samacharsecretary.com

तरुण चुघ को राज्यसभा भेजकर BJP ने चला बड़ा दांव, 2027 चुनाव की रणनीति के संकेत

चंडीगढ़  बीजेपी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को नामित किया है। पार्टी का यह फैसला पंजाब की राजनीति में दूरगामी असर वाला माना जा रहा है।  हाल ही में पंजाब भाजपा में हुए संगठनात्मक बदलाव और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच इस निर्णय को पार्टी की व्यापक राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। हिंदू नेतृत्व को प्रतिनिधित्व राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भाजपा ने इस फैसले के जरिए एक साथ कई संदेश देने की कोशिश की है। एक ओर जाट सिख चेहरे के रूप में केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है तो दूसरी ओर हिंदू नेतृत्व को प्रतिनिधित्व देने के लिए तरुण चुघ को राज्यसभा भेजा गया है।  भाजपा की नई रणनीति पंजाब की सामाजिक संरचना को देखते हुए इसे जातीय और राजनीतिक संतुलन बनाने की रणनीति माना जा रहा है। अकाली दल से अलग होने के बाद भाजपा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों, जाट सिख समुदाय, दलित वर्ग और नए सामाजिक समूहों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। केवल सिंह ढिल्लों और तरुण चुघ की नई भूमिकाएं उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं। पुराने कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं में भी इस फैसले को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। छात्र राजनीति से राष्ट्रीय संगठन तक पहुंचे चुघ को लंबे समय से संगठन में सक्रिय और वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध नेता माना जाता है। ऐसे में पार्टी ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि संगठन के प्रति निष्ठा और लंबे योगदान को भी महत्व दिया जाता है। 

कई मौके मिले, फिर भी नहीं पास कर सके परीक्षा; दो PCS अफसरों को मूल विभाग में भेजा गया

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने अनिवार्य विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने पर दो पीसीएस अफसरों प्रोमिला और अमरदीप सिंह को पदोन्नति के बाद पदावनत कर दिया है।  सामान्य प्रशासन विभाग में निजी सचिव रह चुकीं प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस पद पर प्रमोट किया गया था, जबकि जिला राजस्व अधिकारी रहे अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में यह पदोन्नति मिली थी। अब उन्हें अपने मूल विभागों में पुराने पदों पर सेवाएं देनी होंगी। मुख्य सचिव की ओर से जारी पत्र में दोनों अफसरों को अपने पुराने पदों पर सेवाएं देने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब के कार्मिक विभाग ने अफसरों समेत अन्य संबंधित विभागों को भी आदेशों की प्रतियां भेज दी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में बताैर निजी सचिव कार्यरत प्रोमिला को फरवरी 2021 में पीसीएस के पद पर प्रमोशन दी गई थी। संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना था जरूरी नियमानुसार महिला अफसर को अपनी सेवाओं के एक से डेढ़ वर्ष के भीतर सिविल सेवा (विभागीय परीक्षा) नियम, पंजाब- 2014 के नियम 4(4) के तहत संबंधित विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी था। इसके लिए उन्हें अगस्त 2021, फरवरी 2022, अक्तूबर 2022 और मई 2023 में चार माैके दिए गए मगर चारों परीक्षाओं में वे उत्तीर्ण नहीं हो पाईं।  इतना ही नहीं महिला अफसर को परीक्षा पास करने के लिए दिसंबर 2023 और जून 2024 में दो मर्सी चांस भी दिए गए। इस दौरान उन्हें यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि इसके बाद उन्हें अन्य अवसर नहीं मिलेगा मगर दोनों मर्सी चांस में भी महिला अफसर उत्तीर्ण नहीं हो पाईं। लिहाजा महिला अफसर को अब तत्काल प्रभाव से अपने मूल सामान्य प्रशासन विभाग में रिपोर्ट करने का निर्देश दे दिया गया है। चार बार परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे अफसर अन्य अफसर अमरदीप सिंह को सितंबर 2022 में बतौर पीसीएस पदोन्नत किया गया था। उन्हें भी नियुक्ति के एक से डेढ़ साल के भीतर इसके लिए अनिवार्य परीक्षा पास करनी थी। इसके लिए उन्हें अक्तूबर 2022, मई 2023, दिसंबर 2023 और जुलाई 2024 में चार मौके दिए गए मगर हैरत की बात यह कि इन चारों मौकों पर संबंधित अफसर परीक्षा देने ही नहीं पहुंचे। पीसीएस पद पर प्रमोट होने से पहले वे राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन विभाग में बतौर जिला राजस्व अधिकारी के पद पर तैनात थे। लिहाजा उन्हें भी अब अपने मूल विभाग में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं। उनके आदेश पत्र में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी ड्यूटी में लापरवाही करने पर उन्हें मुअत्तल (निलंबित) भी किया गया था।  

राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने उतारे 11 उम्मीदवार, MP से तरुण चुग तो कर्नाटक से कांग्रेस ने पवन खेड़ा पर लगाया दांव

भोपाल/जयपुर/अहमदाबाद/दिल्ली भाजपा और कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। मध्यप्रदेश की दो सीटों के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और उद्योगपति रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। राजस्थान से पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने भी सात उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। पार्टी ने कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को उम्मीदवार बनाया है। वहीं मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन, राजस्थान से नीरज डांगी, तमिलनाडु से प्रवीण चक्रवर्ती और झारखंड से प्रणव झा को राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया है। ओडिशा में 25 मई को देवाशीष सामंतराय ने बीजू जनता दल (BJD) और राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन कर ली थी। इस तरह ओडिशा की इस सीट पर उपचुनाव होगा। इसके लिए भाजपा ने देवाशीष को ही उम्मीदवार बनाया है। 13 राज्यों की 27 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव होगा। नामांकन भरने की लास्ट डेट 8 जून है। तमिलनाडु, मेघालय और मिजोरम में भी प्रत्याशी घोषित     तमिलनाडु: CM विजय की पार्टी TVK ने राज्य की एक राज्यसभा सीट कांग्रेस को दी है। पार्टी ने यहां से प्रवीण चक्रवर्ती को उम्मीदवार बनाया है।     मेघालय: मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस-II (MDA-II) ने नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के जेम्स पीके संगमा को सर्वसम्मति से उम्मीदवार बनाया है।     मिजोरम: राज्य की एक सीट के लिए सत्ताधारी दल जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) ने पार्टी प्रवक्ता के. लालतलुआंगकिमा को प्रत्याशी घोषित किया है। NDA के पास 18 सीट राज्यसभा की जिन 27 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से NDA के पास अभी 18 (आंध्र प्रदेश से 1, गुजरात से 4, कर्नाटक से 3, राजस्थान-मध्य प्रदेश से 2-2, झारखंड, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु से एक-एक सीटे हैं)। वहीं कांग्रेस गठबंधन के पास 5 सीटे हैं। वहीं तीन अन्य सीटें YSRCP के खाते में हैं। एक बीजेडी के पास थी। इन चुनावों में NDA को 17 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि कांग्रेस को पांच, JMM को दो और TVK को एक सीट मिलने की उम्मीद है। एक सीट मिजोरम में जोरम पीपल्स मूवमेंट जीत सकती है। YSRCP अपनी तीनों सीटें गंवा सकती है। 244 सदस्यों वाले उच्च सदन में NDA के पास अभी 149 सांसद हैं, जबकि विपक्ष के पास 78 और गैर-गठबंधन वाले क्षेत्रीय दलों के पास 17 सांसद हैं। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू और जॉर्ज कूरियन का कटा टिकट, मोदी कैबिनेट से विदाई तय भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. इस सूची के सामने आते ही सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा दो केंद्रीय राज्य मंत्रियों रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कूरियन के नामों के कटने को लेकर शुरू हो गई है. उम्मीदवारों की सूची में जगह न मिलने के कारण अब दोनों ही मंत्रियों की मोदी मंत्रिपरिषद से छुट्टी तय मानी जा रही है।  