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राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।

ब्लैक फिल्म, हूटर और मॉडिफाइड वाहनों पर राजस्थान पुलिस का बड़ा शिकंजा

जयपुर राजस्थान की सड़कों पर सुगम, सुरक्षित और नियमबद्ध यातायात व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू हुआ महा-अभियान हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद है। इस पूरे अभियान की कमान महानिदेशक पुलिस यातायात श्री अनिल पालीवाल और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा संभाल रहे हैं, जिनके सुपरविजन में जिला पुलिस और ट्रैफिक टीमें सुबह से देर रात तक काली फिल्म, अवैध हूटर और मॉडिफाइड चेसिस वाले वाहनों को खंगाल रही हैं। समेकित आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 जून से 16 जून 2026 तक के 13 दिनों के भीतर राजस्थान पुलिस ने कुल 1,10,206 वाहनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक और विधिक कार्रवाई की है। इनमें ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, वाहन की अवैध संरचना परिवर्तन, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, हूटर, प्रेशर हॉर्न तथा वाहनों पर अनाधिकृत शब्द एवं चिन्ह लगाने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन किया गया। अभियान के तहत 16 जून को अकेले 7,328 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। ब्लैक फिल्म और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट पर सबसे अधिक कार्रवाई 4 जून से 16 जून तक अभियान के दौरान वाहनों के शीशों पर लगी ब्लैक फिल्म के विरुद्ध सर्वाधिक 41,982 कार्रवाई की गई। इसके अलावा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह के 28,462, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन के 15,156, वाहन की संरचना (बॉडी/चेसिस) में अवैध परिवर्तन के 10,606, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के 8,066 तथा प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न के 5,934 मामलों में कार्रवाई की गई। 16 जून को 7,328 वाहनों पर कार्रवाई अभियान के तहत 16 जून को प्रदेशभर में कुल 7,328 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें वाहन की संरचना में अवैध परिवर्तन के 736, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के 638, प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न के 435, ब्लैक फिल्म के 2,565, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन के 1,037 तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह के 1,917 मामलों में चालान बनाए गए। जयपुर पश्चिम में सर्वाधिक कार्रवाई 16 जून को जिला स्तर पर जयपुर पश्चिम में सर्वाधिक 487 कार्रवाई दर्ज की गई। इसके बाद जयपुर ग्रामीण में 337, जयपुर यातायात में 294, चित्तौड़गढ़ में 289, धौलपुर में 276, बांसवाड़ा में 261, भीलवाड़ा में 250 तथा निवाड़ी में 249 कार्रवाई की गई। वहीं ब्लैक फिल्म के विरुद्ध सर्वाधिक 186 कार्रवाई जयपुर यातायात में तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट के सर्वाधिक 132-132 प्रकरण जयपुर पश्चिम और बारां में दर्ज किए गए। नियमों की पालना ही सुरक्षित यात्रा की कुंजी डीजी ट्रैफिक श्री पालीवाल ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करें तथा वाहनों में किसी भी प्रकार की अवैध मॉडिफिकेशन, ब्लैक फिल्म, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, प्रेशर हॉर्न एवं नियम विरुद्ध नंबर प्लेट का उपयोग नहीं करें। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

सिवानी से आत्मनिर्भरता का नया अध्याय, मुख्यमंत्री ने की विकास योजनाओं की घोषणा

हिसार  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना किसी हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं     – गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा     – लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा।     – सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा।     – सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग।     – लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च।     – सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा।     – किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा।     – सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा     – 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण।     – सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण।     – लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत।     – लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।  

