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अब तय समय में मिलेंगी पुलिस और प्रशासनिक सेवाएं, हरियाणा में नई व्यवस्था लागू

चंडीगढ़ हरियाणा गृह विभाग की 33 सेवाओं को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (राइट टू सर्विस), 2014 के दायरे में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत अब विभिन्न लाइसेंस, सत्यापन, अनुमति और एनओसी से जुड़ी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर सेवाएं प्रदान करनी होंगी। ऐसा नहीं होने पर नागरिक शिकायत और अपील भी कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत हथियार लाइसेंस के नवीनीकरण की प्रक्रिया, यदि लाइसेंस की अवधि समाप्त नहीं हुई है और आवेदन उसी जिले में किया गया है, तो 15 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। वहीं पुलिस सत्यापन वाले मामलों में यह प्रक्रिया 22 दिनों में पूरी होगी। हथियार लाइसेंस में हथियार जोड़ने या हटाने, हथियार खरीदने की अवधि बढ़ाने तथा धरना, प्रदर्शन, जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति जैसी सेवाएं 7 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाएंगी। विदेशियों के आगमन और प्रस्थान का पंजीकरण तत्काल किया जाएगा। इसके अलावा एफआईआर या डीडीआर की प्रति भी तुरंत या ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। लाउडस्पीकर उपयोग की अनुमति, मेले, प्रदर्शनी, खेल आयोजनों के लिए एनओसी, अजनबी सत्यापन, विदेशी नागरिकों के आवासीय परमिट का विस्तार और पुराने वाहनों के लिए एनओसी जैसी सेवाओं की समय-सीमा 5 दिन तय की गई है। घरेलू सहायक, किरायेदार, कर्मचारी और चरित्र सत्यापन, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट तथा खोई हुई संपत्ति के निस्तारण से संबंधित सेवाएं 21 दिनों के भीतर पूरी की जाएंगी। पेट्रोल पंप और सिनेमा हॉल स्थापित करने के लिए एनओसी 15 दिनों में जारी होगी। सिनेमा लाइसेंस जारी करने में 30 दिन और उसके नवीनीकरण में 25 दिन का समय लगेगा। इसके अलावा पेट्रोलियम और विस्फोटक नियमों के तहत विभिन्न एनओसी, आतिशबाजी भंडारण एवं बिक्री अनुमति तथा लाइसेंस नवीनीकरण जैसी सेवाओं के लिए 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। ऑनलाइन शिकायतों और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन का निपटारा 60 दिनों में किया जाएगा। सरकार ने प्रत्येक सेवा के लिए नामित अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारियों की भी नियुक्ति की है। यदि किसी नागरिक को तय समय में सेवा नहीं मिलती है तो वह अधिनियम के तहत अपील कर सकेगा। इससे सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को समयबद्ध सेवाएं मिलने की उम्मीद है।  

प्रशासनिक कसावट के लिए बड़ा फेरबदल, राजस्व निरीक्षकों का हुआ ट्रांसफर

जांजगीर-चांपा. जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने भू-अभिलेख शाखा अंतर्गत कार्यरत राजस्व निरीक्षकों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश प्रशासनिक एवं कार्यालयीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत अशोक कुमार साहू को राजस्व निरीक्षक मंडल जांजगीर से अमोरा, मिमांशु भास्कर को सुकली से मुलमुला, ऋचा राठौर को बिरगहनी से नजूल चांपा, चंदराम साहू को नवागढ़ से पहरिया तथा किशोर सिंह सिदार को शिवरीनारायण से सारागांव पदस्थ किया गया है। वहीं जितेंद्र सिंह को कोटगढ़ एवं अकलतरा से बलौदा, जागेश्वर सिहानी को बलौदा से अकलतरा, रामायण प्रसाद सूर्यवंशी को पहरिया से बम्हनीडीह, जयनारायण भूपेंद्र को मुलमुला से शिवरीनारायण तथा आदित्य झा को राहौद से पामगढ़ भेजा गया है। इसके अलावा संजय सोनी को खरौद से राहौद, शीला देवांगन को नजूल चांपा से सुकली, भागवत सिंह गौड़ को सारागांव से जांजगीर, शेख मोहम्मद मुजीब को बम्हनीडीह से नवागढ़ तथा साहेब लाल टंडन को राजस्व निरीक्षक वर्कलोड से नजूल शाखा जिला कार्यालय में पदस्थ किया गया है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से राजस्व कार्यों के संचालन में तेजी आएगी और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

