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चैंपियंस लीग जश्न बना बवाल: पेरिस की सड़कों पर हिंसा, थाने पर धावा और दुकानों में तोड़फोड़

पेरिस पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) के शनिवार को दूसरी बार चैंपियंस लीग खिताब जीतने के बाद देर रात जश्न के दौरान हिंसा भड़क गई। लोगों के एक समूह ने फ्रांस की राजधानी में एक थाने पर धावा बोलने की कोशिश की। पेरिस पुलिस ने हिंसा के इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है। पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) ने शनिवार को पुस्कास एरिना में खेले गए चैंपियंस लीग के रोमांचक फाइनल मुकाबले में आर्सेनल को पेनाल्टी शूटआउट में मात देकर लगातार दूसरी बार इस स्पर्धा का खिताब अपने नाम कर लिया। इस मामले में रविवार तड़के 416 लोगों को गिरफ्तार किया गया प्रशंसक मना रहे थे जश्न हंगरी के बुडापेस्ट में पीएसजी की जीत के बाद पेरिस में प्रशंसकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। प्रशंसक आर्क डी ट्रायम्फ के पास की सड़कों पर मार्च करते हुए निकले, कुछ लोगों ने पटाखे जलाए और गाड़ियों के हॉर्न बजाए। चैंप्स-एलिसी पर लगभग 20,000 लोग जमा हो गए और पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने में जुटी रही। पेरिस पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि छोटे-छोटे समूहों ने विभिन्न स्थानों पर अशांति फैलाई। कुछ समूहों ने दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की। कारों में भी आग लगा दी गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस घटना में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। लगातार दूसरे साल फुटबॉल के चलते हिंसा पुलिस ने बताया कि पॉश 8वें अरॉन्डिसमेंट इलाके में एक थाने पर धावा बोलने की कोशिश करने वालों को तितर-बितर कर दिया गया। पुलिस के अनुसार रात 10 बजे तक 45 लोगों को हिरासत में लिया गया। पेरिस के मुख्य रिंग रोड को कुछ देर के लिए भीड़ ने अवरुद्ध कर दिया जिसे बाद में पुलिस ने हटा दिया। पुलिस ने बताया कि एक बेकरी और एक रेस्तरां को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने 16वें अरॉन्डिसमेंट में पीएसजी स्टेडियम के पास जमा हुए लगभग 1,000 लोगों को भी काबू में किया और साइकिलों से बने अवरोधों को हटाया। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा साल है जब फुटबॉल की वजह से हिंसा भड़की। इससे पहले 2025 में फ़्रांसीसी टीम की जीत के बाद हुए जश्न ने हिंसक रूप ले लिया था। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो सोशल मीडिया में वायरल तस्वीरों में पेरिस में सड़कों पर इलेक्ट्रिक बाइक जलती हुई और जश्न मनाने वालों को दुकानों के शीशे तोड़ते हुए देखा जा सकता है। पुलिस ने बताया कि इस अशांति के दौरान छह वाहन, दो दुकानें और एक बस स्टॉप क्षतिग्रस्त हो गए। फ़्रांस के गृह मंत्रालय ने बताया कि रविवार तड़के 416 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पेरिस के 280 लोग शामिल हैं। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहाकि सात अधिकारी घायल हुए हैं और उन्होंने इस अशांति को बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं बताया। दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने सोशल मीडिया एक पर लिखा कि सिर्फ़ फ़्रांस में ही किसी फ़ुटबॉल क्लब की जीत दंगे भड़का देती है। उन्होंने कहाकि सिर्फ फ़्रांस में ही जीत की शाम को हर किसी को हिंसा का शिकार होने से बचने के लिए अपने घरों में बंद रहने पर मजबूर होना पड़ता है।

तेल कंपनियों को राहत! पेट्रोल, डीजल और ATF की एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती

