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शनि का मीन राशि में गोचर: मेष, कुंभ और मीन पर साढ़ेसाती, सिंह-धनु पर ढैय्या का प्रभाव जारी

शनि इस वक्त मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और साल के आने वाले अगले 6 महीने भी शनि की यही स्थिति रहने वाली है. शनि के मीन राशि में होने के कारण मेष, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है. जबकि सिंह और धनु राशि वालों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव जारी है. साल 2026 के लगभग छह महीने पूरे हो चुके हैं और अब अगले छह महीने बाकी हैं. आइए जानते हैं कि अगले छह महीने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या पर इसका कैसा प्रभाव रहने वाला है. शनि की साढ़ेसाती सभी ग्रहों में शनि को न्याय और कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है. शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं और एक राशि में लगभग ढाई वर्ष तक रहते हैं. राशि परिवर्तन के साथ ही कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है, जबकि कुछ राशियों को इससे राहत मिलती है. साल 2026 में शनि मीन राशि में स्थित हैं, इसलिए कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है. मेष राशि मेष राशि वालों पर इस समय शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. साल 2026 के बाकी महीनों में कार्यक्षेत्र में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. काम में रुकावटें आ सकती हैं और मन में दुविधा बनी रह सकती है. इस दौरान किसी भी निर्णय में जल्दबाजी से बचना और हर कदम सोच-समझकर उठाना आपके लिए बेहतर रहेगा. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण जारी है. ऐसे में साल के बाकी महीनों में धीरे-धीरे राहत मिलने के संकेत हैं. समय के साथ कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है. हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा. साथ ही किसी भी बड़े फैसले को पूरी समझदारी के साथ लेना आपके लिए लाभदायक हो सकता है. मीन राशि मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है. आने वाले महीनों में कामकाज से जुड़ी चुनौतियां सामने आ सकती हैं. नौकरी और व्यापार में किसी भी फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचना होगा. लेन-देन के मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी. साथ ही खर्च बढ़ने की संभावना भी बनी रह सकती है. इसलिए आर्थिक मामलों में संयम रखना उचित रहेगा. शनि की ढैय्या सिंह राशि सिंह राशि वालों पर इस समय शनि की ढैय्या का प्रभाव है. साल 2026 के बाकी महीनों में निवेश से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी. बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा आर्थिक निर्णय लेना नुकसानदेह हो सकता है. धैर्य और संतुलित सोच के साथ आगे बढ़ना आपके लिए बेहतर रहेगा. धनु राशि धनु राशि वालों पर भी शनि की ढैय्या जारी है. वर्ष 2026 के शेष महीनों में धैर्य और संयम बनाए रखना आवश्यक होगा. कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए. सोच-समझकर लिए गए निर्णय भविष्य में बेहतर परिणाम दे सकते हैं. इस दौरान संतुलित दृष्टिकोण अपनाना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है.

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बढ़ा तनाव, मालदा में BSF की कार्रवाई के दौरान हजारों लोगों की भीड़ जुटी