ऑनलाइन ठगी पर सरकार का अलर्ट, अनधिकृत लोन ऐप्स और फर्जी पार्ट-टाइम जॉब ऑफर्स से बचने की सलाह

 जयपुर राज्य सरकार द्वारा साइबर स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से दो साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी में अवैध एवं अनधिकृत इंस्टेंट लोन ऐप्स के माध्यम से होने वाली जबरन वसूली ओर डिजिटल उत्पीड़न से बचाव पर विशेष बल दिया गया है। साथही टास्क स्कैम से बचाव के लिए आमजन को सावधान रहने की अपील की गई है।  इंस्टेंट लोन ऐप आधारित जबरन वसूली के मामलों से सावधान रहें। अनधिकृत इंस्टेंट लोन ऐप्स द्वारा तत्काल वित्तीय आवश्यकता वाले व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए बिना गारंटी केतुरंत नकद देने का वादा किया जाता है। एक बार एप इंस्टॉल करने पर स्कैमर्स उपयोगकर्ताओं के मोबाइल डेटा, संपर्क सूची एवं निजी जानकारी तक पहुंच प्राप्त कर लेते हैं। इसके बाद अत्यधिक ब्याज, धमकी, ब्लैकमेल और मॉर्फ्ड तस्वीरों के माध्यम से दबाव बनाकर अवैध वसूली करते हैं। नागरिकों को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म एवं आधिकारिक ऐप स्टोर से ही वित्तीय एप्लीकेशन डाउनलोड करने तथा किसी भी ऐप को अनावश्यक अनुमति प्रदान करने सेबचने की सलाह दी गई है। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव हेतु विशेष एडवाइजरी जारी, टास्क स्कैम के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता गृह विभाग द्वारा जारी दूसरी एडवाइजरी में "टास्क स्कैम" अथवा ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब धोखाधड़ी के संबंध में नागरिकों को सचेत किया गया है। साइबर अपराधी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को आसान कार्यों के बदले आकर्षक आय का प्रलोभन देते हैं तथा प्रारंभिक भुगतान कर विश्वास अर्जित करने के बाद उनसे बड़ी धनराशि निवेश करवाने का प्रयास करते हैं। आमजन से अपील की गई है कि बिना सत्यापन के किसी भी ऑनलाइन कार्य या निवेश प्रस्ताव पर विश्वास न करें तथा किसी अज्ञात व्यक्ति या संस्था को धन राशि हस्तांतरित न करें। संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल रिपोर्टिंग का आह्वान प्रदेश सरकार ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी,ऑनलाइन ठगी, जबरन वसूली अथवा संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें तथा शिकायत को https://www.cybercrime.gov.inपर दर्ज कराएं। साथ ही, संबंधित बैंक अथवा वित्तीय संस्था को तत्काल सूचित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने की भी सलाह दी गईहै। 

सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले उन्नाव से अब दिल्ली तक होगा आसान और तेज सफर

