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खोड़ गांव में खजूर खेती बनी मॉडल, मंत्री ने किसान की सराहना की

 पाली पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के खोड़ मण्डल स्थित खैरोफड़ा ग्राम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय किसान द्वारा विकसित किए गए प्राकृतिक खेती आधारित खजूर के बाग का गहन निरीक्षण किया। मंत्री ने वहां अपनाई जा रही आधुनिक कृषि पद्धति, उन्नत जल प्रबंधन और उत्पादन व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने इसे क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक अनुकरणीय और प्रेरणादायी उदाहरण बताया। 5 वर्ष की मेहनत लाई रंग, सालाना आय 10 लाख रूपये निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रगतिशील कृषक ने मंत्री कुमावत को बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व उन्होंने अपने खेत में खजूर के 270 पौधे लगाए थे। बेहतर देखरेख और सही प्रबंधन के चलते आज ये सभी पौधे पूरी तरह विकसित होकर फल देने लगे हैं। किसान ने बताया कि खजूर के इस बाग से अब उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख रूपये की शानदार वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। इस सफलता को देख कैबिनेट मंत्री ने किसान के प्रयासों की पीठ थपथपाई। बूंद-बूंद सिंचाई और प्राकृतिक खाद का अनूठा संगम इस कृषि मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल होना है। कृषक द्वारा बाग में बूंद-बूंद (ड्रिप) सिंचाई पद्धति का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पानी की एक-एक बूंद का समुचित और किफायती उपयोग सुनिश्चित होता है। इसके साथ ही, पौधों को पोषण देने के लिए रासायनिक उर्वरकों की जगह पूरी तरह प्राकृतिक खाद का प्रयोग किया जा रहा है। इस दोहरे प्रबंधन से जहां एक ओर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर खेती की लागत कम होकर यह अधिक लाभकारी साबित हो रही है। क्षेत्र के किसानों के लिए बनेगा रोल मॉडल मंत्री कुमावत ने कहा कि सीमित पानी में प्राकृतिक तरीके से खजूर की खेती करना कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव है। प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और सटीक कृषि प्रबंधन का यह अनूठा प्रयास मरूभूमि के लिए वरदान है। यह मॉडल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखता है, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को भी पूरा करता है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों और स्थानीय किसानों से इस सफल प्रयोग को देखने और सीखने का आह्वान किया ताकि क्षेत्र में बागवानी को और बढ़ावा दिया जा सके।

पूर्व सिविल जज केस की सुनवाई में CJI सूर्यकांत का सख्त रुख, अदालत में वकीलों को लगाई फटकार