BJP की इस 11 संसदीय उम्मीदवारों की सूची में सबसे चौंकाने वाला  नाम रवनीत सिंह बिट्टू का है. वह राजस्थान कोटे से राज्यसभा सांसद हैं. केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को दोबारा मौका नहीं दिया गया है. पंजाब में सिखों के बड़े चेहरे के तौर पर स्थापित बिट्टू का 21 जून को कार्यकाल समाप्त हो रहा है. संसद का सदस्य न रहने की स्थिति में उनका मंत्री पद जाना अब लगभग तय है।  वहीं, मध्य प्रदेश कोटे से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कूरियन का नाम भी इस सूची से नदारद है. कूरियन का कार्यकाल भी आगामी 21 जून को समाप्त हो रहा है. उन्हें दोबारा राज्यसभा न भेजने के फैसले के बाद अब मोदी कैबिनेट में फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।  सांगठनिक धुरंधरों को मिला ईनाम पार्टी ने इस बार मंत्रियों को ड्रॉप करके संगठन में रात-दिन काम करने वाले जमीनी रणनीतिकारों पर बड़ा दांव खेला है।  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कई राज्यों के चुनावी प्रभारी तरुण चुघ को मध्य प्रदेश कोटे से उम्मीदवार बनाया गया है.चुघ को टिकट देकर पार्टी ने उनके संगठनात्मक कौशल को पुरस्कृत किया है. उनके साथ एमपी से प्रदेश मंत्री और लंबे समय से प्रदेश बीजेपी का प्रमुख चेहरा रहे रजनीश अग्रवाल को भी संसद भेजा जा रहा है।  इसके अलावा, राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान में हरियाणा बीजेपी के प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया को राजस्थान से टिकट मिला है. पूनिया की जमीनी और जाट समुदाय पर मजबूत पकड़ को देखते हुए इसे बड़ा फैसला माना जा रहा है।  वहीं, बीजेपी की केंद्रीय सचिव डॉ. अलका गुर्जर को भी राजस्थान कोटे से राज्यसभा का टिकट दिया गया है, जो महिला और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करेगा।  गुजरात के 4 'सरप्राइज' नाम  बीजेपी ने अपने अभेद्य किले गुजरात से चार ऐसे चेहरों को मैदान में उतारा है जिन्होंने राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है.इन नामों के पीछे RSS की पसंद और ओबीसी-आदिवासी सोशल इंजीनियरिंग साफ दिखाई देती है।  राजूभाई शुक्ला: मेहसाणा के रहने वाले राजूभाई शुक्ला लंबे समय से पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता और मजबूत ब्राह्मण चेहरा हैं. वर्तमान में वे सुरेंद्रनगर के जिला प्रभारी हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से गहरा जुड़ाव रखते हैं. वे मेहसाणा जिला महामंत्री और कड़ी नगरपालिका के प्रमुख भी रह चुके हैं।  मानसिंह परमार: युवा चेहरा मानसिंह परमार सोमनाथ जिले से आते हैं. वे ओबीसी मोर्चा के प्रमुख व पूर्व विधायक गोविंद परमार के भतीजे हैं और खुद भी पूर्व जिला अध्यक्ष के रूप में संगठन संभाल चुके हैं।  जितेंद्र कंजारिया: देवभूमि द्वारका के खंभालिया से पूर्व विधायक मेघजी कंजारिया के बेटे जितेंद्र खुद भी ओबीसी समुदाय से आते हैं और क्षेत्र के बड़े जमीनी नेता हैं।  मुकेशभाई राठवा: छोटा उदेपुर जिला महामंत्री मुकेश राठवा भारतीय जनता युवा मोर्चा से अपनी राजनीति शुरू कर चुके हैं. RSS के कैडर रहे मुकेश राठवा की गुजरात के आदिवासी समुदाय पर बेहद मजबूत पकड़ मानी जाती है।  नॉर्थ-ईस्ट पर विशेष फोकस  मणिपुर में जारी संवेदनशील और सामाजिक हालात के बीच भाजपा ने मणिपुर बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष  ए. शारदा देवी को राज्यसभा का टिकट दिया है. एक महिला और सांगठनिक अध्यक्ष को उच्च सदन में भेजना राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा … Read more

