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जनवरी से मानसिक तनाव में थीं संचिता उगाले, करीबी दोस्त ने साझा किए भावुक दावे

संचिता उगाले के निधन से हर कोई सदमे में है. 22 वर्षीय अभिनेत्री ने 14 जून 2026 में आत्महत्या कर ली. अब, उनकी करीबी दोस्त और एक्स को-स्टार गीतांजलि मंगल ने हाल ही में एक बातचीत में उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर बात की. संचिता उगाले की दोस्त ने किया सनसनीखेज खुलासा संचिता उगाले की दोस्त गीतांजलि मंगल ने टेली टॉक इंडिया के साथ बातचीत में बताया कि आत्महत्या की खबर सुनकर दिल टूट गया था. उन्होंने कहा, “मेरी दोस्त में बहुत क्षमता थी, और वो कर लेती अगर वो इतनी निराश नहीं होती. मैं सिर्फ इतनी गुजारिश करूंगी कि रूमर्स पर भरोसा मत करों. मैं सोशल मीडिया देख रही हूं, उसका मजाक बनाया जा रहा है, जो लोग कलतक उससे बात नहीं करते थे, वो आज उसकी चर्चा कर रहे हैं.” गीतांजलि ने कहा, संचिता का नहीं था बॉयफ्रेंड गीतांजलि ने आगे क्लियर किया कि वह किसी रिलेशनशिप में नहीं थी ना बॉयफ्रेंड था, हां मेंटली थोड़ी परेशान जरूर थी. कोई बात उसे परेशान कर रही थी. उन्होंने साझा किया, “मैं चाहती हूं सही डेट और सही रास्ता सामने आए. अगर कोई मुझसे पूछेगा मेरे पास जो मैसेज हैं, जिसमें उसने कहा है, ‘मैं नहीं जीना चाहती, मेरी जिंदगी खत्म हो गई है’, वो मैं दिखाऊंगी, लेकिन सोशल मीडिया पर नहीं, ये सही है शक्स को दिखाऊंगी, जो न्यायक्षेत्र है, जब मुझसे ये मांगा जाएगा. वो डिप्रेशन में थी, ये बात जनवरी से शुरू हुई थी.” संचिता जनवरी से थी परेशान इसी बातचीत के दौरान, गीतांजलि ने बताया कि जनवरी 2026 के लास्ट में उन्होंने संचिता से संपर्क किया. उन्होंने दिवंगत अभिनेत्री से पूछा कि वह कहां थीं. इसपर संचिता इमोशनल रूप से टूट गई और कहा कि वह अपने काम से खुश नहीं है और उनका कहीं मन भी नहीं लगता है. मुझे किसी चीज में पॉजिटिविटी नहीं मिल रही है. यह किस तरह की लाइफ है, जो बेहद दर्दनाक है.

यूपी बोर्ड की सख्त कार्रवाई, 465 स्कूलों पर गिरी गाज; मान्यता रद्द होने के बाद मचा हड़कंप

