे यूरोप के नीदरलैंड्स जाने का अवसर मिला। वहाँ मैं कई बैठकों में शामिल हुआ। इसी दौरान ऐसा समय भी आया, जिसने हर भारतीय को गर्व से भर दिया। नीदरलैंड्स में आयोजित एक विशेष समारोह में चोल काल की प्राचीन ताम्र प्लेट्स भारत को वापस सौंपी गईं। उस कार्यक्रम में नीदरैंड्स के प्रधानमंत्री भी मौजूद थे। इन प्लेट्स को लेकर मुझे देश विदेश से लगातार संदेश मिल रहे हैं। सभी इनको लेकर खुशी जता रहे हैं, गर्व व्यक्त कर रहे हैं। दुनियाभर के तमिल समुदाय के लोग इससे उत्साहित हैं। खगोल विज्ञान में युवाओं की बढ़ रही रुचि प्रधानमंत्री मोदी ने इसके बाद युवाओं की खगोलशास्त्र में बढ़ती रुचि का भी जिक्र किया। उन्होंने जोर दिया कि प्राचीन काल से भी भारत में खगोल शास्त्र को लेकर विशेष दिलचस्पी रही है। अब इस दौर में भी युवा इसी तरफ मुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि पिछले कुछ समय से देश में एस्ट्रोनॉमी क्ल्ब्स तेजी के साथ लोकप्रिय हो रहे हैं। खगोल मण्डल नाम की एक टीम ने 30 घंटेका एक बहुत इनेवेटिव कोर्स लॉन्च किया है।