लोनधारकों को राहत या इंतजार? RBI ने रेपो रेट को रखा स्थिर

नई दिल्ली केंद्रीय बैंक RBI ने 3 से 5 जून तक चली मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के बाद रेपो रेट 5.25 पर बरकरार रखने का फैसला लिया है. गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने शुक्रवार सुबह 10 बजे MPC मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी. वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रेपो रेट नहीं बढ़ाने के फैसले को जानकार, एक राहत की तरह मान रहे हैं. इस फैसले से स्‍पष्‍ट है कि अगर आपने रेपो रेट से लिंक्‍ड होम लोन, कार लोन या अन्‍य तरह का बैंक लोन लिया है, तो आपके लोन की EMI नहीं बढ़ेगी।  कैसी रहेगी देश की GDP ग्रोथ?  केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान मामूली रूप से कम कर दिया है. गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने बताया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए रियल GDP ग्रोथ अनुमान  6.9 से कम कर 6.6 फीसदी कर दिया है।      जून 2026 तिमाही: 6.6%     सितंबर 2026 तिमाही: 6.3%     दिसंबर 2026 तिमाही: 6.5%     मार्च 2027 तिमाही: 6.8%   इस साल अनुमान से ज्‍यादा रह सकती है महंगाई महंगाई दर पर RBI का अनुमान है कि इस साल देश में महंगाई थोड़ी ज्‍यादा रह सकती है. इसमें तेल और गैस की बढ़ी कीमतों का बड़ा रोल रहेगा. मार्च में महंगाई दर 3.4 फीसदी और अप्रैल में 3.5 फीसदी रही थी, जबकि इससे पहले फरवरी 2026 में महंगाई दर 3.2 रही थी.  ये आंकड़े केंद्रीय बैंक के 4% के लक्ष्‍य से कम थे. हालांकि आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है. RBI के अनुमान के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में महंगाई दर 5.1 फीसदी रह सकती है।      जून 2026 तिमाही: 4.2%     सितंबर 2026 तिमाही: 5.1%     दिसंबर 2026 तिमाही: 5.9%     मार्च 2027 तिमाही: 5.4% हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। वित्त वर्ष 2026-27 में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 6-8 अप्रैल 2026 को हुई थी। RBI MPC मीटिंग के अन्य बड़े फैसले     ग्रोथ का अनुमान घटाया: वेस्ट एशिया (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव और सप्लाई चेन में रुकावटों के चलते RBI ने आर्थिक विकास दर यानी GDP ग्रोथ के अनुमान को घटा दिया है। अब चालू वित्त वर्ष के लिए GDP ग्रोथ आउटलुक को 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया गया है।     स्टांस 'न्यूट्रल' रखा: महंगाई के बढ़ते जोखिमों के बावजूद मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने अपनी नीति का रुख 'न्यूट्रल' (तटस्थ) बनाए रखने का फैसला किया है। कमेटी स्थिति पर नजर रखते हुए डेटा के आधार पर आगे कदम उठाएगी।     महंगाई को लेकर चिंता: गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि हालांकि रिटेल महंगाई अभी टारगेट के दायरे में है, लेकिन वैश्विक तनाव के कारण फ्यूल (ईंधन) और एनर्जी की बढ़ती कीमतें आगे चलकर खुदरा बाजार और आम जनता की जेब पर दबाव डाल सकती हैं।     कमजोर मानसून का डर: पश्चिम-दक्षिण मानसून में कमी (कम बारिश) के अनुमान को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसका सीधा असर खेती-किसानी की पैदावार और ग्रामीण इलाकों में मांग पर पड़ सकता है। हालांकि, सरकार की फसल विविधीकरण यानी डायवर्सिफिकेशन जैसी योजनाएं इसके असर को कम करने में मदद करेंगी।     सर्विस सेक्टर मजबूत: अच्छी बात यह है कि घरेलू आर्थिक गतिविधियां अब भी मजबूत बनी हुई हैं। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर है और GST रेशनलाइजेशन व स्थिर रोजगार के चलते शहरी क्षेत्रों में कंजम्पशन (खपत) को सहारा मिल रहा है। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अक्सर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं यानी बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।