कलकत्ता   पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा पर अचानक स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गयी. सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने भारतीय क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल होने की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह को पकड़ा और उन्हें वापस खदेड़ने (पुश-बैक) की कोशिश की. तभी सीमा के उस पार से बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और लगभग 5 से 7 हजार बांग्लादेशी नागरिकों की भारी भीड़ ने जीरो लाइन पर आकर इस कदम का कड़ा विरोध किया. हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गयी और रेड फ्लैग (लाल झंडा) लगा दिया गया है।  सुखदेवपुर गांव में घुसपैठ की कोशिश, ग्रामीणों ने BSF के साथ मिलकर संभाला मोर्चा स्थानीय निवासियों के अनुसार, उथल-पुथल की शुरुआत तब हुई, जब करीब 15 बांग्लादेशी नागरिकों ने मालदा के सुखदेवपुर गांव में जबरन घुसने का प्रयास किया. गांव के पीयूष मंडल और चपला मंडल ने बताया कि इन घुसपैठियों को देखकर ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और बीएसएफ के जवानों के साथ मिलकर उन्हें पीछे धकेल दिया।  ग्रामीणों का आरोप- महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं असामाजिक तत्व ग्रामीणों का आरोप है कि सीमा पार से आने वाले ये असामाजिक तत्व अक्सर भारतीय सीमा में घुसकर महिलाओं और बच्चों को प्रताड़ित करते हैं. ग्रामीणों ने भारत सरकार से मांग की है कि सीमा के इस 1200 मीटर लंबे संवेदनशील हिस्से पर तुरंत फेंसिंग (कंटीले तारों की बाड़) लगायी जाये।  भाजपा ने ममता बनर्जी पर बोला तीखा हमला पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद इस घटना से सियासत गरमा गयी है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता कौस्तुभ बागची ने इस घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद जब तृणमूल कांग्रेस के अपने सहयोगियों ने उनसे दूरी बना ली है, तो सीमा पार की विभाजनकारी ताकतों से मदद मांगी जा रही है. बागची ने कड़े शब्दों में कहा कि अब राज्य में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार है और घुसपैठ की ऐसी किसी भी कोशिश को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।   पैनिक न हों, बीएसएफ पर रखें भरोसा : सुकांत मजूमदार केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सीमावर्ती इलाके के नागरिकों से शांत रहने और किसी भी तरह के भ्रम या पैनिक में न आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं. भारतीय नागरिकों को बीएसएफ की क्षमता पर पूरा भरोसा रखना चाहिए।  शांतनु ठाकुर बोले- जान-बूझकर बांग्लादेशियों को भारत में धकेला जा रहा केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश की तरफ से जान-बूझकर अपने नागरिकों को भारत में धकेलने की साजिश रची जा रही है, जिसे कभी कामयाब नहीं होने दिया जायेगा. बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ‘घुसपैठ मुक्त बंगाल’ का वादा किया था और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में बॉर्डर फेंसिंग के लिए जमीन सौंपने का बड़ा फैसला लिया था। 

डॉ. कीर्ति की दोहरी उपलब्धि, NEET PG में टॉप और सेना में कैप्टन बनकर बढ़ाया रोहतक का मान

रोहतक. कभी भारतीय सेना के अधिकारियों के कंधों पर चमकते सितारों को देखकर उनके जैसी वर्दी पहनने का सपना देखने वाली गांव गरनावठी की बेटी डा. कीर्ति बड़क आज खुद भारतीय सेना में कैप्टन बन गई है। खास बात यह है कि कीर्ति बड़क गांव की पहली बेटी के रूप में कैप्टन बनी है। किसान परिवार से संबंध रखने वाली कीर्ति के पिता महावीर खेती करते हैं, जबकि उनकी माता सुनीता रानी गृहिणी है। बचपन से ही कीर्ति का सपना डाक्टर बनने का था। बता दें कीर्ति ने कक्षा 11वीं व 12वीं की पढ़ाई रोहतक के सरकारी स्कूल से की है। वहीं इसके बाद उन्होंने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर मेडिकल क्षेत्र में कदम रखा, लेकिन इसी दौरान उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। कीर्ति ने बताया कि इस दौरान उन्होंने मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (एमएनएस) की परीक्षा भी पास की थी। किस वजह से सेना में गईं कीर्ति? इस प्रक्रिया के दौरान उन्हें भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों के साथ संवाद करने का अवसर मिला और सेना के अधिकारियों के कंधों पर लगे सितारों ने उन्हें आकर्षित किया। सेना का अनुशासन, सेवा भाव और अधिकारियों के कंधों पर लगे सितारे उन्हें इतने प्रभावित कर गए कि उन्होंने उसी समय तय कर लिया कि एक दिन वह भी सेना में अधिकारी बनेंगी। हालांकि इसके बाद उन्होंने एमएनएस के माध्यम से नर्सिंग क्षेत्र में जाने के बजाय केएमसी मणिपाल से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की, लेकिन डाक्टर बनने के बाद भी उनका लक्ष्य सेना की वर्दी पहनना ही रहा। इंटर्नशिप के साथ-साथ उन्होंने आर्मी मेडिकल कोर शार्ट सर्विस कमीशन की तैयारी शुरू की और अपने सपने को साकार करने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने नीट पीजी में आल इंडिया 65वीं रैंक हासिल की। डॉक्टर बनना उनके जीवन का पहला सपना था इसके बाद उनका चयन भारतीय सेना में हुआ। कीर्ति का कहना है कि डॉक्टर बनना उनके जीवन का पहला सपना था, लेकिन भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश के सैनिकों की सेवा करना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। वह चाहती है कि सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाले जवानों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने में अपना योगदान दे सकें। बता दें कि उनके चचेरे चाचा भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके है। जबकि दादा पंजाब पुलिस में अपनी सेवाएं दे चुके है।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की विभागीय सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव सभी ऑनलाइन सेवाओं को सेवा सेतु में लाने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के लिए विभागों के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, मनरेगा, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की सूची अद्यतन करने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।  बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुआर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

