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सीवान में विकास की बड़ी सौगात, 44 योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

पटना बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार 16 जून को सम्राट चौधरी सीवान पहुंचेंगे. सीवान में जिलेवासियों को विकास की बड़ी सौगात देंगे. मुख्यमंत्री अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान 415 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 44 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक उत्साह और हलचल तेज हो गई है. पहली बार सीवान दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 16 जून को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत पहुंचेंगे. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला सीवान दौरा होगा, जिसे लेकर जिले में विशेष तैयारियां की जा रही हैं. प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक सभी कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटे हैं. 415 करोड़ की 44 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे मुख्यमंत्री जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री 178.38 करोड़ रुपये की 18 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे, जबकि 236.80 करोड़ रुपये की 26 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे. इस प्रकार कुल 415.18 करोड़ रुपये की 44 योजनाओं की सौगात सीवान को मिलने जा रही है. जनसभा से पहले 20 विभागों के स्टॉल का करेंगे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण करेंगे. इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी. इन विभागों की योजनाओं पर रहेगी मुख्यमंत्री की नजर मुख्यमंत्री जिन विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण करेंगे उनमें जीविका, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग, समाज कल्याण विभाग, उद्योग केंद्र, खेल विभाग, वन विभाग, सहकारिता विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग सहित कुल 20 विभाग शामिल हैं. ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ सहयोग शिविर में भी होंगे शामिल पपौर पंचायत में आयोजित विशेष सहयोग शिविर में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. इस शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है. यहां विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर ही लोगों की शिकायतों और समस्याओं का निपटारा करेंगे. जनसभा को करेंगे संबोधित, विकास योजनाओं का बताएंगे रोडमैप सहयोग शिविर के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान वे राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास के रोडमैप को जनता के सामने रखेंगे. पपौर पंचायत बना वीवीआईपी जोन, लगातार पहुंच रहे बड़े अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पचरुखी के पपौर पंचायत में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पटना से लेकर जिला स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं. राजनीतिक दलों के नेता भी तैयारियों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. क्या है ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान? राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ अभियान शुरू किया गया है. इसके अंतर्गत हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 415 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास जिले के बुनियादी ढांचे, रोजगार, ग्रामीण विकास और जनसेवाओं को नई गति देगा. मुख्यमंत्री का यह दौरा सीवान के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मजीठा केस में बिक्रम मजीठिया को बेल, कोर्ट के फैसले से मिली राहत

अमृतसर. शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब की पूर्व अकाली-भाजपा सरकार में मंत्री रहे बिक्रम सिंह मजीठिया को मजीठा थाना विवाद मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका शर्मा की अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया, उनके साथी जोध सिंह समरा और जतिंदर पाल सिंह की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले में इससे पहले अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को जांच के बाद निर्दोष पाते हुए रिहा किया जा चुका है। बिक्रम सिंह बाठ पेशे से वकील हैं और वह अपने मुवक्किल जोबनप्रीत सिंह के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की प्रति हासिल करने के लिए थाना मजीठा पहुंचे थे। बाद में उनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया था, जिसके विरोध में अमृतसर बार एसोसिएशन के वकीलों ने प्रदर्शन किया था। वकीलों के विरोध और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जांच के बाद अधिवक्ता बिक्रम सिंह बाठ को निर्दोष माना गया और उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी गई। नगर निगम चुनाव के दौरान हुआ था विवाद मामले की पृष्ठभूमि नगर निगम चुनाव की मतगणना से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि चुनाव के दौरान अकाली समर्थक जोबनप्रीत सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था। अकाली दल के नेताओं का दावा था कि हिरासत की जानकारी परिवार को नहीं दी गई। इसी मुद्दे को लेकर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे और पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान मजीठिया और उनके समर्थक थाने के भीतर पहुंच गए थे। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उन्होंने हिरासत में मौजूद अपने समर्थक को छुड़ाने का प्रयास किया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि एक सब इंस्पेक्टर का मोबाइल फोन छीन लिया गया और थाने के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुंचाया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया गया फैसला हालांकि बचाव पक्ष ने पुलिस के आरोपों को चुनौती दी थी और मामले में कई कानूनी व तथ्यात्मक सवाल उठाए गए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली। फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बाद मजीठिया और उनके साथियों को राहत मिली है, लेकिन मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। इस मामले पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है क्योंकि यह पंजाब की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है।