लखनऊ  माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (UP Board) ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षण संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई की है. यूपी बोर्ड ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित 465 स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी गई है. परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है- इन स्कूलों में पिछले दो शैक्षणिक सत्रों से न तो कोई कक्षाएं संचालित हो रही थी और न ही कोई छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुआ था, जिसके कारण इन स्व वित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गई है। मान्यता समाप्ति के नियम और प्रावधान यूपी बोर्ड की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इण्टरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अधीन निर्मित परिषद विनियमों के अध्याय-सात (परिषद द्वारा संस्थाओं को मान्यता) के विनियम-11 (ढ़) में विहित प्रावधान हाईस्कूल नवीन (वनटाइम) अथवा इण्टरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो वर्ष तक कोई छात्र परीक्षा में सम्मिलित नहीं होते अथवा कक्षाएं संचालित नहीं करते है तो विद्यालय प्रदत्त मान्यता स्वतः समझी जाएगी।  क्या कहते हैं बोर्ड के नियम यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल सक्रिय रूप से काम करने वाले संस्थानों को ही मान्यता मिलती रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नियम पहले से मान्यता प्राप्त संस्थानों से जुड़ी इंटरमीडिएट की वन-टाइम कक्षाओं, अतिरिक्त कक्षाओं या वैकल्पिक विषयों के लिए दी गई मान्यता पर लागू नहीं होता है। प्रभावित स्कूलों की सूची बोर्ड द्वारा सार्वजनिक जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए जारी कर दी गई है। बोर्ड के अनुसार विनियम 11(d) के अनुसार, किसी नए मान्यता प्राप्त हाई स्कूल (वन-टाइम) या इंटरमीडिएट स्तर के संस्थान को दी गई मान्यता अपने आप समाप्त हो जाती है यदि स्कूल का कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षाओं में शामिल नहीं होता है या यदि लगातार दो वर्षों तक शैक्षणिक कक्षाएं नहीं चलाई जाती हैं। प्रभावित संस्थानों के वर्गीकरण से पता चलता है कि इनमें से 306 हाई स्कूल थे, जिनमें 53 बालिकाओं के स्कूल और 253 सह-शिक्षा संस्थान शामिल हैं। शेष 159 इंटरमीडिएट कॉलेज थे, जिनमें 41 बालिकाओं के संस्थान और 118 सह-शिक्षा स्कूल शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि मान्यता वापस लिए गए स्कूलों में सह-शिक्षा संस्थानों की संख्या सबसे अधिक थी। प्रयागराज में दो दर्जन स्कूलों की मान्यता खत्म बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इंटर वनटाइम, अतिरिक्त वर्ग या किसी मान्य वर्ग के वैकल्पिक विषयों की मान्यता पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा. वहीं सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि प्रयागराज में स्थित जहां माध्यमिक शिक्षा परिषद का मुख्यालय है वहां भी करीब दो दर्जन स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई है।  इन जिलों में बंद हो रहे हैं स्कूल यूपी बोर्ड द्वारा जारी की गई लंबी सूची में उत्तर प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख जिलों के स्कूल शामिल है. इस सूची के अनुसार, आगरा स्थित 'श्री हर प्रसाद इंटर कॉलेज, अछनेरा', 'मां भगवती इंटर कॉलेज' और 'डी प्रिंस गर्ल्स इंटर कॉलेज' की मान्यता खत्म की गई है. फिरोजाबाद के 'सेंट पीटर्स हाई स्कूल', 'राष्ट्रीय विद्यालय शिकोहाबाद', मैनपुरी के 'राम सेवक एचएसएस', 'लोक कल्याण इंटर कॉलेज' शामिल है।  इसके अलावा प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कौशांबी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोंडा, गोरखपुर,  देवरिया, बलरामपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, एटा, मथुरा, इटावा, कन्नौज, अलीगढ़, हाथरस, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, बरेली, हरदोई, मुरादाबाद व लखनऊ के भी कई विद्यालय इस बड़ी कार्रवाई की जद में आए है. ये वे स्कूल थे जो कागजों पर तो चल रहे थे, लेकिन धरातल पर इनमें शिक्षा से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह से ठप पड़ी हुई थी। 

सीएम भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला: मंडी यार्ड और संपर्क सड़कों का होगा विकास

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य की विभिन्न कृषि उपज मण्डी समितियों के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने के लिए 18 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इससे मण्डी यार्ड निर्माण, संपर्क सड़कों का निर्माण तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के कार्य करवाए जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई इस स्वीकृति से कृषि उपज मण्डी समिति सोजत सिटी (पाली), पलसाना एवं श्रीमाधोपुर (सीकर), अनाज मण्डी (बीकानेर), मेड़ता सिटी (नागौर) तथा दूदू (जयपुर) में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगें। इन विकास कार्यों से मण्डियों में किसानों और व्यापारियों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे कृषि विपणन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। कृषि उपज मण्डी समितियों से जुड़ी संपर्क सड़कों के निर्माण एवं क्षतिग्रस्त सम्पर्क सड़कों की मरम्मत से ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी उपज सुगमता से मण्डी तक ला सकेंगे। इससे मण्डियों में फसलों की आवक बढ़ेगी, किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी तथा मण्डी राजस्व में भी वृद्धि होगी।