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर बढ़ी हलचल

नई दिल्ली आज मई का आखिरी दिन है और कल से तमाम बड़े फाइनेंशियल बदलावों के साथ जून का महीना शुरू होने जा रहा है, जो पहली तारीख से ही लागू (Rule Change From 1st June) होने वाले हैं. इन बदलावों का असर हर घर हर जेब पर पड़ने वाला है. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों (LPG Cylinder Price) में किसी भी तरह का कोई बदलवा जहां घर की रसोई के बजट पर असर डालने वाला साबित होगा, तो वहीं पेट्रोल-डीजल पर नया निर्यात शुल्क (Petrol-Diesel Export Duty) भी 1 जून से लागू होने वाला है. इसके अलावा कार के शौकीनों पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है. ऐसे ही पांच बड़े बदलावों पर नजर डालते हैं. पहला बदलाव: एलपीजी सिलेंडर को लेकर दो चेंज   हर महीने की पहली तारीख को ऑयल मार्केटिंग कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं और नए रेट्स (LPG Cylinder New Rates) जारी करती हैं. जून महीने की पहली तारीख को भी एलपीजी प्राइस में बदलाव देखने को मिल सकता है. मिडिल ईस्ट संकट के चलते बीते कुछ महीनों में सिलेंडर महंगा किया गया था. इसके बाद फिलहाल दिल्ली (Delhi LPG Cylinder Price) में 14 किलोग्राम वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये का मिल रहा है, जबकि 19 किलोग्राम वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर 2078 रुपये में मिल रहा है. इसके अलावा वेस्ट एशिया संकट को देखते हुए लोगों को गैस की कोई दिक्‍कत नहीं आए, इसलिए कुछ अन्य खास बदलाव किए जा रहे हैं. इसमें से एक बदलाव 1 जून से लागू होने जा रहा है, जिसके तहत आपका रसोई सिलेंडर कनेक्‍शन कैंसिल हो सकता है. सरकार ने कहा है कि अगर पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्‍शन हैं, तो एलपीजी को सरेंडर करना होगा. हालांकि, इसके बावजूद भी लोग पीएनजी का कनेक्‍शन ले रहे हैं, लेकिन एलपीजी को सरेंडर नहीं कर रहे हैं, ऐसे घरों की पहचान शुरू कर दी गई है. दूसरा बदलाव: Petrol-Diesel और ATF   जून महीने की पहली तारीख को हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसमें आने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव का सीधा असर हवाई यात्रा करने वाले लोगों की जेब पर पड़ता है. इसके अलावा वेस्ट एशिया संघर्ष के चलते गहराए तेल संकट के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात (Petrol-Diesel New Export Duty) पर नए शुल्क लागू करने का फैसला किया है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होंगे. सरकारी नोटिफिकेशन पर नजर डालें, तो पहली तारीख से पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क तय किया गया है. तीसरा बदलाव: HDFC Bank के नियम 1 जून 2026 से HDFC Bank अपने करंट अकाउंट समेत अन्य कई खातों से जुड़े नियम बदलने जा रहा है. पहली तारीख से छोटे नोट और सिक्कों के कैश डिपॉजिट पर नई लिमिट के साथ ही नया चार्ज लागू होगा. अब तक इन छोटे नोटों के कैश डिपॉजिट पर कोई मंथली लिमिट सेट नहीं थी, लेकिन नोट डिपॉजिट पर करीब 4% और सिक्के जमा करने पर लगभग 5% चार्ज लगता था. अब ये बदल रहा है. बैंक के मुताबिक, नए नियमों के तहत 20 