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पंकज त्रिपाठी के परिवार पर हमला! भाई पर धारदार हथियार से वार, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

गोपालगंज  बिहार के गोपालगंज से बड़ी खबर सामने आई. बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमले में बिजेंद्र नाथ तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना AIIMS रेफर कर दिया. इलाके में सनसनी फैल गई।  घटना जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि पड़ोस के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।  बिजेंद्र नाथ तिवारी की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है उन्हें पटना स्थित AIIMS रेफर किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के भाई पर माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव में यह हमला किया गया है। इस हमले के बाद वहां तनाव का भी माहौल है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है। यह टीम हमले के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी भी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि बिजेंद्र नाथ तिवारी पर उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों ने ही पुरानी रंजिश में हमले की वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने पंकज त्रिपाठी के परिजनों और घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है। एक मशहूर अभिनेता के भाई पर इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात कही जा रही है लेकिन अभी हमले के वजहों को लेकर पुलिसिया तफ्तीश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस जानलेवा हमले की असली वजह सामने आ पाएगी। पंकज त्रिपाठी का पैतृक गांव गोपालगंज का बेलसंड है। पंकज त्रिपाठी में कभी-कभी अपने गांव में आते रहते हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अस्पताल के अंदर चिकित्सक बिजेंद्र नाथ तिवारी का इलाज करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो गोपालगंज के मॉडल अस्पताल का है। अस्पताल में कुछ लोगों की भीड़ भी नजर आ रही है। पटना AIIMS में चल रहा इलाज पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल घायल बिजेंद्र नाथ तिवारी का पटना AIIMS में इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।   

नितिन नबीन का पंजाब दौरा आज खत्म, लुधियाना में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे अहम बैठक

लुधियाना  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पंजाब दाैरे का आज अंतिम दिन है। नबीन आज लुधियाना में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इससे पहले नबीन ने सब सर्किल कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।नबीन ने कहा कि पंजाब की जनता ने अब तक कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी सभी को अवसर दिया है अब भाजपा को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा वर्ष 2047 तक भारत के साथ-साथ पंजाब को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा चुका है और पंजाब के खोए गौरव और प्रतिष्ठा को वापस लाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार गुरुओं और सिख मर्यादाओं का अपमान कर रही है। नबीन ने कहा कि यह सरकार पंजाब के लिए अभिशाप बन चुकी है और अब इसे बदलने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के बाद राज्य में डबल इंजन की सरकार बनेगी जो विकास की नई गाथा लिखेगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में पंजाब बसता है और पंजाब के लोगों का भरोसा भी मोदी पर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और हर घर तक पहुंच बनाने का मंत्र दिया। साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार की नाकामियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। नबीन ने कहा कि वर्ष 1984 में पार्टी के केवल दो सांसद थे जबकि आज 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है। इसी तरह पंजाब में भी बदलाव तय है और जनता अब परिवर्तन के मूड में है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह जैसे सुशासन का मॉडल लागू करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से पंजाब को 1.87 लाख करोड़ रुपये मिले लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हुआ। राज्य पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हर पैसे का हिसाब लिया जाएगा क्योंकि यह जनता का धन है। लुधियाना पहुंचने पर जालंधर बाईपास चौक में उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया और उद्योगपतियों से संवाद कर पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने का भरोसा दिलाया।

बिग बॉस के अंदर क्या होता है? दिव्या अग्रवाल ने इंटीमेसी और कैमरों को लेकर किया बड़ा खुलासा