CA Final Result OUT: पटियाला के नूर सिंगला ने किया टॉप, जानिए रिजल्ट और स्कोरकार्ड देखने का आसान तरीका

नई दिल्ली CA Final की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने CA Final May 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार भी कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. सबसे ज्यादा चर्चा उस कैंडिडेट की हो रही है जिसने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है. अगर आपने भी ये परीक्षा दी थी तो अब आप अपना स्कोरकार्ड ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं. तो चलिए आपको बताते हैं कि लोगों ने टॉप लिस्ट में अपनी जगह बनाई है।  नूर सिंगला बने देश के टॉपर इस बार CA Final May 2026 परीक्षा में पटियाला के नूर सिंगला ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है. उन्हें 499 अंक मिले हैं और उनका प्रतिशत 83.17 रहा. वहीं हावड़ा के रितिज सराफ ने 475 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है. तीसरे स्थान पर डोंबिवली के सोहन अनिल मांजरेकर रहे, जिन्हें 473 अंक मिले हैं।  उम्मीदवार ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट icai.org और icaiexam.icai.org पर जाकर रिजल्ट चेक और डाउनलोड कर सकते हैं। रिजल्ट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों को लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करना होगा। आईसीएआई की ओर से रिजल्ट के साथ-साथ पासिंग परसेंटेज और मेरिट लिस्ट भी जारी की गई है। इस बार परीक्षा में हुआ बड़ा बदलाव इस साल से ICAI ने फिर से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने की पुरानी व्यवस्था लागू कर दी है। अब CA की परीक्षाएं केवल मई और नवंबर में होंगी, जबकि जनवरी सेशन को खत्म कर दिया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा सिस्टम को ट्रेडिशनल एकेडमिक स्ट्रक्चर के अनुरूप बनाना है. ऑफिशियल वेबसाइट से ऐसे चेक करें रिजल्ट     ऑफिशियल वेबसाइट icai.org और icaiexam.icai.org पर जाएं।     होमपेज पर ICAI CA Final Result 2026 लिंक पर क्लिक करें।     लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें।     लॉगिन डिटेल्स भरने के बाद रिजल्ट स्क्रीन पर ओपन हो जाएगा।     इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। एग्जाम में शामिल सब्जेक्ट इस परीक्षा के इंटरमीडिएट लेवल पर छात्रों की अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिटिंग और फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसे सब्जेक्ट का मूल्यांकन किया जाता है। स्कोर कार्ड में मिलेगी ये जानकारी ऑनलाइन जारी होने वाले स्कोरकार्ड में हर एक सब्जेक्ट के मार्क्स, कुल प्राप्त अंक, पास या फेल का स्टेटस और अगर लागू हो तो डिस्टिंक्शन की जानकारी भी दी जाएगी। छात्रों के लिए ICAI की खास सलाह ICAI ने उम्मीदवारों को सोशल मीडिया या अन्य अनऑफिशियल वेबसाइट पर शेयर किए जा रहे रिजल्ट लिंक से सावधान रहने की सलाह दी है। छात्रों को ऑफिशियल पोर्टल के माध्यम से ही अपना रिजल्ट देखना चाहिए। अगर स्कोरकार्ड में किसी भी तरह की कोई गलती दिखाई देती है, तो तुरंत ICAI के हेल्पडेस्क से संपर्क करें। कहां चेक करें रिजल्ट रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र ICAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोर देख सकते हैं. इसके लिए ये वेबसाइट्स उपलब्ध हैं।      caresults.icai.org     icai.nic.in     icai.org ऐसे देखें अपना स्कोरकार्ड     रिजल्ट चेक करने की प्रक्रिया काफी आसान है. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।      वहां CA Final May 2026 Result लिंक पर क्लिक करें.     इसके बाद अपना रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरें.     सबमिट करते ही आपका स्कोरकार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा.     भविष्य के लिए इसकी कॉपी डाउनलोड करके रखना बेहतर रहेगा. रिजल्ट देखने के लिए क्या चाहिए रिजल्ट देखने के लिए छात्रों के पास अपना रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर होना जरूरी है. ये दोनों जानकारी एडमिट कार्ड पर लिखी होती हैं. सही जानकारी भरने पर ही रिजल्ट खुल पाएगा। 