रुपये या उससे कम मूल्य के नोट के लिए लिमिट 10000 रुपये प्रति माह, जबकि सिक्कों के लिए 5,000 रुपये प्रतिमाह की लिमिट सेट की गई है. इससे अधिक कैश जमा पर 2 फीसदी का एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा. ध्यान रहे ये लिमिट के बाद की एक्स्ट्रा जमा राशि पर लागू होगा. चौथा बदलाव: Solar Panel से जुड़ा नियम जून महीने की पहली तारीख से चौथा बदलाव सोलर पैनल से जुड़ा हुआ है, 1 जून 2026 से सोलर पैनल के लिए अप्रूव्ड मॉडल और मैन्युफैक्चरर लिस्ट (ALMM List-II) मान्य होगी. इसके लागू होने से सरकारी स्कीम्स और अन्य तमाम सब्सिडी वाले प्रोजेक्ट्स में उन्हीं सोलर मॉड्यूल और सेल का इस्तेमाल करा होगा, जो इस लिस्ट में शामिल होंगे. इनकी क्वालिटी और गुणवत्ता को लेकर ये कदम उठाया जा रहा है और ऐसे में आशंका जताई जा रही कि सोलर पैनल के दाम (Solar Panel Price) बढ़ सकते हैं. पांचवां बदलाव: मारुति की कारें महंगी 1 जून से कारों के शौकीनों पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ने जा रही है. दरअसल, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने बीते दिनों अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने का ऐलान किया था. नई कीमतें कल से लागू होने जा रही हैं, इसी के साथ ऑल्टो से लेकर ब्रेजा और विक्टोरिस समेत अन्य कारें महंगी हो जाएंगी. Maruti Suzuki के मुताबिक, अलग-अलग मॉडलों पर कार की कीमतों में मैक्सिमम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की जी रही है.

राष्ट्रीय बागवानी मिशन बना सहारा, महासमुंद के किसान रतिराम को धनिया खेती से फायदा

महासमुन्द. जिले के विकासखंड महासमुंद अंतर्गत ग्राम अछरीडीह के प्रगतिशील कृषक श्री रतिराम पटेल ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों को अपनाते हुए अपनी आय में अच्छी वृद्धि की है। कृषक पटेल बताते हैं कि पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती करते थे, जिसमें अधिक लागत के बावजूद सीमित आय प्राप्त होती थी। बेहतर आमदनी और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया और साग-सब्जी एवं मसाला फसलों की खेती की ओर कदम बढ़ाया। वर्ष 2025-26 में पटेल ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत मसाला क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़कर 0.87 हेक्टेयर क्षेत्र में धनिया फसल का उत्पादन किया। विभाग द्वारा उन्हें योजना के तहत 17,400 रुपये का अनुदान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में प्रदान किया गया। उन्होंने खेती में ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, जिससे उत्पादन लागत में कमी आई और फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। रतिराम पटेल बताते हैं कि पूर्व में धान की खेती से उन्हें कुल लाभ सीमित ही मिलता था। वहीं धनिया की खेती अपनाने के बाद उन्हें लगभग 35 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा कुल लाभ लगभग 50,000 रुपए तक पहुंच गया। श्री रतिराम पटेल की सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान तथा उनके रिश्तेदार भी उद्यानिकी फसलों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए उत्साहित हो रहे हैं।