भोपाल. वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी भारी उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार ने देश के पेट्रोलियम निर्यातकों को एक बड़ी विधिक राहत दी है। सरकार ने 1 जून 2026 से शुरू होने वाले नए पाक्षिक (15 दिनों की अवधि) चक्र के लिए पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF – हवाई ईंधन) पर लागू एक्सपोर्ट ड्यूटी (निर्यात शुल्क) में भारी कटौती करने का एलान किया है. शनिवार को जारी एक आधिकारिक सरकारी बयान में इस कूट फैसले की जानकारी साझा की गई है. यह राहत भरा प्रशासनिक कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध छिड़ने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं. इस भीषण सैन्य संघर्ष के कारण तेल की वैश्विक सप्लाई बाधित हुई है और सामरिक रूप से बेहद कूट 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Hormuz Strait) के आसपास पैदा हुई समुद्री बाधाओं ने ऊर्जा बाजार पर भारी दबाव बना दिया है. तेल उत्पादों पर तय हुईं नई विधिक दरें संशोधित नियमों के तहत तीनों प्रमुख पेट्रोलियम ईंधनों पर निर्यात शुल्क को कूट रूप से घटाकर आधा या बेहद कम कर दिया गया है: पेट्रोल: पेट्रोल के अंतरराष्ट्रीय निर्यात पर ड्यूटी को घटाकर अब 1.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है. डीजल: विदेशी बाजारों में भेजे जाने वाले डीजल पर अब 13.5 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से निर्यात शुल्क लगेगा. ATF (हवाई ईंधन): विमानों के ईंधन यानी एटीएफ के निर्यात पर अब ड्यूटी 9.5 रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है. 16 मई बनाम 1 जून 2026 की दरें केंद्र सरकार द्वारा हर 15 दिनों में की जाने वाली विधिक समीक्षा के बाद निर्यात शुल्कों में आया कूट बदलाव इस प्रकार है: ईंधन का प्रकार        16 मई को घोषित दरें       1 जून से दरें       प्रति लीटर शुद्ध राहत पेट्रोल (Petrol)     ₹3.00 प्रति लीटर     ₹1.50 प्रति लीटर     ₹1.50 की कमी डीजल (Diesel)     ₹16.50 प्रति लीटर     ₹13.50 प्रति लीटर     ₹3.00 की कमी हवाई ईंधन (ATF)     ₹16.00 प्रति लीटर     ₹9.50 प्रति लीटर     ₹6.50 की कमी घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल कोई राहत नहीं निर्यातकों के लिए शुल्क घटाने के बावजूद आम जनता के लिए राहत की खबर नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोग के लिए जारी होने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी (केंद्रीय उत्पाद शुल्क) की दरों को यथावत रखा गया है। इसका विधिक मतलब यह है कि देश के भीतर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में फिलहाल कोई कमी या बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। क्यों लागू किया गया था यह निर्यात शुल्क? वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने पर घरेलू रिफाइनरी कंपनियां ज्यादा मुनाफे के लालच में पेट्रोल-डीजल विदेशों में न खपा दें, इसे रोकने के लिए सरकार ने 27 मार्च 2026 को पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह कड़ा टैक्स विन्यास लागू किया था। इस टैक्स (जिसमें विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर शामिल हैं) का मुख्य कूट उद्देश्य अत्यधिक अनियंत्रित निर्यात पर लगाम लगाना और भारत के भीतर पेट्रोलियम उत्पादों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

Twisha Sharma Case: जांच के बीच सामने आया तीसरा किरदार, घटना के 19 दिन बाद अमित नाम की चर्चा तेज