चंडीगढ़   सुप्रीम कोर्ट में एक अनोखे मामले की सुनवाई के दौरान CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने काफी अहम और सख्‍त टिप्‍पणी की है. CJI जस्टिस सूर्यकांत ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि 3 से 4 तथाकथित सीनियर वकील माहौल खराब कर रहे हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि इस मामले पर वे खुद नजर रखे हुए हैं. यह मामला एक पूर्व सिविल जज से जुड़ा है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की 4 बेंच इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर चुकी है. अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है, जहां CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने इसपर सुनवाई की. शीर्ष अदालत ने पंजाब-हर‍ियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को मामले की सुनवाई करने के लिए तत्‍काल दो जजों की खंडपीठ गठित करने का निर्देश दिया है।  पूर्व सिविल जज अमरीश कुमार जैन की सेवा समाप्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को उनकी याचिका की सुनवाई के लिए नया डिवीजन बेंच गठित करने का निर्देश दिया है. यह मामला उस समय शीर्ष अदालत पहुंचा जब हाईकोर्ट की चार अलग-अलग पीठ ने इस याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई में अब और देरी नहीं होनी चाहिए और इसे जुलाई 2026 के दूसरे सप्ताह में अंतिम रूप से सुना जाए. भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने बुधवार को सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को निर्देश दिया कि वे दो जजों वाली एक पीठ का गठन करें, जो अमरीश कुमार जैन की याचिका पर सुनवाई करे. अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित जजों को सलाह दी जाए कि किसी भी परिस्थिति में वे मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग न करें।  हाईकोर्ट के रजिस्‍ट्रार को रिपोर्ट देने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई प्रतिदिन के आधार पर की जाए और 13 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में इसे अंतिम रूप से सुना जाए. साथ ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सुनवाई पूरी होने और फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद अनुपालन रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत में प्रस्तुत करने को कहा गया है. सुनवाई के दौरान अमरीश कुमार जैन अपने वकील अभय प्रताप सिंह के साथ अदालत में उपस्थित हुए. सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने उनसे उन जजों के नाम पूछे जिन्होंने मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया था. इस पर जैन ने बताया कि सबसे पहले जस्टिस लिसा गिल ने खुद को अलग किया, इसके बाद तत्कालीन चीफ जस्टिस ने फैसला 6 महीने तक सुरक्षित रखने के बाद मामले से दूरी बना ली. बाद में जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा तथा जस्टिस दीपक सिब्बल की अध्यक्षता वाली पीठ ने भी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया. जैन ने अदालत को यह भी बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में अपने पेंशन संबंधी लाभ जारी करने के लिए आवेदन दिया था, ताकि वह अपने बेटे की एलएलबी की अंतिम वर्ष की फीस जमा कर सकें, लेकिन उनकी यह मांग भी स्वीकार नहीं की गई।  CJI की सीनियर वकीलों पर सख्‍त टिप्‍पणी CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वे खुद मामले की निगरानी करेंगे और हाईकोर्ट को पीठ गठित करने का निर्देश देंगे. उन्होंने जैन को चेतावनी भी दी कि यदि वह किसी प्रकार की अनुचित गतिविधि या शरारत करने की कोशिश करेंगे तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. अदालत ने कहा कि मामले का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जाएगा. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, CJI ने यह भी टिप्पणी की कि जैन को अपना पक्ष स्वयं रखना चाहिए. उन्होंने संकेत दिया कि कुछ वरिष्ठ वकील जजों के बार-बार खुद को अलग करने जैसी परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं. CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वह ऐसे मामलों पर करीबी नजर रखे हुए हैं और कुछ तथाकथित वरिष्ठ वकील न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं. इस पर जैन ने कहा कि वह पहले भी दो पीठों के समक्ष स्वयं बहस कर चुके हैं और आगे भी खुद अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।  दो दशक पुराना मामला अमरीश कुमार जैन ने नवंबर 2005 में पंजाब ज्‍यूडिशियल सर्विसेज में प्रवेश किया था और सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर कार्यरत थे. वर्ष 2009 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की प्रशासनिक सिफारिशों के आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं. जैन ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि वर्ष 2007 में जालंधर के तत्कालीन जिला एवं सत्र न्यायाधीश उनके प्रति पूर्वाग्रह रखते थे और इसी कारण उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) में प्रतिकूल टिप्पणियां दर्ज की गईं. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अक्टूबर 2018 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें सेवा में बहाल करने का आदेश दिया था. अदालत ने उन्हें वरिष्ठता, सेवा की निरंतरता, वेतनवृद्धि और प्रमोशन जैसे सभी लाभ देने का निर्देश दिया था, हालांकि बकाया वेतन देने से इनकार कर दिया गया था।  दोबारा टर्मिनेशन हाईकोर्ट के इस फैसले को जनवरी 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था. इसके बाद मार्च 2019 में जैन को फिर से सेवा में बहाल कर दिया गया. हालांकि, मार्च 2022 में हाईकोर्ट ने प्रशासनिक पक्ष से एक बार फिर उनकी सेवा समाप्त करने की सिफारिश की और 18 अप्रैल 2022 को उन्हें दोबारा पद से हटा दिया गया. जैन का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल उनका रोजगार छिन गया बल्कि वे पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से भी वंचित हो गए. अब इस पूरे विवाद की सुनवाई नए सिरे से हाईकोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष होगी, जिसकी निगरानी स्वयं सुप्रीम कोर्ट करेगा। 

