samacharsecretary.com

तेज रफ्तार बनी काल: रायसेन-भोपाल रोड पर बसों की आमने-सामने भिड़ंत, कई यात्री घायल

रायसेन रायसेन-भोपाल नेशनल हाईवे शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना। सेहतगंज फैक्ट्री के पास पेट्रोल पंप के नजदीक सागर से भोपाल जा रही शक्ति ट्रैवल्स और भोपाल से सागर लौट रही कल्पना ट्रैवल्स की बसें आमने-सामने टकरा गईं। पलभर में हाईवे चीख-पुकार से गूंज उठा। हादसे में एक मासूम समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 35 यात्री घायल हुए हैं। कई की हालत नाजुक होने से मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।    दोनों बसें तेज रफ्तार में थीं। सिंगल लेन सड़क पर ओवरटेक के प्रयास में चालकों का नियंत्रण बिगड़ गया और बसें सीधी भिड़ गईं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों के केबिन पिचक गए। खिड़की के पास बैठे यात्री सबसे ज्यादा चोटिल हुए। बता दें कि पहले पांच लोगों के मौत की सूचना आई थी, पर बाद में तीन मौतों की पुष्टि की गई।  शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और पेट्रोल पंप कर्मचारी दौड़े। शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया। सूचना मिलते ही गैरतगंज थाना पुलिस, डायल-100 और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं। कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने खुद मोर्चा संभाला। घायलों को गैरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। 12 गंभीर घायलों को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम कलेक्टर विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही सामने आई है। सिंगल लेन पर हैवी ट्रैफिक के बीच बसें 80 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से दौड़ रही थीं। हादसे के बाद करीब डेढ़ घंटे तक हाईवे जाम रहा। क्रेन से क्षतिग्रस्त बसें हटाने के बाद यातायात सामान्य हुआ। एक साल में 17 लोगों की मौत प्रत्यक्षदर्शी रमेश अहिरवार ने कहा, “हम चाय पी रहे थे। अचानक जोर की आवाज आई। देखा तो दोनों बसें एक-दूसरे में घुसी थीं। लोग खिड़की से गिर रहे थे। बच्चे की रोने की आवाज अब भी कानों में गूंज रही है।” हादसे ने एक बार फिर एनएच-146 की बदहाल तस्वीर उजागर कर दी। रायसेन से गैरतगंज तक 40 किमी का हिस्सा अब भी सिंगल लेन है। रोजाना सैकड़ों ट्रक और बसें यहां से गुजरती हैं। पिछले एक साल में इस खंड पर 17 लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने कई बार फोरलेन और डिवाइडर की मांग की, पर निर्माण अधर में है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता घोषित की है। एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि दोनों बस चालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। परिवहन विभाग ने सभी बस संचालकों को नोटिस जारी कर स्पीड गवर्नर की जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट सुधारने और क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है। अस्पताल के बाहर परिजनों की भीड़ और अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं।  

