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बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर, हाई कोर्ट के फैसले के बाद ऋतब्रत को मिली नई जिम्मेदारी

कलकत्ता विधानसभा से लेकर संसद तक बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी से बागी हुए विधायक ऋतब्रत बनर्जी के विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता देने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इससे पहले पार्टी ने यहां विधानसभा स्पीकर रथेंद्र बोस के इस फैसले को चुनौती दी थी। ममता खेमे के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने इस सिलसिले में कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोई भी अंतरिम आदेश पास करने से इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार स्पीकर का फैसला बरकरार रहेगा. तृणमूल कांग्रेस के नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर टीएमसी के बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति को चुनौती दी है।   टीएमसी की तरफ से दो नाम नेता प्रतिपक्ष के लिए गए थे. शोभनदेब चट्टोपाध्याय के नाम का प्रस्ताव टीएमसी नेतृत्व के गुट की तरफ से भेजा गया, जबकि पार्टी के बागी विधायकों के गुट ने ऋतब्रत बनर्जी का नाम भेजा, जिसे पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बसु ने स्वीकार किया और उन्हें नेता प्रतिपक्ष नियुक्त कर दिया।  कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार (18 जून, 2026) को शोभनदेब चट्टोपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह स्पीकर के फैसले पर कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर रहा है. जस्टिस कृष्ण राव ने सभी पक्षों को विरोध में हलफनामा दाखिल करने और दो हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया है. अब अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।  टीएमसी सांसद और सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर कहा कि कोर्ट ने कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं किया है, लेकिन याचिका स्वीकार कर ली है. अब इस मामले में फाइनल हियरिंग होगी।  मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्ण राव ने पूछा था कि अगर एक ही राजनीतिक दल की तरफ से दो अलग-अलग नामों का प्रस्ताव भेजा जाए, तब अध्यक्ष का कर्तव्य क्या होगा, क्या वह स्वत: संज्ञान लेते हुए फैसला ले सकते हैं या फिर दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देना आवश्यक होगा. इस पर अध्यक्ष के लिए पेश एडवोकेट बिल्वदल भट्टाचार्य ने दलील दी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा परिलब्धियां अधिनियम, 1937 के अनुसार नेता प्रतिपक्ष वही सदस्य होता है जिसे सदन में सबसे अधिक संख्या वाले विपक्षी दल के नेता के रूप में मान्यता प्राप्त हो।  उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी दल का संख्याबल या उसके नेता को लेकर कोई विवाद होता है, तो उस मामले में अध्यक्ष का फैसला अंतिम और निर्णायक होगा. उधर, विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर का मामला भी चर्चा में है, जो नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से ही जुड़ा है. आरोप है कि टीएमसी सांसद और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष के लिए भेजे गए शोभनदेब चट्टोपाध्याय के नाम के प्रस्ताव पर विधायकों के हस्ताक्षर फर्जी हैं।  इसे लेकर सबसे पहले ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने ही सवाल उठाए और शिकायत की, जिसके बाद मामला गरमा गया. विधायकों की शिकायत के बाद विधानसभा सचिव ने एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद पश्चिम बंगाल क्राइम इंवेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने मामले की औपचारिक जांच शुरू की. जिन विधायकों के नाम विवादित दस्तावेजों पर हैं, उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं और हस्ताक्षरों के नमूने भी लिए जा रहे हैं। 

तालिबान का नया फरमान, सरकारी अधिकारियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल पर रोक; दुनिया में बढ़ी चिंता

