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क्या फिर एक होगी शिवसेना? शिंदे-उद्धव कैंप के नेताओं के बयान से सियासी हलचल

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर करवट लेने का इशारा दे रही है। चर्चा है कि 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के ठीक चार साल बाद अब दोनों धड़ वापस साथ आने की तैयारी कर रहे हैं। उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के गुट के बड़े नेताओं ने इशारा दिया है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। छत्रपति संभाजीनगर से दोनों गुटों के 2 बेहद सीनियर नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर हलचल बढ़ा दी है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक जहां शिवसेना (UBT) के नेता अंबादास दानवे ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए इसके संकेत दिए हैं, वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना के वरिष्ठ नेता अब्दुल सत्तार ने भी कहा कि भाजपा ने जहां शिवसेना (UBT) के हाथ-पैर काट दिए हैं, वहीं छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिवसेना का सिर ही काट दिया है। क्या बोले दोनों नेता? जब दोनों नेताओं से सीधे तौर पर पूछा गया कि क्या शिवसेना के दोनों गुटों को दोबारा मिल जाना चाहिए, इस पर भी उनका जवाब काफी सकारात्मक था। उद्धव गुट के अंबादास दानवे में कहा, "मुझे कई मौकों पर ऐसा महसूस होता है। लेकिन सिर्फ मेरे अकेले चाहने से कुछ नहीं होने वाला, दोनों तरफ से यह इच्छा होनी चाहिए।" वहीं शिवसेना के अब्दुल सत्तार ने कहा, "यह बिल्कुल सही समय है जब हमें एकजुट हो जाना चाहिए। अगर हमारे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे साहब इस बात के लिए रजामंदी दे देते हैं, तो दोनों पार्टियों को एक होने में जरा भी देरी नहीं लगेगी।" भाजपा है असली वजह दरअसल दोनों गुटों के साथ आने की वजह भाजपा है। शिवसेना की दोनों धरों का मानना है कि भाजपा महाराष्ट्र में क्षेत्रीय दलों का वजूद पूरी तरह खत्म करना चाहती है। अंबादास दानवे ने अपने बयान में कहा, “बड़ी मछली हमेशा छोटी मछली को निगल जाती है। बीजेपी इस वक्त महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी (NCP) दोनों के साथ यही खेल खेल रही है। बीजेपी शिवसेना को सिर्फ एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि अपना दुश्मन मानती है और उसका एकमात्र टारगेट शिवसेना के वजूद को पूरी तरह खत्म करना है। जो लोग पार्टी तोड़कर अलग हुए थे, अब उन्हें भी इस कड़वे सच का अहसास हो रहा होगा।” वहीं शिंदे गुट के अब्दुल सत्तार ने अपनी ही सहयोगी बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर हमारा बड़ा भाई (BJP) ही हमें खत्म करने पर आमादा हो तो गठबंधन में रहने का क्या फायदा? उन्होंने आगे कहा, “भाजपा ने जहां शिवसेना (UBT) के हाथ-पैर काट दिए हैं वहीं छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिवसेना का सिर ही काट दिया है।" कैसे बदले समीकरण? अब सवाल यह है कि आखिर राज्य में ऐसे हालात क्यों पैदा हो गए कि शिवसेना फिर एक होने की बात कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक शिवसेना के नेताओं की छटपटाहट के पीछे छत्रपति संभाजीनगर और पूरे राज्य में बदल रहे सत्ता के समीकरण हैं। कभी औरंगाबाद नगर निगम और जिला परिषद पर अविभाजित शिवसेना का एकछत्र राज हुआ करता था। हालांकि 2022 की बगावत के बाद आज इन दोनों प्रमुख निकायों पर बीजेपी ने पूरी तरह अपना कब्जा जमा लिया है। दानवे ने बताया कि औरंगाबाद-जालना की सीट पर पिछले 25-30 सालों से हमेशा शिवसेना ही चुनाव लड़ती आ रही थी। लेकिन इस बार बीजेपी ने शिंदे गुट के दावों को दरकिनार करते हुए वहां अपना खुद का उम्मीदवार खड़ा कर दिया है। इस कदम ने शिंदे गुट के नेताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