राजधानी के होटलों में आग का खतरा! बिना फायर NOC संचालित हो रहे अधिकांश होटल

भोपाल  दिल्ली के एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत के बाद देशभर में अग्नि सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. इधर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की जमीनी हकीकत भी बेहद डरावनी और चिंताजनक है. दरअसल शहर में सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर करीब 3200 होटल और रेस्टोरेंट धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से लगभग 99 प्रतिशत संस्थानों के पास वैध फायर एनओसी तक नहीं है. ऐसे में यदि आज किसी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान में आग लग जाए, तो वहां मौजूद सैकड़ों ग्राहकों और कर्मचारियों की जान बचाना मुश्किल होगा।  राजधानी में महज 38 संस्थानों के पास वैधानिकता ​नगर निगम और प्रशासनिक रिकार्ड के चौंकाने वाले आंकड़े बताते हैं कि भोपाल में संचालित करीब 3,200 होटल और रेस्टोरेंट में से सिर्फ 38 संस्थानों के पास ही वैध फायर एनओसी उपलब्ध है. जबकि बाकी के हजारों प्रतिष्ठान बिना किसी ठोस फायर प्लान की स्वीकृति के चल रहे हैं. हालांकि आबकारी विभाग से अनुमति प्राप्त लगभग 75 बारों को जरूर फायर सेफ्टी के दायरे में लाया गया है, लेकिन इसके अलावा एक बहुत बड़ी संख्या ऐसी है जो पूरी तरह से रामभरोसे संचालित हो रही है।  ​नियमों की उड़ रहीं धज्जियां, बेसमेंट में धधक रहे किचन ​अग्नि सुरक्षा नियमों के अनुसार किसी भी बिल्डिंग का बेसमेंट सिर्फ पार्किंग या स्टोरेज के उद्देश्य के लिए उपयोग किया जा सकता है. वहां कमर्शियल किचन चलाने की सख्त मनाही है. इसके बावजूद भोपाल के एमपी नगर, शाहपुरा, पुराने भोपाल, नर्मदापुरम रोड और संत हिरदाराम समेत अन्य इलाकों में अधिकांश होटलों और रेस्टोरेंटों के बेसमेंट में 10 से 50 कर्मचारियों की मौजूदगी में गैस चूल्हे और भारी-भरकम एलपीजी सिलेंडर धधक रहे हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि कई होटलों में एंट्री और एग्जिट के लिए अलग-अलग रास्ते तक नहीं हैं. आगजनी की स्थिति में ऐसी जगहों से बाहर निकलना नामुमकिन हो जाता है।  ​स्वतंत्र फायर एक्ट का अभाव, कार्रवाई करने में बंधे हाथ विशेषज्ञ बताते हैं कि ​भोपाल नगर निगम के पास वर्तमान में कोई स्वतंत्र और कड़ा फायर एक्ट लागू नहीं है. इस कानूनी कमजोरी के कारण जिम्मेदार अधिकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल मालिकों पर सीधे सख्त दंडात्मक कार्रवाई या भारी जुर्माना लगाने से कतराते हैं. वहीं जांच के नाम पर केवल नोटिस जारी करने की रस्म अदायगी की जाती है, जिसका फायदा उठाकर रसूखदार संचालक बिना किसी डर के अपना कारोबार जारी रखते हैं।  ​संकरी गलियां और अतिक्रमण, दमकल वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल बता दें कि ​भोपाल के पुराने और घने बाजारों जैसे लखेरापुरा, हमीदिया रोड और चौक बाजार इलाके में स्थिति और भी बदतर है. इन क्षेत्रों में संकरी गलियों, बेतरतीब खड़े वाहनों और दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण आपातकालीन स्थिति में दमकल की गाड़ियों का घटना स्थल तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण है. हाल ही में हमीदिया रोड स्थित एक होटल के कमरों में शार्ट सर्किट से लगी आग के दौरान तंग रास्तों के कारण दमकल कर्मियों को राहत कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी थी।  '​जांच के बाद होगी कार्रवाई' ​इस मामले में नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन का कहना है, "निगम की टीमें समय-समय पर शहर के व्यावसायिक परिसरों में उपलब्ध फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच करती हैं. जिन होटलों, रेस्टोरेंटों या बेसमेंट संचालकों के पास वैध एनओसी नहीं पाई जाएगी, उन्हें चिह्नित कर नोटिस दिए जा रहे हैं और नियमों का कड़ाई से पालन न करने पर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। 