बिलासपुर बुल्स का शानदार जलवा, रायगढ़ लायंस को मात देकर जीता CCPL सीजन-3 का खिताब

रायपुर. छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का फाइनल मुकाबला रविवार को नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया, जिसमें बिलासपुर बुल्स (Bilaspur Bulls) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रायगढ़ लायंस (Raigarh Lions) को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पहले गेंदबाजी और फिर दमदार बल्लेबाजी के दम पर बिलासपुर ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बनाई और नया चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। बिलासपुर बुल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ लायंस ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 160 रन बनाए। रायगढ़ लायंस की ओर से नयन राजकुमार चौहान ने 41 रन, संगीत सोनी ने 32 रन और दीपक यादव ने नाबाद 22 रनों की पारी खेली। वहीं अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रहे। भारत गोंडवानी ने झटके 3 विकेट बिलासपुर बुल्स की ओर से गेंदबाजी में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। भारत गोंडवानी ने 3 विकेट झटके। वहीं वरुण सिंह भूई और मोहित राउत ने 2-2 विकेट हासिल किए। बिलासपुर बुल्स की बल्लेबाजी लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर बुल्स की शुरुआत मजबूत रही। टीम ने 16.3 ओवर में 3 विकेट खोकर 164 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। बल्लेबाजी में वीकल्प तिवारी ने नाबाद 39 रन, पवन परनाटे ने 39 रन और प्रतेक यादव ने मात्र 13 गेंदों में 30 रनों की धमाकेदार पारी खेली। रायगढ़ लायंस के गेंदबाजों ने कोशिश जरूर की, लेकिन वे बिलासपुर के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम रहे। प्रवीण कुमार यादव ने 1 विकेट लिया, जबकि अन्य गेंदबाज महंगे साबित हुए। भारत गोंडवानी बने प्लेयर ऑफ द मैच इस शानदार प्रदर्शन के लिए भारत गोंडवानी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने गेंदबाजी में 3 अहम विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिलचस्प रहा है टूर्नामेंट का इतिहास सीसीपीएल का इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2024 में खेले गए पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में रायपुर राइनोज ने बिलासपुर बुल्स को आठ विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। वहीं पिछले सीजन में बारिश के कारण फाइनल मुकाबला आयोजित नहीं हो सका था। इसके चलते रायपुर राइनोज और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। अब तीसरे सीजन (2026) में फिर नया चैंपियन सामने आया है। नवा रायपुर में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर पहली बार CCPL का खिताब जीत लिया है। इस जीत के साथ बिलासपुर बुल्स ने पहले सीजन की हार का बदला भी पूरा कर लिया और नया इतिहास रच दिया।