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के उन्नाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 570 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। सौगातों की बारिश के बाद योगी विपक्ष पर खूब बरसे। सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें सिर्फ परिवार तक सीमित थीं। कांग्रेस के लिए नेहरू और सपा के लिए सैफई परिवार ही सबकुछ था। आवाज उठाने वालों की आवाज बंद कर दी जाती थी। रामायण में खर-दूषण की तरह कांग्रेस और सपा में माफिया राज था। दोनों दल देश की दुर्गति के लिए जिम्मेदार हैं। दंगा-कर्फ्यूग्रस्त बनाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं, इनके दोहरे चरित्र पर हंसी आती है। सीएम योगी ने कहा कि पिछली बार वादा किया था कि विकास की हर योजना उन्नाव तक पहुंचेगी। आज उन्नाव का व्यक्ति लखनऊ को बाईपास कर सीधे दिल्ली जा सकता है। डिफेंस कॉरिडोर और एक्सप्रेस-वे के पास उद्योग लगेंगे। यहां के नौजवानों को यहीं रोजगार मिलेगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा सीएम ने ऐलान किया कि 700 एकड़ लैंड डिफेंस कॉरिडोर के लिए और 200 एकड़ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए ली जा रही है। उन्नाव स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल क्या जायेगा। अब जो विकास लखनऊ में होगा, वही उन्नाव में भी होगा। लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। रायबरेली, सीतापुर भी इससे जुड़ेंगे। विकास की योजना आज को नहीं, आगामी 100 वर्ष को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों का नाम 100 वर्ष तक लोग याद रखेंगे। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी संकट से निपटा गया। संकट के लिए जिम्मेदार अमेरिका आज त्रस्त है, हमारा देश सुरक्षित है। आंतरिक सुरक्षा में सेंध लगानेवालों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जा रहा है। गरीब, महिला, किसान और नौजवानों के लिए युद्धस्तर पर योजनाएं चल रही हैं। नारी सुरक्षा-सम्मान के कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। अब किसी को जरूरत के लिए हाथ फैलाने की जरूरत नहीं। अधिकारी खुद लाभार्थी के घर जाकर जानकारी दे रहे हैं। पहले बिना सिफारिश और घूस कुछ नहीं मिलता था। लोग ट्वीट करते थे- देख सपाई बिटिया घबराई योगी ने कहा कि जो कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है, ये कार्य विपक्षी सरकारों को किसने रोका था? गलत लोग चुनकर जाते थे तो उनकी सोच संकुचित थी। सैफई को ही प्रदेश मान लेते थे। लेकिन आपने अच्छे लोग चुनकर भेजे हैं, इसलिए विकास हो रहा है। यूपी का युवा कभी दोनों दलों को स्वीकार नहीं करेगा, यही 2014 से कर रहा है।     काशी-वृंदावन की कृपा, त्योहारों में सुरक्षा का माहौल सीएम ने कहा कि जो भी प्रस्ताव उन्नाव के आए, सबको स्वीकार किया। यूपी पर काशी, वृंदावन, गंगा और प्रभु श्री राम की कृपा बरसती है। अब त्योहार में सुरक्षा का माहौल बनता है। उन्नाव को विकास की प्रक्रिया के लिए पैसे की कमी नहीं पड़ेगी। बिन रुके, बिन थके विकास होगा।

बिना जानकारी ईएमआई और लोन अवधि बढ़ाना पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने कंपनी के खिलाफ सुनाया फैसला

 अलीगढ़  होम लोन की ईएमआई और ऋण अवधि में बिना जानकारी बढ़ोतरी करने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, अलीगढ़ ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने माना कि शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है और कंपनी को अतिरिक्त जमा धनराशि ब्याज सहित लौटाने तथा ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने का निर्देश दिया है।संजय गांधी कालोनी निवासी दुर्गेश कुमार शर्मा ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि वर्ष 2016 में आधार हाउसिंग फाइनेंस के अधिकारियों ने 10 से 11 प्रतिशत ब्याज दर और प्रधानमंत्री आवास योजना की सब्सिडी का लाभ मिलने की जानकारी देकर होम लोन दिलाया था। कंपनी ने कुल 7.75 लाख रुपये का ऋण वितरित किया, लेकिन बाद में उनकी जानकारी के बिना बीमा शुल्क जोड़ा गया और ऋण की शर्तों में बदलाव किए गए। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2022 में बिना सूचना ईएमआई 9,950 रुपये से बढ़ाकर 12,387 रुपये कर दी गई तथा ऋण अवधि 20 वर्ष से बढ़ाकर 30 वर्ष कर दी गई। उन्होंने दावा किया कि आठ वर्षों में 10 लाख रुपये से अधिक जमा करने के बावजूद कंपनी उनके खाते में बड़ी बकाया राशि दर्शा रही थी। मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से आरोपों का प्रभावी खंडन नहीं किया गया। आयोग ने पाया कि ऋण अवधि और ईएमआई में की गई बढ़ोतरी एकतरफा थी तथा शिकायतकर्ता ऋण राशि से अधिक भुगतान कर चुका है। आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी और सदस्य पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने 15 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में कंपनी को ऋण खाते का अंतिम निस्तारण करने, अतिरिक्त जमा राशि ब्याज सहित लौटाने, शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये वाद व्यय देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया गया कि 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन किया जाए, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फार्म-टू-कंज्यूमर मॉडल से सीधे घर पहुंचेगा जैविक भोजन, किसानों को मिलेगा नया बाजार