खोड़ा में पसरा सन्नाटा: सूर्या चौहान मर्डर केस में एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई और बकरीद कनेक्शन से सनसनी

 गाजियाबाद गाजियाबाद के खोड़ा स्थित नवनीत विहार निवासी 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की बकरीद के दिन असद और उसके साथियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस की कई टीमों ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश में शामिल मुख्य आरोपी के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद 30 और 31 मई की रात मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी 50 हजार के इनामी असद को मार गिराया. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिवसीय विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' चलाकर अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन शुरू कर दिया है।  फोन कर बुलाया और ताबड़तोड़ चलाए चाकू बीती 28 मई की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे खोड़ा के नवनीत विहार इलाके में सूर्या प्रताप चौहान को फोन करके बुलाया गया था. वहां पहले से जाल बिछाकर बैठे असद, उसके पिता नवाब, फरहान, आतिफ, सारिक और अन्य लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया. बाइक चलाने की मामूली कहासुनी और पुरानी रंजिश के चलते सूर्या पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए गए. लहूलुहान हालत में सूर्या को नोएडा के फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कई घंटों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया. किशोर की मौत से पूरे खोड़ा में भारी आक्रोश फैल गया।  पिता ने उकसाया और दोस्त ने लाकर दिया चाकू पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई है कि वारदात से कुछ समय पहले भी असद और सूर्या के बीच विवाद हुआ था. घटना वाले दिन भी दोनों में बहस हुई, जिसके बाद असद ने अपने पिता नवाब और दोस्तों को इसकी जानकारी दी. इसके बाद सूर्या को सबक सिखाने की खूनी योजना बनाई गई. गिरफ्त में आए आरोपियों ने खुलासा किया कि फरहान ने असद को चाकू लाकर दिया था, जबकि उसके पिता नवाब ने उसे हमले के लिए उकसाया था. इसके बाद वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए।  50 हजार का इनामी मुख्य आरोपी असद एनकाउंटर में ढेर सूर्या की मौत के बाद मुख्य आरोपी असद लगातार पुलिस को छका रहा था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर पूरे ट्रांस हिंडन क्षेत्र में तलाश तेज कर दी थी. 30 और 31 मई की रात को पुलिस को सूचना मिली कि असद आर्थिक मदद लेकर शहर से भागने की फिराक में है. खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, तो असद ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरू कर दिया. जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से असद घायल हो गया और अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  अपराधियों के घरों पर चला 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' एनकाउंटर के अगले ही दिन प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब के बंद पड़े घर पर एसडीएम की मौजूदगी में अवैध कब्जे और निर्माण का नोटिस चस्पा कर दिया. इसके बाद पूरे खोड़ा क्षेत्र में तीन दिनों का विशेष 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' शुरू किया गया. डीएम रविन्द्र कुमार मांदड़, एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर और डीसीपी धवल जायसवाल खुद मौके पर उतरे. ड्रोन कैमरों, स्नाइपर डॉग और आधुनिक उपकरणों के जरिए हिस्ट्रीशीटरों के ठिकानों पर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।  नम आंखों से विदाई, आर्थिक मदद और नौकरी की घोषणा दूसरी तरफ, दिवंगत सूर्या चौहान की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जित कर दिया गया, जहां परिजनों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी. मामले के तूल पकड़ने पर पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी. भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर और कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी परिवार को न्याय का भरोसा दिया. खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन पति अमरपाल शर्मा ने सूर्या के बड़े भाई को नौकरी देने और क्षेत्र की एक सड़क का नाम सूर्या के नाम पर रखने की बड़ी घोषणा की है।  मुस्लिम समाज ने भी एनकाउंटर को बताया सही, बाजार अब भी बंद मुख्य आरोपी असद के पड़ोसी जावेद खान ने बताया कि असद अक्सर नशेबाजी और उधमबाजी में शामिल रहता था, जिससे मोहल्ले के लोग परेशान थे. इलाके के मुस्लिम समाज के लोगों ने भी इस जघन्य हत्याकांड को पूरी तरह गलत ठहराया है. समाज के लोगों का स्पष्ट कहना है कि जो जैसा करेगा वो वैसा ही भुगतेगा और उन्होंने असद के एनकाउंटर को सही बताया है. हालांकि, नवनीत विहार के बाजारों में अब भी सन्नाटा है. तनाव और सुरक्षा कारणों से कई व्यापारी अपनी दुकानें खोलने से लगातार बच रहे हैं।  फरार सारिक की तलाश जारी, पूर्ण न्याय चाहता है पीड़ित परिवार असद के एनकाउंटर और तीन करीबियों की गिरफ्तारी के बाद भी आरोपी सारिक मेवाती अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है. मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद भी मृतक सूर्या चौहान का परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है. परिवार का साफ कहना है कि हत्या में शामिल सभी अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर हालात काबू में करने की कोशिश कर रही है। 

