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क्या टूट की कगार पर है TMC? 23 सांसदों को लेकर सियासी हलचल तेज, ममता एक्टिव मोड में

 कोलकाता पश्चिम बंगाल चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद ममता बनर्जी को 15 साल बाद सत्ता गंवानी पड़ी थी. हालिया चुनाव में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को 80 सीटों पर जीत मिली थी. टीएमसी के 80 में से 58 विधायकों ने पार्टी से निकाले जा चुके संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में बगावत कर दी. बागी गुट ने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता घोषित कर दिया, जिन्हें स्पीकर ने भी मान्यता दे दी है।  विधायकों के बाद अब सांसदों के भी बगावत करने की चर्चा जोरों पर है. चर्चा है कि टीएमसी के 23 सांसद बागी गुट के संपर्क में हैं. चर्चा 20 सांसदों के केंद्र और सूबे की सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में जाने की भी थी. टीएमसी में बगावत के बीच बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी के एक बयान ने सस्पेंस और बढ़ा दिया है. ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि थोड़ा धैर्य रखिए, बहुत कुछ हो सकता है।  दरअसल, शुक्रवार को कोलकाता में ऋतब्रत बनर्जी से टीएमसी के 20 सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को लेकर सवाल पूछा गया था. इस सवाल के जवाब में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पिछले सात दिन से मेरी किसी भी सांसद से कोई बात नहीं हुई है. उन्होंने किसी भी सांसद से कोई बात नहीं होने को आधार बनाते हुए कहा कि इसलिए यह नहीं कह सकता कि सांसद क्या कदम उठाएंगे।  पश्चिम बंगाल विधानसभा में बागी गुट की ओर से नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वर्तमान में जीता हूं. कल क्या होगा, यह कोई नहीं कह सकता. हालांकि, सूत्रों की मानें तो टीएमसी में अगले हफ्ते टूट हो सकती है. 23 सांसद भी बागी गुट के साथ जा सकते हैं. टीएमसी सूत्रों की मानें, तो ये सांसद अभिषेक बनर्जी से नाराज बताए जा रहे हैं. यह सांसद भी विधायकों की तरह अलग गुट बना सकते हैं।  टीएमसी के लोकसभा में 28 सांसद हैं. ऐसे में दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई से बचने के लिए अलग गुट को 19 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. कहा जा रहा है कि सांसदों की बगावत का नेतृत्व पार्टी के एक बहुत ही वरिष्ठ सांसद कर रहे हैं. राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद हैं. राज्यसभा में अलग गुट की मान्यता के लिए नौ सांसदों का समर्थन जरूरी होगा।  दूसरी तरफ, टीएमसी में बगावत के बाद अब ममता बनर्जी भी एक्टिव मोड में आ गई हैं. ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट स्थित अपने आवास पर बड़ी बैठक बुला ली है. यह बैठक 5 जून की शाम चार बजे से शुरू होनी है. ममता बनर्जी के घर इस बैठक में टीएमसी के करीब-करीब सभी बड़े नेताओं को बुलाया गया है।  टीएमसी में सांसदों के भी बगावत करने की सुगबुगाहट और बागी विधायकों के दावे को मान्यता देते हुए स्पीकर की ओर से ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कमरे की चाबी सौंपे जाने के बाद ममता बनर्जी की यह पहली बड़ी बैठक है. टीएमसी के नाम-निशान को लेकर भी अब कयासों का दौर तेज हो गया है।  ममता बनर्जी के सामने 28 साल पहले बनाई गई अपनी ही पार्टी का नाम और निशान अपने पास बनाए रखने की चुनौती आ खड़ी हुई है. ममता की अगुवाई में होने जा रही इस बैठक में आगे की रणनीति तय पर चर्चा होनी है।   