भोपाल. भोपाल के हाईप्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले 19वें दिन एक नये किरदार की एंट्री हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पड़ताल में कथित तौर पर एक तीसरे व्यक्ति का नाम सामने आया है। इसके बाद CBI ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान अमित नाम के एक व्यक्ति का उल्लेख सामने आया है, जिसके बाद CBI ने मामले को नए एंगल से खंगालना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि ट्विशा की प्रेग्नेंसी को लेकर पति समर्थ सिंह को कुछ शंकाएं थीं, जिसके चलते दोनों के बीच विवाद बढ़ा था। डॉक्टरों से भी होगी पूछताछ CBI अब इस पहलू से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने में जुटी है। जांच एजेंसी मामले से जुड़े डॉक्टरों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है, ताकि चिकित्सा संबंधी तथ्यों और परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके। समर्थ-गिरिबाला से संतोषजनक जवाब नहीं सूत्रों के मुताबिक, CBI ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से अलग-अलग कई सवाल किए हैं। हालांकि, एजेंसी  को दोनों से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। जांच एजेंसी कई एंगल से मामले की गहन जांच कर रही है। फिलहाल CBI ने आधिकारिक रूप से किसी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है और जांच लगातार जारी है। 12 मई: रात बरीब 10:30 बजे द्विशा शर्मा का शव घर में फांसी पर लटका मिला। 13 मई:  सुबह एम्स भोपाल में पोस्टमॉर्टम किया गया। देर रात परिजनों ने कटारा थाने में हंगामा किया। 14 मई: दोपहर में परिजन पुलिस कमिश्रर कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। देर रात पुलिस ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ के खिलाफ FIR दर्ज की।15 मई: गिरिवाना सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया। शाम करीब 7 बजे कोर्ट ने जमानत मंजूर की। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मानने से इनकार किया। 16 मई: परिजन ने जांच दिल्ली पुलिस को सौंपने की मांग उठाई। 17 मई: परिजन ने सीएम हाउस के बाहर धरना दिया। शव देर रात तक एम्स की मॉर्चुरी में रखा रहा। 18 मई: भोपाल कोर्ट ने समर्थ की अग्रिम जमानत खारिज की। परिजन ने गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा। 20 मई: जबलपुर हाईकोर्ट ने समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। DG से ATH रिपोर्ट मागी गई। 22 मई: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए। मध्य प्रदेश सरकार ने मामाले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा। समर्थ सिंह को पुलिस ने जबलपुर कोर्ट से गिरफ्तार किया। 23 मई: समर्थ को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। इधर, दिल्ली एम्स की टीम भोपाल पहुंची। 24 मई: भोपाल एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम। परिसर में फोर्स तैनात। 24 मई: 13वें दिन ट्विशा का भदभदा विश्राम घाट में अंतिम संस्कार, भाई हर्षित शर्मा ने मुखाग्नि दी। उधर,पुलिस और एम्स डॉक्टर्स की टीम गिरिबाला सिंह के कटारा हिल्स स्थित बंगले पहुंची। क्राइम सीन रिक्रिएट किया। 25 मई: सुप्रीम कोर्ट में सुनावाई पूरी। अब हाईकोर्ट जबलपुर और भोपाल जिला कोर्ट में सुनवाई। 26 मई: सीबीआई ने टेक ओवर किया केस। 26 मई : भोपाल जिला कोर्ट में CDR-CCTV फुटेज सुरक्षित रखने सुनवाई। 27 मई: हाईकोर्ट ने गिरबाला सिंह को भोपाल जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत रद्द की। वहीं सीबीआई आरोपी पति समर्थ को लेकर कटारा हिल्स उसके घर पहुंची थी। 28 मई : सीबीआई टीम सुबह-सुबह रिटायर्ड जज गिरबाला सिंह के घर पहुंची।

ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ा: ट्रंप ने सिचुएशन रूम में की अहम बैठक, नई शर्तें भेजीं