गुरु के पुष्य नक्षत्र में प्रवेश से 3 राशियों पर बरसेगी किस्मत, मिलेगा धन-करियर में फायदा

 ज्योतिष शास्त्र में भाग्य और संतान के कारक गुरु ग्रह का गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. वर्तमान में गुरु धीमी गति से चलते हुए कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं. पंचांग के अनुसार, अभी गुरु पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित हैं, लेकिन जल्द ही वे अपना नक्षत्र परिवर्तन करेंगे. 18 जून, 2026 की रात 9:32 बजे गुरु शनि के स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र में गोचर करेंगे और 18 अगस्त तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे.  शनि के नक्षत्र में गुरु का यह गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ और सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है।  धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन अत्यंत शुभ माना जा रहा है.  गुरु के प्रभाव से आपको बैंक बैलेंस बढ़ाने के नए मौके मिलेंगे. विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष रूप से फलदायी है.  प्रोफेशनल लाइफ में करियर के नए रास्ते खुलेंगे. आप सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहेंगे।  कर्क राशि कर्क राशि के लोगों के लिए शनि के पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर बेहद लाभदायक सिद्ध होगा. आपका मन धार्मिक गतिविधियों में अधिक लगेगा. लव लाइफ सुखद रहेगी,  लोगों के साथ मेल-जोल बढ़ाने में आप सक्षम होंगे. नौकरीपेशा लोगों की पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी.  प्रमोशन के नए द्वार खुल सकते हैं।  कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा. आपको परिवार के सदस्यों का पूर्ण सहयोग मिलेगा. आप आत्मविश्वास से भरपूर महसूस करेंगे . मित्रों की भरपूर सहायता मिलेगी. इस दौरान कोई शुभ समाचार मिल सकता है.  हालांकि, अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।   

अमजोत सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, प्रिंसिपल पर निजी काम करवाने और धमकाने के आरोप; सरकार सख्त

अमृतसर अमृतसर में 12वीं कक्षा की छात्रा के आत्महत्या करने के मामले में सरकार एक्शन में आ गई है। शिक्षामंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। स्कूल प्रशासन और मामले से जुड़े हर दोषी व्यक्ति पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  स्कूल प्रबंधन की ओर से फीस न देने सहित कई अन्य तरीके से परेशान किए जाने कारण जहर निगल कर खुदकुशी करने वाली छात्रा अमजोत कौर मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास अध्यापिका अकांक्षा शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। एसीपी गगनदीप सिंह ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए रेड की जा रही है।  दसवीं का सर्टिफिकेट नहीं दे रहा था स्कूल अमजोत कौर ने डीडीआईएस स्कूल फतेहगढ़ चूडियां रोड से ग्यारहवीं कक्षा पास की थी और स्कूल प्रबंधन की ओर से उसे दसवीं का सर्टीफिकेट मुहैया नहीं करवाया जा रहा था। चरित्र पर उठाए जाते थे सवाल वहीं अब मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि छात्रा के चरित्र पर लगातार सवाल उठाए जाते थे। इतना ही नहीं स्कूल में प्रिंसिपल और क्लास अध्यापिका की ओर से लगातार अपने निजी और घरेलू काम करवाए जाते थे। परिवार का आरोप है कि जब छात्रा ऐसे काम करने से इन्कार करती थी तो उसे परीक्षा में फेल करने और नंबरों को प्रभावित करने की धमकियां दी जाती थीं। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। इसी कारण परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। अमजोत कौर अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहती थी।  