सुनील शेट्टी बोले: 30 साल के करियर में भी हर फिल्म रिलीज से पहले रहता है बॉक्स ऑफिस का डर

सुनील शेट्टी को फिल्मों में काम करते हुए 30 साल से ज्यादा का समय हो गया है. उन्होंने 100 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है. अब उनकी नई फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. लेकिन उससे पहले एक्टर ने बताया कि फिल्म के चलने या न चलने का जो सस्पेंस होता है, उसकी वजह से उनके मन में डर, चिंता और एक्साइटमेंट का मिक्सचर बना रहता है. बॉक्स ऑफिस का रहता है बड़ा प्रेशर ANI के साथ बातचीत में सुनील शेट्टी ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में सब कुछ बॉक्स ऑफिस यानी फिल्म की कमाई से जुड़ा होता है. उन्होंने बहुत आसान शब्दों में समझाया कि एक शुक्रवार को आप बिल्कुल टॉप पर पहुंच सकते हैं और अगर फिल्म नहीं चली तो अगले ही शुक्रवार को आप नीचे भी आ सकते हैं. इसीलिए फिल्म रिलीज होने से पहले हर एक्टर के पेट में चूहे कूदने लगते हैं. वेलकम टू द जंगल’ में है सितारों की बड़ी पलटन सुनील शेट्टी की आने वाली फिल्म का नाम है ‘वेलकम टू द जंगल’. यह एक मजेदार और हंसाने वाली कॉमेडी फिल्म है. इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ एक या दो नहीं, बल्कि करीब 25–30 बड़े कलाकार एक साथ काम कर रहे हैं. फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, अरशद वारसी, परेश रावल, जैकी श्रॉफ और जॉनी लीवर जैसे कई बड़े सितारे शामिल हैं. सुनील शेट्टी का कहना है कि जब इतने सारे टैलेंटेड कलाकार एक साथ होते हैं, तो काम करने में बहुत मजा आता है और एक तरह का भरोसा और सुरक्षा भी महसूस होती है. क्या है फिल्म की कहानी? इस फिल्म की कहानी एक बहुत ही मजेदार गड़बड़ी पर आधारित है. फिल्म में अक्षय कुमार और बाकी कलाकार जंगल के अंदर एक ‘नकली फिल्म’ की शूटिंग करने जाते हैं. लेकिन वहां कुछ ऐसा कन्फ्यूजन होता है कि जंगल के डाकू और बाकी लोग इन फिल्मी कलाकारों को असली के आर्मी वाले समझ लेते हैं. इसके बाद जंगल में जो चूहे-बिल्ली का खेल और हंगामा शुरू होता है, वही इस फिल्म की असली कहानी है. कब रिलीज होगी फिल्म? फिल्म को अहमद खान ने डायरेक्ट किया है और इसके प्रोड्यूसर फिरोज ए. नाडियाडवाला हैं. यह धमाकेदार कॉमेडी फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. सुनील शेट्टी का कहना है कि फिल्म बहुत ही एंटरटेनिंग बनी है, लेकिन अब सब कुछ दर्शकों के हाथ में है कि उन्हें यह कैसी लगती है.

जामुन के बीज हैं फायदेमंद: घर पर बनाएं पाउडर और करें सेहत व गार्डनिंग में इस्तेमाल