मुंबई  'बिग बॉस' का घर हमेशा से ही अपने विवादों, लड़ाइयों और अनसुने रहस्यों के लिए दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रहा है. हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक रहता है कि आखिर चौबीसों घंटे कैमरों की निगरानी में रहने वाले इस घर के अंदर असल में क्या-क्या होता है. अब इस रियलिटी शो से जुड़े कुछ ऐसे ही चौंकाने वाले और दिलचस्प राज खोले हैं 'बिग बॉस OTT' के पहले सीजन की विनर दिव्या अग्रवाल ने।  हाल ही में 'Shaardulogy' के पॉडकास्ट में शामिल हुईं दिव्या ने शो को लेकर फैली अफवाहों से लेकर घर के अंदर मिलने वाली शराब, सिगरेट और कंटेस्टेंट्स की पर्सनल लाइफ से जुड़े कई बड़े और हैरान करने वाले खुलासे किए हैं. दिव्या ने बेहद बेबाकी से उन सवालों के जवाब दिए हैं, जो अक्सर लोग शो के खत्म होने के बाद कंटेस्टेंट्स से पूछते हैं।  केचअप और कॉफी जैसी चीजें हैं लग्जरी पॉडकास्ट के दौरान दिव्या ने घर के अंदर के राशन और खाने-पीने के कड़े नियमों पर बात की. उन्होंने बताया कि बिग बॉस के घर में कॉफी और टोमैटो केचअप जैसी मामूली चीजें भी एक बड़ा लग्जरी आइटम होती हैं, जो आसानी से कंटेस्टेंट्स को नहीं मिलतीं. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि केचअप न मिलने पर वो खुद ही जुगाड़ से थोड़ा-बहुत बना लेती थीं. हालांकि, राशन पर इतनी पाबंदी के बावजूद सिगरेट को लेकर मेकर्स काफी नरम रहते हैं।  दिव्या के मुताबिक, सिगरेट कोई लग्जरी आइटम नहीं है, वो कंटेस्टेंट्स को लगातार मिलती रहती है. यहां तक कि सुबह-सुबह कंटेस्टेंट्स से बकायदा पूछा जाता है कि उन्हें कौन से ब्रांड की सिगरेट चाहिए और उनकी पसंद का ब्रांड उन्हें अंदर पहुंचा दिया जाता है।  क्या घर के अंदर सच में मिलती है शराब? शो से बाहर आने के बाद दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि क्या वीकेंड का वार या पार्टियों में कंटेस्टेंट्स को शराब परोसी जाती है? दिव्या ने इस राज से भी पर्दा उठाया और साफ किया कि लोगों को लगता है कि अंदर दारू मिलती होगी, लेकिन असलियत यह है कि बिग बॉस के घर के अंदर किसी को भी शराब या अल्कोहल नहीं दिया जाता. यह महज एक अफवाह है और लोग शो से निकलने के बाद उनसे यह सवाल सबसे ज्यादा पूछते हैं।  बाथरूम में होता है 'बहुत कुछ'  बातचीत के दौरान जब घर के अंदर की प्राइवेसी और कंटेस्टेंट्स के बीच के रिश्तों पर बात हुई, तो दिव्या ने बेहद हैरान करने वाली बात कही. उनसे पूछा गया कि क्या लोग यह भी पूछते हैं कि अंदर सेक्स होता है क्या? इस पर दिव्या ने हंसते हुए हामी भरी और एक बड़ा इशारा करते हुए कहा कि कैमरे के सामने भले ही कुछ न दिखे, लेकिन अंदर बहुत कुछ होता है।  इस बात को आगे बढ़ाते हुए शार्दूल पंडित ने कहा, 'होता तो बहुत कुछ है लेकिन बाथरूम के अंदर'. इसके अलावा दिव्या ने हंसते हुए यह भी बताया कि लोग उनसे इतने अजीब सवाल पूछते हैं कि एक बार तो किसी ने उनसे यह तक पूछ लिया था कि क्या घर के अंदर वैक्सिंग करने वाली लड़कियां आती हैं? जबकि ऐसा कुछ नहीं होता।   

महिला टी20 वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल की राह में भारत के सामने ऑस्ट्रेलिया की बड़ी चुनौती