सहरसा, पूर्णिया, कैमूर में उद्योगों को बढ़ावा, खिलाड़ियों को मिलेगी बेहतर नौकरी

पटना सम्राट चौधरी कैबिनेट ने बिहार के विकास के लिए कई एजेंडों पर अपनी मुहर लगाई है। बिहार की तीन जिलों सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में अब औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। सहरसा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वनगांव और देवनागोपाल मौजा में करीब 420.63 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 88.01 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति दी है। इस भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। इसी प्रकार पूर्णिया 1.25 अरब की लागत पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव स्वीकृत। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को इसकी मंजूरी दी। केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के समीप कैमूर जिला में अंचल चांद और चैनपुर में 781.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस पर दो अरब तीस करोड़ 64 लाख 95 हजार नौ रुपये खर्च होंगे। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई है। इसके तहत राज्य के सभी कार्य विभागों के लिपिकों का अब एक संवर्ग होगा। इसमें पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी, भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग शामिल हैं। पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत मूल कोटि के पद (शोध सहायक) पर चयन परीक्षा बीपीएससी के स्थान पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग के स्तर से ली जाएगी। वहीं, जल संसाधन विभाग के 217 विभागीय निरीक्षण भवन आधुनिक गेस्ट हाउस और ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होंगे। मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है। इसके तहत बांधों, बराजों और जलाशयों के पास स्थित भवनों को पर्यटकों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। विधानसभा निदेशक राजीव कुमार की संविदा अवधि बढ़ी विधानसभा के निदेशक राजीव कुमार की संविदा अवधि बढ़ा दी गयी है। उनकी संविदा अवधि 30 जून 2026 को समाप्त होने वाली थी। इसका विस्तार एक जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक किया गया है। वित्त विभाग में भविष्य निधि निदेशालय के सहायक आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ सेवाच्युति (जो सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता नहीं होगी) का दंड लगाया गया है। संविदा अभियंताओं को बोनस अंक का फायदा अब सिर्फ एक बार मिलेगा मंत्रिमंडल ने अभियंत्रण सेवा भर्ती नियमावली में संशोधन किया है। अभी संविदा पर कार्यरत सहायक अभियंताओं को नियमित भर्ती परीक्षा में बोनस अंक दिये जाते हैं। इसके कारण कई अभियंता एक से अधिक विभागों में चयनित हो जाते थे, जबकि वे अंततः केवल एक विभाग में ही नियुक्ति लेते थे। इससे अन्य विभागों की सीटें खाली रह जाती थीं और दूसरे अभ्यर्थियों के अवसर कम हो जाते थे। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई संविदा सहायक अभियंता अधिमानता अंक का लाभ लेकर किसी एक विभाग में चयनित हो जाता है, तो भविष्य में उसे दोबारा इस लाभ का अधिकार नहीं होगा। हालांकि वह सामान्य अभ्यर्थी के रूप में अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकेगा। यह नियम उन भर्ती प्रक्रियाओं पर भी लागू होगा जो वर्तमान में चल रही हैं। आशुलिपिक की उम्रसीमा अब 18 वर्ष मंत्रिमंडल ने बिहार नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी। अब इंटरमीडिएट उत्तीर्ण 18 वर्ष के युवा भी आशुलिपिक पद पर सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। आपदा प्रबंधन विभाग के नागरिक सुरक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को राज्यमंत्रिपरिषद ने सहमति दे दी। इसके तहत आशुलिपिक पद पर सीधी नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है। शोध सहायक भर्ती में इंटरव्यू खत्म मंत्रिमंडल ने पथ निर्माण विभाग में शोध सहायक पद की भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब इस पद पर चयन के लिए 100 अंकों का इंटरव्यू नहीं होगा। साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और प्रतियोगिता परीक्षा के विषयों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा, ताकि जल संसाधन की नियमावली के अनुरूप एकरूपता स्थापित हो सके। खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान की नौकरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में पदक जीतने और भाग लेने वाले राज्य के खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान स्तर की नौकरी दी जाएगी। इसको लेकर बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 की मंजूरी राज्य कैबिनेट ने दे दी है। नई नियमावली के तहत ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले, ओलंपिक में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले, क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले तथा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-09 (ग्रेड पे 5400 रुपये) में नियुक्ति की जाएगी। इसी प्रकार, एशियाई खेल एवं राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल खेल विधाओं के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों तथा रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-07 (ग्रेड पे 4600 रुपये) में नियुक्ति दी जाएगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी होगी राज्य में चिह्नत पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य खनन निगम लिमिटेड को खनन योजना तैयार कराने और पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए नामित किया गया है। खनन निगम नीलामी से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करेगा। नीलामी के बाद खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति सफल बोलीदाता को हस्तांतरित की जाएगी। पांच प्रमुख नदियों के गाद का अध्ययन अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की प्रमुख पांच नदियों सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर और चानन का पुनर्भरण अध्ययन किया जाएगा। इन नदियों में बालू के जमा होने के स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। यह कार्य सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) से कराया जाएगा, जिस पर दो करोड़ 32 लाख रुपये खर्च होंगे।

भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश, 20-25 जून के बीच मानसून की दस्तक के आसार

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी और बार-बार आंधी के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है। उमस भरी गर्मी और धूल भरी आंधी तो कई इलाकों में चल रही है लेकिन फिर भी मॉनसून आने में अभी समय बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने में और कुछ दिन लगेंगे। कई इलाकों में तापमान 45 के पार होने को है। वहीं, अभी तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों को मानसून में रुकावट का डर मानसून तो लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बारिश कम हो रही है। बिहार तक पहुंचे मानसून के 20-25 जून के बीच यूपी में दाखिल होने की संभावना है। पहले स्पेल में अच्छी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन विशेषज्ञ मानसून पॉज से डर रहे हैं। यदि मानसून की गति लगातार नहीं बनी रहती है और बीच-बीच लंबा गैप आता है तो स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की अब तक प्रगति ठीक है, लेकिन सेटेलाइट थ्री डी एस से जो तस्वीरें मिली हैं उसके अध्ययन से मानसून के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम अपने सामान्य रास्ते पर नहीं है बल्कि नीचे दक्षिणी क्षेत्र की ओर है। जो बादल अब तक के मानसून से दिखने चाहिए थे वह नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम के नीचे खिसकने से पूर्वी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे जो बादलों के बनने की प्रक्रिया है वह उतनी गति वाली नहीं है जितनी अपेक्षित है। मौसम विशेषज्ञ अल नीनो का खतरा लंबे समय से बता रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बारिश प्रभावित होगी और मानसून पाज की स्थिति स्वतः बन जाएगी। सीएसए मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मानसून की रफ्तार बनी हुई है। उम्मीद है कि यूपी और कानपुर तक यह समय से पहुंचेगा। इसके बाद का लंबा समय मानसून का है जिसके दौरान स्थितियां स्पष्ट होंगी। मानसून के पहले फिर तपी संगमनगरी, प्रदेश में रही सबसे गर्म एक तरफ जहां लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधवार को प्रयागराज प्रदेश में फिर सबसे गर्म जिला रहा। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर बाहर निकले। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद बादल छाने लगे। लगभग चार बजे धूल भरी आंधी चली जबकि यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शाम को तपिश से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा। इससे पहले जिले का 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान 28 मई को रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि जून का यह सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है। मंगलवार की रात का न्यूनतम तापमान 29.5 सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रात के तापमान में वृद्धि होने से पंखा, कूलर भी बेअसर रहे। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून तक हीट वेव चलने के आसार हैं।

महिला एफआईएच नेशंस कप: उरुग्वे पर रोमांचक जीत, ग्रुप टॉपर बनकर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी टीम ने महिला एफआईएच नेशंस कप 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अपने अंतिम पूल मुकाबले में उरुग्वे को 3-2 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और खिताब की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाया। मैच की सबसे बड़ी स्टार रहीं दीपिका जिन्होंने 2 गोल दागकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। चुनौतीपूर्ण रही भारत की शुरुआत पहले क्वार्टर में टीम इंडिया को दिक्कत का सामना करना पड़ा था। उरुग्वे ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 13वें मिनट में गोल दागा और 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। शुरुआती गोल के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया। लेकिन खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और लगातार आक्रमण जारी रखा। दूसरे क्वार्टर में भारत को बराबरी करने का मौका मिला। टीम की प्रमुख फॉरवर्ड दीपिका ने शानदार फिनिश के साथ 24वें मिनट में गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इस गोल ने भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और टीम ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। तीसरे क्वार्टर में भारत का दबदबा तीसरे क्वार्टर में भारत ने बढ़त हासिल कर ली। दीपिका सोरेंग ने 43वें मिनट में बेहतरीन मूव को गोल में बदलते हुए टीम को 2-1 से आगे कर दिया। भारतीय टीम इसके बाद लगातार दबाव बनाती रही और उरुग्वे को ज्यादा मौके नहीं दिए। हालांकि चौथे और अंतिम क्वार्टर में मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। उरुग्वे की ओर से विलार मैनुएला ने 55वें मिनट में गेद को गोल पोस्ट में डालकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच ड्रॉ की ओर बढ़ सकता है। 1 मिनट में दीपिका ने बदला खेल भारत की स्टार खिलाड़ी दीपिका ने एक बार फिर कमाल दिखाया। उरुग्वे के बराबरी के गोल के महज एक मिनट बाद दीपिका ने शानदार गोल दागकर भारत को 3-2 की बढ़त दिला दी। अंतिम मिनटों में भारतीय टीम ने मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया और उरुग्वे को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। निर्धारित समय समाप्त होने तक भारत ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने ग्रुप चरण का समापन शीर्ष स्थान पर किया। टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है और अब उसकी नजरें सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में जगह बनाने पर होंगी।  