राज्यपाल ने किया महावीर सामुदायिक भवन का उद्घाटन, लुधियाना में आयोजित हुआ समारोह

लुधियाना. ज्ञान की प्राप्ति संतों के आशीर्वाद से मिलती हैं।  भगवान महावीर स्वामी जी की 2600वीं यात्रा चतुर्विधि संघ आज भी चल रहा है यह सब कुछ संतजनों की वजह व श्रमण संघ की कृपा से चल रहा है।  यह उक्त विचार सनबयू रेजीडेंसी गेट नं 6 आयाली कलां में भगवान महावीर सामुदायिक भवन के लोकार्पण भवन के अनावरण समारोह के दौरान राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का कथन में अहिंसा को सर्वश्रेष्ठ माना है। हिंसा किसी को नहीं करनी चाहिए। इससे समाज बिखरता है, टूटता है और इसका दूसरा फायदा उठाते हैं। उन्होंने व्यक्ति बाहर से नहीं अंदर से अपने आप को साफ़ रखें। उन्होंने कहा कि आजकल की दुनिया में पाश्चात्य संस्कृति को बढ़ावा जो दिया जा रहा उसको छोड़ गरीब व जरूरतमंद लोगों की मदद करो। इससे जो मन के अंदर सुकुन मिलेगा। उन्होंने कहा राजनीति में आने के लिए गुरुदेवों से आशीर्वाद लेने गया तो उनका कहना था कि अपने आप पर कोई दाग न लगने देना है। आगे राजनीति में रहूं न रहूं श्रावक तो रहेगा। इस अवसर पर  बाबा चंदा जैन दुग्गड सोसायटी के अशोक जैन, अनूप जैन परिवार ने दोशाला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तपस्वी रतन सुंदर मुनि महाराज ठाणा-3, पीयूष मुनि महाराज ठाणा-3, महासाध्वी वीणा जी महाराज ठाणा, महासाध्वी मीना महाराज ठाणा-3 आदि साध्वी वृंद शामिल थे।

15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी पर क्लाइव लॉयड का बड़ा बयान, बताया लंबे समय तक चमकने वाला सितारा