नई दिल्ली महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की शुरुआत किसी सपने जैसी हुई थी. पहले पाकिस्तान और फिर नीदरलैंड्स को हराकर हरमनप्रीत कौर की टीम ने सेमीफाइनल की तरफ मजबूत कदम बढ़ा दिए थे… लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली छह विकेट की हार ने पूरे समीकरण को उलट-पुलट कर दिया है. अब हालात ऐसे हैं कि ग्रुप-ए में भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में से कोई भी टीम बाहर हो सकती है. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में हार सिर्फ दो अंक गंवाने की कहानी नहीं थी, बल्कि इसने भारत की सेमीफाइनल की राह को मुश्किल बना दिया है. अब टीम इंडिया के लिए हर रन और हर विकेट की कीमत बढ़ गई है, क्योंकि टूर्नामेंट का फैसला नेट रन रेट तक पहुंच सकता है. भारत के सामने क्या है रास्ता? भारत ने तीन मैचों में दो जीत के साथ चार अंक जुटाए हैं और उसका नेट रन रेट +2.511 है, जो फिलहाल काफी मजबूत स्थिति में है. टीम को अभी बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है. कागज पर बांग्लादेश के खिलाफ भारत को फेवरेट माना जा रहा है. अगर टीम इंडिया यह मैच जीत लेती है तो उसके छह अंक हो जाएंगे. लेकिन असली परीक्षा 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी. अगर भारत ऑस्ट्रेलिया को हरा देता है, तो सेमीफाइनल का टिकट लगभग पक्का हो जाएगा. लेकिन अगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिलती है और दक्षिण अफ्रीका भी अपने बाकी दोनों मुकाबले जीत जाता है, तो भारत के लिए खतरे की घंटी बज सकती है. ऐसे में तीनों बड़ी टीमें आठ-आठ अंकों पर पहुंच सकती हैं और फैसला नेट रन रेट करेगा. अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद भारत के लिए समीकरण काफी साफ है- अगले दोनों मैच जीत लो और किसी गणित की जरूरत नहीं पड़ेगी. खासकर बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत भारत के नेट रन रेट को और मजबूत कर सकती है, जो आगे चलकर जीवनदान साबित हो सकता है. हरमनप्रीत कौर की टीम के लिए अब सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो गई है. दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदें भी जिंदा लॉरा वोलवार्ट  की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हार के साथ की थी, जिससे उसका नेट रन रेट बुरी तरह प्रभावित हुआ. फिलहाल उसका नेट रन रेट -0.546 है. हालांकि भारत पर जीत ने उसकी उम्मीदों को नई जान दे दी है. दक्षिण अफ्रीका के सामने अब नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं. अगर वह दोनों मुकाबले जीत लेता है, तो आठ अंकों तक पहुंच सकता है. लेकिन उसके लिए सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बड़े अंतर की जीत भी जरूरी होगी ताकि नेट रन रेट सुधर सके. ऑस्ट्रेलिया सबसे मजबूत स्थिति में ग्रुप-ए में सबसे आरामदायक स्थिति ऑस्ट्रेलिया की है. टीम लगातार तीन जीत के साथ छह अंक जुटा चुकी है और उसका नेट रन रेट +4.391 है. यही वजह है कि कंगारू टीम फिलहाल सेमीफाइनल की सबसे बड़ी दावेदार नजर आ रही है. हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी दो मैचों में लड़खड़ा जाती है, तो समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. ऐसे में 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाला मुकाबला ग्रुप-ए का 'वर्चुअल क्वार्टर फाइनल' बन सकता है. सेमीफाइनल की चाबी किसके हाथ? फिलहाल तस्वीर साफ है- भारत की किस्मत अभी भी उसके अपने हाथ में है. लेकिन दक्षिण अफ्रीका से मिली हार ने सुरक्षा कवच छीन लिया है. अब हरमनप्रीत एंड कंपनी को सिर्फ जीत नहीं, दमदार जीत चाहिए. 28 जून को भारत और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत सिर्फ एक लीग मैच नहीं होगी. यह मुकाबला तय कर सकता है कि महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत का सपना आगे बढ़ेगा या यहीं थम जाएगा. फिलहाल करोड़ों भारतीय फैन्स की नजरें उसी मैच पर टिक गई हैं.