चार घोटालों से 4,000 करोड़ की अवैध कमाई का आरोप, ED ने कसी शिकंजा

रायपुर  शराब व डीएमएफ घोटाले और अन्य बड़े भ्रष्टाचार मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने सामूहिक कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों ने घोटाले के मुख्य सूत्रधार अनवर ढेबर और रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा के संगठित सिंडिकेट के खिलाफ शिकंजा कसते हुए अब तक 1,400 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसी ने अकेले शराब घोटाले में कुल 85 आरोपितों को नामजद किया है। इस सिंडिकेट ने सरकारी व्यवस्था को ढाल बनाकर शराब से ही 3,200 करोड़ से ज्यादा का अवैध कालाधन बटोरा था। जबकि कुल चार बड़े घोटाले में करीब 4,000 करोड़ रुपये की कमाई की है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक दोनों आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की 1400 करोड़ रुपए से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इसी के साथ जांच का भी दायिरा बढ़ा दिया गया है। ईडी की जांच में दावा किया गया है कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान सक्रिय रहे इस कथित सिंडिकेट ने चार बड़े घोटालों के जरिए करीब 4,000 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। इनमें सबसे बड़ा शराब घोटाला बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से अवैध रूप से कच्ची शराब बेचकर 3,200 करोड़ रुपए से अधिक का काला धन अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी अब तक 85 लोगों को आरोपी बना चुकी है। ढेबर–टुटेजा घोटालों के मास्टरमाइंड जांच एजेंसियों के मुताबिक अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर इस पूरे नेटवर्क के नीति-निर्धारक और प्रमुख संचालक थे। डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड घोटाले में पद का दुरुपयोग कर चाहेते ठेकेदारों को काम दिलाने और 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं। ईडी के मुताबिक, गोवा का यह होटल शराब घोटाले की 110 करोड़ रुपये की काली कमाई से खरीदा गया था। सिंडिकेट से जुड़ी तीन सप्लायर कंपनियों,ओम साई बेवरेजेस, दिशिता वेंचर्स और नेक्सजेन पावर इंजीटेक के 51 करोड़ रुपये के बैंक खाते, शेयर और म्यूचुअल फंड फ्रीज किए गए हैं। इन कंपनियों से जबरन 50-60 प्रतिशत मुनाफा वसूला जाता था। केवल शराब घोटाले से ही 2,883 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई। यह खेल नकली होलोग्राम वाली अवैध देसी शराब बेचने, डिस्टिलर्स से प्रति पेटी फिक्स कमीशन वसूलने और मनमाने लाइसेंस बांटकर खेला गया। उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में मामले की छठी पूरक चार्जशीट 1 जून 2026 को दाखिल की है। इस छठी पूरक चार्जशीट में ईडी ने चार नए लोगों को आरोपित किया है, जिनमें व्यवसायी विजय भाटिया , टी. भुवनेश्वर राव, प्रोबीर शर्मा और निखिल चंद्राकर शामिल हैं। चार नए नामों के जुड़ने के बाद इस पूरे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। जांच में कई अनियमितताएं उजागर इसके अलावा नकली होलोग्राम घोटाले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर अवैध टेंडर दिए गए, जबकि प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए 183 करोड़ रुपए के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी सामने आई। जांच एजेंसियों ने कस्टम मिलिंग मामले में भी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है। इतने करोड़ की ये संपत्ति जब्त     बेनाम संपत्ति: 1110 करोड़     अन्य संपत्ति(प्लॉट, बेनामी जमीनें, शेल कंपनियां,होटल): 116 करोड़     बैंक खातों, शेयरों, म्यूचुअल फंड निवेश, नकदी, फिक्स्ड डिपॉजिट: 28 करोड़     अचल संपत्ति: 15.82 करोड़ रुपए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जांच तेज ईडी ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब विशेष अदालत में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की सुनवाई तेज होने की संभावना है। जांच एजेंसियां इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।

अब रजिस्ट्री के लिए रायपुर नहीं जाना पड़ेगा, धरसींवा में जून से शुरू होंगी सेवाएं