काबुल  अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने एक और सख्त फैसला लेते हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है. नए आदेश के मुताबिक, अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते पकड़ा गया तो उसका फोन मौके पर तोड़ दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी और शरिया के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।  यह आदेश तालिबान की सैन्य अदालतों की ओर से जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि उच्च पदस्थ अधिकारियों से लेकर सामान्य कर्मचारियों और मुजाहिदीन तक, किसी को भी स्मार्टफोन रखने या इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी. अगर किसी को छूट चाहिए तो उसके लिए तालिबान के सर्वोच्च नेता हिबातुल्लाह अखुंदजादा की लिखित मंजूरी जरूरी होगी।  एक ब्रिटिश न्यूज प्लेटफॉर्म दि गार्डियन के मुताबिक, सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में तालिबान अधिकारियों को यह आदेश पढ़ते और लोगों के मोबाइल फोन तोड़ते हुए भी देखा गया है. हालांकि तालिबान की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।  पूरे देश में लागू नहीं किया जा रहा स्मार्टफोन बैन रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रतिबंध पूरे देश में एक समान तरीके से लागू नहीं किया जा रहा. कुछ इलाकों में यह सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक सीमित है, जबकि कुछ प्रांतों में महिलाओं, छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों तक भी इसका असर देखने को मिल रहा है।  विशेषज्ञों का मानना है कि तालिबान फिलहाल लोगों की प्रतिक्रिया पर नजर रख रहा है और संभव है कि भविष्य में पूरे देश में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जाए. उनका कहना है कि यह कदम अफगानिस्तान को दुनिया से और अधिक अलग-थलग कर सकता है।  इंटरनेट पर पाबंदी का कड़ा विरोध हाल के महीनों में तालिबान ने इंटरनेट और डिजिटल कम्युनिकेशन पर नियंत्रण बढ़ाने की कई कोशिशें की हैं. पिछले साल सितंबर में पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थीं. तालिबान ने इसे "अनैतिक सामग्री रोकने" के लिए जरूरी बताया था. हालांकि इस फैसले का व्यापार, बैंकिंग, हवाई सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं पर गंभीर असर पड़ा था, जिसके बाद इंटरनेट बहाल करना पड़ा।  विश्लेषकों का मानना है कि स्मार्टफोन प्रतिबंध के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. हाल ही में हेरात शहर में महिलाओं के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे. ये प्रदर्शन महिलाओं और लड़कियों की गिरफ्तारी के खिलाफ हुए थे. आरोप है कि तालिबान बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत भी हुई थी. वीडियो सामने आने के बाद तालिबान को अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करना पड़ा।  तालिबान स्मार्टफोन पर क्यों लगा रहा बैन? तालिबान को यह भी चिंता है कि सरकारी अधिकारी मोबाइल फोन के जरिए गोपनीय दस्तावेज और बैठकों की जानकारी लीक कर रहे हैं. कई मामलों में सरकारी फैसलों की जानकारी आधिकारिक घोषणा से पहले ही सोशल मीडिया पर पहुंच गई थी।  हेरात के कुछ सरकारी कर्मचारियों ने बताया कि उनके दफ्तरों में कई महीनों से स्मार्टफोन पर अनौपचारिक रोक लगी हुई थी. एक कर्मचारी ने दावा किया कि जब वह मोबाइल लेकर कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने फोन जब्त कर लिया और बाद में उसे तोड़ दिया।  तालिबान का यह भी मानना है कि कर्मचारी काम करने के बजाय घंटों मोबाइल फोन पर समय बर्बाद करते हैं, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित होता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या दुनिया के कई देशों में है, लेकिन इसका समाधान स्मार्टफोन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना नहीं है।   

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की अधिकारियों को फील्ड में जाकर गुणवत्ता और निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्णता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश रायपुर.   लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में विभाग के प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।  लोक निर्माण विभाग के सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्माणाधीन सड़कों, पुलों और भवनों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा फील्ड में जाकर कार्य की गुणवत्ता व समय-सीमा में पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तथा निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने को कहा।  विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े ने सचिव श्री बंसल को कोरिया जिले की बहुप्रतीक्षित सड़कों और पुलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनके निर्माण से जिलेवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कोरिया जिले और वहां के नागरिकों के लिए प्रस्तावित महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों से लोक निर्माण विभाग के सचिव को अवगत कराने के साथ ही विकासखंड मुख्यालय सोनहत में सर्किट हाउस के निर्माण का भी आग्रह किया। श्री बंसल ने विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े और कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव द्वारा प्रस्तुत सुझावों व प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा प्रक्रिया का विधिवत पालन करते हुए एकीकृत प्राक्कलन शासन को भेजने को कहा, ताकि निविदा प्रक्रिया समय पर प्रारंभ की जा सके।

महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बड़ा कदम, ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत नई सुविधा