मुंबई में मॉनसून का कहर! अंधेरी सबवे पानी में डूबा, सड़कों पर जलभराव; IMD ने दी चेतावनी

 मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दे दी है. सोमवार सुबह से जारी बारिश के बीच कई इलाकों में जलभराव की खबरें सामने आ रही हैं. अंधेरी सबवे में पानी भर गया है. वहीं, कई सड़कों पर भी पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।  भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 22 जून को शहर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक, बीते दिन यानी रविवार को शहर के कई इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने आज भी आंधी-बारिश की चेतावनी दी है।    मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में मॉनसून दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से मॉनसून सोलापुर के पास रुका हुआ था. महाराष्ट्र में एक बार फिर मॉनसून एक्टिव हुआ है लेकिन रफ्तार अभी धीमी है. बता दें कि मुंबई में हर साल मॉनसून में मूसलाधार बारिश होती है लेकिन इस बार मॉनसून ने अभी तक अच्छी रफ्तार नहीं पकड़ी है।    IMD के अनुसार, मुंबई और आसपास के इलाकों में आज पूरे दिन बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. कुछ जगहों पर गरज और बिजली चमकने के भी आसार हैं. मौसम विभाग ने मुंबई में आज येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि मौसम खराब रह सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा खतरा नहीं है।  मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई के ऊपर कुछ बादल छाए हुए हैं. हालांकि, महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में अभी मॉनसून की अच्छी बारिश नहीं हुई है. मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में ही बारिश की गतिविधियां देखी जा रही हैं।  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की शुरुआत इस बार थोड़ी देरी से हुई है. लेकिन अब हवाओं में नमी बढ़ने से बारिश शुरू हो गई है. मुंबई के आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं. जबकि कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है. वहीं, कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल रही हैं।  इस बीच मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अलर्ट है. मॉनसून की बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए पंपिंग मशीनें चेक की जा रही हैं. ट्रैफिक पुलिस को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लोगों को बारिश से होने वाले ट्रैफिक जाम से ना जूझना पड़े।  मॉनसून की बारिश किसानों के लिए अच्छी खबर है. महाराष्ट्र के कई जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो सकेगी. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि अगले कुछ दिनों में मॉनसून और मजबूत हो सकता है. पूरे महाराष्ट्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। 

सलाह ने पलट दी बाजी! न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर मिस्र ने वर्ल्ड कप में खोला जीत का खाता

 वैंकूवर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार (22 जून) को आयोजित ग्रुप-जी के एक अहम मुकाबले में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराया. फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में मिस्र की ये पहली जीत रही. एक समय मुकाबले में पिछड़ रही मिस्र की टीम ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की और स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद सलाह की अगुवाई में मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया. कप्तान मोहम्मद सलाह एक गोल और एक असिस्ट के साथ इस जीत के हीरो रहे।  वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले की शुरुआत न्यूजीलैंड ने शानदार अंदाज में की. मैच के शुरुआती मिनटों में ऑल व्हाइट्स ने लगातार मिस्र के डिफेंस पर दबाव बनाया. सातवें मिनट में सरप्रीत सिंह गोल करने के करीब पहुंचे, लेकिन उनका प्रयास निशाने से चूक गया. इसके कुछ देर बाद एलिजाह जस्ट के शानदार मूव को मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने बेहतरीन बचाव कर विफल कर दिया।  न्यूजीलैंड की मेहनत आखिरकार रंग लाई और 16वें मिनट में टीम को बढ़त मिल गई. टिम पायने के कॉर्नर पर डिफेंडर फिन सुरमन ने ऊंची छलांग लगाकर शानदार हेडर लगाया और गेंद को जाल में पहुंचा दिया. शुरुआती बढ़त के बाद न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया, जबकि मिस्र की टीम लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती दिखी।  हालांकि पहले हाफ के अंत तक मिस्र ने वापसी के संकेत दे दिए थे. उमर मरमौश ने दूर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे गोलकीपर मैक्स क्रोकॉम्ब ने मुश्किल से रोका. वहीं मोहम्मद सलाह की फ्री-किक भी मामूली अंतर से गोलपोस्ट के बाहर निकल गई. दूसरे हाफ में कहानी पूरी तरह बदल गई. 58वें मिनट में मोहम्मद हानी के सटीक क्रॉस पर मोस्तफा जिको ने शानदार हेडर लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया. इस गोल के बाद मिस्र का आत्मविश्वास चरम पर पहुंच गया और टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा।  सिर्फ नौ मिनट बाद मिस्र ने मुकाबले में बढ़त भी हासिल कर ली. मोस्तफा जिको और मोहम्मद सलाह के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला. जिको के पास को सलाह ने शानदार तरीके से गोल में बदल दिया और मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी. यह गोल मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ।  न्यूजीलैंड के पास वापसी का मौका था, लेकिन मिस्र के डिफेंडर्स और गोलकीपर मोस्तफा शोबेर ने कोई गलती नहीं की. इसके बाद 82वें मिनट में सलाह ने एक और कमाल किया. उनके कॉर्नर पर सब्स्टीट्यूट प्लेयर ट्रेजेगेट ने जोरदार हेडर लगाकर गोल दाग दिया और न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।  न्यूजीलैंड के लिए स्थिति बेहद कठिन हो गई है. इस हार के बाद उसकी किस्मत अब अंतिम ग्रुप मैच पर टिकी है. अगर उसे अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रखनी है, तो बेल्जियम के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी. न्यूजीलैंड के सिर्फ 1 अंक हैं और वो अपने ग्रुप में फिलहाल चौथे नंबर पर है। 