डिजिटल लॉकर में सुरक्षित होगा भविष्य, ‘क्रेडिट बैंक’ में जमा होगी पढ़ाई; उच्च शिक्षा को केंद्र की बड़ी सौगात

विशेष आलेख ​डिजिटल लॉकर में भविष्य, 'क्रेडिट बैंक' में जमा होगी पढ़ाई ​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में केंद्र की बड़ी सौगात                रायपुर       ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छत्तीसगढ़ को मिली सबसे बड़ी सौगातों में से एक—'एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट' (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य के उच्च शिक्षा परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से सत्र 2023-24 से अनिवार्य रूप से लागू हुई यह योजना वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है। अब राज्य का हर छात्र अपनी जेब में डिजिटल यूनिवर्सिटी लेकर घूम रहा है। ​क्या है यह 'क्रेडिट बैंक' और कैसे बदलेगी जिंदगी?     ​कल्पना कीजिए एक ऐसे बैंक की, जहाँ पैसा नहीं बल्कि आपकी पढ़ाई और कॉलेज के 'क्रेडिट' (अंक) जमा होते हैं। यदि किसी वजह से आपकी पढ़ाई बीच में छूट जाए, तो यह बैंक आपकी मेहनत को बेकार नहीं जाने देता। ​      मान लीजिए बस्तर के किसी कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र को पारिवारिक कारणों से सेकंड ईयर के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। पहले की व्यवस्था में उसकी दो साल की पढ़ाई 'जीरो' मान ली जाती थी। अब पहले दो वर्षों में छात्र ने जो भी अंक या 'क्रेडिट' कमाए हैं, वे उसकी ABC ID के जरिए डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेंगे। दो या तीन साल बाद जब वह दोबारा पढ़ना चाहेगा, तो वह रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी अन्य विश्वविद्यालय में सीधे 'थर्ड ईयर' में प्रवेश ले सकेगा। इसे ही "मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट" कहा गया है। ​छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति का 'स्कोरकार्ड'     ​यह एकीकृत डिजिटल सिस्टम न केवल छात्रों के दस्तावेजों को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि उन्हें देशव्यापी स्तर पर अपनी पढ़ाई को सुगम बनाने की आजादी भी दे रहा है। वर्तमान में यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है, जिसके दायरे में राज्य के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं आ रहे हैं। ​     इस महा-अभियान में राज्य के अग्रणी विश्वविद्यालय जैसे पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर), और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर) सहित सभी शासकीय एवं निजी महाविद्यालय पूरी सक्रियता के साथ भागीदार बन चुके हैं। ​शत-प्रतिशत केंद्रीय सहयोग        तकनीक की यह इतनी बड़ी अवसंरचना (Infrastructure) छत्तीसगढ़ को पूरी तरह निःशुल्क मिली है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसके चलते राज्य सरकार पर आर्थिक भार पूरी तरह से शून्य है। ​डिजीलॉकर बना 'सुरक्षा कवच': गुम होने का डर खत्म     ​अक्सर दुर्घटना या लापरवाही के कारण छात्रों की मूल अंकसूची (Marksheet) या डिग्रियां नष्ट हो जाती थीं, जिसके बाद उन्हें यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ते थे। अब इस समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया है। ​विश्वविद्यालयों को सीधे 'नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी' (NAD) पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे छात्र की डिग्री और सर्टिफिकेट सीधे उसके डिजीलॉकर में अपलोड हो रहे हैं।  ये डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से उतने ही मान्य हैं जितनी मूल हार्ड कॉपी। यानी नौकरी के इंटरव्यू में अब भारी-भरकम फाइल ले जाने की जरूरत नहीं, सिर्फ मोबाइल ही काफी है। ​'ग्लोबल' हो रहा है छत्तीसगढ़ का युवा     ​इस योजना ने सुदूर वनांचल जैसे सुकमा, बीजापुर या सरगुजा के कॉलेजों को भी नेशनल पोर्टल से सीधे जोड़कर अमीर और गरीब छात्र के बीच का डिजिटल फासला पूरी तरह खत्म कर दिया है।     ​'ABC ID' के माध्यम से छत्तीसगढ़ का युवा अब सिर्फ अपने राज्य तक सीमित नहीं है। उसके क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा ने उसे पूरे देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़ दिया है। यह सिर्फ कागजों का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के 6.5 लाख युवाओं के सपनों को मिला एक नया 'डिजिटल पंख' है।  विष्णु प्रसाद वर्मा  सहायक संचालक