 चंडीगढ़  हरियाणा में महिलाओं में समय से स्तन कैंसर की जांच के लिए आठ जिला अस्पतालों में फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) मशीनें लगाई जाएंगी। ‘स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार’ क्लीनिक के तहत यह मैमोग्राफी मशीनें पंचकूला, रेवाड़ी, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल और नारनौल के साथ ही गुरुग्राम के सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्थापित की जाएंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, जांच, परामर्श, निदान और निवारक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी कड़ी में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से राज्य स्वास्थ्य खरीद एवं क्रय समिति ने 11 फुल-फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी मशीनों की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये है। वर्तमान में मैमोग्राफी सेवाएं केवल अंबाला छावनी के उपमंडल नागरिक अस्पताल तथा झज्जर और रोहतक जिलों में उपलब्ध हैं। अब विभिन्न जिलों में स्तन कैंसर की जांच सुविधा उपलब्ध होने से रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान संभव होगी और उपचार की सफलता दर में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पीएम केयर्स योजना के तहत हरियाणा को पांच अतिरिक्त मैमोग्राफी यूनिट आवंटित करने की मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र के माध्यम से नौ मशीनों की मांग भेजी थी, जिसके विरुद्ध पांच मशीनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन अतिरिक्त मशीनों को रोगियों की संख्या, स्थानीय आवश्यकता और सेवा मांग के आधार पर अन्य जिलों में स्थापित किया जाएगा।

पटना में वीकेंड हेलीकॉप्टर जॉय राइड, किराया 2100 रुपये तय

पटना  बिहार आने वाले पर्यटक अब आसमान से बिहार की खूबसूरती को निहार सकेंगे। मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026 को मंजूरी मिलने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि राज्य में पर्यटकों को आसमान से नए रोमांच का मजा मिलेगा। इससे बिहार में पर्यटन की संभावनाएं तेज भी होंगी। बिहार आने वाले पर्यटक अब राजधानी पटना की हवाई सैर सप्ताह में दो दिन करेंगे। हेलीकॉप्टर से सैर के लिए 2100 रुपये किराया तय किया गया है। इसके लिए राज्य कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन एवं वायु पर्यटन सेवा योजना, 2026 को मंजूरी दी है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। मंत्रिमंडल विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि योजना का उद्देश्य पर्यटन स्थलों के बीच तेज और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है। योजना के पहले चरण को 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक लागू करने का प्रस्ताव है। इस योजना के तहत राज्य के नागरिकों एवं पर्यटकों को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से रियायती दरों पर हवाई सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए पर्यटकों को पर्यटन पैकेज का चयन करना अनिवार्य होगा। इसी योजना के तहत पटना शहर के स्काईलाइन का हवाई दृश्य उपलब्ध कराया जाएगा। पटना के लिए प्रत्येकशनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर ज्वॉय राइड का संचालन किया जाएगा। इसका किराया प्रति सीट 2100 रुपये तय किया गया है। कैमूर के लिए वायुयान तो राजगीर के लिए हेलीकॉप्टर वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण), मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) और राजगीर (नालंदा) में भी हवाई सेवा की शुरुआत की जाएगी। वाल्मीकिनगर के लिए सरकारी विमान का उपयोग किया जाएगा, जबकि कैमूर और राजगीर के लिए किराये के हेलीकॉप्टरतैनात किए जाएंगे। हेलीकॉप्टर की क्षमता (6+2) की होगी। प्रति फेरी अधिकतम पांच सीटें आरक्षित की जा सकेंगी। इस योजना के तहत वाल्मीकिनगर के लिए राजकीय वायुयान कैमूर और राजगीर के लिए आठ सीटर हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। होम स्टे योजना में उद्यमियों को 11 लाख तक अनुदान मंत्रिमंडल ने पर्यटकों की सुविधा और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026 मंजूर की है। योजना के तहत होमस्टे संचालकों को प्रति कमरे 2.5 लाख की दर से अधिकतम चार कमरों के लिए 10 लाख तक की कैपिटल सब्सिडी मिलेगी। महिला, स्वयं सहायता समूह तथा 18 से 25 वर्ष के युवा उद्यमियों को प्रति कमरा 25 हजार अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिससे कुल अनुदान 11 लाख तक पहुंच सकता है। अगले पांच वर्षों में 1000 कमरों के निबंधन का लक्ष्य रखा गया है।