शिक्षा और आबकारी विभाग में भी बदलाव, 30 जिलों में नए बीएसए और कई अधिकारी इधर से उधर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागों के काम काज को चुस्त-दुरुस्त और तेज बनाने के लिए योगी सरकार लगातार ऐक्शन मोड में है। इस बीच कई विभागों में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। परिवहन, शिक्षा, आबकारी विभाग में कई अधिकारी इधर से उधर किए गए हैं। शासन ने 28 सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) मनोज कुमार मिश्रा को एआटीओ (प्रशासन) गौतमबुद्धनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात सोमलता यादव को एसआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) कानपुर नगर, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीरजापुर विजय प्रकाश सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) प्रयागराज, एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत वीरेंद्र सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर मो.अजीम को एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती, एआरटीओ (प्रशासन) बलिया अरुण कुमार राय को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मीराजापुर बनाया गया है। एआरटीओ (प्रवर्तन) बिजनौर गौरी शंकर ठाकुर को एआरटीओ (प्रशासन) फिरोजाबाद, एआरटीओ (प्राविधिक) परिक्षेत्र लखनऊ हिमांशु जैन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मुख्यालय के साथ एआरटीओ (प्रशासन) विस्तार पटल लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। एआरटीओ (प्रशासन) श्रावस्ती विनीत कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रवर्तन चतुर्थ दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) हमीरपुर अमिताभ राय को एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी बनाया गया है। एआरटीओ (प्रशासन) बाराबंकी अंकित शुक्ला को एआरटीओ (प्रवर्तन द्वितीय दल) गाजियाबाद, एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़ अतुल कुमार यादव को एआरटीओ (प्रशासन) देवरिया, एआरटीओ (प्रवर्तन) प्रतापगढ़ दिलीप कुमार गुप्ता को एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी, एआरटीओ (प्रवर्तन) अमरोहा महेश कुमार शर्मा को एआरटीओ (प्रशासन) बिजनौर, एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ प्रवेश कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) शामली, एआरटीओ (प्रशासन) शामली रोहित राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) कानपुर देहात, एआरटीओ (प्रशासन) मीरजापुर संतोष कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) फतेहपुर, एआरटीओ (प्रशासन) एटा सत्येन्द्र कुमार को एआरटीओ (प्रशासन) अलीगढ़ के पद पर तैनाती दी गई है। एआरटीओ (प्रशासन) मैनपुरी शिवम यादव को एआरटीओ (प्रशासन) एटा, एआरटीओ (प्रवर्तन) फर्रुखाबाद सुभाष चंद्र राजपूत को एआरटीओ (प्रवर्तन) आजमगढ़, एआरटीओ (प्रवर्तन तृतीय दल) वाराणसी सुधांशु रंजन को एआरटीओ (प्रवर्तन प्रथम दल) मेरठ, एआरटीओ (प्रवर्तन) सोनभद्र राजेश्वर यादव को एआरटीओ (प्रशासन) कुशीनगर, एआरटीओ (प्रवर्तन) मीरजापुर सुशील कुमार मिश्रा को एआरटीओ (प्रशासन) पीलीभीत, एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) प्रवीण कुमार सिंह को एआरटीओ (प्रशासन) हमीरपुर तथा एआरटीओ (बाध्य प्रतीक्षा) सौम्या पांडेय को एआरटीओ (प्रशासन) उरई बनाया गया है। डिप्टी और असिस्टेंट रजिस्ट्रार भी बदले गए राज्य विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। उप्र राज्य विवि सेवा के रजिस्ट्रार व परीक्षा नियंत्रकों के तबादले किए गए हैं। वहीं डिप्टी व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण किया गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली का और अमृत लाल को महाराजा सुहेलदेव विवि आजमगढ़ का रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार को बनाया गया है। कई डिप्टी रजिस्ट्रार व असिस्टेंट रजिस्ट्रार का भी स्थानांतरण दूसरे विश्वविद्यालयों में किया गया है। लखनऊ समेत छह आबकारी उपायुक्त बदले शासन ने जिला आबकारी अधिकारियों के तबादले के बाद शनिवार को उप आबकारी आयुक्तों को भी स्थानांतरित कर दिया। वाराणसी मंडल के उप आबकारी आयुक्त प्रदीप दुबे को लखनऊ, राकेश कुमार सिंह को लखनऊ से आगरा, विजय प्रताप सिंह को आगरा से देवीपाटन मंडल गोंडा, आलोक कुमार को देवीपाटन मंडल गोंडा से उप आबकारी आयुक्त (विधि) मुख्यालय, राकेश कुमार अग्रवाल को गोरखपुर से बरेली, शैलेंद्र प्रताप सिंह को बरेली से वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। 30 जिलों में तैनात किए गए नए बीएसए उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ख के 30 बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) का शनिवार को तबादला किया गया। इसके साथ ही 19 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के वरिष्ठ प्रवक्ता व राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में तैनाती दी गई है। संतोष कुमार शामली, राकेश सिंह आगरा, अनिल कुमार फिरोजाबाद, आलोक सिंह अलीगढ़, रणवीर सिंह हाथरस, अनुपम अवस्थी एटा, नवीन कुमार बदायूं, जय शंकर श्रीवास्तव शाहजहांपुर के बीएसए बनाए गए हैं। वीरेंद्र कुमार सिंह बुलंदशहर, दीपा भाटी हापुड़, देवव्रत सिंह प्रतापगढ़, प्रिंसी मौर्य फतेहपुर, भूपेंद्र सिंह वाराणसी, समीर जौनपुर, गोरखनाथ पटेल सीतापुर, डा. राम जियावन मौर्य देवरिया के बीएसए बनाए गए हैं। अनिल कुमार सिंह कुशीनगर, अमित सिंह मुरादाबाद, हरिओम सिंह कानपुर नगर, आशीष कुमार पांडेय कानपुर देहात, रत्नेश कुमार ललितपुर, पूनम मिश्रा अंबेडकरनगर, विकास चौधरी जालौन, पूनम कन्नौज, मुकेश खरवार हमीरपुर, जितेंद्र कुमार गौड़ झांसी, रंजना शुक्ला चित्रकूट, विकास चंद्र श्रीवास्तव बलरामपुर, सुरजीत सिंह महाराजगंज और विकास कुमार सिंह मैनपुरी के बीएसए बनाए गए हैं। स्वाती भारती व दिव्या गुप्ता को सहायक उप शिक्षा निदेशक एससीईआरटी बनाया गया है। विमलेश कुमार को बेसिक शिक्षा निदेशक के कार्याल का विधि अधिकारी बनाया गया है। चंद्र प्रकाश को बेसिक शिक्षा निदेशालय का सहायक उप शिक्षा निदेशक बनाया गया है।