 गर्मी और बारिश के मौसम में बाजार में जामुन की बहार आ जाती है और लोग बड़े चाव से भी खाते हैं. आम और तरबूज के अलावा गर्मी की दोपहर में लोग छतों पर बैठकर जामुन खाते हैं और उसके बीजों को कूड़ेदान में फेंक देते हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जामुन के बीज भी कई तरह से काम आ सकते हैं, यह किसी खजाने से कम नहीं होते हैं. आयुर्वेद में भी जामुन के बीजों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है. अगर सही तरीके से इनका इस्तेमाल किया जाए, तो ये सेहत और घर-गृहस्थी दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. आइए आपको घर पर जामुन के बीजों को कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे जानने के बाद हर कोई आपकी तारीफ करेगा. जामुन के बीज का पाउडर बनाएं जामुन के बीजों का पाउडर बनाया जा सकता है, इनको बनाने के लिए आप सबसे पहले बीजों को अच्छी तरह धोकर धूप में चार से पांच दिन तक सुखा लें. जब वे पूरी तरह सूख जाएं, तो उनका बाहरी छिलका हटाकर मिक्सर में पीस लें. इस पाउडर को एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखकर महीनों तक रख लें. जामुन के बीजों के पाउडर का फायदा जामुन के बीजों के पाउडर का ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, डाइजेशन प्रोसेस को सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसे आप अपनी रोजाना की लाइफ में कई तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. हर्बल ड्रिंक में इस्तेमाल एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच जामुन के बीज का पाउडर मिलाकर पिया जा सकता है. कई लोग इसे अपनी रोजमर्रा की हेल्दी डाइट का हिस्सा बनाते हैं. हालांकि, अगर आपको डायबिटीज या कोई अन्य बीमारी है, तो इसे नियमित रूप से लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. हर्बल चाय में मिलाएं जामुन के बीज का पाउडर हर्बल चाय में भी मिलाया जा सकता है. इससे चाय का स्वाद थोड़ा अलग हो जाता है और इसमें प्राकृतिक तत्व भी जुड़ जाते हैं. पौधों के लिए खाद बनाएं अगर आप बीजों का सेवन नहीं करना चाहते, तो इन्हें सुखाकर पीस लें और गमलों की मिट्टी में मिला दें. यह जैविक खाद की तरह काम करते हैं और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं. नया पौधा उगाएं ताजे जामुन के बीजों को मिट्टी में लगाकर जामुन का पौधा भी तैयार किया जा सकता है. नियमित पानी और धूप मिलने पर कुछ हफ्तों में अंकुर निकलने लगते हैं. ध्यान रखने वाली बातें     बीजों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह साफ और पूरी तरह सूखा लें.     किसी भी घरेलू उपाय को इलाज का ऑप्शन न मानें.     गर्भवती महिलाएं, बच्चे या किसी बीमारी से पीड़ित लोग नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.     जरूरत से ज्यादा मात्रा में जामुन के बीज का सेवन नहीं करना चाहिए.  

छत्तीसगढ़ में प्रयास स्कूल एडमिशन के नतीजे घोषित, यहां देखें चयन सूची

अम्बिकापुर. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 हेतु कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए आयोजित प्राक्चयन परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रयास आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए प्राक्चयन परीक्षा का आयोजन 10 मई 2026 को किया गया था। परीक्षा के उपरांत प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम परिणाम विभागीय वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी अपना रोल नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं। जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से काउंसलिंग संबंधी जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने की अपील की है। प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी आगामी जानकारी भी वेबसाइट पर जारी की जाएगी। प्रयास आवासीय विद्यालय – भारत में आदिवासी छात्रों के लिए एक स्कूल है। यह विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों के लिए पूरी तरह से नि: शुल्क है। प्रार्थना स्कूल फाउंडेशन प्रयास का हिस्सा है। राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री की बाल संरक्षण योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों को ग्यारहवीं और बारहवीं श्रेणी के वर्गों में सौंपा गया है और इन स्कूलों में उन्हें पीएमटी, पीईटी प्रदान किया गया है। और जे.ई.ई. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि: शुल्क कोचिंग भी प्रदान किया जा रहा है जैसे कि। राजपुरा रायपुर सहित सभी पांच डिवीजनल मुख्यालयों में पहल, आवासीय विद्यालय चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ। रमन सिंह के नेतृत्व में, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से संबंधित छात्रों का भविष्य सुनिश्चित किया जा रहा है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने दिया विकसित भारत का मंत्र, जनजातीय महासम्मेलन में सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