चंबा में मौत बनकर आई खाई, बोलेरो दुर्घटना में एक ही परिवार के 3 भाइयों सहित 7 लोगों की जान गई

चंबा  हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर से बड़ा हादसा हुआ है. चंबा जिले में हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई है. इसमें तीन सगे भाई भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, चंबा जिले के चुराह के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर रात को यह घटना पेश आई है. जिले के माणी जीरो के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा और सात लोगों की जान चली गई. हादसा इतना भयावह था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार सात लोगों की मौके पर ही प्राण त्याग दिए. बताया जा रहा है कि रात 2 बजे यह हादसा पेश आया है, जिसमें चार पुरुष और तीन महिलाओं की मौत हुई है. कुठेड़ गांव से ये सभी लोग थे और गांव में अब मातम परसा हुआ है।  बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुई बोलेरो पंचायत कुठेड़ के महल गांव की थी और महल गांव के लोग काकड़ोथा गांव में मुंडन संस्कार की धाम में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे. घटना की सूचना मिलने के बाद लोगों ने शवों को खाई से निकाला और फिर मामले में पुलिस भी मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि सड़क किनारे क्रैश बैरियर भी नहीं थे, वर्ना हादसा बच सकता था.  एसपी चंबा विजय सकलानी ने बताया कि सभी शवों को खाई से निकाल लिया गया है और मृतकों की पहचान की जा रही है।  विधायक ने जताया दुख चंबा के चुराह के विधायक हंस राज ने कहा कि उन्हें सुबह मामले की जानकारी मिली थी. फौजी परिवार था और उनकी मित्रता थी. उन्होंने कहा कि क्रैश बैरियर इस इलाके में नहीं है और इस वजह से हादसे हो रहे हैं और यह बड़ी समस्या है. एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हुई है. विधायक ने कहा कि हादसे की वजह का तो पता नहीं चला है, लेकिन उन्होंने पुलिस और अस्पताल को अलर्ट किया है।  गौर रहे कि चंबा में हाल ही में बड़े हादसे हुए हैं. इससे पहले, चंबा के बैरागढ़-सच पास-किलाड़ मार्ग पर भी 31 मई को एक इनोवा गाड़ी हादसे का शिकार हो गई थी और इसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. 17 जून को भी चंबा में कार हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी। 

Punjab Weather Update: बारिश और तेज हवाओं की दस्तक, अगले 5 दिनों तक मौसम विभाग का अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में आज से फिर मौसम के मिजाज बिगड़ेंगे। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने वीरवार से पांच दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत बिजली चमकने, 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने और बारिश के आसार हैं। इससे आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके बाद 23 जून से पंजाब में मौसम शुष्क हो जाएगा। पंजाब में बुधवार को मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है। सबसे अधिक 39 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह भी सामान्य के पास दर्ज किया गया। सबसे कम 22.6 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  अमृतसर का अधिकतम पारा 37.1 डिग्री, लुधियाना का 37.5 डिग्री, पटियाला का 38.8 डिग्री, पठानकोट का 38.2 डिग्री, फिरोजपुर का 36.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 35.5 डिग्री, फाजिल्का का 35.6 डिग्री, होशियारपुर का 35.5 डिग्री और रूपनगर का 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 26.4 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 26.2 डिग्री, पठानकोट का 24.2 डिग्री, फाजिल्का का 23.5 डिग्री, फिरोजपुर का 25.7 डिग्री, होशियारपुर का 23.9 डिग्री और रूपनगर का 24.0 डिग्री दर्ज किया गया। 

देशभर में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में बारिश और तूफान का खतरा; आगे बढ़ा मॉनसून

नईदिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 (Monsoon) देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के दौरान तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बताई हैं। वर्तमान में मॉनसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई, मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए 18 जून से 24 जून 2026 तक का विस्तृत अनुमान और चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद में 18 से 22 जून के बीच अधिकांश इलाकों में व्यापक रूप से बारिश की संभावना है। वहीं 23 और 24 जून को छिटपुट बारिश हो सकती है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 जून के दौरान लगातार छिटपुट बारिश के आसार हैं। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली एनसीआर में 18 से 22 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में 18, 19, 23 और 24 जून को, जबकि पूर्वी यूपी में 18-19 जून और फिर 22-24 जून को बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में 18 से 24 जून तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी। आंधी-तूफान की चेतावनी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। इन राज्यों में 18 और 19 जून को ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 18-22 जून के दौरान 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज और झोंके वाली हवाओं की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में धूलभरी आंधी 18 और 19 जून को पश्चिमी राजस्थान में भयंकर धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही 18 जून को पश्चिमी राजस्थान और 18-19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी/घंटे की गति से तीव्र चक्रवाती तूफान आ सकता है। 19 जून को भी पश्चिमी राजस्थान में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 जून को छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 18-19 जून और फिर 22-24 जून के दौरान बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में 18 से 24 जून तक लगातार छिटपुट बारिश होने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 18-19 जून को और छत्तीसगढ़ व विदर्भ 18-21 जून को बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। बंगाल और ओडिशा में भारी बारिश के आसार पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 24 जून तक भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। बंगाल में गंगा से सटे इलाकों में 18-19 जून को छिटपुट बारिश के बाद 20 से 24 जून के बीच बारिश की रफ्तार बढ़ेगी। ओडिशा में 19 और 20 जून को तेज और व्यापक बारिश होगी। बिहार और झारखंड में 18 से 24 जून के दौरान इन दोनों राज्यों में छिटपुट से लेकर मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

ट्रंप के बदले सुर से मची हलचल, समझौते के बाद ईरान की मिसाइलों पर दिया चौंकाने वाला बयान