घरेलू गैस के दाम नहीं बदले, कमर्शियल सिलेंडर भी स्थिर

नई दिल्ली एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आज 31 मई को कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी पुरानी कीमतें ही बरकरार हैं। ईरान युद्ध की वजह से एलपीजी सिलेंडर, सीएनजी और पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बीते तीन महीने के दौरान बदलाव देखने को मिला है। बता दें, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तरफ से जारी रेट्स के अनुसार एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये में आज रविवार को दिल्ली में बिक रहा है। वहीं, मुंबई में इसका रेट 912.50 रुपये है। कोलकाता में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये है। पिछले महीने कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 900 रुपये का इजाफा किया गया था। उसके बाद से रेट्स में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। बता दें, युद्ध शुरू होने के बाद से घरेलू सिलेंडर का रेट 60 रुपये महंगा हुआ है। घरेलू सिलेंडर का क्या है रेट? (Domestic LPG Cylinder Price Today) दिल्ली – 913 रुपये कोलकाता – 939 रुपये मुंबई – 912.50 रुपये चेन्नई – 928.50 रुपये गुरुग्राम – 921.50 रुपये नोएडा – 910.50 रुपये बेंगलुरू- 915.50 रुपये भुवनेश्वर – 939 रुपये चंडीगढ़ – 922.50 रुपये हैदराबाद – 965 रुपये जयपुर – 916.50 रुपये लखनऊ – 950.50 रुपये पटना – 1002.50 रुपये तिरुअनंतपुरम् – 922.50 रुपये कॉमर्शियल सिलेंडर का क्या है रेट? (Commercial LPG Price Today) नई दिल्ली – 3071.50 रुपये कोलकाता – 3202 रुपये मुंबई -3024 रुपये चेन्नई – 3237 रुपये गुरुग्राम – 3088 रुपये नोएडा – 3071.50 रुपये बेंगलुरू- 3152 रुपये भुवनेश्वर – 3238 रुपये चंडीगढ़ – 3082.50 रुपये हैदराबाद – 3315 रुपये लखनऊ- 3194 रुपये जयपुर – 3099 रुपये पटना – 3346.50 रुपये तिरुअनंतपुरम् – 3106 रुपये सरकार ने कहा पर्याप्त है एलपीजी केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में जारी बयान में कहा गया है कि देश में पर्याप्त मात्रा में एलपीजी है। ऐसे में किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। मौजूदा परिस्थितयों को देखते हुए केंद्र सरकार ने एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश घरेलू कंपनियों को दिया है। मौजूदा समय में एलपीजी प्रोडक्शन 52000 टन के आल टाइम हाई पर पहुंच गया है। नियमों में कड़ाई (LPG Cylinder Bookin Rule) एलपीजी सिलेंडर को लेने के लिए पहले से नियमों को कड़ा कर दिया गया है। बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर अब किसी को नहीं मिल रहा है। सरकार ने गांव में 45 दिन और शहरों में 25 दिन की लिमिट लगाई है। इससे पहले एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नहीं की जा सकती है।

गुरिंदर सिंह ढिल्लों और CM सैनी की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