नई दिल्ली वेस्टइंडीज क्रिकेट के सबसे महान कप्तानों में से एक और दो बार के वर्ल्ड कप विजेता क्लाइव लॉयड जब क्रिकेट या किसी खिलाड़ी पर अपनी राय देते हैं, तो पूरी दुनिया उसे बेहद ध्यान से सुनती है। 81 वर्षीय दिग्गज क्लाइव लॉयड ने भारतीय क्रिकेट के नए स्टार, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने वैभव को एक ऐसा खिलाड़ी बताया है जिसे दुनिया लंबे समय तक खेलते हुए देखेगी। हालांकि, लॉयड ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और कोचों को एक सख्त चेतावनी भी जारी की है। क्लाइव लॉयड ने क्या कहा? क्लाइव लॉयड से पूछा गया कि अगर वैभव सूर्यवंशी का सामना उनके दौर के खूंखार गेंदबाजों (माइकल होल्डिंग, जोएल गार्नर, एंडी रॉबर्ट्स और कॉलिन क्रॉफ्ट) से होता, तो क्या होता? लॉयड ने हंसते हुए जवाब दिया. 'वेल, उनके सामने इस युवा खिलाड़ी का बहुत कड़ा इम्तिहान होता। हम उसके कैरेक्टर, उसकी स्किल्स और उसकी काबिलियत की परीक्षा लेते। लेकिन हां, मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि वह एक बेहद शानदार खिलाड़ी है। उसकी आंखें बहुत तेज हैं और वह गेंद को बहुत खूबसूरती और ताकत से स्ट्राइक करता है।' लॉयड ने अपने दौर के गेंदबाजों की ताकत बताते हुए कहा, 'हमारे पास जो गेंदबाज थे, उनके खिलाफ रन बनाना इसलिए मुश्किल था क्योंकि वे सब अलग-अलग तरह की गेंदबाजी करते थे, कोई भी एक जैसा नहीं था। इसलिए, वैभव और हमारे गेंदबाजों के बीच वह मुकाबला देखना वाकई एक बेहतरीन टेस्ट होता।' लॉयड की बड़ी चेतावनी टेस्ट क्रिकेट में 19 शतक ठोकने वाले क्लाइव लॉयड ने भारतीय थिंक-टैंक को आगाह करते हुए कहा कि वैभव के खेलने के स्वाभाविक तरीके के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। लॉयड ने कहा, 'इस लड़के के भीतर गजब की प्रतिभा है। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर वह इसी अंदाज में खेलना जारी रखता है और लोग उसके स्टाइल ऑफ प्ले को बदलने की कोशिश नहीं करते हैं, तो हमारे पास एक ऐसा युवा खिलाड़ी है जिसे हम आने वाले बहुत लंबे समय तक खेलते हुए देखेंगे।' दांबुला में मचाई तबाही, अब आयरलैंड में सीनियर टीम के लिए करेंगे डेब्यू! क्लाइव लॉयड का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब रविवार को ही वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-सीरीज के फाइनल में महज 11 गेंदों पर लिस्ट-ए इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक ठोककर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इस मैच में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की आतिशी पारी खेली और बदकिस्मत रहे कि छक्का मारने के प्रयास में शतक से चूक गए। अपनी इस ऐतिहासिक फॉर्म के बाद वैभव अब सीनियर भारतीय टीम के साथ जुड़ने के लिए आयरलैंड रवाना होंगे, जहां इस महीने के अंत में भारत को दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने हैं। हाल के महीनों में उनके इस जादुई प्रदर्शन को देखते हुए यह तय माना जा रहा है कि वह आयरलैंड दौरे पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू करेंगे। ऐसे में महान क्लाइव लॉयड की यह तारीफ वैभव के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगी।

तकनीकी दिक्कत बनी छात्रों की परेशानी, स्कैनिंग समस्या के कारण किताबों का वितरण प्रभावित

दुर्ग. ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों को खुले करीब एक सप्ताह हो गया है। मगर सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तक नहीं मिल पाई है। किताबों की स्कैनिंग में हो रही तकनीकी परेशानी के चलते समय पर बच्चों को पाठ्य पुस्तक वितरित नहीं किया जा सका है। शिक्षक रोजाना स्कैनिंग के समस्या से जूझते नजर आ रहे हैं, क्योंकि स्कैनिंग के बिना बच्चों को पुस्तक देने की मनाही है। शुरुआती दौर में पुस्तक वितरण को लेकर भी तरह-तरह की समस्याएं आई थी। नई प्रक्रिया के तहत सप्लाई किए जाने पाठ्य पुस्तक से भरी वाहनों के लोकेशन ट्रेस करने की सुविधा दी गई। स्कूलों में किताबें पहुंचने के बाद स्कैनिंग में तरह तरह की समस्या आई । कुल संकुल के शिक्षकों ने चालान का डिटेल अपलोड नहीं होना बताया । वही कुछ ने लॉगिन नहीं होने, लिंक में आईडी पासवर्ड इंट्री करने पर बार बार रिवर्स होना, प्रोसेस आगे नहीं बढ़ना बताया। कुछ स्कूलों में लॉगिन का होना बताया गया मगर बच्चों की संख्या जीरो दर्शाये जाने की जानकारी मिली है। यह भी तथ्य सामने आया है कि जीरो कोड से शुरू होने पर स्कैनिंग में दिक्कत आने लगी है। कमोबेश यही समस्या यूडाइस नंबर से भी होने की खबर है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस बार 16 जून से ही बच्चों को निःशुल्क किताब देने की व्यवस्था बनाई थी । किताबों की स्कैनिंग में आ रही तकनीकी समस्या ने समय पर बच्चों को पाठ्य पुस्तक देने की योजना पर पानी फेर गया। इस वजह से स्कूलों में किताब होने के बावजूद भी बच्चों को बांटा नहीं जा सका है। स्कैनिंग की समस्या को लेकर शिक्षकों ने अधीनस्थ अधिकारियों को अवगत कराया है।