MP सरकार का फोकस खेती से आगे: पशुपालन और उद्यानिकी से बढ़ेगी किसानों की कमाई

 भोपाल  मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। प्रदेश के किसान देश के खाद्यान्न भंडार भरने में बड़ी भूमिका निभाते हैं लेकिन उनकी आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। कृषक कल्याण वर्ष में सरकार की मंशा है कि ऐसे उपक्रम किए जाएं जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो। इसके लिए एक साथ कई कदम उठाए जा रहे हैं। परंपरागत कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी और पशुपालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिन उपज का मूल्य बाजार में समर्थन मूल्य से कम है, उन्हें भावांतर योजना के दायरे में लाकर उचित मूल्य दिलाने और प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था भी लागू की है। प्रदेश में पहली बार सरसों को भावांतर योजना की परिधि में लाया गया, उड़द पर छह सौ रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। किसानों के लिए राजकोष का मुंह भी खोल दिया गया है। भूमि अधिग्रहण पर अब चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। अन्य राज्यों को भी यह मॉडल अपनाने का सुझाव उपज का उचित मूल्य दिलाना प्राथमिकता-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि किसान को उपज का उचित मूल्य मिलना ही चाहिए। चूंकि, सभी उपज सरकार खरीद नहीं सकती है इसलिए भावांतर का फार्मूला अपनाया गया। सोयाबीन खरीद में प्रदेश के 6.86 लाख किसानों को 1,492 करोड़ रुपये का भावांतर दिया गया। इससे किसानों जहां समर्थन मूल्य मिला, वहीं सरकार को भंडारण, परिवहन आदि के झंझट से मुक्ति मिली। भारत सरकार ने भी सराहा और अन्य राज्यों को भी यह मॉडल अपनाने का सुझाव दिया है। सिंचाई क्षमता बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया-प्रदेश में अब सभी फसलों का उत्पादन बढ़ गया है। बीते दो वर्ष में 7.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित की गई। 2026 के अंत तक इसे बढ़ाकर 8.44 लाख हेक्टेयर करने और 2030 तक प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल और केन-बेतवा अंतरराज्यीय लिंक परियोजना पर काम प्रारंभ हो गया है। पांच लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वे हो चुका है। इनके क्रियान्वयन से पांच लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। 20 लाख हेक्टेयर में उद्यानिकी फसलें ले रहे किसान- किसान की आय बढ़ाने के लिए परंपरागत खेती के साथ उन्हें उद्यानिकी फसलों के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में इसका असर भी दिखने लगा है। वर्ष 2022-23 में उद्यानिकी फसलों का क्षेत्र 25 लाख 96 हजार 793 हेक्टेयर था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 28 लाख 60 हजार 952 हेक्टेयर तक पहुंच गया। इसी अनुपात में उत्पादन में भी वृद्धि हुई। जैविक खेती में नंबर वन मप्र, अब प्राकृतिक खेती पर भी जोर मध्य प्रदेश जैविक खेती में देश में प्रथम स्थान पर है। 17.71 लाख हेक्टेयर प्रमाणित क्षेत्र है, जो देश में सर्वाधिक है, इसे 20 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है। 11 लाख पांच हजार 960 पंजीकृत किसान हैं। उत्पादन का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा निर्यात होता है, जिससे लगभग 3000 करोड रुपये का राजस्व मिल रहा है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड का गठन किया गया है। 97 हजार से अधिक किसानों ने 1,86,000 हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती के लिए पंजीयन कराया है। इसमें देसी गाय के लालन-पालन के लिए नौ सौ रुपये प्रतिमाह अनुदान भी दिया जा रहा है। पशुपालन से आर्थिक समृद्धि का प्रयास देश के कुल दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 9.12 प्रतिशत है। प्रदेश सरकार ने अब प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दूध संग्रहण का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन क्षमता मजबूत करने पर जोर है। पिछले एक वर्ष में 895 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया, 15 हजार से अधिक नए दुग्ध उत्पादक किसान इस नेटवर्क से जुड़े हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना में 25 गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने पर 10 लाख रुपये तक और मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना में दो दुधारू मुर्रा भैंसें खरीदने पर 75 प्रतिशत तक अनुदान का प्रविधान है। वहीं, निजी भागीदारी से गोशालाओं की स्थापना पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में इस समय 6200 से अधिक दुग्ध सहकारी समितियां सक्रिय हैं।

विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, रायगढ़ के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बड़ा संदेश