सेजबहार फेस-1 कॉलोनी की भूमि से गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने हटाया अतिक्रमण

सेजबहार फेस-1 कॉलोनी की भूमि से गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने हटाया अतिक्रमण वर्ष 2006 में आवासीय परियोजना हेतु आबंटित भूमि पर निजी बिल्डर द्वारा किया जा रहा था अवैध निर्माण रायपुर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने अपनी परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए सेजबहार फेस-1 कॉलोनी स्थित मंडल की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया है। कार्रवाई के दौरान निजी बिल्डर द्वारा बिना अनुमति निर्मित की जा रही सड़क को हटाया गया। दीनदयाल आवास योजना के अंतर्गत कलेक्टर रायपुर के आदेश 03 फरवरी 2006 के माध्यम से ग्राम सेजबहार एवं ग्राम दतरेंगा की कुल 21.538 हेक्टेयर (लगभग 53.19 एकड़) भूमि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को आवासीय परियोजना विकसित करने के लिए आबंटित की गई थी। इस भूमि में ग्राम सेजबहार के खसरा क्रमांक 162/1 के भाग तथा ग्राम दतरेंगा के खसरा क्रमांक 341/1 एवं 341/3 शामिल हैं। परियोजना के लिए विकास अनुज्ञा 17 मई 2006 को स्वीकृत की गई थी। 1435 एलआईजी आवासों के निर्माण का था प्रावधान स्वीकृत ले-आउट के अनुसार परियोजना क्षेत्र में कुल 1435 एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) आवासों का निर्माण प्रस्तावित था। मंडल द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण एवं अभिलेख परीक्षण में पाया गया कि 1435 प्रस्तावित आवासों में से 1327 आवास स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप निर्मित किए गए, जबकि 39 आवास स्वीकृत अभिन्यास से पृथक निर्मित पाए गए। इस प्रकार कुल 1366 आवासों का निर्माण किया गया। भूमि विवाद के कारण नहीं बन सके 79 आवास निरीक्षण, अभिलेख परीक्षण तथा पूर्व अधिकारियों एवं अभियंताओं से प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्माण अवधि के दौरान भूमि विवाद उत्पन्न होने के कारण स्वीकृत ले-आउट में दर्शाए गए भवन क्रमांक 1287 से 1345 तथा 1412 से 1431 तक कुल 79 आवासों का निर्माण नहीं हो सका। सातवें चरण के अंतर्गत अनुबंध क्रमांक 41, दिनांक 07 अगस्त 2006 के तहत 192 आवासों के निर्माण का प्रावधान था, जिसके अंतर्गत 193 एलआईजी आवासों का निर्माण किया गया। विवादित क्षेत्र में स्थित 79 आवासों का निर्माण न होने के कारण उनका विक्रय भी नहीं किया गया। सीमांकन के दौरान सामने आया अतिक्रमण हाल ही में मंडल द्वारा अपनी लगभग 18 हेक्टेयर भूमि का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया गया। सीमांकन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक निजी बिल्डर द्वारा मंडल की भूमि के हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर सड़क निर्माण किया जा रहा है। सीमांकन रिपोर्ट में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद मंडल ने तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की। अवैध सड़क हटाकर भूमि को कराया अतिक्रमणमुक्त कार्यपालन अभियंता संभाग क्रमांक-3, सेजबहार रायपुर श्री नितेश कश्यप के नेतृत्व में मंडल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान संपदा अधिकारी श्री अमृत लाल बरमन, सहायक अभियंता श्री हेमंत निषाद, उप अभियंता श्रीमती निकिता मिश्रा, श्री अनुपम राठौर, श्री पेमेन्द्र ध्रुव, श्री अमय विक्रम तथा श्री कमलेश दास सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में अनधिकृत सड़क को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। भूमि पर विकसित होगी नई आवासीय परियोजना मंडल के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित भूमि मंडल की महत्वपूर्ण परिसंपत्ति है तथा भविष्य में इस क्षेत्र में नई आवासीय परियोजना विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि मंडल अपनी भूमि एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।