पदोन्नति नियमों में बदलाव, राजस्थान कर्मचारियों और युवाओं को मिलेगा लाभ

जयपुर  राजस्थान सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बहुत जरूरी और लाभकारी फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट घोषणा 2026-27 के क्रियान्वयन के तहत पदोन्नति के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आवश्यक सेवा अवधि में दो साल की छूट देने का ऐलान किया है. इस निर्णय से उन कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा जो अनुभव की कमी के कारण पदोन्नति से वंचित रह रहे थे. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ उन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा जिन्होंने डीपीसी वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान पहले ही ऐसी छूट का लाभ प्राप्त कर लिया है. इस कदम से विभागीय कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है. सचिवालय में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर पदोन्नति में छूट के अलावा राज्य सरकार ने सचिवालय में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 149 नए पदों को सृजित करने की मंजूरी दी है. इसमें सहायक शासन सचिव के 15 पद, सहायक अनुभाग अधिकारी के 67 पद और लिपिक ग्रेड प्रथम के 67 पदों को शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री के इस फैसले से जहां एक ओर विभागीय कर्मचारियों को पदोन्नति के नए और बेहतर अवसर मिलेंगे वहीं दूसरी ओर राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे. सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज में गति लाना और कर्मचारियों के मनोबल को ऊंचा रखना है. प्रशासनिक सुधार की दिशा में यह एक दूरगामी परिणाम देने वाला निर्णय माना जा रहा है. जल्द ही इस संबंध में विभिन्न सेवा नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

जशपुर में किसानों को राहत, खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता; प्रशासन की सख्ती से कालाबाजारी पर लगाम

जशपुर में किसानों को खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, प्रशासन की कड़ी निगरानी से कालाबाजारी पर रोक 44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन उर्वरक और 6,836 क्विंटल बीज का भंडारण 10 हजार से अधिक किसानों को 37.79 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरित रायपुर खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जशपुर जिले में खाद, बीज एवं कृषि ऋण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कृषि एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में कृषि आदानों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और उर्वरकों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। उप संचालक कृषि श्री एम.आर. भगत ने बताया कि किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुरूप उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद और जैविक विकल्पों को अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहे और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। विभागीय अमला गांव-गांव पहुंचकर किसानों को वैज्ञानिक खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जानकारी भी दे रहा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में सहकारी समितियों की संख्या 24 से बढ़ाकर 44 कर दी गई है। इससे किसानों को खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है और समय तथा परिवहन व्यय दोनों में कमी आई है। वर्तमान में जिले की 44 सहकारी समितियों में 9,285 मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से 3,681 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार 6,836 क्विंटल धान बीज का भंडारण किया गया है, जिसमें से 1,872 क्विंटल बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। आगामी मांग को देखते हुए खाद एवं बीज का भंडारण लगातार बढ़ाया जा रहा है। कृषि ऋण वितरण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक 10,187 किसानों को कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया है। इसमें 31 करोड़ 33 लाख 08 हजार रुपये नगद तथा 6 करोड़ 46 लाख 04 हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में वितरित किए गए हैं। इस सहायता से किसानों को समय पर कृषि निवेश करने और खेती की लागत वहन करने में मदद मिल रही है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित जांच की जा रही है। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी लगातार निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करने, हरी खाद एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है, ताकि आवश्यक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।

क्लब संचालकों से रंगदारी मांग, गैंगस्टरों ने वॉयस नोट से दी धमकी

पंचकूला पंचकूला में नाइट क्लब संचालकों को गैंगस्टरों द्वारा धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने वॉयस नोट भेजकर क्लब संचालकों से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी है। धमकी में कहा गया है कि यदि रकम नहीं दी गई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और अगली गोली उनके नाम की होगी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। संबंधित क्लबों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है तथा पुलिस टीमों को जांच में लगाया गया है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से धमकी देने वालों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में क्लब, रेस्टोरेंट और कारोबारी प्रतिष्ठान गैंगस्टरों के निशाने पर रहे हैं। रंगदारी मांगने, धमकी देने और फायरिंग जैसी घटनाओं के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे व्यापारियों और क्लब संचालकों में चिंता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही क्लब संचालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जांच एजेंसियां भी मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

संजीव अरोड़ा को नहीं मिली राहत, अदालत बोली- जमानत मिलने पर साक्ष्यों से छेड़छाड़ का खतरा