रायगढ़ का सुनियोजित विकास हमारी प्राथमिकता, कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता नहीं- वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्त मंत्री ने रायगढ़ शहर में संचालित विभिन्न विकास कार्यों का किया जमीनी निरीक्षण सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम और पंचतत्व गार्डन सहित कई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ शहर का दौरा कर वहां संचालित विभिन्न विकास कार्यों का कड़ा निरीक्षण किया और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सिंदूर पार्क, मिनी स्टेडियम, पंचतत्व गार्डन, जूटमिल हाउसिंग बोर्ड, मिट्ठूमुड़ा सामुदायिक भवन और फरहामुड़ा तालाब जैसी कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया। गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़े निर्देश          निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति, गुणवत्ता मानकों और समयसीमा की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को इन नागरिक सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। रायगढ़ को मिलेगी आधुनिक पहचान          चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार रायगढ़ के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शहर में बनाए जा रहे पार्क, खेल परिसर, सामुदायिक भवन और जल संरक्षण परियोजनाएं न केवल नागरिकों का जीवन स्तर सुधारेंगी, बल्कि रायगढ़ को एक आधुनिक, स्वच्छ और सुविधा संपन्न शहर के रूप में नई पहचान देंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य विकास कार्यों की गुणवत्ता से बिना कोई समझौता किए जनता को बेहतर से बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।         इस निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने वित्त मंत्री को जारी परियोजनाओं की तकनीकी और व्यावहारिक प्रगति से अवगत कराया।

तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़: अन्नामलाई ने बनाई अलग राह, नई पार्टी के गठन की घोषणा

नई दिल्ली  तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद राज्य में अपनी एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए। अन्नामलाई ने कहा कि, उनकी राजनीतिक पार्टी तमिलनाडु में अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगी. भाजपा से इस्तीफा देने का बाद उन्होंने कहा कि, वे एक आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद के अन्नामलाई ने कहा कि, उनके लिए पहले यह दुविधा वाली बात थी कि, वह बीजेपी के आदमी हैं या तमिलियन. पूर्व भाजपा नेता ने कहा कि, उन्होंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया कि वह इस्तीफा देने जा रहे हैं. पार्टी ने उन्हें चुनाव खत्म करने और फिर जाने को कहा।  बता दें कि, तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया जिसे भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने स्वीकार कर लिया. ऐसा बताया जा रहा है कि अन्नामलाई ने हाल में दिल्ली यात्रा के दौरान अपना इस्तीफा सौंपा था।  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। अन्नामलाई इस्तीफे की संभावना और नयी राजनीतिक पार्टी बनाने की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व से मुलाकात के लिए दिल्ली आए थे. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मंगलवार को मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा की थी।  ऐसा बताया जा रहा है कि नैनार नागेंद्रन को उनकी जगह भाजपा की तमिलनाडु इकाई का अध्यक्ष पद नियुक्त किए जाने और राज्य में 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के साथ चुनावी गठबंधन फिर से बहाल किए जाने के बाद से अन्नामलाई नाराज थे।  अन्नामलाई ने गुरुवार को घोषणा की थी कि वह पांच जून को यानी आज सोशल मीडिया पर बातचीत के दौरान अपने विचार साझा करेंगे. वह राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा के बारे में संभवतः स्पष्टीकरण देंगे तथा राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा, इस्तीफे और नयी राजनीतिक पार्टी शुरू करने की संभावित योजना के बारे में भी स्थिति स्पष्ट करेंगे. आज उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। 