लेबनान मुद्दे पर अमेरिका-ईरान में बढ़ा टकराव, 80 मिनट की बैठक के बाद बातचीत पर लगा ब्रेक

वाशिंगटन महीनों से मिडिल ईस्ट में तनाव जारी है. संघर्ष को समाप्त करने के लिए स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को पहले दौर की बैठक हुई. हालांकि, ये बैठक तनावपूर्ण रहा. लेबनान को लेकर दोनों देश के बीच मतभेद खुलकर दिखे. साथ ही साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की वजह से बातचीत बिगड़ते हुए नजर आई।  अमेरिका की ओर से बातचीत करने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे. वहीं ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हुए।  स्विट्जरलैंड में आयोजित हुई ये बैठक हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद आयोजित की गई थी. इस बैठक का उद्देश्य साफ था कि दोनों देश सभी मुद्दों पर चर्चा करें और चार महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ें।  बैठक शुरू होने के पहले ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से अलग-अलग बैठक की. इसके बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका से बातचीत की प्रगति इस बात पर निर्भर करता है कि वह समझौते की शर्तों को ज़मीन पर कितना लागू करता है और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई पर कितना विराम लगाता है।  ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने अब तक समझौते की पहली शर्त यानि सभी मोर्चों पर सीजफायर लागू करने में सफल नहीं हुआ है. ईरान का कहना है कि इसका प्रमाण लेबनान में देखा जा सकता है. वहां अभी भी इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई जारी है।  अमेरिका और ईरान के बीच क़रीब 80 मिनट तक बैठक चली. जिसमें प्रतिबंधों में राहत और ईरान की फ्रीज संपत्तियों को रिलीज कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।  वार्ता के दौरान तनाव तब बढ़ गया था जब डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए ईरान को धमकी दी कि वह लेबनान में अपने सहयोगी समूहों को नियंत्रित करे. इससे ईरान भड़क उठा और ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ देर के लिए बैठक छोड़ दी. हालांकि, बाद में ग़ालिबफ़ ने कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में सावधानी बरतने की ज़रूरत है. ईरान की सेना किसी भी स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार है।  वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कूटनीतिक प्रक्रिया में ऐसी घटनाएं सामान्य है. कठिन वार्ताओं में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और बातचीत प्रगति करते रहती है।  उन्होंने ये भी कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को ईरान के साथ रिश्ते सुधारने के लिए नए दृष्टिकोण से आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं।  इस तनाव का असर साफ देखने को मिला. ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित प्रतीकात्मक हैंडशेक और संयुक्त तस्वीर से साफ इनकार कर दिया।  दूसरी ओर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सैन्य मौजूदगी फिलहाल जारी रहेगी. नेतन्याहू का कहना है कि इज़रायल अपनी सुरक्षा के लिए जो क्षेत्र बनाया है उसे जरूरत पड़ने तक बनाए रखेगा. इजरायल एक खुद्दार देश है. हर बात पर सहमति होना जरूरी नहीं है. डोनाल्ड ट्रंप हर कुछ नहीं करते, जो हम चाहते हैं. और न ही मैं हर कुछ करता हूं जो वो चाहते हैं।  ईरान-अमेरिका वार्ता में गतिरोध से कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. ब्रेंट क्रूड 81 डॉलर के पार पहुंच गई है. $1 से ज्यादा ब्रेंट क्रूड महंगा हुआ है।   