झारखंड: RSS दफ्तर पर पेट्रोल बम फेंकने वाले दो आरोपी ट्रेन से दबोचे गए

 रांची झारखंड की राजधानी रांची में चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित आरएसएस कार्यालय पर दो व्यक्तियों ने दो बार पेट्रोल बम से हमले किए. ये हमले मंगलवार की रात 12:36 बजे और 12:39 बजे हुए. घटना के बाद दोनों आरोपी स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से भाग रहे थे. जिन्हें एसआइटी ने बुधवार की देर रात कोडरमा जंक्शन पर गिरफ्तार कर लिया. दोनों वारदात को अंजाम देने के लिए लोहरदगा से रांची आए थे. इधर जब कोडरमा में आरोपियों की पहचान की गई, तब तक ट्रेन खुल चुकी थी. फिर आरोपियों को गया के रफीगंज में ट्रेन से उतारा गया है. अब पुलिस उनसे मामले को लेकर पूछताछ कर रही है. जिसमें नए तथ्यों का खुलासा होने की संभावना है. जानमाल की नहीं हुई क्षति रांची में कार्यालय पर पहली बार ऐसा हमला किया गया है. जिस समय बम फेंका गया, उस समय संघ कार्यालय में करीब 20 लोग मौजूद थे. गनीमत रही कि किसी तरह की क्षति नहीं हुई. अगर ब्लास्ट शक्तिशाली रहता, तो जान-माल की बड़ी क्षति हो सकती थी. बुधवार की दोपहर में एनआइए की टीम भी जांच करने पहुंची थी. वहां पर इस टीम ने भी जांच की और संघ के पदाधिकारियों से मामले में जानकारी ली. इससे यह संभावना बढ़ गई है कि मामले की जांच एनआइए अपने हाथ में ले सकती है. दो बम फेंके गए आरएसएस कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर के इंट्री गेट के पास सॉस की शीशे की बोतल से बना पेट्रोल बम फेंका गया. इस क्रम में उसका शीशा टूट गया, जिससे बम नहीं फटा. वहीं दूसरा पेट्रोल बम आरएसएस कार्यालय की छत पर फेंका गया, जिसने काफी रोशनी के साथ ब्लास्ट किया. इसे कोल्डड्रिंक्स की बोतल से बनाया गया था. तीन संदिग्ध भी हिरासत में घटना के बाद एसएसपी ने एसआइटी का गठन किया. टीम अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है. इससे पहले पुलिस ने घटना के बाद तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया था. जिनसे पूछताछ जारी है. इसके साथ ही घटनास्थल से कुछ दूरी पर दो ओर जाने वाले मार्गों में लगे सीसीटीवी की भी पुलिस पड़ताल कर रही है. घटना में शामिल एक बाइक और एक कार घटनास्थल से कुछ दूरी पर पुलिस ने बरामद की है. संभव है कि उक्त गाड़ियां चोरी की हों या फिर उन पर लगा नंबर प्लेट फर्जी हो. जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आएंगे. इधर वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि कार्यालय के बाहर सड़क पर दो व्यक्ति आए. घटना को अंजाम देते वक्त दोनों ही बेखौफ दिख रहे थे. लेकिन जैसे ही एक युवक ने आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका कि उसके चेहरे से गमछा हट गया. वहीं उसके पीछे खड़े युवक ने एक हाथ से गमछा के सहारे अपने चेहरे को ढंक कर रखा था और दूसरे हाथ से मोबाइल से पेट्रोल बम फेंकने का वीडियो बना रहा था. दोनों पेट्रोल बम फेंकने से पहले लाइटर से उसके पलीते को जलाया गया.

छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा कदम, स्कूलों में चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी अनिवार्य

नई दिल्ली  राजधानी में बच्चों और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एलजी वीके सक्सेना ने पॉक्सो (POCSO) कानून के लागू करने की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया है कि दिल्ली के सभी स्कूलों का व्यापक ऑडिट किया जाए। इसका मकसद सुनिश्चित करना है कि स्कूल बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं।     एलजी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि पॉक्सो कानून के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाए और जिन स्कूलों में कमियां पाई जाएं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए।     साथ ही विभाग को यह भी बताना होगा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए या उठाए जाएंगे।     एलजी ने कहा कि हर स्कूल में अनिवार्य रूप से चाइल्ड प्रोटेक्शन कमिटी सक्रिय होनी चाहिए और उसकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएं।     इसके अलावा जुलाई को 'चाइल्ड प्रोटेक्शन मंथ' के रूप में मनाते हुए पूरे शहर में जागरूकता और प्रशिक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।     इस अभियान की प्रगति और परिणामों की रिपोर्ट भी एलजी को सौंपी जाएगी। छुट्टी के समय पुलिस तैनाती बढ़ाने पर दिया गया जोर स्कूलों और छात्रों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को स्कूल परिसरों और प्रमुख केंद्रों के आसपास पर्याप्त जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर स्कूलों की छुट्टी के समय पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के साथ छेड़छाड़, उत्पीड़न और यौन अपराधों के मामलों पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए एलजी ने कहा कि छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

वास्तु शास्त्र के अनुसार धन आकर्षित करने के आसान उपाय और सही दिशा का महत्व

 क्या आपने कभी गौर किया है कि दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बावजूद कुछ घरों में आर्थिक तंगी बनी रहती है? कमाया हुआ धन कब और कहां खर्च हो जाता है, पता ही नहीं चलता. अगर आपके साथ भी ऐसा ही हो रहा है, तो समस्या शायद आपकी मेहनत में नहीं, बल्कि आपके घर की ऊर्जा में हो सकती है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारा घर केवल ईंट-पत्थर की दीवारें नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का एक सक्रिय केंद्र है जो हमारे बैंक बैलेंस पर गहरा असर डालता है. 1. पैसा कहाँ रखें? वास्तु में दिशाओं का बड़ा महत्व है. उत्तर दिशा (North): इसे धन के देवता 'कुबेर' का स्थान माना जाता है. उत्तर दिशा को हमेशा हल्का, साफ और बाधा मुक्त रखें. यहां भारी अलमारी या कबाड़ रखने से बचें, ताकि धन के नए अवसर बिना किसी रुकावट के आपके घर की तरफ खिंचे चले आएं. दक्षिण-पश्चिम (Southwest): अगर आप चाहते हैं कि कमाया हुआ पैसा टिके और फिजूलखर्ची पर लगाम लगे, तो अपनी तिजोरी या लॉकर को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखें. यह दिशा स्थिरता का प्रतीक है, जिससे धन का संचय बढ़ता है. 2. छोटे उपाय, बड़े असर नल का ध्यान: वास्तु में पानी को धन का प्रतीक माना गया है. अगर घर में कहीं भी नल टपक रहा है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं. पानी का टपकना इस बात का संकेत है कि आपका पैसा भी हाथों से पानी की तरह बह रहा है. कबाड़ हटाओ: घर में जमा पुरानी रद्दी, टूटी-फूटी चीजें या जंग लगा सामान नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का घर होते हैं. इन्हें हटा दें. घर जितना खुला और हवादार होगा, उतनी ही सकारात्मक ऊर्जा के साथ लक्ष्मी का प्रवेश सुगम होगा. मनी प्लांट: घर के दक्षिण-पूर्व (Southeast) कोने को 'अग्नि कोण' कहते हैं. यहां एक हरा-भरा मनी प्लांट लगाने से न केवल घर की शोभा बढ़ती है, बल्कि यह आर्थिक तरक्की के नए रास्ते भी खोलता है. 3. ये गलतियां न करें ईशान कोण का रखें ध्यान: घर का उत्तर-पूर्व कोना यानी ईशान कोण सबसे पवित्र माना जाता है. यहाँ कभी भी भारी फर्नीचर, स्टोर रूम या कूड़ेदान न बनाएं. इसे हमेशा खाली और साफ रखना चाहिए. प्रवेश द्वार: मुख्य द्वार घर का मुख है. इसे हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखें. द्वार पर पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए, ताकि पॉजिटिव एनर्जी और सुख-समृद्धि बिना किसी बाधा के घर में आ सके. 4. उपाय वास्तु का एक सरल उपाय यह भी है कि उत्तर दिशा की दीवार पर एक छोटा सा शीशा (दर्पण) लगाएं. यदि यह दर्पण तिजोरी या धन रखने वाले स्थान की ओर इशारा करता हो, तो इसे वास्तु में धन की वृद्धि करने वाला माना जाता है. यह दिखने में तो छोटा बदलाव है, लेकिन ऊर्जा के स्तर पर यह धन के अवसरों को कई गुना बढ़ा सकता है.