मैच से पहले तैयारी तेज: टीम इंडिया और अफगानिस्तान का आज न्यू चंडीगढ़ में प्रैक्टिस सेशन

न्यू चंडीगढ़ न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में होने वाले भारत और अफगानिस्तान के टेस्ट मैच से पहले दोनों टीमों का आज अभ्यास सत्र आयोजित किया जाएगा। भारतीय टीम सुबह 9:30 बजे मैदान पर पहुंचेगी और दोपहर 12:30 बजे तक अफगानिस्तान की टीम  पहुंचेगी।  भारतीय टीम के अभ्यास के बाद दोपहर 1 बजे अफगानिस्तान की टीम मैदान पर उतरेगी। अफगानिस्तान का प्रैक्टिस सेशन दोपहर 3 बजे तक चलेगा। टीम के खिलाड़ी भी मैच से पहले अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने और मैदान की परिस्थितियों को समझने का प्रयास करेंगे। 6 से 10 जून तक खेला जाएगा भारत-अफगानिस्तान टेस्ट भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 से 10 जून तक टेस्ट मैच खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह पीसीए स्टेडियम पहली बार किसी टेस्ट मैच की मेजबानी करेगा। इसके साथ ही यह भारत का 31वां और पंजाब का तीसरा टेस्ट वेन्यू बन जाएगा। मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह है। 250 रुपए से शुरू होगी टिकट पीसीए ने मैच के टिकट 250 रुपए से शुरू रखे हैं। खास बात यह है कि एक टिकट पर दर्शक पांचों दिन मैच का आनंद ले सकेंगे। दर्शक अपनी सुविधा के अनुसार पूरे दिन या किसी एक सत्र के दौरान भी स्टेडियम पहुंच सकते हैं। पीसीए ने अभिभावकों से अपील की है कि वे गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों को स्टेडियम लाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव दिलाएं, ताकि वे अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को मैदान पर खेलते हुए देख सकें। शुभमन गिल करेंगे कप्तानी भारतीय टेस्ट टीम की कमान पंजाब के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल के हाथों में होगी। वहीं पंजाब के ही युवा खिलाड़ी गुरनूर बराड़ भी टीम का हिस्सा हैं। पीसीए ने क्रिकेट प्रशंसकों से बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर भारतीय टीम और पंजाब के खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की है। मुकाबले के दौरान बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