बैतूल  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के बैतूल में आयोजित ब्रह्मकुमारीज संस्थान के महासम्मेलन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा अध्यात्म, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा व्यक्ति के जीवन में शांति, संतुलन और नई आशा का संचार करती है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। राष्ट्रपति बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में ब्रह्मकुमारीज संस्थान द्वारा आयोजित “आध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तिकरण” महासम्मेलन का शुभारंभ करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों की सराहना की। राष्ट्रगीत के साथ शुरुआत, दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ स्टेडियम में मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने दीप प्रज्ज्वलित कर महासम्मेलन का विधिवत शुभारंभ किया। मंच पर उन्हें मोमेंटो भेंट कर उनका सम्मान किया गया।इस अवसर पर कलाकारों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसके बाद महासम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हुई। राष्ट्रपति बोलीं- जनजातीय समाज ने परंपरा काे संभालकर रखा उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी दर पीढ़ी संजोकर रखा है। उनके जीवन में संवेदना, सहयोग, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों की गहरी जड़ें हैं, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी समुदाय का प्रकृति के प्रति जुड़ाव और जल, जंगल, जमीन के संरक्षण का दृष्टिकोण आज के समय में पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। बोलीं- राष्ट्र निर्माण में सबकी भूमिका अपने संबोधन में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी को याद करते हुए उनके प्रसिद्ध कथन “भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि जीता-जागता राष्ट्रपुरुष है” का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश का हर हिस्सा भारत की आत्मा का अभिन्न अंग है और राष्ट्र निर्माण में सभी समुदायों की समान भागीदारी जरूरी है। राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि यह महासम्मेलन जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और आध्यात्मिक जागरूकता को नई दिशा देगा। साथ ही उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी से मिलकर काम करने की अपील की। मंच पर मौजूद रहे राज्यपाल और विशिष्ट अतिथि इस विशाल महासम्मेलन की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। मंच पर उनके अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके, प्रदेश के राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और संस्था के ओडिशा प्रभारी डॉ. नथमल मौजूद रहे। साथ ही, माउंट आबू से आईं लीना बहन और शैलजा बहन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

आज सस्ता हुआ सोना-चांदी, कितने रुपये घटे रेट? चेक करें अपने शहर के नए भाव

मुंबई  अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए राहत लेकर आया है.  18 जून गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच हुए  शांति समझौते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद निवेशकों का रुख बदला, जिससे गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर दबाव बढ़ गया. चांदी में 2.5 प्रतिशत से ज्यादा और सोने में करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  MCX पर चांदी में बड़ी गिरावट, 7,000 रुपये से ज्यादा टूटा भाव गुरुवार के कारोबार में एमसीएक्स सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स अपने पिछले बंद 2,51,807 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर दिन के निचले स्तर 2,44,495 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. चांदी ने आज 2,48,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार की शुरुआत की थी.  सुबह करीब 11:43 बजे जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 7,057 रुपये यानी 2.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,44,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।  सोने की चमक भी फीकी, 1.5% से ज्यादा गिरा MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना भी दबाव में रहा. खबर लिखे जाने तक गोल्ड फ्यूचर्स 2,378 रुपये यानी 1.55 प्रतिशत गिरकर 1,51,501 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया.कारोबार के दौरान सोना अपने पिछले बंद 1,53,879 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर 1,51,348 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया।  आज आपके शहर में सोने और चांदी का क्या है भाव? दिल्ली में सोने-चांदी का रेट दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,340 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं 22 कैरेट सोना 1,39,645 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. चांदी का भाव 2,47,170 रुपये प्रति किलोग्राम है।  मुंबई में सोने-चांदी का रेट मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,883 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. चांदी का भाव 2,47,600 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।  पटना में सोने-चांदी का रेट पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,520 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट सोना 1,39,810 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. वहीं चांदी का भाव 2,47,470 रुपये प्रति किलोग्राम है।  जयपुर में सोने-चांदी का रेट जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,52,580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,865 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. चांदी का भाव 2,47,570 रुपये प्रति किलोग्राम है।  कानपुर में सोने-चांदी का रेट कानपुर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,640 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट सोना 1,39,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. चांदी का भाव 2,47,660 रुपये प्रति किलोग्राम है।  लखनऊ में सोने-चांदी का रेट लखनऊ में भी 24 कैरेट सोना 1,52,640 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. चांदी का भाव 2,47,660 रुपये प्रति किलोग्राम है।  आखिर क्यों गिर रहे सोना और चांदी के दाम? जानें वजह कमोडिटी मार्केट के जानकारों के मुताबिक सोना और चांदी पर कई वजहों से दबाव बना।  सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता रहा. इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की मांग कमजोर पड़ी।  इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार चौथी बैठक में ब्याज दरों को 3.5-3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा, लेकिन साथ ही आगे और ब्याज दर बढ़ाने के संकेत भी दिए. बढ़ती ब्याज दरें आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।  एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने भी कीमती धातुओं की चमक कम की है।  COMEX पर भी गोल्ड-सिल्वर लुढ़के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी कमजोर कारोबार करते दिखाई दिए.COMEX पर चांदी करीब 3 प्रतिशत गिरकर 68.76 डॉलर पर कारोबार कर रही थी. वहीं COMEX गोल्ड 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ 4,318.90 डॉलर पर ट्रेड करता नजर आया।  हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में बढ़ते निवेश के कारण चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है. खासकर चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद के चलते चांदी में गिरावट सीमित रही। 