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच डील में अभी भी डोनाल्ड ट्रंप हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को सिचुएशन रूम में नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ मीटिंग की थी। सूत्रों के मुताबिक यह मीटिंग करीब दो घंटे तक चली थी, लेकिन इसमें क्या हुआ, इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ईरान के साथ डील में कई शर्तों में बदलाव करना चाहते हैं। इसमें, होर्मुज और न्यूक्लियर मटीरियल से जुड़ी शर्तें शामिल हैं। बताया जाता है कि नई शर्तों को वापस ईरान के पास भेज दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ एक बहुत अच्छे समझौते के करीब पहुंच रहा है। लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई पर लौट आएगा। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहाकि अगर आप जल्दबाजी करेंगे, तो आप कोई अच्छा समझौता नहीं कर पाएंगे। मुझे लगता है कि धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से हम वह पा रहे हैं जो हम चाहते हैं। अगर हमें वह नहीं मिला जो हम चाहते हैं, तो हम इसे एक अलग तरीके से खत्म करेंगे। ईरान का क्या कहना इस बीच, तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने रविवार सुबह देश के क्षेत्रीय जल क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-1 प्रीडेटर मल्टी-रोल ड्रोन का पता लगाया और उसे मार गिराया। एजेंसी ने आईआरजीसी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आज सुबह-सवेरे एक अमेरिकी सेना का एमक्यू1 ड्रोन ईरानी क्षेत्रीय जल क्षेत्र में घुस आया था, लेकिन तुरंत उसका पता चल गया और आईआरजीसी के हवाई रक्षा प्रणाली से दागी गयीं मिसाइलों से उसे मार गिराया गया। क्यों आया था अमेरिकी ड्रोन एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अमेरिकी ड्रोन ईरानी क्षेत्रीय जल क्षेत्र में शत्रुतापूर्ण हरकतें करने के इरादे से घुसा था। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरा ल ने 28 फरवरी को ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए थे, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गये थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल और पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किये । फिर अमेरिका और ईरान ने आठ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की। शांति स्थापित करने को लेकर दोनों देशों ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत की, जो बेनतीजा रही और फिर से दुश्मनी शुरू होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। हालांकि, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी।

अभिषेक बनर्जी पर हमले की जांच तेज, वीडियो के आधार पर 5 लोग गिरफ्तार

  पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी के ऊपर हुए हमले के मामले में नया मोड़ आ गया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद के ऊपर हमले के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांच लोग टीएमसी की पूर्व विधायक और इस बार प्रत्याशी रहीं लवली मैत्रा के करीबी हैं। लवली मैत्रा 2021 विधानसभा चुनाव में सोनारपुर दक्षिण से सीट से जीतकर आई थीं। इस बार भी तृणमूल कांग्रेस ने उन पर भरोसा जताया था, लेकिन वह भाजपा की रूपा गांगुली के सामने हार गईं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बंगाल पुलिस ने बनर्जी के ऊपर हुए हमले के वीडियो के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान तपन मैती, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास, देबासिस दत्ता और आकाश गायन के गयान के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक निर्मल्य और तपन को टीएमसी की पूर्व विधायक और अंतिम विधानसभा चुनाव में रूपा गांगुली से चुनाव हारने वाली लवली मैत्रा के करीबी हैं। इसके अलावा पुलिस ने काजल दास और देबासिस दत्ता के तार भी टीएमसी की पूर्व विधायक के जुड़े बताए जा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी पर हमला करने का कोई कारण नहीं: हमलावर की मां इन सब में सबसे बड़ा नाम आकाश गयान का है। उसके परिवार के मुताबिक उनका बेटा टीएमसी का नियमित कार्यकर्ता था और वह इस चुनाव में लगातार टीएमसी की बूथ लेवल मीटिंग्स में जाता रहता था। आकाश की मां के मुताबिक, शनिवार दोपहर की घटना के बाद वह हमेशा की तरह ही घर आया और खाना खाकर मैदान में फुटबॉल खेलने के लिए चला गया। इसके बाद रात में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक परिवार को आकाश की गिरफ्तारी का कोई कारण नहीं बताया। बता दें, शनिवार को टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी चुनावी हिंसा में मारे गए कार्यकर्ता के घर जा रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला हो गया था। उनके ऊपर अंडे और पत्थर फेंके गए। साथ में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने हेलमेट पहना कर उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन इसके बाद भी कुछ लोगों ने उन्हें खींच लिया और उनके साथ मारपीट की। इस झूमा झटकी में बनर्जी की शर्ट भी फट गई। इसके बाद भी वह कार्यकर्ता के घर पहुंचे और उसके परिवार के साथ वक्त निकाला। अभिषेक बनर्जी समेत टीएमसी के तमाम नेताओं ने इस घटना का आरोप भाजपा के ऊपर लगाया। दूसरी तरफ भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे लोगों के 15 साल गुस्से का नतीजा बताया। हालांकि, अब शुरुआती जांच में अलग ही कहानी निकलकर सामने आ रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी जैसे दिग्गज नेता के ऊपर हमले के आरोप टीएमसी के पूर्व कार्यकर्ताओं के ऊपर ही लग रहे हैं ऐसे में तृणमूल कांग्रेस के अंदर ही असंतोष की बात एक बार फिर से सामने आ रही है। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि अभिषेक पर हमला करने के पीछे की क्या वजह थी।