धरसींवा  धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को अब जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री के लिए रायपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन ने धरसींवा ब्लॉक मुख्यालय में नवीन उप पंजीयक (उप रजिस्ट्रार) कार्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए जून माह से इसके संचालन की उम्मीद।  क्षेत्रीय विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों से शुरू होने जा रहे इस कार्यालय से क्षेत्र के 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रजिस्ट्री और पंजीयन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। विधायक बोले चुनाव में किये वादे पुरे किये जा रहे हैं विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि धरसींवा मुख्यालय में उप पंजीयक कार्यालय की शुरुआत क्षेत्र के विकास और आम जनता की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे के अनुरूप अब लोगों को छोटे-छोटे शासकीय कार्यों के लिए राजधानी रायपुर नहीं जाना पड़ेगा। समय और पैसे दोनों की होगी बचत अब तक क्षेत्र के ग्रामीणों को जमीन-मकान की रजिस्ट्री सहित अन्य पंजीयन कार्यों के लिए रायपुर जाना पड़ता था। इससे उनका पूरा दिन खर्च होने के साथ आर्थिक बोझ भी बढ़ता था। नए कार्यालय के शुरू होने से लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सुविधाएं मिलेंगी, जिससे समय, पैसा और श्रम तीनों की बचत होगी। विधायक ने बताया कि इस मांग को शासन स्तर पर लगातार उठाया गया था, जिसके बाद इसे स्वीकृति मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया। इन 60 गांवों को मिलेगा लाभ नए उप पंजीयक कार्यालय के अंतर्गत धरसींवा क्षेत्र के 60 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें कुरा, भेरवा, पंडरभट्टा, मुरा, भैंसमुड़ा, बरतनारा, अकोली, मनोहरा, देवरी, मेहरशखा, कुकेरा, कुथरैल, मौहागांव, मलौद, सिलयारी, कुरूद, पथरी, तरेसर, मंगसा, पवनी, निलजा, तर्रा, बरबंदा, नेउरडीह, नगरगांव, टोर, गिधौरी, गोढ़ी, मोंहदी, रैता, धरसींवा, तिवरैया, परसतराई, सिलतरा, मुनरेठी, टाडा, मांढर, गिरौद, सौंढ़रा, बहेसर, चिखली, कुम्हारी, सारागांव, दौंदेकला, दौंदेखुर्द, जरौदा, छपोरा, भुरकोनी, टेकारी, चरौदा, बाना, कपसदा, धनेली, सांकरा, निमोरा, कन्हेरा, लालपुर, मटिया, कारा और बोरझरा शामिल हैं। ग्रामीणों में खुशी का माहौल कार्यालय की अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से लंबित इस मांग के पूरा होने को लोग बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे प्रशासनिक सेवाएं गांवों के और करीब पहुंचेंगी तथा राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी।  

नई पहचान पाएगा ऐतिहासिक पंडरीतराई तालाब, 3 फीट से 8 फीट तक किया जा रहा गहरीकरण

जगदलपुर जगदलपुर शहर के छत्रपति शिवाजी वार्ड स्थित करीब 100 साल पुराने पंडरीतराई तालाब का अब व्यापक जीर्णोद्धार किया जा रहा है। लगभग 78.71 लाख रुपए की लागत से चल रहे इस कार्य के तहत तालाब को नया स्वरूप दिया जाएगा। वर्तमान में तालाब की गहराई केवल 3 से 4 फीट रह गई थी, जिसे बढ़ाकर करीब 7 से 8 फीट किया जा रहा है। तालाब के चारों तरफ सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा, वहीं RCC कास्टिंग का कार्य भी किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए तालाब के तीन तरफ पाथवे विकसित किए जाएंगे। ये काम भी होंगे दो नए घाटों का निर्माण होगा, ताकि श्रद्धालु एवं स्थानीय लोग आसानी से जल ग्रहण और पूजा-पाठ कर सकें। परियोजना के तहत शौचालय और शेड का निर्माण भी किया जाएगा। साथ ही तालाब के संरक्षण और रखरखाव के लिए स्थानीय लोगों की एक समिति गठित करने की योजना है, जिससे भविष्य में इसकी स्वच्छता और देखरेख सुनिश्चित हो सके। मेयर बोले- लोगों को मिलेगा लाभ नगर निगम के महापौर संजय पांडेय ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि पंडरीतराई तालाब सालों से क्षेत्र की आस्था और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। इसके जीर्णोद्धार से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि तालाब का विकास होने से क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा और लोगों को स्वच्छ-सुरक्षित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होगा। यह तालाब पहले 1 एकड़ में फैला था, लेकिन अब 2 एकड़ में फैल गया है। महापौर ने बताया कि यह क्षेत्र पहले ग्रामीण परिवेश का हिस्सा रहा है और यहां लंबे समय से धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं।

रायगढ़ में देर रात बरसे बादल, तेज हवाओं और बारिश के साथ मौसम विभाग की चेतावनी

रायपुर  दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री तीन दिन देरी से हुई। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (शुक्रवार) प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यही स्थिति अगले दो दिनों तक भी बनी रह सकती है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के संकेत रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है मानसूनी एक्टिविटी हालांकि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून की सीधी एंट्री नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मुआवजा घोटाले की रकम शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगाई, ED ने कारोबारी पर कसा शिकंजा