भारतीय हॉकी में नया रिकॉर्ड: मनप्रीत सिंह ने दिलीप तिर्की का 412 मैचों का रिकॉर्ड तोड़ा

 नई दिल्ली  भारतीय हॉकी टीम के लिए दिग्गज खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। वे अब टीम इंडिया के लिए सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने ये उपलब्धि एफआईएच हॉकी प्रो लीग में नीदरलैंड्स के खिलाफ दी। इस मौके पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है और 10 लाख रुपए की राशि देने का भी एलान किया है। मिडफील्ड के स्टार खिलाड़ी ने नीदरलैंड्स के खिलाफ अपना 413वां मुकाबला खेला और इस मैच में मैदान पर कदम रखते ही मनप्रीत ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी दिलीप तिरके का रिकॉर्ड तोड़ा है, जो वर्तमान में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। 2011 में 19 साल की उम्र में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 सालों से भारतीय हॉकी टीम के लिए रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं। मनप्रीत सिंह ने तोड़ा दिलीप तिरके का रिकॉर्ड मनप्रीत सिंह ने पूर्व कप्तान और मौजूदा हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप तिरके के 412 मैचों के रिकॉर्ड को पार कर लिया। यह उपलब्धि नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग 2025-26 मैच के दौरान हासिल हुई। हॉकी इंडिया ने इस बड़ी उपलब्धि पर मनप्रीत को बधाई दी और उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। मनप्रीत ने 2011 में किया था डेब्यू 2011 में 19 साल की उम्र में सीनियर टीम में डेब्यू करने वाले मनप्रीत पिछले 15 साल से भारतीय हॉकी की रीढ़ बने हुए हैं। वे मैदान पर कभी थकते नहीं दिखते। तेजी, नेतृत्व और निरंतरता के लिए मशहूर मनप्रीत ने भारतीय हॉकी को दुनिया के नक्शे पर फिर से मजबूती से जगह दिलाई है। अब 33 साल के मनप्रीत विश्व हॉकी के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज्यादा कैप्स की सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उनसे आगे केवल चार खिलाड़ी हैं। वे दुनिया के एकमात्र सक्रिय खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने 400 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। मनप्रीत को अब तक मिल चुके हैं कई पुरस्कार मनप्रीत सिंह की यात्रा चुनौतियों और सफलताओं से भरी रही है। लंदन 2012 ओलंपिक में पहला अनुभव कठिन रहा, लेकिन टोक्यो 2021 में उन्होंने टीम को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद पेरिस 2024 में भी टीम को लगातार दूसरा ब्रॉन्ज मिला। उनके नाम एशियन गेम्स 2014 और 2022 में स्वर्ण पदक, 2017 और 2025 एशिया कप खिताब और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। मिथापुर, जालंधर से आने वाले मनप्रीत को 2018 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। मनप्रीत सिंह ने जताई खुशी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मनप्रीत ने कहा, "भारत के लिए इतने मैच खेलना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। देश का प्रतिनिधित्व करना हमेशा सबसे बड़ा सम्मान रहा है। इस मुकाम तक पहुंचकर मैं बेहद खुश हूं।" उन्होंने आगे कहा, "यह उपलब्धि अपने सभी साथी खिलाड़ियों को समर्पित करता हूं। हॉकी इंडिया का हर कदम पर सहयोग मिला। मेरी मां, भाइयों, पत्नी और बच्चों ने बिना शर्त साथ दिया। वे ही मेरी ताकत हैं।"  