PM मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री की संयुक्त प्रेस वार्ता, रक्षा, व्यापार और तकनीक पर बने अहम समझौते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में स्लोवाक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ जॉइंट प्रेस मीट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत स्लोवाकिया के रिश्ते को रेखांकित किया. दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने रक्षा सहयोग के लिए लेटर ऑफ इंटेट साइन किया है।  पीएम ने अपने संबोधन में कहा, "मैं स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं. वह एक अनुभवी नेता और भारत के सच्चे दोस्त हैं. भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका अहम रोल रहा है. मुझे खुशी है कि उनसे मिलकर मुझे हमारे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक पल देखने का मौका मिला।  रक्षा सहयोग के लिए साइन की डील पीएम ने कहा, "मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है. मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को व्यापक भागीदारी का दर्जा देने का फैसला किया है।  पीएम मोदी ने कहा, "रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक अभिसरण का प्रमाण है. मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया. इससे संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में स्लोवाक रिपब्लिक के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ जॉइंट प्रेस मीट को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भारत स्लोवाकिया के रिश्ते को रेखांकित किया. दोनों देशों के प्रधानमंत्री ने रक्षा सहयोग के लिए लेटर ऑफ इंटेट साइन किया है।  पीएम ने अपने संबोधन में कहा, "मैं स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री को गर्मजोशी से स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं. वह एक अनुभवी नेता और भारत के सच्चे दोस्त हैं. भारत-स्लोवाकिया की दोस्ती को ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका अहम रोल रहा है. मुझे खुशी है कि उनसे मिलकर मुझे हमारे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक पल देखने का मौका मिला।  रक्षा सहयोग के लिए साइन की डील पीएम ने कहा, "मेरी यह यात्रा किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा है. मुझे खुशी है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर हमने अपने संबंधों को व्यापक भागीदारी का दर्जा देने का फैसला किया है."  पीएम मोदी ने कहा, "रक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास और रणनीतिक अभिसरण का प्रमाण है. मुझे खुशी है कि इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आज हमने लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया. इससे संयुक्त विकास, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी।  दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और लोगों से लोगों के बीच संबंध हमारे संबंधों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं. भारत के प्राचीन उपनिषदों का “स्लोवाक” भाषा में अनुवाद किया जाना हमारी सांस्कृतिक निकटता का उत्कृष्ट उदाहरण है. स्लोवाकिया में रह रहे भारतीय मूल के लोग यहां की अर्थव्यवस्था और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  भारत स्लोवाकिया स्पेस मिशन को किया याद पीएम मोदी बोले, "2017 में स्लोवाकिया की पहली सैटेलाइट भारत द्वारा लांच की गई थी. आज भारत में स्पेस सेक्टर अभूतपूर्व गति से नई ऊंचाइयां छू रहा है. मैं स्लोवाकिया की कंपनियों को इस विकास-यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। 

जहांगीर खान का नया वीडियो चर्चा में, कभी कान पकड़ते तो कभी हाथ जोड़कर दिखे नेता

 कोलकाता पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता जहांगीर खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं. पुलिस की मौजूदगी में उनकी परेड का वीडियो वायरल है. सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे वीडियो में जहांगीर खान नंगे पैर दिखाई दे रहे हैं. उनकी कमर में रस्सी बंधी है और चलते-चलते वह कभी हाथ जोड़ते नजर आते हैं तो कभी कान पकड़ते हुए दिखाई देते हैं।  एक के बाद एक वायरल हो रहे वीडियो जहांगीर खान से जुड़े वीडियो पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में हैं. इससे पहले भी उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उस वीडियो में भी वह हाथ जोड़कर लोगों के बीच चलते दिखाई दे रहे थे. अब सामने आए नए वीडियो ने फिर से नई बहस शुरू कर दी है. वीडियो में दिख रहा है कि जहांगीर खान के आसपास पुलिसकर्मी मौजूद हैं. वह नंगे पैर सड़क पर चल रहे हैं और कई बार हाथ जोड़कर लोगों की ओर देखते हैं. कुछ सेकेंड के वीडियो में वह कान पकड़ते हुए भी नजर आते हैं. यही वजह है कि वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और लोग इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।  फलता विधानसभा सीट पश्चिम बंगाल उपचुनाव के दौरान सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई थी. यहां से टीएमसी ने जहांगीर खान को उम्मीदवार बनाया था. चुनाव प्रचार के दौरान लगातार आरोप लग रहे थे कि कुछ इलाकों में मतदाताओं पर दबाव बनाने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. स्थानीय स्तर पर मिली शिकायतों के बाद चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं. इसी क्रम में यूपी के आईपीएस अजय पाल शर्मा की टीम भी क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही थी. चुनावी माहौल उस समय और गर्म हो गया जब अजय पाल शर्मा अपनी टीम के साथ जहांगीर खान के करिबियों के घर पहुंचे. वहां उन्होंने परिवार के सदस्यों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि मतदान के दौरान किसी मतदाता को डराने-धमकाने या मतदान प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।  उन्होंने यह भी कहा था कि यदि ऐसी कोई शिकायत सामने आती है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया. अजय पाल शर्मा की चेतावनी के बाद जहांगीर खान ने एक चुनावी सभा में ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया था. उन्होंने कहा, अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं. फिल्मी अंदाज में दिया गया यह बयान देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 