रायपुर  भारतमाला हाईवे भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है और जय प्रकास गांधी को गिरफ्तार किया है. आरोपी को 3 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया गया है. जय प्रकाश छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के अभनपुर का निवासी हैं।  ED ने यह जांच छत्तीसगढ़ ACB/EOW द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक गलियारे (Economic Corridor) के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है।  हाईवे क्षेत्र में आने वाली भूमि को छोटे क्षेत्रों में किया विभाजित जांच में सामने आया कि जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ लोक सेवकों के साथ मिलकर अधिसूचित हाईवे क्षेत्र में आने वाली भूमि को जानबूझकर 500 वर्ग मीटर से कम आकार के छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित किया. आरोप है कि यह कदम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से अधिक मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया था।  ईडी ने आरोपी को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत 3 जून को गिरफ्तार किया।मामले में करोड़ों रुपए के मुआवजा घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच जारी है। वहीं, कारोबारी पर आरोप है कि उसने 56 लाख की जमीन पर 9.83 करोड़ का मुआवजा लिया और घोटाले से मिले पैसे को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। ACB/EOW की दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच ईडी की जांच छत्तीसगढ़ ACB/EOW की दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। यह मामला भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम आर्थिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं और धोखाधड़ी से जुड़ा है। अफसरों के साथ मिलकर रची साजिश जांच एजेंसी के मुताबिक जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ अफसरों के साथ मिलकर साजिश रची। आरोप है कि हाईवे अलाइनमेंट में आने वाली भूमि को खरीदने के बाद उसे 500 वर्गमीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि एनएचएआई से अधिक दर पर मुआवजा मिल सके। 9 करोड़ 83 लाख हासिल किया ईडी के मुताबिक इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने करीब 9 करोड़ 83 लाख रुपए का मुआवजा हासिल किया। जबकि नियमों के अनुसार उन्हें केवल 56 लाख 76 हजार रुपए ही मिलने थे। जांच में सामने आया है कि इस तरह लगभग 9 करोड़ 27 लाख रुपए की अवैध आय अर्जित की गई। शेयर बाजार-म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किए पैसे जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से मिले पैसे को छिपाने के लिए उसे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश किया गया। इसे मनी लॉन्ड्रिंग की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ईडी ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिले में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत जब्त किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी को विशेष पीएमएलए न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से ईडी को तीन दिन की रिमांड मिली है। एजेंसी अब इस मामले में अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जानिए कैसे हुआ घोटाला ? भारत-माला प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण मामले में 43 करोड़ का घोटाला हुआ है। जमीन को टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया। SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर घोटाले को अंजाम दिया। इस केस में दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर छपने के बाद कोरबा डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को सस्पेंड किया गया था। इसके पहले जगदलपुर निगम कमिश्नर निर्भय साहू को सस्पेंड किया गया था। शशिकांत और निर्भय पर जांच रिपोर्ट तैयार होने के 6 महीने बाद कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू सहित 5 अधिकारी-कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा राशि की गड़बड़ी का आरोप है। 9.27 करोड़ रुपए की अर्जित की अवैध आय ED के अनुसार इस कथित फर्जीवाड़े के जरिए आरोपी और उसके परिवार ने लगभग 9.83 करोड़ रुपए का मुआवजा प्राप्त किया, जबकि वैध रूप से देय राशि केवल 56.76 लाख रुपए थी. इस प्रकार लगभग 9.27 करोड़ रुपए की अवैध आय अर्जित की गई. जांच में यह भी पता चला है कि इस अवैध धन को शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर छिपाने और वैध दिखाने की कोशिश की गई. इससे पहले 28 अप्रैल 2026 को ED ने रायपुर, अभनपुर और धमतरी में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य बरामद कर जब्त किए गए थे।  कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन की हिरासत में भेजा गिरफ्तार आरोपी जय प्रकाश गांधी को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे तीन दिन की ED हिरासत में भेज दिया. ED ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और इस साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों तथा लोक सेवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। 

वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है बड़ा इनाम, टीम इंडिया में एंट्री की तैयारी पूरी