चंडीगढ़  . पंजाब सरकार में मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा को बड़ा झटका लगा है. ट्रायल कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जमानत देने से गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है और साक्ष्‍य भी प्रभावति हो सकते हैं. इसलिए जमानत याचिका खारिज कर दी गयी है।  कोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि आरोपी पहले भी मामले से जुड़े एक गवाह को प्रभावित करने का प्रयास कर चुका है. अदालत के अनुसार, संजीव अरोड़ा ने एक गवाह को उसका बयान वापस लेने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के लिए 35 हजार रुपये का भुगतान किया था. अदालत ने इस पहलू को गंभीर मानते हुए कहा कि यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो उसके द्वारा दोबारा गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।  खारिज करने की बताई वजह अदालत ने कहा कि आपराधिक मामलों में निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. ऐसे में यदि किसी आरोपी के खिलाफ गवाहों को प्रभावित करने के प्रयास के आरोप सामने आते हैं, तो उसे जमानत देने से जांच और सुनवाई प्रभावित हो सकती है. इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने माना कि संजीव अरोड़ा नियमित जमानत पाने के हकदार नहीं हैं और उनकी याचिका खारिज कर दी।  पहले भी गवाह प्रभावित कर चुका है कोर्ट ने आदेश के अंत में विशेष रूप से उल्लेख किया कि आरोपी पहले भी एक गवाह को प्रभावित करने का प्रयास कर चुका है. अदालत के अनुसार, आरोपी ने गवाह को अपना बयान वापस लेने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने के लिए 35,000 रुपये का भुगतान किया था।  क्‍या है मामला संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति में एक चर्चित चेहरा हैं और वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री हैं. उनके खिलाफ चल रहे मामले को लेकर पिछले कुछ समय से कानूनी कार्यवाही जारी है. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष यह दलील दी थी कि आरोपी द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की गई है. इसी आधार पर जमानत का विरोध किया गया था।  अब बचा है ये विकल्‍प अब ट्रायल कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद संजीव अरोड़ा को राहत नहीं मिली है. हालांकि, उनके पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प खुला हुआ है. फिलहाल अदालत के इस फैसले ने मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी दोनों हलकों में चर्चा तेज कर दी है। 

परीक्षार्थियों को नहीं होगी कोई परेशानी, NEET UG री-एग्जाम से पहले कलेक्टर ने परखी व्यवस्थाएं

रायपुर. 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 पुनः परीक्षा के सुचारु एवं व्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिले के 11 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सेरीखेड़ी, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल उपरवारा, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल फॉरेस्ट कॉलोनी (अभनपुर रोड, माना बस्ती), शासकीय स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक शाला माना कैंप, मिंटू शर्मा स्मृति हायर सेकेंडरी स्कूल डुमरतराई, माधवराव सप्रे उच्चतर माध्यमिक शाला बुढ़ापारा, जे.आर. दानी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कालीबाड़ी, संत कंवरराम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला कटोरा तालाब, शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ कॉलेज बैरन बाजार तथा प्रो. जे.एन. पांडे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नलघर चौक का निरीक्षण किया। बारिश को देखते हुए विशेष व्यवस्था के निर्देश कलेक्टर डॉ. सिंह ने संभावित बारिश को देखते हुए निर्देश दिए कि परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग शेड अथवा छायादार स्थान पर की जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों में पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध के निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहे तथा केंद्र तक पहुंचने वाले मार्गों को सुगम और व्यवस्थित रखा जाए, जिससे परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। रायपुर में 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए री-नीट परीक्षा को लेकर रायपुर जिले में कुल 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। निरीक्षण के दौरान लल्लूराम डॉट कॉम से बातचीत करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा केंद्र तक पहुंचने वाले मार्गों को सुगम और व्यवस्थित रखा जाए, जिससे परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता सिन्हा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन, डीसीपी मयंक गुर्जर, डीसीपी उमेश कुमार गुप्ता, डीसीपी संदीप कुमार पटेल, एसडीएम नंदकुमार चौबे, एसडीएम अभनपुर रवि सिंह, एडीसीपी राहुल देव शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) प्रशांत शुक्ला, डिप्टी कलेक्टर उपेन्द्र किंडों सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।