होर्मुज संकट के बीच भारत की ऊर्जा रणनीति बदली, वैकल्पिक स्रोतों पर जोर

नई दिल्ली  ईरान और अमेरिका के बीच एमओयू साइन होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य होने तक भारत ने जून में रूस और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है. भारतीय रिफाइनरियों ने खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने से पहले अपना 'ऑयल स्टोरेज' सुरक्षित करने की रणनीति अपनाई. मैरीटाइम और कमोडिटी इंटेलिजेंस फर्म क्लेपेर (Kpler) के आंकड़ों के मुताबिक, जून में 19 तारीख तक भारत ने रूस से औसतन 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया, जबकि मई में यह 19.1 लाख बैरल प्रतिदिन था. इसके साथ ही रूस भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. संयुक्त अरब अमीरात से आयात जून में 6.36 लाख बैरल प्रतिदिन रहा, जो मई के रिकॉर्ड 6.44 लाख बैरल प्रतिदिन से थोड़ा कम है. वहीं, वेनेजुएला 2.09 लाख बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा. सऊदी अरब की आपूर्ति 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन रही. भारत ने 60% तक घटाई अमेरिकी तेल खरीद दूसरी ओर, अमेरिका से तेल आयात घटकर केवल 91 हजार बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि मई में यह 2.52 लाख बैरल प्रतिदिन था. रूस से रियायती दरों पर मिलने वाला तेल भारत के लिए फायदे का सौदा बना हुआ है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात से बढ़ी खरीद ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अनिश्चितता के बीच आपूर्ति संतुलित करने में मदद की. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा आयातक देश है और कच्चे तेल, एलएनजी (LNG), एलपीजी (LPG) के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई. होर्मुज दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल खपत के परिवहन का प्रमुख समुद्री मार्ग है और सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देशों के निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है. हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद पिछले सप्ताह के अंत से होर्मुज के जरिए तेल आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल होने लगी है. होर्मुज के खुलने को लेकर अनिश्चितता बरकरार फिर भी, ईरान द्वारा इजरायल पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाने के बाद स्थिति को अब भी नाजुक माना जा रहा है. लेबनान पर इजरायल के ताजा हमलों के बाद ईरानी सेना ने शनिवार को फिर से होर्मुज बंद करने की घोषणा की. इस तरह यह समुद्री मार्ग जहाजों की आवाजाही के लिहाज से अब भी पूरी तरह खुल नहीं सका है. क्लेपेर में मॉडलिंग के सीनियर मैनेजर सुमित रितोलिया ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से भारत को सबसे तेज राहत एलपीजी आपूर्ति में मिलेगी, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति सामान्य होने में अधिक समय लग सकता है. उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों के व्यवधान के दौरान भारत ने तेल और गैस आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों और अन्य समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लिया है. रितोलिया के अनुसार, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का फिर से खुलना वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा मील का पत्थर होगा, लेकिन भारत पर इसका असर अलग-अलग ईंधनों पर अलग तरीके से पड़ेगा.' उन्होंने कहा कि एलपीजी सबसे ज्यादा प्रभावित ईंधन रहा, जबकि कच्चे तेल और एलएनजी की आपूर्ति अपेक्षाकृत स्थिर बनी रही. क्योंकि भारत ने रूस, ब्राजील और वेनेजुएला जैसे वैकल्पिक स्रोतों से आयात बढ़ा दिया था. भारत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर सुमित रितोलिया का अनुमान है कि जुलाई की शुरुआत से धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बनने पर सबसे पहले फंसे हुए कार्गो को निकाला जाएगा और शिपिंग गतिविधियां बहाल की जाएंगी. इसके बाद खाड़ी देशों का निर्यात धीरे-धीरे बढ़ेगा. भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत नेचुरल गैस और लगभग 65 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है. ईरान युद्ध से पहले भारत के लगभग आधे कच्चे तेल, दो-तिहाई एलएनजी और करीब 90 प्रतिशत एलपीजी की आपूर्ति खाड़ी देशों से होती थी. हाल के दिनों में होर्मुज में भारत के लिए स्थिति सामान्य होने के संकेत भी मिले हैं. भारत के झंडे वाले तीन तेल टैंकर, जिनमें 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल था, और एक भारतीय एलएनजी जहाज ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार किया है. रितोलिया ने कहा कि रूस का कच्चा तेल अब भी भारत की आयात रणनीति का प्रमुख आधार बना हुआ है. जून में रूस से आयात 23.5 लाख बैरल प्रतिदिन से अधिक रहने का अनुमान है और यह नया रिकॉर्ड बना सकता है. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी कीमतों और आपूर्ति सुरक्षा के कारण होर्मुज सामान्य होने के बाद भी रूस भारत के लिए अहम आपूर्तिकर्ता बना रहेगा. भारत ने वेनेजुएला से भी तेल की खरीद बढ़ाई भारतीय रिफाइनरियों ने मार्च के बाद से अटलांटिक बेसिन और वेनेजुएला से भी खरीद बढ़ाई है ताकि खाड़ी क्षेत्र की सीमित आपूर्ति की भरपाई की जा सके. जून में वेनेजुएला से आयात 3 से 4 लाख बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान है, हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों और उत्पादन सीमाओं के कारण दीर्घकालिक स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. सबसे बड़ा बदलाव एलपीजी क्षेत्र में देखा गया है. खाड़ी आपूर्ति बाधित होने के बाद अमेरिका भारत के लिए बड़ा एलपीजी आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है. पिछले साल हुए दीर्घकालिक समझौते ने इसमें मदद की, हालांकि लंबी दूरी के कारण परिवहन लागत बढ़ गई है. सुमित रितोलिया के अनुसार, होर्मुज सामान्य होने के बाद खाड़ी देशों की बाजार हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ेगी, लेकिन भारत की आयात रणनीति पहले की तुलना में अधिक विविध बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि होर्मुज के फिर से खुलने से माल ढुलाई लागत कम होगी, आपूर्ति जोखिम घटेंगे और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर दबाव कम होगा. हालांकि, शिपिंग कंपनियों, बीमा कंपनियों और व्यापारियों का भरोसा पूरी तरह लौटने में अभी कई सप्ताह या महीने लग सकते हैं.