नई दिल्ली  15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में खत्म हुए इंडियन प्रीमियर लीग में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में टॉप किया. अब आयरलैंड और इंग्लैंड में होने वाली T20I सीरीज के लिए पहली बार भारत की टीम में शामिल होने जा रहे हैं. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के चयनकर्ता शनिवार (6 जून) को मुंबई में मिलेंगे. यहां आयरलैंड और इंग्लैंड में होने वाली दो T20 सीरीज के लिए भारत की टीम का चयन करेंगे. उम्मीद की जा रही है कि सूर्यवंशी इन दोनों टीमों का हिस्सा होंगे।  ESPNCricinfo की रिपोर्ट के अनुसार, “वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया में मौका मिलने जा रहा है. चयनकर्ता 2028 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक और उसी साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले अगले T20 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हैं।  बिहार के बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने इस साल की शुरुआत में U19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था. IPL 2026 में अपनी बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया. उन्होंने 237.30 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और 16 मैचों में कुल 776 रन बनाकर टूर्नामेंट में रिकॉर्ड बनाया. राजस्थान रॉयल्स के लिए ओपनिंग करते हुए 16 मैचों में उन्होंने 72 छक्के लगाए. यह किसी भी खिलाड़ी द्वारा T20 सीरीज या टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा हैं।  इस साल के IPL में वैभव की शानदार बल्लेबाजी को सचिन तेंदुलकर, पैट कमिंस और अन्य दिग्गज खिलाड़ियों ने खूब सराहा. अब वह इंटरनेशनल मैचों में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनने जा रहे हैं. जहां वैभव के टीम इंडिया में शामिल होने की खबर है, वहीं T20 वर्ल्ड कप 2026 विजेता टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव को बाहर किया जा सकता है।  सूर्या IPL 2026 में बेहद खराब फॉर्म में रहे और पिछले 18 महीनों में टीम इंडिया के लिए भी उनकी बल्लेबाजी प्रभावित नहीं कर पाई. लगभग तय है कि श्रेयस अय्यर सूर्यकुमार की जगह भारत के नए कप्तान बनेंगे. उन्होंने दिसंबर 2023 के बाद से तीन बार T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के लिए 20 ओवर के फॉर्मेट में कोई मैच नहीं खेला है। 

बर्फबारी देखने वालों के लिए नई गाइडलाइन, बेंगलुरु के 8 पर्यटकों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट

भरमौर हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल साच पास (सचे जोत) जाने वाले टूरिस्टों के लिए प्रशासन ने समय सीमा निर्धारित की है। अब दोपहर 12 बजे के बाद बैरागढ़ चेक पोस्ट से किसी भी टूरिस्ट व्हीकल को साच पास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।  प्रशासन का यह कदम बीते सप्ताह हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद लिया गया। साच पास जाते वक्त बेंगलुरु से आए टूरिस्ट की कार कालाबन के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें तीन बच्चों सहित आठ टूरिस्ट की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने साच पास मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है साच पास साच पास समुद्र तल से लगभग 14 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां आसमान में बादल छाते ही बर्फबारी शुरू हो जाती है और तेजी से मौसम बदलता है। दोपहर बाद अक्सर घना कोहरा, तेज हवाएं और तापमान में अचानक गिरावट देखने को मिलती है, जिससे वाहन चलाना जोखिमपूर्ण हो जाता है। विशेषकर शाम और रात के समय दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। बर्फ देखने साच पास जाते हैं टूरिस्ट साच पास में इन दिनों टूरिस्ट बर्फ देखने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ती पर्यटन गतिविधियों के बीच प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। प्रशासन ने एडवाइजरी का पालन करने की अपील की प्रशासन ने पर्यटकों से सुबह के समय यात्रा शुरू करने, मौसम की ताजा जानकारी लेने और निर्धारित समय सीमा का पालन करने की अपील की है। साथ ही वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

अन्नामलाई ने छोड़ी जिम्मेदारी, BJP ने स्वीकार किया इस्तीफा; दक्षिण की राजनीति में नई हलचल