कचरे के पहाड़ से स्वच्छता की ओर भोपाल, आदमपुर खंती में 54 दिन में बड़ा बदलाव; जानिए पूरा प्लान

भोपाल राजधानी भोपाल को सालों पुराने बदबूदार कचरे के पहाड़ से मुक्ति मिलने का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। आदमपुर खंती में वर्षों से जमा 'लिगेसी वेस्ट' (पुराने कचरे) का नामोनिशान मिटाने के लिए नगर निगम का महा-अभियान फुल स्पीड में चल रहा है। महज 54 दिनों के भीतर हाईटेक मशीनों ने 92 हजार टन (करीब 14 प्रतिशत) कचरे को प्रोसेस कर पूरी तरह खत्म कर दिया है। हालांकि, इस बड़ी कामयाबी के बीच एक वैश्विक संकट ने भोपाल के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगा दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण कचरे से कोयला बनाने वाले देश के दूसरे सबसे बड़े प्लांट के कुछ अहम पुर्जे (पार्स) अटक गए हैं। लेगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग का काम 22 अप्रैल से शुरू किया गया था। इसके लिए दो हाईटेक मशीनें दिन-रात काम कर रही हैं। बज्र-250 मशीन हर घंटे 250 टन और बज्र-300 मशीन हर घंटे 300 टन कचरा प्रोसेस कर रही है। दूसरी मशीन ने 6 मई से काम शुरू किया था। पूरी साइट को 330 दिनों के भीतर साफ करना अनिवार्य है। इसमें बारिश के सीजन को भी वर्किंग डेज में शामिल किया गया है। 330 दिन में पूरी साइट साफ करने की शर्त…     पूरे 6 लाख टन से ज्यादा लेगेसी वेस्ट का निष्पादन 330 दिनों में करना होगा।     बारिश के सीजन को भी वर्किंग डेज में शामिल किया गया है।     तय समय में काम पूरा नहीं होने पर कंपनी पर जुर्माना लगेगा।     कचरा निष्पादन, साइट सुरक्षा, आग रोकथाम और धुआं नियंत्रण की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।     खंती में आग लगने या नियंत्रण नहीं होने पर 10 लाख रुपए प्रतिदिन की पेनल्टी तय है। ईरान-अमेरिकी तनाव से अटका कचरे से कोयला बनाने वाला प्लांट भोपाल में सूखे कचरे से कोयला (टोरीफाइड चारकोल) बनाने का काम भी शुरू हो गया है। आदमपुर खंती में लगे इस प्लांट के ट्रायल में 20 टन कचरे से सफलतापूर्वक कोयला बनाया जा चुका है। नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) की टीम ने प्लांट के कचरा सेग्रीगेशन (छंटाई) की तारीफ करते हुए ओके रिपोर्ट दे दी है। इस कोयले का उपयोग बिजली संयंत्रों में होगा। यह देश का दूसरा टोरीफाइड चारकोल प्लांट है। हालांकि, ईरान-अमेरिकी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से प्लांट के कुछ अहम पुर्जे (पार्ट्स) नहीं आ पा रहे हैं। इस कारण प्लांट को पूरी क्षमता के साथ शुरू करने का मामला अटका हुआ है। हर घंटे 550 टन कचरे का खात्मा; दिन-रात चल रही हैं दो 'दानवाकार' मशीनें आदमपुर खंती में कुल 6 लाख टन से ज्यादा पुराना कचरा जमा है। इसे खत्म करने के लिए नगर निगम ने कंपनी को 330 दिनों की सख्त समय-सीमा दी है। कचरा निष्पादन का यह काम 22 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसमें दो अत्याधुनिक मशीनें दिन-रात जुटी हैं: बज़-250 मशीन: यह मशीन हर घंटे 250 टन कचरे को प्रोसेस कर रही है (22 अप्रैल से चालू)। बज़-300 मशीन: इस दूसरी बड़ी मशीन ने 6 मई से काम शुरू किया, जो हर घंटे 300 टन कचरा साफ करती है। नो वेकेशन इन मानसून: इस बार मानसून और बारिश के सीजन को भी 'वर्किंग डेज' में शामिल किया गया है, यानी बारिश में भी काम नहीं रुकेगा। 