चंडीगढ़. डेरा ब्यास के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके कैंप ऑफिस में मुलाकात की। इस मुलाकात से पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले संभावित चुनावी गठबंधनों को लेकर नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े लोगों ने इस मुलाकात के राजनीतिक महत्व को कम करके दिखाने की कोशिश की और इसे सामाजिक शिष्टाचार और धार्मिक नेताओं के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया, लेकिन इस मुलाकात सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सैनी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख चेहरों में से एक के तौर पर पेश किया जा रहा है। उन्हें चुनावों से पहले पंजाब में पार्टी की मौजूदगी और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने का काम सौंपा गया है। इस भूमिका में सैनी लगातार पंजाब का दौरा भी कर रहे हैं। सीएम ने शेयर की तस्वीरें हरियाणा मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने आधिकारिक एक्स एकाउंट से तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, 'डेरा ब्यास प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी का आज संत कबीर कुटीर पधारने पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया।' इस मुलाकात का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इससे कुछ समय पहले ही बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने पंजाब की एक जेल में पूर्व अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भेंट की थी। उस मुलाकात ने भी पूरे राज्य में राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों को जन्म दिया था। राजनीतिक हलचल हुई तेज कैंप ऑफिस में की शिष्टाचार मुलाकात। सीएम कार्यालय ने इस सामाजिक शिष्टाचार से जुड़ी मुलाकात बताया। सीएम सैनी ने एक्स पर लिखा, उनसे शिष्टाचार भेंट कर सपरिवार आशीर्वाद प्राप्त किया। सीएम सैनी इन दिनों पंजाब में कई बार दौरा कर चुके हैं। इससे पहले बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बिक्रमजीत सिंह मजीठिया से भी मुलाकात की थी। साल 2027 के शुरुआत में पंजाब विधानसभा चुनाव होने हैं।       बता दें कि डेरा ब्यास को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली धार्मिक संप्रदायों में से एक माना जाता है। पूरे उत्तर भारत में, विशेष रूप से पंजाब में, इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले, BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी विभिन्न डेरों और संप्रदाय प्रमुखों से जुड़ने के लिए एक विशेष टीम तैनात की थी।

Bargi Cruise हादसा: चश्मदीद का दावा- एम्बुलेंस में नहीं था मेडिकल स्टाफ, जांच टीम को दिए वीडियो सबूत

जबलपुर. मध्य प्रदेश के बहुचर्चित बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल रहे बरगी निवासी नीरज मिश्रा ने जांच आयोग के समक्ष कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची 108 एम्बुलेंस में चालक के अलावा कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था, जिसके कारण घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। इस संबंध में उन्होंने वीडियो, पेन ड्राइव और 14 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत शिकायत न्यायिक जांच आयोग को सौंपी है। नीरज मिश्रा ने न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपे गए दस्तावेजों में कहा है कि क्रूज डूबने के बाद कई लोगों को स्थानीय लोगों ने पानी से बाहर निकाला था। इनमें कुछ लोग जीवित थे और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता थी। आरोप है कि मौके पर पहुंची एम्बुलेंस में न तो कोई अटेंडर मौजूद था और न ही कोई प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, जिससे शुरुआती उपचार नहीं मिल पाया। उन्होंने आयोग को एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें कथित रूप से एम्बुलेंस चालक यह स्वीकार करता दिखाई दे रहा है कि वह अकेले मौके पर पहुंचा था। राहत और बचाव कार्य पर उठे सवाल शिकायत में दावा किया गया है कि हादसे के बाद प्रशासनिक प्रतिक्रिया अपेक्षित स्तर की नहीं थी। नीरज मिश्रा के अनुसार शाम 5:30 बजे से 6:15 बजे के बीच हुई घटना के बाद भी राहत और बचाव दल समय पर सक्रिय नहीं हो सके। SDRF और अन्य आपदा प्रबंधन संसाधनों के देर से पहुंचने के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मोटर बोट, प्रशिक्षित गोताखोर और आपदा राहत दल तत्काल सक्रिय हो जाते, तो जनहानि को कम किया जा सकता था। बीमा और सुरक्षा मानकों पर भी सवाल शिकायत में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्रूज और यात्रियों के लिए बीमा व्यवस्था होना आवश्यक है। आरोप है कि दुर्घटनाग्रस्त क्रूज और उसमें सवार पर्यटकों का कोई बीमा नहीं था, जबकि यात्रियों से टिकट शुल्क लिया गया था। इसके अलावा लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, आपातकालीन संचार व्यवस्था और मौसम संबंधी सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर भी जांच की मांग की गई है। 13 लोगों की गई थी जान गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम बरगी बांध के बैकवॉटर क्षेत्र में 41 लोगों को लेकर निकला क्रूज पानी में डूब गया था। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया था। 60 दिन में देनी है रिपोर्ट राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायिक जांच समिति पर्यटन विभाग के अधिकारियों, रिसॉर्ट प्रबंधन और क्रूज चालक के बयान दर्ज कर चुकी है। आयोग को 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। अब प्रत्यक्षदर्शी द्वारा प्रस्तुत नए साक्ष्यों और शिकायतों के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है। हादसे की वास्तविक वजह, सुरक्षा मानकों की स्थिति और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर आयोग की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