बेंगलुरु तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को बड़ा झटका लग सकता है. बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं. अन्नामलाई को मनाने की सभी कोशिशें नाकाम क्या रहीं, बीजेपी ने आंध्र प्रदेश को लेकर बड़ा फैसला ले लिया. बीजेपी ने आंध्र प्रदेश में खाली हो रही सभी चार सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ दी हैं।  आंध्र प्रदेश में राज्यसभा सीटों के बंटवारे के जिस फॉर्मूले की चर्चा थी, उसके मुताबिक सूबे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार की अगुवाई कर रही तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को दो, पवन कल्याण की अगुवाई वाली जन सेना पार्टी को एक सीट मिलनी थी. चौथी सीट बीजेपी के खाते में आनी थी. लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिख रहा।  आंध्र प्रदेश की चार राज्यसभा सीटों के चुनाव में बीजेपी खाली हाथ रहती नजर आ रही है. इसे तमिलनाडु में तेजी से बदल रहे सियासी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है. तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की चर्चा है और कहा जा रहा है कि इसी वजह से तमिलनाडु के पड़ोसी आंध्र प्रदेश की राज्यसभा सीटों के चुनाव में बीजेपी बैकफुट पर आ गई है।  बीजेपी ने जिस सीट पर दावा छोड़ दिया है, उसे लेकर कहा जा रहा है कि पार्टी इसी सीट से अन्नामलाई को राज्यसभा भेजने की तैयारी में थी. अब, जब अन्नामलाई के इस्तीफे की चर्चा जोरों पर है, कहा जा रहा है कि बीजेपी ने यह सीट सहयोगी दलों के लिए छोड़ने का फैसला कर लिया है. सूत्रों की मानें तो राज्यसभा चुनाव के लिए सीट शेयरिंग के इस नए फॉर्मूले पर अमरावती में एनडीए नेताओं की बैठक में मोहर भी लग गई।   बीजेपी ने मंजूर किया इस्तीफा भारतीय जनता पार्टी ने तमिलनाडु प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. BJP के  राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आधिकारिक तौर पर अन्नामलाई के इस्तीफे को मंजूरी दे दी है।  BJP की तरफ से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने उनके इस इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार भी कर लिया है।  भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह के हस्ताक्षर के साथ जारी इस प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि के. अन्नामलाई अब भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं. पत्र में लिखा गया है, "भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, माननीय श्री नितिन नवीन ने तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री के. अन्नामलाई द्वारा पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है।  दिल्ली में बीजेपी नेताओं से की थी मुलाकात अन्नामलाई ने दो जून को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात की थी. इसके तुरंत बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक अलग गोपनीय बैठक की. अमित शाह और नितिन नवीन समेत बीजेपी के तमाम शीर्ष नेताओं के साथ हुई इस बैठक में अन्नामलाई ने बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में पार्टी छोड़ने की इच्छा जता दी थी।  पूरी बैठक के बाद अन्नामलाई को वापस तमिलनाडु लौटना था. वे दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना हो चुके थे और फ्लाइट पकड़ने ही वाले थे कि तभी बीजेपी आलाकमान की तरफ से उन्हें अचानक वापस बुला लिया गया. बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने अन्नामलाई को रोकने और पार्टी छोड़ने के फैसले को बदलने के लिए मनाने की आखिरी कोशिश की, लेकिन अन्नामलाई अपने फैसले पर अडिग रहे और आखिरकार बीजेपी मुख्यालय से उनका इस्तीफा स्वीकार होने की प्रेस रिलीज जारी हो गई।  आंध्र प्रदेश में एनडीए के घटक दलों के नेताओं की यह बैठक 4 जून को अमरावती में हुई थी. अब नए फॉर्मूले के मुताबिक सीएम एन चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई वाली टीडीपी तीन सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. वहीं, एक सीट पर पवन कल्याण की पार्टी का उम्मीदवार होगा. आंध्र प्रदेश एनडीए में समन्वय बेहतर बनाने के लिए इस महीने के अंत तक तिरुपति, अमरावती और विशाखापत्तनम में तीन रैलियां करने का निर्णय भी इस बैठक में लिया गया।  सीट बंटवारे के फॉर्मूले में यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब अन्नामलाई की सियासी राह को लेकर अटकलें तेज हैं. अन्नामलाई ने 2 जून को अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, बीएल संतोष समेत बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं. अन्नामलाई ने भविष्य में साथ काम करने की राह खुली रखते हुए बीजेपी नेतृत्व को धन्यवाद दिया और यह जानकारी भी दी कि वह अब नई राह पर चलना चाहते हैं। 