लखनऊ प्रदेश में ‘जहर मुक्त भोजन’ का मेगा कैंपेन शुरू करने की तैयारी चल रही है। गोसेवा आयोग ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें लोगों की थाली तक सीधे खेतों से निकली सब्जियां आदि और अन्य उत्पाद पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए इस गोशालाओं को खाद्य पदार्थों के बड़े सप्लाई सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार पहले चरण में चयनित गोशालाओं के पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले परिवारों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इन परिवारों तक प्राकृतिक खेती से उपजे खाद्यान्न, ताजी सब्जियां, फल और पंचगव्य आधारित उत्पाद सीधे पहुंचाए जाएंगे। गोसेवा आयोग ने इसके लिए ‘फार्म टू कंज्यूमर’ (खेत से सीधे उपभोक्ता तक) माडल बनाया है। गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष ने क्या बताया? गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गोशालाओं के सहयोग से तैयार होने वाली 100 प्रतिशत जैविक सब्जियां, फल और अनाज इसके माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचेंगे। इनके अलावा औषधीय उत्पाद, पंचगव्य घी, और शुद्ध दूध भी इस चेन का हिस्सा होंगे। इससे केमिकल-फ्री उत्पाद तैयार करने वाले स्थानीय किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, गोशालाएं ही उनका बाजार बनेंगी।  

मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास बनेगा हाईटेक रेस्ट एरिया, फूड कोर्ट और EV चार्जिंग भी होगी

नई दिल्ली  दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हर 50 किमी पर रेस्ट एरिया डिवेलप किए गए हैं। ठीक उसी तरह अर्बन एक्सटेंशन रोड (UER-2) पर मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास रेस्ट एरिया डिवेलप किया जाएगा। रेस्ट एरिया के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मेट्रो स्टेशन के पास 34,349 वर्ग मीटर जमीन चिह्नित की है। रेस्ट एरिया एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ बनाए जाएंगे। एक्सप्रेसवे के दाईं ओर 17,138 और बाईं ओर 17,211 वर्ग मीटर एरिया में इन्हें तैयार किया जाएगा।     एनएचएआई के अफसरों के अनुसार यूईआर-2 की कुल लंबाई करीब 75.7 किमी है।     इसका एक बड़ा हिस्सा दिल्ली में पड़ता है। जो नए एक्सप्रेसवे बन रहे हैं, उन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एनएचएआई हर 50 किमी की दूरी पर रेस्ट एरिया डिवेलप कर रहा है।     दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कई जगहों पर इसी तरह से आधुनिक रेस्ट एरिया डिवेलप किए गए हैं, जहां यात्रियों को हर तरह की सुविधा मिल रही है।     अर्बन एक्सटेंशन रोड पर मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया मेट्रो स्टेशन के पास एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ रेस्ट एरिया डिवेलप किया जाएगा।     जिसमें फूड कोर्ट, कार, बस, ट्रक पार्किंग, ढाबा, चिल्ड्रेन प्ले जोन, ईवी चार्जिंग स्टेशन , बैटरी स्वैपिंग स्टेशन, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन, रेस्टरूम और अन्य तरह की सुविधाएं होंगी।     यह रेस्ट एरिया मेट्रो स्टेशन के पास होने के चलते लोकल लोगों और मेट्रो यात्रियों को भी इससे सुविधा मिलेगी। UER-2 पर तेजी से बढ़ रहा ट्रैफिक यूईआर के इस स्ट्रेच में डेली ट्रैफिक करीब 25,868 है। जिसमें सबसे अधिक संख्या कारों की है। एक्सप्रेसवे के राइट कैरिज-वे से रोजाना कारों की संख्या 16,476 और बाएं कैरिज-वे से 18,893 कारें गुजरती हैं। लेफ्ट और राइट कैरिज वे को मिलाकर कारों की संख्या रोजाना 25,369 है। इसी तरह से दोनों कैरिज वे को मिलाकर यूईआर-2 पर बसों की संख्या 119 और ट्रकों की संख्या 376 है। भविष्य में यूईआर पर डेली ट्रैफिक में और इजाफा होगा।

खादी को बढ़ावा देने की पहल, मुख्यमंत्री सैनी ने लाभार्थियों को सौंपी बी-बॉक्स और मशीनें

हिसार. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं — गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा। लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा। सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा। सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग। लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च। सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा। किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा। सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण। सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण। लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत। लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।