बंगाल बजट में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! DA 20% बढ़ा, सरकार ने किए कई बड़े ऐलान

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अपना पहला बजट पेश कर दिया. अपने पहले बजट में सरकार ने हर पक्ष को साधने की कोशिश की है. सरकार ने DA (महंगाई भत्ता) में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है. साथ ही रिटायर्ड पत्रकारों को 5000 रुपये पेंशन दी जाएगी. बजट में उन लोगों को विशेष भत्ता में दिया जाएगा जिन्हें झूठे केस में जेल भेजा गया. साथ ही गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को एक बार में 21,000 रुपये दिए जाएंगे. पिंक कार्ड भी शुरू किया जाएगा।  वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली सरकार का 2026-27 का बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि AI का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. हम पश्चिम बंगाल के लिए AI इम्पैक्ट प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं।  उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की पहल से ऑनलाइन परीक्षा, ऑनलाइन स्क्रूटनी, ऑनलाइन वेरिफिकेशन और ट्रैकिंग की जाएगी. यहां तक की रेत, कोयला और बोल्डर की नीलामी भी ऑनलाइन की जाएगी।  वित्त मंत्री ने बताया कि प्रशासनिक सुधारों और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए बजट में कई अहम कदम उठाए गए हैं. राज्य के कांथी क्षेत्र को अब एक नया पुलिस जिला बनाया जाएगा. इसके अलावा जनता की सहूलियत के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुछ नई नगरपालिकाएं और नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे।  तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम बंगाल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक पर अपना मुख्य ध्यान केंद्रित करेगा. इसके साथ ही राज्य में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए ऑनलाइन परीक्षा और डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा।  राज्य की संस्कृति को सहेजने के लिए कोलकाता में एक नया सांस्कृतिक स्कूल स्थापित करने का ऐलान किया गया है. इसके अलावा स्थानीय विकास को गति देने के उद्देश्य से विधायकों को मिलने वाले एमएलए फंड (MLA Fund) को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है।  विधानसभा के पटल पर बजट पेश करने से पहले सीएम और वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. बताया जा रहा है कि इस बार बजट की फाइलों को सहेजने के लिए बंगाल की परंपरा को ध्यान रखते हुए तैयार की गई हैं. ये फाइलें राज्य की पारंपरिक मैट (चटाई) और जूट से बनाई गई हैं, जो पर्यावरण अनुकूल और किफायती भी हैं।  बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में खर्च के लिए MLA फंड की राशि में बढ़ोतरी की है. अब इसे 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है. जबकि नदी के कटाव के लिए 50 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया। बंगाल बजट में शुभेंदु सरकार का बड़ा ऐलान शुभेंदु सरकार ने राज्य में 1 लाख रिक्त पदों पर भर्ती करने का ऐलान किया है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन पदों में 33 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए निर्धारित किया गया है, जिससे महिला सशक्तिकरण और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।  यह फैसला सीधे तौर पर ममता बनर्जी के लंबे समय से स्थापित "महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण" वाले राजनीतिक नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है. यदि नई BJP सरकार 1 लाख सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण महिलाओं को देती है, तो वह कल्याणकारी सहायता से आगे बढ़कर आर्थिक सशक्तिकरण का नैरेटिव बनाना चाहेगी।  कर्मचारियों को 20% DA की सौगात; पत्रकारों के लिए भी बड़ा ऐलान वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए कहा, 'हम भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं' और नई सरकार का लक्ष्य एक विकसित तथा भविष्य के लिए तैयार बंगाल बनाना है।  बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी शामिल है. इसके बाद कुल DA बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. सरकार ने राज्य परिवहन निगम के बस कंडक्टरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का भी ऐलान किया है. वहीं, सेवानिवृत्त पत्रकारों को हर महीने 5,000 रुपये पेंशन देने की घोषणा ने भी ध्यान खींचा है. इन फैसलों से लाखों कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और पत्रकार समुदाय को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।    5 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू करने का था वादा भाजपा ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का बकाया DA देने का भी वादा किया गया था।