Punjab Road Accident: सड़क किनारे चल रहीं महिलाओं को वाहन ने कुचला, गर्भवती महिला ने तोड़ा दम

नूरमहल/चंडीगढ़. जालंधर के नूरमहल में एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक अनजान गाड़ी ने पैदल जा रही तीन महिलाओं को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में छह महीने की गर्भवती महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। मृत महिला की पहचान नकोदर रोड कॉलोनी की रहने वाली मनप्रीत कौर के रूप में हुई है। उसके पति जसपाल जस्सी ने बताया कि हादसा रात करीब 9:30 बजे हुआ। परिवार के लोग रोज की तरह खाना खाने के बाद टहलने निकले थे। जब वे मिशर पेट्रोल पंप के पास सड़क पार कर रहे थे, तो एक तेज रफ्तार अनजान गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। मनप्रीत कौर अपने पीछे 6 साल का बेटा छोड़ गई है। हादसे में घायल दो अन्य महिलाओं की पहचान किरण और जोगिंद्रो के रूप में हुई है। किरण के सीने पर गंभीर चोटें आई हैं और जोगिंद्रो के पैर टूट गए हैं। दोनों को जालंधर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। थाना नूरमहल इंचार्ज लाभ सिंह ने बताया कि पुलिस को शिकायत मिली है। पुलिस आरोपी ड्राइवर की पहचान के लिए इलाके के CCTV कैमरे चेक कर रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही गाड़ी की पहचान कर ली जाएगी और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

11 फर्जी एंट्री का दावा, विभागीय दस्तावेजों में गड़बड़ी से बढ़ा होमगार्ड घोटाले का मामला