330 दिन में साइट साफ करने की शर्तें… नहीं तो ₹10 लाख प्रतिदिन का जुर्माना नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी के सामने बेहद कड़े नियम और पेनाल्टी की शर्तें रखी हैं। – तय समय (330 दिन) में काम पूरा नहीं होने पर कंपनी पर भारी जुर्माना लगेगा। – कचरा निष्पादन, साइट की सुरक्षा, आग की रोकथाम और धुएं पर नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। – खंती में आग लगने या उस पर तुरंत नियंत्रण नहीं होने की स्थिति में कंपनी पर 10 लाख रुपये प्रतिदिन की पेनाल्टी (जुर्माना) तय की गई है। कचरे से बनेगा कोयला, लेकिन इंटरनेशनल टेंशन से अटका फुल-ऑपरेशन कचरे के पहाड़ को खत्म करने के साथ ही भोपाल में सूखे कचरे से कोयला (टोरीफाइड चारकोल) बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। आदमपुर खंती में लगे इस विशेष प्लांट के ट्रायल रन में 20 टन कचरे से सफलतापूर्वक कोयला बनाया जा चुका है। देश के इस दूसरे टोरीफाइड चारकोल प्लांट की नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) की टीम ने भी जांच की है और कचरा सेग्रीगेशन (छंटाई) की तारीफ करते हुए अपनी 'ओके रिपोर्ट' दे दी है। इस कोयले का उपयोग देश के बड़े बिजली संयंत्रों में ईंधन के रूप में होगा। पुर्जों का इंतजार: यह प्लांट भोपाल के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण पैदा हुए अंतरराष्ट्रीय तनाव की वजह से इस प्लांट के कुछ बेहद अहम टेक्निकल पार्ट्स (पुर्जे) भारत नहीं आ पा रहे हैं। यही वजह है कि कोयला बनाने का यह प्लांट अभी तक अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू नहीं हो पाया है।  

जयपुर में शहरी सेवा शिविर: 327 प्रकरणों का हुआ निस्तारण

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा की सोच को धरातल पर लागू करने के उद्देश्य से चल रहे “शहरी सेवा शिविर–2026” का सोमवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जयपुर विकास प्राधिकरण परिसर स्थित नागरिक सेवा केंद्र में निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगरीय विकास एवं आवासन विभाग) आलोक गुप्ता भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने शिविर में पहुंचे नागरिकों से संवाद किया और विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने टोकन व्यवस्था, आवेदन पंजीकरण, ई-मित्र काउंटर, प्रतीक्षालय और अभिलेख संधारण जैसी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर नागरिक को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ये शिविर केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम हैं। नागरिकों को इन शिविरों के जरिए संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन का अनुभव मिलना चाहिए। इस दौरान आलोक गुप्ता ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और समय पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिकतम लोगों को राहत मिल सके। जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने मुख्य सचिव को शिविरों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिविरों में भू-प्रबंधन, लीज, नामांतरण, पट्टा, आवंटन और भवन निर्माण स्वीकृति सहित विभिन्न मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जा रहा है। आयुक्त ने बताया कि पहले दिन आयोजित सुनवाई में कुल 327 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही शिविर अवधि में लंबित प्रकरणों का तेजी से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। शिविरों में नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, ई-मित्र काउंटर और जोनवार बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि आवेदकों को मोबाइल संदेश और कॉल के जरिए समय स्लॉट की जानकारी दी जा रही है। शिविर का आयोजन 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक विभिन्न जोनों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