परिवहन व्यवस्था पर मंडराया साइबर संकट, सारथी पोर्टल को निशाना बनाने की आशंका

जालंधर. पिछले तीन दिनों से पंजाब सहित देशभर में परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित रहने के पीछे केवल तकनीकी खराबी ही नहीं, बल्कि संभावित विदेशी साइबर हमले की आशंका भी सामने आई है। नैशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एन.आई.सी.) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि सारथी पोर्टल को पाकिस्तान और चीन से संचालित हैकरों द्वारा निशाना बनाए जाने की संभावना है। इस खुलासे ने देश की महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सारथी पोर्टल, जो केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधीन संचालित होता है, देशभर में ड्राइविंग लाइसैंस, लर्निंग लाइसैंस, स्लॉट बुकिंग, लाइसैंस नवीनीकरण, अंतर्राष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट और ड्राइविंग स्कूलों की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है। इसी पोर्टल में आई तकनीकी बाधा के कारण पंजाब के सभी आर.टी.ए. कार्यालयों और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट केंद्रों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। सारथी पोर्टल में आई खराबी का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ा। पंजाब के विभिन्न जिलों में लर्निंग लाइसैंस, स्थायी ड्राइविंग लाइसैंस, वाहन पंजीकरण और अन्य सेवाओं के लिए पहले से समय लेकर पहुंचे हजारों आवेदकों को घंटों इंतजार करना पड़ा। जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला, होशियारपुर और अन्य जिलों के आर.टी.ए. कार्यालयों में पिछले तीन दिनों से आवेदकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई स्थानों पर ड्राइविंग ट्रैक टेस्ट के लिए पहुंचे आवेदकों के बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो सके, जिससे उनके परीक्षण स्थगित करने पड़े। जिस वजह से बड़ी संख्या में लोगों को बिना काम करवाए लौटना पड़ा। वहीं, तेलंगाना में एन.आई.सी. के राज्य समन्वयक एस. कासी रेड्डी के अनुसार सोमवार को सारथी पोर्टल पर सामान्य 5 हजार उपयोगकर्त्ताओं की तुलना में अचानक 95 हजार उपयोगकर्त्ताओं का ट्रैफिक दर्ज किया गया। इस असामान्य गतिविधि ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को सतर्क कर दिया। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा टीम ने संभावित खतरे को देखते हुए एहतियातन पोर्टल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। बाद में सेवाएं बहाल कर दी गईं, लेकिन सर्वर पर पड़े अतिरिक्त दबाव के कारण सिस्टम सामान्य क्षमता प्राप्त नहीं कर पाया और बार-बार बाधित होता रहा। चीन और पाकिस्तान से लगातार होते हैं हमले एन.आई.सी. अधिकारियों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले से ही इस बात से अवगत है कि पाकिस्तान और चीन से जुड़े साइबर अपराधी तथा हैकर समूह समय-समय पर भारत के सरकारी पोर्टलों को निशाना बनाने का प्रयास करते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन सरकारी पोर्टलों पर ऑनलाइन भुगतान सुविधा उपलब्ध होती है, वे साइबर अपराधियों के लिए सबसे आकर्षक लक्ष्य बन जाते हैं। ऐसे पोर्टलों को ठप कर प्रशासनिक अव्यवस्था पैदा करना, डेटा चोरी का प्रयास करना या डिजिटल सेवाओं को बाधित करना हमलावरों के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हो सकता है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा मामले में किसी भी प्रकार के डेटा लीक या नागरिकों की निजी जानकारी के चोरी होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। मजबूत फ़ायरवॉल और साइबर सुरक्षा तंत्र ने किसी भी संभावित घुसपैठ को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साइबर युद्ध का बदलता स्वरूप साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी पोर्टलों पर हमलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र, सीईआरटी-इन (सी.ई.आर.टी.-इन) तथा अन्य एजैंसियां ऐसे खतरों की पहचान और रोकथाम के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। स्मार्ट कोड टैक्नोलॉजीज के संस्थापक सूर्यनारायण रेड्डी के अनुसार आज साइबर अपराधियों के पास कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), चैटबॉट और अत्याधुनिक मैलवेयर जैसे नए हथियार मौजूद हैं। इनके माध्यम से पहले की तुलना में अधिक जटिल और संगठित हमले किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक दौर में साइबर सुरक्षा एक निरंतर चलने वाला युद्ध बन चुकी है, जहां सुरक्षा एजेंसियों को हर दिन नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। डिजिटल इंडिया के लिए चेतावनी  सारथी पोर्टल प्रकरण ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया की बढ़ती निर्भरता के साथ साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। देश की परिवहन, बैंकिंग, कराधान, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं से जुड़े पोर्टल करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि नागरिकों का डाटा पूरी तरह सुरक्षित है और सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं, लेकिन इस घटना ने यह संकेत अवश्य दिया है कि भारत के महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे पर विदेशी साइबर खतरों की निगाह लगातार बनी हुई है। ऐसे में साइबर सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाना तथा सरकारी पोर्टलों की निगरानी को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करना भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता बनकर उभरा है।