आयुष्मान योजना पर संकट के बादल, कुरुक्षेत्र के निजी अस्पतालों ने इलाज रोकने का किया ऐलान

कुरुक्षेत्र. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) ने चार की रात्रि या पांच जून की सुबह को आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का उपचार बंद करने का ऐलान एक बार फिर से किया है। आइएमए के पूर्व प्रधान ड. सुरेंद्र मेहता के मेहता नर्सिंग होम पर आइएमए की बैठक हुई। बैठक के बाद चिकित्सकों ने बताया कि आठ माह से आयुष्मान योजना में इलाज देने वाले अस्पतालों का बकाया नहीं दिया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि जिले के निजी अस्पतालों को 45 करोड़ रुपये बकाया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुरेंद्र मेहता ने कहा कि फरवरी 2025 में सरकार के साथ आइएमए का एमओयू हुआ था, जिसमें 15 दिन के अंदर-अंदर अायुष्मान योजना में इलाज देने वाले मरीजों की पेमेंट जारी करने का आश्वासन दिया गया था। मगर ऐसा नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि इस योजना में वर्ष 2024 के बाद जब चिरायु कार्ड बने उसके बाद समस्या शुरू हुई, जब एक बड़ी संख्या में लोगों के कार्ड बना दिए गए। सरकार ने फरवरी में आश्वासन दिया था कि अप्रैल तक पेमेंट आ जाएगी मगर ऐसा नहीं हुआ। अब जनवरी 2026 से निजी अस्पताल संचालकों की पेमेंट बकाया है। आइएमए भी चाहती है कि सरकार के साथ चलें। मगर इसके लिए विशेष तौर पर चिकित्सक लगाएं ताकि बकाया दिया जा सके। चार की रात को या पांच की सुबह से मरीज लेने बंद करने पड़ेंगे। इस दौरान अग्रवाल नर्सिंग होम से डॉ. अमन अग्रवाल, नंन लाल अस्पताल से डा. अंशुल ग्रोवर, श्रीबालाजी आरोग्यम अस्पताल से डा. अनुराग कौशल, मेहता नर्सिंग होम से डा. सुरेंद्र मेहता, डॉ. प्रियंका गुप्ता मौजूद रहे।

पंजाब में हाई अलर्ट! बठिंडा कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप

बठिंडा. बठिंडा के जिला अदालत परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंगलवार को पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से भेजी गई थी। सूचना मिलते ही बठिंडा पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं तथा अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर के सभी प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए। इसके बाद बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड और पुलिस की विशेष टीमों ने पूरे परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। अदालत परिसर में मौजूद लोगों की आवाजाही पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई, जबकि वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई की गई। कोर्ट परिसर के विभिन्न हिस्सों, पार्किंग क्षेत्र, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों की गहन जांच की गई। हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने की सूचना नहीं है। धमकी भरे मेल की जांच शुरू अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे ईमेल की जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है। सर्च अभियान पूरा होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही अदालत की नियमित गतिविधियों को पूरी तरह बहाल किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

सुशासन तिहार शिविर में मुख्यमंत्री साय ने खोला विकास का पिटारा, कोंडागांव को मिले 152 करोड़