चंडीगढ़ होमगार्ड वेलफेयर एवं भर्ती घोटाले की जांच में गृह रक्षी विभाग (होमगार्ड) से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि विभागीय रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर कुछ स्वयंसेवकों (होमगार्ड) का दोबारा नामांकन कराया गया। जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितता की ओर संकेत किया गया है। हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अधिकारी जांच प्रभावित होने का हवाला देते हुए आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य मुख्यालय ने अगस्त 2021 में 13 लोगों को दोबारा होमगार्ड के रूप में नामांकित करने की मंजूरी दी थी। बाद में रिकॉर्ड की जांच के दौरान पाया गया कि इनमें से 11 लोगों के नाम फर्जी तरीके से लॉन्ग रोल रजिस्टर में दर्ज किए गए थे। जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन सेंटर कमांडर स्तर पर रिकॉर्ड में फ्लूड लगाकर और बाद में प्रविष्टियां कर हेराफेरी की गई। जांच टीम ने 18 और 19 अक्तूबर 2021 को संबंधित कार्यालय पहुंचकर रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि जिन 11 लोगों के नाम दर्ज किए गए थे, उनके व्यक्तिगत नामांकन फॉर्म, सेवा रिकॉर्ड, ड्यूटी कॉल-आउट रजिस्टर, भुगतान प्राप्ति रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज कार्यालय में उपलब्ध ही नहीं थे। इतना ही नहीं, राज्य मुख्यालय को भेजी गई उनकी सेवा अवधि संबंधी रिपोर्ट भी संदिग्ध पाई गई। जांच के बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेने के साथ राज्य मुख्यालय को इन 11 लोगों की पुनर्नियुक्ति मंजूरी रद्द करने की सिफारिश की थी। इसके अलावा रिकॉर्ड से छेड़छाड़, फर्जी रिपोर्ट भेजने और सरकारी दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की भी अनुशंसा की गई है। रविवार को दर्ज मिली भर्ती की तारीख रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। कुछ होमगार्ड स्वयंसेवकों की भर्ती की तारीख रविवार के दिन दर्ज मिली, जबकि कुछ की सेवा मुक्ति सरकारी अवकाश के दिन दर्शाई गई है। जांच अधिकारियों ने इसे रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी और सुनियोजित फर्जीवाड़े का संकेत माना है। उच्च अधिकारियों तक कब पहुंचेगी जांच की आंच एसीबी ने होमगार्ड विभाग के अज्ञात अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि अब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी को पूछताछ के लिए तलब नहीं किया गया है। शिकायत के अनुसार अनियमितताओं का यह मामला वर्ष 2010 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जांच की आंच विभाग के उच्च अधिकारियों तक कब पहुंचेगी और इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होगी।  

पटना में बंगला विवाद गरमाया: राबड़ी देवी से सरकारी आवास खाली कराने की कार्रवाई तेज

पटना बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को पटना जिला प्रशासन ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर आवास खाली कर 39 हार्डिंग रोड स्थित आवंटित सरकारी आवास में स्थानांतरित होना होगा। जिला प्रशासन का कहना है कि पूर्व सीएम राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड में शिफ्ट होने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर आवास खाली नहीं किए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, शनिवार शाम को पटना पुलिस राबड़ी देवी के आवास पर पहुंची थी। सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी ने राबड़ी देवी से मुलाकात कर प्रशासन का पत्र और निर्देश सौंपा। मुलाकात के दौरान आवास खाली करने और नए आवास में स्थानांतरित होने को लेकर प्रशासन की ओर से औपचारिक जानकारी दी गई थी। इसके बाद सियासत गरमा गई। राजद और भाजपा नेताओं ने एक दूसरे पर जमकर हमला बोला। जानिए भवन निर्माण ने क्या कहा? भवन निर्माण विभाग की ओर से जानकारी दी गई है कि 25 नवंबर 2025 को जारी आदेश के तहत नेता प्रतिपक्ष के लिए हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या-39 आवंटित किया गया था। विभाग का कहना है कि नया आवास उपलब्ध कराए जाने के बावजूद राबड़ी देवी ने अब तक सर्कुलर रोड स्थित आवास संख्या-10 खाली नहीं किया है। राबड़ी आवास मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित विभागीय पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि 27 मई 2026 को जारी आदेश के तहत उक्त आवास डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है। ऐसे में नए आवंटन को प्रभावी बनाने के लिए आवास संख्या-10 को शीघ्र खाली कराना आवश्यक है। संयुक्त सचिव-सह-भू-संपदा पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव को सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है। विभाग ने नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी से अनुरोध किया है कि आवास खाली कराने की कार्रवाई जल्द सुनिश्चित की जाए। राबड़ी देवी के किस बयान मचा दिया था बवाल शनिवार दोपहर पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान राबड़ी देवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि फोर्स बुलाकर खाली करा लें। अगर सरकार को जगह खाली करानी है तो प्रशासन और फोर्स का इस्तेमाल करे, लेकिन हम अपनी जगह खाली नहीं करेंगे। बता दें कि लालू प्रसाद अपने परिवार के साथ फिलहाल सर्कुलर रोड स्थित आवास संख्या-10 में रहते हैं

छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, दूसरे स्कूल के UDISE कोड से दिलाई गई बोर्ड परीक्षा

रायपुर. डोंगरगढ़. शिक्षा के मंदिर में ऐसा खेल सामने आया है जिसने पूरे मामले को संदेह और सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. ग्राम ढारा में संचालित आदर्श पब्लिक स्कूल पर आरोप है कि उसने अपने विद्यार्थियों को पांचवीं बोर्ड परीक्षा में शामिल कराने के लिए दूसरे विद्यालय के यूडीआईएसई कोड का उपयोग कर लिया. मामला सामने आने के बाद न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि यह आशंका भी गहराने लगी है कि कहीं बच्चों के भविष्य को दांव पर लगाकर नियमों को दरकिनार तो नहीं किया गया. शिकायत के अनुसार आदर्श पब्लिक स्कूल पिछले दो वर्षों से बिना वैधानिक अनुमति के संचालित हो रहा है. आरोप है कि जब बोर्ड परीक्षा में विद्यार्थियों के पंजीयन और परीक्षा प्रक्रिया के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय के यूडीआईएसई कोड की आवश्यकता पड़ी, तब संस्था ने ग्राम ढारा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के यूडीआईएसई कोड 22090612802 का कथित रूप से उपयोग कर विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठा दिया. सबसे गंभीर बात यह है कि सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन का दावा है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी तक नहीं थी और न ही उन्होंने इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति दी थी. यह भी आरोप लगाया गया कि विद्यार्थियों को जो अंकसूचियां जारी की गईं, उनमें न पेन नंबर हैं, न अपार आईडी (APAAR ID) और न ही संस्था प्रमुख के हस्ताक्षर और सील-मोहर. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ये दस्तावेज किस आधार पर जारी किए गए और उनकी वैधता क्या है? पूरे घटनाक्रम ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. यदि विद्यालय की मान्यता नहीं थी तो दो वर्षों तक उसका संचालन कैसे होता रहा? यदि दूसरे विद्यालय का यूडीआईएसई कोड उपयोग हुआ तो संबंधित ऑनलाइन और विभागीय सत्यापन प्रक्रिया में यह गड़बड़ी पकड़ में क्यों नहीं आई? और सबसे बड़ा सवाल यह कि यदि शिकायत सही है तो बच्चों के भविष्य के साथ हुए इस कथित खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन है? शिकायत के बाद भी कार्रवाई में देरी से नाराज सरस्वती शिशु मंदिर प्रबंधन ने मामला जिले के प्रभारी मंत्री और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के संज्ञान में दिया है. प्राचार्य प्रकाश यादव ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह की अनियमितताओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. वहीं जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच कर मंगलवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.  उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. अगर आरोप साबित होते हैं तो यह केवल एक स्कूल की अनियमितता नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला मामला साबित हो सकता है. आखिर दूसरे स्कूल के नाम और पहचान पर परीक्षा दिलाने का यह खेल कैसे चला और किसकी नजरों के सामने चलता रहा, इसका जवाब अब शिक्षा विभाग को देना होगा.

धर्मांतरण के आरोप पर जबलपुर में बवाल, बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

जबलपुर. आधारताल थाना क्षेत्र के सुहागी इलाके में रविवार को मतांतरण की सूचना मिलने पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि संगठन के पदाधिकारियों को जानकारी मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से लालच देकर मतांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मौके से दो महिलाओं तथा एक पुरुष को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों संदेहियों से मामले के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जा रही है। अभी मामले की जांच प्रारंभिक स्तर पर है और सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। जांच में प्राप्त साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में बढ़ी पुलिस की निगरानी वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की है। मामले की जांच जारी है।