बीच ऑफिस में युवती पर हमला, मोहाली की घटना ने दहलाया; CCTV फुटेज आया सामने

मोहाली पंजाब के मोहाली में एक दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। यह एक शख्स ने बीच ऑफिस में काम कर रही महिला पर चाकू से बेरहमी से गोद कर मार डाला। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। खबरें हैं कि आरोपी ब्रेक अप से परेशान था और इसलिए युवती की हत्या जैसा जघन्य अपराध किया। हमले के बाद आरोपी ने खुद की भी जान लेने की कोशिश की थी। पहले रिलेशनशिप फिर ब्रेक अप गुरुवार को मोहाली स्थित एक निजी कंपनी में यह हत्याकांड हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी की पहचान हरजिंदर सिंह मान उर्फ हैरी के तौर पर हुई है। उसकी उम्र 39 साल बताई जा रही है। जबकि, पीड़िता 30 वर्षीय डिंपल थीं और पटियाला की रहने वाली थीं। खबर है कि दोनों 3 सालों से ज्यादा समय तक रिलेशन में रहे, लेकिन बाद में अलग हो गए थे। क्या थी वारदात की वजह इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हरजिंदर ब्रेक अप से उबरने में परेशानी का सामना कर रहा था। कहा जा रहा है कि उसने कई मौकों पर डिंपल के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने और सुलह की भी कोशिशें की थीं। रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि वह सुलह करने में असफल था, जिसके चलते परेशान हो गया था। अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों के बीच दफ्तर में झगड़ा भी हुआ था। जमकर हुई बहस के बाद हैरी ने कथित तौर पर डिंपल पर चाकू से वार करना शुरू कर दिया था। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती सीट पर बैठकर काम कर रही है और उस समय अचानक युवक पीछे से आता है और चाकू से हमला करना शुरू कर देता है। बीच ऑफिस में मारा वीडियो में नजर आ रहा है कि चाकू के शुरुआती वार झेलने के बाद युवती भागकर ऑफिस के बीच पहुंच गई थी, जहां गेट के पास आरोपी ने उसे फिर पकड़ लिया और अटैक करने लगा। इस दौरान युवती बचने का प्रयास कर रही थी और आसपास लोगों की भीड़ भी बचाने के लिए पहुंच गई थी, लेकिन आरोपी ने चाकू का डर दिखाकर सभी को हटा दिया। खुद को मारने की कोशिश इस हत्याकांड के बाद हैरी ने खुद को भी मारने की कोशिश की थी। हमले से घबराएं कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो दोनों गंभीर हालत में पाए गए थे। उन्हें फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां कुछ देर बाद डिंपल को मृत करार दे दिया या। वहीं, हरजिंद का इलाज जारी है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अब नहीं चलेगी देरी: श्रम विभाग को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करानी होगी जानकारी

श्रम विभाग में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम समय सीमा में देनी होगी जानकारी  रायपुर, छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 की धारा 3, 4, 5 एवं 7 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए तथा श्रम विभाग द्वारा कार्यालय का नाम, विभाग द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सेवा, ऐसी सेवा प्रदान करने के लिए निश्चित की गई समय-सीमा के साथ, सेवा प्रदान करने वाले पदाभिहित अधिकारी (पद), सक्षम अधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकारी का पदनाम, अधिसूचित किया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत सेवा जो प्रदाय की जानी है, श्रम विभाग द्वारा सेवा प्रदाय करने की समय-सीमा (कार्य दिवस) निर्धारित की गई है। इसी प्रकार सेवा प्रदाय करने वाला लोक प्राधिकारी (पद), सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना

पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशि रायपुर  छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में निर्माण कार्य से जुडे 60 प्रकार के प्रवर्गो में पंजीकृत कर उनके लिये जन्म से मृत्यु तक लगभग 28 प्रकर की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के जीवनयापन के स्तर को उंचा उठाने एवं आय में वृध्दि तथा रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल में 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के लिये दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही हैं जिसके अंतर्गत 1,50,000 रूपये की अनुदान राशि मण्डल द्वारा प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। इस योजना के लिये पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपने पसंद के ई रिक्शा कंपनी का चयन कर बैंक से ऋण प्राप्त करने के पश्चात् विभाग की वेबसाईटshramevjayate.cg.gov.in, Shramev Jayate Mobile App,  नजदीकी श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा  जिला श्रम कार्यालय बलौदा बाजार के कक्ष क्रमांक 117 में आकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

पार्टी के तेजतर्रार प्रवक्ता से राज्यसभा उम्मीदवार तक: पवन खेड़ा को मिला कांग्रेस का बड़ा इनाम