नहाने के दौरान बड़ा हादसा: चंद्रावल और यमुना नदी में डूबे मासूम, गांवों में मचा कोहराम

लखनऊ उत्तर प्रदेश में नदियों में डूबने की दो अलग-अलग घटनाओं में पांच बच्चों की मौत हो गई। एक ओर जहां बांदा में मंदिर दर्शन के बाद चंद्रावल नदी में नहाने उतरे तीन भाई-बहन डूब गए। वहीं दूसरी ओर कानपुर देहात में यमुना नदी में डूब रही सहेली को बचाने की कोशिश में किशोरी और एक अन्य युवक की जान चली गई। दोनों घटनाओं के बाद परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। पहला मामला बांदा का है। जहां जसपुरा थाना के गौरीकलां गांव में दादी हीरामनी पत्नी के साथ मंदिर दर्शन करने गए तीन भाई-बहन नहाते समय चंद्रावल नदी में डूब गए। सूचना मिलने गोताखोर पानी में उतरे। वहीं, ग्रामीणों की मदद से 10 वर्षीय अंश, 13 वर्षीय माधुरी और 13 वर्षीय फुफेरे भाई प्रतीक को आनन-फानन में सीएचसी जसपुरा पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, 15 वर्षीय ऋषभ नदी घाट पर खड़ा रहा,इससे उसकी जान बच गई। उधर, जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। कानपुर देहात में भी डूबे किशोर-किशोरी दूसरा मामला कानपुर देहात से सामने आया है। जहां मूसानगर थाना क्षेत्र के नयापुरवा गांव के पास यमुना नदी में डूबे किशोर व किशोरी के शव सोमवार सुबह सात बजे घटनास्थल से एक किमी दूर मूसानगर के पक्का घाट के पास से बरामद हो गए। तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम ने पहले किशोर का व बाद में किशोरी का शव पानी से बाहर निकाला । दोनों के शव यमुना से बाहर निकलते ही उनके परिजनों के बिलखने से कोहराम मच गया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामें की कार्रवाई शुरू की। दोस्त को बचाने के चक्कर में डूबे नयापुरवा मूसानगर के रहने वाले सुनील निषाद की बारह साल की बेटी जाह्नवी उर्फ भूरी पड़ोस में रहने वाली अपनी 15 वर्षीय सहेली ज्योति के साथ रविवार सुबह यमुना में नहाने गई थी। नहाते समय दोनों गहरे पानी में जाकर डूबने लगी। वहां मौजूद गांव के ही 16 साल के अनंतराम ने यमुना में डूब रही ज्योति को तो पानी से बाहर निकाल लिया था, लेकिन जाह्नवी को बचाने के प्रयास में वह गहरे पानी में जाकर खुद भी डूब गया था। मौके पर पहुंचे गोताखोरों की तलाश के बाद भी दोनों का पता नहीं चलने पर पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया था। पक्के घाट के पास मिला दोनों का शव सोमवार को उनकी तलाश कर रही एसडीआरएफ टीम ने घटना स्थल से करीब एक किमी दूर मूसानगर के पक्के घाट के पास से सुबह सात बजे के करीब अनंतराम का व उसके 15 मिनट बाद जाह्नवी का शव नदी से बाहर निकाला। दोनों के शव मिलते ही उनके परिजनों के बिलखने से कोहराम मच गया। अनंतराम का शव देख उसकी मन गीता बदहवास हो गईं, जबकि भाई संतराम, बहनें मनीषा जानकी व रवीना बिलख उठी। जबकि जाह्नवी की मौत से उसकी मां विनीता व पिता सुनील बेहाल रहे। एसओ मूसानगर अमिता वर्मा ने बताया कि दोनों शवों के पंचनामे कि कार्रवाई हो रही है, पोस्टमार्टम कराने के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी ।