ट्रेन यात्रियों के लिए राहत, AI तकनीक से 94% सटीकता के साथ टिकट कन्फर्मेशन का अनुमान

नई दिल्ली ट्रेन से यात्रा का प्लान बनाते समय सबसे बड़ी टेंशन बर्थ कंफर्म होने की होती है। इस मामले में रेलवे से यात्रियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर आई है। भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक रेलवन एप को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक से लैस कर दिया है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रेलवे के अनुसार, एप में जोड़ा गया नया एआई आधारित फीचर टिकट कन्फर्म होने की संभावना का अनुमान लगाता है और इसकी सटीकता लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब किसी सरकारी रेलवे एप में यात्रियों को वेटिंग टिकट की स्थिति के बारे में एआई आधारित पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद करना है। यदि किसी यात्री का टिकट वेटिंग में है, तो एप उपलब्ध आंकड़ों और पूर्व रिकॉर्ड के आधार पर यह अनुमान बताएगा कि टिकट कन्फर्म होने की कितनी संभावना है। एआई मॉडल लाखों पुराने रिजर्वेशन रिकॉर्ड, टिकट कैंसिलेशन के पैटर्न, विभिन्न रूटों पर यात्रियों की मांग, मौसम, छुट्टियों और त्योहारों के दौरान होने वाली अतिरिक्त भीड़ जैसे कई कारकों का विश्लेषण करता है। इसके बाद सिस्टम संभावित परिणाम का आकलन करता है। रेलवे का दावा है कि हालिया परीक्षणों और समीक्षा में इस तकनीक ने लगभग 94 प्रतिशत तक सटीक परिणाम दिए हैं। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल एक पूर्वानुमान है, कोई अंतिम गारंटी नहीं। टिकट का वास्तविक कन्फर्मेशन सीटों की उपलब्धता, कैंसिलेशन और चार्ट तैयार होने तक होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगा। इसलिए यात्रियों को एआई के अनुमान को केवल एक मार्गदर्शक के रूप में देखना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रेलवे सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब यात्रियों को वेटिंग टिकट के कारण होने वाली अनिश्चितता से काफी हद तक राहत मिलेगी और वे समय रहते वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था भी कर सकेंगे। उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ पीआरओ डॉ. अमित मालवीय का कहना है कि भविष्य में एआई आधारित सेवाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा, जिससे यात्रियों को अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। रेलवन एप में जोड़ी गई यह नई सुविधा भारतीय रेलवे के तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