 नई दिल्ली सियासत में संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता, बशर्ते आप सही वक्त पर सही पिच पर बैटिंग कर रहे हों. राजनीति में ये कदम आपके लिए बंद पड़े दरवाजों को खोल देता है. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. कांग्रेस ने राज्यसभा चुनावों के लिए अपने 7 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें पवन खेड़ा का नाम शामिल हैं. इस तरह पार्टी उन्हें कर्नाटक से संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) भेज रही है।  बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस के तेज तर्रार प्रवक्ता पवन खेड़ा फ्रंटफुट पर लगातार मोर्चा खोला रखे थे. बीजेपी के 'एक्शन' पर आक्रामक तरीके से पवन खेडा के 'रिएक्शन' और कांग्रेस का 'पॉलिटिकल कैलकुलेशन' ने क्या राज्यसभा का टिकट कंफर्म करा दिया है?  राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने गुरुवार को अपने सात उम्मीदावरों के नाम का ऐलान किया है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ पवन खेड़ा और मंसूर खान को कर्नाटक से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या के आधार पर पवन खेड़ा का राज्यसभा जाना तय है।   पवन खेड़ा की तपस्या पूरी हुई? यह वही पवन खेड़ा हैं, जिन्हें साल 2022 में राजस्थान से राज्यसभा टिकट न मिलने पर मायूसी हाथ लगी थी. तब पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा था. 'शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई.' लेकिन तब और अब के राजनीतिक हालात में जमीन-आसमान का अंतर है. पवन खेडा कल टीवी डिबेट्स का चेहरा थे, वो अब बीजेपी के खिलाफ 'लड़ाई के प्रतीक' बन चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला लिया।  पिछले कुछ समय में जिस तरह से पवन खेड़ा ने खुद को पार्टी के संकटमोचक और सबसे मुखर चेहरे के रूप में स्थापित किया, उसने कांग्रेस आलाकमान को अपना मुरीद बना लिया. ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व पर यह नैतिक दबाव था कि जो नेता फ्रंटफुट पर रहकर गांधी परिवार और पार्टी के लिए तमाम मुकदमे झेल रहा है, उसे तरजीह दी जाए. इस तरह उनकी 'तपस्या' न सिर्फ पूरी हुई, बल्कि राहुल गांधी की कोर टीम ने उनके नाम पर सबसे पहले मुहर लगाई।  फ्रंटफुट पर 'लड़ाई लड़ने' का इनाम कांग्रेस आलाकमान ने अपने प्रवक्ताओं और कार्यकर्ताओं को एक साफ संदेश दिया है कि जो नेता पार्टी के लिए जमीन और कानूनी मोर्चों पर लाठियां या मुकदमे झेलेगा, संगठन उसके साथ खड़ा रहेगा. पवन खेड़ा लगातार बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए एक बयान के बाद जिस तरह असम पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्रामाई अंदाज में पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतारा था और गिरफ्तार किया, उसने रातों-रात उन्हें कांग्रेस का 'पोस्टर बॉय' बना दिया था।  हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर अघोषित विदेशी संपत्ति और फर्जी पासपोर्ट के आरोपों को लेकर उनके खिलाफ असम में कई एफआईआर दर्ज हुईं. असम पुलिस ने उनके घर पर दबिश तक दी और उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जाकर राहत मिली. इस कानूनी लड़ाई में डटे रहने के कारण पार्टी ने उन्हें यह बड़ा इनाम दिया है. इस 'बदले वाली कार्रवाई' ने पवन खेड़ा के लिए राज्यसभा का रास्ता साफ कर दिया है।  संसद में मुखर 'वक्ता' की जरूरत पवन खेड़ा कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन हैं. वे टीवी डिबेट्स और प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेहद तार्किक और तीखे हमलों के लिए जाने जाते हैं. कांग्रेस को राज्यसभा में एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी जो मल्लिकार्जुन खड़गे और जयराम रमेश के साथ मिलकर सदन के भीतर मोदी सरकार को पुरजोर तरीके से घेर सके.  इसीलिए कांग्रेस ने पवन खेड़ा को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है।  राहुल और खड़गे के 'गुड बुक्स' में  पवन खेड़ा को गांधी परिवार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दोनों का बेहद करीबी और वफादार माना जाता है. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के समय से राजनीति के केंद्र में रहे पवन खेड़ा ने मुश्किल वक्त में भी कभी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा.  दिल्ली में शीला दीक्षित के सीएम रहते हुए पवन खेड़ा उनके निजि सचिव के तौर पर काम कर रहे थे, उसके बाद से कांग्रेस के राष्ट्रीय टीम का हिस्सा हैं. राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जिस तरह इस मामले को हाथों-हाथ लिया, उससे साफ है कि खेड़ा अब गांधी परिवार के गुड बुक्स में टॉप पर हैं। कर्नाटक से उनके साथ खुद मल्लिकार्जुन खड़गे भी राज्यसभा जा रहे हैं, जो दर्शाता है कि उन्हें सबसे सुरक्षित सीट से संसद भेजने का फैसला शीर्ष नेतृत्व की मर्जी से हुआ है. साल 2022 के राज्यसभा चुनावों के दौरान जब कांग्रेस ने बाहरी या अन्य नेताओं (जैसे इमरान प्रतापगढ़ी, प्रमोद तिवारी) को तरजीह दी थी, तब पवन खेड़ा के साथ-साथ पार्टी के भीतर भी कई आवाजें उठी थीं. इस बार खेड़ा को टिकट देकर आलाकमान ने उस पुराने असंतोष और 'तपस्या' वाले नैरेटिव को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। 