10 जुलाई 2026 को बनेगा व्यतिपात योग, इन 5 राशियों पर रह सकता है असर

 द्रिक पंचांग के अनुसार, 10 जुलाई 2026 को एक विशेष योग बनने जा रहा है, जिसे व्यतिपात योग कहा जाता है. यह योग सुबह 6 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक प्रभावी रहेगा. ज्योतिष के अनुसार इस योग को सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके दौरान कई राशियों को मानसिक दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इस बार भी कुछ राशियों के लिए यह समय थोड़ा कठिन रह सकता है. खासकर पांच राशियों के लोगों को सावधानी रखने की जरूरत है, क्योंकि उनके जीवन में तनाव और उलझनें बढ़ सकती हैं. आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को इस दौरान आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी. खर्चे बढ़ सकते हैं. पैसों की कमी महसूस हो सकती है. परिवार के लोगों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है, खासकर किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल न होने पर. आंखों से जुड़ी समस्या भी परेशान कर सकती है. मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों को पारिवारिक मामलों में सतर्क रहना होगा. माता-पिता की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है और उन्हें मनाने में समय लग सकता है. कामकाज में मन नहीं लगेगा, जिससे तनाव बढ़ेगा. गलत संगत से बचने की सलाह दी जाती है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है. परिवार के किसी बुजुर्ग की तबीयत खराब होने से मन परेशान रहेगा. खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े काम अटक सकते हैं. प्रेम संबंधों में भी तनाव देखने को मिल सकता है. मकर राशि मकर राशि के लोगों को कामकाज में रुकावटें आ सकती हैं. बिजनेस करने वालों को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं मिलेगा. नौकरीपेशा लोगों को भी कार्यस्थल पर दबाव और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. रिश्तों में दूरी बढ़ सकती है और स्वास्थ्य के लिहाज से कान से जुड़ी दिक्कत परेशान कर सकती है. कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों को इस दौरान नई योजनाओं को शुरू करने से बचना चाहिए. व्यापार में नुकसान होने की आशंका है. संपत्ति से जुड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा. घर के लोगों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, जिससे मन अशांत रहेगा. इस तरह व्यतिपात योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है. ऐसे समय में धैर्य और समझदारी से काम लेना ही बेहतर रहेगा.