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से 5 साल के दान-खर्च का पूरा हिसाब मांगा गया

अयोध्या अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों यानी महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज (अध्यक्ष), श्री चंपत राय (महासचिव) और स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज (कोषाध्यक्ष) को लीगल नोटिस मिला है. 'तीन दिनों में दें सारा ब्योरा' इस नोटिस में ट्रस्ट से कहा गया है कि वे नोटिस मिलने के तीन दिनों के भीतर, वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 के बीच मिले दान और किए गए खर्च का पूरा और साल-दर-साल ब्योरा दें. इसमें ऑडिट की गई बैलेंस शीट, आय-व्यय का विवरण, ऑडिटर की रिपोर्ट, ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई ज़मीन की जानकारी, बैंक खाते की जानकारी और FCRA के तहत मिले किसी भी विदेशी योगदान का ब्योरा शामिल होना चाहिए. ये नोटिस बिहार के बक्सर से RJD के मौजूदा सांसद सुधाकर सिंह ने उन्हें भेजा है. 'नोटिस पूरी तरह से जनहित में जारी' एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने कहा, 'यह नोटिस पूरी तरह से जनहित में जारी किया गया है, न कि किसी राजनीतिक, पक्षपाती या व्यक्तिगत मकसद से. ट्रस्ट भारत और विदेशों में लाखों भक्तों द्वारा दिए गए सार्वजनिक चंदे को एक ट्रस्टी (अमानतदार) के तौर पर संभालता है. जहां जनता का पैसा शामिल हो, वहां पारदर्शिता और जवाबदेही कोई एहसान नहीं है. ये हर दानदाता और आम जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है.' इधर, सांसद सुधाकर सिंह ने कहा, 'मेरी चिंता बस यह पक्का करने की है कि भक्तों द्वारा नेक नीयत से दिए गए फंड का हिसाब-किताब पारदर्शी तरीके से हो. ज़मीन की खरीद, ऑडिट की गई जानकारी न देने और खर्च में पारदर्शिता की कमी को लेकर लगातार खबरें और चिंताएं सामने आती रही हैं. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80G के तहत रजिस्टर्ड और जनता का पैसा संभालने वाले ट्रस्ट की यह जिम्मेदारी है कि वह जनता को साफ और वेरिफाई करने लायक हिसाब दें. मुझे उम्मीद है कि ट्रस्टी इसे टकराव का मामला मानने के बजाय ज़रूरी पारदर्शिता के साथ जवाब देंगे.' क्या कुछ है नोटिस में   इस नोटिस में इंडियन ट्रस्ट्स एक्ट, 1882, इनकम टैक्स एक्ट, 1961, उत्तर प्रदेश पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट और प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 का ज़िक्र किया गया है. ये कानून पब्लिक धार्मिक ट्रस्ट के ट्रस्टियों पर सही अकाउंटिंग और जानकारी देने की जिम्मेदारी डालते हैं. इसमें मद्रास हाई कोर्ट के हालिया फैसले (आर. थिरुमुरुगन बनाम आर. थेन्नारासु और अन्य, 21 नवंबर 2025) का भी हवाला दिया गया है. इस फैसले में कहा गया था कि किसी पब्लिक धार्मिक संस्था को दिया गया दान ट्रस्टियों की निजी संपत्ति नहीं होता, बल्कि यह समुदाय के फ़ायदे के लिए होता है, और समुदाय को ऑडिट और पारदर्शिता की मांग करने का पूरा अधिकार है. नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर तय समय के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मामले को उचित कानूनी मंचों के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा. यह बात फिर से दोहराई जाती है कि जानकारी देने की यह मांग पब्लिक चैरिटेबल फंड और ऑडिट किए गए स्टेटमेंट से जुड़ी है. कानून के तहत, ट्रस्ट के लिए इन्हें बनाए रखना और मांगे जाने पर इन्हें पेश करना अनिवार्य है.