कोंडागांव. बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर केवल शिकायतों का मंच नहीं बल्कि विकास का रोडमैप बन गया. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शिविर में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद लोगों की भागीदारी सरकार पर विश्वास दिखाती है. सुशासन तिहार के जरिए गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है. प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन और सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में रोजाना लगभग 1600 आवास बन रहे हैं. कार्यक्रम में 152 करोड़ 18 लाख रुपये के 43 विकास कार्यों की सौगात दी गई. इनमें 14 कार्यों का लोकार्पण और 29 नए कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. सड़क, पर्यटन और भवन निर्माण से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट घोषित किए गए. क्षेत्र के प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा हुई. विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों से फीडबैक लिया गया. शिविर ने प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया.

अमेरिकी टैरिफ में बड़ी राहत! Donald Trump ने अचानक घटाई ड्यूटी, इन उद्योगों की चमकी किस्मत

 नई दिल्ली मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ कट का ऐलान किया है. US Tariff में ये कटौती कुछ सेलेक्टेड एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स और औद्योगिक उपकरणों पर की गई है. अब तक इन सामानों पर अमेरिका की ओर से 25% का टैरिफ लागू किया गया था, जिसे ट्रंप ने घटाकर 15% करने का ऐलान किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से कृषि और इंडस्ट्रियल उपकरणों की एक विस्तृत रेंज पर टैरिफ में अस्थायी कटौती अगले साल दिसंबर 2027 तक लागू रहेगी। अमेरिका की ओर से ये फैसला निवेश को प्रोत्साहित करने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था (US Economy) के प्रमुख क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए लिया गया है. इससे सस्ते आयात के साथ-साथ अमेरिकी इस्पात और एल्यूमीनियम के अधिक उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा।  क्यों लिया ट्रंप ने ये फैसला?  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई घोषणा के तहच ये टैरिफ कटौती दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी. इस कदम का उद्देश्य घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और कृषि उत्पादन को मजबूत करते हुए इस सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए लागत को कम करना है. Tariff Cut कंबाइन, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों समेत कई प्रकार की दूसरी कृषि मशीनों पर लागू होगी. व्हाइट हाउस (US White House) की ओर से कहा गया है कि कम टैरिफ से किसानों और कृषि उत्पादकों को कम लागत पर नए उपकरण खरीदने में मदद मिलेगी।  ट्रंप प्रशासन ने कम टैरिफ रेट के लिए इंडस्ट्रियल उपकरणों की लिस्ट में बढ़ोतरी की है. खास बात ये है कि टैरिफ कट का ये ऐलान ऐसे समय में किया गया है, जबकि अमेरिका अपनी ट्रेड एंड इंडस्ट्रियल पॉलिसी के एक प्रमुख हिस्से के रूप में टैरिफ का इस्तेमाल जारी रखे हुए है. व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह अस्थायी कटौती कृषि, आवास और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को समर्थन देने के साथ-साथ कंपनियों को उपकरण और उत्पादन क्षमता में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन की गई है।  क्या भारत को मिलेगा लाभ? रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की ओर से टैरिफ कट (US Tariff Cut) की ये राहत उन देशों को दी गई है, जिनके साथ ट्रेड समझौता है. यानी अमेरिका के व्यापार समझौतों के अंतर्गत आने वाले देशों से आयात किए जाने वाले बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और इसी तरह की औद्योगिक मशीनरी और फार्म उपकरणों पर अब 15% का टैरिफ लगेगा, जो पहले 25% था. यहां बता दें कि भारत को इसका फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है, क्योंकि अभी तक US-Iran Trade Deal फाइनल नहीं हुई है।  ट्रंप ने ये स्कीम भी शुरू की Donald Trump प्रशासन ने घरेलू स्तर पर उत्पादित स्टील और एल्यूमीनियम की डिमांड को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अतिरिक्त प्रोत्साहन योजना की भी शुरुआत का ऐलान किया है. इसके तहत, विदेशी निर्माता 10% के और भी कम टैरिफ रेट का लाभ उठा सकेंगे, इसके लिए शर्त ये होगी कि उनके द्वारा आयात किए गए कैपिटल इक्विपमेंट में वजन के हिसाब से कम से कम 85% स्टील या एल्युमीनियम अमेरिका का यूज हो। 