PM मोदी के ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री साय ने जताई खुशी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वाेच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडि़यों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि ष्एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडि़यों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढि़यों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत – सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, … Read more

झारखंड में झटका: डीजल-टोल बढ़ते ही बस किराया बढ़ा, झुमरीतिलैया से यात्रा हुई महंगी

कोडरमा आगामी एक जून से बस में सफर करना महंगा हो जाएगा। विभिन्न जगहों के लिए 15 से 30 प्रतिशत तक मूल्य में वृद्धि की गयी है। कोडरमा जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन की शनिवार को हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। झुमरीतिलैया स्थित बस स्टैंड के समीप हुई बैठक की अध्यक्षता धर्मेंद्र उर्फ बंशी यादव ने जबकि संचालन सचिव संजय यादव ने किया। बैठक में मोहन यादव, गोरेलाल यादव, बैजू लाला, संतोष यादव समेत कई अन्य मौजूद थे। बैठक के बाद अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया कि इस महीने में डीजल के दर में चार बार वृद्धि के साथ ही मोटर पार्ट्स के सा, टायर, टोल टैक्स में वृद्धि हुई है, इससे किराया बढ़ाना हम लोगों की मजबूरी हो गई है। झुमरीतिलैया से खुलने वाली लगभग 55 बसों जिनमें 15 एसी और 30 नॉन एसी से यात्रा करने वाले लोगों का सफर महंगा होगा। झुमरीतिलैया से चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, गिरिडीह तथा बिहार के नवादा रजौली के लिए यात्रियों को लाने ले जाने एसी में 50 रूपया और नॉन एसी में 30 रूपया तक की वृद्धि एक जून से प्रभावी होगी। इस तरह यात्रियों को 15 से 30 प्रतिशत तक अतिरिक्त भाड़ा देना होगा। इसके पूर्व 5 साल पहले किराए में बढ़ोतरी की गई थी। लिए गये निर्णय अनुसार, झुमरीतिलैया से रांची के लिए एसी में 350 की जगह 400, नॉन एसी में 300 की जगह 350, हजारीबाग के लिए एसी में 120 की जगह 150 और नॉन एसी में 120 की जगह 140, रामगढ़ के लिए एसी में 200 की जगह 250 और नॉन एसी में 200 की जगह 220, गिरिडीह के लिए नान एसी में 200 की जगह 250, नवादा के लिए एसी में 170 की जगह 200 और नॉन एसी में 150 की जगह 180 जबकि चतरा के लिए नॉन एसी में 200 की जगह 220 रुपए देने होंगे। इधर, ट्रांसपोर्टिंग किराया के भी बढ़ने से सामानों के मूल्य में वृद्धि होने वाली है जिसका आम से खास लोगों की जेब पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

’प्रधानमंत्री आवास की चाबी, किसान क्रेडिट कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और फलदार पौधों का किया गया वितरण’

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत टेम्पू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आसपास के 13 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। शिविर में जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने मुख्य रूप से उपस्थित होकर विभिन्न विभागों द्वारा चयनित हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 534 आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 5 हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई। कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए, जिससे उन्हें खेती-किसानी के लिए आसान ऋण सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों एवं ग्रामीणों को फलदार पौधों का वितरण किया गया, वहीं वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधों का वितरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई रस्म संपन्न कराई गई तथा छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इस अवसर पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष परमेश्वर भगत, जनप्रतिनिधि गण सहित सभी 13 ग्राम पंचायतों के सरपंच अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु बन रहा है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।