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जो ईरान की मिसाइलों के जखीरे को खत्म करना चाहते थे, वो अब अपनी बात से पलट चुके हैं. उन्होंने कहा कि ईरान को कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रखने की इजाजत दी जा सकती है. जी-7 सम्मेलन के दौरान फ्रांस में ट्रंप ने इस बात का बचाव किया. उन्होंने कहा कि अगर दूसरे देशों के पास मिसाइलें हैं तो ईरान को भी कुछ रखने की अनुमति मिलनी चाहिए।  ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मिसाइलें कोई बड़ी समस्या नहीं हैं क्योंकि वे सिर्फ एक जगह को नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन न्यूक्लियर हथियार पूरे ग्रह को तबाह कर सकते हैं. उन्होंने सऊदी अरब और कतर जैसे देशों का उदाहरण दिया जिनके पास मिसाइलें हैं।  ट्रंप का कहना है कि ईरान को भी अनुपात में कुछ मिसाइलें रखने की छूट मिलनी चाहिए. इस बयान से अमेरिकी नीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं क्योंकि पहले ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने पर जोर दिया जा रहा था।  ईरान के साथ समझौते की पृष्ठभूमि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. उस समय ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना और उसके न्यूक्लियर हथियार बनाने की कोशिश को रोकना मुख्य लक्ष्य था. लेकिन अब ट्रंप प्रशासन इस मुद्दे को कम महत्व दे रहा है।  ट्रंप ने कहा कि अगर यह समझौता नहीं होता तो और तीन-चार हफ्ते बमबारी जारी रखी जाती, लेकिन इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो जाता और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारी तबाही आ जाती. ट्रंप ने कहा कि अगर हम बमबारी जारी रखते तो रोज 500-700 मिलियन डॉलर का खर्च होता. हम चार हफ्तों में हथियारों के भंडार खत्म कर देते।  उन्होंने समझौते को आर्थिक तबाही से बचाने वाला बताया. ईरानी विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने इस MOU पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. समझौते का पूरा टेक्स्ट अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिसकी वजह से आलोचना हो रही है।  यूरेनियम स्टॉक पर ट्रंप की नरम राय समझौते में ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को सौंपने की शर्त नहीं रखी गई है. यह स्टॉक 11 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त माना जाता है. इसके बजाय दोनों देश अगले दो महीनों में इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे. ट्रंप ने कहा कि ईरान इन स्टॉक तक पहुंच ही नहीं सकता क्योंकि अमेरिका ने उसके तीन मुख्य न्यूक्लियर साइटों को बमबारी से तबाह कर दिया है।   ट्रंप का दावा है कि न्यूक्लियर डस्ट मलबे के नीचे दबा हुआ है और सिर्फ अमेरिका व चीन के पास उसे निकालने का उपकरण है. उन्होंने इसे मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण बताया लेकिन व्यावहारिक रूप से कम मूल्यवान माना. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास अन्य जगहों पर भी कम संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक हो सकता है. ट्रंप ने फिर भी कहा कि अगले दो महीनों में यह मुद्दा चर्चा का मुख्य विषय रहेगा।  आगे की बातचीत और धमकी ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते का उल्लंघन करता है तो अमेरिका फिर से बमबारी करेगा. उन्होंने कहा कि अगर वे समझौते का पालन नहीं करेंगे तो हम उन पर भारी बमबारी करेंगे. MOU एक सामान्य दस्तावेज है जिसमें सख्त कानूनी बाध्यता नहीं है. ट्रंप का कहना है कि बमबारी की धमकी ही काफी है।  उन्होंने यह भी माना कि यह स्थायी रोक तभी तक है जब तक वे राष्ट्रपति हैं. अगर कोई कमजोर राष्ट्रपति आया तो स्थिति बदल सकती है. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अगले 60 दिनों में स्विट्जरलैंड में और बातचीत होगी. इस दौरान ईरान को कुछ प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है, खासकर तेल निर्यात पर. अमेरिका का कहना है कि यह छूट बहुत ज्यादा नहीं है क्योंकि ईरान पहले भी छूट-छूटकर तेल बेच रहा था।  आर्थिक और वैश्विक प्रभाव ट्रंप ने कहा कि ज्यादा बमबारी से वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू जातीं और आर्थिक संकट आ जाता. अब समझौते से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहेगा. तेल आपूर्ति बनी रहेगी. अमेरिका ईरानी फंड्स को भी वापस करने पर विचार कर रहा है जो पहले फ्रीज किए गए थे. ट्रंप का तर्क है कि अगर अमेरिका वह पैसा नहीं लौटाएगा तो कोई भी डॉलर में निवेश नहीं करेगा।  ईरान पर युद्ध से सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ है. इसके मुकाबले प्रतिबंधों में छूट सिर्फ कुछ अरब डॉलर की है. अमेरिकी अधिकारी इसे न्यायसंगत समझौता बता रहे हैं. हालांकि इजरायल इस समझौते से संतुष्ट नहीं दिख रहा है. ट्रंप ने इजरायल को MOU की कॉपी भेजने की बात कही, लेकिन इजरायली मीडिया में पहले खबर आई थी कि अमेरिका ने इजरायल को टेक्स्ट दिखाने से इनकार कर दिया था।  समझौते की कमियां और आलोचना यह समझौता काफी सामान्य है. इसमें ईरान सिर्फ यह दोहराता है कि वह न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप का दावा है कि यह ईरान को स्थाई रूप से न्यूक्लियर हथियार से रोकेगा, लेकिन आलोचक कहते हैं कि यह सिर्फ शब्दों का खेल है. ईरान ने स्विट्जरलैंड में होने वाली बैठक को टालने का संकेत दिया है।  अमेरिका का कहना है कि अगले दो महीनों की बातचीत में असली रियायतें ली जाएंगी. इस बीच तेल निर्यात बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि अगर फिर युद्ध हुआ तो दुनिया तैयार रहे. कतर के साथ साझा गैस फील्ड का उदाहरण देकर अमेरिका ने कहा कि पैसा या तो विकास में लगाया जा सकता है या आतंकवाद को बढ़ावा देने में।  आगे क्या होगा? यह समझौता अमेरिका-ईरान संबंधों में नया मोड़ है. ट्रंप इसे अपनी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे ईरान को बहुत ज्यादा छूट देने वाला समझौता मान रहे हैं. अगले दो महीनों में होने वाली बातचीत बहुत महत्वपूर्ण होगी. अगर ईरान ने रियायतें दीं तो स्थायी समझौता हो सकता है, वरना फिर तनाव बढ़ सकता है।  ट्रंप की नीति शक्ति के साथ शांति की लगती है- एक तरफ समझौता और दूसरी तरफ बमबारी की धमकी. दुनिया अब देख रही है कि यह रणनीति कितनी सफल होती है. ईरान के पास मिसाइलें रहने की इजाजत, यूरेनियम पर ढील और तेल निर्यात पर छूट- ये सब मिलकर मध्य पूर्व की राजनीति को नया रूप … Read more