CM विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, माफियाओं पर लगाम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश लगातार कार्रवाई से अवैध खनन गतिविधियों पर लग रहा है प्रभावी अंकुश बलौदाबाजार में 6 क्रशर सीलबंद, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अवैध रेत उत्खनन में प्रयुक्त चैन माउंटेन जब्त ड्रोन सर्वे के माध्यम से की गई जांच, खनिज विभाग की केंद्रीय उड़नदस्ता टीम ने की बड़ी कार्रवाई रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो रही है। शासन की मंशा खनिज संसाधनों के संरक्षण, उनके नियमानुसार उपयोग तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित करने की है।                 इसी कड़ी में खनिज साधन के विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 एवं 22 जून 2026 को विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान जिला बलौदाबाजार के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों एवं खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर 06 क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया गया तथा संबंधित संचालकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए।                 इसी प्रकार जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दहिदा में महानदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक चैन माउंटेन मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत उक्त मशीन को जब्त कर आगामी आदेश तक सीलबंद किया गया। मशीन को मशीन ऑपरेटर की सुपुर्दगी में दिया गया है तथा मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त सभी स्थलों की जांच एवं सत्यापन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से भी किया गया, जिससे खनन गतिविधियों का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके।            मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। खनिज सचिव पी. दयानंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण एवं सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस से लेकर रजिस्ट्रेशन तक होगा रद्द

लखनऊ यूपी में वाहनों से हो रहे लगातार हादसों को रोकने के लिए यूपी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ये कदम वाहन मालिकों की बेचैनी बढ़ा सकती है। जिन वाहनों से सबसे ज्यादा हादसे हुए हैं उन्हें जब्त करके उन्हें कंडम घोषित किया जाएगा। शासन की सख्ती के बाद परिवहन अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वाहन चालक का लाइसेंस निलंबित, निरस्त करने के साथ रजिस्ट्रेशन भी रद्द किए जाएंगे। रजिस्ट्रेशन रद्द होने का मतलब वाहन को स्क्रैप कराना ही होगा। प्रदेश में सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2024 में 24118, 2025 में 27205 और जनवरी से मई 2026 तक 2782 मौतें हो चुकी हैं जबकि समान अवधि में वर्ष 2025 में 2773 मौतें हुई थी। बढ़ रहीं दुर्घटनाएं और मौतों को लेकर शासन चिंतित है। शासन ने निर्देश दिया है कि हर स्तर पर प्रयास किए जाएं। रोड सेफ्टी से जुड़े हर विभाग को काम करना होगा। सीएम योगी ने मीटिंग में हादसों पर चिताई थी चिंता पिछले दिनों सड़क सुरक्षा की बैठक में मुख्यमंत्री ने मौतों के आंकड़ों पर चिंता जताई और रोड सेफ्टी से जुड़े सभी विभागों को इसमें कमी लाने के निर्देश दिए थे। यह भी कहा गया है कि ऐसा लगता है कि सड़क सुरक्षा के स्टेक होल्डर्स विभाग अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं। एक ही वाहन के बार-बार दुर्घटना का कारण बनने पर चालकों के लाइसेंस निलंबित, निरस्त करने के आदेश दिए गए थे लेकिन अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बार-बार दुर्घटना करने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित, निरस्त किया जाए। साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उसे जब्त कर लिया जाए और नियमानुसार स्क्रैप करने की कार्रवाई की जाए। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना पड़ेगा भारी वैसे भी मोटर व्हीकल्स अधिनियम-1988 की धारा 53 व 54 के तहत परिवहन अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों का लाइसेंस निलंबित किया जाए, सुधार न होने पर निरस्त कर दिया जाए। इसी अधिनियम की धारा-55 में यह प्रावधान है कि वाहन के रिकार्ड चेक किए जाएं यदि कई दुर्घटनाओं में शामिल रहा और जानमाल के नुकसान की वजह बन रहा है तो आरसी निरस्त कर कंडम घोषित कर दिया जाए। कबाड़ घोषित करते ही वाहन स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। इधर बीच परिवहन अधिकारियों ने धारा-19 का इस्तेमाल करते हुए बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित और निरस्त किए हैं लेकिन आरसी रद्द करने की कार्रवाई कम ही की गई।