चार दिवसीय धार्मिक उत्सव में तीन दिन मंदिर के कपाट रहेंगे बंद

 गुवाहाटी पूर्वी भारत के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक अंबुबाची मेला 2026 के लिए असम सरकार और कामाख्या मंदिर प्रबंधन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। गुवाहाटी की ऐतिहासिक नीलाचल पहाड़ी पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर में इस वर्ष देश-विदेश से 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं, साधु-संतों और तांत्रिक साधकों के जुटने की उम्मीद है। देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म चक्र और स्त्री शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला यह चार दिवसीय उत्सव 22 जून को 'प्रवृत्ति' के साथ शुरू होगा और 26 जून को 'निवृत्ति' के साथ समाप्त होगा। इस दौरान तीन दिनों तक मंदिर के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन के विशेष प्रबंध किए गए हैं असम की पर्यटन मंत्री अजंता नियोग ने मेले की व्यवस्था को लेकर कहा, "यह देश का सबसे बड़ा धार्मिक अंबुबाची मेला है। भारत और विदेश से लाखों लोग यहां आते हैं। हम श्रद्धालुओं को पीने का पानी, भोजन, चिकित्सा सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर तरह से तैयार हैं। हमने निचले स्थानों पर शिविर और भोजन की व्यवस्था की है। लगभग 8 लाख लोगों के आने की उम्मीद है, इसलिए इस आयोजन का प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। हम श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हैं कि वे मेले के दौरान सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक कामाख्या मंदिर अवश्य आएं।" असम सरकार ने भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की मेले के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, असम सरकार ने भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा, परिवहन और आवास सुविधाओं के लिए 24 विभागों में 4.55 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंदिर अधिकारियों ने सभी ऑफलाइन विशेष दर्शन काउंटरों को भी बंद कर दिया है। विशेष दर्शन के इच्छुक श्रद्धालुओं को ऑनलाइन पास बुक करना होगा, जबकि सामान्य दर्शन नि:शुल्क रहेंगे। अंबुबाची मेले का महत्व मां कामाख्या मंदिर में साल में एक बार अंबुबाची मेला लगता है। । इस मेले से बहुत ही प्राचीन और गहरी धार्मिक मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसी मान्यता है कि इस वार्षिक मेले के दौरान मां कामाख्या अपने मासिक धर्म यानी रजस्वला से गुजरती हैं। यही कारण है कि इस दौरान देवी मां को पूरा आराम दिया जाता है और मंदिर के मुख्य कपाट तीन दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाते हैं। इन तीन दिनों में मंदिर परिसर में किसी तरह की कोई पूजा-अर्चना, आरती या अन्य कोई भी धार्मिक अनुष्ठान नहीं होते। चौथे दिन, खास शुद्धिकरण अनुष्ठान करने के बादमंदिर के पट भक्तों के लिए खोले जाते हैं। इस साल अंबुबाची मेले की शुरुआत 22 जून 2026 से हो रही है, जो 26 जून तक चलेगा।