कामकाज से नाराज दिखे अरुण साव, बिलासपुर में PWD अफसरों की लगाई क्लास

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव ने बिलासपुर में बहतराई स्थित स्वर्गीय बीआर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। यहां हॉकी स्टेडियम की अधूरी गैलरी, फंड मिलने के बाद भी मैपलवुड लगाने में देरी और मरम्मत कार्यों में लापरवाही देखी तो अधिकारियों पर नाराज हुए। उन्होंने एक्जीक्यूटिव इंजीनियर बीबीएस गौतम से जानकारी मांगी, जब वे तुरंत जवाब नहीं दे पाए साव ने कहा वेरी गूड, ढूंढते रहो। बिलासपुर में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव जमकर भड़क गए। बहतराई स्टेडियम के अधूरे निर्माण कार्यों को लेकर उन्होंने ईई, एसडीओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कलेक्टर संजय अग्रवाल की मौजूदगी में निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 2017 से लंबित चल रहे कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान सरल स्वभाव के उपमुख्यमंत्री का ऐसा रूप पहली बार सामने आया। अधिकारियों से उन्होंने कहा कि अगली बार आया और काम नहीं हुआ तो आप दिक्कत में पड़ जाएंगे। काम कंप्लीट करिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा, ‘काम करना है या नहीं? पहले जांच क्यों नहीं हुई? 2017 से काम अधूरा पड़ा है। यह कोई काम करने का तरीका है क्या? मजाक कर रहे हैं या नौकरी?’ जल्द काम पूरा करने के निर्देश इस दौरान अरुण साव ने अधिकारियों से कहा, ‘ईई साहब, आपका सुपरविजन कैसा है? इतने साल बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अगर समय पर निगरानी होती तो यह स्थिति नहीं बनती।’ करीब 9 साल पहले बने इस खेल प्रशिक्षण केंद्र में अब भी कई काम अधूरे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम बोले- दिक्कत में पड़ेंगे आप लोग डिप्टी सीएम अरुण साव ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता (ईई) बीबीएस गौतम को सभी पेंडिंग काम जल्द पूरा करने के लिए संयुक्त बैठक बुलाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के अंदर सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हर काम की खुद जांच कीजिए और 15 दिन में रिपोर्ट दीजिए। मैं दोबारा निरीक्षण के लिए आऊंगा। अगर काम में लापरवाही मिली तो आप लोग दिक्कत में पड़ेंगे। हॉस्टल की स्थिति पर भी नाराजगी इसके बाद अरुण साव ने हॉस्टल की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास (DMF) से पैसा मिलने के बावजूद जरूरी मरम्मत और रखरखाव के काम समय पर नहीं हो रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। साल 2017 से शुरू हुआ काम अधूरा उन्होंने कहा कि इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का काम साल 2017 में शुरू हुआ था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। ये गंभीर लापरवाही है। अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण और मरम्मत कार्य तय समय में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही कामों की नियमित निगरानी भी की जाए। अरुण साव ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता (ईई) बीबीएस गौतम को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। तीरंदाजी मैदान जुलाई तक पूरा करने के निर्देश डिप्टी सीएम ने एसईसीएल की ओर से करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की समीक्षा की। उन्होंने खेल विभाग के सहायक संचालक ए. एक्का को जुलाई तक मैदान का निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आउटडोर स्टेडियम में लगी हाईमास्ट लाइट को जल्द ठीक कराने के लिए कहा। पीडब्ल्यूडी और खेल विभाग के अधिकारियों को पूरे स्टेडियम का संयुक्त निरीक्षण करने और जरूरी कामों का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के भी निर्देश दिए। साव ने हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन में अधिकारियों के लिए शौचालय बनाने और दर्शकों के लिए शौचालयों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।