मध्यप्रदेश में मौसम का प्रहार: देवास में बही कार, झाबुआ में झमाझम बारिश; जानिए कब आएगा मानसून

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री भले ही न हुई हो, लेकिन प्री मानसून जमकर बरस रहा है। झाबुआ में शुक्रवार सुबह जोरदार बारिश हुई। धार, पीथमपुर और रतलाम में भी पानी गिरा। इससे पहले भोपाल में गुरुवार शाम करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार के साथ आंधी चली और बारिश हुई। करीब 80 पेड़ या उनकी टहनियां सड़कों पर गिर गईं। इससे ट्रैफिक जाम के हालात बने। ओले भी गिरे। देवास में बारिश की वजह से एक कार रपटे से बह गई। हादसा मसुरिया-भंडारिया रोड पर हुआ। कार सवार चार लोगों ने कूदकर जान बचाई।मौसम केंद्र के मुताबिक, शुक्रवार को भोपाल-इंदौर समेत करीब 45 जिलों में मौसम बदला रहेगा। 60KM प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी चल सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोक नगर, सागर और दमोह में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट है।वहीं, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, पांढुर्णा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज आंधी तो कहीं बारिश वाला मौसम बना रहेगा।  केरल में मानसून की आधिकारिक एंट्री के साथ ही मध्य प्रदेश में मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है. प्रदेश में मानसून भले अभी नहीं पहुंचा हो, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ चुकी हैं. पिछले दो दिनों से प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है. मौसम विभाग ने 5 जून को प्रदेश के 45 जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है. राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है, लेकिन तेज हवाओं और पेड़ गिरने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है।  इंदौर में 6.8 डिग्री लुढ़का पारा, कई शहरों में गिरावट मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के अंदर 20 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। रतलाम में सबसे ज्यादा डेढ़ इंच पानी गिर गया। भोपाल में पौन इंच और इंदौर-श्योपुर में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई। धार, गुना, नर्मदापुरम, शाजापुर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर, झाबुआ, सीहोर, मैहर समेत कई जिलों में भी बारिश रिकॉर्ड की गई है। आंधी-बारिश की वजह से रात के तापमान में खासी गिरावट आई है। भोपाल में पारा 20.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में एक ही रात में 6.8 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 19 डिग्री पर आ गया। ग्वालियर में 27.5 डिग्री और जबलपुर में 26.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। धार में 20.3 डिग्री, श्योपुर में 21 डिग्री, रतलाम में 21.2 डिग्री, दमोह में 22.5 डिग्री, शिवपुरी में 23 डिग्री, गुना में 23.5 डिग्री, खंडवा में 24 डिग्री, नर्मदापुरम में 24.1 डिग्री, नरसिंहपुर में 24.6 डिग्री और रायसेन में 24.8 डिग्री सेल्सियस टेम्परेचर रहा। केरल पहुंचा मानसून, एमपी में 20 जून तक आने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। प्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख 20 से 22 जून बताई जा रही है। केरल में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। गुरुवार शाम भोपाल में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया. करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं के कारण शहर में लगभग 80 पेड़ और उनकी टहनियां सड़कों पर गिर गईं. कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी. शाजापुर, सीहोर, इछावर और शुजालपुर में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम का यही रुख बना रह सकता है. तापमान में भी 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज होने की संभावना है।  अगले चार दिन तक बना रहेगा मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है। ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को भी भोपाल, इंदौर सहित करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गर्मी से मिली बड़ी राहत लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। भोपाल में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री, इंदौर में 38.4 डिग्री, उज्जैन और जबलपुर में 39 डिग्री तथा ग्वालियर में 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केवल कुछ शहरों में ही तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। सबसे अधिक तापमान नौगांव में 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई जिलों में तेज बारिश और तापमान में भारी गिरावट रायसेन जिले के गैरतगंज, देवनगर और सिलवानी क्षेत्र में देर रात तेज आंधी के साथ बारिश हुई। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में रातभर रुक-रुककर बारिश का दौर चला, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई इलाकों में दिन और रात के तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की कमी देखने को मिली। मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में मानसून इस बार सामान्य तिथि से कुछ दिन देर से पहुंच सकता है। मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य प्रवेश तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा … Read more