धूल भरी आंधी और बारिश का असर: पंजाब में तापमान गिरेगा, उमस से मिलेगी राहत

चंडीगढ़  पंजाब में आज और कल भी माैसम खराब रहेगा। इससे पहले वीरवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश हुई जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।  अमृतसर में दोपहर करीब तीन बजे तेज हवाओं और बारिश के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहे तापमान से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि दिन के समय मौसम शुष्क रहने के कारण पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री की वृद्धि हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में दर्ज किया गया। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते राज्य का तापमान सामान्य के करीब बना हुआ, जबकि 24 घंटे में तापमान में 2.1 डिग्री की बढ़ौतरी देखने को मिली है। वीरवार को राज्य का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक दर्ज किया गया और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने का अुनमान है।  बठिंडा रहा सबसे गर्म वीरवार को राज्य में सबसे अधिकत तापमान बठिंडा दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में लगभग 40.4 डिग्री, पटियाला में 40.6 डिग्री, अमृतसर में 38.8 डिग्री और चंडीगढ़ में लगभग 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या नाममात्र वर्षा दर्ज की गई। जानें कैसा रहेगा मौसम 5 जून- इस दिन राज्य के पश्चिमी हिस्सों जैसे फरीदकोट, फिरोजपुर,मुक्तसर और फाजिल्का में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जबकि अन्य पूरे राज्य में बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी का असर दिख सकता है। इस दौरान बादल छाए रहने और हल्की वर्षा की स्थिति बन सकती है। 6 जून- इस दिन पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला और मानसा में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। 7-8 जून- इन दिनों में मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया। अधिकांश हिस्सों में मौसम काफी हद तक सामान्य या साफ रहने की संभावना है, हालांकि कुछ जिलों में हल्के बादल बने रह सकते हैं।  आंधी के दौरान कई स्थानों पर धूल का गुबार छा गया और दृश्यता प्रभावित हुई। बारिश के बाद मौसम साफ हुआ और तापमान में कमी आई। अमृतसर का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री जबकि लुधियाना 40.4 और पटियाला 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। सात जून को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद आठ और नौ जून को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 10 जून से नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम फिर बदल सकता है। 

पंजाब की राजनीति में पोस्टर संग्राम: मजीठिया समर्थकों का पलटवार, शहर में छाए नए पोस्टर

 अमृतसर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर मजीठा हल्के में सियासी पोस्टरबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कुछ दिन पहले क्षेत्र में मजीठिया को भगोड़ा बताने वाले पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। इसके जवाब में अब उनके समर्थकों की ओर से “टाइगर अभी जिंदा है” लिखे पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि पोस्टरों के जरिए यह संदेश दिया गया है कि राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों के बावजूद बिक्रम सिंह मजीठिया का जनाधार कायम है। वहीं विरोधी दल इसे राजनीतिक संदेशबाजी करार दे रहे हैं। गौरतलब है कि हाल ही में थाना मजीठा में हिरासत में लिए गए अकाली कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को छुड़वाने के मामले को लेकर बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। जिसके बाद पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए रेड कर रही है। इसी के बाद से मजीठिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टरबाजी लगातार जारी है। एक ओर विरोधी पक्ष मजीठिया को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर समर्थक पोस्टरों और सार्वजनिक संदेशों के जरिए उनके समर्थन का प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल मजीठा हल्के में लगी यह नई पोस्टर श्रृंखला लोगों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

भारतीय टी-20 क्रिकेट की कमान अब श्रेयस अय्यर के हाथों में, सूर्यकुमार यादव की छुट्टी

 नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा बदलाव हो गया है. श्रेयस अय्यर को टीम इंडिया का नया T20 कप्तान बना दिया गया है. अब तक यह जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव के पास थी, लेकिन अब उनकी जगह श्रेयस अय्यर टीम की कमान संभालेंगे।  कुछ समय से सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और उनके खेल को लेकर काफी सवाल उठ रहे थे. T20 वर्ल्ड कप में और उसके बाद के मैचों में उनका अपना खेल उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. इसके अलावा आईपीएल में भी वो वैसा नहीं खेल पाए जैसी उनसे उम्मीद थी. इन सब बातों को देखते हुए टीम के चुनाव करने वालों ने यानी सेलेक्टर्स ने सोचा कि अब नए कप्तान की तलाश करनी होगी।  श्रेयस अय्यर को क्यों चुना गया? श्रेयस अय्यर काफी समय से भारतीय क्रिकेट में एक भरोसेमंद बल्लेबाज के तौर पर जाने जाते हैं. घरेलू क्रिकेट में और IPL में वो पहले भी कप्तानी कर चुके हैं. मैदान पर वो अच्छी सोच के साथ खेलते हैं और दबाव में भी सही फैसले लेते हैं. इन्हीं खूबियों की वजह से टीम मैनेजमेंट की नजर में वो सबसे सही उम्मीदवार थे।  अब आगे क्या होगा? श्रेयस अय्यर के कप्तान बनने के साथ भारतीय T20 टीम में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है. सबकी नजर अब इस पर रहेगी कि उनके नेतृत्व में टीम आने वाली सीरीज और बड़े टूर्नामेंट में कैसा खेलती है. इसके अलावा टीम में खिलाड़ियों के चुनाव और बल्लेबाजी के क्रम में भी कुछ जरूरी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।  बड़ी जिम्मेदारी है अय्यर के कंधों पर अब श्रेयस अय्यर के सामने सिर्फ रन बनाने की चुनौती नहीं है. उन्हें पूरी टीम को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है. यह फैसला भारतीय क्रिकेट के लिए आने वाले वक्त की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।   

जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती: वित्तीय अनियमितताओं और लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

नगरीय विकास एवं आवास विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति: वित्तीय अनियमितताओं और कर्तव्यहीनता पर कार्यवाही आयुक्त भोंडवे द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों पर पदावनति, वेतनवृद्धि रोकने एवं पेंशन कटौती की गई कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भोपाल राज्य शासन के जनहितैषी संकल्पों के अनुरूप नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शासकीय कार्यों में शुचिता, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत कड़े कदम उठाए हैं। आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में लंबे समय से लंबित जांच प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के पश्चात दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अत्यंत कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के अंतर्गत वित्तीय अनियमितताओं, निर्माण कार्यों में लापरवाही, शासकीय भूमि एवं राजस्व के गबन तथा कोरोना काल में सामग्री क्रय में बरती गई शिथिलता को अक्षम्य मानते हुए संबंधितों को कड़ा दंड दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग और शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। प्रशासनिक स्तर पर की गई इस कार्रवाई के अंतर्गत नगर परिषद नगौद में स्टॉप डेम निर्माण कार्य में गंभीर विसंगतियां पाए जाने पर तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी संजय पाण्डेय को प्रथम दृष्टया उत्तरदायी ठहराते हुए 'परिनिंदा' से दंडित किया गया है, जिसके फलस्वरूप वे आगामी एक वर्ष तक पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे। इसी प्रकार, नगर परिषद जैतहरी (जिला अनूपपुर) में वैश्विक महामारी कोरोना के लॉकडाउन काल में सामग्री क्रय में वित्तीय नियमों की अवहेलना करने पर तत्कालीन भंडार प्रभारी मोहित शर्मा, तत्कालीन प्रभारी मुख्य लिपिक सह लेखपाल रजनीश लहंगीर तथा तत्कालीन स्वच्छता प्रभारी संजीव राठौर की चार-चार वार्षिक वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकने के आदेश जारी किए गए हैं। जैतहरी में ही शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की भूमि एवं आय को क्षति पहुंचाने के कृत्य में संलिप्तता सिद्ध होने पर राजस्व निरीक्षक अवधेश बीझी तथा प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह की आगामी दो-दो वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। शासकीय सेवा से निवृत्त हो चुके कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए विभाग ने नगर परिषद जैतहरी के तत्कालीन प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी राम मिलन तिवारी को भूमि संबंधी गड़बड़ियों में दोषी पाते हुए उनकी देय पेंशन से 10 प्रतिशत तथा कोरोना काल की अन्य अनियमितता के लिए 20 प्रतिशत राशि की स्थायी रूप से कटौती करने की गंभीर कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त, नगर परिषद पिपलौदा में नीलामी प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय विसंगतियों हेतु प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी अरुण पाठक की तीन वेतनवृद्धियां संचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। नगर पालिका परिषद शहडोल में मोहनराम मंदिर तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य में लापरवाही बरतने के कारण उपयंत्री देव कुमार गुप्ता एवं तत्कालीन सहायक यंत्री बृजेन्द्र प्रसाद शर्मा की आगामी तीन-तीन वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकी गई हैं। इसी श्रृंखला में, तालाब संरक्षण योजना के तहत नगर पालिका परिषद धार के देवीसागर तालाब निर्माण में शिथिलता के लिए तत्कालीन उपयंत्री सुधीर ठाकुर एवं सहायक यंत्री देवेन्द्र कोल की एक-एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। प्रशासनिक अनुशासन की अवहेलना करने पर सोयतकलां नगर परिषद (जिला आगर मालवा) के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक कुमार पांचाल द्वारा माधव चौक स्थित भूखंड मामले में शासन को 9 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति पहुंचाने पर उन्हें राजस्व निरीक्षक के पद से पदावनत (Demote) कर उप राजस्व निरीक्षक बना दिया गया है। साथ ही, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास के यांत्रिकी प्रकोष्ठ में सहायक वर्ग-2 के पद पर पदस्थ शेखर ठाकुर को दीर्घकालिक अनाधिकृत अनुपस्थिति और गंभीर अनुशासनहीनता के कारण तत्काल प्रभाव से अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की गई है। आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार अथवा शिथिलता को कतई सहन नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी जनहित में दोषियों के विरुद्ध ऐसी दंडात्मक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