एम.पी. ट्रांसको में हुई सब स्टेशनों के संचालन एवं सुरक्षा से संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला

एम.पी. ट्रांसको में हुई सब स्टेशनों के संचालन एवं सुरक्षा से संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सब स्टेशन संचालन एवं सुरक्षा से संबंधित व्यापक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में उज्जैन जिले के नागदा, धार जिले के बदनावर व राजगढ़ टेस्टिंग डिवीज़न मुख्यालयों मे प्रशिक्षण कार्यशाला अधीक्षण अभियंता शेखर फटाले के मार्गदर्शन में हुई। जिनमें सब स्टेशन मेंटेनेंस एवं ऑपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया गया एवं कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सुरक्षित कार्यशैली से कराया गया अवगत प्रशिक्षण में फटाले ने एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के रूप में कार्य करने के प्रति जागरूक भी किया गया। कार्यशालाओं में क्षेत्र के अभियंताओं एवं तकनीकी स्टाफ ने सक्रिय सहभागिता की।  

वन विभाग का सफल ऑपरेशन, भरतपुर से ट्रेंकुलाइज कर KP-3 को कूनो में शिफ्ट किया गया

भरतपुर भरतपुर जिले के बांध बारेठा अभयारण्य में 2 सप्ताह से डेरा जमाए चीता KP-3 को कूनो वापस भेज दिया है. वन विभाग की टीम KP-3 को सुरक्षित रूप से कूनो नेशनल पार्क लेकर पहुंची. KP-3 के बांध बारेठा क्षेत्र में रुकने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल था. वन विभाग की निगरानी भी लगातार जारी थी. अब उसके सुरक्षित कूनो वापसी से स्थिति सामान्य हो गई है. वन विभाग के साथ कूनो नेशनल पार्क के लिए भी यह राहतभरी खबर है. 15 दिन पहले भरतपुर पहुंचा था चीता 15 दिन पहले मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से चीता भरतपुर पहुंचा था. लगभग 200 किमी का सफर तय कर जिले के बंध बारेठा वन्यजीव अभयारण्य पहुंच गया था. इसके बाद से ही उसकी मॉनिटरिंग की जा रही थी. KP-3 को ट्रैक करते हुए ट्रेंकुलाइज करके कूनो नेशनल पार्क के निर्धारित क्षेत्र में छोड़ा गया है. दोनों टीमों के समन्वय से मिशन सफल रहा. कूनो के चीतों को भा रहा राजस्थान दरअसल, कूनो के चीतों को राजस्थान काफी भा रहा है. इससे पहले KP-2 का मूवमेंट भी राजस्थान में रहा. वन विभाग के अनुसार KP-3 नर चीता कूनो से भटककर बारां और झालावाड़ जिले तक पहुंच गया था. वहां से विशेषज्ञ टीम ने इसे ट्रेंकुलाइज कर करीब 800 KM दूर कूनो नेशनल पार्क के कोर एरिया में रिलीज किया था. दूसरी बार कूनो से पहुंचा KP-3 लेकिन KP-3 दोबारा कूनो से निकलकर भरतपुर जिले की सीमा में आ गया था. करीब 2 सप्ताह तक इसका मूवमेंट रहा. स्थानीय लोगों में दहशत को देखते हुए भरतपुर वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन चलाकर KP-3 को फिर से रेस्क्यू किया.