ED का बड़ा एक्शन: 145 करोड़ फ्रॉड केस में कोटक महिंद्रा बैंक का पूर्व अफसर गिरफ्तार

पंचकूला नगर निगम पंचकूला के करीब 145 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। ईडी ने  धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की। ईडी की जांच हरियाणा के पंचकूला स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। एफआईआर में कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों और अन्य लोगों पर नगर निगम के 145 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप लगाया गया था। बैंक अधिकारियों और नगर निगम कर्मचारी की मिलीभगत का आरोप ईडी के अनुसार जांच में नगर निगम के एक अधिकारी, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच कथित आपराधिक गठजोड़ का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि बैंक के कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव और तत्कालीन डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने नगर निगम के पूर्व वरिष्ठ लेखा अधिकारी विकास कौशिक के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम के नाम से दो बैंक खाते खुलवाए थे। आरोप है कि नगर निगम के वैध खातों से फर्जी फंड माइग्रेशन ऑथराइजेशन पत्रों के जरिए धनराशि इन अनधिकृत खातों में ट्रांसफर की गई। बाद में रकम विभिन्न फाइनेंसरों और अन्य व्यक्तियों के खातों में भेजी गई। फर्जी खातों से रकम निकासी की जांच ईडी का दावा है कि जांच में यह भी सामने आया है कि राजत दहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार और विनोद कुमार नामक फाइनेंसर पुष्पिंदर सिंह के निर्देशों पर काम कर रहे थे। एजेंसी के अनुसार गबन में इस्तेमाल किए गए कुछ खातों का नियंत्रण भी पुष्पिंदर सिंह के पास था। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि फर्जी खातों से निकाली गई रकम का एक हिस्सा पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर तक पहुंचा। इसके अलावा धनराशि को रियल एस्टेट कंपनियों और अन्य निजी व्यक्तियों तक पहुंचाने के भी आरोप हैं। 9 जून तक ईडी रिमांड ईडी ने आरोपी को विशेष पीएमएलए अदालत, पंचकूला में पेश किया। अदालत ने उसे 9 जून तक नौ दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। मामले में आगे की जांच जारी है।

तस्करी मामलों की सुनवाई में देरी पर हाईकोर्ट ने जताई चिंता, गवाहों की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल

चंडीगढ़  पंजाब में नशा तस्करी से जुड़े मामलों की सुनवाई में हो रही देरी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को पुलिस बल की जनशक्ति की उच्चस्तरीय समीक्षा करने और भर्ती प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं।  अदालत ने कहा कि पंजाब सरकार युद्ध नशे विरुद्ध अभियान चला रही है लेकिन पुलिसकर्मियों की कमी के कारण सरकारी गवाह समय पर अदालतों में पेश नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर एनडीपीएस मामलों के ट्रायल पर पड़ रहा है। जस्टिस संजय वशिष्ठ की पीठ के समक्ष हेरोइन बरामदगी से जुड़े एक मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह मुद्दा सामने आया। पंजाब सरकार की ओर से विशेष डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रवीण कुमार सिन्हा के हलफनामे और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से जुटाए गए आंकड़े अदालत के समक्ष पेश किए गए।  अदालत ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है जबकि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। राज्य स्तर पर इस समस्या पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है ताकि अदालतों में गवाही देने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए जा सकें।  अदालत ने टिप्पणी की कि नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के बावजूद वास्तविक स्थिति यह है कि कई मामलों में पुलिस गवाहों की अनुपस्थिति के कारण ट्रायल लंबित हो रहे हैं और आरोपियों को जमानत मिलने का आधार बन रहा है।