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन समेत सभी विधायकों ने किया मतदान, मुकाबला कड़ा

 रांची झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए गुरुवार यानी 18 जून को मतदान पूरा हो चुका है. झारखंड के सभी 81 विधायकों ने वोट डाल दिए, पहला वोट BJP विधायक नवीन जायसवाल का और आखिरी वोट सुदिव्य कुमार सोनू ने डाले2 राज्यसभा सीटों के लिए तीन प्रत्याशी मैदान में हैं. झामुमो की ओर से बैजनाथ राम, कांग्रेस की तरफ से प्रणव झा और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवाणी चुनाव लड़ रहे हैं. विधायकों का विधान सभा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है. राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे. सभी 81 विधायकों ने किया मतदान झारखंड के सभी 81 विधायकों के वोट पड़े, पहला वोट BJP विधायक नवीन जायसवाल का और आखिरी वोट JMM विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने डाले. JMM विधायक डाल रहे वोट राज्यसभा चुनाव में JMM के विधायक वोट डाल रहे हैं. जेएमएम का आखिरी तीन वोट बचा हुआ है. जयराम महतो भी पहुंचे डुमरी विधायक जय राम महतो भी विधान सभा पहुंचे. उन्होंने ने कहा काफी आत्ममंथन करके आया हूं. जिसको भी वोट करूंगा उम्मीद है कि वो झारखंड के लिए काम करेंगे. सीएम पहुंचे विधानसभा सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा पहुंचे. एक साथ मतदान करेंगे इंडिया गठबंधन के विधायक.     झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा में मतदान जारी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत सभी विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. पूरे राज्य की नजर इस अहम चुनाव पर टिकी है. राजनीतिक सरगर्मी तेज. विधानसभा में मतदान की प्रक्रिया जारी विधानसभा के कमरा नंबर 42 में मतदान की प्रक्रिया जारी है. बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया मतदान बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने किया मतदान. बीजेपी विधायक शशिभूषण मेहता ने भी मतदान किया. जेडीयू विधायक सरयू राय ने किया मतदान. बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने भी किया मतदान. नेता प्रतिपक्ष सह विधायक नेता बाबूलाल मरांडी भी मतदान कक्ष में पहुंचे. एनडीए के सभी विधायकों ने किया मतदान. विधानसभा पहुंचे NDA विधायक मतदान के लिए बस से विधानसभा पहुंचे बीजेपी विधायक. परिमल नथवानी पहुंचें, उन्होंने जीत का दावा किया. कहा भगवान का आशीर्वाद प्राप्त है. झरिया विधायक रागिनी सिंह ने बोला जीत के लिए आश्वस्त है. जदयू विधायक का कहना है कि मेरा वोट सुरक्षित है और मैने कहीं पर ध्यान नहीं दिया है. पूर्वी जमशेदपुर की विधायक पूर्णिमा साहू का कहना है कि हमारे आकड़े सुरक्षित है. धनबाद विधायक राज सिन्हा का कहना है कि हमलोग अभी से बधाई दे रहे हैं कि जीत हमारी होगी. कांग्रेस के विधायक विधानसभा पहुंचे राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के विधायक बस से विधानसभा पहुंचे.