मंत्रिमंडल गठन के साथ ही संकट! विभाग आवंटन से नाराज रेड्डी ने छोड़ा पद

 बेंगलुरु कर्नाटक में नई सरकार के गठन और विभागों के बंटवारे के तुरंत बाद कांग्रेस के भीतर का आंतरिक असंतोष एक बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।  रेड्डी ने खुलेआम अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि उनसे किया गया वादा पूरा नहीं किया गया, जिसके चलते वे यह बड़ा कदम उठा रहे हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे कैबिनेट छोड़ रहे हैं, लेकिन विधायक (MLA) और कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे।  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामलिंगा रेड्डी ने उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार पर सीधा निशाना साधा. रेड्डी ने दावा किया, "डीके शिवकुमार खुद मेरे घर आए थे और कहा था कि जब मैं सीएम बनूंगा, तो मैं इस मंत्रालय (बेंगलुरु विकास) को छोड़ दूंगा और आप इसे संभाल लेना." रेड्डी के मुताबिक, शपथ ग्रहण समारोह से ठीक एक दिन पहले भी जब वे शिवकुमार से मिले, तो उन्हें दोबारा आश्वस्त किया गया था कि बेंगलुरु से जुड़ा पोर्टफोलियो उन्हीं को मिलेगा।  रेड्डी ने भावुक होते हुए कहा, "मैंने कभी इस विभाग की मांग खुद से नहीं की थी, लेकिन मुझे बार-बार इसका भरोसा दिया गया था. दो बार वादा करने के बाद अब मुझे जल संसाधन विभाग दे दिया गया. मैं इस फैसले से बेहद निराश हूं और इसीलिए इस्तीफा दे रहा हूं।  समर्थक के हाथ भेजा इस्तीफा, पत्र में लिखी बड़ी बात रामलिंगा रेड्डी ने अपना इस्तीफा सीधे मुख्यमंत्री को सौंपने के बजाय अपने एक समर्थक के जरिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को भिजवाया है. अपने त्यागपत्र में उन्होंने लिखा, "मैं कैबिनेट में मंत्री पद देने के लिए आपका और कांग्रेस पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं. हालांकि, चूंकि मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम करने में असमर्थ हूं, इसलिए मैं मंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं. कृपया इसे स्वीकार करें।  राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भी चर्चा तेज है कि रामलिंगा रेड्डी ने अपने त्यागपत्र में 'माननीय मुख्यमंत्री' के रूप में डी. के. शिवकुमार को संबोधित किया है, जो राज्य के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान की ओर इशारा करता है. हालांकि, रेड्डी ने मीडिया से कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से न तो शिवकुमार से नाराज हैं और ना ही सिद्धारमैया से।  दरअसल, रामलिंगा रेड्डी 'बेंगलुरु शहरी विकास'  विभाग की मांग कर रहे थे. वे इस महत्वपूर्ण विभाग पर अपनी कमान चाहते थे, लेकिन मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने यह जिम्मेदारी ब्याटरायनपुरा के विधायक कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंप दी।