UPSC का सपना लेकर पहुंची छात्रा, कलेक्टर के एक वाक्य ने भर दी आंखें

बलरामपुर  छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में एक लड़की यूपीएससी का सपना लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंची थी। कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी कुछ काम में व्यस्त थीं। इसलिए लड़की को बाहर इंतजार करना पड़ा। कलेक्टर मीटिंग में जाने के लिए बाहर निकलीं और छात्रा के पास पहुंचीं तो वह भावुक हो गई। उसकी बातों को सुनकर उन्होंने मदद का भरोसा दिया है। कलेक्टर का कर रही थी इंतजार दरअसल, बलरामपुर जिले की रहने वाली महिमा प्रजापति अपने मन में कई सवाल और आंखों में प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना लिए घंटों कलेक्ट्रेट परिसर में बैठी रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि यदि एक बार कलेक्टर से मुलाकात हो जाए तो शायद उनकी पढ़ाई से जुड़ी परेशानी का समाधान निकल सके। मीटिंग के लिए जा रहीं थीं कलेक्टर इसी बीच कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एक आवश्यक बैठक के लिए निकल रही थीं। उनकी नजर इंतजार कर रही छात्रा पर पड़ी। उन्होंने आगे बढ़कर महिमा से उसके आने का कारण पूछा। कलेक्टर के इस आत्मीय व्यवहार और अपनत्व को देखकर महिमा भावुक हो गईं और उनकी आंखें छलक उठीं। भावुक हो गई महिला कलेक्टर को अपने सामने देखकर महिमा प्रजापति भावुक हो गई। उसकी आंखों में आंसू आ गए। यह देखकर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उसे हौसला दिया और कहा कि परेशान मत हो। कलेक्टर मैम से मैं मिली हूं। मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए जिला ग्रंथालय से किताब उपलब्ध करवाएंगी। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा।  महिमा प्रजापति, छात्रा यूपीएससी की तैयारी के लिए चाहिए किताब महिमा ने बताया कि वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रही हैं, लेकिन कुछ जरूरी पुस्तकों की कमी उनकी राह में बाधा बन रही है। छात्रा की बात सुनने के बाद कलेक्टर ने न केवल उसका हौसला बढ़ाया, बल्कि आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। सहजता के साथ सुनीं बातें महिमा ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि जिले की सबसे बड़ी प्रशासनिक अधिकारी इतनी सहजता से उनकी बात सुनेंगी। कलेक्टर से मिली प्रेरणा और सहयोग के आश्वासन ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है। यह मुलाकात सिर्फ एक अधिकारी और छात्रा के बीच की बातचीत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे सपने को संबल देने की कहानी थी, जो संघर्षों के बीच भी मंजिल तक पहुंचने का हौसला रखता है। जिले में कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की सराहना हो रही है।